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व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / पंचांग के अनुसार, हर महीने कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है. प्रदोष व्रत की विशेष धार्मिक मान्यता होती है. कहते हैं यदि प्रदोष व्रत के दिन पूरे श्रद्धाभाव से भगवान शिव का पूजन किया जाए तो भोलेनाथ प्रसन्न होकर भक्तों को आरोग्य का वरदान देते हैं. जीवन से कष्ट दूर करने के साथ ही भगवान शिव घर-परिवार को सुख, शांति और समृद्धि का वरदान देते हैं. जानिए फरवरी माह में दूसरा प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा और किस तरह इस प्रदोष व्रत में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए पूजा की जा सकती है.
प्रदोष व्रत की पूजा विधि
इस महीने का दूसरा प्रदोष व्रत 21 फरवरी, बुधवार के दिन रखा जाना है. बुधवार के दिन पड़ने के चलते इसे बुध प्रदोष व्रत भी कहते हैं. त्रयोदशी तिथि की शुरूआत 21 फरवरी सुबह 11 बजकर 28 मिनट पर हो रही है और इस तिथि का समापन अगले दिन 22 फरवरी, 1 बजकर 22 मिनट पर हो जाएगी. प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 21 फरवरी की शाम 6 बजकर 21 मिनट से रात 8 बजकर 53 मिनट के बीच की जा सकती है. इसे प्रदोष काल कहते हैं. प्रदोष काल में प्रदोष व्रत की पूजा अत्यधिक लाभकारी और शुभ कही जाती है.
प्रदोष व्रत की पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान किया जाता है. स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं इसके बाद भगवान शिव का ध्यान किया जाता है और व्रत का संकल्प लेते हैं. सुबह के समय भक्त शिव मंदिर भी जाते हैं लेकिन प्रदोष व्रत की असल पूजा रात के समय होती है. शाम के समय भगवान शिव के साथ ही मां पार्वती की पूजा की जाती है. पूजा में पंचामृत, गंगाजल, बेलपत्र, चावल, गंध, फूल, धूप, फल, दीप और लौंग आदि पूजा सामग्री में सम्मिलित किए जाते हैं.
भगवान शिव को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाना बेहद शुभ होता है. इसके बाद शिव जी की आरती होती है और शिव मंत्रों का जाप भी भक्त करते हैं. कहते हैं पूरे मनोभाव से महादेव का पूजन किया जाए तो भगवान शिव भक्तों की इच्छाएं पूरी करते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ/हमारे खानपान और लाइफस्टाइल की वजह से अक्सर कब्ज होना आम बात है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है. कब्ज न सिर्फ असहज महसूस कराती है बल्कि पेट दर्द, पेट फूलना, एसिडिटी और खराब पाचन तंत्र का कारण भी बनती हैं. अपनी लाइफस्टाइल में कब्ज के कारण का पता लगाना जरूरी है. कब्ज किसी को भी प्रभावित कर सकती है. यह समस्या अक्सर अनहेल्दी डाइट और खराब जीवनशैली के कारण होती है. अगर आपको भी कब्ज की समस्या है और आप नेचुरल तरीके से इसे दूर करना चाहते हैं, तो घर पर तैयार की गई चिया सीड्स ड्रिंक एक अच्छा घरेलू नुस्खा है. चिया सीड्स में फाइबर, प्रोटीन और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो कब्ज को दूर करने में मदद कर सकते हैं.
कब्ज के लिए आसान और हेल्दी चिया सीड्स ड्रिंक |
सामग्री:
2 चमच चिया सीड्स.
1 कप पानी.
1 चमच शहद.
1 नींबू का रस.
कब्ज को ठीक करने के लिए ऐसे करें चिया सीड्स का सेवन:
चिया सीड्स को अच्छे से धो लें.
एक कप पानी को गरम करें, लेकिन उसे उबालने न दें.
गरम पानी में धोखर डालें और उसे लगभग 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें. चिया सीड्स फैट और विटामिन ए को पानी में बहुत अच्छे से अच्छे से घुलने में मदद करते हैं.
अगर आप चाहें तो शहद और नींबू का रस डालें.
अच्छे से मिलाएं और ये तैयार हैं, अब आप इसे पी सकते हैं.
यह चिया सीड्स ड्रिंक आपको न केवल कब्ज से निजात दिलाने में मदद कर सकता है, बल्कि इसमें मौजूद विटामिन सी आपके इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाने में मददगार है. इसे नियमित रूप से सेवन करने से आपका स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है और आप कब्ज की समस्या से निजात पा सकते हैं.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / झाइयों की दिक्कत होने पर माथे, गालों और नाक के आसपास गहरे काले धब्बे नजर आने लगते हैं. ऐसा मेलानिन के एक्सेस प्रोडक्शन के कारण होता है. मेलानिन त्वचा पर ज्यादा बनता है तो त्वचा का रंग गहरा होने लगता है. वहीं, धूप, हार्मोनल चेंजेस और डाइट भी त्वचा पर पिग्मेंटेशन का कारण हो सकती है. अगर आप भी झाइयों से परेशान हैं और चेहरा निखारना चाहते हैं तो यहां ऐसे कुछ फेस पैक्स और घरेलू नुस्खे दिए जा रहे हैं जो त्वचा से गहरे धब्बों को हल्का करने में असरदार होते हैं.
झाइयां कम करने के लिए फेस पैक्स |
हल्दी का फेस पैक
इस फेस पैक को बनाने के लिए हल्दी, बेसन और गुलाबजल को साथ मिला लें. एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर इस फेस पैक से चेहरे को एक नहीं बल्कि कई फायदे मिलते हैं. गहरे दाग-धब्बे और पिग्मेंटेशन को कम करने में खासतौर से इस फेस पैक का असर नजर आता है. हफ्ते में एक बार यह फेस पैक चेहरे पर लगाया जा सकता है.
आलू का फेस पैक
आलू पावरफुल एंटी-ऑक्सीडेंट होता है. इसमें आयरन और रिबोफ्लेविन भी पाया जाता है साथ ही इसमें नेचुरल ब्लीचिंग गुण होते हैं जो झाइयों को हल्का कर देते हैं. ऐसे में बेजान त्वचा में जान डालने और गहरे धब्बों को हल्का करने के लिए आलू के इस फेस पैक को लगाया जा सकता है. आधा आलू लेकर घिस लें और इसका रस निचोड़कर कटोरी में निकालें. इसके बाद एक चम्मच शहद इस आलू में मिलाकर झाइयों पर अच्छी तरह लगा लें. 15 से 20 मिनट बाद चेहरा धोकर साफ कर लें. त्वचा निखर जाती है. हफ्ते में 2 बार इस नुस्खे को आजमाकर देखें.
एलोवेरा का फेस पैक
एलोवेरा के औषधीय गुण त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं. इससे पिग्मेंटेशन कम होती है और गहरे धब्बे हल्के होने लगते हैं. एलोवेरा मेलानिन के ओवर प्रोडक्शन को भी रोकता है. इस्तेमाल के लिए एलोवेरा का ताजा गूदा लें और उसमें गुलाबजल मिला लें. इस मिश्रण को पूरे चेहरे पर लगाएं और 20 मिनट बाद चेहरा धोकर साफ कर लें.
दूध और शहद
झाइयों पर दूध और शहद लगाए जाने पर स्किन का टेक्सचर बेहतर होता है और त्वचा निखरी हुई नजर आती है. शहद त्वचा को एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण देता है और इससे स्किन एक्सफोलिएट भी होने लगती है. एक चम्मच शहद और एक चम्मच दूध को साथ मिलाकर झाइयों पर 20-25 मिनट लगाकर रखें और फिर चेहरा धो लें. इस नुस्खे को रोजाना रात के समय आजमाया जा सकता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /कब्ज पेट से जुड़ी ऐसी समस्या है जिसमें मलत्याग करने में दिक्कत होती है. कब्ज होने पर मल कड़ा हो जाता है और घंटों बाथरूम में बैठे रहने के बाद भी पेट सही तरह से साफ नहीं होता. पानी की कमी, खानपान में फाइबर से भरपूर फूड्स को शामिल ना करना, एक्सरसाइज ना करना, किसी तरह की दवाइयां लेना और समय पर मलत्याग ना करना कब्ज की वजह बन सकता है. ऐसे में अगर आप भी कब्ज सो दोचार हो रहे हैं और इस दिक्कत से छुटकारा पाना चाहते हैं तो यहां बताए जूस पी सकते हैं. ये जूस कब्ज से राहत दिलाने में असरदार साबित होते हैं.
कब्ज के लिए जूस |
सेब का जूस
फाइबर से भरपूर सेब का जूस कब्ज से छुटकारा दिलाने में कमाल का साबित होता है. सेब का जूस नेचुरल लैक्सेटिव की तरह काम करता है और पाचन को बेहतर करने में असरदार है. इससे मल मुलायम होने लगता है और कब्ज से छुटकारा मिल जाता है.
खीरे का जूस
पाचन के लिए खीरा अच्छा है. इसमें लैक्सेटिव गुण भी होता है और वॉटर कंटेंट भी अत्यधिक होता है जोकि कब्ज से राहत दिलाने में फायदेमंद है. रोजाना खीरे का जूस पीने पर कब्ज की दिक्कत दूर हो सकती है.
संतरे का जूस
विटामिन सी से भरपूर संतरा कब्ज दूर करने के लिए एक अच्छा फल है. संतरे में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है जिससे मल पर भार पड़ता है और मलत्याग आसान बनता है. कब्ज से छुटकारा पाने और पाचन संबंधी दिक्कतें कम करने के लिए संतरे का जूस पी सकते हैं.
पालक का जूस
पालक फाइबर और मैग्नीशियम से भरपूर होता है. पालक के सेवन से मलत्याग आसान बनता है. रोजना 2 कप ताजा पालक को पीसकर इसका जूस पिया जाए तो कब्ज से राहत मिल सकती है. इस जूस को स्वादिष्ट बनाने के लिए हल्का काला नमक भी डाल सकते हैं.
अनानास का जूस
कब्ज से छुटाकारा दिलाने में अनानास का जूस कुछ कम प्रभावी नहीं होता है. अनानास में ऐसे एंजाइम पाए जाते हैं जो बाउल मूवमेंट्स को बेहतर करते हैं और कब्ज दूर होती है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / नवरात्रि को हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है. कहते हैं इन दिनों में मां दुर्गा की पूजा की जाए तो घर परिवार पर मां की कृपा बनी रहती है और माता रानी अपना आशीर्वाद जातक और उसके घर-परिवार पर बनाए रखती हैं. माघ मास की गुप्त नवरात्रि का समापन 18 फरवरी के दिन हो जाएगा. नवरात्रि के नौ दिनों में दुर्गा मां की 10 महाविद्याओं का पूजन किया जाता है. मान्यतानुसार जो भक्त मां दुर्गा को प्रसन्न करते हैं उनके जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और उन्हें माता का आशीर्वाद मिलता है सो अलग. यहां जानिए गुप्त नवरात्रि में किन मंत्रों (Mantra) का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है. मान्यतानुसार इन मंत्रों का जाप करने पर खुशहाली आती है.
गुप्त नरवात्रि के मंत्र |
“हे गौरी शंकरार्धांगी, यथा त्वं शंकर प्रिया। तथा मां कुरू कल्याणी, कान्त कान्तां सुदुर्लभाम।।”
“सब नर करहिं परस्पर प्रीति। चलहिम स्वधर्म निरत श्रुति नीति।।”
“ऊँ ह्लीं वाग्वादिनी भगवती मम कार्य सिद्धि कुरु कुरु फट् स्वाहा।”
“श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:।”
“ऊं शं शंकराय सकल-जन्मार्जित-पाप-विध्वंसनाय, पुरुषार्थ-चतुष्टय-लाभाय च पतिं मे देहि कुरु कुरु स्वाहा।।”
या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
ॐ क्रां क्रीं क्रूं कालिका देव्यै नम:
ॐ दुं दुर्गायै नम:
ॐ ललिता देव्यै नम:
गुप्त नवरात्रि की आरती
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निस दिन ध्यावत
मैयाजी को निस दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी।
ॐ जय अम्बे गौरी...॥
मांग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद को।
मैया टीको मृगमद को।।
उज्ज्वल से दो नैना चन्द्रवदन नीको।।
ॐ जय अम्बे गौरी...॥
कनक समान कलेवर रक्ताम्बर साजे।
मैया रक्ताम्बर साजे।।
रक्त पुष्प गले माला कण्ठ हार साजे।।
ॐ जय अम्बे गौरी...॥
गुप्त नवरात्रि : अपनी राशि अनुसार करें माँ दुर्गा की ऐसे पूजा
केहरि वाहन राजत खड्ग कृपाण धारी।
मैया खड्ग कृपाण धारी।।
सुर नर मुनि जन सेवत तिनके दुख हारी।।
ॐ जय अम्बे गौरी...॥
कानन कुण्डल शोभित नासाग्रे मोती। मैया नासाग्रे मोती।।
कोटिक चन्द्र दिवाकर सम राजत ज्योति।।
ॐ जय अम्बे गौरी...॥
शम्भु निशम्भु बिडारे महिषासुर घाती।
मैया महिषासुर घाती।।
धूम्र विलोचन नैना निशदिन मदमाती।।
ॐ जय अम्बे गौरी...॥
चण्ड – मुण्ड संहारे, शौणित बीज हरे।
मैया शौणित बीज हरे।।
मधु – कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे।।
ऊँ जय अम्बे गौरी...॥
ब्रह्माणी, रुद्राणी, तुम कमला रानी।
मैया तुम कमला रानी।।
आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी।।
ऊँ जय अम्बे गौरी...॥
चौंसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरु।
मैया नृत्य करत भैरू।।
बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरू।।
ऊँ जय अम्बे गौरी...॥
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।
मैया तुम ही हो भरता।।
भक्तन की दुःख हरता, सुख सम्पत्ति करता।।
ऊँ जय अम्बे गौरी...॥
भुजा चार अति शोभित, वरमुद्रा धारी।
मैया वर मुद्रा धारी।।
मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी।।
ऊँ जय अम्बे गौरी...॥
कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती। मैया अगर कपूर बाती।।
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति।।
ऊँ जय अम्बे गौरी...॥
अम्बे जी की आरती, जो कोई नर गावे।मैया जो कोई नर गावे।।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख – सम्पत्ति पावे।।
ऊँ जय अम्बे गौरी...॥
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / पंचांग के अनुसार, हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा की रात होलिका दहन किया जाता है. होलिका दहन होली से एक दिन पहले किया जाता है. होली हिंदुओं का लोकप्रिय त्योहार है और इस दिन एक-दूसरे को रंग लगाए जाते हैं. वहीं, धार्मिक परिपाटी पर होलिका दहन का विशेष महत्व है. होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में देखा जाता है. माना जाता है कि एक समय में हिरण्यकश्यप नामक राजा रहा करता था जिसका एक पुत्र था प्रह्लाद. हिरण्यकश्यप भगवान विष्णु को पसंद नहीं करता था जबकि प्रह्लाद विष्णु भक्त था. ऐसे में हिरण्यकश्यप अपने पुत्र प्रह्लाद को मार देना चाहता था. हिरण्यकश्यप की एक बहन थी जिसका नाम होलिका था. होलिका को यह वरदान था कि उसे कोई आग जला नहीं सकती है. इसीलिए हिरण्यकश्यप ने होलिका से कहा कि वह प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ जाए. होलिका ने ऐसा ही किया. लेकिन, भगवान विष्णु की कृपा से होलिका तो जलकर राख हो गई पर प्रह्लाद बच गया. इसी दिन से हर साल होलिका जलाई जाती है. जानिए इस साल होलिका दहन किस समय किया जाएगा और होलिका दहन किस तरह करते हैं.
होलिका दहन की तिथि |
पंचांग के अनुसार, इस साल होलिका दहन 24 मार्च, रविवार की रात किया जाएगा. होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 13 मिनट से शुरू होकर रात 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इस समयावधि में विधि अनुसार होलिका दहन किया जा सकता है. इसके अतिरिक्त प्रदोष काल में भी होलिका दहन किया जाता है. होलिका दहन के अगले दिन रंगों वाली होली मनाई जाएगी. इस साल रंगों से 25 मार्च के दिन खेला जाएगा. कहते हैं होली के दिन लोग सभी बैर भुलाकर एकदूसरे को गले लगा लेते हैं.
होलिका दहन की पूजा विधि
मान्यतानुसार होलिका दहन के दिन सुबह स्नान पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं. गली के किनारे या चौक पर होलिका दहन करने के लिए कुछ दिनों पहले से ही लकड़ियां इकट्ठी करके रखी जाती हैं. होलिका दहन के दिन तैयार की गई होलिका की दिशा में मुख करके बैठा जाता है और भगवान गणेश का स्मरण किया जाता है. होलिका दहन की पूजा सामग्री में फल, फूल, नारियल, रोली, गोबर के कंडे, अनाज, कच्चा सूत. चावल, गुलाल, बताशे, हल्दी, और लोटे में जल भरकर रखा जाता है. 'असृक्पाभयसंत्रस्तै: कृता त्वं होलि बालिशै:। अतस्त्वां पूजायिष्यामि भूते भूतिप्रदा भव' मंत्र का जाप करते हुए होलिका की परिक्रमा की जाती है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / इस साल 20 फरवरी 2024, मंगलवार के दिन जया एकादशी मनाई जाएगी. यह दिन हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है जिसका संबंध भगवान विष्णु से होता है. पद्म पुराण में जया एकादशी का महत्व भगवान श्री कृष्ण ने युधिष्ठिर को बताया था और कहा था कि जया एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश हो जाता है और वो मोक्ष प्राप्त करता है. इतना ही नहीं जया एकादशी के दिन अगर भगवान विष्णु की पूजा पूरे मन से की जाए और उन्हें कुछ विशेष फूल अर्पित किए जाएं, तो इससे श्रीहरि सुख-समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद देते हैं.
भगवान विष्णु को चढ़ाएं यह फूल
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भगवान विष्णु को गेंदे के फूल जरूर अर्पित किए जाने चाहिए. कहते हैं कि भगवान विष्णु को पीले रंग के फूल अति प्रिय होते हैं, ऐसे में जया एकादशी के मौके पर अगर उन्हें पीले रंग के गेंदे के फूल अर्पित किए जाएं तो इससे वे सुख-समृद्धि का आशीर्वाद अपने भक्तों को देते हैं.
सूरजमुखी का फूल
गेंदे के फूल की तरह ही सूरजमुखी का फूल भी पीला होता है और अगर भगवान विष्णु को जया एकादशी के मौके पर सूरजमुखी का एक फूल भी अर्पित किया जाए तो इससे व्यक्ति की कुंडली में मौजूद गुरु दोष को खत्म किया जा सकता है. इतना ही नहीं सूरजमुखी का फूल भगवान को अर्पित करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
अशोक के फूल
भगवान विष्णु का संबंध अशोक के पेड़ से माना जाता है. कहते हैं कि अशोक के फूल अगर भगवान विष्णु को अर्पित किए जाएं तो इससे सभी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है, साथ ही आपको नौकरी, व्यापार और वर्कप्लेस में सफलता मिलती है.
कदम के फूल
जया एकादशी के मौके पर भगवान विष्णु के चरणों पर अगर कदम के फूल चढ़ाए जाएं और भगवान विष्णु के मंत्र का जाप किया जाए, तो इससे आपको सफलता मिल सकती है. अगर लंबे समय से आप कोशिश कर रहे हैं लेकिन किसी भी क्षेत्र में सफलता नहीं मिल रही तो इस बार जया एकादशी के मौके पर कदम का फूल श्री हरि के चरणों पर जरूर अर्पित करें.
कमल का फूल
भगवान विष्णु को कमल के फूल (Lotus) बहुत प्रिय होते हैं, कहते हैं कमल के फूल में मां लक्ष्मी का वास होता है, इसलिए जया एकादशी के मौके पर अगर भगवान विष्णु को कमल का फूल अर्पित किया जाए तो इससे जातकों की हर मनोकामना पूरी होती है और भगवान विष्णु प्रसन्न होकर आपको मनचाहा आशीर्वाद देते हैं.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / अगर आपके पैर पर पपड़ी नजर आ रही है जिसके कारण पैर भद्दे नजर आने लगे हैं तो आपको इसको गंभीरता से लेना चाहिए. क्योंकि ये किसी बीमारी के लक्षण हो सकते हैं.वैसे पैर पर पपड़ी धूल मिट्टी के कारण भी हो सकता है. इके अलावा सोरायसिस भी पपड़ीदार पैर होने की वजह हो सकती है. ऐसे में आपको अपने पैर की अतिरिक्त देखभाल करने की जरूरत है. आज हम इसी के बारे में बताएंगे.
कैसे करें पैरों की देखभाल
- नहाते समय आप अपने पैरों को ब्रश से रगड़कर साफ करें. ब्रश से एड़ियों को रगड़ें. इससे पैर आपके साफ और चमकदार होते हैं.
- वहीं, आप बाहर जाते समय पैर में मोजें जरूर पहनें, क्योंकि धूल मिट्टी के कारण स्किन पर पपड़ी जम सकती है. वहीं, आप घर में नंगे पांव होकर ज्यादा न चलें.
- इसके अलावा आप सप्ताह में डीप क्लीनिंग जरूर करें. आप गरम पानी में पैरों को करीब 10 से 15 मिनट तक डुबोकर रखें. इसके बाद ब्रश से रगड़िए.
- पैरों को लंबे समय तक गिला रखने से उसकी स्किन निकलने लगती है. जिसके कारण भी पपड़ी नजर आती है. इसलिए पैरों को सुखाकर रखें.
- वहीं, सोने से पहले पैरों को मॉइस्चराइज जरूर करें. इससे स्किन को गहराई से पोषण मिलता है. इससे पैर खिले-खिले नजर आते हैं.
सेहत /शौर्यपथ /हरी सब्जियों के फायदों के बारे में आपको ज्यादा बताने की जरूरत नहीं है. ऐसी ही एक स्वास्थ्यवर्धक सब्जी है लौकी, जिसे कद्दू भी कहते हैं. इसका न केवल शरीर में ठंडा प्रभाव पड़ता है, बल्कि हृदय के लिए भी बहुत लाभकारी है. यहां तक कि नींद संबंधी विकारों को भी कम करने में मदद करता है. इसके कई और भी फायदे हैं, जिसके बारे में हम आपको बताने वाले हैं. हैप्पी चॉकलेट डे 2024: डार्क चॉकलेट खाने के होते हैं 9 बड़े फायदे
लौकी खाने के फायदे
- आयरन, विटामिन और पोटैशियम से भरपूर लौकी का जूस रोजाना पीने से आपको वजन कम करने में मदद मिलेगी.
- जिन लोगों को नींद की समस्या है उन्हें लौकी के जूस में तिल का तेल मिलाकर सेवन करना चाहिए. इससे आपके नींद की गुणवत्ता बेहतर होता है.
- प्रदूषण के कारण समय से पहले बालों का सफेद होना कम उम्र में आम हो गया है. रोजाना एक गिलास लौकी का जूस पीने से आपको बालों का रंग और बनावट बरकरार रखने में मदद मिल सकती है.
- लौकी पाचन में भी मदद करती है. फाइबर और क्षार सामग्री से भरपूर, यह एसिडिटी के इलाज में मदद करता है.
- लौकी का रस एक प्राकृतिक क्लींजर के रूप में काम करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को दूर करता है.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / बढ़ते प्रदूषण के कारण आजकल कम उम्र में ही बालों का सफेद होना आम बात होती जा रही है. ऐसे में लोग इसे छिपाने के लिए तरह-तरह के केमिकल हेयर डाई का इस्तेमाल करते हैं. जिससे बाल कुछ समय के लिए काले तो हो जाते हैं, लेकिन उनका सफेद होना नहीं रोकता है. ऐसे में फिर आपको हर 15 से 20 दिन पर बालों को रंगने के लिए हेयर डाई का इस्तेमाल करना पड़ता है. यह एक रूटीन बन जाती है. ऐसे में हम आपको यहां पर कुछ ऐसे छिलकों के बारे में बताएंगे जो आपके बाल को काला कर सकते हैं.
छिलकों से डाई बनानी की समाग्री
इसको बनाने के लिए 1 नारियल का छिलका, 1 चम्मच एलोवेरा जेल, 1 चम्मच नारियल का तेल चाहिए.
बनाने का तरीका
नारियल के छिलके से हेयर डाई बनाने के लिए सबसे पहले नारियल के छिलके को अच्छी तरह से साफ कर लीजिए फिर इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ दीजिए. अब इसे एक लोहे की कड़ाही में डालकर अच्छी तरह भून लीजिए.
30 मिनट तक भुनने के बाद हाथों की मदद से पीसकर इसमें नारियल का तेल और एलोवेरा जेल मिक्स करिए. इच्छानुसार इसमें थोड़ा सा सरसों तेल भी मिक्स कर सकती हैं. इन सारी चीजों को मिक्स करने के बाद आप इन्हें 10 मिनट के लिए छोड़ दीजिए सेट होने के लिए.
हेयर डाई लगाने का तरीका
छिलके की डेयर डाई को बालों में लगाने के लिए एक ब्रश ले लीजिए. अब इस ब्रश की मदद से डाई को अपने बालों पर लगाएं. करीब 20 से 30 मिनट इसे लगाकर छोड़ दीजिए. फिर नॉर्मल पानी से इसे धो दीजिए.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / क्या आपके बच्चे के साथ भी ऐसा होता है कि चीजें याद करने के बाद वो भूल जाते हैं. किसी भी चीज को समझने में काफी समय लगता है उनकी समझ आती है लेकिन कुछ दिन बाद वो भूल जाते हैं. हमने देखा है कि कई बच्चों को एक समय में बहुत सारी चीजें याद रखने में डिफिकल्टी होती है और इसके कारण स्कूल में उनके ग्रेड कम आते हैं. कई पेरेंट्स अपने बच्चों को डराते हैं, डांटते है चीजें भूल जाने के लिए उनको पनिशमेंट भी देते हैं. लेकिन यह न केवल आपके बच्चे की मेंटल हेल्थ के लिए नुकसानदायक है बल्कि उसके रिपोर्ट कार्ड पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा. अगर आपके बच्चे को कुछ याद रखने में कठिनाई हो रही है, तो यहां कुछ तरीके दिए गए हैं जिनसे आप उसकी याददाश्त बढ़ाने में मदद कर सकते हैं.
मेमोरी बढ़ाने वाले गेम: ऐसे कई गेम हैं जो ऑनलाइन और ऑफलाइन मिलते हैं, जो बच्चों को उनकी मेमोरी बढ़ाने में मदद करने के लिए तैयार किए गए हैं. कई तरह के गेमों में अलग-अलग सवाल और ट्रिक्स शामिल होती हैं जो बच्चे को चीजें याद रखने में मदद कर सकती हैं.
याददाश्त बढ़ाने वाले फूड्स: आपके बच्चे की याददाश्त बढ़ाने में अच्छा और पोषण से भरपूर खाना बहुत अहम है. अपने बच्चे की याददाश्त बढ़ाने के लिए उन्हें ये फ्रूट्स खिलाएं. आप किसी एक्सपर्ट से भी उनकी हेल्दी डाइट बनवा सकते हैं जो आपके बच्चे के ब्रेन को स्ट्रांग करने और याददाश्त बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है.
पूरी नींद: चाहे आपका बच्चा कितनी भी देर तक पढ़ाई करे अगर वो पूपी नींद नहीं लेगा तो सब कुछ बर्बाद हो जाएगा. एक अच्छी नींद आपके शरीर को फिर से एनर्जेटिक कर देती है और ब्रेन को आराम करने के लिए टाइम देती है. आप शायद जानना चाहेंगे कि सुपरफूड जल्दी याददाश्त बढ़ा सकते हैं और आपके मूड को अच्छा कर सकती है. तो आप अपने बच्चे को सोने से पहले थोड़ा हल्दी वाला दूध यानी हल्दी का दूध दे सकते हैं.
पढ़ाई का समय: पढ़ाई का समय भी बहुत अहम भूमिका निभाता है. अपने बच्चे की पढ़ाई के लिए सबसे बेहतर टाइम के बेस पर अपने बच्चे के लिए एक फ्लैक्सिबल रूटीन बनाएं जिसमें खेलने और रिफ्रेश होने के लिए कुछ अच्छा समय भी शामिल हो.
बात करें: अपने बच्चे से बात करें, उससे पूछें कि क्या पढ़ाई का ये तरीका उसे सही लग रहा है उस पर कोई प्रेशर नहीं पड़ रहा है. क्योंकि उसकी मेंटल हेल्थ से ज्यादा जरूरी कुछ नही है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / सालभर में चार तरह की नवरात्रि मनाई जाती हैं जिनमें से 2 गुप्त नवरात्रि, एक चैत्र नवरात्रि और एक शारदीय नवरात्रि होती है. माघ माह की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहते हैं. माना जाता है कि गुप्त नवरात्रि के दिनों में मां जगदंबे की पूजा-आराधना करने पर घर-परिवार में सुख और खुशहाली का वास होता है और दुख-दर्द दूर होते हैं सो अलग. इस साल गुप्त नवरात्रि 10 फरवरी से शुरू हो गई है और यह 18 फरवरी तक रहने वाली है. नवरात्रि के दौरान दुर्गा चालीसा का पाठ करना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है और आप भी रोजाना दुर्गा चालीसा का पाठ कर सकते हैं.
दुर्गा चालीसा का पाठ |
॥दुर्गा चालीसा॥
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अंबे दुःख हरनी॥
शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥
रूप मातु को अधिक सुहावे। दरश करत जन अति सुख पावे॥
अन्नपूर्णा हुई जग पाला। तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥
प्रलयकाल सब नाशन हारी। तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥
शिव योगी तुम्हरे गुण गावें। ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥
धरयो रूप नरसिंह को अम्बा। परगट भई फाड़कर खम्बा॥
रक्षा करि प्रह्लाद बचायो। हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥
लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं। श्री नारायण अंग समाहीं॥
हिंगलाज में तुम्हीं भवानी। महिमा अमित न जात बखानी॥
मातंगी अरु धूमावति माता। भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥
श्री भैरव तारा जग तारिणी। छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥
कर में खप्पर खड्ग विराजै। जाको देख काल डर भाजै॥
सोहै अस्त्र और त्रिशूला। जाते उठत शत्रु हिय शूला॥
नगरकोट में तुम्हीं विराजत। तिहुँलोक में डंका बाजत॥
महिषासुर नृप अति अभिमानी। जेहि अघ भार मही अकुलानी॥
रूप कराल कालिका धारा। सेन सहित तुम तिहि संहारा॥
परी गाढ़ सन्तन पर जब जब। भई सहाय मातु तुम तब तब॥
ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी। तुम्हें सदा पूजें नर-नारी॥
प्रेम भक्ति से जो यश गावें। दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें॥
ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई। जन्म-मरण ताकौ छुटि जाई॥
शंकर अचरज तप कीनो। काम क्रोध जीति सब लीनो॥
निशिदिन ध्यान धरो शंकर को। काहु काल नहिं सुमिरो तुमको॥
शक्ति रूप का मरम न पायो। शक्ति गई तब मन पछितायो॥
भई प्रसन्न आदि जगदम्बा। दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा॥
मोको मातु कष्ट अति घेरो। तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो॥
आशा तृष्णा निपट सतावें। रिपु मुरख मोही डरपावे॥
करो कृपा हे मातु दयाला। ऋद्धि-सिद्धि दै करहु निहाला।
जब लगि जियऊं दया फल पाऊं। तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं॥
श्री दुर्गा चालीसा जो कोई गावै। सब सुख भोग परमपद पावै॥
॥ इति श्रीदुर्गा चालीसा सम्पूर्ण ॥
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /बसंत पंचमी की अत्यधिक धार्मिक मान्यता होती है. हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पचंमी मनाई जाती है. इस दिन कला, वाणी और विद्या की देवी मां सरस्वती का पूजन किया जाता है. कहते हैं माता का पूजन करने पर बुद्धि बढ़ती है और कलात्मक गुण बढ़ता है. इस साल 14 फरवरी के दिन बसंत पंचमी मनाई जाएगी. बसंत पंचमी पर इस साल रेवती और अश्विनी नक्षत्र का शुभ योग बन रहा है. माना जाता है कि बसंत पंचमी के दिन ही मां सरस्वती का जन्म हुआ था. ऐसे में मां सरस्वती की पूजा ना सिर्फ मंदिरों बल्कि शैक्षिक संस्थानों में भी की जाती है. जानिए बसंत पंचमी के दिन पूजा करने वाले भक्तों को किन बातों का खास ख्याल रखने की आवश्यक्ता होती है और कौनसे काम करने से बचना चाहिए.
बसंत पंचमी पर क्या करें और क्या नहीं
बसंत पंचमी के दिन स्नान किए बिना भोजन करना अच्छा नहीं माना जाता है. इस दिन बिना स्नान कराए बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहिए.
इस दिन काले रंग के कपड़े पहनने से परहेज करना चाहिए. मां सरस्वती का प्रिय रंग पीला माना जाता है इसीलिए बसंत पंचमी की पूजा में पीले रंग (Yellow Color) का अत्यधिक महत्व होता है. इस दिन सरस्वती मां के समक्ष पीले फूल अर्पित करने भी बेहद शुभ माने जाते हैं और उन्हें पीले रंग का प्रसाद चढ़ाया जा सकता है.
इस दिन बच्चों को पूजा में बैठाना बेहद शुभ होता है. मां सरस्वती की पूजा करते समय बच्चों को पीले रंग के वस्त्र पहनाएं.
इस दिन पीले रंग के चावल का भोग अत्यधिक शुभ माना जाता है. पीले लड्डू और पेठा भी भोग में चढ़ा सकते हैं और प्रसाद स्वरूप इनका वितरण किया जा सकता है.
बसंत पंचमी के दिन अपनी वाणी पर काबू रखने के लिए कहा जाता है. इस दिन किसी को अपशब्द नहीं कहने चाहिए और अपने मन में बुरी बातें नहीं लानी चाहिए.
इस दिन तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए. पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए और अपने कॉपी-किताबों को सम्मानपूर्वक रखना चाहिए.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / आप अपनी सुंदरता को बढ़ाना चाहती हैं तो फिर कुछ घरेलू उपाय को अपना लीजिए. हम आपको यहां पर कुछ ऐसे टिप्स बताने वाले हैं, जिससे आपके चेहरे के सारे दाग धब्बे चुटकियों में गायब हो जाएंगे. हम आपको यहां पर एक ऐसे तेल को रोज रात में नाभि में डालने के बारे में बताने वाले हैं, जिससे आपकी सुंदरता में चार चांद लग जाएगा. तो बिना देर किए आइए जानते हैं.
नीम का तेल के फायदे
आप अपनी नाभि में नीम का तेल डाल सकती हैं. यह ब्लड सर्कुलेशन को सुधारता है. इसकी मदद से एक्ने कम होता है और पिंपल की भी समस्या से छुटकारा मिलता है.
एजिंग होती है दूर
यह एजिंग की भी परेशानी को दूर करता है. इससे चेहरे पर झुर्रियां नजर नहीं आती हैं. यह फाइन लाइन को भी कम करता है. इससे त्वचा की रंगत में भी सुधार आता है.
इंफेक्शन करे दूर
इससे इंफेक्शन के लक्षण भी कम होते हैं. यह स्किन के टेक्सचर को भी सुधारता है.
बाल करे घना
अपने बाल को काला घना रखना चाहते हैं औऱ सफेद हो रहे बालों पर रोक लगाना चाहते हैं, तो फिर रोज रात में सरसों का तेल अपनी नाभि में लगाइए. इससे आपके बाल नैचुरल ब्लैक तो होंगे ही साथ ही उनमें चमक भी आएगी.
बाल में बनाए नमी
इसके अलावा आप अपनी नाभि में नारियल तेल भी डाल सकते हैं. इससे आपके ड्राई बाल में नमी आएगी. यह बालों की रूसी को भी कम करते हैं. इससे बाल लंबे और घने भी बन सकते हैं.
हेयर ग्रोथ करे तेज
आप रात में सोने से पहले अपनी नाभि में घी भी डाल सकते हैं. यह तरीका भी बाल की ग्रोथ के लिए अच्छा माना जाता है. यह हेयर को सफेद होने से भी रोकता है.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
