August 07, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    सेहत टिप्स /शौर्यपथ /जब सफल वेट लॉस या वेट मैनेजमेंट की बात आती है, तो क्रेविंग को कंट्रोल करना और तृप्ति को बढ़ावा देना एक अहम पहलू है. भूख लगना, खाने की इच्छा होना आम बात है और हम सभी इसके लिए दोषी हैं. कैलोरी से भरपूर खाने की लालसा, अनियमित मात्रा या खाना, अनियमित समय वजन घटाने की पूरी प्रक्रिया में काफी बाधा डाल सकता है और यहीं पर तृप्ति काम आती है. तृप्ति भोजन के बाद फुलनेस और संतुष्टि की भावना है. अच्छी खबर यह है कि कुछ फूड्स आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने की शक्ति रखते हैं, जिससे आपको ज्यादा खाने पर अंकुश लगाने और हेल्दी विकल्प चुनने में मदद मिलती है.
    पेट को लंबे समय तक भरा रखने वाले फूड्स |
    फाइबर वाले फूड्स: फाइबर से भरपूर फूड्स तृप्ति को बढ़ाने में सहायक हैं. उन्हें चबाने और पचने में ज्यादा समय लगता है, जिसका अर्थ है कि वे लंबे समय तक आपके पेट में रहते हैं. इससे लंबे समय तक पेट भरे होने का अहसास होता है. साबुत अनाज, जैसे ओट्स, क्विनोआ और ब्राउन राइस, फाइबर के बेहतरीन स्रोत हैं. इसी तरह दाल, चना और काली फलियों का भी सेवन कर सकते हैं.
    प्रोटीन पावरहाउस: प्रोटीन एक और तृप्ति सुपरस्टार है. यह न केवल टिश्यू को बनाने और मरम्मत में मदद करता है बल्कि फुलनेस की फीलिंग भी प्रदान करता है. जब आप प्रोटीन से भरपूर फूड्स खाते हैं, तो आपका शरीर हार्मोन जारी करता है जो आपके ब्रेन को संकेत देता है कि आपने पर्याप्त खा लिया है. चिकन, टर्की, मछली, टोफू और बीन्स जैसे प्रोटीन के कम स्रोत लंबे समय तक संतुष्ट रहने के लिए बेहतरीन विकल्प हैं.
    हेल्दी फैट: जबकि आपको फैट का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए, सही प्रकार का फैट भी तृप्ति को बढ़ावा दे सकता है. एवोकाडो, नट्स और बीज जैसे फूड्स में हेल्दी फैट होता है जो पाचन को धीमा कर देती है और आपको पेट भरा हुआ महसूस कराता है.
    वाटर कंटेंट वाली चीजें: हाई वाटर कंटेंट वाले फूड्स तृप्ति को बढ़ावा देने में आश्चर्यजनक रूप से प्रभावी हो सकते हैं. खीरा, अजवाइन और सलाद जैसी सब्जियां ज्यादातर पानी से बनी होती हैं, जो बिना ज्यादा कैलोरी जोड़े आपके भोजन में मात्रा बढ़ा देती हैं.
    साबुत फूड्स: तृप्ति को बढ़ावा देने वाले इन फूड्स के बीच एक सामान्य विषय यह है कि वे अक्सर अपने प्राकृतिक, संपूर्ण रूप में पाए जाते हैं. साबुत फूड्स में प्राकृतिक फाइबर, पोषक तत्व और पानी की मात्रा बरकरार रहती है.
    बैलेंस डाइट: बैलेंस डाइट का लक्ष्य रखें जिसमें इन पेट भरने वाले फूड्स का संयोजन शामिल हो. उदाहरण के लिए ओटमील का एक कटोरा जिसके ऊपर नट्स और जामुन डाले गए हों, फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर होता है.

      आस्था /शौर्यपथ /मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है. कहते हैं कि अगर धन की देवी की कृपा अपने जातकों पर बनी रहे तो उनके जीवन में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हम अपने घर में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे देवी मां रुष्ट हो जाती हैं.  इतना ही नहीं इससे जीवन में धन-धान्य की कमी होने लगती है और दरिद्रता बढ़ने लगती है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि सुबह के समय आपको ऐसे कौन से काम नहीं करने चाहिए, जिससे देवी मां नाराज हों.
    सुबह देर से उठाना
      कहा जाता है कि सूर्योदय के बाद सोने वाले व्यक्ति से देवी मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं, इसलिए कभी भी देर तक नहीं सोना चाहिए. कोशिश करें कि आप ब्रह्म मुहूर्त में उठे, स्नान करने के बाद भगवान की पूजा अर्चना करें और उनका आशीर्वाद लें.
    क्लेश
       जी हां, कहा जाता है कि जिस घर में सुबह-सुबह क्लेश शुरू हो जाते हैं उस घर में मां लक्ष्मी कभी विराजमान नहीं होती है. ऐसे में कभी भी सुबह के समय लड़ाई-झगड़ा करने से बचें और घर में एक पॉजिटिव माहौल बनाएं.
    घर का मेन गेट गंदा होना
        कहते हैं कि लक्ष्मी मां घर के मुख्य द्वार से ही प्रवेश करती हैं, ऐसे में सुबह के समय कभी भी मुख्य द्वार पर कचरा ना रखें और दरवाजे पर कभी भी गंदगी ना होने दें. सुबह के समय सबसे पहले मुख्य द्वार पर झाड़ू लगाकर यहां की सफाई करें.
    तुलसी को तोड़ना
       कहते हैं कि तुलसी के पौधे में लक्ष्मी मां का वास होता है, ऐसे में कभी भी सुबह के समय बिना नहाए तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए, ना ही बिना नहाए तुलसी को पानी देना चाहिए.
    गाय का अनादर करना
        अगर सुबह के समय आपके घर पर गाय आती है या आपको रास्ते में कहीं गाय मिल जाती है, तो उसे भगाएं नहीं बल्कि उन्हें हाथ जोड़कर नमन करें, रोटी दें और उन्हें प्यार से सहलाएं. कहते हैं कि गाय की सेवा करना लक्ष्मी मां की सेवा करने के बराबर होता है.

       ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / आज के समय में लोगों के पास काम इतना ज्यादा है कि वो अपने लिए समय ही नहीं निकाल पाते हैं. खाने-पीने में कमी, उसके साथ ही पॉल्यूशन ये सभी चीजें स्किन को खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं. बिजी रहने की वजह से स्किन केयर का भी समय नहीं मिल पाता है. जिस वजह से समय से पहले ही स्किन बूढ़ी, बेजान और डल नजर आने लग जाती है. लेकिन ऐसा कोई नहीं चाहता है कि वो उम्र से पहले बूढ़ा दिखे और उसकी स्किन पर झाइयां नजर आएं. हर किसी की ख्वाहिश होती है कि वह जवान और फ्रेश नजर आए. इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी स्किन केयर सही तरीके से करें. आज हम आपके लिए स्किन केयर के कुछ आसान से मॉर्निंग टिप्स लेकर आए हैं, जिन्हें फॉलो करके आप अपनी स्किन का ध्यान रख सकते हैं.
    अगर आप रूटीन में हर सुबह ये स्किन केयर टिप्स फॉलो करेंगे तो आपको कुछ ही समय में अपनी स्किन पर सुधार नजर आने लगेगा. आपकी स्किन यंग और फ्रेश नजर आएगी. मॉर्निंग स्किन केयर के लिए आपको सुबह बस 15 मिनट का समय चाहिए. मॉर्निंग रूटीन में इन आदतों को शामिल करके आप अपनी स्किन को हाइड्रेट रखने के साथ ही धूल-मिट्टी, यूवी रेज और पॉल्यूशन से भी बचा सकते हैं.
    सुबह अपने चेहरे को अच्छे से साफ कर लें. इससे फेस पर जमा धूल-मिट्टी, डेड स्किन और गंदगी साफ हो जाएगी. एक बात का ध्यान रखें कि आप जिस भी फेस वॉश का यूज कर रहे हैं तो उसे अपनी स्किन टाइप के हिसाब से ही चुनें. अल्कोहल और केमिकल फ्री क्लींजर को यूज करें. अगर आपकी स्किन ऑयली है तो ऑयल फ्री क्लींजर का इस्तेमाल कर सकते हैं.
        अपनी स्किन को यंग और ग्लोइंग बनाने के लिए हल्दी और चंदन के फेस पैक का इस्तेमाल करें. ये दोनों ही स्किन को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाने में मदद करते हैं. हल्दी-चंदन का फेस पैक बनाने के लिए आपको चंदन पाउडर में चुटकी भर हल्दी और गुलाब जल मिला लेना है और फिर इसे पूरे चेहरे पर लगभग 10 मिनट के लिए लगा लें और सूख जाने पर धुल लें. इससे आपका चेहरा काफी फ्रेश नजर आएगा.
       मॉर्निंग रूटीन के अगले स्टेप में आपको फेस पर टोनर और मॉइश्चराइजर लगाना है. इसके लिए आप हाइड्रेटिंग टोनर का यूज करें. वहीं मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल अपनी स्किन टाइप के हिसाब से करें. इससे स्किन हाइड्रेट रहती है और ड्राइनेस भी नहीं होती.
    इसके बाद अपने फेस पर सीरम लगाएं. सीरम को लेने से पहले उसे भी अच्छे से अपनी स्किन टाइप के हिसाब से ही चुनें. इसको अप्लाई करने के बाद सनस्क्रीन लगाएं और फिर बाहर निकलें. अगर आप घर पर भी रहते हैं तो ये मार्निंग रूटीन जरूर फॉलो करें.

       हर्बल टिप्स /शौर्यपथ /हर्बल उपाय ऐसे होते हैं जो जिद्दी मुँहासों के निशानों को कम करने में मदद कर सकते हैं. कुछ जड़ी-बूटियों में ऐसे गुण होते हैं जो स्किन को बेहतर और बेदाग बनाने में मदद कर के सूजन को कम कर सकते हैं. ये हर्बल उपाय अपने कई गुणों, जैसे कि सूजन को कम करने, एंटीबैक्टीरियल, स्किन को साफ करने वाले और स्किन को रिफ्रेश करने वाले प्रभावों के लिए जाने जाते हैं इसके साथ ही यह मुंहासों के निशानों को कम करने में मदद करते हैं. ये स्किन को आराम देने, रेडनेस को कम करने, दाग-धब्बों को कम करने और पूरी स्किन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. आइए जानते हैं पिंपल के निशानों को कम करने में मदद करने वाले हर्बल घरेलू उपायों के बारे में.
    10 हर्बल उपाय जो जिद्दी पिंपल के निशान हटाने में मदद कर सकते हैं:
    1. शहद और दालचीनी का मास्क
    शहद और दालचीनी पाउडर को बराबर मात्रा में मिलाकर पेस्ट बना लें. इसे निशानो पर लगाएं और धोने से पहले 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें. शहद में जीवाणुरोधी गुण होते हैं, जबकि दालचीनी डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करती हैं.
    2. नींबू का रस
    फ्रेश नींबू के रस में बराबर मात्रा में पानी मिलाएं और कॉटन बॉल की मदद से मुंहासों के निशानों पर लगाएं. धोने से पहले इसे 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें. नींबू का रस नेचुरल ब्लीच के तौर पर काम करता है, जो निशानों को हल्का करने में मदद कर सकता है.
    3. हल्दी का पेस्ट
    पेस्ट बनाने के लिए हल्दी पाउडर में पानी या गुलाब जल मिलाएं. इसे मुंहासों के दाग पर लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें. इसके बाद पानी से धो लें. हल्दी में सूजन-रोधी और त्वचा की रंगत निखारने वाले गुण होते हैं.
    4. चाय के पेड़ का तेल
    चाय के पेड़ के तेल को नारियल तेल के साथ मिलाकर पतला करें और इसे रुई के फाहे से मुंहासों के निशानों पर लगाएं. इसे रात भर लगा रहने दें और सुबह धो लें. चाय के पेड़ के तेल में रोगाणुरोधी गुण होते हैं जो मुँहासे के निशान को कम करने में मदद करते हैं.
    5. खीरे का टुकड़ा
    ठंडे खीरे के टुकड़ों को पिंपल के निशानों पर लगभग 15-20 मिनट के लिए रखें. इसे रोजाना दोहराएं. खीरा त्वचा को हाइड्रेट करता है और समय के साथ निशानों को कम करने में मदद करता है.
    6. एलोवेरा जेल
    फ्रेश एलोवेरा जेल को सीधे पिंपल के निशानों पर लगाएं. पानी से धोने से पहले इसे 30 मिनट तक लगा रहने दें. एलोवेरा सूजन को कम करने को बढ़ावा देने में मदद करता है.
    7. आलू का रस
    आलू का रस निकालें और इसे कॉटन बॉल की मदद से मुंहासों के निशानों पर लगाएं. पानी से धोने से पहले इसे 10-15 मिनट तक सूखने दें. आलू में ऐसे एंजाइम होते हैं जो दाग को हल्का कर सकते हैं.
    8. सेब का सिरका
    सेब के सिरके को पानी (1:2 रेशियो) में घोलें और कॉटन बॉल का उपयोग करके इसे मुंहासों के निशानों पर लगाएं. धोने से पहले इसे 5-10 मिनट के लिए छोड़ दें. सेब का सिरका त्वचा के पीएच को संतुलित करने और दाग-धब्बों को कम करने में मदद कर सकता है.
    9. नीम की पत्तियों का पेस्ट
    ताजी नीम की पत्तियों को पीसकर पेस्ट बना लें. इसे मुंहासों के निशानों पर लगाएं और पानी से धोने से पहले 20 मिनट के लिए छोड़ दें. नीम में जीवाणुरोधी गुण होते हैं जो मुँहासे के निशान को कम करने में मदद कर सकते हैं.
    10. गुलाब के बीज का तेल
    गुलाब के बीज के तेल की कुछ बूंदें सीधे पिंपल के निशानों पर लगाएं. पूरी तरह अवशोषित होने तक इससे स्किन पर धीरे-धीरे मालिश करें. गुलाब के बीज का तेल विटामिन और आवश्यक फैटी एसिड से भरपूर होता है जो स्किन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं.
       हालाँकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर किसी की स्किन अलग-अलग होती है, और जो चीज एक व्यक्ति के लिए काम करती है वह दूसरे के लिए काम नहीं कर सकती है. क्योंकि सबकी स्किन टाइप अलग-अलग होती है. इसके अलावा, हर्बल उपचारों का इस्तेमाल सावधानी के साथ किया जाना चाहिए.

       सेहत टिप्स /शोर्यपथ /अदरक कई बीमारियों के लिए सबसे प्रभावी और लोकप्रिय घरेलू नुस्खों में से एक है. इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो कई लाभ प्रदान करते हैं. वजन घटाने और मतली से निपटने से लेकर गठिया को मैनेज करने और पीरियड्स के लक्षणों को कम करने तक अदरक के सेवन से प्रभावशाली लाभ होते हैं. अदरक का कई तरीकों से सेवन किया जा सकता है. इसके फायदों को लेने का एक तरीका अदरक को सुबह चबाना भी है. यहां जानिए इस तरह से अदरक का सेवन करने के क्या फायदे हैं.
    अदरक का सेवन करने के फायदे |
    1. कीटाणुओं से लड़ता है
      ताजा अदरक में कुछ रासायनिक यौगिक शरीर को कीटाणुओं से बचाने में मदद करते हैं और आपको बैक्टीरियल इंफेक्शन से दूर रखते हैं. इसलिए इसका सेवन करना काफी फायदेमंद माना जाता है.
    2. मॉर्निंग सिकनेस
     मॉर्निंग सिकनेस को ठीक करने के लिए अदरक प्रभावी हो सकता है. अदरक का सेवन मतली और उल्टी से राहत दिलाने में मदद कर सकता है.
    3. दांतों के लिए फायदेमंद
      अदरक की एंटी बैक्टीरियल शक्ति आपके दांतों के लिए काफी फायदेमंद होती है. अदरक में जिंजरोल्स नामक यौगिक ओरल बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकते हैं. ये बैक्टीरिया वही हैं जो पीरियडोंटल बीमारी, मसूड़े के संक्रमण का कारण बन सकते हैं.
    4. जोड़ों के दर्द से राहत
       अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो जोड़ों के कारण होने वाली सूजन को कम करने में मदद करते हैं. नियमित रूप से अदरक का सेवन करने से दर्द और सूजन से राहत मिल सकती है.

       टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / उम्र बढ़ने के साथ बालों का सफेद होना एक नॉर्मल बात है, लेकिन आज के समय में बालों का सफेद होना बढ़ती उम्र के साथ नहीं होता है. बल्कि असमय ही बाल सफेद होने लगे हैं. सफेद बालों को छुपाने के लिए लोग अक्सर हेयर डाई का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बाल समय से पहले सफेद क्यों होने लगते हैं. समय से पहले बालों के सफेद होने के कारणों को जानना भी जरूरी है. बता दें कि शरीर में बनने वाले मेलेनिन बालों के पिगमेंटेशन की वजह बनता है. शरीर में इस तत्व की कमी की वजह से ही बाल सफेद होने लगते हैं. इसलिए इसके उत्पादन को बढ़ावा देना चाहिए. नेचुरल तरीके से भी मेलेनिन प्रोडक्शन को बढ़ावा   जा सकता है. आइए जानते हैं मेलेनिन के बारे में.
    क्या है मेलेनिन
       मेलेनिन एक ऐसा तत्व है जो ह्यूमन बॉडी में स्किन, बाल और आंखों के पिगमेंटेशन को कंट्रोल करने में मदद करता है. बता दें कि शरीर में तीन तरह के मेलेनिन पाए जाते हैं. यूमेलेनिन, फोमेलेनिन और न्यूरोमेलेनिन. यूमेलेनिन काले और गहरे भूरे जैसे गहरे पिगमेंट के लिए होता है, जबकि फोमेलेनिन हल्का पिगमेंट देता है, जिसमें गुलाबी या लाल रंग के होंठ, भूरे बालों के लिए. न्यूरोमेलेनिन में और भी गहरा पिगमेंट होता है. न्यूरोमेलेनिन जीवन भर विकसित होता रहता है.
    क्यों होती है मेलेनिन की कमी
    बढ़ती उम्र के साथ शरीर में मेलनिन की कमी होने लगती है और उसका प्रोडक्शन कम हो जाता है. बढ़ती उम्र के साथ ही जेनेटिक्स, यूवी रेज, विटामिन बी की कमी, केमिकल प्रोडक्ट्स का ज्यादा इस्तेमाल और स्ट्रेस भी मेलेनिन के उत्पादन में बाधा डाल सकते हैं.
    मेलेनिन बढ़ाने का तरीका
    विटामिन
     अपनी डाइट में विटामिन्स को जरूर शामिल करें. बालों के लिए विटामिन ए, सी और बी 12 जरूरी होते हैं. इसलिए अपनी डाइट में ऐसे फल और सब्जियां शामिल करें जिसमें ये पोषक तत्व पाए जाते हों.
    मिनरल्स     
       बालों के लिए विटामिन्स की तरह ही मिनरल्स भी बहुत जरूरी होते हैं. अगर आपके बाल सफेद हो रहे हैं तो आपको अपने शरीर में मिनरल्स की कमी हो सकती है. आयरन और कॉपर ये दोनों मिनरल मेलेनिन बढ़ाने में मदद करते हैं.
    एंटीऑक्सीडेंट
     एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं और बालों में मेलेनिन के उत्पादन को भी बढ़ाते हैं.
    बायोटिन
       बायोटिन पानी में घुलनशील विटामिन्स हैं, जो बालों की ग्रोथ में मदद करता है. बायोटिन की कमी भी बालों को सफेद करने का कारण होता है. इसलिए अपनी डाइट में बायोटिन शामिल करें.

        ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / हम अपनी स्किन को ग्लोइंग और बेदाग बनाने के लिए कई तरह के स्किन केयर प्रोडक्टस का इस्तेमाल करते हैं. इसके लिए हमारे पास कई तरह के ऑप्शन मौजूद होते है. कई बार हम लोग अलग-अलग तरह के स्किन केयर प्रोडक्टस भी यूज करते हैं जिससे बेहतर रिजल्ट मिल सकें. लेकिन क्या आपने कभी उनमें इस्तेमाल किए जाने वाले इंग्रेडिएंट की लिस्ट चेक की है? क्योंकि इनको बनाने में प्रॉडक्ट्स को बनाने में कई तरह के केमिकल का यूज होते हैं जो स्किन को डैमेज भी कर सकते हैं. हालांकि शुरूआत में ये बेहतर रिजल्ट देता है, लेकिन इनका इस्तेमाल छोड़ने के बाद ये नेगेटिव इफेक्टस भी छोड़ सकते हैं.
    हमारी फेस की स्किन सेंसटिव होती है इसलिए हमें इसके लिए सही स्किन केयर रेमेडी चुननी चाहिए. खासतौर से ऐसी चीजें जिनमें केमिकल्स का इस्तेमाल न हो उनका इस्तेमाल स्किन के लिए बेहतर हो सकता है. आप कई तरह के घरेलू उपायो को अपने स्किन केयर रूटीन में शामिल कर सकते हैं. इनसे किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट बी नहीं होता.
    शहद, कॉफी बेसन जैसे फेस पैक के बारे में तो आपने सुना होगा. लेकिन क्या आपने कभी दाल से बने फेस पैक के बारे में सुना है. दाल सेहत के लिए जितनी फायदेमंद होती है उतनी स्किन को भी फायदा पहुंचा सकती हैं. आज हम आपको एक खास दाल के बारे में बताएंगे जिसका इस्तेमाल स्किन केयर के लिए किया जा सकता है.
    हरी मूंग दाल
      हरी मूंग दाल सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती है, इसका इस्तेमाल कई तरीकों से किया जाता है. वहीं बात करें स्किन के लिए तो इस दाल में एक्सफोलिएटिंग प्रॉपर्टी पाई जाती है जो डेड स्किन सेल्स को हटाने में लाभदायी मानी जाती है. यह स्किन की रंगत सुधारने के साथ उसको हाइड्रेट रखने में भी मदद करती है. इसके इस्तेमाल से स्किन बेहद ग्लोइंग नजर आती है.
    कैसे करें इस्तेमाल
     इस फेस पैक को बनाने के लिए चार चम्मच मूंग दाल को रात भर के लिए भिगोकर छोड़ दें.
    सुबह पानी से निकालकर इसका पेस्ट बना लें.
    अगर आपके पास संतरे के छिलके और चंदन पाउडर मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें.
    अब इसमें 2 चम्मच दूध मिलाएं और इसे पूरे फेस पर लगा लें.
    कुछ देर तक फेस पर इसे स्क्रब करें और 10 मिनट के लिए लगा कर छोड़ दें.

       ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / बालों को लेकर लोगों की पसंद अलग-अलग होती है. जहां कुछ लोगों को शॉर्ट हेयर पसंद होते हैं तो वही कुछ लोग लंबे बाल पसंद करते हैं. लेकिन आज के समय में बढ़ता प्रदूषण और लाइफस्टाइल ऐसी हो गई है जिसकी वजह से हेल्दी, घने और लंबे बाल कई लोगों के लिए एक सपने जैसा हो गया है. मार्केट में मिलने वाले केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स भी कई बार बालों की नेचुरल शाइन छीन लेते हैं और बालों के झड़ने का कारण बन सकते हैं. ऐसे में बेहतर है कि लंबे, काले और घने बालों के लिए आप केमिकल फ्री चीजों का इस्तेमाल करें. आप कई घरेलू नुस्खों की मदद से अपने बालों की ग्रोथ बढ़ा सकते हैं. आज हम आपको एक ऐसा हेयर स्प्रे बनाने का तरीका बताएंगे जो आपके बालों को बढ़ाने में मदद कर सकता है.
    बालों को बढ़ाने के लिए हेयर ग्रोथ स्प्रे
        पानी - 1 कप
        विच हेजल - 4 बड़े चम्मच
        गाजर के बीज का तेल - 1 चम्मच
        आर्गन ऑयल - आधा चम्मच
        पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल 12 बूंदें
        रोज़मेरी एसेंशियल ऑयल 12 बूंदें
        सीडरवुड एसेंशियल ऑयल 12 बूंदें
        लैवेंडर एसेंशियल ऑयल 12 बूंदें
        स्प्रे बॉटल
    कैसे बनाएं हेयर स्प्रे
        इस स्प्रे को बनाने के लिए सबसे पहले स्प्रे बॉटल लें. अब इसमें विच हेजल डालें और 1 इंच पानी भरें.
        अब इस बोतल में गाजर के बीज का तेल और आर्गन ऑयल डालकर हल्के से सभी चीजों को अच्छी तरह से मिला लें.
        अब इस बोतल में सारे एसेंशियल ऑयल डालें और सभी को अच्छी तरह से मिला लें. आपका हेयर ग्रोथ स्प्रे बनकर तैयार है.
    कैसे करें इस्तेमाल
    आप रात को सोने से पहले या दिन में बालों की जड़ों पर इस स्प्रे को डालें. इसमें मौजूद सभी तत्व बालों की ग्रोथ बढ़ाने में मदद करेंगे. बेहतर रिजल्ट के लिए हफ्ते में 2-3 बार इस हेयर ग्रोथ स्प्रे का इस्तेमाल कर सकते हैं. 30 दिनों में ही आपको रिजल्ट दिखने को मिलेगा.

      सेहत टिप्स/शौर्यपथ / ड्राई फ्रूट्स का सेवन सेहत के लिए अच्छा माना जाता है ये तो हम सभी जानते हैं लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि जरूरत से ज्यादा इनका सेवन सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकता है. आज हम आपको एक ऐसे ही नट्स के बारे में बता रहे हैं. हम बात कर रहे हैं पिस्ता की. पिस्ता खाना आमतौर पर सभी को पसंद होता है. लेकिन अधिक मात्रा में पिस्ता का सेवन फायदा की जगह नुकसान पहुंचा सकता है. पिस्ता   को कई तरह की रेसिपीज में गार्निशिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है. पिस्ता को प्रोटीन का अच्छा सोर्स माना जाता है. पिस्ता को दिन में कभी भी खाया जा सकता है. तो अगर आप भी करते हैं जरूरत से ज्यादा पिस्ता का सेवन तो सावधान होने की जरूरत है. चलिए बिना किसी देरी के जानते हैं पिस्ता खाने से होने वाले नुकसान.
    पिस्ता खाने के नुकसान-
    1. किडनी-
      क्या आप ये जानते हैं कि अधिक मात्रा में पिस्ता खाने से किडनी की समस्या हो सकती है. जी हां आपने सही सुना. पिस्ता को प्रोटीन का अच्छा सोर्स माना जाता है. अधिक मात्रा में ब्लड में प्रोटीन होने से किडनी से जुड़ी परेशानी हो सकती है. अगर आपको किडनी से जुड़ी परेशानी है तो आप भूलकर भी ज्यादा मात्रा में पिस्ता का सेवन न करें.
    2. डायबिटीज-
      डायबिटीज के मरीजों को जरूरत से ज्यादा पिस्ता खाने की मनाही होती है. क्योंकि इसके सेवन से ब्लड शुगर लो हो सकता है.
    3. एलर्जी-
        पिस्ता खाने से स्किन रैशेज, खुजली, लालिमा की शिकायत बढ़ सकती है. जिन लोगों को ऐसी समस्या है उन्हें भूलकर भी पिस्ता का सेवन नहीं करना चाहिए,
    4. अस्थमा-
       जरूरत से ज्यादा पिस्ता खाने से सांस लेने में परेशानी हो सकती है. पिस्ता का अधिक सेवन अस्थमा की समस्या को बढ़ा सकता है.

       सेहत टिप्स /शौर्यपथ /मूली एक ऐसी सब्जी है जिसे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. मूली   को हम ज्यादातर सलाद, सब्जी, अचार और पराठे के रूप में इस्तेमाल करते हैं. मूली को ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. अगर आप ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो अपनी डेली डाइट में मूली को शामिल कर सकते हैं. आपको बता दें कि मूली में कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन सी के अलावा आयरन भी काफी मात्रा में पाया जाता है. मूली में पाए जाने वाले तत्व कई बीमारियों से बचाने में मददगार हो सकते हैं. तो चलिए जानते हैं नाश्ते में कैसे बनाएं मूली के पराठे.
    कई शोधों में कहा गया है कि मूली ब्लड प्रेशर की समस्या को कम करने में मददगार हो सकती है. मूली शरीर को पोटैशियम प्रदान कराती है. जिससे ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है. आप नाश्ते में मूली के पराठे खा सकते हैं.
    कैसे बनाएं मूली के पराठे- 
    सामग्री
        आटा
        तेल
        मूली
        अजवाइन
        हरी मिर्च, बारीक कटा हुआ
        लाल मिर्च पाउड
        हरा धनिया
        स्वादानुसार नमक
        गरम मसाला
    विधि-
    मूली के पराठे बनाने के लिए सबसे पहले, आटा और तेल के साथ एक नरम आटा गूंध लें. धीरे-धीरे पानी डालकर आटा गूंध लें. इसे कुछ देर रेस्ट दें. इसी बीच, मूली को अच्छे से धोकर, छीलकर कद्दूकस कर लीजिए. स्टफिंग तैयार करने के लिए मूली को निचोड़ कर एक बाउल में निकाल लें. कटी हुई हरी मिर्च, गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर, अजवाइन और ताज़ा हरा धनिया डालें. सब चीजों को एक साथ मिला लें. तैयार आटे को समान भागों में बांट लें. मूली का मिश्रण भरें, आटे को चारों तरफ से गूंथ लें और इसे समान रूप से बेल लें. तवा मीडियम आंच पर गर्म करें, पराठा डालें और इसे पकने दें. अब पराठे को पलट दें और थोडा़ सा घी लगाएं. इसे दोनों तरफ से गोल्डन ब्राउन होने तक सेक लें. मूली पराठा तैयार है! इसे चटनी और अचार के साथ सर्व करें.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision