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ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /गर्दन पर कालापन नजर आना एक ऐसी दिक्कत से जिससे बहुत से लोगों को दोचार होना पड़ता है. गर्दन पर कई बार हाइपरपिग्मेंटेशन हो जाती है, कई बार गर्दन धूप के कारण काली पड़ती है जिससे टैनिंग नजर आने लगती है, वहीं अक्सर ही मैल जमने से भी गर्दन पर कालापन नजर आता है. जिन लोगों के बाल हमेशा खुले रहते हैं या छोटे होते हैं उन्हें भी गर्दन की ऐसी दिक्कतों से दोचार होना पड़ता है. वहीं, पसीना बहुत ज्यादा आता है और धूल-मिट्टी उड़कर गर्दन पर जमती है तो उससे भी गर्दन डार्क नजर आने लगती है. ऐसे में घर की ही कुछ चीजें गर्दन को साफ करने में अच्छा असर दिखाती हैं. यहां दिए एक भी नुस्खे को आजमाने पर आपकी डार्क नेक की दिक्कत दूर हो जाएगी.
गर्दन का कालापन कैसे दूर करें |
नींबू और गुलाबजल
एंटी-ऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी से भरपूर नींबू गर्दन के कालेपन को छुड़ा सकता है. नींबू में ऐसे एजेंट्स होते हैं जो त्वचा की टैनिंग को कम करते हैं. गर्दन पर लगाने के लिए बराबर मात्रा में नींबू का रस और गुलाबजल लेकर मिला लें. रूई की मदद से इस मिश्रण को गर्दन पर मलें और 15 से 20 मिनट के बाद धोकर हटा लें. गर्दन चमक जाएगी. इस मिश्रण को हफ्ते मे 2 से 3 बार लगाकर देखा जा सकता है.
आलू का रस
आलू में नेचुरल ब्लीचिंग गुण होते हैं जो पिग्मेंटेशन को दूर करने में खासतौर से असरदार होते हैं. आलू के रस को त्वचा पर नींबू के रस के साथ मिलाकर लगाया जा सकता है. एक कटोरी में आलू का रस निकालें और इसमें थोड़ा सा नींबू का रस मिला लें. इस मिश्रण को गर्दन पर 20 मिनट लगाकर रखने के बाद धोकर हटा लें. कुछ दिन के इस्तेमाल से ही असर नजर आने लगेगा.
कॉफी का पेस्ट
ब्राउन कॉफी गर्दन की डार्कनेस को कम कर सकती है. कॉफी में एंटी-ऑक्सीडेंट्स भी होते हैं और कई ऐसे तत्व भी जो त्वचा के लिए फायदेमंद भी. कॉफी में पानी मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इसे गर्दन पर अच्छी तरह लगाकर रखने के 10 से 15 मिनट बाद धोकर हटाएं. हफ्ते में एक बार इस पैक को गर्दन पर लगाया जा सकता है.
लगाएं उबटन
काली गर्दन पर घर पर बने इस उबटन का अच्छा असर दिखता है. उबटन बनाने के लिए दही, हल्दी, नींबू का रस और बेसन लेकर मिला लें. इस उबटन को गर्दन पर आधा घंटा लगाकर रखने के बाद धोकर हटाएं. इससे गर्दन का कालापन कम होता है, स्किन का टेक्सचर बेहतर होता है और त्वचा मुलायन बनती है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /अक्सर हम अपने सभी मील्स में घर का ही खाना खाते हैं लेकिन बात जब स्नैक्स की आती है तो नजर जंक फूड्स पर जाकर ही रुकती है. कभी शाम के समय मोमोज तो कभी भल्ले-चाट और पापड़ी तो कभी चाउमीन खाने का मन हो जाता है. ये चीजें लगती तो बहुत कम हैं लेकिन वेट बढ़ाने में देरी नहीं लगातीं. इनके अलावा, बिस्कुट, टॉफी, चॉक्लेट, चिप्स, नूडल्स और फ्राइस वगैरह भी स्नैक्स की तरह खाए जाते हैं. इन स्नैक्स में कैलोरीज ज्यादा होती हैं, सोडियम और एडेड शुगर भी खूब होती है जो वजन बढ़ाने के साथ-साथ कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का भी कारण बनती है. ऐसे में इन वजन बढ़ाने वाले स्नैक्स को दूर करके वजन घटाने वाले स्नैक्स को डाइट का हिस्सा बनाना जरूरी होता है. यहां ऐसे ही कुछ स्नैक्स का जिक्र किया जा रहा है जो वजन कम करने और शरीर को फिट रखने में असरदार होते हैं और इनका स्वाद भी लाजवाब होता है.
वजन घटाने के लिए स्नैक्स |
फ्रूट चाट
फाइबर से भरपूर फल वजन घटाने में कमाल का असर दिखाते हैं. फलों की चाट खाने पर पेट तो भरता ही है, साथ ही वजन कम होने में भी असर दिखता है. आप सेब, संतरे, अनानास और केले समेत मौसमी फलों की चाट बनाकर खा सकते हैं.
भुना चना
भुने चने हाई फाइबर से भरपूर होते हैं. शाम की चाय के साथ खासतौर से भुने चने खाए जा सकते हैं. भुने चने में नमक या मसाले डालने से परहेज करें. सादे भुने चने एक कप चाय के साथ नाश्ते में लेने पर वजन कम होने में कमाल का असर दिखता है.
भेल पूरी
भेल पूरी में डलने वाली सभी सामग्री सेहत के लिए अच्छी होती है. इसमें हल्के मसाले, नींबू का रस, प्याज, टमाटर और धनिया समेत पफ्फड राइस डाले जाते हैं जो लंबे समय तक पेट को भरा हुआ रखते हैं और एक्सेस फूड इंटेक कम करते हैं.
मखाना
मखाने में 16 तरह के अमीनो एसिड्स होते हैं. यह फाइबर और प्रोटीन का भी अच्छा स्त्रोत होता है. ऐसे में मखाने खाने पर मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और एक्सेस फैट और कैलोरी बर्न होने लगती है. मखाने को भूनकर खाया जा सकता है.
स्प्राउट्स की चाट
अगर आप ऑफिस जाते हैं तो अपने साथ स्प्राउट्स की चाट लेकर जा सकते हैं. स्प्राउट्स की चाट को स्नैक्स की तरह खाया जा सकता है. इससे गट हेल्थ भी अच्छी रहती है और फाइबर से भरपूर होने के चलते यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है जिससे एक्सेस फूड इंटेक भी कम होता है. स्प्राउट्स की चाट बनाने के लिए चना, मूंग दाल, मूंगफली और धनिया का इस्तेमाल करें.
ड्राई फ्रूट्स
आप अपने साथ बादाम, काजू और अखरोट जैसे सूखे मेवे रख सकते हैं. सूखे मेवे फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स के अच्छे स्त्रोत होते हैं. इन्हें खाने पर पूरे शरीर की सेहत अच्छी रहती है और वजन कम होने में असर दिखता है सो अलग.
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /कई बार एकदूसरे को सालों तक डेट करने के बाद जब कपल्स शादी कर लेते हैं तो रिश्ते में उस स्पार्क की कमी महसूस करते हैं जो शादी से पहले हुआ करता था. कई बार शादी के 6 महीने बाद ही पति-पत्नी को सबकुछ उबाऊ लगने लगता है. अगर आप भी अपनी शादीशुदा जिंदगी में नाखुश हैं या आपको लगता है कि जिंदगी बहुत बोरिंग हो गई है और प्यार भी कम लगने लगा है तो यहां कुछ ऐसे टिप्स दिए जा रहे हैं जिन्हें ध्यान में रखकर आप अपने रिश्ते में उस स्पार्क और प्यार को बनाए रख सकते हैं जो शुरूआती दौर में हुआ करता था.
शादीशुदा जिंदगी में कैसे बना रहेगा प्यार
असहमति रखें लेकिन लड़ें नहीं
ऐसी बहुत सारी बातें होंगी जिनपर आप दोनों की असहमति होगी. हो सकता है कि आप कुछ चाहते हों और आपके पति या पत्नी को कुछ अलग ही चाहिए हो. ऐसे में एकदूसरे से असहमति रखें लेकिन इसे लड़ाई का मुद्दा ना बनाएं.
बात करना कम ना करें
अक्सर जीवनशैली बहुत ज्यादा व्यस्त होने लगती है जिसमें खुद के लिए भी समय नहीं मिल पाता. जिदंगी कई-कई महीनों तक घर से ऑफिस और ऑफिस से घर पर सिमटकर रह जाती है. लेकिन, चाहे आप कितने ही व्यस्त हों अपने पार्टनर और अपनी बीच की बातचीत को कम ना करें. कोशिश करें कि आप दोनों के पास हमेशा कुछ ना कुछ बातचीत के लिए रहे. आप खुद भी कभी-कभार अपनी नींद छोड़कर अपने पार्टनर को वक्त दे सकते हैं, हो सकता है आपका पार्टनर भी बिल्कुल यही करने लगे.
बाहर आना-जाना बंद ना करें
कई बार शादी के बाद आपसी करीबी इतनी बढ़ जाती है कि पति-पत्नी बाहर डेट पर जाने के बजाय हमेशा घर पर ही रहना पसंद करते हैं. लेकिन, बाहर जाना आप दोनों के लिए शादीशुदा जिंदगी में स्पार्क बनाए रखने के लिए जरूरी है. एकदूसरे के लिए तैयार होना, खूबसूरत महसूस करना और एक्साइटेड फील करना जरूरी होता है.
अपनी सोशल लाइफ खत्म ना करें
अक्सर पति-पत्नी शादी के बाद अपनी सोशल लाइफ पूरी तरह खत्म कर देते हैं. वे अपनी फोटो पोस्ट करना नहीं चाहते ना ही दूसरे दोस्तों से मिलना पसंद करते हैं. लेकिन, ऐसा करने पर व्यक्ति अपने खुद के रिश्ते में बोर होने लगता है और उसे जिंदगी में ना कोई रस लगता है और कुछ रास आता है. अपने अलग दोस्त होते हैं तो उनके साथ समय बिताकर आप जब घर लौटते हैं तो अपने पार्टनर के साथ साझा करने के लिए आपके पास बहुत सी बातें होती हैं और दोनों को इस दौरान एकदूसरे की याद आती है और गैरमौजूदगी खलने लगती है सो अलग.
माफी मांगने से कतराएं नहीं
सिर्फ सॉरी बोल देना ही माफी मांगना नहीं है बल्कि अपनी गलती का एहसास होना भी जरूरी है. अगर आपको लगता है कि आपकी गलती है तो माफी मांग लेनी चाहिए. आप पति-पत्नी (Husband-Wife) हैं तो आज या कल बातचीत फिर हो ही जानी है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि आप गलतियां करते जाएं और माफी ना मांगे क्योंकि यही मनमुटाव आगे चलकर बड़ी लड़ाइयों की वजह बनते हैं.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /चेहरे पर झाइयां और झुर्रियां आना किसी को भी बुरा लग सकता है. हालांकि ये उम्र बढ़ने पर एक सामान्य घटना है, लेकिन कम उम्र झुर्रियां दिखना एक चिंता का विषय है. अगर आप चमकदार त्वचा पाना चाहते हैं और बेहद आसान तरीके ढूंढ़ रहे हैं, तो आपके लिए हम आज एक कमाल का घरेलू उपाय लेकर आए हैं. आपको बस नारियल तेल में एक चीज मिलानी है और फिर कुछ दिनों में ही कमाल देखने को मिल जाएगा. कोकोनट ऑयल को न केवल खाने के लिए उपयोग किया जा सकता है, बल्कि यह एक नेचुरल ब्यूटी प्रोडक्ट के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है. ये चेहरे के लिए एक अद्भुत मॉयस्चराइजर और ब्यूटी ट्रीटमेंट है. कोकोनट ऑयल में आप कुछ नेचुरल चीजों को मिला सकते हैं. हम आपको बताएंगे कि कैसे आप कोकोनट तेल को मिश्र करके दाग-धब्बों को मिटाने के लिए उपयोग कर सकते हैं.
झुर्रियों और झाइयों को कैसे साफ करें |
2 चमचे कोकोनट ऑयल
1 छोटा चमचा नींबू का रस
इस तरह लगाएं चेहरे पर:
सबसे पहले एक छोटे बाउल में कोकोनट तेल लें.
अब, एक नींबू को काट लें और उसके रस को निकालें.
नींबू के रस को कोकोनट तेल में मिलाएं और अच्छी तरह से मिला लें.
इस मिश्रण को अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं.
15-20 मिनट के बाद गुनगुना पानी और एक शांत से फेस वॉश से धो लें.
इसे रोजाना इस्तेमाल करें ताकि आपकी त्वचा की चमक बनी रहे.
कोकोनट ऑयल और नींबू का रस का यह मिश्रण आपके स्किन डिसऑर्डर और दाग-धब्बों को कम करने में मदद कर सकता है. कोकोनट ऑयल स्किन को मोइस्चराइज करने में मदद करता है और नींबू का रस त्वचा का ग्लो बढ़ाने में मदद कर सकता है. इस कॉम्बिनेशन को रेगुलर रूप से इस्तेमाल करने से आपकी त्वचा में चमक आएगी और आपके दाग-धब्बे कम हो सकते हैं.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /इन दिनों लोग अपनी स्किन केयर को लेकर काफी ज्यादा एक्टिव हो गए हैं. चेहरे को ग्लोइंग और खूबसूरत बनाने के लिए आप कई तरह के सीरम काफी ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. जिसमें से एक है विटामिन ई. इसका इस्तेमाल स्किन के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है. इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो फ्री रेडिकल्स से होने वाले स्किन डैमेज और स्किन को रिपेयर करने में भी मदद करता है. इसके साथ ही यह स्किन को हाइड्रेटेड रखने में भी मदद करता है. लेकिन इसका फायदा आपको सही से मिले इसके लिए जरूरी है कि आप इसको इस्तेमाल करने के सही तरीके के बारे में जानते हों. इसे कैसे और किस समय लगाना ज्यादा फायदेमंद होता है. आइए जानते हैं-
चेहरे पर विटामिन ई कैप्सूल लगाने का सही समय
विटामिन ई कैप्सूल आपकी स्किन से जुड़ी कई तरह की परेशानियों को दूर करने में मदद कर सकता है. जिसमें मुंहासों, दाग धब्बों, झुर्रियों और पिगमेंटेशन जैसी कई स्किन प्रॉब्लम्स शामिल हो सकती हैं. वैसे तो आप इसे चेहरे पर किसी भी समय लगा सकते हैं. लेकिन अच्छे रिजल्ट के लिए इसको रात में सोने से पहले लगानाज्यादा फायदेमंद होता है. रात में लगाने पर यह स्किन में अच्छे से अब्जॉर्ब हो जाता है. इसको रेगुलर यूज करने से आपकी स्किन ग्लोइंग और बेदाग हो सकती है. आइए अब जानते हैं कि इसे लगाने का सही तरीका क्या है.
चेहरे पर विटामिन ई कैप्सूल का उपयोग कैसे करें?
बता दें कि विटामिन ई को कभी भी चेहरे पर डायरेक्ट अप्लाई नहीं करना चाहिए. आप इसे कुछ चीजों के साथ मिक्स कर के लगा सकते हैं. आइए जानते हैं किन चीजों के साथ मिक्स कर के विटामिन ई कैप्सूल लगाना ज्यादा फायदेमंद होता है-
विटामिन ई कैप्सूल और एलोवेरा
विटामिन ई कैप्सूल को आप एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए एक कटोरी में एलोवेरा जेल ले और उसमें एक कैप्सूल को काटकर निकाल लें और दोनों चीजों को अच्छे से मिक्स कर लें. इसे फेस पर लगाकर 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर चेहरे को साफ कर लें. बेहतर रिजल्ट के लिए हफ्ते में 1-2 बार इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.
विटामिन ई कैप्सूल और शहद
विटामिन ई कैप्सूल को आप शहद के साथ मिलाकर भी चेहरे पर लगा सकते हैं. इसके लिए एक कटोरी में एक चम्मच शहद लें और उसमें एक कैप्सूल को काटकर मिला लें. अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर हल्के हाथों से मसाज कर लें. 15-20 मिनट इसे चेहरे पर लगा रहने के बाद चेहरे को धोकर साफ कर लें. बेहतरीन रिजल्ट के लिए आप हफ्ते में 1-2 बार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / सिर पर काले और घने बाल भला कौन नहीं चाहता, लेकिन आजकल बढ़ने तनाव, पॉल्यूशन और बेतरतीब लाइफस्टाइल के चलते बालों का वक्त से पहले ही सफेद हो जाना एक आम परेशानी बन गई है. कई बार अनुवांशिक कारणों, अल्ट्रावायलेट किरणों के प्रभाव, विटामिन बी-12 की कमी या स्मोकिंग की आदत भी बालों में सफेदी की वजह बनती है. ऐसे में जरूरी है कि हम बालों को नुकसान पहुंचाने वाले इन कारणों से दूर रहें और ऐसा आहार लें जो बालों को स्वस्थ बनाए. आईए जानते हैं कौन से हैं वो सुपरफूड जो बालों के असमय सफेद होने की समस्या को दूर करने में मदद करते हैं.
सफेदबालों को नेचुरली काला करने वाले सुपरफूड्स
हरी और पत्तेदार सब्जियां
पालक, मैथी, चौलाई जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां बालों को पोषण देती हैं. ब्रोकली और पत्तागोभी में भी ऐसे तत्व होते हैं जो बालों को असमय सफेद होने से बचाते हैं. इन सब्जियों में आयरन, विटामिन, फोलेट और कैल्शियम पाया जाता है, जो बालों को काला और मजबूत बनाने के लिए काफी फायदेमंद है.
डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाता है. ये बॉडी को डिटॉक्सिफाई करने में मदद करता है. साथ ही इसमें प्रचुर में मात्रा में मिनरल्स खासतौर पर कॉपर यानि तांबा पाया जाता है. ये मेलेनिन (melanin) प्रोड्यूस करना है और यही मेलेनिन बालों को रंग काला करने में अहम भूमिका अदा करता है.
डेयरी प्रोडक्ट्स
दूध और दूध से बनने वाले सभी खाद्य जैसे दही, पनीर, चीज़ स्वस्थ बालों के लिए बेहद अहम् हैं. इनमें विटामिन बी-12, कैल्शियम, विटामिन ए और प्रोटीन अच्छी मात्रा में होते हैं. ये सभी पोषक तत्व मेनेनिन बनाते हैं जो बालों को काला बनाने के लिए बहुत जरूरी है.
अंडा
प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन बी-12 से भरपूर अंडा पूरे शरीर को पोषण प्रदान करता है. साथ ही ये बालों की सेहत के लिए भी विशेष तौर पर फायदेमंद होता है. इसका पूरा फायदा पाने के लिए न केवल एग व्हाइट बल्कि पूरा अंडा खाने की सलाह दी जाती है.
सोयाबीन
शाकाहारी लोगों के लिए विटामिन, प्रोटीन और कैल्शियम की कमी पूरी करने जिम्मेदारी सोयाबीन अच्छी तरह से उठाता है. सोयबीन से मिलने वाला पोषण भी बालों को स्वस्थ बनाना है और उन्हें असमय सफेद होने से रोकता है.
दालें
दाल को भी प्रोटीन के एक बेहतरीन सोर्स के रूप में पहचाना जाता है. दालों में विटामिन बी-9 भी होता है. लिहाजा दाल को अपने भोजन में नियमित रूप से शामिल करने की सलाह दी जाती है. ताकि बालों को जरूरी पोषण नियमित रूप से मिलता रहे.
मशरूम
बालों को काला बनाने के लिए कॉपर का होना बेहद अहम है. मशरूप में कॉपर के साथ-साथ प्रोटीन भी पाया जाता है. ये मेलेनिन बनाने में मदद करते हैं और मेलेनिन के प्रोड्यूस होने से बालों में कालापन आता है. इस तरह ये सफेद बालों को काला बनाने में नेचुरली मदद करता है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /हिंदू धर्म में शक्ति की अराधना का बहुत महत्व है. इसके लिए वर्ष में चार बार नवरात्रि मनाई जाती है. नवरात्रि में नौ दिनों तक माता दुर्गा के विभिन्न रूपों की विधि-विधान से अराधना की जाती है. चैत्र नवरात्रि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की तिथि से शुरू होती है. इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 9 अप्रैल से शुरू होगी. भक्त नौ दिन व्रत रखकर माता की पूजा अर्चना करेंगे. नवरात्रि के नौ दिन भक्तों को कुछ बातों का पूरा ध्यान रखना चाहिए ताकि माता की अराधना सफल हो. आइए जानते हैं नवरात्रि के नौ दिन किन बातों को ध्यान में रखना मान्यतानुसार जरूरी होता है.
चैत्र नवरात्रि में ध्यान रखने वाली बातें
साफ-सफाई
नवरात्रि में साफ-सफाई का बहुत महत्व है. नवरात्रि शुरू होने से पहले पूरे घर और विशेषकर पूजा घर की अच्छे से सफाई कर लेनी चाहिए. देवी की पूजा में पवित्रता जरूरी है. साफ-सफाई से घर पवित्र होता है.
न काटें नाखुन, बाल और दाढ़ी
नवरात्रि के नौ दिन बाल, नाखुन और दाढ़ी काटने की मनाही होती है. देवी दुर्गा की अराधना के इन नौ दिनों में भूलकर भी नाखुन और बाल नहीं काटने चाहिए. पुरुषों को दाढ़ी बनाने से बचना चाहिए.
खाली न छोड़ें घर
नवरात्रि में घर में कलश स्थापनाऔर अखंड ज्योत जलाई हो तो घर में हमेशा किसी न किसी सदस्य का मौजूद रहना जरूरी है. कभी भी घर को खाली नही छोड़ना चाहिए.
दिन में सोना वर्जित
नवरात्रि के नौ दिन, दिन के समय सोने से बचना चाहिए. इस समय देवी के भजन कीर्तन में मन लगाना चाहिए. देवी मां के दर्शन के लिए मंदिर जाना भी शुभ फल देने वाला होता है.
सात्विक भोजन
देवी की पूजा के नौ दिनों में सात्विक भोजन करना चाहिए. इस समय प्याज-लहसुन का उपयोग नहीं करना चाहिए और मांस और मदिरा से दूर रहना चाहिए.
माता के प्रिय रंग
नवरात्रि के नौ दिन माता के प्रिय रंगों लाल, पीले, गुलाबी और हरे रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए.
मन को रखें पवित्र
नवरात्रि के नौ दिन देवी की पूजा अर्चना के साथ-साथ मन को भी पवित्र रखना चाहिए. किसी के प्रति मन में बुरे विचार नहीं लाने चाहिए. क्रोध करने और अपशब्द कहने से बचना चाहिए.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / नवरात्रि की विशेष धार्मिक मान्यता होती है. हर साल 4 नवरात्रि पड़ती हैं जिनमें एक शारदीय नवरात्रि, एक चैत्र नवरात्रि और दो बार पड़ने वाली गुप्त नवरात्रि शामिल हैं. चैत्र के महीने में पड़ने वाली नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि कहा जाता है. पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरूआत 9 अप्रैल, से होने जा रही है. कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 9 अप्रैल, मंगलवार की सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 23 मिनट तक है. इस साल मान्यतानुसार माता रानी घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं. कहते हैं कि नवरात्रि का पहला दिन यदि मंगलवार को पड़ता है तो मां दुर्गा का वाहन घोड़ा होता है. नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा का पूरे मनोभाव से पूजन किया जाता है और कोशिश रहती है कि मां दुर्गा को प्रसन्न किया जा सके जिससे उनकी कृपा घर-परिवार पर बनी रहे. यहां ऐसे ही कुछ मंत्र दिए जा रहे हैं जिनका पाठ चैत्र नवरात्रि के दिनों में किया जा सकता है. माता प्रसन्न भी होंगी और अपनी कृपादृष्टि भी बनाए रखेंगी.
चैत्र नवरात्रि के मंत्र |
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।
मां शैलपुत्री बीज मंत्र
ह्रीं शिवायै नम:
स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां शैलपुत्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
प्रार्थना मंत्र
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
मां ब्रह्मचारिणी बीज मंत्र
ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:
स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
प्रार्थना मंत्र
दधाना कर पद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥
मां चंद्रघंटा बीज मंत्र
ऐं श्रीं शक्तयै नम:
स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
प्रार्थना मंत्र
पिण्डज प्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥
मां कूष्मांडा बीज मंत्र
ऐं ह्री देव्यै नम:
स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
प्रार्थना मंत्र
सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥
मां स्कंदमाता बीज मंत्र
ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:
स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
प्रार्थना मंत्र
सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥
मां कात्यायनी बीज मंत्र
क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:
स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
प्रार्थना मंत्र
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥
मां कालरात्रि बीज मंत्र
क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:।
स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
प्रार्थना मंत्र
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा।
वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
मां महागौरी बीज मंत्र
श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:
स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां महागौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
प्रार्थना मंत्र
श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥
मां सिद्धिदात्री बीज मंत्र
ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:
स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
प्रार्थना मंत्र
सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /नवग्रहों और उनके राशि परिवर्तन को ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व है. सभी ग्रह समय-समय पर राशि बदलते रहते हैं. जिसका असर सभी राशियों पर पड़ता है. ग्रह गोचर कुछ राशियों के लिए शुभ रहता है तो कुछ के लिए अशुभ. आपको बता दें कि ज्योतिष में शुक्र और बुध सबसे विशिष्ट ग्रह हैं. अप्रैल में ये दोनों ग्रह मिलकर लक्ष्मी नारायण योग बनाने जा रहे हैं. इससे कुछ राशियों को शुभ फल मिलेगा, आइये जानते हैं कौन सी हैं वो राशियां.
लक्ष्मी नारायण योग का किन राशियों पर होगा असर
1- वृश्चिक राशि के जातकों को लक्ष्मी नारायण योग से बहुत लाभ होगा. वृश्चिक राशि के पंचम भाव में लक्ष्मी नारायण का मिलन होने जा रहा है. संतान के माध्यम से शुभ समाचार सुनने को मिल सकता है. बच्चों को अच्छी नौकरी मिलेगी. परिवार में मांगलिक कार्य होंगे.
2- धनु राशि वालों के लिए धनु लक्ष्मी नारायण मिलन शुभ रहेगा. धनु राशि के चतुर्थ भाव में लक्ष्मी नारायण का योग बन रहा है. नया घर, वाहन, संपत्ति और सोने के आभूषण खरीदना संभव है. लंबे समय से मन में रखी कोई इच्छा पूरी होगी. कलात्मक प्रतियोगिताओं में बड़ी सफलता मिल सकती है. इससे आपको समाज में मान-सम्मान मिलेगा.
3- लक्ष्मी नारायण योग से मकर राशि वालों के लिए आय के नए स्त्रोत खुलेंगे. यह योग से इस राशि में धन के भाव में बन रहा है, ऐसे में भाग्य पूरा साथ देगा आपका. करियर में भी इस राशि को सफलता मिलेगी, उच्च शिक्षा की इच्छा रखने वालों के लिए समय अच्छा है. इससे धन धान्य में वृद्धि होगी.
4- कर्क राशि वालों के लिए भी यह समय बहुत शुभ होगा. राजनीति में सक्रिय लोगों को जनता का साथ मिलेगा. वहीं, परिवार का भी सहयोग मिलेगा. विदेश जाने की इच्छा पूरी हो सकती है. निवेश करने की सोच रहे हैं तो समय अच्छा है.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / सर्दी के मौसम में एड़ियों के फटने की समस्या आम है. ठंडी और रूखी हवाएं स्किन को नुकसान पहुंचाती हैं. ऐसे में एड़ियों की देखभाल और कठिन हो जाती है. दरअसल, घर के काम करने के चक्कर में महिलाएं अक्सर नंगे पैर धूल,मिट्टी और पानी में सारा दिन रहती हैं. जिसका असर न सिर्फ उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है, बल्कि फटी एड़ियों का कारण भी बनता है. फटी एड़ियां में दर्द के साथ जलन और कई बार खून निकलने की समस्या भी होने लगती है. हम अक्सर अपनी स्किन की बहुत अच्छे से केयर करते हैं, लेकिन अपने पैरों को पैम्पर करना ही भूल जाते हैं. ऐसे में स्किनकेयर एक्सपर्ट अंजनी भोज ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करके फटी एड़ियों को ठीक करने और उन्हें मुलायम बनाए रखने के लिए घर पर एक क्रीम बनाने का तरीका शेयर किया है. इस क्रीम को आप भी घर पर आसानी से बनाकर तैयार कर सकती हैं और अपनी फटी एड़ियों को एकबार फिर मुलायम बना सकती हैं.
फटी एड़ियों के लिए होममेड क्रीम |
पेट्रोलियम जेली- ½ कटोरी
ग्लिसरीन- 2 चम्मच
जोजोबा ऑयल- 5 बूंद
क्रीम बनाने का तरीका
सबसे पहले पेट्रोलियम जेली को एक डिब्बी में भरकर गर्म पानी में डाल दें.
जब पेट्रोलियम जेली अच्छी तरह पिघल जाए, तो इसे एक एयर टाइट कंटेनर में डाल दें.
अब इसमें 2 चम्मच ग्लिसरीन और जोजोबा ऑयल की कुछ बूंदे डालकर मिला लें.
जब सभी सामग्री अच्छी तरह मिल जाए तो इसको बंद करके जमने के लिए रख दें.
क्रीम के अच्छी तरह जमने के बाद इसे रात को सोने से पहले अपनी फटी एड़ियों पर लगाएं.
फटी एड़ियों की समस्या दूर होने के बाद भी आप मुलायम एड़ी पाने के लिए इस क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /गंदा कॉलेस्ट्रोल कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की वजह बनता है. गंदा कॉलेस्ट्रोल रक्त वाहिनियों में जमने लगता है और जिससे रक्त वाहनियां अवरुद्ध हो जाती हैं. रक्त वाहिनियां अवरुद्ध होने लगती हैं तो शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक खून सही तरह से नहीं पहुंच पाता और इससे शरीर के अंगों में दर्द रहने लगता है. कई बार हाई कॉलेस्ट्रोल के चलते हार्ट अटैक तक की नौबत आ जाती है. ऐसे में हाई कॉलेस्ट्रोल के लक्षण वक्त रहते पहचानने जरूरी होते हैं. यहां ऐसे ही हाई कॉलेस्ट्रोल के लक्षणों का जिक्र किया जा रहा है जो चेहरे पर नजर आने लगते हैं. चेहरे पर इन लक्षणों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि शरीर का कॉलेस्ट्रोल बढ़ गया है.
चेहरे पर हाई कॉलेस्ट्रोल के लक्षण |
त्वचा का पीला पड़ना
शरीर में कॉलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ती है तो त्वचा पर पीलापन दिखने लगता है. त्वचा का पीला बढ़ना खराब ब्लड सर्कुलेशन के कारण हो सकता है.
गांठ बनना
कई बार कॉलेस्ट्रोल बढ़ने के कारण स्किन पर गांठें पड़ने लगती हैं. ये गांठ बिना दर्द वाली हो सकती हैं और इनसे नुकसान भी नहीं होता है. आमतौर पर आंखों के आसपास और शरीर के अलग-अलग हिस्सों में ये गांठे नजर आ सकती हैं.
आंखों के आस-पास पीले निशान
कॉलेस्ट्रोल बढ़ने के संकेत आंखों के आस-पास भी दिख सकते हैं. आंखों के आस-पास पीले चकत्ते पड़ना भी हाई कॉलेस्ट्रोल के चलते होता है. आंखों के नीचे या ऊपर दाने निकलना भी हाई कॉलेस्ट्रोल का संकेत हो सकता है.
चेहरा फूलना
अगर अचानक ही चेहरा फूला-फूला नजर आने लगा है तो हो सकता है कि शरीर का कॉलेस्ट्रोल बढ़ना शुरू हो गया है. अक्सर ही कॉलेस्ट्रोल के कारण हुई इंफ्लेमेशन चेहरे के फूलने का कारण बनती है.
ड्राई स्किन
चेहरे की ड्राइनेस या खुजलाहट भी हाई कॉलेस्ट्रोल का लक्षण हो सकता है. हाई कॉलेस्ट्रोल के कारण शरीर में हाइड्रेशन की कमी हो सकती है. इस हाइड्रेशन की कमी से ही त्वचा रूखी-सूखी हो जाती है.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /बालों का सही तरह से ध्यान ना रखा जाए और बालों को पर्याप्त मात्रा में नमी और पोषण ना मिले तो बाल दोमुंहे होने लगते हैं. बालों के दोमुंहे होने पर उनकी चमक और रौनक कहीं खो जाती है और बाल रूखे-सूखे नजर आने लगते हैं. आमतौर पर सूरज की धूप से हुए डैमेज, हीटिंग टूल्स, मिट्टी और प्रदूषण की चपेट में आकर बालों के दोमुंहे होने की दिक्कत होती है. बालों के दोमुंहे होने का मतलब है कि बाल सिरों से दो अलग-अलग दिशाओं में बढ़ने लगते हैं और एक के बजाए बालों के दो सिरे नजर आने लगते हैं. लड़कियों के बाल लंबे होते हैं इसीलिए उन्हीं के बाल दोमुंहे भी होते हैं. यहां जानिए बालों को काटे बिना किस तरह इन दोमुंहे बालों को हटाया जा सकता है और कैसे इस दिक्कत से छुटकारा पा सकते हैं.
दोमुंहे बालों के घरेलू उपाय |
लगाकर देखें अंडा
बालों पर अंडे का हेयर मास्क लगाकर दोमुंहे बालों से छुटकारा पाया जा सकता है. हेयर मास्क बनाने के लिए एक अंडा लें और उसमें 2 चम्मच बादाम का तेल और शहद मिला लें. इस पेस्ट को अच्छे से मिक्स करके बालों की जड़ों से सिरों तक लगाएं और 30 से 40 मिनट लगाए रखने के बाद धोकर हटा लें. यह हेयर मास्क बालों को भरपूर पोषण देकर स्प्लिट एंड्स दूर करने में असरदार है.
पका पपीता दिखाएगा असर
दोमुंहे बालों को दूर करने के लिए पके पपीते का हेयर मास्क बनाया जा सकता है. पपीते में पाए जाने वाले फॉलिक एसिड के गुण स्कैल्प पर ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करते हैं और इससे बालों को विटामिन ए भी मिलता है. फ्रिजी हेयर की दिक्कत भी इससे दूर होती है. पका पपीता लें और उसे दही के साथ मिलाकर पेस्ट बनाएं. इस हेयर मास्क को बालों पर 40 से 45 मिनट लगाकर रखने के बाद सिर धोएं. इस हेयर मास्क से दोमुंहे बाल कम होने में असर दिखने लगता है.
सेब का सिरका
सेब का सिरका बालों पर जस का तस नहीं लगाना चाहिए बल्कि सेब के सिरके में पानी मिलाकर इस पानी से सिर धोने पर बालों के दोमुंहे होने की दिक्कत दूर होती है. हफ्ते में 2 से 3 बार इस पानी से सिर धोने पर ना सिर्फ दोमुंहे बाल दूर होते हैं बल्कि स्कैल्प से डैंड्रफ और बिल्ड अप भी हटता है और बालों को लंबा होने में मदद मिलती है. एक मग्गा पानी में 2 चम्मच सेब का सिरका मिलाकर सिर धोया जा सकता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / दांत का दर्द काफी परेशान करने वाला होता है. यह दर्द सिर्फ दांत और मसूड़ों तक नहीं रहता है बल्कि जिस तरफ के दांत में दर्द होता है उस तरफ सिर से लेकर कान तक में दर्द की टीस उठने लगती हैं. दर्द से राहत के लिए डेंटिस्ट से सलाह लेना जरूरी है लेकिन कुछ घरेलू उपाय भी इस दर्द से राहत दिला सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ घरेलू उपाय
दांत दर्द से राहत के लिए घरेलू उपाय
1. नमक पानी कुल्ला : दांत दर्द के लिए डेंटिस्ट तक जाने के पहले पानी में नमक डालकर कुल्ला करने से दर्द से राहत मिल सकता है. इसके लिए हल्के गर्म पानी में एक चम्मच नमक डालकर कुल्ला करें. नमक और गर्म पानी इंफेक्शन को कम करने में मदद करते हैं जिससे दर्द कम हो जाता है.
2. लौंग का तेल : लौंग प्राकृतिक रूप से दांत के दर्द में आराम पहुंचाता है. दांत के दर्द से राहत के लिए दर्द वाली जगह पर लौंग के तेल से मसाज करें. रुई में लौंग का तेल लगाकर उसे दर्द वाली जगह पर रखने से भी आराम मिल सकता है.
3. मिंट टी : मिंट टी भी दांत और मसूढ़ों के दर्द से राहत दिला सकता है. मिंट टी तैयार करने के लिए एक कप पानी में पुदीने की कुछ पत्तियां डालकर उबालें. जब पानी आधा रह जाए तो उसे सिप करके पिएं.
4. लहसुन : दांत दर्द दूर करने में लहसुन भी मदद कर सकता है. इसके लिए लहसुन की कुछ कलियों को घिस कर दर्द वाली जगह पर रखें. रुई को लहसुन के रस में डुबोकर भी दर्द वाली जगह पर रखने से भी आराम मिल सकता है.
5. अमरूद के पत्ते : अमरूद के पत्तों से भी दांत दर्द से राहत मिल सकता है. इसके लिए अमरूद के कुछ पत्तों को पानी में उबालें. पानी के आधा रह जाने पर छाने लें और इससे कुल्ला करें.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /लहसुन अपनी तेज सुगंध और स्वाद के लिए जानी जाती है. लहसुन का उपयोग दुनिया भर के कई व्यंजनों में किया जाता है और यह अपने संभावित स्वास्थ्य लाभों के लिए भी जाना जाता है, जिसमें इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देना और हार्ट डिजीज के जोखिम को कम करना शामिल है. लहसुन की चाय एक हर्बल अर्क है जिसे लहसुन की कलियों को गर्म पानी में डुबाकर बनाया जाता है. इसका सेवन मुख्य रूप से इसके संभावित औषधीय गुणों के लिए किया जाता है, जैसे सर्दी के लक्षणों से राहत, पाचन को बढ़ावा देना और इम्यूनिटी में सुधार करना. यहां हम लहसुन की चाय के सेवन के कई लाभों और इसे तैयार करने के तरीके के बारे में बता रहे हैं.
लहसुन की चाय के 8 फायदे |
1. इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देता है
लहसुन की चाय अपने पावरफुल एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुणों के लिए जानी जाती है. ये इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और शरीर को इंफेक्शन से बचाने में मदद कर सकता है.
2. हार्ट हेल्थ में सुधार करता है
लहसुन में ऐसे यौगिक होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल लेवल और ब्लड प्रेशर को कम कर सकते हैं. ये हार्ट डिजीज के खतरे को कम कर सकते हैं और ऑलओवर हेल्थ में सुधार करने के लिए जाने जाते हैं.
3. शरीर को डिटॉक्सीफाई करता है
लहसुन की चाय में डिटॉक्सिफिकेशन गुण होते हैं जो लिवर, किडनी और अन्य अंगों को साफ करने में मदद कर सकते हैं. ये टॉक्सिन्स को खत्म करने और हेल्दी सेल्स फंक्शन को बढ़ावा देने में सहायता करता है.
4. रेस्पिरेटरी इंफेक्शन को रोकता है
लहसुन की चाय के जीवाणुरोधी गुण सर्दी, खांसी और फ्लू जैसे रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के लक्षणों को रोकने और कम करने में मदद कर सकते हैं. ये सूजन को शांत कर सकता है और तेजी से रिकवरी को बढ़ावा दे सकता है.
5. सूजन को कम करता है
लहसुन की चाय में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं. इससे उन लोगों को फायदा हो सकता है जो गठिया, अस्थमा या पाचन संबंधी विकारों जैसी सूजन संबंधी स्थितियों से पीड़ित हैं.
6. पाचन में सहायता करता है
लहसुन की चाय का सेवन पाचन एंजाइमों को बनाने और मल त्याग को कंट्रोल करके हेल्दी पाचन को प्रोत्साहित कर सकता है. ये अपच के लक्षणों को कम करने और पोषक तत्वों के एब्जॉर्ब्शन में सुधार करने में भी मदद कर सकता है.
7. वजन घटाने को बढ़ावा देता है
लहसुन की चाय वजन घटाने में सहायता कर सकती है क्योंकि यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने और फैट बर्न करने को बढ़ावा देती है. ये भूख को कंट्रोल करने और लालसा को कम करने में भी मदद कर सकता है, जिससे हेल्दी वेट बनाए रखना आसान हो जाता है.
लहसुन की चाय तैयार करने के लिए सामग्री
3-4 लहसुन की कलियां (छिली और कुटी हुई)
2 कप पानी
आप स्वाद के लिए शहद, नींबू या अदरक मिला सकते हैं.
कैसे बनाएं
लहसुन की कलियों को छीलकर पीस लें.
एक बर्तन में पानी उबाल लें.
उबलते पानी में कुचली हुई लहसुन की कलियां डालें और इसे 10-15 मिनट तक उबलने दें.
वैकल्पिक: स्वाद के लिए शहद, नींबू या अदरक मिलाएं.
बर्तन को आंच से उतार लें और चाय को एक कप या मग में छान लें.
सेवन करने से पहले इसे थोड़ा ठंडा होने दें.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
