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May 31, 2026
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   ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /बालों की लंबाई और घनाई का सपना हर किसी के दिल में होता है. आजकल की लाइफस्टाइल के चलते बहुत से लोग कमजोर और कम बालों से परेशान हैं, जिनमें बालों का झड़ना और कम ग्रोथ भी शामिल है. हमारे देश में पुराने समय से ही पौधों और प्राकृतिक उपचारों के प्रयोग की हेल्थ को सुधारने के लिए किया जाता है, लेकिन आजकल इसे लोग ज्यादातर अनदेखा करते हैं. क्या आप जानते हैं कि कौन सी पत्तियों का उपयोग करके आप अपने बालों को लंबा और घना बना सकते हैं? आजकल लोग सवाल करते हैं बालों की ग्रोथ कैसे बढ़ाएं, बालों का झड़ना कैसे रोकें या बालों को मजबूत कैसे करें साथ ही बालों को लंबा कैसे करें? इन सभी सवालों को लेकर आज हम एक कारगर नुस्खा लेकर आए हैं. यहां हम आपको उन पत्तियों के बारे में बताएंगे जो आपके बालों को लंबा और घना बनाने में मदद कर सकती हैं.
मजूबत को घने बालों के लिए घरेलू नुस्खे |
1. ब्रह्मी पत्ती
ब्रह्मी पत्ती बालों के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है. इसका नियमित इस्तेमाल करने से बालों का झड़ना कम होता है और वे लंबे और मजबूत होते हैं. ब्रह्मी पत्ती में प्रोटीन, विटामिन्स और मिनरल्स की भरपूर मात्रा होती है जो बालों की ग्रोथ और पोषण में मदद करती है.
2. आंवला पत्ती
आंवला एक प्राकृतिक उपचार है. यह बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद है. आंवला पत्ती में विटामिन सी, जो बालों के झड़ने को रोकता है, साथ-साथ बालों की ग्रोथ में मदद करने वाले अन्य तत्वों की भी भरपूर मात्रा होती है.
3. मेथी पत्ती
मेथी पत्ती में विटामिन सी, पोटैशियम और आयरन जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं जो बालों के लिए लाभकारी होते हैं. इसका इस्तेमाल बालों के झड़ने को कम करने के साथ-साथ उन्हें लंबा और मजबूत बनाने में मदद करता है.
4. तुलसी पत्ती
तुलसी पत्ती में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं और अन्य पोषण संबंधी तत्व होते हैं जो बालों को मजबूत बनाए रखते हैं. तुलसी के प्रयोग से बालों का झड़ना कम होता है और वे लंबे, चमकदार और मुलायम होते हैं.
5. अलोवेरा के पत्ते
अलोवेरा के पत्तों में मौजूद एन्टीऑक्सिडेंट्स, जो कि बालों की लाइफ को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं. इसके नियमित उपयोग से बालों की रूखापन और टूटने की समस्या को कम किया जा सकता है.
6. नीम के पत्ते
नीम के पत्ते बालों के लिए एक अद्भुत प्राकृतिक उपचार हो सकते हैं. इनमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो स्कैल्प के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं और बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं.

   ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /बालों की चमक और मजबूती के लिए एलोवेरा को बालों में लगाना एक प्रभावी तरीका है. यह प्राकृतिक तरीके से बालों की देखभाल करता है और उन्हें हेल्दी बनाए रखता है. एलोवेरा का इस्तेमाल करके बालों की ग्रोथ को बढ़ाया जा सकता है. बालों की देखभाल और सुंदरता के लिए एलोवेरा एक प्राचीन उपाय है. यह एक प्रकार का पौधा है जो ब्यूटी प्रोडक्ट्स में प्रयोग होता है, लेकिन इसके सेवन से बालों की ग्रोथ को भी बढ़ाई जा सकती है. बालों की ग्रोथ के लिए एलोवेरा का उपयोग बेहद फायदेमंद माना जाता है, जो आपके बालों को मजबूत, चमकदार और लंबे बनाने में मदद कर सकता है. यहां जानिए लंबे, घने और मजबूत बालों के लिए बालों पर एलोवेरा कैसे लगाएं.
बालों की ग्रोथ के लिए इस तरह लगाएं एलोवेरा |  
1. प्राकृतिक एलोवेरा जूस का उपयोग
एलोवेरा के पत्तों को काटकर उनसे निकले जूस को अपने बालों में लगाएं. इसे बालों पर 30-45 मिनट रखें और फिर धो लें. इससे आपके बालों की रक्षा होगी और उन्हें मुलायम और चमकदार बनाए रखेगा.
2. एलोवेरा और शहद का मिश्रण
एलोवेरा जूस में थोड़ा सा शहद मिलाएं और इसे बालों में लगाएं. इस मिश्रण को लगाने से बालों की मानसिकता बढ़ती है और वे मजबूत होते हैं.
3. एलोवेरा और नारियल तेल का मास्क
एक कप नारियल तेल में दो चमच एलोवेरा जूस मिलाएं और इसे अच्छे से मिला लें. इस मिश्रण को बालों पर लगाएं और उसे 1 घंटे तक लगाकर छोड़ दें. फिर बालों को धो लें. यह मास्क आपके बालों को गहराई से मोइस्चराइज़ करता है.
4. एलोवेरा और धनिया मिश्रण
एलोवेरा जूस में थोड़ी सी पाउडर की धनिया मिलाएं और इसे बालों में मसाज करें, धनिया बालों को मजबूत और हेल्दी बनाए रखता है जो उन्हें बढ़ाने के लिए जरूरी न्यूट्रिएंट्स प्रदान करता है.
इसके साथ और क्या करें?
    एलोवेरा जेल को शहद के साथ मिलाकर भी लगाया जा सकता है.
    यह उपाय बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद करता है और उन्हें मजबूत बनाता है.
    ध्यान दें कि इन उपायों का प्रभाव व्यक्ति के बालों के नेचर और एलिमेंट्स पर निर्भर कर सकता है. अच्छे रिजल्ट के लिए इन्हें नियमित रूप से अपनाएं.
एलोवेरा के गुण:
प्रोटीन से भरपूर: एलोवेरा में प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है, जो बालों के लिए जरूरी होती है. यह प्रोटीन बालों की ग्रोथ और मजबूती में मदद करता है.
विटामिन: एलोवेरा में विटामिन ए, सी और ई होते हैं, जो बालों को पोषण प्रदान करते हैं और उन्हें हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं.
बालों को मोटा करने की क्षमता: एलोवेरा में एन्जाइम्स होते हैं जो करते हैं कि बाल मोटे और मजबूत बनें, जिससे टूटने से बचे रहें.
बालों के झड़ने को रोकने में मदद: एलोवेरा में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो बालों के झड़ने को रोकने में मदद कर सकते हैं.

  सेहत टिप्स /शौर्यपथ / अक्सर ही रात में कुछ ज्यादा चटपटा, मसालेदार या भारी खा लिया जाए तो अगली सुबह पेट में गड़बड़ी होने लगती है. मलत्याग करने के बाद भी पेट फूला रहता है और पेट में गैस  बनती है सो अलग. ऐसे में समझ नहीं आता कि इस गैस से छुटकारा कैसे पाया जाए. लेकिन, दवाइयां खाने के बजाय आप कुछ ऐसे योगासन कर सकते हैं जो पेट की गैस दूर करने में कमाल का असर दिखाते हैं. इन योगासन को करना आसान भी है और असरदार भी. ये योगा पोज शरीर में बंद गैस को बाहर निकालते हैं और मलत्याग को भी आसान बना देते हैं.
पेट की गैस निकालने के लिए योगासन |
आनंद बालासन
आनंद बालासन योगा को हैप्पी बेबी योगा कहते हैं. इस योगासन को करने पर पेट फूलने की दिक्कत दूर होती है और पेट से आसानी से गैस निकल जाती है. यह योगासन करने के लिए अपनी पीठ के बल जमील पर लेट जाएं. घुटनों को मोड़कर अपनी छाती तक लाएं और पैरों के तलवों को हाथों से पकड़ लें. जितना शरीर फ्लेक्सिबल हो उतना ही करें, जबरदस्ती ना करें. 1 से 5 मिनट तक इस पोज को होल्ड करें और फिर सामान्य हो जाएं. ध्यान रहे कि आपका सिर और गर्दन जमीन से लगे हुए ही रहें.
अपानासन
इस योगा में घुटनों को छाती तक लाया जाता है. इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं. अब अपने घुटनों को 90 डिग्री के कोण पर मोड़ें. आपके पंजे सामने की तरफ होंगे और घुटने छाती से लगेंगे. इस योगासन  को करते हुए पैरों को आगे-पीछे किया जाता है. कुछ देर करने के बाद सामान्य हो जाएं. शरीर से गैस निकलने लगेगी.
अर्ध-अपानासन
अर्ध-अपानासन को विंड रिलीविंग पोज भी कहते हैं. इस योगासन को करने से पेट फूलने की दिक्कत तो दूर होती ही है, साथ ही इससे आंतों को भी फायदा मिलता है. पीठ के बल जमीन पर लेटने के बाद एक पांव सीधा रखा जाता है और दूसरे पैर को घुटनों से मोड़कर छाती पर लगाते हैं. दोनों पैरों के साथ बारी-बारी से इस पोज को किया जाता है. 5 मिनट तक इस योगासन को करें. गैस की दिक्कत दूर होने में असर नजर आने लगेगा.

 लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / मां का बच्चों के लिए प्यार और उनकी खुशियों के लिए समर्पण को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है. एक मां का प्यार उसके बच्चों के लिए अनमोल होता है. एक मां हमेशा अपने बेटे के लिए खुशियों का पिटारा होती है और उसका साथ देने का काम करती है, लेकिन कभी-कभी, कुछ बातें होती हैं जिन्हें कहने की बजाय छुपाना ज्यादा सही होता है. एक मां को अपने बच्चों से हर एक बात करनी चाहिए, लेकिन कुछ बातें हैं जो अगर कह दी तो आपका लड़ला आपसे रूठ सकता है और वह चिड़चिड़ा हो सकता है. यहां हम बात करेंगे 5 ऐसी बातों की जो एक मां को अपने प्यारे बेटे से कभी नहीं कहनी चाहिए.
मां को अपने बेटे को क्या नहीं कहना चाहिए? जानिए |
1. तुमसे कभी कुछ होगा नहीं
अगर एक मां अपने बेटे को कहती है कि तुमसे कभी कुछ नहीं होगा, तो यह बात उसकी स्वाभाविक उत्सुकता और सपनों को कुचल सकती है. मां की शिक्षा के रूप में, उसे उसके सामर्थ्य को प्रोत्साहित करना चाहिए, न कि उसकी आत्मविश्वास को तोड़ना.
2. तुम्हारा भाई या दोस्त तुमसे बेहतर है
हर कोई एक जैसा नहीं होता है ये बात हर मां को समझनी चाहिए. तुम्हारा दोस्त तुमसे बेहतर है यह बात उसकी आत्मसम्मान और संबंधों को ठेस पहुंचा सकती है. हर व्यक्ति अपने अंदर अनोखापन लेकर आता है और इस अनोखापन को समझकर सम्मान करना चाहिए.
3. तुम उसके जैसे नहीं हो
अगर आप एक मां हैं तो अपने बच्चे की कभी भी किसी से तुलना न करें. यह बात उसकी स्वाभाविकता को कुचल सकती है. हर व्यक्ति अपना स्वभाव और व्यक्तित्व लेकर आता है और उसे उसी तरीके से स्वीकार किया जाना चाहिए.
4. तुम्हारा काम गलत है
यह बात उसके स्वाभाविक रूचि और सोच को ठेस पहुंचा सकती है. मां का काम होता है उसे सही और गलत के बारे में समझाना पर उसे सपोर्ट और गाइडेंस के साथ करना चाहिए, न कि निन्दा के साथ.
5. तुम्हें उससे दोस्ती नहीं करनी चाहिए
यह बात उसके स्वतंत्रता और स्वाभाविक अनुभव को नकार सकती है. मां का काम होता है सलाह देना, पर उसे उसके अनुभवों को समझने का मौका देना चाहिए.
इन बातों को याद रखें, एक मां की भूमिका हमेशा अपने बेटे को सपोर्ट और प्रेरणा प्रदान करने की होनी चाहिए, जो उसे अपने सपनों की ओर अग्रसर करने में मदद करे, न कि उसे पीछे खींचने में.

  सेहत टिप्स /शौर्यपथ / करी पत्तियां, जिन्हें कड़ी पत्ता या मीठी नीम भी कहा जाता है. ये सुगंधित पत्तियां  आमतौर पर भारतीय व्यंजनों में स्वाद और सुगंध जोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. आपको बता दें कि करी का पेड़ (मुर्रेया कोएनिगी) भारत और श्रीलंका का मूल निवासी है. इन पत्तियों में एक विशेष तरह का खट्टापन और थोड़ा कड़वा स्वाद होता है. इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल दक्षिण भारतीय खाना पकाने में किया जाता है, खासकर करी, चटनी, चावल की डिश और सूप में.
खाना पकाने की शुरुआत में इन पत्तियों को गर्म तेल में मिलाया जाता है ताकि उनका स्वाद और सुगंध निकल जाए, जिससे पकवान का स्वाद बढ़ जाए.
करी पत्ता  भोजने को स्वादिष्ट बनाने के अलावा सेहत को भी कई तरीके से फायदा पहुंचाता है. इसमें एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन ए , बी , सी जैसे विटामिन और कैल्शियम, फास्फोरस और आयरन जैसे खनिज होते हैं, जो हेल्थ का भरपूर ध्यान रखते हैं. इस आर्टिकल में हम दिखने में छोटी इन पत्तियों के औषधि गुणों के बारे में बता रहे हैं.
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
करी पत्ता विटामिन सी, विटामिन ए और फ्लेवोनोइड जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो फ्री रेडिकल्स को बेअसर करने, ऑक्सीडेटिव तनाव और पुरानी बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद करता है.
पाचन में करे सुधार
ये पत्तियां अपच, कब्ज और दस्त जैसी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकती हैं. जिन लोगों का मेटाबॉलिज्म कमजोर उन्हें तो खासतौर से इसका सेवन करना चाहिए.
ब्लड शुगर करे कंट्रोल
करी पत्ता अपने एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक गुणों के कारण ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है.
दिल को रखे हेल्दी
इनमें रुटिन और टैनिन जैसे यौगिक होते हैं जिनमें जो हार्ट को प्रोटेक्ट  करने का काम करते हैं. करी पत्ता कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और हार्ट डिजीज के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है.
बाल रखे हेल्दी
करी पत्ते बालों के झड़ने  को कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं. इनमें पोषक तत्व होते हैं, जो बालों के रोम को मजबूत करते हैं, समय से पहले सफेद होने से रोकते हैं और स्कैल्प को पोषण देते हैं.
वजन घटाएं
ये पत्तियां पाचन में सुधार, कोलेस्ट्रॉल  को कम करने और चयापचय को बढ़ाने की क्षमता के कारण वजन कंट्रोल करने में सहायता कर सकती हैं.
आंखों को रखे हेल्दी
करी पत्ता विटामिन ए  का अच्छा स्रोत है, जो आंखों  के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है. नियमित सेवन से मोतियाबिंद जैसी स्थितियों को रोकने में मदद मिल सकती है.
त्वचा रखे हैल्दी
करी पत्ते विटामिन ई  जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो त्वचा को पोषण  देने, उसकी बनावट में सुधार करने और त्वचा से संबंधित समस्याओं से सुरक्षा प्रदान करने में मदद कर सकते हैं.

  सेहत टिप्स /शौर्यपथ / सुबह खीरे का रस पीना आपके दिन की शुरुआत करने का एक रिफ्रेशिंग और हाइड्रेटिंग तरीका हो सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं खीरे का जूस सिर्फ एक रिफ्रेशिंग जूस तक ही सीमित नहीं है? यह कई पोषकतत्वों और गुणों से भरपूर है, जो आपको स्वस्थ जीवन जीने में मदद कर सकता है. इसको गर्मियों के मौसम में तो जरूर अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए. आइए जानते हैं इसके फायदे. दिखने में छोटे और सुंदर ये हरे पत्ते आपकी सेहत के लिए हैं चमत्कारी, रोजाना 5 भी खाए लिए तो बीमारियां रहेंगी दूर
स्किन रखे हेल्दी -
यह त्वचा पर सूजन और जलन  को कम करने में मदद कर सकता है. यह स्किन की लोच बनाए रखने में भी मदद कर सकता है. खीरे के रस का उपयोग करने से सूरज की रोशनी के कारण त्वचा को होने वाले नुकसान की देखभाल करने में भी मदद मिल सकती है. इसमें उच्च मात्रा में पानी होता है, जो ड्राई स्किन को हाइड्रेट करता है.
ऑक्सीडेटिव तनाव करे कम -
खीरे के रस का सेवन मुक्त कणों को खत्म करके शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद कर सकता है. खीरे के रस में कई गुण होते हैं, जो वजन घटाने में मदद करते हैं.
ब्लड शुगर करे कंट्रोल -
खीरा पोटैशियम का बहुत अच्छा स्रोत है. इसलिए, खीरे का पानी पीने से शरीर को अधिक पोटेशियम मिलता है, जिससे रक्तचाप नियंत्रित रहता है.
रोज कितने गिलास पानी पिएं
पानी के बिना हमारा शरीर ठीक से काम नहीं कर सकता. हर व्यक्ति को दिन में 6 से 8 गिलास पानी पीने की जरूरत होती है.  इसलिए आप शरीर को अधिक पानी प्रदान करने के लिए खीरे का जूस पी सकते हैं.

ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /जब भी मुल्तानी मिट्टी का नाम आता है तो मन में पहला ख्याल त्वचा की देखरेख का या फिर फेस पैक्स का आता है. लेकिन, मुल्तानी मिट्टी को बालों पर भी लगाया जा सकता है. इसके फायदे सिर्फ त्वचा तक ही सीमित नहीं हैं. मुल्तामी मिट्टी को बालों पर लगाने से यह स्कैल्प से एक्सेस ऑयल को खींचती है जिससे बालों पर नजर आने वाली चिपचिपाहट दूर होती है. यह बालों को डैमेज को कम करती है. हेयर फॉलिकल्स को स्ट्रोंग बनाना, स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करना और बालों की डीप कंडीशनिंग करना भी मुल्तानी मिट्टी के फायदों में शामिल है. ऐसे में यहां जानिए बालों पर किन-किन तरीकों से लगाए जा सकते हैं मुल्तानी मिट्टी के हेयर मास्क बनाकर.
मुल्तानी मिट्टी के हेयर मास्क |
मुल्तानी मिट्टी और नींबू
बालों पर मुल्तानी मिट्टी में नींबू का रस डालकर लगाने से डैंड्रफ  से छुटकारा मिलता है. यह सिर से गंदे बैक्टीरिया को हटाता है और एंटी-फंगल गुण भी देता है. इससे सिर की अच्छी सफाई या कहें क्लेंजिंग हो जाती है. 4 चम्मच मुल्तानी मिट्टी में 2 चम्मच नींबू का रस मिला लें. इसमें जरूरत के अनुसार पानी डालें और इस तैयार हेयर मास्क को सिर पर आधे घंटे लगाए रखने के बाद धोकर हटा लें. बाल चमक जाएंगे.
मुल्तानी मिट्टी और एलोवेरा
एलोवेरा की ताजा पत्ती से एलोवेरा का गूदा निकालें. एक कटोरी में 2 चम्मच एलोवेरा लें और उसमें एक चम्मच भरकर मुल्तानी मिट्टी मिला लें. जरूरत के अनुसार सामग्री बढ़ाई भी जा सकती है. दोनों चीजों को साथ मिलाएं और मास्क तैयार कर लें. इस हेयर मास्क को सिर पर 35 से 40 मिनट लगाए रखने के बाद धोकर हटा लें. बाल मुलायम बनते हैं.
मुल्तानी मिट्टी और दही
बालों पर दही और मुल्तानी मिट्टी को लगाने पर बाल हाइड्रेट होते हैं और बालों को नमी भी मिलती है. रूखे-सूखे बालों के लिए यह हेयर मास्क बेहद अच्छा रहता है. इसे बनाने के लिए 2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी में एक चम्मच दही मिला लें. इस हेयर मास्क को बालों पर आधे घंटे लगाकर रख सकते हैं. हफ्ते में एक बार इस हेयर मास्क को लगाने पर बालों पर असर नजर आने लगता है.

  सेहत टिप्स /शौर्यपथ /अनहेल्दी फैट बीमारियों का घर होता है. अगर इसे समय रहते न कम किया जाए तो ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रोल, ओबेसिटी, हाइपरटेंशन जैसे रोगों के शिकार हो सकते हैं. यही कारण है कि आजकल लोग फिटनेस को लेकर बहुत सजग रहते हैं. वजन बढ़ते ही जिम और योगा करने में लग जाते हैं, ताकि वजन कंट्रोल रखा जा सके. इतना ही नहीं तरह-तरह की डाइट भी फॉलो करते हैं जिसमें फिटनेस फ्रीक के बीच तेजी से वजन घटाने के लिए लौकी का जूस बहुत फेमस है. आज इस आर्टिकल में हम उसी के बारे में बात करने वाले हैं, ताकि आप भी इसके गुणों के बारे में जानकर हेल्दी वेट मेंटेन   कर सकें.
लौकी जूस के गुण
लौकी में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिसका मतलब यह है कि ये आपके पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखेगा. इसके अलावा, इसमें कैलोरी कम होती है, जिसे आप बिना किसी हिचकिचाहट के पी सकते हैं.इसमें 96% पानी होता है, और 100 ग्राम में 15 कैलोरी होता है. इसके अलावा फाइबर, पानी, विटामिन (विशेष रूप से बी कॉम्प्लेक्स और सी), पोटेशियम, आयरन और सोडियम की प्रचुर मात्रा होती है.
कब पिएं लौकी जूस
आप सुबह खाली पेट जूस पीते हैं, तो इससे शरीर अच्छे से डिटॉक्स हो जाती है. वहीं, लौकी का जूस बनाते समय छलनी से नहीं छानना चाहिए क्योंकि, इसका फाइबर निकल जाएगा, जो फैट कम करने का जरूरी तत्व है.
लौकी जूस से वजन घटता है ?
वहीं, आप सोच रहे हैं कि केवल लौकी पीने से आपकी सारी चर्बी पिघल सकती है, तो आप गलत हैं इसके लिए दिनचर्या में कम कैलोरी वाला फूड और व्यायाम भी शामिल करना होगा.
लौकी जूस के अन्य फायदे
लौकी का जूस सिर्फ वजन ही नहीं करता कम बल्कि आपके बालों को लंबे समय तक काले और चमकदार बनाए रखने में मदद कर सकता है.यह स्किन को भी चमकदार रखता है.

 ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /चेहरे पर कई अलग-अलग फल और सब्जियों से फेस पैक बनाकर लगाए जाते हैं. इन्हीं में केला भी शामिल है. केले से चेहरे को अलग-अलग फायदे मिलते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं केले के छिलके भी त्वचा के लिए कुछ कम फायदेमंद नहीं हैं. केले के छिलकों का सही तरह से इस्तेमाल किया जाए तो ये छिलके स्किन की इरिटेशन दूर करते हैं, त्वचा को निखारते हैं, डार्क सर्कल्स हटाते हैं, दाग-धब्बे कम करते हैं और स्किन की कसावट को बढ़ाते हैं. केले के छिलके एंटी-ऑक्सीडेंटिस समेत कई पोषक तत्वों के भी अच्छे स्त्रोत हैं. यहां जानिए किन-किन तरीकों से त्वचा के लिए केले के छिलकों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
चेहरे पर केले के छिलके लगाने के तरीके |
केले के छिलकों में विटामिन ए, बी, सी और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है और ये त्वचा को फायदा देने वाले एंटी-ऑक्सीडेंट्स के भी अच्छे स्त्रोत होते हैं.
चेहरे पर मलें केले का छिलका
केले के छिलके के अंदरूनी हिस्से को चेहरे पर मला जा सकता है. इसे चेहरे पर मलकर 10 मिनट रखने के बाद चेहरा धो लिया जाता है. इस छिलके को त्वचा पर रगड़कर रखने से यह त्वचा को एंटी-एजिंग गुण देता है और डेड स्किन सेल्स का भी सफाया कर देता है.
केले के छिलके और शहद
चेहरे पर केले के छिलकों को शहद  के साथ मिलाकर लगाने पर स्किन निखरने लगती है. इस फेस पैक को बनाने के लिए केले के छिलकों को बारीक टुकड़ों में काट लें. इसमें एक चम्मच शहद और आधा चम्मच हल्दी मिलाएं. इस पेस्ट को चेहरे पर 10 से 15 मिनट लगाए रखने के बाद धोकर हटा लें.
केले के छिलके और नारियल का तेल
रूखी-सूखी त्वचा पर इस तरह लगाएं केले के छिलके. केले के छिलके को पीसकर उसमें एक चम्मच नारियल का तेल और एक चम्मच शहद मिलाकर फेस पैक तैयार करें. इसे चेहरे पर लगाकर 20 मिनट रखें और फिर धोकर साफ कर लें. त्वचा को नमी मिलती है.
केले के छिलके और दही
इस फेस पैक को बनाने के लिए आपको केले के छिलके और केले के टुकड़े दोनों की जरूरत होगी. एक कटोरी में केले के छिलकों को बारीक काटकर डालें. इसमें एक चम्मच दही, एक चम्मच शहद और 2 टुकड़े केले के डालें. अच्छे से मिक्स करने के बाद चेहरे पर इस फेस पैक  को 15 से 20 मिनट लगाकर रखें और फिर धोकर चेहरा साफ कर लें.
केले का छिलका और विटामिन ई
विटामिन ई कैप्सूल को केले के छिलकों के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं. इस मिश्रण में केले का टुकड़ा और एवोकाडो भी डाला जा सकता है. त्वचा की अशुद्धियां हटती हैं और त्वचा मुलायम बनती है.

 आस्था/शौर्यपथ /सनातन धर्म में पूजा पाठ का विशेष महत्व होता है. भगवान को भोग लगाने से लेकर उन्हें स्नान आदि करवाना, दीपक जलाना और घंटी बजाना बहुत जरूरी माना जाता है. लेकिन क्या आपने सोचा है कि जब भगवान को भोग लगाते हैं, तो इस दौरान आपको घंटी बजानी चाहिए या नहीं या कितनी बार बजानी चाहिए?  चलिए आज हम आपको बताते हैं कि भोग लगाते समय घंटी बजाते हैं, तो इसके पीछे का कारण क्या है और इस समय कितनी बार घंटी बजानी चाहिए.
भोग लगाते समय क्यों बजाते हैं घंटी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान के समक्ष घंटी या घंटा बजाने से वायु तत्व को जागृत किया जाता है. कहते हैं वायु के पांच मुख्य तत्व होते हैं व्यान वायु, उड़ान वायु, समान वायु, अपान वायु और प्राण वायु. भगवान को नैवेद्य अर्पित करने के समय वायु के इन पांच तत्वों को स्मरण कर पांच बार घंटी बजना चाहिए. कहते हैं ऐसा करने से भोग की खुशबू भगवान को हवा के माध्यम से पहुंच जाती है. इतना ही नहीं भोग लगाते समय पांच बार घंटी बजाने के साथ ही अगर आप इन मंत्रों का उच्चारण करते हैं तो इससे देवी देवता अति प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद हमेशा बनाए रखते हैं-
ॐ व्यानाय स्वाहा
ॐ उदानाय स्वाहा
ॐ अपानाय स्वाहा
ॐ समानाय स्वाहा
ॐ प्राणाय स्वाहा
इस तरह करें भगवान को भोग अर्पित
अब बात आती है कि आपको भगवान को भोग कैसे अर्पित करना चाहिए, तो आपको बता दें कि हम जो भी अर्पित करते हैं जैसे- अन्न, जल, मिष्ठान, फल आदि इन सबको नैवेद्य कहा जाता है. इन नैवेद्य को हमेशा पान के पत्ते के ऊपर रखकर भगवान को अर्पित करना चाहिए. कहते हैं कि भगवान को पान का पत्ता बहुत प्रिय होता है, इसलिए पान के पत्ते पर ही भोग लगाना चाहिए. पान के पत्ते की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान अमृत की बूंद से हुई थी, इसलिए ये देवी-देवताओं को बहुत प्रिय है और इस पर लगाया हुआ भोग भी उन्हें अति प्रिय होता है.

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