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व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / इस साल महाशिवरात्रि का पर्व 8 मार्च को है. इस दिन शिव भक्त उपवास रखेंगे साथ ही पूजा अर्चना करेंगे. इस दिन भक्त भोलेबाबा को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के उपाय करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि में ही भगवान शंकर और देवी पार्वती का विवाह हुआ था. ऐसे में महाशिवरात्रि के दिन कुंआरी लड़कियां शिव जी जैसे वर की प्राप्ति के लिए उपवास भी रखती हैं. इसके अलावा महाशिवरात्रि के दिन रुद्राक्ष धारण भी करते हैं लोग. लेकिन इसको पहनते समय अनजाने में कुछ गलतियां कर बैठते हैं जिसके बारे में इस आर्टिकल में बताने वाले हैं, तो आइए जानते हैं.
रुद्राक्ष धारण करते समय किन बातों का रखें ख्याल
1- रुद्राक्ष को भगवान शिव का अंश माना गया है. इसको धारण करने का शुभ समय अमावस्या, पूर्णिमा, महाशिवरात्रि और सावन का सोमवार माना जाता है.
2- आप अगर नियमपूर्वक इसको धारण करते हैं तो फिर इसका शुभ फल प्राप्त होता है. रुद्राक्ष को गले और कलाई में धारण करना अच्छा माना जाता है. आपको बता दें कि रुद्राक्ष को दूध और सरसों के तेल में अच्छी तरह साफ करना चाहिए.
महाशिवरात्रि के पहले अगर आपको दिख जाएं ये चीजे तो समझ लीजिए भाग्योदय होने के हैं संकेत
3- इसको धारण करते समय अमोघ मंत्र का जाप करना चाहिए.अगर आप रुद्राक्ष हाथ में धारण कर रहे हैं, तो काले धागे में नहीं पहनना चाहिए.
4- वहीं, रुद्राक्ष कभी शमशान घाट पर पहनकर नहीं जाना चाहिए. इसके अलावा घर में नवजात के जन्म के दौरान भी इसको धारण करने से बचना चाहिए. वहीं, समय-समय पर रुद्राक्ष को गंगाजल से साफ करना चाहिए. इससे उसकी शुद्धता बनी रहती है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / विटामिन बी12 यानी कोबलामिन शरीर के लिए एक जरूरी विटामिन है. इस विटामिन की कमी शरीर को एक नहीं बल्कि कई तरह से प्रभावित करती है. विटामिन बी12 शरीर की सेल्स में एनर्जी पैदा करता है. इस विटामिन की जरूरत शरीर को रेड ब्लड सेल्स बनाने, अनीमिया को दूर रखने, हड्डियों की सेहत दुरुस्त रखने, मूड अच्छा रखने, अवसाद को दूर रखने, आंखों की दिक्कतें दूर रखने और नाखून, स्किन और बालों की सेहत अच्छी रखने के लिए होती है. ऐसे में कहते हैं कि इस विटामिन की कमी होने पर शरीर अंदरूनी रूप से खोखला होने लगता है. यहां जानिए किस तरह विटामिन बी12 की कमी पूरी हो सकती है. यहां ऐसे कुछ फूड्स का जिक्र किया जा रहा है जो विटामिन बी12 से भरपूर होते हैं और शरीर को विटामिन बी12 की कमी से बचाते हैं.
विटामिन बी12 से भरपूर फूड्स |
शरीर में विटामिन बी12 की कमी होने पर मसल्स में दर्द रहना शुरू हो जाता है. हाथ-पैरों में झनझनाहट महसूस होती है और हाथ-पैर कभी भी सुन्न पड़ने लगते हैं. जी मितलाना महसूस होता है, दस्त लग जाते हैं, इरिटेशन होती है, जीभ मुलायम नजर आने लगती है, ऊर्जा कम महसूस होती है और कमजोरी हो जाती है. ऐसे में कुछ फूड्स इस विटामिन की कमी को दूर करने में अच्छा असर दिखाते हैं.
दूध और दुग्ध पदार्थ
विटामिन बी12 की कमी पूरी करने के लिए दूध, चीज, दही और दूध से बनने वाली अन्य चीजों को खाया-पिया जा सकता है. लगभग एक कप या 240ml दूध में 2.6 mg तक विटामिन बी12 होता है.
फलों में विटामिन बी12
डाइट में उन फलों को शामिल किया जा सकता है जिनमें विटामिन बी12 की अच्छी मात्रा होती है. इन फलों में केले, ब्लूबेरीज, ब्लैकबेरीज, संतरे, कीवी, अमरूद और अनार शामिल हैं.
अंडे
अंडे विटामिन बी12 से भरपूर होते हैं. अगर 2 बड़े अंडे भी एकसाथ खाए जाएं तो दिनभर की जरूरत का 46 फीसदी विटामिन बी12 शरीर को मिल जाता है. अंडे के पीले भाग में विटामिन बी12 की अधिक मात्रा होती है.
मछली
ओमेगा-3 फैटी एसिड्स से भरपूर मछली में विटामिन बी12 की भी भरपूर मात्रा होती है. मछली को खानपान का हिस्सा बनाने पर शरीर को अच्छी मात्रा में विटामिन बी12 मिलता है.
चिकन
डाइट में चिकन शामिल करने पर भी विटामिन बी12 की अच्छी मात्रा शरीर को मिल जाती है. चिकन का सेवन हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में भी कारगर है और इससे शरीर को प्रोटीन की भी अच्छी मात्रा मिल जाती है.
पालक
प्लांट बेस्ड डाइट में पालक को शामिल किया जा सकता है. पालक विटामिन बी12 का अच्छा स्त्रोत है और इसे खाने पर शरीर को इस विटामिन की भरपूर मात्रा मिल जाती है.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /फाल्गुन मास में होली का पर्व मनाया जाता है. होली साल के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है. यह दो दिन का त्योहार है जिसमें पहले दिन होलिका दहन जलाई जाती है तो दूसरे दिन रंगों वाली होली खेलते हैं. इन दोनों ही दिनों का अपना महत्व होता है. हालांकि, हर साल की ही तरह इस साल भी लोगों में होली की सही तिथि को लेकर कंफ्यूजन देखने को मिल रहा है. ऐसे में यहां जानिए इस साल 24 या फिर 25 मार्च कब मनाया जाएगा होली का त्योहार और किस दिन होलिका दहन जलाई जाएगी.
होली 2024 की तिथि |
पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि की शुरूआत 24 मार्च, की सुबह 9 बजकर 54 मिनट से हो जाएगी और इस तिथि का समापन अगले दिन दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर होगा. इस चलते होलिका दहन 24 मार्च, रविवार के दिन किया जाएगा. होलिका दहन का शुभ मुहूर्त देररात 11 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा और 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. यानी पूरे 1 घंटे और 14 मिनट तक होलिका जलाई जा सकेगी और होलिका दहन की पूजा संपन्न की जाएगी.
होलिका दहन 24 मार्च के दिन है इस चलते होली 25 मार्च, सोमवार के दिन खेली जाएगी. रंगों वाली होली की देशभर में धूम देखने को मिलती है. कहते हैं इस दिन पराए भी अपने हो जाते हैं और दुश्मन भी एकदूसरे को गले लगाकर होली की बधाई देते हैं.
होलिका दहन की पूजा
होलिका दहन करने के लिए हफ्ताभर पहले से ही गली के चौक पर या किसी मैदान में लकड़ियां, कंडे और झाड़ियां इकट्ठी करके होलिका तैयार की जाती है. इस लकड़ियों के ढेर को होलिका के रूप में होलिका दहन के दिन जलाया जाता है. होलिका का पूजन करने के लिए गाय के गोबर से होलिका और प्रह्लाद की प्रतिमाएं भी बनाई जाती हैं. पूजा सामग्री में रोली, फूल, कच्चा सूत, फूलों की माला, साबुत हल्दी, मूंग, गुलाल, नारियल, बताशे और 5 से 7 तरह के अनाज का इस्तेमाल होता है. इसके बाद विधि-विधान से होलिका की परिक्रमा की जाती है और होलिका दहन होता है.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / अगर आपके बाल बहुत ज्यादा पतले हैं और आप उन्हें काले घने और मोटे करना चाहती हैं तो फिर आपको हम यहां पर कुछ ऐसे टिप्स बताने वाले हैं, जिससे आपके बाल की कायापलट हो सकती है. असल में हम आपको यहां पर कुछ गलतियों के बारे में बताने वाले हैं, जो हम हेयरवॉश करते समय कर बैठते हैं. जिसके कारण बाल की क्वालिटी खराब हो जाती है. तो बिना देर किए आइए जानते हैं.
बाल लंबे काले घने कैसे करें
- अगर आप अपने बालों को काला-घना रखना चाहती हैं, तो फिर आप केमिकल प्रोडक्ट के इस्तेमाल से बचें. यह बालों की चमक को कम कर देते हैं. इससे बाल डैमेज होते हैं.
- इसके अलावा आप बालों की ऑयलिंग करना न भूलें. स्कैल्प मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है. इससे बालों में वॉल्यूम बढ़ता है.
- वहीं, हेयरवॉश करने के बाद कंडीशनर जरूर लगाएं. इससे हेयर वॉल्यूम इंक्रीज होता है.इससे बालों का शाइन भी बढ़ेगा.
- इसके अलावा बालों को ज्यादा हेयरवॉश करने से बचें. इससे बालों की नमी गायब हो सकती है. ऐसे में इस बात का ख्याल रखें.
यह तरीका भी अपनाएं
आप आंवले का जूस पी सकते हैं या फिर इसके पाउडर का पेस्ट बनाकर बालों में अप्लाई कर सकते हैं. आप मेहंदी में भी इस पाउडर को मिक्स करके बाल को काला कर सकते हैं.
आंवले के पोषक तत्व
इसका जूस को पीने से आंखों की रोशनी मजबूत होती है. इसमें विटामिन ए , बी , सी और ई होता है, जो आंखकी सेहत के लिए अच्छा माना जाता है. जिन आई साइट वीक है उन्हें तो इसको जरूर पीना चाहिए. यह आपके ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करता है. इससे हाई ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल किया जा सकता है. आंवले का जूस आपके चेहरे की सूजन को भी कम करता है. यह जूस आपके लिए एनर्जी बूस्टर की तरह काम करता है.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / गर्मी के मौसम में पपीता, खरबूज, लिची, तरबूज जैसे फलों का सेवन लोग खूब करते हैं. इन सारे फलों में पानी की मात्रा ज्यादा होती है. जिसके कारण इसको लोग ज्यादा खाते हैं क्योंकि इससे शरीर आसानी से हाइड्रेट रहती है. लेकिन हम इन फलों के छिलकों फेंक देते हैं जबकि इसके फल के साथ छिलके भी घर के कई काम आ सकते हैं. इस आर्टिकल में हम आपको वॉटरमिलन के छिलके को आप किस तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं उसके बारे में बताने वाले हैं. तो आइए बिना देर किए जानते हैं.
वॉटरमिलन के छिलके कैसे करें यूज
टाइल्स के दाग हटाए
तरबूज के छिलकों में एंटीऑक्सीडेंट्स गुण पाए जाते हैं. इसके लिए आप तरबूज के छिलकों को पीसकर पेस्ट बना लीजिए. अब इसमें एक चम्मच बर्तन धोने वाला लिक्विड मिक्स करिए. अब आप जहां दाग लगा है, वहां पर इस पेस्ट को लगा दीजिए और कुछ देर बाद पानी से क्लीन कर लीजिए. इससे फर्स एकबार में चमक जाएगा.
चिकनाई करे कम
वहीं, किचन में रखे डिब्बे पर धूल मिट्टी की गंदगी जमा हो जाती है. कई बार चिकनाहट भी देखी जाती है. ऐसे में आप पपीते के छिलके को पीसकर पेस्ट बनाइए और डिब्बे पर पेस्ट लगा लीजिए और फिर कपड़े से रगड़कर साफ कर दीजिए. इससे सारी चिकनाई दूर हो जाएगी. इससे बोतल बिना धोए चमक सकते हैं.
पौधों को करे हरा भरा
वहीं, आप इसका इस्तेमाल पौधों की पत्तियों को हरा भरा रखने के लिए भी कर सकते हैं. बस आपको एक गहरे बर्तन में पानी के छिलके को डूबोकर रख दीजिए. अब आप इसे 3 दिन के लिए अच्छे से ढककर छोड़ दीजिए. तीन दिनों के दौरान आप हर दिन एक बार पानी को ठंडे से मिला लेना है. अब आपको इस पानी को बोतल में भरकर रखना है पौधों पर स्प्रे करना है. इससे पौधे ताजे और हरे भरे रहते हैं.
रसोई टिप्स /शौर्यपथ / जब आप किचन में कुछ स्पेशल बनाने जा रहे हों, जैसे केक या फिर ढोकला या सूजी वाली इडली आदि तो अक्सर आपको इस बात को लेकर कंफ्यूजन होता है कि इसे फर्मेंट करने के लिए आपको बेकिंग सोडा मिलना है या फिर बेकिंग पाउडर. चूंकि दोनों के नाम से लेकर रंग और बनावट में काफी समानता होती है अक्सर लोग कंफ्यूज होते हैं. छाछ, दही, नींबू पानी बनानी हो या भटूरे और ढोकला कहीं बेकिंग पाउडर का इस्तेमाल होता है तो कहीं बेकिंग सोडा, लेकिन आप भी इनके बीच कंफ्यूज रहते हैं तो हम आपके सवाल का जवाब लेकर आए हैं.
बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर का अंतर
बेकिंग पाउडर हो या फिर बेकिंग सोडा दोनों का काम ही खमीर उठाना यानी फर्मेंट करना होता है, लेकिन दोनों का तरीका अलग है. वहीं बनावट में थोड़ी सा अंतर होता है. बेकिंग सोडा थोड़ा दरदरा होता है और बेकिंग पाउडर एकदम चिकना होता है. बेकिंग सोडा को पानी में डालने पर कोई रिएक्शन नहीं होता जबकि बेकिंग पाउडर को गुनगुने पानी में डालें तो बुलबुले बनते हैं.
बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर का कहां होता है इस्तेमाल
बेकिंग पाउडर का इस्तेमाल उन चीजों के लिए किया जाता जिसे फर्मेंट करने के लिए कुछ घंटों तक रखना है, जैसे दही, छाछ जैसी खट्टी चीजों के लिए या फिर भटूरे बनाने हो या फिर नान या पूरी बनानी हो तब इसका इस्तेमाल होता है.
वहीं बेकिंग सोडा उन चीजों मे करते हैं जिनमें इंस्टेंट फर्मेंटेशन चाहिए हो जैसे केक का बैटर, पकोड़े, ढोकला, सूजी वाली इडली या कोई भी गीली चीज जिसे इंस्टेंट फर्मेंटेशन चाहिए.
खाना खजाना /शुर्यपथ /सुबह ऑफिस जाने के पहले जल्दी-जल्दी खाना बनाना हो या फिर फटाफट से रात का डिनर तैयार करना हो, सब्जी, करी, पुलाव, बिरयानी हर रेसिपी के लिए अदरक-लहसुन के पेस्ट की जरूरत होती है. अब जल्दबाजी में हर बार अदरक-लहसुन का पेस्ट बनाना मुश्किल होता है, ऐसे में आपके पास रेडिमेड अदरक-लहसुन का पेस्ट हो तो काम बड़ा आसान हो जाता है. यूं तो बाजार में पैकेट वाला अदरक-लहसुन का पेस्ट मिलता है, लेकिन इसे घर पर फ्रेश तरीके से बिना किसी प्रिजर्वेटिव के बनाया जा सके तो ये सेहत के लिए भी फायदेमंद होगा और किफायती भी होगा.
अदरक लहसुन का पेस्ट एक ऐसी चीज़ है जिसका इस्तेमाल हम सभी नियमित रूप से करते हैं. घर पर बने अदरक-लहसुन के पेस्ट को रेफ्रिजरेटर में 10 दिनों तक रखकर यूज कर सकते हैं. आपको इस अदरक लहसुन के पेस्ट को टिकाऊ बनाना है तो आपको एक बात का ध्यान रखना होगा. बस आपको इस पेस्ट को बनाते वक्त पानी का इस्तेमाल नहीं करना है, तो आप इस पेस्ट को अधिक समय तक स्टोर करके रख सकते हैं, ये खराब नहीं होगा.
अदरक और लहसुन का पेस्ट बनाने के लिए
अदरक - 250 ग्राम
लहसुन - 250 ग्राम
तरीका:
1. लहसुन की कलियां और अदरक बराबर मात्रा में लें.
2. लहसुन की कलियों का छिलका उतार लें. अदरक का छिलका अच्छे से धोकर इसे छोटे टुकड़ों में काट लें.
3. दोनों सामग्रियों को बिना पानी डाले थोड़ा-थोड़ा करके बैचेस में पीस लें.
4. ताजा और घर का बना अदरक लहसुन का पेस्ट तैयार है.
5. आप इसे एक ग्लास के एयर टाइट कंटेनर में भरकर 10 दिनों तक फ्रिज में रख सकते हैं.
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / हर व्यक्ति अपने जीवन में सफलता चाहता है. सफलता से ही आर्थिक स्थिति बेहतर होती है और लोगों को खुशियां मिलती है. कुछ लोग जितनी मेहनत करते हैं उन्हें उतनी सफलता नहीं मिलती है. ऐसे में उनके मन में निराशा घर करने लगती है. ऐसे लोगों को अपने दिन की शुरुआत कुछ खास उपायों के साथ करने से सफलता मिल सकती है. ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे उपाय बताएं गए हैं, जिनसे अपने दिन की शुरुआत करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है. सुबह की अच्छी शुरुआत का असर पूरे दिन पर पड़ता है. आइए जानते हैं सुबह उठते ही क्या करना चाहिए जिससे सफलता के द्वार खुल सकते हैं.
सफलता के द्वार खोलने के लिए सुबह उठते ही करें ये काम -
हथेली का दर्शन
सुबह आंख खुलते ही अपने दोनों हाथों को जोड़ कर देखें और इस मंत्र का जाप करें
कराग्रे वसते लक्ष्मी
करमध्ये सरस्वती
करमूल स्थितो ब्रह्मा
प्रभाते करदशनम्
अराध्य का स्मरण
इसके बाद शांत मन से अपने अराध्य को या करें और ध्यान लगाएं. उनसे अपने दिन को परिशानी से मुक्त रखने की प्रार्थना करें.
सूर्य को अर्घ्य
स्नान के बाद तांबे के जल से भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और इस मंत्र का जाप करें
ऊं सूर्याय नम:
ऊं भानवे नम:
ऊं खगाय नम:
इस मंत्र के जाप से आर्थिक परेशानियां दूर हो जाती है.
पूरेदिन की प्लानिंग
इसके बाद आराम से पूरे दिन की प्लानिंग करें. कामों को उनके महत्व के अनुसार समय देने की कोशिश करें. पूरे दिन की प्लानिंग पहले से करने के बाद ऐन वक्त पर आपकों हड़बड़ाहट का सामना नहीं करना पड़ेगा.
व्रत त्योहर /शौर्यपथ /महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन शिव जी की उपासना करने से जीवन के सारे कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इसके अलावा प्रचलित मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन कुंआरी लड़की अगर व्रत करती है तो मनचाहा वर मिलता है. ऐसे में यह व्रत कब रखा जाएगा, पूजा मुहूर्त, विधि, गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त क्या होगा इसकी डिटेल आर्टिकल में बताने वाले हैं.
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि का आरंभ 8 मार्च को 9 बजकर 57 मिनट से होगा जो अगले दिन यानि 9 मार्च को 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा.
महाशिवरात्रि पूजा मुहूर्त
महाशिवरात्रि का निशिता मुहूर्त देर रात 12 बजकर 7 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 56 मिनट तक रहेगा
निशिता पूजा समय - 9 मार्च को सुबह 12 बजकर 12 मिनट से 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा.
रात्रि पहला प्रहर पूजा समय- शाम 6 बजकर 29 मिनट से रात 9 बजकर 33 मिनट तक रहेगा.
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 9 मार्च को सुबह 12 बजकर 37 मिनट से 3 बजकर 40 मिनट तक रहेगा.
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 9 मार्च सुबह 3 बजकर 40 मिनट से 06 बजकर 44 मिनट तक रहेगा.
पारण का समय
महाशिवरात्रि के दिन पारण का समय 9 मार्च को 6 बजकर 44 मिनट से 6 बजकर 18 मिनट तक रहेगा.
- महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग को जल चढ़ाना भी अत्यंत शुभ माना जाता है. ऊं नम: शिवाय: का जाप करते हुए शिवलिंग पर जल चढ़ाने से मानसिक परेशानियां दूर हो जाती है.
- महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग को लाल केसर से तिलक लगाएं. इससे जीवन में सौम्यता आती है और मांगलिक दोष दूर हो जाते हैं.
- महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग पर शहद का लेप करने से वाणि को मधुरता मिलती है. इससे जीवन में राग और द्वेष कम होते हैं.
महत्व
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था. ऐसी मान्यता है कि इसी दिन कठोर तप के बाद माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया था. इस दिन सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए महाशिवरात्रि का व्रत रखती हैं.
शिवरात्रि के दिन वाहन खरीदने का शुभ मुहूर्त
8 मार्च 2024, शुक्रवार, शुभ मुहूर्त समय: सुबह 06:38 से रात 09:57 बजे तक, नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा
महाशिवरात्रि मंत्र
ध्याये नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारूचंद्रां वतंसं। रत्नाकल्पोज्ज्वलांगं परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम।। पद्मासीनं समंतात् स्तुततममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं वसानं। विश्वाद्यं विश्वबद्यं निखिलभय हरं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रम्।।
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
देवदेव महादेव नीलकंठ नमोस्तु ते। कुर्तमिच्छाम्यहं देव शिवरात्रिव्रतं तव।। तव प्रभावाद्धेवेश निर्विघ्नेन भवेदिति। कामाद्या: शत्रवो मां वै पीडां कुर्वन्तु नैव हि।।
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा आयोजित हाई स्कूल व हायर सेकेण्डरी परीक्षा 01 मार्च 2024 से प्रारंभ हो रही है। उक्त परीक्षा की सफल संचालन हेतु गोपनीय सामग्री का वितरण 24 एवं 25 फरवरी 2024 को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ठ हिन्दी माध्यम जे.आर.डी.बहु.उ.मा.वि. दुर्ग में किया गया। गोपनीय सामग्री प्राप्त करने के लिए मुख्य परीक्षा केन्द्र के केन्द्राध्यक्ष व प्राचार्य उपस्थित थे। जिला शिक्षा अधिकारी से मिली जानकारी अनुसार प्रथम दिवस 24 फरवरी 2024 शनिवार को शासकीय/अशासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला रुट क्रमांक 1 थनौद, चन्दखुरी, अंजोरा ख, रसमड़ा, सेजस नगपुरा, बोरई, अण्डा, मतवारी तिरगा, बेलौदी, पुलगांव नया केन्द्र निकुम, रुट क्रमांक 2 में रिसाली, मरोदा टैंक, सेजस उतई, कन्या उतई, पुरई, उमरपोटी नया केन्द्र, डुन्डेरा, सेजस सेलूद, कन्या सेलूद, देवादा, कन्या तर्रा, मर्रा, मचान्दुर, पाउवारा, पंहडोर घुघवा, रुट क्रमांक 3 में जेवरा सिरसा, करंजा मिलाई, ननकट्ठी, मेड़ेसरा, खम्हरिया, खपरी, बोरी, नवागांव पुरदा लिटिया, टेमरी, हिरीं, चीचा, घोटवानी, रुट क्रमांक 4 में केसरा, सेजस पाटन, कन्या पाटन, तेलीगुंड़रा, सेमरी, भनसुली, तरीघाट, ओदरागहन, सेजस रानीतराई, बेल्हारी, सेजस जामगांव आर, बटरेल, कन्या रानीतराई, रुट क्रमांक 5 में कुगदा, सेजस कुम्हारी, पाहंदा, कपसदा, लिमतरा, जामगांव एम, झीट, अमलेश्वर, जमराव, सांकरा पाटन, रुट क्रमांक 6 में बालक धमघा, कन्या धमघा, पेन्ड्रावन, दारगाव, राजपुर, कन्हारपुरी, बरहापुर, घोंठा, देवरी, गोढ़ी, सेमरिया, सेजस अहिवारा, नंदनी खुंदनी, गिरहोला, माटरा कुल 79 केन्द्रों को प्रश्न पत्र वितरण किया गया। इसी तरह द्वितीय दिवस रविवार 25 फरवरी 2024 को शासकीय/अशासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला रुट क्रमांक 7 में सेजस जे.आर.डी.उ.मा.शा. दुर्ग, आदर्श कन्या दुर्ग, तिलक कन्या दुर्ग, महात्मा गांधी, महावीर जैन, बोरसी सरस्वती शिशु मंदिर कसारीडीह, दाउ ररु प्रसाद दुर्ग, तकियापारा, धनोरा नया केन्द्र, रुट क्रमांक 8 में तुलाराम आर्य कन्या, खालसा पब्लिक दुर्ग, सनसाईन, एल. एन. किल्ला दुर्ग, डी.ए.वी. दुर्ग, तितुरडीह दुर्ग. सेजस दीपक नगर, रुट क्रमांक 9 इंदिरा गांधी रामनगर, कन्या वैशाली नगर, कोहका, कोसानगर, बालक सुपेला, कन्या सुपेला प्रयास श्रवण विकलांग संस्था सुपेला, मुक्तिधाम मिलाई, हाऊसिंग बोर्ड, जामुल, ढौर, कुरूद, सुरडुंग, नारधा, सरस्वती बिहार अंग्रेजी मा हाउसिंग बोर्ड, ’अहेरी, रुट क्रमांक 10 बी.एस.पी सेक्टर 02, सरस्वती शिशु मंदिर सेक्टर 04, शा.उ.मा.शा. सेक्टर 09, शास. हाई स्कूल सेक्टर 07 मिलाई, विवेकानंद सेक्टर 02, रुआबांधा, महर्षि दया. सेक्टर 06, रुट क्रमांक 11 शासकीय केम्प 1 मिलाई, छावनी, शासकीय जोन 2 सेक्टर 11, खुर्सीपार निर्मला रानी खुर्सीपार, पं ज.ला.ने. न्यू. खुर्सीपार, बी.एस.पी. कन्या उ.मा.वि. खुर्सीपार, रुट क्रमांक 12 कन्या भिलाई 03, पुरैना, चरोदा, जरवाय, सोमनी, औंधी, ज्योति चरीदा, देवबलोदा, जंजगीरी, उरला बी.एम.वाय. कुल 56 स्कूलों को प्रश्न पत्र वितरण किया किया। इस वर्ष जिले में कुल 135 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं।
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / खट्टा मीठा स्वाद अंगूर का लोगों को खूब भाता है. साथ ही इसमें मौजूद पोषक तत्व इसको बहुत कीमती बना देते हैं. यह विटामान सी रिच सोर्च में से एक माना जाता है. जिन लोगों को स्किन और हेयर से जुड़ी परेशानी है उन्हें यह फल जरूर खाना चाहिए. लेकिन कुछ मेडिकल कंडीशन में अंगूर का सेवन नहीं करना चाहिए, तो आइए जानते हैं. चावल से तैयार ये डीआईवाई एंटी रिंकल क्रीम झु्र्रियों से दिलाएगी परमानेंट छुटकारा
किन मेडिकल कंडीशन में अंगूर नहीं खाएं
अगर आपको पेट से जुड़ी परेशानी है, तो फिर आपको अंगूर नहीं खाना चाहिए. रात में और खाली पेट अंगूर खाने से बचना चाहिए. वहीं, मीठे अंगूर वजन को तेजी से बढ़ाते हैं.
इसके अलावा किडनी से जुड़ी परेशानी में इसका सेवन नहीं करना चाहिए. अगर आप दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो इसको खाने से बचना चाहिए. डायबिटीज के मरीज को भी इसको नहीं खाना चाहिए.
अंगूर के फायदे
सर्द हवाएं बालों से नमी छीन लेती हैं. इससे डेड स्किन सेल्स की परत जमने लगती हैं. ऐसे में आप इससे मालिश करती हैं तो फिर आपके बाल में बल्ड सर्कुलेशन अच्छा होगा. आप 3 से 4 बूंद ग्रेप सीड ऑयल बालों में अप्लाई कर सकती हैं.
अंगूर में रेस्वेराट्रोल जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो ब्रेन में ब्लड फ्लो में सुधार कर सकते हैं, कॉग्नेटिव हेल्थ को बढ़ा सकते हैं और अल्जाइमर जैसी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों से बचा सकते हैं.
अंगूर में एंटीऑक्सिडेंट और पॉलीफेनॉल होते हैं कोलेस्ट्रॉल लेवल और ब्लड प्रेशर को कम करने, हेल्दी हार्ट को बढ़ावा देने और हार्ट डिजीज के जोखिम को कम करने के लिए जाना जाता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / बहुत से लोगों को समय से पहले बालों के सफेद होने की दिक्कत सताने लगती है. ना सिर्फ बड़े बल्कि बच्चों को भी इस परेशानी से दोचार होना पड़ता है. बच्चों के बाल सफेद होने का एक बड़ा कारण है पोषण की कमी. शरीर में कई पोषक तत्वों की कमी बालों के सफेद होने का कारण बन सकती है. इसके अलावा, सूरज की हानिकारण किरणें भी बालों को प्रभावित करती हैं. ऐसे में माता-पिता की यह चिंता रहती है कि कम उम्र में ही बच्चों के सारे बाल सफेद ना होने लगें. दिक्कत यह भी है कि बच्चों को डाई या मेहंदी नहीं लगाई जा सकती क्योंकि इससे उनके बालों पर असर पड़ेगा, बालों का टूटना शुरू हो सकता है या फिर मेहंदी से बाल लाल हो सकते हैं. ऐसे में यहां बताए फूड्स (Foods) दिक्कत को दूर कर देंगे. यहां खानपान की उन चीजों का जिक्र किया जा रहा है जिन्हें बच्चों को खिलाया जाए तो बच्चों के बाल समय से पहले सफेद नहीं होते हैं और अगर इक्के-दुक्के बाल सफेद पड़ गए हैं तो वो भी काले होने लगेंगे.
बच्चों के बाल सफेद होने से बचाने वाले फूड्स |
हरी पत्तेदार सब्जियां
बच्चे चाहे हरी सब्जियां खाने से कितना ही मुंह बनाएं लेकिन हरी सब्जियां बच्चों को खिलाना बेहद जरूरी है. हरी सब्जियां जैसे ब्रोकोली, गोभी, पालक, केल और पत्तागोभी आयरन, फोलेट, विटामिन, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं जिनसे बालों का सफेद होना रुकता है.
अंडे
प्रोटीन से भरपूर अंडे बालों की सेहत को अंदरूनी रूप से अच्छा रखते हैं. अंडों में विटामिन बी12 की अच्छी मात्रा होती है जो प्रीमेच्योर ग्रे हेयर यानी समय से पहले बालों को सफेद होने से रोकने में असरदार है. ध्यान रहे आपको बच्चों को पूरा अंडा खिलाना है सिर्फ उसका सफेद हिस्सा नहीं.
सोयाबीन
सोयाबीन प्लांट प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है. इसमें कई तरह के पोषक तत्व और एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो बालों को सफेद बनाने वाले तत्वों से लड़ते हैं और बालों की रंगत काली बनाए रखते हैं.
मशरूम
मशरूम में कॉपर की भरपूर मात्रा होती है. मशरूम खाने पर मेलानिन का प्रोडक्शन अच्छा होता है. मेलानिन बालों की रंगत गहरी बनाए रखने में कारगर है.
दालें
दालों में विटामिन बी9 की अच्छी मात्रा होती है और सेहत को दुरुस्त रखने वाले तत्व भी. बच्चों को दालें खिलाने पर समय से पहले सफेद हो रहे बालों की दिक्कत दूर होती है. हफ्ते में 2 से 3 बार बच्चों को दाल खिलाई जा सकती है.
खाना खजाना /शौर्यपथ /सुबहें आमतौर पर व्यस्त होती हैं. और वीकेंड पर, आपका बिस्तर से बाहर निकलने और किचन में घंटों बिताने का मन नहीं करता. हमारे साथ भी ऐसा ही है. लेकिन हम टेस्ट से समझौता नहीं करते! यही कारण है कि हम ऐसे डिशेज की लगातार तलाश में रहते हैं जो क्विक, सिंपल और स्वादिष्ट हों. हाल ही में, हमें एक ऐसी रेसिपी मिली जो इस कैटेगरी में बिल्कुल फिट बैठती है! यह हनी बटर टोस्ट है. यह सही है. यह बेसिक ब्रेड-एंड-बटर का अपग्रेड वर्जन है, जिसमें कुछ एक्स्ट्रा इंग्रीडिएंट शामिल हैं. चिंता न करें, इसमें कुछ भी लंबा नहीं है. इस यूनिक रेसिपी को शेफ कीर्ति भौटिका ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया है. आइए आपको बताते हैं.
कैसे बनाएं ब्रेड बटर टोस्ट-
यह सिंपल है. सबसे पहले ब्रेड का एक पीस लें और किनारों को काट लें. फिर बटर, ब्राउन शुगर और शहद का उपयोग करके मिश्रण तैयार करें और इसे पूरी ब्रेड पर फैलाएं. इसे तवे पर टोस्ट करें और आनंद लें.
कैसे बनाएं हनी बटर टोस्ट सैंडविच-
अब, यदि आप अपने मील को फैंसियर बनाना चाहते हैं और इसे शानदार बनाना चाहते हैं, तो आप इसके साथ एक स्वादिष्ट सैंडविच तैयार कर सकते हैं. आपको बस ब्रेड के दो स्लाइस के बीच कुछ चॉकलेट-हेज़लनट स्प्रेड (यहां: न्यूटेला) फैलाना है. बेशक, स्लाइस के किनारों को पहले से काट लें. फिर, सैंडविच को बटर, ब्राउन शुगर और शहद से ढक दें और हर तरफ से अच्छी तरह से टोस्ट करें, जब तक कि सैंडविच क्रिस्पी और ब्राउन न हो जाए. सैंडविच को बीच से काटें और फ्रेश क्रीम और फ्रूट के साथ सर्व करें. आप इन कॉम्बो को अपनी पसंद के अनुसार कस्टूमाइज कर सकते हैं. बहुत सिंपल लगता है, है ना?
बोनस टिप: घर पर कैसे बनाएं न्यूटेला-
यदि आप चाहते हैं कि आपका हनी बटर टोस्ट सैंडविच और भी खास हो, तो यहां आपके लिए एक घरेलू नुटेला रेसिपी है जिसे आप ट्राई कर सकते हैं. यह बहुत आसान है. पहले से गरम ओवन में हेज़लनट्स को भूनने से शुरुआत करें और उन्हें ठंडा होने दें. अब, नट्स को एक प्रोसेसर में तब तक ब्लेंड करें जब तक वे चिकने और क्रीमी न हो जाएं. इसमें नारियल का तेल, चीनी, कोको पाउडर और वनिला एसेंस मिलाएं और क्रीमी स्प्रेड में ब्लेंड करें. अपने घर में बने न्यूटेला को एक कंटेनर में डालें और बाद में उपयोग के लिए ठंडी और सूखी जगह पर रखें.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / सनातन धर्म में भगवान शिव को अमर,अजर और अविनाशी कहा गया है. शिव अनन्त है और उनकी पूजा करके जातक की संपूर्ण मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. भगवान शिव और मां पार्वती के विवाह के पर्व को हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है. इस साल यानी 2024 में महाशिवरात्रि का महापर्व 8 मार्च को आ रहा है और इस दिन देश के मंदिरों में पूजा करने के लिए लोगों की भारी भीड़ होगी. इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की विधिवत पूजा की जाती है और शिवलिंग को तरह-तरह से अभिषेक किए जाते हैं. लेकिन महाशिवरात्रि की पूजा के दौरान कुछ लोग अनजाने में गलतियां कर बैठते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, अन्यथा पूरी पूजा विफल मानी जाती है और आपके बने बनाए काम भी बिगड़ सकते हैं.
महाशिवरात्रि की पूजा करते समय ना करें ये गलतियां-
महाशिवरात्रि पर अगर आप शिवलिंग पर अभिषेक कर रहे हैं, तो इसे लोटे या कलश से करें. भगवान शिव की पूजा करते समय शंख का प्रयोग निषेध माना गया है. इस दौरान ना तो शंख बजाएं और ना ही शंख से शिवलिंग का अभिषेक करें.
भगवान शिव की पूजा करते वक्त तुलसी दल अर्पित करना निषेध है. आपको बता दें कि आप भगवान शिव की पूजा कर रहे हैं या फिर पूरे शिव परिवार की, इस दौरान तुलसी दल अर्पित नहीं करना चाहिए. इसके अलावा महादेव की पूजा में कनेर और केतकी के फूलों को भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
महाशिवरात्रि पर अक्सर लोग भगवान शिव की पूजा करने के बाद शिवलिंग की परिक्रमा करते हैं. आपको बता दें कि महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की पूरी परिक्रमा नहीं करनी चाहिए. शास्त्रों में शिवलिंग की पूरी परिक्रमा वर्जित कही गई है. अर्ध चंद्रमा के आधार पर शिवलिंग की आधी परिक्रमा करनी चाहिए.
महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं क्योंकि भगवान शिव को बेलपत्र काफी प्रिय हैं. लेकिन आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पूजा में इस्तेमाल हो रहे बेलपत्र ताजे और साबुत होने चाहिए. टूटे फूटे, पुराने, सूखे बेलपत्र चढ़ाने से पूजा विफल हो जाती है.
महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ की पूजा करते समय रोली, कुमकुम या हल्दी अर्पित नहीं करनी चाहिए. ये सब स्त्री तत्व हैं और शिवलिंग पुरुष तत्व है. इसलिए आपको इन चीजों की बजाय पीला चंदन अर्पित करना चाहिए और उसका ही तिलक करना चाहिए.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
