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व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. इसे फाल्गुन मासिक शिवरात्रि भी कहा जाता है. इस दिन व्रत रखकर भगवान शंकर और माता पार्वती की विधि विधान से पूजा की जाती है. इस बार महाशिवरात्रि पर्व 8 मार्च शुक्रवार को है और इस दिन चार अति शुभ संयोग भी बनने वाले हैं. महाशिवरात्रि के दिन चंद्रमा मकर राशि में विराजमान होंगे. इस दिन श्रवण नक्षत्र और शिव योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग और सिद्ध योग भी बनेगा. इन चार अति शुभ संयोग के कारण महाशिवरात्रि की पूजा शिव भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाली होगी. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पर कब कौन सा योग है और उसका क्या प्रभाव होगा..
महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरूआत 8 मार्च शुक्रवार को रात 9 बजकर 57 मिनट पर होगी और समापन 9 मार्च, शनिवार को शाम 6 बजकर 17 मिनट पर होगी. महाशिवरात्रि निशिता पूजा का मुहूर्त देर रात में 12 बजकर 07 मिनट से 12बजकर 56 मिनट तक रहेगा. दिन में महाशिवरात्रि की पूजा का समय प्रात: 5 बजकर 1 मिनट से प्रारंभ होगा.
महाशिवरात्रि पर बनेंगे ये अति शुभ चार संयोग
1. सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 6 बजकर 38 मिनट से सुबह 10 बजकर 41 मिनट तक
2. शिव योग- 9 मार्च को सूर्योदय से 12 बजकर 46 मिनट तक
3. सिद्ध योग- 9 मार्च को रात 12 बजकर 46 मिनट से रात 8 बजकर 32 मिनट तक
4. श्रवण नक्षत्र- प्रात:काल से 10 बजकर 41 मिनट तक उसके बाद फिर धनिष्ठा नक्षत्र
सर्वार्थ सिद्धि योग
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सर्वार्थ सिद्धि योग में जो भी कार्य किया जाता है वह जरूर पूरा होता है. यदि सर्वार्थ सिद्धि योग शुक्रवार या गुरु वार के दिन बनता है तो उस दिन कोई भी तिथि हो, उसके प्रभाव में कमी नहीं आती है. सर्वार्थ सिद्धि योग में महाशिवरात्रि की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी कर सकता है.
शिव योग और सिद्ध योग
महाशिवरात्रि के दिन शिव योग और सिद्ध योग भी बनने वाले हैं. शिव योग साधना, मंत्र जाप आदि के लिए अच्छा होता है. महाशिवरात्रि को बन रहा शिव योग भक्तों को शुभ फल प्रदान करने वाला है. महाशिवरात्रि की निशिता पूजा मुहूर्त के समय सिद्ध योग होगा और महाशिवरात्रि व्रत के पारण के समय भी सिद्ध योग है. गणोश जी इस योग के स्वामी हैं. गणोश जी शुभता और सफलता प्रदान वाला माना गया है. वे विघ्न और बाधाओं को दूर करते हैं. महाशिवरात्रि पर इस योग में पूजा करने से जिस मनोकामना से पूूजा की जा रही है वह पूर्ण हो सकती है.
श्रवण नक्षत्र
शनि देव श्रवण नक्षत्र के स्वामी हैं. शनि देव भगवान शिव के भक्त हैं. श्रवण नक्षत्र में कार्य शुभ माने जाते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / घर में कोई पार्टी, फंक्शन हो या पूजा का मौका हो. पीरियड्स का आना हर ऐसे मौके पर टेंशन देता है. इसलिए महिलाओं या युवतियों को हमेशा ये चिंता होती है कि वो किसी भी खास मौके पर पीरियड्स से बची रहें. इस वजह से अक्सर डेट आगे पीछे करने की कोशिश की जाती है. इसके लिए अब बाजार में ढेरों दवाएं भी मौजूद हैं, जो पीरियड की डेट से कुछ समय पहले लेने पर डेट को बदला जा सकता है. हालांकि इसकी वजह से कुछ महिलाओं को साइड इफेक्ट्स का भी सामना करना पड़ सकता है. अगर पहले से पता है कि पीरियड्स कब आने वाले हैं, तो उसके पंद्रह दिन पहले से कुछ घरेलू नुस्खे आजमा लें. जिनकी मदद से आप पीरियड्स की डेट को आगे बढ़ा सकती हैं.
पीरियड्स की डेट आगे बढ़ाने के घरेलू नुस्खे |
एप्पल सिडार विनेगर
कई लोग नियमित रूप से एप्पल सिडार विनेगर लेते हैं. पीरियड्स की डेट आगे बढ़ानी है तो आप नियमित रूप से गर्म पानी में एप्पल सिडार विनेगर डालकर पीना शुरू कर दें. कम से कम दस से बारह दिन पहले ये सिलसिला शुरू करें. इस विनेगर में मौजूद एसिड से पीरियड्स टलने के चांसेज होते हैं.
सरसों के बीज
ये नुस्खा पीरियड्स की डेट से करीब एक हफ्ता पहले से ट्राई करना है. सरसों के दानों को रात भर भिगो कर रख दें. इसके लिए दूध या पानी, दोनों में से कुछ भी चुन सकते हैं. सुबह दूध या पानी को गर्म कर बीज सहित ली जाएं.
नींबू का रस
पीरियड्स की डेट पोस्टपोन करना हो या फिर पीरियड्स का दर्द दूर भगाना हो नींबू का रस दोनों केसेज में फायदेमंद होता है. आप बस रोज गुनगुने पानी में नींबू की चंद बूंदे डालकर पी जाएं. पीरियड की डेट आगे बढ़ाने के लिए कम से कम 10 दिन पहले इस रूटीन को फॉलो करें.
जिलेटिन
जिलेटिन के एक पैकेट को गर्म पानी मिक्स कर उसका सेवन करें. इससे भी पीरियड्स कुछ समय के लिए टल सकते हैं. इसे भी पढ़ें - नाश्ते में क्या खाएं कि वजन तेजी से कम हो जाए, तो यहां हैं सूजी या रवा की 5 सुपर टेस्टी ब्रेकफास्ट रेसिपीज
मुल्तानी मिट्टी
मुल्तानी मिट्टी को गर्म पानी में मिलाकर, उसका सेवन करने से डेट आगे बढ़ सकती है. ध्यान रहे कि एक दिन में 25 से 30 ग्राम मुल्तानी मिट्टी ही पानी के साथ खानी या पीनी है.
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /लड़कियों की लाइफ में पीरियड शुरू होना बहुत महत्वपूर्ण पड़ाव होता है. इस समय उन्हें पीरियड के बारे में अच्छे से बताना जरूरी होता है. आम तौर पर भारत में 13 से लेकर 16 वर्ष की उम्र में लड़कियों को पीरियड शुरू होता है. घर में बड़ी होती लड़की हो तो पेरेंट को उन्हें पीरियड के बारे में पहले से बताना चाहिए. पहली बार पीरियड शुरू होने पर उन्हें अच्छे से सारी जानकारी देना जरूरी है. पीरियड के बारे में जानकारी होने के बावजूद पीरियड शुरू होने पर लड़िकयों में थोड़ी बहुत घबराहट नार्मल है. आइए जानते हैं पहली पीरियड के समय लड़कियों को क्या-क्या बताना है और उन्हें कैसे सपोर्ट करना चाहिए.
आपकी बेटी में पहली माहवारी के लक्षण
उसकी पहली माहवारी आने से पहले, आपकी बेटी के शरीर में कुछ बदलाव महसूस होंगे. कोई भी मां अपनी बेटी में दिखने वाले इन बदलावों को आसानी से समझ सकती है. तो चलिए जातने हैं पहली माहवारी के कुछ छोटे-छोटे लक्षणों के बारे में, जो आपको और आपकी बेटी को इसके लिए तैयार होने का समय दे सकते हैं. पीरियड्स अचानक से नहीं आते. उनके आने से पहले शरीर में कुछ बदलाव होते हैं, जिन्हें आप पीरियड्स शुरू होने के लक्षण मान सकते हैं. जिनसे आप समझ सकते हैं कि पहली माहवारी निकट है. कुछ संकेत इस तरह के होते हैं-
स्तनों का विकास
प्यूबिक हेयर का बढ़ना
पहली माहवारी से पहले डिस्चार्ज होना
आपकी बेटी की पहली माहवारी: उसे तैयार होने में कैसे मदद करें |
पीरियड है नेचुरल
पहली बार पीरियड्स होने पर लड़कियों में थोड़ी घबराहट होती है. उन्हें बताएं कि यह बिलकुल नेचुरल है इससे घबराने की जरूरत नहीं है. यह उनके ठीक से बड़े होने का संकेत है. ये अब हर महीने का उनका साथी होगा.
पीरियड से रिलेटेड प्रोडक्ट्स
पीरियड आने पर उन्हें बताएं कि इस समय उनके पास कौन-कौन से प्रोडक्ट्स को यूज करने के ऑप्शन है. उन्हें पैड, टैम्पोन जैसी चीजों के बारे में अच्छे से बताएं और अपने लिए सही विकल्प चुनने में मदद करें. साथ ही उन्हें हाइजीन फैक्टर के बारे में जागरूक करें.
परेशानियों के बारे में बताएं
लड़िकयों को पीरियड साथ होने वाली परेशानियों के बारे में अच्छे से बताना चाहिए. वरना ये समस्याएं उन्हें चिंता में डाल सकती हैं. उन्हें बताएं कि पीरियड के समय पेट में दर्द, पेट में ऐंठन, कमर दर्द, बेचैनी, मूड स्विंग, खाने की क्रेविंग, थकान और ब्रेस्ट में टेंडरनेस जैसी चीजें सामने आ सकती है.
बॉडी में आने वाले चेंज के बारे में बताएं
टीन एज में लड़कियों को उनके बॉडी में आने वाले चेंजेस के बारे में बताना जरूरी है. उसे यह भी बताएं कि पीरियड्स होना एक साइकिल होता है, जो कि 21-45 दिनों की अवधि के बीच होता है. उन्हें पीरियड और प्रेगनेंसी के बीच का संबंध के बारे में जागरूक करें.
आस्था /शौर्यपथ / दो ग्रहों का किसी एक राशि में मिलने की स्थिति को युति कहा जाता है. ज्योतिष गणना के अनुसार, इस वर्ष ग्रहों से संबंधित महत्वपूर्ण घटना में 24 अप्रैल को मेष राशि में देवताओं के गुरु बृहस्पति और शुक्र की युति होने वाली है. गुरु और शुक्र ग्रहों की युति 12 वर्षों के बाद होगी और इसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा लेकिन, कुछ राशियों पर इनका सकारात्मक असर पड़ने वाला है जिनसे उन्हें जीवन में सफलता प्राप्त हो सकती है. आइए जानते हैं किन राशियों का भाग्य खुलने वाला है.
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए गुरु-शुक्र की युति वरदान साबित होगी. इन राशि के जातकों को धन प्राप्ति के साथ करियर में भारी सफलता, नौकरी में प्रदोन्नति, वैवाहिक जीवन में सुख और मान-सम्मान में भी वृद्धि जैसे कई महत्वपूर्ण चीजें प्राप्त हो सकती हैं.
मिथुन राशि
इस वर्ष 24 अप्रैल को होने वाली गुरु-शुक्र की युति मिथुन राशि के जातकों का भाग्य खोल देगी. मिथुन राशि के जातकों के जीवन में भारी बदलाव आ सकता है. उन्हें जीवन के हर पक्ष से अच्छी खबर मिल सकती है. उनके हर काम से अच्छे फल प्राप्त हो सकते है. व्यापार करने वालों को भारी लाभ हो सकता है.
कर्क राशि
गुरु और शुक्र की युति कर्क राशि के जातकों के लिए किस्मत का दरवाजा खोलने वाली है. कर्क राशि के जातकों की बड़ी इच्छा पूरी हो सकती है. नौकरी करने वालों को पदोन्नति और वेतन वृद्धि की खुशियां मिल सकती है. परिजनों के साथ किसी जगह पर छुटिटयां बिताने का अवसर प्राप्त हो सकता है. ये समय कर्क राशि के जातकों के लिए भी बहुत अच्छा साबित होने वाला है.
आस्था /शौर्यपथ / भारत के चारधामों में से एक है उत्तराखंड जिसमें चारधाम यात्रा अब शुरू होने वाली है. इसी यात्रा के दौरान सिक्खों के पवित्र स्थल श्री हेमकुंट साहिब जी के कपाट आगामी मई के महीने में 25 मई के दिन खोल दिए जाएंगे. गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब के कपाट खुलने के पांच महीने बाद यानी 10 अक्टूबर के दिन कपाट एकबार फिर बंद कर दिए जाएंगे.
श्री हेमकुंट साहिब बर्फीले पहाड़ों के बीच स्थित है और बीते चार दिनों से यहां बर्फबारी हो रही है. हेमकुंट साहिब में इस समय तकरीबन 8 फीट बर्फ जमी हुई है. मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी से सचिवालय में गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने गुरुवार के दिन भेंट की और गुरुद्वारा ट्रस्ट की ओर से यह जानकारी दी कि श्री हेमकुंट साहिब जी की यात्रा का शुभारंभ हो रहा है. राज्य सरकार ने इस पर अपनी सहमति भी दे दी है.
यात्रियों का जत्था तीर्थस्थल की तरफ 20 मई की सुबह पहुंचने वाला होगा और उसके बाद हेमकुंट साहिब के कपाट खुल जाएंगे.
गुरुद्वारा हेमकुंट साहिब भारत के उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित एक तीर्थस्थल है. यह भारतीय सर्वेक्षण के अनुसार 4632 मीटर (15,200 फीट) की ऊंचाई पर हिमालय पर्वत में स्थित है. यहां तक केवल ऋषिकेश-बद्रीनाथ राजमार्ग पर गोबिंद घाट से पैदल ही पहुंचा जा सकता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /"खूब पानी पियें" - हम सभी बचपन से यही सुनते हुए बड़े हुए हैं. इसका एक कारण है. पानी आपको हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है, और बॉडी को डिटॉक्सीफाई करने और शरीर में हेल्दी बैलेंस बनाए रखता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी को सही तरीके से ना पीने और ज्यादा मात्रा में पीने से ओवरहाइड्रेशन इसका उल्टा रिजल्ट दे सकते हैं. इसलिए दिन में सही समय पर पानी पीना भी जरूरी है. आयुर्वेदिक विशेषज्ञ और गट हेल्थ कोच डॉ. डिंपल जांगड़ा ने इंस्टाग्राम पर कुछ टिप्स शेयर किए, जिसमें पानी पीने के लिए दिन का सही समय बताया गया.
पानी पीने का सबसे अच्छा समय क्या है?
1. सुबह सबसे पहले पानी पियें:
अपनी सुबह की शुरुआत एक गिलास पानी से करें. हमारा शरीर लंबे समय तक भूखा-प्यासा रहता है, जहां डाइजेशन, मेटाबॉलिज्म और दूसरी फिजिकल एक्टिविटी धीमी हो जाती हैं. तभी आपको दिन की शुरुआत करने के लिए खुराक की आवश्यकता होती है. एक गिलास पानी में आधा नींबू या एक चम्मच घी डालकर पी लें. आप इसमें एक चुटकी दालचीनी पाउडर भी मिला सकते हैं. यह आपको एंटीऑक्सीडेंट फाइटोन्यूट्रिएंट्स, विटामिन सी और पोटेशियम की पूर्ति करने में भी मदद कर सकता है.
2. खाने से पहले पानी पियें:
खाना शुरू करने से पहले पानी पीने से आपके पेट को साफ करने में मदद मिलती है, जिससे वजन कम करने में भी मदद मिल सकती है. डॉ. जांगड़ा ने यह भी कहा कि एक अध्ययन से पता चला है कि जिन लोगों ने लगभग 12 हफ्ते तक खाने से लगभग 30 मिनट पहले 500 मिलीलीटर पानी पिया, उनका वजन लगभग तीन पाउंड कम हुआ.
3. सोने से पहले पिएं पानी:
इसे एक गिलास पानी के साथ पूरा करें. विशेषज्ञ बताते हैं कि सोने से पहले पानी पीने से उन घंटों के दौरान परिसंचरण में सुधार करने में मदद मिलती है जब आप दिल के दौरे के सबसे बड़े जोखिम में होते हैं. यह आपको पूरी रात हाइड्रेटेड रखेगा और शरीर को विषाक्त पदार्थों से छुटकारा दिलाने में मदद करेगा. यह पेट में दर्द या ऐंठन से राहत दिलाने में भी मदद कर सकता है.
4. नहाने से पहले पियें पानी:
डॉ. डिंपल बताती हैं कि नहाने से पहले एक गिलास गर्म पानी पीने से शरीर में ब्लडप्रेशर के लेवल को कम करने में मदद मिलती है. यह आपके शरीर को अंदर से गर्म रखने में भी मदद करता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / आज के समय में लोगों का ज्यादातर समय मोबाइल, टीवी या लैपटॉप स्क्रीन के सामने निकलता है. जिसकी असर सबसे ज्यादा आंखों की रोशनी पर पड़ता है और धीरे-धीरे ये कमजोर होने लग जाती हैं. आंखें हमारे शरीर के नाजुक अंगों में से एक है, इसलिए हमें इसका खास ख्याल रखना चाहिए. अगर आप भी कमजोर आंखों की वजह से चश्मा लगाने पर मजबूर होते हैं तो आप इससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो आज हम आपको बताएंगे एक ऐसा देसी नुस्खा जो आपकी कमजोर आंखों को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. आपके किचन में मौजूद एक मसाला आपकी इसमें मदद कर सकता है.
हम बात कर रहे हैं खस-खस की. जिसे देश के कई हिस्सों में अलग-अलग नाम से जाना जाता है. खाना बनाने से लेकर मिठाइयों और शरबत बनाने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. खासतौर से गर्मियों के मौसम में इसका शरबत लोग खूब पीते हैं. खस-खस शरीर के साथ ही दिमाग को भी सुकून देता है. इसके साथ ही इसमें पाए जाने वाले तत्व आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मदद कर सकता है.
खस-खस कई तरह का होता है
बता दें कि खस-खस कई तरह का होता है. इनमें से वाइट खस-खस, ओरिऐंटल खस-खस और ब्लू खस-खस जिसका इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है. आप इसे अपनी पसंद के हिसाब से इस्तेमाल कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं आंखों के लिए ये कैसे फायदेमंद है.
आंखों के लिए खस-खस के फायदे
खस-खस में जिंक और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. जो आपको कई तरह की बीमारियों और इंफेक्शन से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकते हैं. इसमें पाए जाने वाले तत्व आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मदद करते हैं. खासतौर पर आंखों की मैक्यूला को हेल्दी रखता है, जिससे विजन क्लियर बना रहता है. आप खसखस को हलवे के तौर पर, शरबत के तौर पर खा सकते हैं.
खस-खस हलवा रेसिपी
खस-खस का हलवा बनाने के लिए रात भर के लिए इसे पानी में भिगोकर रख दें. अब दिन में इसे मिक्सी में बारीक पीस लें. अब कढ़ाही घी डालें और उसमें खस-खस को तब तक भूनें जब तक इसका रंग हल्का गहरा न हो जाए. अब खस-खस में दूध और चीनी को डालकर लगातार चलाते हुए मिक्स करें. एक समय ऐसा आएगा जब हलवे से घी अलग होने लगेगा. अब इसमें कटे हुए काजू, बादाम और इलायची पाउडर को डाल दें. अब इन सभी को हलवे के साथ अच्छी तरह से मिक्स कर ले. अब लगभग 2-3 मिनट तक हलवे को अच्छी तरह से पकने दें. अब आपका खसखस का हलवा बनकर तैयार हो गया है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /मोटापा कम करने के लिए आपको इंटरनेट पर कई तरह के डाइट प्लान और एक्सरसाइज मिल जाएंगी. वेट लॉस के लिए लोग काफी मेहनत करते हैं. लेकिन वजन बढ़ाने के लिए मेहनत करते हुए क्या आपने लोगों को देखा है. कई बार अपने कम वजम और पतले-दुबले शरीर की वजह से लोग लोगों के बीच मजाक बन जाते हैं. और हद से ज्यादा दुबलापन शर्मिंदगी की वजह भी बन जाता है. कई बार अच्छा खाना खाने के बावजूद भी वजन नहीं बढ़ पाता है. असल में वजन कम होने के पीछे भी कई वजह हो सकती हैं. कई बार ये जेनेटिक, शरीर में किसी तरह की कोई समस्या, भूख न लगने की वजह से सही से खाना न खाना भी इसका कारण बो सकता है. आज हम आपको वजन बढ़ाने के लिए एक घरेलू नुस्खा बताएंगे. बस आपको अपनी डाइट में एक चीज को शामिल करना जो वेट गेन में आपकी मदद कर सकता है. वजन बढ़ाने में अंजीर हमारी मदद कर सकती है. असल में अंजरी में पोटैशियम, मिनरल, कैल्शियम और विटामिन के गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. जो शरीर को कई तरह की समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं वजन को बढ़ाने के लिए कैसे करें अंजीर का सेवन.
वजन बढ़ाने के लिए कैसे करें अंजीर का सेवन
अंजीर का हलवा
वेट गेन के लिए आप अपनी डाइट में अंजीर के हलवे का सेवन भी कर सकते हैं. इसके लिए अंजीर को भिगोकर उसे मिक्सी में पीस लें. अब एक कढ़ाई में घी डालें और उसमें अंजीर के पेस्ट को डालकर भूनें. रंग बदलने और सोंधी महक आने पर इसमें पिसी हुई चीनी और ड्राई फ्रूट्स को काटकर डालें और सभी चीजों को अच्छे से मिक्स कर दें. इस हलवे का सेवन आप नाश्ते में कर सकते हैं.
अंजीर और दूध
दूध के साथ करें अंजीर का सेवन. दूध को कैल्शियम का अच्छा सोर्स माना जाता है. अंजीर और दूध का साथ में सेवन शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. वजन को बढ़ाने के लिए आप अंजीर और दूध का सेवन कर सकते हैं. इसके लिए अंजीर को रातभर के लिए भिगोकर रख दें और सुबह नाश्ते में दूध के साथ इसका सेवन कर सकते हैं.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / साइंस आज के समय में बहुत प्रोग्रेस कर चुका है. चांद और सितारों तक भी साइंस पहुंच गया है. हर क्षेत्र में इसकी प्रोग्रेस साफ नजर आती है. लेकिन कुछ चीजें हैं जिनके बारे में अभी भी साइनटिस्ट पता नहीं लगा पाए हैं और वो है बढ़ती हुई उम्र को कैसे रोकें. ये एक ऐसा प्रोसेस है जिससे कोई भी नहीं बच सकता है. न तो बढ़ती उम्र को रोका जा सकता है. न ही इसके साथ दिखने वाले लक्षणों को रोका जा सकता है. बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स आने लग जाती हैं और चेहरे का नेचुरल ग्लो भी डल पड़ने लगता है. हम चाहकर भी बढ़ती उम्र को नहीं रोक सकते लेकिन उसे धीमा जरूर कर सकते हैं.
आज हम आपको यहां तीन ऐसे ड्राई फ्रूट्स के बारे में बताएंगे जिसको आप हर रोज खाकर बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम कर सकते हैं. ये सभी अपने एंटी-एजिंग गुण के लिए जाने जाते हैं.
बढ़ती उम्र को रोकने में मदद करेंगे ये ड्राई फ्रूट्स
बादाम
बादाम कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें विटामिन, फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं. जो शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाने में मदद करता है. इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व झुर्रियों और फाइन लाइन्स जैसी समस्याओं को दूर रखने में मदद करते हैं.
अंजीर
अंजीर भी एक ऐसा ड्राई फ्रूट है जो अपने साथ कई पोषक तत्वों से गुणों से भरपूर होने के साथ एंटी-एजिंग गुणों के लिए भी जाना जाता है. यह स्किन को हाइड्रेट करके झु्र्रियों जैसी समस्याओं से बचाने में मदद कर सकता है.
किशमिश
किशमिश में कई सारे विटामिन्स, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स पाए जाते हैं जो स्किन की इलास्टिसिटी को बढ़ाने में मदद कर उसको टाइट बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.
ब्यूटी /शौर्यपथ /लंबे बाल आपकी खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करते हैं, इस बात में कोई शक नही हैं. 'उड़े जब-जब जुल्फे तेरी' से लेकन न जाने कितने ही गाने हैं जो लंबे बालों के इर्द-गिर्द ही बुने गए हैं. लेकिन आज के समय में लंबे बाल और बेहतरीन जुल्फें होना कई लोगों का सपना ही रह गया है. बालों का झड़ना, समय से पहले सफेद होना और डैंड्रफ बालों की आम समस्या बन गई है. इसके अलावा ड्राई और बेजान बाल भी अमूमन लोगों की परेशानी की वजह बन गए हैं. केमिकल प्रोडक्ट्स का ज्यादा इस्तेमाल, शरीर में पोषक तत्वों की कमी की वजह से स्कैल्प ड्राई और बेजान हो जाता है. जिससे बालों की ग्रोथ तो रुकती ही है. बालों का नेचुरल शाइन भी चला जाता है. अगर आप भी केमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बंद कर के अपने बालों को नेचुरली हेल्दी बनाना चाहते हैं तो आप कुछ घरेलू उपायों की मदद ले सकते हैं.
आपके किचन में मौजूद कई चीजें जिन्हें आर्युवेद में भी बालों के लिए लाभदायी माना गया है. आपके बालों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में आपकी मदद कर सकते हैं. इन चीजों से बना हेयर मास्क आपके हेयर फॉलिकल्स को मजबूती देता है और डैंड्रफ को दूरकर, बालों का गिरना भी कम करता है. आइए जानते हैं इसे बनाने और इस्तेमाल करने का तरीका.
बालों में जमा पपड़ीदार डैंड्रफ को दूर कर बालों की ग्रोथ बढ़ाएगा ये हेयर मास्क
इस मास्क को बनाने के लिए चाहिए-
दही- 1 टेबलस्पून
सूखा त्रिफला- 1 टीस्पून
नीम पाउडर- 1 टीस्पून
भृंगराज- 1 टीस्पून
सौंठ (सूखा अदरक) - 1 टीस्पून
विधि
इन सभी चीजों को एक साथ मिलाकर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को लगभग आधे घंटे के लिए रख दें. इसके बाद इसे बालों पर अच्छे से लगाएं. जड़ों और बालों के सिरों तक. आधे घंटे के लिए इसे लगाकर छोड़ दें. इसके बाद बालों को धोकर अच्छी तरह से साफ कर लें. बेहतर रिजल्ट के लिए इसे आपको लगातार 3 हफ्तों तक हफ्ते में 2 बार लगा सकते हैं. आपको रिजल्ट खुद ब खुद नजर आने लगेगा.
टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / खाने को और स्वादिष्ट बनाने के लिए अक्सर हम लोग सीजनिंग का इस्तेमाल करते हैं. यह न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है बल्कि उसमें एक ऐसी सुगंध भी जोड़ती है जिससे खाना और स्वादिष्ट लगने लग जाता है. सीजनिंग कई तरह के मसालों को मिलाकर बनाई जाती है जो खाने के स्वाद को दोगुना करने में मदद कर सकती है. आपने आज तक कई तरह की सीजनिंग खाई होंगी. लेकिन क्या आपने कभी लहसुन के छिलके से बनी सीजनिंग के बारे में सुना है. लहसुन के छिलकों को लोग फेंक देते हैं. बल्कि आप इससे बेहतरीन सीजनिंग तैयार कर सकते हैं. अगर आप ये सुनकर हैरान हैं, तो इतना मत सोचिए. यहां हम आपको लहसुन के छिलके से सीजनिंग बनाने की विधि बताएंगे.
लहसुन के छिलके से सीजनिंग कैसे बनाएं
सीजनिंग बनाने के लिए सामग्री
लहसुन के छिलके
काला नमक
चाट मसाला
लाल मिर्च पाउडर
लहसुन के छिलके से सीजनिंग बनाने के लिए आपको सबसे पहले इसके छिलकों को लेकर धोकर अच्छे से साफ कर लेना है. इसके बाद इन्हें एक ट्रे में सूखने के लिए रख दें. जब ये छिलके पूरी तरह सूख जाएं, तो इसे ग्राइंडर में डालकर पीस लें. अब इसमें स्वादानुसार नमक, लाल मिर्च और चाट मसाला मिला लें. आपकी सीजनिंग बनकर तैयार है. इसे एयर टाइट कंटेनर में रखें. किसी भी सब्जी में या फिर पराठे बनाते समय आप इसे रोटी में भी मिला सकते हैं. इससे उनके स्वाद में अंतर आपको साफ समझ आएगा. इसको एयर टाइट डिब्बे में सूरज की रोशनी से दूर ही रखें. इससे ये जल्दी खराब नहीं होगा.
आस्था /शौर्यपथ /हिंदू धर्म में मालाएं धारण करना बेहद शुभ माना जाता है. कहते हैं मालाएं धारण करना या फिर माला से जाप करने पर आराध्य सभी मनोकामनाएं सुनते हैं. वहीं, माला से जाप करने पर ध्यानकेंद्रित करने में मदद मिलती है और मन शांत भी महसूस करता है. मालाएं कई अलग-अलग तरह की होती हैं और इन्हीं में से एक है तुलसी की माला. तुलसी की माला धारण करना अत्यधिक शुभ माना जाता है. कहते हैं तुलसी की माला में स्वयं मां लक्ष्मी का वास होता है और तुलसी की माला से जाप करने पर भगवान विष्णु भी प्रसन्न होते हैं. ऐसे में मन को तो शांति मिलती ही है, साथ ही आत्मा पवित्र भी हो जाती है. जानिए तुलसी की माला से जाप करने और इस माला को धारण करने से मिलने वाले लाभ और नियमों के बारे में.
तुलसी की माला को धारण करने के लाभ |
माना जाता है कि तुलसी में मां लक्ष्मी का वास होता है. ऐसे में तुलसी की माला से जाप करने या फिर तुलसी की माला धारण करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है.
तुलसी को धार्मिक मान्यतानुसार भगवान विष्णु की प्रिय कहा जाता है. ऐसे में तुलसी की माला पर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप किया जा सकता है.
तुलसी की माला धारण करने पर भगवान विष्णु की कृपा भी प्राप्त होती है और भगवान विष्णु जातक के घर-परिवार में खुशहाली लाते हैं.
मान्यतानुसार तुलसी की माला धारण करने पर बुध और शुक्र ग्रह मजबूत रहते हैं. इससे मन शांत भी रहता है.
तुलसी की माला धारण करने के नियम
तुलसी की माला धारण करने से पहले इस माला को गंगाजल से शुद्ध किया जाता है. इसके बाद तुलसी माता के मंत्रों का जाप किया जाता है और फिर माला धारण करते हैं.
जो व्यक्ति तुलसी की माला धारण करता है उसे सात्विक भोजन करा पड़ता है. इसके अतिरिक्त, माला धारण करने वाला व्यक्ति मदिरा का सेवन या तामसिक भोजन भी नहीं कर सकता है.
तुलसी की माला पहनने वालों को रुद्राक्ष पहनने की मनाही होती है. दोनों तरह की मालाएं एक साथ पहनना अच्छा नहीं माना जाता है.
रोजाना तुलसी की माला की पूजा की जाती है और कहते हैं इस माला को धारण करने के बाद उतारना नहीं चाहिए. नित्य कर्म से पहले माला उतारी जाती है और स्नान के पश्चात इसे फिर पहन सकते हैं.
माना जाता है कि जो लोग तुलसी की माला को गले में धारण नहीं कर सकते हैं वे इसे दाएं हाथ पर बांध सकते हैं.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / पंचांग के अनुसार, हर महीने दो प्रदोष व्रत रखे जाते हैं. प्रदोष व्रत हर माह कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है. माना जाता है कि भगवान शिव के लिए प्रदोष व्रत रखने पर भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, भक्तों को आरोग्य का वरदान मिलता है और जीवन के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं. पंचांग के अनुसार, फरवरी का दूसरा प्रदोष व्रत 21 फरवरी, बुधवार के दिन रखा जाएगा. बुधवार के दिन पड़ने के चलते इस प्रदोष व्रत को बुध प्रदोष व्रत कहते हैं. जानिए प्रदोष व्रत की पूजा में कौन-कौनसी सामग्री शामिल की जा सकती है और किन मंत्रों का जाप करने पर भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं.
प्रदोष व्रत के मंत्र |
प्रदोष व्रत के दिन सुबह-सवेरे उठकर स्नान किया जाता है. स्नान पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण करके भगवान शिव का ध्यान किया जाता है और व्रत का संकल्प लेते हैं. प्रदोष व्रत की असल पूजा शाम के समय प्रदोष काल में की जाती है. प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 15 मिनट से रात 8 बजकर 47 मिनट तक है. प्रदोष व्रत की पूजा में मिठाई, फल, फूल, बेलपत्र, धूप, दीप, रोली, चंदन, अक्षत, शमी के पत्ते, भस्म और धतूरा आदि सामग्री को शामिल किया जाता है. निम्न ऐसे कुछ मंत्र दिए गए हैं जिनका प्रदोष व्रत के दिन जाप करना बेहद शुभ कहा जाता है.
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
शिव नामावली मंत्र
।। श्री शिवाय नम:।।
।। श्री शंकराय नम:।।
।। श्री महेश्वराय नम:।।
।। श्री सांबसदाशिवाय नम:।।
।। श्री रुद्राय नम:।।
।। ओम पार्वतीपतये नम:।।
।। ओम नमो नीलकण्ठाय नम:।।
शिव गायत्री मंत्र
ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।
शिव आरोग्य मंत्र
माम् भयात् सवतो रक्ष श्रियम् सर्वदा।
आरोग्य देही में देव देव, देव नमोस्तुते।।
ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।
शिव स्तुति मंत्र
द: स्वप्नदु: शकुन दुर्गतिदौर्मनस्य, दुर्भिक्षदुर्व्यसन दुस्सहदुर्यशांसि।
उत्पाततापविषभीतिमसद्रहार्ति, व्याधीश्चनाशयतुमे जगतातमीशः।।
आस्था /शौर्यपथ / हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है. शिव भक्त फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को महाशिवरात्रि का व्रत रखकर भगवान शंकर और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करते है. मान्यता है महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की सच्चे मन से पूजा करने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है. जीवन में कोई कष्ट नही रहता है. इस व्रत को करने से मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है. महाशिवरात्रि के दिन कुछ विशेष चीजें चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि की पूजा में शिवलिंग पर क्या-क्या चढ़ाना चाहिए.
दूध से अभिषेक
महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग का दूध से अभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना गया है. शिवलिंग का दूध से रुद्राभिषेक करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी हो जाती है.
जल चढ़ाना
महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग को जल चढ़ाना भी अत्यंत शुभ होता है. ऊं नम: शिवाय: का जाप करते हुए शिवलिंग को जल चढ़ाने से मन को शांति मिलती है और मानसिक परेशानियां दूर हो जाती है.
बेलपत्र
भगवान शंकर को तीन पत्तियों वाला बेलपत्र अत्यंत प्रिय है. शिवरात्रि के दिन पूजा के समय शिवलिंग पर तीन पत्तियों वाले बेलपत्र चढ़ाने चाहिए. इन्हें 11, 21 की तरह शुभ अंकों में चढ़ाने से लाभ होगा.
लाल केसर
महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग को लाल केसर से तिलक लगाएं. इससे जीवन में सौम्यता आती है और मांगलिक दोष दूर हो जाते हैं.
शहद
महाशिवरात्रि की पूजा के समय शिवलिंग पर शहद का लेप करने से वाणि को मधुरता मिलती है. इससे जीवन में राग और द्वेष कम होते हैं.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
