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इस रफ्तार से नीयत समय में सभी किसान धान नहीं बेच पायेंगे - दीपक बैज
रायपुर । शौर्यपथ
धान खरीदी की सुस्त व्यवस्था बता रही सरकार किसानों का पूरा धान नहीं खरीदना चाह रही। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 150 लाख मीट्रिक टन धान इस वर्ष खरीदने का लक्ष्य है, लेकिन जिस धीमी रफ्तार से खरीदी हो रही है। नियत समय में लक्ष्य की पूर्ति नहीं हो पायेगी। सरकार का इरादा ठीक नहीं लग रहा है। प्रदेश के सभी 2739 केंद्रों में खरीदी की रफ्तार बहुत धीमी है, कही जगह की कमी है तो कहीं टोकन की दिक्कत किसान भटक रहे है। लिमिट भी एक बड़ी बाधा बनी हुई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि धान खरीदी के 50 दिन बाद भी किसान एग्री स्टेक पोर्टल की खामियों के चलते टोकन नही मिलने, रकबा कम होने, धान खरीदी केंद्रों में खरीदी लिमिट नही बढ़ाये जाने एवं खरीदी केंद्रों से धान का उठाव नही होने से बेहद परेशान है, धान खरीद केंद्रों में जाम की स्थिति है, खरीदी बाधित हो रही है। किसान आक्रोशित है, आंदोलन कर रहे है लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। कांकेर जिले के ग्राम बारकोट के किसान 150 किलोमीटर चल कर कलेक्टर से मिले लेकिन उनकी समस्या का कोई संतोषजनक हल नहीं हुआ। लगभग हर गांव में यही समस्या है। ये भाजपा सरकार के द्वारा जानबूझकर रचा गया षड्यंत्र है ताकि किसान धान बेचने से वंचित रहे और सरकार धान बेचने से वंचित किसानों को जिम्मेदार ठहरा कर अपनी जिम्मेदारी से बच सके।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 50 दिन में जिस प्रकार से धान खरीदी की गई है इससे स्पष्ट है कि तय तारीख में प्रदेश के 27 लाख से अधिक किसान धान नहीं बेच पाएंगे। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होगा किसान कर्ज में आ जाएंगे और भाजपा की सरकार किसानों को आर्थिक रूप से तंगहाल करना चाहती है भाजपा सरकार चाहती है की किसान हताश और परेशान होकर अपनी उपज को औने पौने दाम पर बिचौलिया के पास बेच दे ताकि भाजपा सरकार किसानों को 3100 रु क्विंटल की दर से भुगतान करने से बचे।धान खरीदी को लेकर जो आंकड़े जारी किए जा रहे है वो संदेहास्पद है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार धान खरीदी केदो में ही ऑफलाइन टोकन किसानों को दे किसानों के पूरे रकबा की धान खरीदी की जाए धान खरीदी की लिमिट बढ़ाई जाए और कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव तत्काल किया जाये, ताकि सोसायटियों में जगह हो और धान खरीदी सुचारू हो सके।
बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए सरकार की प्रशासनिक अक्षमता जिम्मेदार
रायपुर/ शौर्यपथ / राजधानी में कमिश्नरी प्रणाली लागू करने का मंत्रिमंडल का फैसला शुतुरमुर्गी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार राजधानी और प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को सुधारने क्या निर्णय लेना चाहिए यह समझ ही नहीं पा रही है, बीमारी कहीं है, इलाज कहीं और खोजा जा रहा है। पिछले दो साल में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की लचर प्रशासनिक क्षमता के कारण प्रदेश में अपराध बढ़ गये है।
राजधानी रायपुर अपराध का गढ़ बन गया है। सरकार इसके लिए प्रदेश के अक्षम गृहमंत्री को बदलने के बजाए पुलिस की प्रणाली बदलने जा रही है। कमिश्नरी प्रणाली लागू हो जाने से क्या हो जायेगा? पुलिस कमिश्नर को दंडाधिकारी अधिकार भी मिल जायेंगे। सरकार को क्या ऐसा लगता है वर्तमान में पुलिस और जिला प्रशासन के बीच सामंजस्य का अभाव है, इस कारण राजधानी की कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है, इसलिए कमिश्नर प्रणाली लागू करने जा रहे है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ऐसे समय जब दुनिया भर में प्रशासनिक सुधार के लिए व्यवस्था का सरलीकरण किया जा रहा है, अधिकारों के विकेन्द्रीयकरण का दौर चल रहा उस समय राज्य सरकार द्वारा कमिश्नरी प्रणाली लागू कर के सत्ता अधिकारों का केंद्रीयकरण किया जा रहा है। एक ही व्यक्ति के अधीन गिरफ्तारी से लेकर जमानत तक के अधिकार दिये जाने के निर्णय लिया जाना सरकार की रूढ़िवादी सोच को दर्शाता है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था सरकार की लापरवाही, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की अक्षमता के कारण बिगड़ी है। केवल राजधानी नहीं प्रदेश के सभी जिलों में लूट, हत्या, बलात्कार, डकैती, चाकूबाजी की घटनाएं बढ़ गयी है। राजधानी में सरकार बिगड़ती कानून व्यवस्था के नाम पर कमिश्नरी प्रणाली लागू करने जा रही है, शेष प्रदेश में क्या करेंगे? गृहमंत्री का गृह जिला कवर्धा तो दो साल में अपराध की राजधानी बन गयी है। बिलासपुर, जगदलपुर, रायगढ़ हर जगह अपराध का ग्राफ बढ़ा है। वहां के बारे में सरकार की क्या कार्ययोजना है?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यदि सरकार को ऐसा लगता है कि बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था का समाधान सिर्फ कमिश्नरी प्रणाली लागू करना ही है तो प्रदेश के सभी बड़े शहरों बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर, जगदलपुर, रायगढ़ में भी कमिश्नरी प्रणाली लागू करके देख लें।
भाजपा सरकार आलोचना से डरी, जनहित के सवाल उठाने वाली इंफ्लुएंसर को तत्काल रिहा करे
रायपुर । शौर्यपथ
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो की गिरफ्तारी को प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार की तानाशाही करार दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है और सरकार में बैठे लोगों में आलोचना सुनने का साहस नहीं बचा है। आकांक्षा टोप्पो को तत्काल रिहा किया जाए।
ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार दो साल में ही अलोकप्रिय हो चुकी है। जनता के हित में सवाल उठाने वालों को डराने के लिए झूठे मामले दर्ज कर चुप कराने की कोशिश हो रही है। आकांक्षा टोप्पो लगातार खराब सड़क, लचर स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रही थीं। उन्होंने स्थानीय विधायक लक्ष्मी राजवाड़े रामकुमार टोप्पो की कार्यशैली पर भी प्रश्न खड़े किए थे। अगर कोई परिवार वर्षों से एक स्थान पर रह रहा है, जिसमें चार सदस्य दिव्यांग हैं, तो उन्हें खदेड़ा जाए और परिवार दुखी होकर सरकार से इच्छामृत्यु मांगे—ये सरकार के लिए शर्म की बात है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मंत्री राजवाड़े द्वारा ड्राइवर को दिल्ली में छोड़कर आने की घटना को गलत ठहराया। उन्होंने सवाल किया कि विधायक रामकुमार टोप्पो दिव्यांगों का घर न बचा पाएं, उनकी व्यथा न सुनें तो किस बात के जनप्रतिनिधि? क्या जिम्मेदारों से सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए? आकांक्षा टोप्पो ने नए शराब दुकान खुलने, आरआईटी में शिक्षकों की कमी व लैब बंद होने, मंत्री राजवाड़े के क्षेत्र में बिजली न होने जैसी समस्याओं पर भी आवाज बुलंद की थी। सरकार को सवालों से डर किस बात का? क्योंकि ये सरकार जनता की अपेक्षाओं को दो साल में पूरा नहीं कर पाई, इसलिए फर्जी कार्रवाई कर आक्रोशित जनता की आवाज दबाना चाहती है। सरकार की तानाशाही से न विपक्ष डरेगा, न जनता—सवाल तो पूछे जाएंगे।
ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के दो साल में सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई हैं। ये सिर्फ विज्ञापन की सरकार है। प्रदेश में धान खरीदी को लेकर रोज आंदोलन हो रहे हैं, आदिवासी वर्ग प्रताड़ित हो रहा है। शासकीय कर्मचारी, व्यापारी, युवा, महिलाएं—सभी आंदोलन कर रहे हैं। फिर भी ये सरकार किसके लिए काम कर रही? लोगों के सामने जल, जंगल, जमीन बचाना चुनौती बन गया है। ऐसे में युवा वर्ग जब जनता की आवाज बन रहा है, तो उसे डराया जा रहा है।
रायपुर/शौर्यपथ /
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में धान खरीदी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से लगातार अव्यवस्था और शिकायतों की सूचनाएँ सामने आ रही हैं, जिससे किसान परेशान हैं।
बघेल के अनुसार बोवाई के समय किसानों को डीएपी की एक बोरी तक उपलब्ध नहीं कराई गई और अब धान कम खरीदने की रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वन ग्रामों और पट्टाधारी किसानों का धान खरीदा ही नहीं जा रहा है तथा बड़ी संख्या में किसानों के रकबे एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन न होने से कट गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि खरीदी केंद्रों पर हर कट्टे में लगभग एक किलो अतिरिक्त धान किसानों से लिया जा रहा है, जिसके चलते केंद्रों में 'अतिरिक्त धानÓ का आंकड़ा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाईन पोर्टल कुछ ही मिनटों में बंद हो जाता है, जबकि ऑफलाईन खरीदी में पक्षपातपूर्ण तरीके से अपने लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने मिलर्स पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई राइस मिलरों ने अभी तक एग्रीमेंट नहीं किया है, जिसके कारण उठाव बाधित है और सीधे तौर पर किसानों को नुकसान हो रहा है।
धर्मांतरण मामले में कांकेर बंद पर प्रतिक्रिया
कांकेर में धर्मांतरण प्रकरण को लेकर कल सामाजिक बंद और चेम्बर ऑफ कॉमर्स के समर्थन के मामले में बघेल ने कहा कि कांग्रेस जबरिया धर्मांतरण के खिलाफ है, लेकिन इस विषय का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बंद के पीछे कुछ ठोस कारण अवश्य होंगे, परंतु मूल प्रश्न समाधान का है। उन्होंने पूछा कि भाजपा की सरकार आने के बाद ऐसी घटनाएँ क्यों बढ़ी हैं।
महतारी गौरव वर्ष पर हमला
राज्य सरकार द्वारा अगले वर्ष को 'महतारी गौरव वर्षÓ घोषित करने पर बघेल ने कहा कि सरकार का व्यवहार ही महिलाओं का अपमान करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि महतारी वंदन योजना में करोड़ों महिलाओं को धोखा दिया गया है और राशन कार्डों से 30 लाख नाम हटाए गए हैं। बघेल ने गोधन न्याय योजना, रीपा और बिहान की स्थिति को भी खराब बताया तथा कहा कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़े हैं।
झीरम कांड पर जेपी नड्डा के बयान का जवाब
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के झीरम घाटी मामले को लेकर दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने कहा कि नक्सलियों से सांठगांठ भाजपा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में नक्सली भाजपा नेताओं से लेवी मांगने एकात्म परिसर तक पहुंचते थे।उन्होंने कहा कि एनआईए ने जांच पूरी नहीं की और भाजपा सरकारों ने हमेशा जांच को रोका। बघेल ने दोहराया कि झीरम कांड एक राजनीतिक और आपराधिक षड्यंत्र है, जिसका लाभ भाजपा को मिला।
चैतन्य बघेल केस में सेंसेशन फैलाने का आरोप
चैतन्य बघेल के खिलाफ कोर्ट में पेश चार्जशीट पर बघेल ने कहा कि छह सप्लीमेंट्री में उनका नाम नहीं था, लेकिन अब बिना आधार के सनसनी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि दूसरे के व्हाट्सऐप चैट और पप्पू बंसल के बयान पर केस खड़ा किया जा रहा है, जबकि बयान चालान में शामिल तक नहीं है।उन्होंने इसे राजनीतिक बदनाम करने की कोशिश बताते हुए कहा कि उनकी और परिवार की पुरानी संपत्तियों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।
नई दिल्ली। शौर्यपथ ।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद द्वारा प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने की मांग के बाद उनके पति रॉबर्ट वाड्रा भी खुले तौर पर इस विचार के समर्थन में सामने आ गए हैं। वाड्रा का कहना है कि प्रियंका को आगे लाने की मांग सिर्फ एक जगह से नहीं,बल्कि हर तरफ से उठ रही है।
गौरतलब है कि संसद के हालिया शीतकालीन सत्र में राहुल गांधी की विदेश यात्रा के बाद से प्रियंका की सक्रियता को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा पहले से ही तेज थी। वाड्रा का यह बयान कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही संभावित खींचतान को और उभारता दिख रहा है।
जब रॉबर्ट वाड्रा से इमरान मसूद के बयान पर प्रतिक्रिया पूछी गई, तो उन्होंने आईएएनएस से कहा, "मांग तो सब जगह से है कि प्रियंका आगे आएं। मांग यह भी है कि मुझे राजनीति में आना चाहिए। लेकिन अभी हमें असली मुद्दों पर फोकस करना है, जो लोगों से जुड़े हैं।"
उधर, इमरान मसूद ने मंगलवार को दावा किया था कि अगर प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री होतीं, तो वह बांग्लादेश की घटनाओं पर इंदिरा गांधी की तरह करारा जवाब देतीं। उन्होंने कहा, "उन्हें प्रधानमंत्री बनाइए और देखिए कि वे कैसी प्रतिक्रिया देती हैं।"
प्रियंका गांधी ने हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से पड़ोसी देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा मजबूती से उठाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि धर्म और पहचान के आधार पर हिंसा किसी भी सभ्य समाज में अक्षम्य है और भारत सरकार को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।
रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जेपी नड्डा ने राजनीतिक बयानबाजी के लिए सारी मर्यादा को तार-तार किया है। जेपी नड्डा के बयान से भाजपा के माथे से झीरम का कलंक नहीं मिटेगा। कांग्रेस ने झीरम हमले में अपने नेताओं की पूरी एक पीढ़ी को खोया है और उस समय राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी। भाजपा केंद्र में पिछले बारह साल से सरकार में है। एनआईए ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह से पूछताछ क्यों नहीं किया? क्यों एनआईए ने आज तक झीरम हमले के दोषियों तक नहीं पहुंच पायी? जेपी नड्डा इस प्रकार का बयान दे रहे है, उनके पास तथ्यात्मक आधार क्या है, एनआईए उनसे पूछताछ करनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा डरती है झीरम का सच सामने आ जायेगा तो वह बेनकाब हो जायेगी। रमन सिंह से बड़ा क्रूर शासक आजाद भारत में आज तक नहीं हुआ। एक साथ विपक्ष के 32 नेताओं की हत्या हो गयी और तत्कालीन सरकार सच सामने आने देने से रोकने में पूरी ताकत लगा रखी थी। भाजपा के बड़े नेता जीरम की जांच को रोकने लगातार कोशिशें करते रहे उसमें साफ है झीरम के पीछे तत्कालीन भाजपा सरकार की भूमिका संदिग्ध थी। भाजपा के तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक झीरम की जांच रोकने पीआईएल क्यों लगाया था?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि झीरम घाटी कांड एक ऐसा कांड था जिसने कांग्रेस के नेतृत्व की एक पूरी पीढ़ी को ही समाप्त कर दिया था। स्वतंत्र भारत में हुई दुर्दान्त और हृदय विदारक घटना भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में डॉ. रमन सिंह के राज में घटित हुई थी इसके गुनाहगारों को सजा से बचाने के लिए भाजपा लगातार षड़यंत्र करती रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आज भी छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा को घोर नक्सल इलाके में ही क्यों हटाया गया था? झीरम नरसंहार भाजपा के लिए उसकी तत्कालीन सरकार द्वारा की गई चूक मात्र हो सकती है तथा उसकी तत्कालीन सरकार द्वारा किया गया एक षड्यंत्र मात्र हो सकता है। कांग्रेस के लिए झीरम वह घाव है जो कभी नहीं भर सकता। यह घटना देश के लोकतंत्र के माथे पर लगा वह कलंक है जो कभी नही मिट सकता। कांग्रेस ने झीरम में अपने नेताओं की पूरी पीढ़ी को खोया है।
मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाना भाजपा का राजनैतिक दिवालियापन - दीपक बैज
रायपुर । शौर्यपथ
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मनरेगा कानून से महात्मा गांधी का नाम हटाने का निर्णय भाजपा की गांधीजी के प्रति विद्वेष को दर्शाता है। यह भाजपा का राजनैतिक दिवालियापन है। गांधीजी श्रम की गरिमा, सामाजिक न्याय और सबसे गरीबों के प्रति राज्य की नैतिक जिम्मेदारी के प्रतीक रहे है। यह नाम परिवर्तन गांधीजी के मूल्यों के प्रति भाजपा-आरएसएस की दीर्घकालिक असहजता और अविश्वास को दर्शाता है तथा एक जन-केंद्रित कल्याणकारी कानून से राष्ट्रपिता के जुड़ाव को मिटाने का प्रयास है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की यूपीए सरकार ने महात्मा गांधी नेशनल रोजगार गारंटी (मनरेगा) के रूप में रोजगार को कानूनी गारंटी दिया था लेकिन केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा की साय सरकार का नाम बदलकर बंद करने की साजिश कर रही है। मोदी सरकार मनरेगा को बंद करना चाहती है। मोदी सरकार के 11 सालों में मनरेगा को पर्याप्त बजट नहीं दिया। हर साल मनरेगा के बजट में 30 से 35 प्रतिशत की कटौती की गयी है। पिछले 11 वर्षों में मनरेगा की मजदूरी में न्यूनतम वृद्धि है, जिसके कारण मजदूर वर्ग की आय स्थिर हो गयी है तथा महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि महात्मा गांधी नेशनल रोजगार गारंटी मनरेगा का नाम बदलने के लिऐ संसद में विधेयक लाना मोदी सरकार की राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रति दुर्भावना को प्रदर्शित करता है। नाथूराम के महिमामंडन के लिए महात्मा गांधी के पुण्य स्मृति को मिटाने का षड़यंत्र कर रही है। भाजपा सोचती है कि वह एक योजना से गांधीजी का नाम बदलकर गांधी जी को जनमानस से दूर कर लेगी तो यह उनकी भूल है। गांधीजी भारत के जनमन में बसे है, भाजपा का कोई भी षड़यंत्र भारत के लिए गांधीजी के योगदान को मिटा नहीं सकता।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मनरेगा जन आंदोलनों से जन्मा कानून है, जो ‘‘हर हाथ को काम दो, काम का पूरा दाम दो’’ के वादे को अपने भीतर समेटे हुए है। इसने ग्रामीण भारत के लोगों को काम मांगने का कानूनी अधिकार दिया, पूरे ग्रामीण भारत में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की, विकेंद्रीकृत शासन को मजबूत किया, महिलाओं और भूमिहीनों को सशक्त बनाया तथा लागू किए जा सकने वाले अधिकारों के माध्यम से श्रम की गरिमा को कायम रखा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यूपीए की मनमोहन सरकार के दौरान ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को हर साल 100 दिन का गारंटेड रोजगार प्रदान किया जाता था, इसमें सड़क निर्माण, तालाब और कुएं की खुदाई जल संरक्षण और सूखा राहत जैसे सार्वजनिक कार्य शामिल किए जाते थे, यदि आवेदक को 15 दिन के भीतर काम उपलब्ध नहीं कर पाए तो व्यक्ति मजदूरी के भुगतान का पात्र माना जाता था, लेकिन भाजपा की सरकार आने के बाद से हितग्राहियों को ना काम मिल रहा है, ना भुगतान।
रायपुर/शौर्यपथ
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय प्रदेश में 14,85,142 से अधिक शहरी एवं ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास का निर्माण हो चुका था एवं 8 लाख से अधिक प्रधानमंत्री ग्रामीण एवं शहरी आवास की राज्यांश की राशि 3,200 करोड़ रुपए कांग्रेस सरकार ने केंद्र के पास जमा करवा दी थी। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 18 लाख नया प्रधानमंत्री आवास देने का जो वादा किया था वह गरीबों के साथ धोखा और छल साबित हुआ है। बीते 2 साल में 18 लाख नया प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत नहीं हुए हैं, बल्कि भाजपा सरकार में प्रधानमंत्री आवास ने बुलडोजर चलाकर तोड़ने का काम किया है। जो भी प्रधानमंत्री आवास बना है वह कांग्रेस सरकार के दौरान ही बना है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान प्रदेश के पांच संभाग के सभी जिला में तेजी से प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण निर्माण किया गया था रायपुर संभाग जिला रायपुर 29480, बलौदाबाजार 45373, धमतरी 40388, गरियाबंद 45902, महासमुंद 73266, सरगुजा संभाग जिला बलरामपुर 44188, जशपुर 61784, कोरिया 13416, मनेन्द्रगढ़ 23172, सूरजपुर 37568, सरगुजा स्वीकृत 65904, बस्तर संभाग जिला बस्तर 23063, बीजापुर 4449, नारायणपुर 3829, सुकमा 10118, दंतेवाड़ा 11179, कोंडागांव 15994, कांकेर 29207, बिलासपुर संभाग जिला बिलासपुर 59123, गौरेला 27608, जांजगीर-चांपा 45436, कोरबा 64837, मुंगेली 49225, रायगढ़ 57793, सक्ती 46585, सारंगढ़ 47796, दुर्ग संभाग जिला बालोद 32394, बेमेतरा 32724, दुर्ग 23700, कबीरधाम 48657, खैरागढ़ 19052, मोहला 15490, राजनांदगांव 27442 है जो केंद्र के स्वीकृत 1176142 ग्रामीण आवास है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जिस प्रकार से गरियाबंद जिला में 1,000 से अधिक अधूरे मकानों की गृह प्रवेश की जानकारी लगी है, अब तो प्रधानमंत्री के हाथों हुई 3 लाख 50 मकान के गृह प्रवेश पर भी सवाल उठने लग गए हैं। इसकी जांच होनी चाहिए, उन साढ़े तीन लाख मकान में कितने मकान पूर्ण हो चुके हैं? कितने अपूर्ण है? अधूरे मकानों के गृह प्रवेश कराने के दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा सरकार को अपने इस कृत्य के लिए आवासहीनों से माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा का 2 साल छत्तीसगढ़ बेहाल
रायपुर/(shouryapath) प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने भारतीय जनता पार्टी की 2 साल की सरकार को खस्ता हाल बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अपराध का ग्राफ बढ़ा है और अपराधी बेलगाम होते जा रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ा है। हर तीन घंटे में एक महिला दुष्कर्म का शिकार हो रही हैं। सिर्फ बलात्कार ही नहीं हत्या, लूट, अपहरण जैसे अपराधों के मामलों में भी रायपुर प्रदेश में सबसे आगे है। आंकड़ों के मुताबिक दुष्कर्म के मामले में रायपुर पहले पायदान पर है, जबकि बिलासपुर दूसरे और कोरबा तीसरे नंबर पर है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि फरवरी 2025 के इन सब आंकड़ों में बलात्कार के आंकड़े सबसे ज्यादा चौकाने वाले हैं। प्रदेश में एक साल के भीतर बलात्कार के कुल 3191 केस दर्ज किए गए हैं। इस हिसाब से रोज प्रदेश में 8 से 9 महिलाएं दुराचार का शिकार बन रही हैं। इस तरह से छत्तीसगढ़ में हर 3 घंटे में एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना हो रही है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जब-जब कोई स्लोगन दिया है, तब-तब उसका विपरीत ही हुआ है। जैसे की बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का नारा पर बेटियों के ऊपर अत्याचार, अनाचार की घटनाएं बढ़ती ही जा रही है और ना ही बेटी आगे पढ़ पा रही है, वैसे ही एक और स्लोगन भारतीय जनता पार्टी ने दिया है, हमने बनाया है और हम ही सवारेंगे लेकिन इसके विपरीत प्रदेश की जल, जंगल, जमीन को बेचने की तैयारी में लगे हुए हैं। विष्णु देव साय के सरकार में बिजली, खाद, जमीन, घर, रेत सीमेंट महंगा। मूलभूत के सभी वस्तुओं के दाम में वृद्धि होती जा रही है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
