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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
वन विभाग की सतर्कता से बची संरक्षित वन्यप्राणी की जान
रायपुर / शौर्यपथ / वन मंत्री केदार कश्यप की मंशानुरूप और उनके संवेदनशील पहल के अनुरूप छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी जिले के मोहला तहसील के ग्राम कुंजंटोला में वन विभाग की टीम ने दुर्लभ वन्यप्राणी पैंगोलिन का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।
रविवार को ग्राम कुंजंटोला निवासी जयंत कुमार के घर में पैंगोलिन के घुसने की सूचना वन विभाग को मिली। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
वनमंडलाधिकारी के मार्गदर्शन में परिक्षेत्र अधिकारी पंकज पटेल के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम ने पैंगोलिन को सुरक्षित पकड़कर आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया। इस अभियान में डिप्टी रेंजर श्री महेंद्र बघेल और श्री शोभित राम यादव की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह रेस्क्यू अभियान वन विभाग की त्वरित कार्रवाई, प्रशिक्षित टीम और वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशील कार्यप्रणाली का अच्छा उदाहरण है। समय पर मिली सूचना और समन्वित प्रयासों के कारण एक दुर्लभ एवं संरक्षित वन्यप्राणी को सुरक्षित बचाया जा सका।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कहीं भी कोई वन्यजीव दिखाई दे, तो उसे नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें। लोगों की जागरूकता और सहयोग से वन्यजीवों का संरक्षण और भी प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि पैंगोलिन वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत शेड्यूल-1 में शामिल अत्यंत संरक्षित प्रजाति है। इसके संरक्षण के लिए राज्य सरकार विशेष रूप से प्रतिबद्ध है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर वन विभाग वन्यजीव संरक्षण, त्वरित रेस्क्यू और जनजागरूकता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल पर मिली आर्थिक राहत
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप, वन एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार बीजापुर जिले में नक्सली हिंसा के 13 पीड़ितों को पुनर्वास नीति के तहत कुल 32 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
यह सहायता उन नागरिकों के लिए स्वीकृत की गई है, जो नक्सली हिंसा में गंभीर रूप से घायल हुए हैं या स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसे पीड़ितों को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें सम्मानजनक जीवन और पुनर्वास का अवसर उपलब्ध कराना है।
इन पीड़ितों को मिलेगा लाभ
स्वीकृत सहायता राशि के अंतर्गत पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ के दौरान क्रॉस फायरिंग में गंभीर रूप से घायल नंदू ओयाम और जिला कुंजाम, माओवादियों की मारपीट में घायल ईस्ता बोर्रा, बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल मितराम रावटे, आईईडी विस्फोट में घायल कोरसे संतोष, चिड़ेम कन्हैया और कविता कुड़ियम, माओवादियों की मारपीट से स्थायी रूप से दिव्यांग हुए इच्चामी सुदरू, तथा आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल या स्थायी रूप से दिव्यांग हुए राममूर्ति कारम, बबलू उर्फ मोहन कड़ती, गंगा कलमू, राजेश कुमार यादव और सोढ़ी मुकेश शामिल हैं।
डीबीटी के माध्यम से शीघ्र होगा भुगतान
कलेक्टर श्री विश्वदीप ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत सहायता राशि का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से शीघ्र संबंधित हितग्राहियों के बैंक खातों में किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
राज्य सरकार की पुनर्वास नीति नक्सली हिंसा से प्रभावित नागरिकों को राहत, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत आधार प्रदान कर रही है। यह पहल पीड़ित परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और समर्पण का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
पिता के सपने ने दी आगे बढ़ने की प्रेरणा, कॉमनवेल्थ गेम्स की सिल्वर मेडलिस्ट ज्ञानेश्वरी यादव ने साझा की अपने संघर्ष और सफलता की कहानी
उप मुख्यमंत्री ने ज्ञानेश्वरी और उनके माता-पिता का किया सम्मान
रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में देश के लिए रजत पदक जीतने वाली राजनांदगांव की युवा खिलाड़ी सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव को सम्मानित किया। उन्होंने नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उनके माता-पिता को भी सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री श्री साव और ज्ञानेश्वरी ने इस दौरान प्रेस-कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय और उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर सहित भारोत्तोलन संघ के पदाधिकारी एवं विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी भी इस दौरान मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहा कि आज ऐतिहासिक और गौरव का पल है। हम छत्तीसगढ़ और भारत की बेटी ज्ञानेश्वरी का अभिनंदन कर रहे हैं, जिन्होंने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन किया है। ज्ञानेश्वरी की इस उपलब्धि से खेलों के लिए एक नए वातावरण की शुरुआत छत्तीसगढ़ में होगी। मैं उनके पिता श्री दीपक यादव और माता श्रीमती दुर्गा यादव का भी हार्दिक अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने ऐसी होनहार बेटी को जन्म दिया जिन्होंने दुनिया में भारत और छत्तीसगढ़ को प्रतिष्ठा दिलाई। छत्तीसगढ़ के युवा ज्ञानेश्वरी से प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में अच्छा प्रदर्शन करेंगे, ऐसी उम्मीद है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य में हमारी सरकार बनने के बाद से हम लगातार खेल और खिलाड़ियों की तरक्की एवं बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। खेलों और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने हम बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक, स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव जैसे आयोजन लगातार कर रहे हैं। खेल अलंकरण और उत्कृष्ट खिलाड़ियों की घोषणा को हमने पुनः शुरू किया है। छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए भी लगातार काम हो रहे हैं। राज्य में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। उन्हें अच्छा प्रशिक्षण दिलाने, उन्हें तराशने का और संवारने की जरूरत है। आने वाले समय में और भी प्रतियोगिताओं में भारत को पदक मिले, इसकी तैयारी हमने प्रारंभ कर दी है।
चुनौतियों ने बनाया और मजबूत - सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स की रजत पदक विजेता राजनांदगांव की वेटलिफ्टर सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहा कि कुछ समय पहले विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंच पर पहली बार उतरते समय वह काफी दबाव और घबराहट महसूस कर रही थीं। उस समय ऐसा लग रहा था कि यह एक ऐसा मुकाबला है, जिसका अनुभव पहले कभी नहीं हुआ। हालांकि उसी अनुभव ने उन्हें सिखाया कि बड़ी प्रतियोगिताओं का सामना कैसे करना है और मानसिक रूप से स्वयं को किस तरह तैयार करना है।
ज्ञानेश्वरी ने कहा कि विश्व चैंपियनशिप से मिले अनुभव के बाद उन्होंने हर प्रतियोगिता के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार करना सीखा। किसी भी बड़े मंच पर पहुंचकर उनका लक्ष्य अपना शत-प्रतिशत प्रदर्शन देना रहता है और यही सोच उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि उनके पिता का सपना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा। शुरुआती दिनों में उनके पिता साइकिल से उन्हें जिम तक लेकर जाते थे। उसी दौरान उनके पिता ने उनसे कहा था कि वह स्वयं कभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंच सके, लेकिन चाहते हैं कि उनकी बेटी भारत का प्रतिनिधित्व करे और तिरंगा ऊंचा लहराए।
भावुक होते हुए ज्ञानेश्वरी ने कहा कि उनके पिता ने उनके लिए अथक मेहनत की है। उन्होंने बताया कि उनके खान-पान से लेकर प्रशिक्षण तक हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान उनके पिता ने रखा। परिवार के बेहतर भविष्य और उनकी तैयारी के लिए उनके पिता रात-रात भर मेहनत करते थे। आज उनकी हर उपलब्धि के पीछे उनके पिता का त्याग, समर्पण और संघर्ष ही सबसे बड़ी प्रेरणा है।
ज्ञानेश्वरी ने कहा कि जीवन में आने वाली हर चुनौती ने उन्हें और अधिक मजबूत बनाया है। कठिन परिस्थितियों से मिले अनुभवों ने उन्हें न केवल बेहतर खिलाड़ी बनाया, बल्कि बड़े मंच पर आत्मविश्वास के साथ देश का प्रतिनिधित्व करने का हौसला भी दिया।
रायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य में किफायती परिवहन की दिशा में सतत् विकल्प योजना (एस.ए.टी.ए.टी.) के क्रियान्वयन एवं निगरानी हेतु गठित समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में ऊर्जा विभाग एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में कचरे और बायोगैस से संपीड़ित जैव गैस (CBG) के उत्पादन को ईंधन के रूप में उपयोग करने के संबंध में व्यापक चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया की सी.बी.जी. प्लांटों के लिए जिलों में भूमि चिन्हित कर प्लांट लगाने के लिए सभी जरूरी कार्य किए जा रहें हैं। राज्य में छत्तीसगढ़ सी.बी.जी. पॉलिसी 2026 नीति का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके लिए राज्य शासन के विभिन्न विभागों की भूमिका एवं जिम्मेदारियां निर्धारित की गई है।
बैठक में सी.बी.जी. प्लांट की स्थापना तथा इसमें निवेश करने वाले उद्यमियों और निवेशकों को प्रोत्साहित करने के बारे में चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियो ने बताया कि किफायती परिवहन की दिशा में सतत् विकल्प (SATAT) योजना भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृति गैस मंत्रालय की पहल है। अधिकारियों नें बताया कि यह योजना पूरे देश में लागू है, तथा छत्तीसगढ़ में भी लागू है। योजना के तहत तेल विपणन कंपनियाँ (ओ.एम.सी. व ओ.एन.जी.सी.)जैसे इंडियन ऑईल बी.पी.सी.एल. और पी.सी.एल. इन प्लांटों से उत्पादित सी.बी.जी. को खुद खरीदने का अनुबंध किया जाता है। सी.बी.जी. प्लांटस लगाने से खेता की पराली, धान का पैरा और कचरा सड़ने से होने वाले वायु प्रदूषण को कम किया जा सकता है। इसमें किसानों को उनके कृषि अवशेषों और पशु अपशिष्ट के एवज में अतिरिक्त आय होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढाया जायेगा। बैठक में राज्य के विभिन्न नगर पालिका, निगमों में सी.बी.जी. संयंत्रों की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ राज्य में भी सतत् ऊर्जा उत्पादक और नगरीय निकायों में कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए योजना के तहत नये प्रयास किये जा रहें हैं। राज्य के भिलाई, रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, कोरबा, अंबिकापुर, रायगढ़ नगरीय निकायो में सी.बी.जी. संयंत्र स्थापित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बैठक में परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह और नगरीय प्रशासन एवं विकास, पशुधन विकास, पर्यावरण संरक्षण मंडल, कृषि एवं किसान कल्याण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण, राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण, सी.एस.आई.डी.सी. और ऑईल मार्केटिंग कम्पनी के अधिकारी शामिल हुए।
महिला कर्मचारी के वेतन से PhonePe-Paytm के जरिए कराते रहे ट्रांसफर, पुलिस ने पद के दुरुपयोग और गबन के आरोप में किया गिरफ्तार
दुर्ग।
शिक्षा के मंदिर में एक ऐसे मामले ने सनसनी फैला दी है जिसने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से ₹1,49,384 की कथित हेराफेरी करने के आरोप में दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला थाना मोहन नगर में दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार पीड़िता श्रीमती शुभांगी मराठे विश्वविद्यालय में अर्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। वह आरोपी कुलसचिव के निवास पर भोजन बनाने का कार्य भी करती थीं। शिकायत और विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि उनका मासिक वेतन ₹11,515 निर्धारित था, लेकिन उन्हें केवल ₹2,200 ही दिए जाते थे। शेष राशि आरोपी द्वारा दबाव बनाकर PhonePe और Paytm के माध्यम से अपने परिचित उदय कुलदीप के खाते में ट्रांसफर कराई जाती थी।
जांच में सामने आया कि यह कथित गबन 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 के बीच लगातार किया गया, जिसमें कुल ₹1,49,384 की राशि की हेराफेरी हुई।
विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट, बैंक अभिलेखों और यूपीआई लेन-देन के साक्ष्यों के आधार पर थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 550/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(4) के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने 51 वर्षीय भूपेन्द्र कुमार कुलदीप, निवासी विश्वविद्यालय परिसर, को गिरफ्तार कर लिया। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
थाना प्रभारी निरीक्षक केशव राम कोशले के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति अपने पद का दुरुपयोग कर आर्थिक शोषण, अवैध वसूली या वित्तीय अनियमितता करता है तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम थाने को दें। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शौर्यपथ विशेष:
यह मामला केवल आर्थिक गड़बड़ी का नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी द्वारा कथित रूप से अपने अधिकारों के दुरुपयोग का भी है। यदि जांच में आरोप पूरी तरह सिद्ध होते हैं, तो यह विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
बिजली बिल में राहत के साथ स्वच्छ ऊर्जा को मिल रहा बढ़ावा
रायपुर / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। इस योजना के माध्यम से लोग अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा आधारित विद्युत प्रणाली स्थापित कर न केवल बिजली के बढ़ते खर्च से राहत पा रहे हैं, बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
सोलर सिस्टम से घटी बिजली की लागत
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मोहला निवासी हेमंत कुमार साहू इस योजना के सफल लाभार्थियों में शामिल हैं। उन्होंने अपने घर में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत प्रणाली स्थापित कर बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी लाई है। सोलर सिस्टम लगने के बाद उनके घर की अधिकांश विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति अब सौर ऊर्जा से हो रही है, जिससे बिजली बिल में भारी कमी आई है और परिवार को हर महीने आर्थिक राहत मिल रही है।
10 हजार रुपए तक के बिजली बिल से मिली राहत
हेमंत कुमार साहू बताते हैं कि पहले उनके घर का बिजली बिल लगभग 10 हजार रूपए तक आता था। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे न केवल घरेलू खर्च कम हुआ है, बल्कि परिवार स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सका है।
आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी माध्यम
श्री साहू का कहना है कि सोलर प्रणाली स्थापित होने से घरेलू विद्युत आवश्यकताओं की निर्बाध पूर्ति हो रही है, पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हुई है और बिजली खर्च में लगातार बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से लाभदायक होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी प्रभावी पहल है, क्योंकि इससे स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है।
योजना का लाभ उठाने की अपील
हेमंत कुमार साहू ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को अपनाकर प्रत्येक नागरिक अपने बिजली खर्च में कमी ला सकता है और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित भविष्य के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभा सकता है। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के लिए शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए शासन का बड़ा निर्णय, खाद्य कारोबार संचालकों से नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील
रायपुर । शौर्यपथ । उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य शासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एनालॉग पनीर तथा अन्य डेयरी एनालॉग उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने जिले के सभी खाद्य कारोबार संचालकों, डेयरी उत्पाद निर्माताओं, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं से शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन करने की अपील की है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार यह निर्णय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। विभागीय परीक्षण, प्रयोगशाला विश्लेषण एवं जोखिम मूल्यांकन में यह सामने आया कि कुछ उत्पाद वास्तविक दूध से निर्मित नहीं होने के बावजूद उन्हें पनीर, क्रीम, मक्खन अथवा अन्य दुग्ध उत्पादों के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा था। इससे उपभोक्ताओं के भ्रमित होने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई थी।
प्रतिबंध के दायरे में ऐसे सभी उत्पाद शामिल किए गए हैं, जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल अथवा अन्य गैर-दुग्ध अवयवों का उपयोग किया गया हो, अथवा जिनकी लेबलिंग, पैकेजिंग या प्रदर्शन इस प्रकार किया गया हो कि वे वास्तविक दुग्ध उत्पाद प्रतीत हों। शासन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को भ्रामक उत्पादों से बचाना तथा खाद्य बाजार में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज़ तथा मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे वे उत्पाद, जिनके लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के मानक निर्धारित हैं और जिनकी विधिवत लेबलिंग की जाती है, इस प्रतिबंध के दायरे में शामिल नहीं होंगे।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि यह प्रतिबंध राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने की तिथि से एक वर्ष अथवा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा अंतिम नियम जारी किए जाने तक, जो भी पहले हो प्रभावी रहेगा। इस अवधि में विभाग द्वारा निरीक्षण एवं निगरानी की कार्रवाई भी की जाएगी, ताकि प्रतिबंध का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
विभाग ने जिले के सभी डेयरी उत्पाद निर्माताओं, वितरकों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं से उपभोक्ता हित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए शासन के निर्देशों का पूर्णतः पालन करने का आग्रह किया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि प्रतिबंधित उत्पादों के निर्माण, भंडारण अथवा विक्रय की स्थिति में संबंधित प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। शासन का यह निर्णय खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रायपुर / शौर्यपथ / राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम डुंडेरा की जन्मजात श्रवण बाधित बच्ची जीविका का एम्स रायपुर में सफल कॉक्लियर इम्प्लांट किया गया। आंगनबाड़ी में नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान आरबीएसके (चिरायु) टीम ने उसकी समस्या की पहचान कर समय पर एम्स रेफर किया, जहां विशेषज्ञों ने सफल ऑपरेशन किया।
अब नियमित स्पीच थेरेपी और पुनर्वास के माध्यम से जीविका धीरे-धीरे सुनने और बोलने की क्षमता विकसित कर सकेगी। यह सफलता राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रभावी कार्यप्रणाली का उदाहरण है, जिसके तहत बच्चों में जन्मजात विकारों और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर निःशुल्क उपचार एवं उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। डोंगरगढ़ की आरबीएसके टीम की तत्परता ने एक मासूम के जीवन में खामोशी की जगह उम्मीद और आवाजों की नई दुनिया बसा दी।
उपमुख्यमंत्री ने बूढ़ा महादेव और बाबा भोरमदेव में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की
रायपुर / श्रावण मास के प्रथम सोमवार को ऐतिहासिक पुरातात्विक, पर्यटन एवं जनआस्था के केंद्र बाबा भोरमदेव मंदिर के लिए पदयात्रा में भारी उत्साह और भक्तिभाव के साथ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। भोरमदेव पदयात्रा से पहले उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पंचमुखी बूढ़ा महादेव की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा सहित जनप्रतिनिधियों ने हर-हर महादेव, बोल-बम के जयघोष के साथ भगवा ध्वज हाथों में लिए लगभग 18 किलोमीटर श्रद्धालुओं का भोरमदेव पदयात्रा का शुभारंभ किया।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि श्रावण मास का प्रथम सोमवार भगवान भोलेनाथ की आराधना का विशेष अवसर है। बाबा भोरमदेव पदयात्रा में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता हमारी आस्था और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस पावन यात्रा में शामिल होकर सभी श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भोरमदेव केवल एक प्राचीन मंदिर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का गौरव है। सरकार इस पवित्र धाम के संरक्षण, विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की तथा पदयात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, अधिकारी, कर्मचारी स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस पदयात्रा में पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, श्री मोतीराम चंद्रवंशी, गौ सेवा आयोग अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल, कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, डॉ वीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, समाज सेवी संगठन, स्वामी विवेकानंद एकेडमी, स्कूली बच्चों से लेकर आमजन हजारों की संख्या में महिला-पुरूष व बच्चें श्रद्धालु के रूप में स्वस्फूर्त शामिल हुए।
*पदयात्रियों का जगह-जगह पुष्प गुच्छ भेंट व तिलक लगाकर हुआ स्वागत और अभिनंदन*
भोरमदेव पदयात्रा को लेकर कवर्धा से भोरमदेव मंदिर पूरे 18 किलोमीटर तक पदयात्रा में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। जिले के विभिन्न संगठनों से लेकर अलग-अलग समाजिक संगठनों, ग्रामीणों ने पदयात्रा में शामिल जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों का पुष्प गुच्छ, माला भेंट कर व तिलक लगाकर स्वागत और अभिनंदन किया। ग्राम पंचायतों के पंच-सरपंच के अलावा वन विभाग, इंजीनियर एसोसिएशन संघ, जिला प्रेस क्लब, ज्वाईन हैण्डस, ट्रक मालिक संघ, प्रायवेट स्कूल संघ और विभिन्न विभागों ने अलग-अलग स्थानों में स्टॉल लगाकर श्रद्धालु, पदयात्रियों कांवरियों के लिए चाय, कॉफी, नास्ता, जूस, शरबत, नीबू पानी, खीर-पूडी और फल वितरण किया।
*उमड़ा आस्था का जनसैलाब, हजारों श्रद्धालु पदयात्रा में हुए शामिल*
वर्ष 2008 से लगातार आयोजित हो रही बाबा भोरमदेव पदयात्रा में इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। लगभग 18 किलोमीटर की यह पदयात्रा पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर, कवर्धा से बाबा भोरमदेव मंदिर तक निकाली गई। हर-हर महादेव और बोल-बम के जयघोष के बीच हजारों श्रद्धालु, कांवड़िये, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग पूरे उत्साह एवं भक्तिभाव के साथ पदयात्रा में शामिल हुए।
*झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र*
इस वर्ष भोरमदेव पदयात्रा में भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश, नंदी और शिव परिवार पर आधारित आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। पूरे पदयात्रा मार्ग में भक्तिमय झांकियों, भजन-कीर्तन और हर-हर महादेव के जयघोष से माहौल शिवमय हो गया। श्रद्धालुओं ने झांकियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
*उपमुख्यमंत्री ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने पर दिया जोर*
भोरमदेव पदयात्रा के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समनापुर के समीप महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए गए 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जागरूकता स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने अभियान की सराहना करते हुए बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया।
जगदलपुर में एक सप्ताह के भीतर खाद विभाग की दूसरी बड़ी कार्रवाई, अवैध चावल कारोबारियों में मचा हड़कंप
जगदलपुर, शौर्यपथ। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीब एवं पात्र राशन कार्डधारकों को निःशुल्क वितरित किए जाने वाले चावल की अवैध खरीदी-बिक्री के खिलाफ खाद विभाग ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के भवानी चाट भंडार के पीछे स्थित दीप्ती बाड़ा के एक गोदाम से लगभग 378 बोरा (करीब 186 क्विंटल) पीडीएस चावल, लगभग 3 क्विंटल चना, 100 पीडीएस बारदाना तथा लोडिंग में लगे 12 चक्का ट्रक (CG 04 LC 9409) को जब्त किया है। बताया जा रहा है कि ट्रक रायपुर का है और कार्रवाई के समय उसमें चावल लोड किया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार खाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि गोदाम से बड़ी मात्रा में पीडीएस चावल बाहर भेजने की तैयारी चल रही है। सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने मौके पर दबिश दी और कार्रवाई को अंजाम दिया। जब्त चावल को सुरक्षित रखने के लिए निकटस्थ शासकीय उचित मूल्य दुकान में रखवाया गया, जबकि ट्रक को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए कोतवाली थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पूरे मामले की रिपोर्ट जिला कलेक्टर को भेजी गई है।
विभाग के अनुसार, इस मामले का संबंध मोहम्मद जिलानी नामक व्यक्ति से बताया जा रहा है। मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
खाद विभाग की एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। लगातार हो रही छापेमार कार्रवाई से शहर में पीडीएस चावल की अवैध खरीदी-बिक्री से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। विभाग के सख्त रुख से ऐसे कारोबार में संलिप्त लोगों के बीच भय का माहौल देखा जा रहा है।
सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि संबंधित व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य द्वारा शासकीय उचित मूल्य (राशन) दुकान का संचालन किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाना महत्वपूर्ण होगा कि कहीं कथित अवैध चावल खरीदी-बिक्री के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों के लिए आवंटित पीडीएस राशन के वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता या हेराफेरी तो नहीं हुई। इस संबंध में वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पीडीएस का चावल शासन द्वारा गरीब और जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे चावल का अवैध भंडारण, परिवहन अथवा व्यापार न केवल शासन की जनकल्याणकारी योजना को प्रभावित करता है, बल्कि पात्र हितग्राहियों के अधिकारों पर भी सीधा असर डालता है। अब इस मामले में जांच पूरी होने और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
धमतरी: शौर्यपथ । धमतरी प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक तीर्थ कर्णेश्वर धाम में इस वर्ष सावन महोत्सव को भव्य, धार्मिक एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में मनाया जाएगा। इसे लेकर कर्णेश्वर मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सावन मास के दौरान होने वाले धार्मिक आयोजनों, श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रसादी वितरण, व्यवस्थाओं तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि सावन मास के प्रत्येक सोमवार को भगवान कर्णेश्वर महादेव के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ट्रस्ट की ओर से खीर-पूड़ी प्रसादी का वितरण किया जाएगा। वहीं सावन के अंतिम सोमवार को भगवान कर्णेश्वर महादेव का विशेष महारुद्राभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पार्किंग, पेयजल, साफ-सफाई, सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष निकेश ठाकुर ने आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया, जिस पर सदस्यों ने चर्चा करते हुए आगामी धार्मिक आयोजनों एवं मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक निर्णय लिए। ट्रस्ट अध्यक्ष विकल गुप्ता ने कहा कि सावन भगवान शिव की आराधना का सबसे महत्वपूर्ण महीना है। ट्रस्ट का प्रयास रहेगा कि कर्णेश्वर धाम आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर धार्मिक वातावरण, सुव्यवस्थित व्यवस्था और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बैठक के अंत में ट्रस्ट के दिवंगत सर्वराकार कैलाश पवार, सदस्य पूनारद जांगड़े, ट्रस्ट के सह सचिव रामभरोसा साहू की छोटी नातिन नीता साहू तथा पूजा प्रभारी योगेश साहू की माता लालती साहू के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित सभी सदस्यों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
बैठक में ट्रस्ट अध्यक्ष विकल गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रकाश बैस, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष नागेंद्र शुक्ला, जनपद उपाध्यक्ष ह्रदय साहू, ट्रस्ट उपाध्यक्ष रवि दुबे, कोषाध्यक्ष निकेश ठाकुर, सचिव भरत निर्मलकर, सह सचिव रामभरोसा साहू, मोहन पुजारी, योगेश साहू, छबि ठाकुर, रवि भट्ट, हनी कश्यप, अनिरुद्ध साहू, दुर्गेश साहू, पेमन स्वर्णबेर, महेंद्र कौशल, मिलेश साहू, ईश्वर जांगड़े, डोमार मिश्रा, नन्द यादव, बंटी जैन, राकेश चौबे, अश्वनी निषाद, परमेश निषाद, गोलू सार्वा, अंश गौतम, विनोद पुरी गोस्वामी, संतु साहू सहित ट्रस्ट के अन्य सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
