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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
धमतरी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश परजिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका तिवारी ने गुरुवार को विकासखंड नगरी के विभिन्न शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा तैयारियों एवं शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समय पर पाठ्यक्रम पूर्ण कराने, नियमित मूल्यांकन और बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरेगांव में मासिक परीक्षा, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, विषयवार अध्यापन और विद्यार्थियों की उपस्थिति का जायजा लिया गया। अनियमित विद्यार्थियों के अभिभावकों से संपर्क कर उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी ब्लूप्रिंट के अनुरूप कराने के निर्देश दिए गए। वहीं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिरगुड़ी में उपचारात्मक (रिमेडियल) कक्षाओं एवं विद्यालय विकास योजना की समीक्षा की गई। विद्यार्थियों से संवाद के दौरान संध्या प्रार्थना नियमित नहीं होने की जानकारी मिलने पर इसे तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
पीएम श्री श्रृंगी ऋषि सेजेस शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगरी में स्मार्ट बोर्ड और इंटरएक्टिव पैनल के माध्यम से हो रही आधुनिक शिक्षण व्यवस्था की डीईओ ने सराहना की। उन्होंने कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों को 'रासायनिक आबंधन' विषय पढ़ाया तथा प्रतियोगी परीक्षाओं NEET और JEE की तैयारी के लिए प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की पहचान कर विशेष मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सहायक संचालक कीर्ति कुमार साहू एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी कलीराम साहू भी उपस्थित रहे। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी शिक्षकों से अनुशासन, नियमित उपस्थिति और उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
वर्षों पुरानी मांग पूरी, ग्रामीणों को मिलेंगी बेहतर प्रशासनिक और जनसुविधाएं
धमतरी। सिहावा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पावद्वार में लंबे समय से लंबित नवीन पंचायत भवन निर्माण की मांग पूरी होने पर गुरुवार को विधायक अंबिका मरकाम ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए इसे गांव के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अंबिका मरकाम ने कहा कि ग्राम पंचायत भवन ग्रामीण स्वशासन की आधारशिला है। यह भवन केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनभागीदारी और ग्राम विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि भवन बनने के बाद ग्रामीणों को जन्म-मृत्यु पंजीयन, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ अधिक सुव्यवस्थित तरीके से मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि पंचायत भवन में ग्राम सभा, पंचायत बैठकें, महिला स्व-सहायता समूहों की बैठकें, युवाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का भी बेहतर संचालन होगा। विधायक ने निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच राकेश नेताम ने की। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्रवण मरकाम, जिला पंचायत सदस्य गरिमा नेताम, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष भानेन्द्र ठाकुर, सरपंच संघ अध्यक्ष उमेश देव सहित जनप्रतिनिधि, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने पंचायत भवन की स्वीकृति के लिए विधायक अंबिका मरकाम का आभार व्यक्त करते हुए इसे ग्राम पावद्वार के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
पोक्सो, साइबर सुरक्षा और सड़क सुरक्षा के प्रति 200 विद्यार्थियों को दी महत्वपूर्ण जानकारी
धमतरी। धमतरी जिले के सिहावा थाना क्षेत्र स्थित महानदी एकेडमी, देउरपारा में गुरुवार को 'सुरक्षित बचपन–सुरक्षित भविष्य' अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के करीब 200 छात्र-छात्राओं को पोक्सो एक्ट, गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा और सड़क सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक भावना पांडे एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र पांडे के निर्देशन तथा एसडीओपी विपिन रंगारी एवं थाना प्रभारी उमेश पाटिल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को "मेरा शरीर मेरा है" का संदेश देते हुए NO–GO–TELL का मंत्र समझाया और बताया कि किसी भी अनुचित व्यवहार की जानकारी बिना डरे अपने माता-पिता, शिक्षकों, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या डायल 112 पर दें।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यातायात नियमों, हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता, ट्रैफिक सिग्नलों के पालन तथा मोबाइल का उपयोग करते हुए वाहन न चलाने की सीख दी गई। वहीं साइबर सुरक्षा सत्र में ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया, गेमिंग और यूपीआई धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताते हुए OTP, पासवर्ड और निजी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। महानदी एकेडमी के डायरेक्टर मोहन नाहटा एवं विद्यालय स्टाफ ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। थाना प्रभारी उमेश पाटिल ने कहा कि बच्चों में कानूनी एवं सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए जिले के अन्य विद्यालयों में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
समय पर पहचान और निःशुल्क उपचार से हुआ सफल हृदय ऑपरेशन
रायपुर / कई बार समय पर हुई एक छोटी-सी पहल किसी की पूरी जिंदगी बदल देती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में संचालित जिला प्रशासन के नवाचार 'प्रोजेक्ट धड़कन' ने एक बार फिर ऐसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है। ग्राम सरोरा की महज डेढ़ माह की बालिका रूचिता पटेल के हृदय में छेद की समय पर पहचान कर उसका पूरी तरह निःशुल्क सफल ऑपरेशन कराया गया। आज रूचिता स्वस्थ है और उसके परिवार के चेहरे पर लौट आई मुस्कान, प्रोजेक्ट धड़कन की संवेदनशील और प्रभावी पहल की बड़ी सफलता है।
रूचिता को डेढ़ माह की आयु में सर्दी-जुकाम की शिकायत होने पर परिजन उसे चिकित्सक के पास लेकर गए। प्रारंभिक जांच के दौरान चिकित्सक ने उसकी हृदय गति सामान्य से अधिक पाई और विस्तृत जांच की सलाह दी। इसी दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में परिजनों ने बालिका की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने तत्काल प्रोजेक्ट धड़कन की टीम से संपर्क किया।
प्रोजेक्ट धड़कन की टीम ने परिवार को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए तत्काल चिकित्सकीय प्रक्रिया प्रारंभ कराई। तिल्दा स्थित निजी अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि रूचिता के हृदय में 8 एमएम का छेद है। इसके बाद प्रोजेक्ट धड़कन के समन्वय से रायपुर के अस्पताल में उसका पूरी तरह निःशुल्क हृदय ऑपरेशन कराया गया। सफल शल्य चिकित्सा के बाद लगभग 15 दिनों के उपचार उपरांत रूचिता को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
रूचिता के पिता श्री युगल पटेल मिस्त्री का कार्य करते हैं तथा माता श्रीमती विश्वासा पटेल गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति महंगे उपचार का खर्च वहन करने की नहीं थी। ऐसे समय में प्रोजेक्ट धड़कन के माध्यम से निःशुल्क उपचार उपलब्ध होने से परिवार को बड़ी राहत मिली।
आज रूचिता पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन व्यतीत कर रही है। परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, प्रोजेक्ट धड़कन की टीम एवं उपचार में सहयोग करने वाले चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता और उपचार से उनकी बेटी को नया जीवन मिला है।
जिले में संचालित प्रोजेक्ट धड़कन के तहत अब तक 1,69,353 से अधिक बच्चों की हृदय संबंधी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। स्क्रीनिंग के दौरान 165 संदिग्ध मामलों की पहचान हुई, जिनमें से 40 बच्चों में हृदय रोग की पुष्टि हुई। इनमें 24 बच्चों का सफल हृदय ऑपरेशन कराया गया, जबकि 15 बच्चों का उपचार एवं नियमित फॉलो-अप जारी है।
5 हजार बिहान एवं स्व-सहायता समूह की महिलाओं का होगा सम्मान, विकास कार्यों की सौगात मिलने की संभावना
शौर्यपथ संवाददाता, डौंडीलोहारा (बालोद)। बालोद जिले के डौंडीलोहारा में 25 अगस्त को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रस्तावित दौरे को लेकर भाजपा संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा मंडल द्वारा आयोजित इस वृहद कार्यक्रम में जिलेभर की बिहान एवं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 5 हजार महिलाओं का सम्मान किए जाने की तैयारी है। संगठन इसे महिला सशक्तिकरण और सम्मान को समर्पित क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा आयोजन मान रहा है।
प्रस्तावित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की संभावना है। उनके साथ छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडे, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कांकेर सांसद भोजराज नाग, वेयरहाउस कॉर्पोरेशन अध्यक्ष चंदूलाल साहू, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष राकेश पांडे, सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के, पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा तथा भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किए जाने की भी संभावना है। इससे क्षेत्र को विकास की कई नई सौगातें मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा संगठन ने युद्धस्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। वेयरहाउस कॉर्पोरेशन अध्यक्ष एवं विधानसभा प्रभारी चंदूलाल साहू, भाजपा प्रदेश मंत्री एवं बालोद जिला प्रभारी संध्या परगनिहा, प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर, पूर्व जिला महामंत्री देवेंद्र जायसवाल, मंडल अध्यक्ष कुसुम शर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष लाल निवेद सिंह टेकाम, उपाध्यक्ष नेहा उपाध्याय तथा रेगाडबरी सोसायटी अध्यक्ष निरंजन पटौदी ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम में शामिल होने पर सहमति प्रदान की है।
भाजपा का मानना है कि हजारों महिलाओं की सहभागिता वाला यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, स्व-सहायता समूहों के सम्मान और ग्रामीण विकास का बड़ा संदेश देगा। संगठन का दावा है कि यह कार्यक्रम डौंडीलोहारा क्षेत्र के सबसे बड़े सामाजिक एवं राजनीतिक आयोजनों में से एक होगा, जिसमें जिलेभर से बड़ी संख्या में महिलाओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी रहेगी।
धमतरी पुलिस की सशक्त विवेचना से पॉक्सो कोर्ट में अपराध सिद्ध, विवेचक निरीक्षक टुमन लाल टडसेना होंगे सम्मानित
धमतरी। नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में धमतरी की विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी राकेश मंडावी (28), निवासी ग्राम सियादेही, थाना केरेगांव को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक) की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर विभिन्न धाराओं के तहत सजा के साथ 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
यह मामला थाना केरेगांव के अपराध क्रमांक 20/2025 से संबंधित है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना पांडेय के निर्देशन में की गई प्रभावी विवेचना के आधार पर माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी/पॉक्सो), धमतरी ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) में 7 वर्ष, धारा 87 में 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास से दंडित किया। न्यायालय ने आरोपी द्वारा जमा 7 हजार रुपये की राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में उसके अभिभावक के माध्यम से प्रदान करने के भी निर्देश दिए।
प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक टुमन लाल टडसेना ने वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत तरीके से करते हुए मजबूत साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए, जिसके चलते आरोपी को कठोर सजा दिलाने में सफलता मिली। उत्कृष्ट विवेचना के लिए पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने निरीक्षक टडसेना को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है।
धमतरी पुलिस ने कहा है कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत त्वरित और गुणवत्तापूर्ण विवेचना कर अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
गुंडरदेही पुलिस ने पांच लाख के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए, सूने मकान में हुई चोरी का कुछ ही दिनों में किया खुलासा
शौर्यपथ संवाददाता, गुंडरदेही (अजय देशमुख)। गुंडरदेही पुलिस ने ग्राम ओटेबंध में सूने मकान से हुई करीब पांच लाख रुपये की चोरी का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। थाना प्रभारी नवीन बोरकर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से कुछ ही दिनों में चोरी की गुत्थी सुलझाते हुए चोरी गए अधिकांश सोने-चांदी के आभूषण बरामद कर लिए।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद मौके का बारीकी से निरीक्षण कर सभी साक्ष्य जुटाए गए। शुरुआती दौर में कोई ठोस सुराग नहीं मिलने पर भी पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। जांच के दौरान दुर्ग-भिलाई से सब्जी बेचने आने वाले कुछ ऑटो चालकों की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं, जिसके आधार पर पुलिस ने उनकी निगरानी और तकनीकी विश्लेषण तेज किया। लगातार जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर प्रेम शंकर (24), सत्यमूर्ति बंगाली (25), अब्दुल वहीद (43) और विलेस दास (30), निवासी कैंप-भिलाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली।
आरोपियों की निशानदेही पर एक सोने का गुलबंद, एक सोने का लॉकेट, दो जोड़ी सोने के झुमके, एक सोने की चेन, आठ जोड़ी चांदी की पायल और 17 चांदी के सिक्के बरामद किए गए। बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई गई है। चोरी की संपत्ति वापस मिलने से पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(ए) एवं 331(4) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से चारों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
थाना प्रभारी नवीन बोरकर के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि आधुनिक तकनीक, सतर्क निगरानी और प्रभावी टीमवर्क के बल पर अपराधियों के लिए कानून से बच निकलना आसान नहीं है। यह सफलता क्षेत्र में पुलिस के प्रति आमजन के विश्वास को और मजबूत करने वाली मानी जा रही है।
शौर्यपथ संवाददाता, गुंडरदेही। बालोद जिले के गुंडरदेही एवं अर्जुदा क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय बाजारों में बिना निर्माण तिथि (Manufacturing Date), एक्सपायरी डेट (Expiry Date), बैच नंबर, निर्माता का नाम और अन्य अनिवार्य विवरण अंकित किए बिना पैक की गई नमकीन एवं खाद्य सामग्री बेचे जाने की शिकायतों ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। यह मामला केवल नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि गुंडरदेही के धमतरी चौक स्थित जोधपुर मिष्ठान भंडार, रेस्ट हाउस के सामने स्थित यादव सेव एवं मिष्ठान भंडार तथा अर्जुदा के लवली रेस्टोरेंट एवं मिष्ठान भंडार में तैयार किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में संदिग्ध 'कुंदा खोवा' का उपयोग किया जा रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि इनमें तथ्य पाए जाते हैं तो यह खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच कराना आवश्यक है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी पैक खाद्य उत्पाद पर निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, बैच नंबर, निर्माता का नाम और अन्य आवश्यक विवरण अंकित होना कानूनन अनिवार्य है। इनके अभाव में ऐसे उत्पादों की बिक्री उपभोक्ता अधिकारों और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। बिना पहचान वाले खाद्य पदार्थ यदि बासी या दूषित हों तो उनके सेवन से फूड पॉइजनिंग, पेट संबंधी संक्रमण और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले के कई बाजारों में लंबे समय से इस तरह की सामग्री बिक रही है, लेकिन खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से नियमित निरीक्षण और प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती। इससे विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाकर दुकानों, होटलों और खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच, संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूने लेने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी का पक्ष
खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय नंद ने बताया कि "दो-तीन स्थानों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जल्द ही जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।"
दल्ली राजहरा। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से वार्ड क्रमांक 13 में पर्यावरण प्रेमी प्रदीप साहू के नेतृत्व में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पीपल, आम, अशोक और नीम के पौधे रोपे गए तथा उनकी सुरक्षा के लिए जाली से फेंसिंग की गई।
प्रदीप साहू ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग से बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करनी चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी पर्यावरण प्रेमियों ने पौधों को वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कौशल साहू, टिकेश्वर साहू, राजकुमार साहू, हेमशंकर साहू, ताराचंद रावेट, चेलाराम निर्मलकर, लोकेंद्र देवांगन सहित अनेक नागरिक उपस्थित रहे।
(विशेष लेख )
लेखक : शरद पंसारी
संपादक, शौर्यपथ दैनिक समाचार
"कोई भी राज्य केवल प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध नहीं बनता, बल्कि उन संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग, निवेशकों के विश्वास, सुशासन और दूरदर्शी नीतियों से आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा तय करता है।"
इसी सोच को केंद्र में रखकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने "औद्योगिक विकास नीति 2024-30" के माध्यम से प्रदेश के आर्थिक भविष्य की नई रूपरेखा प्रस्तुत की है। यह केवल एक औद्योगिक नीति नहीं, बल्कि "अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन 2047" की आधारशिला है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक जिले, प्रत्येक विकासखंड और अंतत: प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुँचाना है।
पिछले वर्षों में छत्तीसगढ़ को प्राय: केवल खनिज संपदा वाले राज्य के रूप में देखा जाता रहा, लेकिन नई सरकार की सोच इससे कहीं आगे की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की परिकल्पना स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ केवल खनिज निकालने वाला प्रदेश नहीं रहेगा, बल्कि मूल्य संवर्धन (Value Addition), आधुनिक उद्योग, तकनीकी नवाचार और रोजगार सृजन का राष्ट्रीय केंद्र बनेगा।
यही सोच इस औद्योगिक नीति के प्रत्येक प्रावधान में दिखाई देती है।
विकास का नया मॉडल : केवल उद्योग नहीं, समग्र आर्थिक परिवर्तन
औद्योगिक नीति 2024-30 का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि इसमें केवल बड़े उद्योगों की स्थापना पर जोर नहीं दिया गया है, बल्कि उन क्षेत्रों की पहचान करने का प्रयास किया गया है जो आज भी औद्योगिक दृष्टि से पिछड़े हुए हैं।
सरकार की मंशा स्पष्ट है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्थानीय संसाधनों के आधार पर उद्योग विकसित हों ताकि क्षेत्रीय असंतुलन समाप्त हो और रोजगार के अवसर लोगों के घर के आसपास ही उपलब्ध हों।
यह सोच केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे पलायन कम होगा, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
प्राकृतिक संपदा से आर्थिक शक्ति तक का सफर
छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में शामिल है जहाँ प्रकृति ने भरपूर संपदा प्रदान की है।
लगभग 44 प्रतिशत वन क्षेत्र, विशाल खनिज भंडार, कृषि उत्पादन, लघु वनोपज, औषधीय पौधे, जल संसाधन और भौगोलिक दृष्टि से देश के मध्य में स्थित होना—ये सभी ऐसी विशेषताएँ हैं जिन्हें यदि योजनाबद्ध तरीके से उपयोग में लाया जाए तो प्रदेश राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर अग्रणी स्थान प्राप्त कर सकता है।
मुख्यमंत्री साय की सरकार ने इसी सोच के अनुरूप नीति तैयार की है कि केवल खनिजों का दोहन न हो बल्कि उनका स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण (Processing) किया जाए, जिससे रोजगार भी यहीं उत्पन्न हो और उद्योगों का लाभ भी प्रदेश को मिले।
कोर सेक्टर से लेकर हाई-टेक उद्योगों तक व्यापक दृष्टिकोण
नई औद्योगिक नीति की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यापकता है।
सरकार ने केवल पारंपरिक उद्योगों तक स्वयं को सीमित नहीं रखा है बल्कि—
फार्मास्यूटिकल उद्योग
टेक्सटाइल
सूचना प्रौद्योगिकी
इंजीनियरिंग
रक्षा उत्पादन
खाद्य प्रसंस्करण
कृषि आधारित उद्योग
वनोपज आधारित उद्योग
लॉजिस्टिक्स
सेवा क्षेत्र
जैसे अनेक क्षेत्रों को समान प्राथमिकता प्रदान की है।
यह दर्शाता है कि सरकार आने वाले वर्षों की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप औद्योगिक ढाँचा तैयार करना चाहती है।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार : नीति का सबसे मानवीय पक्ष
नई औद्योगिक नीति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रावधान स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता देना है।
सरकार ने निवेश प्रोत्साहन को स्थानीय रोजगार से जोड़ते हुए यह संदेश दिया है कि औद्योगिक विकास का वास्तविक लाभ प्रदेश के युवाओं तक पहुँचना चाहिए।
यदि उद्योग आएँ लेकिन स्थानीय लोगों को रोजगार न मिले तो विकास अधूरा माना जाएगा।
साय सरकार की यह सोच इस नीति को केवल उद्योग केंद्रित नहीं बल्कि जन-केंद्रित औद्योगिक नीति बनाती है।
ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस : निवेशकों का भरोसा बढ़ाने की ऐतिहासिक पहल
आज निवेशक केवल कर छूट या भूमि उपलब्धता नहीं देखते।
वे यह भी देखते हैं कि—
अनुमति कितनी जल्दी मिलेगी।
सरकारी प्रक्रियाएँ कितनी सरल हैं।
पारदर्शिता कितनी है।
समयबद्ध निर्णय होते हैं या नहीं।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने Ease of Doing Business (EoDB) को नई ऊँचाई देने का प्रयास किया है।
विभिन्न विभागों की अनुमतियों, सहमतियों, पंजीकरण और स्वीकृतियों को ऑनलाइन, समयबद्ध और सरल बनाना निवेशकों के लिए अत्यंत सकारात्मक संदेश है।
यह केवल प्रशासनिक सुधार नहीं बल्कि निवेशकों के प्रति सरकार का विश्वास प्रस्ताव है।
विश्वास की नई पूंजी
निवेश केवल पूंजी से नहीं आता।
निवेश का सबसे बड़ा आधार होता है—विश्वास।
जब सरकार स्पष्ट नीति, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध निर्णय और उद्योग-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराती है तब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का विश्वास स्वत: बढ़ता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार की यह नीति उसी विश्वास को मजबूत करने का प्रयास करती दिखाई देती है।
आगे की दिशा
यह औद्योगिक नीति केवल वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करने का दस्तावेज नहीं है।
यह वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना का प्रारंभिक रोडमैप है।
यदि नीति का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ केवल खनिज उत्पादक राज्य नहीं बल्कि औद्योगिक उत्पादन, रोजगार, निवेश, निर्यात और आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया केंद्र बन सकता है।
(क्रमश:...)
अगले भाग में पढि़ए—
"औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में निवेशकों को मिलने वाले प्रोत्साहन, एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स, रक्षा उत्पादन, उद्योग विस्तार (Diversification), स्टार्टअप, जिला-विशेष औद्योगिक संभावनाएँ और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर इनके दूरगामी प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण।"
— शरद पंसारी
संपादक, शौर्यपथ दैनिक समाचार
समय पर वेतन भुगतान, जीपीएफ-सीपीएफ राशि तत्काल जमा कराने और महिला कर्मचारियों के सम्मान में तीज उपहार देने की उठाई मांग
दुर्ग / शौर्यपथ /
हरेली पर्व से पूर्व नगर पालिक निगम दुर्ग के कर्मचारियों के हितों को लेकर नवयुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ एक बार फिर सक्रिय हो गया है। संघ के जिला अध्यक्ष राजूलाल चंद्राकर ने कर्मचारियों के आर्थिक, सामाजिक एवं सेवा संबंधी अधिकारों से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मुद्दों पर आयुक्त, महापौर एवं राज्य शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
संघ ने छत्तीसगढ़ शासन के पत्र क्रमांक एफ-4-16/2009/18, दिनांक 10 अक्टूबर 2024 का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रत्येक माह की 01 तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, इसके बावजूद नगर पालिक निगम दुर्ग के नियमित अधिकारियों, कर्मचारियों तथा प्लेसमेंट कर्मचारियों का जुलाई 2026 (देय अगस्त 2026) का वेतन आज तक भुगतान नहीं किया गया है। हरेली जैसे छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोकपर्व से पहले वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने शासन के निर्देशों का पालन करते हुए तत्काल वेतन भुगतान की मांग की है।
इसके साथ ही संघ ने जून एवं जुलाई 2026 के कर्मचारियों के वेतन से काटी गई जीपीएफ एवं सीपीएफ की राशि तत्काल संबंधित खातों में जमा कराने की मांग करते हुए कहा कि कर्मचारियों के वेतन से कटौती की गई राशि समय पर जमा करना निगम प्रशासन की वैधानिक एवं वित्तीय जिम्मेदारी है। इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही कर्मचारियों के अधिकारों के साथ न्यायसंगत नहीं है।
महिला कर्मचारियों के सम्मान एवं कल्याण को प्राथमिकता देते हुए संघ ने माननीय महापौर महोदया को ज्ञापन सौंपकर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी हरितालिका तीज पर्व के अवसर पर महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साड़ी, ब्लाउज एवं पेटीकोट प्रदान किए जाने की मांग की है। संघ ने कहा कि यह केवल परंपरा नहीं बल्कि महिला कर्मचारियों के सम्मान और उनके योगदान के प्रति निगम की सकारात्मक भावना का प्रतीक है।
जिला अध्यक्ष राजूलाल चंद्राकर ने कहा—
> "कर्मचारी केवल वेतन पाने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि नगर की जनसेवा व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी हैं। यदि कर्मचारियों के वैधानिक अधिकार, समय पर वेतन, भविष्य निधि की राशि और सम्मान की रक्षा नहीं होगी तो किसी भी संस्था की कार्यक्षमता प्रभावित होगी। नवयुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ कर्मचारियों के प्रत्येक न्यायोचित अधिकार के लिए नियम एवं कानून के दायरे में रहकर निरंतर संघर्ष करता रहेगा।"
उन्होंने आगे कहा—
> "हमारा उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान कराना है। शासन के आदेशों का पालन होना चाहिए और कर्मचारियों को उनका अधिकार समय पर मिलना चाहिए। कर्मचारी हित सर्वोपरि हैं और संगठन इस दिशा में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।"
संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि निगम प्रशासन एवं राज्य शासन कर्मचारी हितों से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा, जिससे कर्मचारियों में विश्वास और कार्य के प्रति उत्साह बना रहेगा।
रायपुर / शौर्यपथ /
राज्य में घुमंतू और बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय देने, गौ-संरक्षण को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 'गौधाम योजनाÓ को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पूरे प्रदेश में कुल 1,460 गौधामों की स्थापना करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश में स्थापित होंगे 1460 गौधाम
घुमन्तू एवं निराश्रित पशुधन के व्यवस्थापन हेतु शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग रायपुर ने गौधाम योजना के तहत 1460 गौधामों की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई। प्रत्येक विकासखंड में उत्कृष्ट 10 गौठानों का चयन कर गौधाम विकसित किए जाएंगे। 408 आवेदनों में से 151 आवेदनों को प्रशासकीय स्वीकृति दी जा चुकी है। 88 गौधामों का पंजीयन पूर्ण अब तक किए जा चुके हैं। वर्तमान में संचालित 42 गौधामों में लगभग 5 हजार 109 निराश्रित पशुओं को संरक्षण दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के पास के गौठानों को प्राथमिकता
संयुक्त संचालक (पशु चिकित्सा सेवाएं) से मिली जानकारी के अनुसार, प्रथम चरण में ऐसे गौठानों का चयन किया गया है जो राष्ट्रीय राजमार्गों के समीप स्थित हैं और जहां सभी आवश्यक अधोसंरचनाएं पूर्ण हैं। गौधामों का संचालन स्वयंसेवी संस्थाओं, पंजीकृत गौशालाओं, एनजीओ, एफपीओ और ट्रस्ट के माध्यम से किया जाएगा। हाल ही में पशुधन विकास विभाग ने नियमों में संशोधन कर ग्राम पंचायतों को गौधाम संचालन में प्राथमिकता दी है। इसके अलावा शहरी गौठानों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
चयन और स्वीकृति की पारदर्शी प्रक्रिया
गौधाम स्थापना के लिए प्रक्रिया को काफी सख्त और पारदर्शी बनाया गया है। जिला स्तरीय समिति और कलेक्टर की अनुशंसा के बाद पंचायत से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया जाता है। भौतिक सत्यापन के बाद आवेदन छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को भेजे जाते हैं। आयोग की क्रियान्वयन समिति हर 3 महीने में होने वाली बैठक में इन आवेदनों की विस्तृत समीक्षा करती है। समीक्षा के पश्चात आवेदनों को अंतिम प्रशासकीय स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाता है, जिसके बाद अनुबंध और पंजीयन की कार्यवाही पूरी की जाती है।
ग्रामीण व कृषि अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
सरकार का मानना है कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति और कृषि व्यवस्था का मुख्य आधार है। ग्राम पंचायतों को संचालन का अधिकार मिलने और शहरी गौठानों को योजना में जोडऩे से भविष्य में गौधामों की संख्या में और वृद्धि होगी। वर्तमान में विभिन्न जिलों से नए गौधामों की स्थापना हेतु लगातार आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, जिन पर त्वरित कार्यवाही जारी है।
रायपुर/शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ की लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और कलाकारों के आर्थिक सशक्तीकरण के उद्देश्य से संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय ने मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के तहत प्रदेश के लोक कलाकारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष 12 हजार से 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
योजना के तहत लोक नृत्य, लोक संगीत, लोक नाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, शिल्प कला, पारंपरिक व्यंजन एवं सौंदर्यकला से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन, आय प्रमाण-पत्र (वार्षिक आय 96 हजार रुपये से कम), बैंक विवरण एवं पैन कार्ड की प्रति अनिवार्य होगी।
इच्छुक कलाकार 31 अगस्त 2026 तक निर्धारित प्रारूप में आवेदन पंजीकृत डाक के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन पत्र विभाग की वेबसाइट 222.ष्द्दष्ह्वद्यह्लह्वह्म्द्ग.द्बठ्ठ
तथा संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, नया रायपुर कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं।
यह योजना लोक कलाकारों को आर्थिक सहयोग देने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को व्यापक मंच प्रदान कर छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
रायपुर/शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के तकनीकी, औद्योगिक, ग्रामीण विकास, वित्तीय प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई दूरगामी एवं महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने 500 करोड़ रुपये के 'छत्तीसगढ़ ्रढ्ढ मिशनÓ, राज्य के पहले क्चश्वरूरु हेवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट निर्माण संयंत्र, लोक निर्माण विभाग में डिजिटल ङ्ख्ररूढ्ढस् प्रणाली, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना में बड़े बदलाव सहित सात महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी।
500 करोड़ का ्रढ्ढ मिशन, 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण
कैबिनेट ने 'छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (्रढ्ढ) मिशनÓ को मंजूरी देते हुए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया। मिशन के तहत 100 ्रढ्ढ डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, 300 से अधिक ्रढ्ढ स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाएगा तथा 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को ्रढ्ढ का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासन की 50 से अधिक सेवाओं को ्रढ्ढ आधारित बनाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में पहली बार लगेगा क्चश्वरूरु का भारी मशीन निर्माण संयंत्र
कैबिनेट ने भारत सरकार के सार्वजनिक उपक्रम क्चश्वरूरु को रियायती दर पर भूमि आवंटित करने की मंजूरी दी। राज्य में पहली बार स्थापित होने वाला यह हेवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट निवेश, रोजगार और रूस्रूश्व क्षेत्र के लिए नए अवसर खोलेगा तथा छत्तीसगढ़ को देश के औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।
क्कङ्खष्ठ में लागू होगी डिजिटल ङ्ख्ररूढ्ढस् प्रणाली
लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों की स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक, बिल भुगतान और गुणवत्ता निगरानी अब ङ्ख्ररूढ्ढस् (वक्र्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) के माध्यम से होगी। इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और भुगतान प्रक्रिया में तेजी आएगी।
ग्रामीण सड़कों के निर्माण के नियम हुए सरल
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना में संशोधन करते हुए ग्रामीण गलियों में सीसी सड़क एवं नाली निर्माण को शामिल किया गया है। साथ ही सड़क निर्माण से पहले मनरेगा से मिट्टी कार्य की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी।
्रष्ठक्च से मिलेगा 15 करोड़ का अनुदान
कैबिनेट ने ्रष्ठक्च से 'अंजोर रुढ्ढत्र॥ञ्जÓ परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये के पूर्ण अनुदान को मंजूरी दी। इस तीन वर्षीय परियोजना से सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, क्कक्कक्क, ग्रीन फाइनेंस, निवेश संवर्धन और 'छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047Ó के क्रियान्वयन को गति मिलेगी। इस योजना में राज्य पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
राज्य योजनाओं में लागू होगा स्द्बठ्ठद्दद्यद्ग हृशस्रड्डद्य ्रद्दद्गठ्ठष्4 मॉडल
सरकारी योजनाओं के धन के बेहतर उपयोग, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन के लिए स्ह्लड्डह्लद्ग स्द्बठ्ठद्दद्यद्ग हृशस्रड्डद्य ्रद्दद्गठ्ठष्4 (स्-स्हृ्र) मॉडल लागू किया जाएगा। इससे योजनाओं की राशि का रियल-टाइम उपयोग, सीधे हितग्राहियों को भुगतान और निष्क्रिय राशि व वित्तीय अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
ष्टस्क्कत्रष्टरु जारी करेगी 200 करोड़ के बॉन्ड
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (ष्टस्क्कत्रष्टरु) को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (हृष्टष्ठ)/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की मंजूरी दी। इससे ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और राज्य के विद्युत अधोसंरचना विकास को नई गति मिलेगी।
प्रदेश के विकास को नई दिशा देने वाले इन निर्णयों को तकनीकी नवाचार, औद्योगिक निवेश, सुशासन, वित्तीय पारदर्शिता और ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
