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जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / जांजगीर-चांपा जिले में बढ़ते हुए कोरोना वायरस सेे बचाव के लिए जांजगीर-चांपा जिला सतनामी समाज के अध्यक्ष महारथी बघेल ने जांजगीर-चांपा जिले की सभी जनता से अपील करते हुए कहा कि जानलेवा कोरोना वायरस दिनों दिन फैलते जा रहा है। इस वायरस से कई लोगों की असमय जानें जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे सुरक्षा के लिए हम सभी लोगों को शीघ्र कोविड का टीका लगवाना चाहिए ताकि वायरस से हम सब सुरक्षित हो सकें।
कोविड का दूसरा टीका लगने के दो सप्ताह बाद शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़नी शुरू हो जाती हैै। जो कोरोना वायरस से हमारी सुरक्षा करती है। उन्होंने जिले के सभी 45 वर्ष से उपर और अंत्योदय कार्डधारी परिवार के 18 साल से अधिक उम्र के लोगो से अपील की है कि वे अपने निकट के टीकाकरण केन्द्र में जाकर जल्दी कोरोना का टीका लगवायें ताकि हमे इस वायरस पर नियंत्रण में सफलता मिल सके।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / कलेक्टर यशवंत कुमार ने कंटेन्मेंट जोन के आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए उर्वरक,बीज संग्रहण, भंडारण की छुट संबंधी संशोधित आदेश जारी किया है। जारी आदेश में कहा गया है कि जिले में कोरोना वायरस कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के बचाव एवं रोकथाम तथा आम जनों के सुरक्षा की दृष्टिकोण से जिले में स्वास्थ्य गत आपातकालीन स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए 6 मई 2021 प्रातः 6 बजे तक कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। चूकिं उर्वरक बीज आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की अनुसूची में आवश्यक वस्तु अंतर्गत वर्णन है। जिसके तहत इसका भंडारण वितरण कार्य समय पर किया जाना अति आवश्यक है। जिसके कारण उक्त आदेश में आंशिक संशोधन किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार- खरीफ फसल वर्ष 2021 20 की तैयारी हेतु उर्वरक बीज का भंडारण कार्य हेतु जिले के सभी रेंक पॉइंट एवं बीज संग्रहण भंडारण केंद्रों में उर्वरक तथा बीच का लोडिंग, अनलोडिंग एवं परिवहन डबल लॉक गोदाम तथा सहकारी समितियों एवं निजी गोदामों कोविड-19 के शर्तों का पालन करते हुए प्रातः 6 बजे से सायं 6 बजे तक उर्वरक बीज परिवहन एवं भंडारण कार्य अनुमति प्रदान की गई है।
कार्यस्थल पर सैनिटाइजर साबुन एवं स्वच्छ पानी की व्यवस्था करना अनिवार्य रूप से की गई जाय।ट्रांसपोर्टर वाहन चालक एवं मजदूरों द्वारा फेस मास्क उपयोग एवं सोशल फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कार्य करें। परिवहन कार्य में उपयोग हो रहे वाहन के अंदर में 2 से अधिक व्यक्ति न हो। कार्यस्थल पर कोरोनावायरस कोविड-19 के संक्रमण के बचाव के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई एडवाइजरी एवं गाइडलाइन का पालन करना होगा।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / जिला अस्पताल ईसीटीसी, कोविड केयर सेंटर्स में कोविड संक्रमित समुचित ईलाज के फलस्वरूप कोविड निगेटिव और स्वस्थ होने के बाद आज कोविड अस्पताल और होम आइसोलेशन से 311 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। कलेक्टर श्री यशवंत कुमार के मार्गदर्शन में कोविड जिला अस्पताल ईसीटीसी और 12 कोविड केयर सेंटर्स में कुल-1284 बेड और निजी अस्पतालो में 130 बेड की व्यवस्था की गई है। कोविड केयर सेंटर्स में- 836 बेड और 06 निजी अस्पतालों में- 55 बेड रिक्त है।
आॅनलाई उपलब्ध जानकारी के अनुसार शनिवार 24 अप्रैल सायं 05 बजे तक की स्थिति में जिला अस्पताल परिसर के ईसीटीसी में- 80 बेड हैं इनमें से आईसीयू के -09 बेड में और आक्सीजनयुक्त- 71 बेड में मरीज भर्ती हैं। यहां कोई भी बेड रिक्त नहीं हैं। जिले मेें संचालित- 12 कोविड केयर सेंटर्स में- आक्सीजन युक्त - 44 और सामान्य वार्ड के -792 बेड रिक्त है।
निजी अस्पताल में उपलब्ध बेड -
निजी- 06 अस्पतालो में कुल- 130 बिस्तर कोविड उपचार के लिए उपलब्ध कराया गया है। इनमें सामान्य वार्ड के- 17 बेड और आक्सीजन युक्त- 38 बेड रिक्त है।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / वैश्विक महामारी कोरोना से लगातार जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ रोज नई चुनौतियों का सामना कर रहें हैं। कोरोना संकट की विषम परिस्थियों में भी लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जिले के चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ समर्पण भाव से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वैश्विक महामारी कोरोना से अनेक गर्भवती महिलाएं भी संक्रमित है। ईसीटीसी में विगत 3 दिनों से भर्ती कोरोना संक्रमित दो गर्भवती महिलाओं का सिजेरियन आॅपरेशन से प्रसव कराया गया। दोनों महिलाओं की आयु लगभग 25 -26 वर्ष की है। इनमे एक महिला की ऋण की हड्डी जन्म से विकृत है।
ईसीटीसी के प्रभारी डॉ अनिल जगत ने बताया कि शनिवार 24 अप्रैल को 2 महिलाओं का सिजेरियन ऑपरेशन से प्रसव कराया गया गया। एक महिला की ऋण की हड्डी जन्म से विकृत होने के कारण सिजेरियन आपरेशन से प्रसव कराना आसान नही था। इसके लिए दो यूनिट ब्लड, आॅक्सीजन सिलेण्डर आदि की तैयारी की गयी थी। मनोवैज्ञानिक परामर्श से महिलाओं का आत्म विश्वास बढ़ाया गया। जिला अस्पताल के डाॅ अरविंद एक्का, डॉ संगीता देवांगन की टीम ने सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण होने पर दोनों महिलाओं का सिजेरियन ऑपरेशन से सफल प्रसव कराया। दोनों महिलाओं को बेटा हुआ है। दोनों बच्चे स्वस्थ हैं। महिलाओं की देखरेख के लिए अस्पताल की सिस्टर राजी सिंह, मेघा, पुष्पा, पावित्री और कुलदीप पूरी आत्मीयता के साथ जच्चा-बच्चा की देख-रेख कर रहे हैं। स्वच्छता कर्मचारी भी सेवा भाव से कार्य में जुटे हुए हैं। ईसीटीसी सहित जिले के विभिन्न कोविड केयर सेंटर्स में पेयजल, विद्युत व्यवस्था, भोजन, साफ-सफाई व्यवस्था आदि के लिए भी संबंधित विभागों के कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।
जांजगीर-चांपा जिला को मिले 1 लाख वैक्सीनेशन शीशी , पलायन करने वाले मजदूरों की संख्या जिले में सबसे अधिक
जांजगीर चाम्पा/ शौर्यपथ / जिला कांग्रेस कमेटी जांजगीर चांपा के अध्यक्ष डॉक्टर चौलेश्वर चंद्राकर ने वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते कदम पर चिंता जाहिर करते हुए जिला जांजगीर चांपा में कोरोना वैक्सीन की एक लाख शीशी अर्थात 10 लाख टीका की मांग केंद्र सरकार सहित छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार से की है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा है कि छत्तीसगढ़ का जिला जांजगीर चांपा एक ऐसा जिला है जहां सर्वाधिक संख्या में बाहर काम करने मजदूर पलायन करते हैं, उनकी संख्या लगभग एक लाख पचास हजार है ऐसे मजदूरों के फिर से घर वापसी का क्रम शुरू हो चुका है। बाहर में कमाने खाने गए हुए मजदूरों के फिर से वापसी के साथ कोरोना संक्रमण के बढने की संभावना को देखते हुए उनकी देखभाल अत्यंत आवश्यक है इसके साथ ही जिले में सघन टीकाकरण की आवश्यकता है। श्री चंद्राकर ने कहा कि जिला जांजगीर चांपा घनी आबादी वाला जिला है, यहां आबादी के अनुपात में वैक्सीन टीका की कमी है ऐसे में आने वाले समय में स्वास्थ सुविधाओं को सुचारू रूप प्रदान करते हुए जिले में लगभग एक लाख वैक्सीन शीशी की आवश्यकता है जिसकी आपूर्ति की जानी चाहिए।
चंद्राकर ने कहा कि वैक्सीन के एक सीसी से दस व्यक्तियों को टीकाकरण किया जा सकता है।
इस लिहाज से एक लाख वैक्सीन सीसी की उपलब्धता से दस लाख लोगों को वैक्सीन टीकाकरण की पूर्ति की जा सकती है। इसके साथ ऐसे 45 वर्ष से कम उम्र को भी टीका लगना चाहिए।
अपने पत्र में देश के प्रधानमंत्री से छत्तीसगढ़ में वैक्सीन की आपूर्ति में दिल खोलकर मदद करने की अपील करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कोरोना वायरस की रोकथाम मे कारगर उपाय किए जाने की दिशा में प्रशंसा करते हुए जिला जांजगीर चांपा को पलायन करने वाले मजदूरों के जिले की विशेष श्रेणी में रखते हुए प्राथमिकता देकर कोविड-19 रोकथाम हेतु निवेदन किया है।
कोविड-19 की रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन सेंटर पर ड्यूटी देंगे कांग्रेसी,,,,, हारेगा कोरोना जीतेगी इंसानियत,,,,
जिले में संचालित सुचारू टीकाकरण केन्द्रों मे बतौर वॉलिंटियर कांग्रेसी अपनी सेवा देंगे उन्होंने कहा कि हारेगा कोरोना जायेगी इंसानियत के नारों के साथ जनसेवा के लिए ब्लॉक वार प्रभारियों की नियुक्ति जल्द कर सभी कोरोना टीकाकरण केंद्रों में कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाने की जानकारी दी है। जिले के 15 संगठन ब्लॉक में से लगभग आधे ब्लॉक ने अपनी सूची जिला कांग्रेस अध्यक्ष के पास जमा कर दी गई है।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / जगदीश प्रसाद खरे के जीवन में यह पंक्तियां सटीक बैठती हैं कि ‘‘मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख होने से कुछ नहीं होता हौंसलों से उड़ान होती है’’। यह कहानी नहीं बल्कि हकीकत है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में काम करने वाले दिव्यांग जगदीश खरे अपनी जिंदगी को बेहतर जीना का तरीका सीख चुके हैं और दूसरों को भी सिखा रहे हैं। वे पिछले कई सालों से अपने ग्राम पंचायत साजापाली के विकास में योगदान दे रहे हैं। यही कारण है कि वे दिव्यांग होने के बाद भी किसी पर निर्भर नहीं है बल्कि मनरेगा में काम करते हुए अपने परिवार का पालन पोषण बेहतर तरीके से कर रहे हैं।
श्री जगदीश प्रसाद खरे जांजगीर-चांपा जिले की जनपद पंचायत अकलतरा के ग्राम पंचायत साजापाली के रहने वाले हैं। बकौल श्री जगदीश बताते हैं कि जब वे बहुत छोटे थे तो उनके एक पैर में पोलियो हो गया, परिवार के सामने यह बड़ी समस्या आ गई कि भविष्य में उनकी जिंदगी का गुजारा कैसे होगा। मगर जगदीश की सोच तो कुछ अलग ही थी, वे कहते हैं कि उन्होंने इस कमी को कभी किसी के सामने प्रदर्शित नहीं होने दिया बल्कि अपनी इस कमी को शक्ति बनाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया। इसी दौरान पता चला कि महात्मा गांधी नरेगा में दिव्यांगों के लिए भी काम मिलता है तो बस फिर आवेदन देकर जॉब कार्ड बनवाया। जॉब कार्ड बनने के बाद लगातार मनरेगा में काम किया तो आत्मविश्वास बढ़ गया। जगदीश की पत्नी श्रीमती बीरस बाई खरे भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर मनरेगा में काम करती हैं और चार बच्चों के साथ अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। उनका कहना है कि मनरेगा से गांवों में विकास के साथ लोगों को रोजगार भी मिल रहा है, जिससे गांवों में खुशहाली आ रही है। कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी के बीच मनरेगा ही था जिसने ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार मुहैया कराया।
मनरेगा से गांव के विकास में दिया योगदान
महात्मा गांधी नरेगा में दिव्यांग श्री जगदीश योजना प्रारंभ से ही सतत रूप से काम कर रहे हैं। ग्राम रोजगार सहायक सुश्री मंजुला खूंटे ने बताया कि श्री जगदीश योजना प्रारंभ से मनरेगा के सामुदायिक, हितग्राही मूलक कार्यों में काम किए हैं, और उनका दिव्यांग हरा वाला विशेष जॉब कार्ड बनाया गया है। वर्ष 2018-19 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत अपने मकान को बनाने का जिम्मा उठाया। जिसमें मनरेगा से 90 दिवस का रोजगार उनके परिवार को प्राप्त हुआ। इसी तरह वर्ष 2019-20 में तेंदुवाही तालाब गहरीकरण एवं पचरी निर्माण, नया कुकरबूढ़ा तालाब गहरीकरण में काम करते हुए दिव्यांग जगदीश एवं उनकी पत्नी ने 64 दिन का रोजगार प्राप्त किया। वहीं वर्ष 2020-21 में वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान उन्होंने बंजरिया तालाब गहरीकरण एवं पचरी निर्माण, धनुहार पारा से श्मशान घाट की ओर मिट्टी सड़क में काम करते हुए 70 दिवस का रोजगार प्राप्त किया।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / राज्य शासन की महत्वकांक्षी योजना एनजीजीबी के तहत नरवा विकास योजना में नालों को पुनर्जीवित करने के लिए जो डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाए जा रहे है, उन्हें गंभीरता के साथ बनाए। किसी भी तरह की कोई भी लापरवाही डीपीआर को लेकर बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और तीन दिवस के भीतर सारी कर्मियों को दूर कर प्रस्तुत किया जाए। यह बात सोमवार को जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने तकनीकी अमले से कही।
जिपं सीईओ ठाकुर ने जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रत्येक जनपद पंचायत द्वारा नरवा विकास के तहत तैयार किए जा रहे डीपीआर की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से निर्माण कार्यों को किया जाना है। उन्होंने जनपद पंचायत के नरवा विकास के नोडल अधिकारी से प्रजेंटेशन के माध्यम से बनाए जा रहे डीपीआर के एक-एक बिंदुओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले में नालों को लेकर राज्य स्तर से जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसके मुताबिक डीपीआर तैयार किया जाना है। इसलिए जरूरी है कि डीपीआर के प्रत्येक बिंदुओं को शामिल किया जाए। नरवा विकास के तहत नालों से भूजल को बढ़ाना है, इसलिए प्रत्येक नाले की लंबाई, चौड़ाई, गहराई का सही तरीके से आंकलन करें और नाले पर बनने वाले स्ट्रक्चर का ध्यान रखे।
उन्होंने आरईएस एसडीओ, सब इंजीनियर, मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक को नाले का निरीक्षण कर बेहतर डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए। नालों के संरक्षण करने से जहां मनरेगा के मजदूरों को गांव में ही रोजगार मिलेगा तो वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण होने से नालों के आसपास किसान दोहरी फसल, सब्जी-बाड़ी जैसे कृषि कार्य कर सकेंगे तो वहीं मछली पालन का काम भी इसमें किया जा सकेगा। इससे ग्रामीणों के लिए रोजगार उपलब्ध होगा और उनकी आय में वृद्धि होगी। उन्होंने इस दौरान मनरेगा कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि गांव की आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक, हितग्राही मूलक कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर भेजे जाए, जिससे गांव में अधिक से अधिक ग्रामीणों को रोजगार मिल सके। बैठक में आरईएस कार्यपालन अभियंता, मनरेगा सहायक परियोजना अधिकारी श्री विजयेन्द्र सिंह, आरईएस एसडीओ, सब इंजीनियर, मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक उपस्थित थे।
जांजगीर जिला भाजपा में अंतर्कलह की आवाज प्रदेश तक पहुंची
जांजगीर / शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी जिला जांजगीर के अध्यक्ष कृष्णकांत चंद्रा के लिए जिले के मंडल कार्यकर्ताओं में एवं पदाधिकारियों में काफी आक्रोश व्याप्त है। विगत दिनों हुए जिले में मोर्चा प्रकोष्ठों के गठन को लेकर जिले के अधिकतर मंडल अध्यक्षों ने अपना खुलकर आक्रोश व्यक्त किया है, जिला कार्यसमिति की बैठक पश्चात अधिकतर मंडल अध्यक्षों ने जिला प्रभारी रजनीश सिंह और संभाग प्रभारी कृष्णा राय के समक्ष अपनी जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने जिला प्रभारी और संगठन प्रभारी से शिकायत करी की जिला अध्यक्ष कृष्णकांत चंद्रा जिले में तानाशाही रवैया अपनाए हुए हैं ,किसी भी निर्णय में मंडल अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों को अपने विश्वास में नहीं ले रहे हैं न ही उनसे कोई मतलब रख रहे हैं और सभी निर्णय अपने मनमर्जी से ले रहे हैं।
मंडल अध्यक्षों ने जिला प्रभारी और संभाग प्रभारी से ये भी शिकायत करी की समस्त मोर्चा प्रकोष्ठ में मंडल द्वारा भेजे गए नामों को हटाकर जिले से अपने पसंदीदा नामों को जगह दी गई है। जिससे मंडल में आगे की गतिविधि संचालित करने में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा । इन सब विषय पर मंडल अध्यक्ष काफी नाराज नजर आए बोथिया मंडल अध्यक्ष संजू चंद्रा ने कहा कि इसी तरह अगर जिला अध्यक्ष जिले में पार्टी का संचालन करेंगे तो हम उनका साथ नहीं दे सकते । हमारे लिए पार्टी सर्वोपरि है पार्टी का हित सर्वोपरि है और पार्टी से खिलवाड़ बर्दाश्त नही होगा, चाहे विरोध ही क्यों न करना पड़े। जिलाध्यक्ष के इस रवैय्ये से आगे पार्टी का संचालन करना मुश्किल होगा। इसी तरह विगत दिनों हसौद मंडल के अध्यक्ष ने मौखिक रूप से अपने इस्तीफे की पेशकश कर दी थी बाद में अन्य मंडल अध्यक्षों की समझाइस के बाद वे अपना इस्तीफा न देने को तैयार किये। भाजपा सक्ती नगर मंडल जो कि जिले में एक विशेष मुख्यालय है ,के अध्यक्ष भवानी तिवारी ने कहा कि हम कृष्णकांत चंद्रा की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं है ,हमने 4-4 जिला अध्यक्ष के कार्यकाल को देखा है ,विगत 25 वर्षों से हम पार्टी का झंडा बुलंद किए हुए हैं, लेकिन इस जिलाध्यक्ष के तानाशाही रवैया से हम परेशान हैं यह तानाशाह के रूप में अपना डिसीजन मंडल अध्यक्षों पर थोपते ही हैं साथ ही इनका बदतमीजी भरा रवैया भी हमारी समझ में नहीं आ रहा है ।जिसकी शिकायत हमने मंडल पदाधिकारियों के साथ 15 से 20 मंडल अध्यक्षों ने साथ में जाकर प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह से भी करी है ,ऐसे में पार्टी को निर्णय लेना है कि या तो वह मंडल अध्यक्षों की बातों को सुने या जिला अध्यक्ष की ।
भारतीय जनता पार्टी जिला जांजगीर की राजनीति इस वक्त गरमाई हुई है । एक तरफ जिला अध्यक्ष कृष्णकांत चंद्रा अपने चहेते 1- 2 पदाधिकारियों, पूर्व जनप्रतिनिधियों के हवाले से मीडिया में न्यूज़ फैलाते हैं कि जिला अध्यक्ष का कार्यकाल बहुत ही अच्छा चल रहा है । सभी बैठक, आयोजन, संगठन के द्वारा आंदोलन ,गतिविधियों को अपना सौ प्रतिशत देते हुए संचालित कर रहे हैं ।लेकिन पर्दे के पीछे की बात कुछ और ही है ।
ऐसे में भारतीय जनता पार्टी इस वक्त प्रदेश में विपक्ष की भूमिका निभा रही है और आने वाले चुनाव को 2:30 से 3 वर्ष ही बाकी है ,जिला के अध्यक्ष कृष्णकांत चंद्रा ने मोर्चा प्रकोष्ठ की नियुक्तियों में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को तरजीह दी है साथ ही वह खुद भी 6 वर्ष पार्टी से निष्काषित रहे हैं एवं एक मण्डल के जिस पूर्व जनप्रतिनिधि से अपनी वकालत करवा रहे हैं उसके उलट विगत दिनों हाल ही में अकलतरा के एक बड़े मजदूर नेता ने बड़े ही बुझे मन से फेसबुक में पोस्ट कर पार्टी से इस्तीफा दिया । भारतीय जनता पार्टी जिले की राजनीति किस करवट बैठेगी ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा ।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत काम करने वाले अकुशल श्रमिकों के लिए 1 अप्रैल 2021 से 193 रूपए प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी मिलेगी। जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने सभी क्रियान्वयन एजेंसी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं मनरेगा कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 1 अप्रैल 2021 से मनरेगा के मजदूरों को 190 रूपए के बजाय 193 रूपए की मजदूरी दी जाए।
उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी परिषद नवा रायपुर से पत्र जारी किया गया है, जिसमें 1 अप्रैल 2021 से अकुशल हस्त कर्मकारों के लिए दैनिक न्यूनतम मजदूरी दर में 3 रूपए का इजाफा करते हुए 190 रूपए से बढ़ाकर 193 रूपए किया गया है। जिले के सभी मजदूरों को 1 अप्रैल से बढ़ी हुई मजदूरी दी जाएगी। साथ ही आगामी वित्तीय वर्ष के लिए तकनीकी प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे वह 193 रूपए की दर से बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई मजदूरी की जानकारी ग्राम सभा आयोजन के दौरान, रोजगार दिवस के मौके पर, नागरिक सूचना पटल, ग्राम पंचायत भवन एवं अन्य शासकीय दीवारों पर लिखकर, कार्यस्थल पर मौजूद श्रमिकों, ग्रामीणों को अधिक से अधिक जानकारी दी जाए।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी स्व सहायता समूह की महिलाओं ने हर्बल गुलाल तैयार किया है। हर्बल गुलाल बनाने में गुलाब, गंेदा, चांदनी, रात रानी के फूल, टेशू के फूलों सहित पत्ती, एवं पालक भाजी, लाल भाजी का उपयोग किया गया है, जो त्वचा को किसी तरह से नुकसान नहीं पहंुचाता। जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने समूह की महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए जिला पंचायत परिसर में स्टॉल तैयार करवाया है। जिपं सीईओ ने नागरिकों से अपील भी की है कि वे हर्बल गुलाल को जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत में लगाए स्टाल के साथ ही ग्राम पंचायतों में समूह के द्वारा बनाई जा रही गुलाल खरीदकर महिला समूह का मनोबल बढ़ाएं।
जिपं सीईओ ने कहा कि रसायनिक एवं अन्य पदार्थों से निर्मित रंग, गुलाल से त्वचा संबंधी खतरा होने की संभावना रहती है, लेकिन हर्बल गुलाल से त्वचा एवं अन्य शारीरिक नुकसान होने का खतरा नहीं रहता। उन्होंने बताया कि बिहान के माध्यम से समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें हर्बल गुलाल तैयार करने कहा गया। जिसके बाद विभिन्न समूहों ने मिलकर हर्बल गुलाल तैयार की है। सहायक परियोजना अधिकारी श्री आकाश सिंह ने बताया कि जिले में बिहान योजना से जुड़े समूहों के द्वारा हर्बल गुलाल बनाकर महिलाओं द्वारा विक्रय किया जा रहा है।
पालक से हरा, तो चुकंदर से लाल गुलाल
अकलतरा सीईओ सत्यव्रत तिवारी के मार्गनिर्देशन में कापन कलस्टर के उज्जवला महिला संकुल संगठन की महिलाओं के द्वारा पिछले दो माह से गुलाल तैयारी की जा रही है। जनपद पंचायत अकलतरा के सहायक विकास विस्तार अधिकारी श्री बैजनाथ राठौर, समूह कलस्टर प्रभारी श्रीमती ओमेश्वरी साहू, अध्यक्ष श्रीमती पूनम केवट, श्रीमती सुशीला बरेठ, गायत्री पैगवार, अनिता कौशिक, सविता, सावित्री रात्रे एवं अन्य सदस्यों ने बताया कि फूलों, पत्तियों एवं भाजियों के माध्यम से विभिन्न रंगों की गुलाल तैयार की गई है। जहां हरा गुलाल बनाने के लिए पालक भाजी, तुलसी, हरी पत्तियों का उपयोग किया गया है, तो वहीं लाल गुलाल बनाने के लिए चुकन्दर का रस, मदार के फूल को उपयोग में लाया गया है। इसी तरह से पीला गुलाल के लिए हल्दी, चंदन, गेंदा फूल से बनाया है। इन फूलों का सुखाकर उसके बाद पीसकर फिर छानकर गुलाल को कड़ी मेहनत के बाद तैयार किया गया हैं।
गांव से लेकर जनपद, जिला तक
जिला पंचायत में बनाए गए स्टाल में अकलतरा कापन कलस्टर की महिलाओं द्वारा तैयार किया गया गुलाल विक्रय किया जा रहा है। इसके अलावा सुगंधित अगरबत्ती, पैरदान, फिनाइल एवं मसाले भी एक भी छत के नीचे वाजिब दाम में मिल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बलौदा में रानी लक्ष्मीबाई स्व सहायता समूह के द्वारा एवं बम्हनीडीह में एकता महिला स्व सहायता समूह के द्वारा गुलाल तैयार की गई है। जिसे बलौदा, बम्हनीडीह जनपद पंचायत परिसर में स्टाल लगाकर विक्रय किया जा रहा है। समूह की महिलाओं ने बताया कि पहले दिन ही बड़ी संख्या में लोगों द्वारा हर्बल गुलाल एवं अन्य सामग्री को खरीदा गया।
जांजगीर-चांपा/ शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य विधानसभा के अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत 25 मार्च को जांजगीर-चांपा जिले के भ्रमण पर रहेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे । वे 25 मार्च को सुबह 10:00 बजे स्पीकर हाऊस रायपुर से प्रस्थान कर दोपहर 1:00 बजे चांपा पहुंचेंगे ।वे चांपा में श्री तुलसी इंस्टीट्यूट आफ पैरामेडिकल का उद्घाटन करेंगे ।डॉक्टर महंत 2:00 बजे चांपा से प्रस्थान कर 2:20 बजे सारा गांव पहुंचेंगे यहां महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होंगे। शाम 4:00 बजे सारागांव से प्रस्थान कर 5:00 बजे शिवरीनारायण पहुंचेंगे। यहां महंत रामसुंदर दास द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शाम 6:00 बजे शिवरीनारायण से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्गनिर्देशन में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत निःशक्त व्यक्तियों की पहचान, शत-प्रतिशत प्रमाणीकरण तथा यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए विकासखण्डवार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में विकासखण्ड अकलतरा के मंगल भवन में सोमवार 22 मार्च को शिविर का आयोजन किया गया।
उप संचालक समाज कल्याण टीपी भावे ने बताया कि शिविर में 86 दिव्यांगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिसमें 05 दृष्टि बाधित, 30 बौद्धिक मंद शिशु, 51 अस्थि बाधित दिव्यांग शामिल है। इसी प्रकार 65 दिव्यांगों ने यूडीआईडी कार्ड के लिए फार्म जमा किया। शिविर में दिव्यांगो को 02 व्हील चेयर, 02 एमआर कीट और 02 श्रवण यंत्र निःशुल्क प्रदान किया गया। शिविर में जनपद पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत के सदस्य, नगरपालिका परिषद अकलतरा के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ए.पी.सी. सर्व शिक्षा अभियान उपस्थित थे। आदर्श दिव्यांग एवं तृतीय लिंग कल्याण संघ के पदाधिकारीगण और एनएसएस यूनिट के विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य परीक्षण, पंजीयन आदि में दिव्यांगो का सहयोग किया।
बलौदा में शिविर 24 मार्च को -
बलौदा के जनपद पंचायत भवन में बुधवार 24 मार्च को यूडीआईडी शिविर का आयोजन होगा। शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला मेडिकल बोर्ड की टीम उपस्थित रहेगी। ऐसे दिव्यांग जिनके प्रमाण पत्र नहीं है उनके प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे। साथ ही प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण भी किया जाएगा। दिब्यांगजनों को पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र के साथ उपस्थित होने कहा गया है।
प्रशासन का मिला पूरा सहयोग, अधिकारी व जन प्रतिनिधि हुए शामिल
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत गत रविवार को जिले के विकासखंड नवागढ़ की ग्राम पंचायत सरखों के हाई स्कूल परिसर में सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। इस आयोजन में सरखो गांव की सुमरन और नैला निवासी संतोष का विवाह भी सामाजिक ,धार्मिक रीति रिवाज और उल्लास पूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत विवाह का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा किया गया। सासंद, विधायक सहित त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने उपहार प्रदान कर सुखद गृहस्थ के लिए शुभकानाएं दी।
राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सरखो निवासी बुधराम सूर्यवंशी के परिवार के लिए मददगार साबित हुई और उनकी बेटी सुमरन का विवाह बड़े महोत्सव के रूप में गांव में ही आयोजित हुआ। इस आयोजन में वर-वधु पक्ष के परिवार वाले, गांव के लोग, अधिकारी कर्मचारी और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए और वर वधुओं कोई आशीर्वाद प्रदान किया। सुमरन के पिता बुधराम राज मिस्त्री का काम कर परिवार का भरण पोषण करते है। कम आमदनी के कारण विवाह आयोजित करने मे आर्थिक दिक्कत हो रही थी।
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती प्रीति खोखर चखियार ने बताया कि योजना अन्तर्गत प्रत्येक कन्या के विवाह हेतु अधिकतम 25,000 रूपये की राशि व्यय किए जाने का प्रावधान है। इसमें से वर-वधु हेतु श्रृंगार सामग्री पर राशि 5,000 रूपये, अन्य उपहार सामग्री पर राशि 14,000 रूपये, वधु को बैंक ड्राफ्ट के रूप में राशि 1,000 रूपये तथा सामूहिक विवाह आयोजन पर प्रति कन्या राशि 5,000 रूपये तक व्यय किया जाता है। राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अन्तर्गत विधवा, अनाथ, निराश्रित कन्याओं को भी इस योजना में शामिल किया गया है। सादगीपूर्ण विवाहों को बढ़ावा देने तथा दहेज जैसी बुराइयों का रोकथाम करना मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य है। परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की अधिकतम दो कन्याओं को इस योजना के अन्तर्गत लाभान्वित किया जाता है।
एक ही फर्म को एकमुश्त सप्लाई के सवाल पर जिला शिक्षा अधिकारी दे रहे अजीब तर्क
राज्य शासन के आदेश की शैक्षणिक जिला जांजगीर-चांपा में की गई है जमकर अवहेलना
जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / राज्य माध्यमिक शिक्षा मिशन द्वारा 2009-10 से लेकर 2011-12 के बीच शुरू हुए जिले के हाईस्कूलों में स्टाफ व विद्यार्थियों की बैठक व्यवस्था के लिए प्रति स्कूल सात लाख 37 हजार रुपए की दर से फर्नीचर की खरीदी करने की प्रशासकीय मंजूरी इस शर्त पर दी गई थी कि डीईओ की सहमति से संबंधित स्कूलों के प्राचार्य सीएसआइडीसी से फर्नीचर की खरीदी करें, लेकिन राज्य सरकार के इस आदेश की शैक्षणिक जिला-जांजगीर-चांपा में जमकर अवहेलना की गई है। यहां डीईओ ने शासकीय आदेश की अनदेखी करते हुए एक ही फर्म को एक करोड़ 32 लाख रुपए के फर्नीचर सप्लाई का आर्डर दे दिया है।
बताया जा रहा है कि खरसिया के जिस फर्म को एकमुश्त फर्नीचर सप्लाई का आर्डर दिया गया है , वह छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा मंत्री एवं खरसिया विधायक उमेश पटेल का करीबी है। ऐसे में जांजगीर-चांपा के डीईओ की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गए हैं। इधर, एक ही फर्म को एकमुश्त सप्लाई के सवाल पर डीईओ का अजीब तर्क है। उनका कहना है कि संचालक के आदेश पर फर्नीचर सप्लाई के लिए संबंधित फर्म को आदेश जारी किया गया है।
गौरतलब है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जांजगीर-चांपा लगातार आर्थिक अनियमितता एवं गड़बड़ी के मामलों को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है। यहां पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी, शासन-प्रशासन के नियम-कायदों को ताक पर रखकर अपनी मनमर्जी से न केवल कामकाज संचालित कर रहे हैं बल्कि, अपने चहेते सप्लायरों को आर्थिक लाभ पहुंचाने में भी पीछे नहीं हैं। दरअसल, ताजा मामला फर्नीचर खरीदी से संबंधित है, जिसमें डीईओ ने खरसिया के एक ही फर्म को एक करोड़ 32 लाख के फर्नीचर सप्लाई का आर्डर दे दिया है। जानकारी के अनुसार दरअसल राज्य माध्यमिक शिक्षा मिशन द्वारा 2009-10 से लेकर 2011-12 के बीच शुरू हुए जिले के हाईस्कूलों में स्टाफ व विद्यार्थियों की बैठक व्यवस्था के लिए प्रति स्कूल सात लाख 37 हजार रुपए की दर से फर्नीचर की खरीदी करने की प्रशासकीय मंजूरी इस शर्त पर दी गई थी कि डीईओ की सहमति से संबंधित स्कूलों के प्राचार्य सीएसआइडीसी से फर्नीचर की खरीदी करें, लेकिन राज्य सरकार के इस आदेश की शैक्षणिक जिला जांजगीर-चांपा में जमकर अवहेलना की गई है। यहां डीईओ ने शासकीय आदेश की अनदेखी करते हुए खरसिया के एक ही फर्म को एक करोड़ 32 लाख रुपए के फर्नीचर सप्लाई का आर्डर दे दिया है।
बताया जा रहा है कि जिसे फर्नीचर सप्लाई का एकमुश्त आर्डर दिया गया है वह छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा मंत्री एवं खरसिया विधायक उमेश पटेल का करीबी है, जिसके कारण जिला शिक्षा अधिकारी ने नियमों को ताक पर रखकर यह काम किया है। इधर, एक ही फर्म को एकमुश्त सप्लाई के सवाल पर डीईओ का अजीब तर्क है। डीईओ केएस तोमर का कहना है कि एक व्यक्ति रायपुर से सूची लेकर आया था। उसी व्यक्ति को डायरेक्टर के आदेश पर सप्लाई के लिए आदेश जारी किया गया है। बहरहाल, जिला शिक्षा अधिकारी के तर्क ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस शासनकाल में नियम-कायदे सिर्फ दिखावा के लिए हैं क्योंकि, यहां सत्ता के आगे सब नतमस्तक हैं।
सप्लायर की पत्नी है खरसिया नपाध्यक्ष
जिले के स्कूलों में खरसिया के जिस फर्म को एकमुश्त फर्नीचर सप्लाई का आर्डर दिया गया है, उस फर्म का संचालक सुनील शर्मा न केवल उच्च शिक्षा मंत्री एवं खरसिया विधायक उमेश पटेल का करीबी है बल्कि, उनकी पत्नी राधा शर्मा वर्तमान में नगर पालिका परिषद खरसिया की अध्यक्ष भी है। बताया जा रहा है कि इन्होंने नगर पालिका खरसिया में भी कई बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है, जिसकी शिकायत शासन-प्रशासन स्तर तक पहुंच चुकी है तो वहीं नपा खरसिया के सभी पार्षद इनके विरूद्ध हैं। चर्चा इस बात की भी है कि नपा खरसिया के सभी पार्षद इनके विरूद्ध शीघ्र ही अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं।
गुणवत्ताहीन फर्नीचर आपूर्ति की शिकायत
बता दें कि राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी प्राचार्यों को तय मानकों के अनुरूप 28 फरवरी तक खरीदी और सीएसआईडीसी द्वारा गुणवत्ता सर्टिफिकेट मिलने के बाद 31 मार्च से पहले अनिवार्य रूप से भुगतान किया जाना है, लेकिन जिले में ऐसा नहीं हुआ है। यहां डीईओ ने खरसिया के एक ही पार्टी को 18 स्कूलों के लिए एक करोड़ 32 लाख रूपए के फर्नीचर सप्लाई की खरीदी का आदेश जारी कर दिया है तो वहीं सप्लायर द्वारा स्कूलों में गुणवत्ताहीन फर्नीचर आपूर्ति किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही है।
भंडार एवं क्रय नियम की जमकर अनदेखी
भंडार एवं क्रय नियम के अनुरूप स्थानीय सूक्ष्म सीएसआईडीसी रजिस्टर्ड लघु उद्योगों से यह खरीदी की जानी थी। मगर, जिले में ऐसा न करते हुए खरसिया के एक ही फर्म को एकमुश्त सप्लाई का आर्डर दे दिया गया। इधर, एक ही फर्म द्वारा 31 मार्च तक सभी स्कूलों में फर्नीचर सप्लाई और गुणवत्ता जांच संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में शिक्षा विभाग द्वारा फर्म को एडवांस पेमेंट कर कागजों में सारी औपचरिकता 31 मार्च से पहले पूरा करने व फंड को खर्च करने का उपाय है। दूसरी ओर शिक्षा विभाग में नियम के विपरीत की जा रही खरीदी पर चेंबर ऑफ कॉमर्स चांपा ने आपत्ति जताते हुए क्रय आदेश निरस्त करने की मांग की है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
