
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा एवं निगम आयुक्त रोहित व्यास आज जेपी स्कूल बैकुंठ धाम पहुंचे। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल में शामिल होने वाले खिलाड़ियों का उन्होंने स्वयं खेल में शामिल होकर उत्साहवर्धन किया। कलेक्टर श्री मीणा ने भंवरा अपने हाथ में लिया तो वही निगम आयुक्त रोहित व्यास ने पिट्टूल में एक कुशल खिलाड़ी की तरह बेहतर प्रदर्शन किया। कलेक्टर ने कहा कि मानसिक एवं शारीरिक विकास के लिए खेल आवश्यक है वहीं जहां छत्तीसगढ़ी परंपरा से जुड़े हुए खेल को खेलने का मौका मिले तो निवासरत लोगों के लिए इसका उत्साह और भी बढ़ जाता है। कलेक्टर एवं निगमायुक्त खेल मैदानों जहां पर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का आयोजन हो रहा है वहां पहुंचे और खेल में शामिल हुए। जब से खेल का आयोजन प्रारंभ हुआ है तब से लेकर प्रतिदिन खेल खेलने वालों में गजब का उत्साह दिख रहा है। महिलाएं हो, चाहे बच्चे हो, युवा हो सभी खेल में शामिल हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी के निर्देश पर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का आयोजन सभी जिलों में किया जा रहा है वही इस खेल को लेकर शहर में भिलाईवासी काफी उत्साहित है, और हर दिन खेल प्रांगण में पहुंचकर खेल में अपना दमखम साबित कर रहे हैं। शहर के महापौर नीरज पाल ने जनप्रतिनिधियों के साथ छत्तीसगढ़िया खेल का खूब लुफ्त उठाया और जमकर खेल में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। भिलाई निगम ने अपील है कि 11 अक्टूबर तक प्रथम चरण के खेल का आयोजन होना है जिसमें अधिक से अधिक संख्या में शामिल हो सकते हैं। विजेताओं को अगले चरणों के खेल में भाग लेने का मौका मिलेगा और वह पुरस्कार भी अर्जित कर सकेंगे। खेल मैदान में आज अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी, वैशाली नगर निगम के जोन अध्यक्ष रामानंद मौर्या, महापौर परिषद के सदस्य एवं खेल प्रभारी आदित्य सिंह ने भी खेल का खूब आनंद लिया। 14 प्रकार के छत्तीसगढ़िया खेल जिसमें पिट्टुल, गिल्ली डंडा, संखली, लंगडी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकशी, बाटी (कंचा), बिल्ल्स, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़ एवं लंबी कूद का खेल शामिल है का लोग खेल मैदानों में पहुंचकर और खेलकर खूब आनंद ले रहे हैं। दिनांक 11 अक्टूबर दिन मंगलवार को राधिका नगर स्लॉटर हाउस मैदान, शांति नगर दशहरा मैदान, जेपी स्कूल बैकुंठ धाम, आईटीआई मैदान खुर्सीपार तथा सेक्टर 9 फुटबॉल ग्राउंड में खेल का मुकाबला होगा जहां पहुंचकर ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन कराकर खेल में तुरंत भाग ले सकते हैं।
भिलाई नगर/ शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरुआत 6 अक्टूबर से हो चुकी है आज खेल का दूसरा दिन रहा। 6 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक प्रथम चरण में आयोजित होने वाले खेल में लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। वही अलग-अलग उम्र समूह की केटेगरी के अनुसार खेल में जोर आजमाइश कर रहे हैं। 14 प्रकार के छत्तीसगढ़िया खेल जिसमें पिट्टुल, गिल्ली डंडा, संखली, लंगडी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकशी, बाटी (कंचा), बिल्ल्स, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़ एवं लंबी कूद का खेल शामिल है। प्रथम चरण में भाग लेने वाले विजेताओं को आगे के लेवल में खेलने का मौका मिलेगा। महापौर नीरज पाल एवं निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर के निर्देश पर भिलाई निगम के सभी जोन क्षेत्रों में खेल के आयोजन हो रहे हैं। आज लगातार दूसरे दिन भी खेल का उत्साह लोगों में नजर आया। खेलने के लिए खेल मैदान में ही पंजीयन कराया जा सकता है, इसके अलावा जोन कार्यालय से संपर्क करके भी पंजीयन करा सकते हैं।
इन मैदानों में आयोजित हो रहे हैं छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के खेल नेहरू नगर जोन क्षेत्र में फरीदनगर लाल मैदान में आज आयोजित हुआ तथा इसके पश्चात राधिका नगर के मैदान में खेल होगा। वैशाली नगर जोन क्षेत्र में शांति नगर के दशहरा मैदान में, मदर टैरेसा नगर के जेपी नगर स्कूल में, शिवाजी नगर जोन क्षेत्र में आईटीआई मैदान में तथा जोन क्रमांक 5 सेक्टर एरिया में सेक्टर 9 फुटबॉल मैदान में खेल आयोजित हो रहे हैं।
निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने दिया चार्ज,नए आयुक्त लोकेश चंद्राकार ने संभाला कामकाज
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम।आज शाम को नए नगर निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकार ने पदभार ग्रहण करते हुए कार्यभार संभाल लिया है। गौरतलब है कि आयुक्त प्रकाश सर्वे के स्थानांतरण होने के बाद राज्य सरकार ने लोकेश चंद्राकार को दुर्ग नगर निगम का आयुक्त बनाया है आयुक्त प्रकाश सर्वे ने दिया चार्ज। नए आयुक्त लोकेश चंद्राकार ने पदभार ग्रहण के मौके पर निगम के विभागीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।उन्होंने कहा की शहर में लोगों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना उनका पहला लक्ष्य होगा। नए आयुक्त श्री चंद्राकार ने विभाग अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यों को लेकर जानकारी भी ली, विभागों में कार्यों के प्रोग्रेस को लेकर भी जानकारी भी ली गई है. इस दौरान उन्होंने स्थापना शाखा में कर्मचारियों का वेतन ट्रांसफर, उनके ग्रज्युटी, पेंशन प्रकरण की स्थिति की जानकारी ली. आयुक्त ने बाजार विभाग से शहर क्षेत्र में निगम की दुकानों और होने वाले आय की जानकारी ली. उसके बाद उन्होंने राजस्व विभाग के कार्य राशन कार्ड, निराश्रित पेंशन, नामांतरण कार्य, लायसेंस शाखा में दुकानों के लायसेंस की भी जानकारी ली है. कार्यों की जानकारी लेने के साथ ही विभाग को साफ-सुथरा रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।नए आयुक्त के स्वागत इन्होंने किया उपायुक्त मोहेंद्र साहू,कार्यपालन अभियंता प्रमोद दुबे,एसडी शर्मा,सहायक अभियंता आरके जैन,जितेंद्र समैया,आरके पालिया,प्रकाशचंद थावनी, जावेद अली,आरके बोरकर,मनोहर साहू,शिव शर्मा, अनिल सिंह,दुर्गेश गुप्ता,शुभम गोइर,भीमराव,आसाम डहरिया, श्रीमती भारती ठाकुर,विनोद मांझी,राजेन्द्र धबाले सहित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
दुर्ग/ शौर्यपथ / नगर पालिक निगम। दीवाली पर घरों को रोशन करने के लिए जलाए जाने वाले मिट्टी के दीयों के स्थान पर गोबर से बने हर्बल दीये से घर - आंगन रोशन होंगे।रंग बिरंगे गोबर के दीये बच्चों के भी आकर्षण का केंद्र बनेगे और दिवाली की रौनक बढ़ाएंगे।धार्मिक रूप से पवित्र माने जाने वाले गौ माता के गोबर से बने हर्बल दीपक बाहर में बिकने लगे है।दुर्ग पुलगाँव के करीब गोकुल नगर गौठान में कल्याणम महिला स्व सहायता समूह द्वारा तैयार किए जा रहे है गोबर के दीए। गौठान में इन दीयों को बनाने वालों का कहना है कि गौ माता का गोबर सबसे शुद्ध होता है, इस गोबर में हवन की सुगंधित सामग्री बना कर और भी बढ़िया तरीके से दीयों को तैयार किया जा रहा है। इन दीयों को जलाने से जहां सुगंध फैलेगी वहीं इनसे वातावरण भी शुद्ध हो जाएगा।दीवाली पर घरों को रोशन करने के लिये जलाये जाने वाले मिट्टी के दियों के स्थान पर गोबर के दियों से अपने घर-आंगन को रोशन करें।
-अवसर पर महापौर धीरज बाकलीवाल एवं आयुक्त लोकेश चंद्राकार ने आम जनता से अपील की है दीपावली में अपने घरो में गौ माता के गोबर से बने दीपक जलाए और अपने घरो में सुख समृद्धि लाए। उन्होंने कहा की गोबर से बने दीपक में घी मिलने से इससे निकलने वाला धुंआ भी वातावरण के लिए बहुत फायदेमंद होता है। गोबर से बने दीपक से वातावरण में होगी, आइये प्रण लें की दीपावली में गौ माता के गोबर से बने दीपक ही जलाएं और वातावरण को शुद्ध बनाएँ।
जेआरडी स्कूल खेल मैदान पहुंचे थे कलेक्टर, कौन सा खेल अच्छा लगता है पूछने पर बच्चों ने बताया:
दुर्ग / शौर्यपथ / शहर में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की धूम है। बच्चे और बड़े उत्साह से इन खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। आज इनकी हौसला अफजाई के लिए कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा भी पहुंचे। कलेक्टर ने बच्चों से पूछा कि आप लोगों के लिए चौदह तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही हैं। आप लोग कौन सी प्रतियोगिता में हिस्सा लेना पसंद करते हैं। बच्चों ने पहली पसंद गिल्ली डंडा बताया और फिर पिट्ठूल का जिक्र किया। फिर कलेक्टर ने बच्चों से कहा कि दिखाओ कैसे खेलते हो गिल्ली डंडा। फिर बच्चों ने अपने जौहर दिखाये। कलेक्टर ने उन्हें कहा कि आप लोग तो बहुत अच्छा खेलते हैं। कलेक्टर ने फिर यहां प्रतियोगिता करा रहे शिक्षा विभाग और खेल विभाग के अधिकारियों और राजीव युवा मितान क्लब के वालंटियर्स के साथ चर्चा की। वालंटियर्स ने बताया कि बच्चों में इन प्रतियोगिताओं को लेकर बहुत खुशी है। हमारे ग्रामीण खेल इतने आकर्षक हो सकते हैं। इसके बारे में इनमें से कई को पता ही नहीं था। वालंटियर्स ने बताया कि हमारे लिए भी ये अपने बचपन के क्षणों की वापसी है जब हम लोग सुकून से देर तक गिल्ली डंडा और पिट्ठूल खेलते थे। स्कूल से आने के बाद देर शाम तक यह खेल खेलते थे और खूब तरोताजा महसूस करते थे। वालंटियर्स ने यह भी बताया कि खेल देखने बड़े लोग भी आ रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की यह बहुत अच्छी पहल है। अभी के बच्चे अपना ज्यादा समय मोबाइल में गुजारते हैं। हमारे छत्तीसगढ़िया खेल इस तरह से बने हैं कि इन्हें बिना किसी संसाधन के खेला जा सकता है। केवल कुछ दोस्त इकट्ठा हो गये और खेलते रहे। इस दौरान निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर भी मौजूद रहे।आयुक्त लोकेश चंद्राकर ने कलेक्टर को बताया कि ओलंपिक खेलों को लेकर बढ़िया माहौल बना हुआ है और बच्चे काफी रुचि से खेल रहे हैं। पुरानी पीढ़ी के लोगों को भी अपने बचपन के दिन याद आ रहे हैं। हमने खेलों की नियमावली भी रखी है। बहुत से लोग तो इन नियमों को भूल चुके थे। नियमों के साथ यह खेल और आकर्षक लग रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का आयोजन 06 अक्टूबर 22 से 06 जनवरी 23 तक किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के 14 पारम्परिक खेल गिल्ली-डंडा, पिट्ठुल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकस्सी, बांटी (कंचा), बिल्लस, फुगड़ी, गेंड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़ और लम्बी कूद का आयोजन किया जा रहा है। यह खेल दलीय और एकल पद्धति पर आधारित है। इस खेल प्रतियोगिता में बच्चों से लेकर महिला एवं पुरूष वर्ग के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इसमें प्रथम वर्ग 18 वर्ष की आयु तक, दूसरा 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग और तीसरा वर्ग 40 वर्ष से अधिक उम्र के लिए है।
मौके पर खेल शिक्षा विभाग प्रभारी मनदीप सिंह भाटिया,नोडल अधिकारी प्रकाशचंद थावनी,सहायक अभियंता जितेंद्र समैया, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली,उपअभियंता सुश्री आसमा डहरिया,विश्वनाथ पाणिग्राही, सहित अन्य मौजूद थे।
भिलाई / शौर्य्पथ / सामाजिक संगठन गोल्डन एंपथी (जीई) फाउंडेशन ने महात्मा गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर रविवार को वृद्धाश्रम "रामशिला की कुटिया" पहुंच कर यहां रह रहे बुजुर्गों के साथ वक्त बिताया। डीपीएस दुर्ग के करीब जुनवानी रोड पर स्थित इस वृद्धाश्रम मेें रह रहे बुजुर्गों में ज्यादातर ऐसे हैं, जिन्होंने अपने पारिवारिक दायित्व को अपने सेवाकाल में बखूबी निभाया लेकिन अब जीवन के इस मोड़ पर उनके अपनों ने ही यहां लाकर छोड़ दिया। जीई फाउंडेशन के सदस्यों ने जब इन बुजुर्गों के साथ आत्मीयता से बात की तो इन सभी की आंखें भर आईं।
शुरूआत में इस वृद्धाश्रम के संचालक कल्याणी वेलफेयर एंड रिसर्च आर्गेनाईजेशन के अजय कल्याणी ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके संगठन द्वारा नशा मुक्ति केंद्र भी चलाया जा रहा है। उपस्थित लोगों ने महात्मा गांधी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि दी। जीई फाउंडेशन ने यहां इन बुजुर्गों को स्वेटर, मफलर और सर्दी से बचने कैप सेट दिए। सभी को एक वक्त का भोजन कराया गया। वहाँ रह रहे वृद्धजनों ने
फाउंडेशन के सदस्यों से नियमित आने का आग्रह किया वहीं समाजसेवा के क्षेत्र में आगे भी गतिविधियां चलाने जरूरी सुझाव दिए। इस मौके पर जीई फाउंडेशन के संयोजक प्रदीप पिल्लै, के. वी विनोद , अमरजीत सिंह और अजीत सिंह मौजूद थे। वहीं वृद्धाश्रम संचालक संस्था की ओर से अजय कल्याणी,गोपाल खाड़े व अन्य भी मौजूद थे। जीई फाउंडेशन के संयोजक प्रदीप पिल्लई ने बुजुर्गों को भविष्य में भी मिलते रहने का भरोसा दिलाया।
-नलघर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के 6 दुकानों को मिली आबंटन की स्वीकृति, जल्द खुलेगी दुकानें:
-निगम से किराए की दुकान लेकर संचालित करने वाले दुकानदारों के लिए अच्छी खबर है:
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत न्यू बस स्टैंड के सामने जलगृह शॉपिंग कांप्लेक्स के दुकानों का आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य शासन को पूर्व में नीलामी पश्चात दुकानों के आवंटन की स्वीकृति हेतु भेजी जाती थी । जिसे मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के द्वारा आवंटन प्रक्रिया का सरलीकरण करने के उद्देश्य से दुकानों का आवंटन का अधिकार कलेक्टर को सौंपे जाने से आवंटन प्रक्रिया में गति आई है। ज्ञात हो कि दुर्ग नगर निगम द्वारा निविदा के तहत दुकान आवंटन हेतु विज्ञप्ति निकाली गई थी जिसमें अलग-अलग निविदाकारों के द्वारा निविदा में भाग लिया गया। जिसे कलेक्टर दुर्ग द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई। दुकान आवंटन की स्वीकृति मिलने से करीब 2 करोड रुपए की आय नगर निगम दुर्ग को होगी। जिन दुकानों के आवंटन की स्वीकृति मिली है उनमे भूतल दुकान क्रमांक 5 मनीष कुमार खत्री 35 लाख 94 हजार 820 रुपए दुकान क्रमांक 7 लक्ष्मण गणेशानी 35 लाख 21 हजार रुपए दुकान क्रमांक 9 मनीष दुबे 35 लाख 51 हजार रुपए दुकान क्रमांक 20 डॉ0 अर्चना 30 लाख रुपए दुकान क्रमांक 21 सुलक चंद्राकर 30 लाख 5 हजार 11रु एवं दुकान क्रमांक 22 गीता वर्मा 30 लाख रुपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसे जल्द ही लीज डीड का निष्पादन कर आवंटन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।जिससे नल जल कॉम्प्लेक्स में दुकानें खुलना प्रारंभ हो जाएगी। पूर्व से आबंटित नगर निगम से किराए की दुकान लेकर संचालित करने वाले दुकानदारों के लिए भी अच्छी खबर है। 10 % और फ्री होल्ड अभी 6 दुकानों को नही होगा,फ्री होल्ड पुराने दुकानों की होगी।दुकान संचालक अब कलेक्टर गाइड लाइन के अनुरूप संबंधित दुकान की जमीन की 2.1 फीसदी कीमत और 10 साल का एकमुश्त किराया देकर मालिकाना हक प्राप्त कर सकेंगे। राज्य शासन द्वारा प्रस्तावित फ्री होल्ड स्कीम के तहत यह संभव होगा। इससे न सिर्फ दुकानदारों को फायदा होगा, बल्कि नगर निगम की आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी।
दुर्ग / शौर्यपथ / शनिवार 1 अक्टूबर को 37 छत्तीसगढ़ बटालियन एन. सी. सी. दुर्ग से सम्बंधित शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय दुर्ग के एन.सी.सी. अधिकारी एवं एन. सी. सी. छात्र-छात्राओं ने गणेश तलाब हुडको में पुनीत सागर अभियान चलया गया एन.सी.सी. अधिकारी मेजर सपना शर्मा सारस्वत ने बताया कि यह अभियान 28 सितंबर से 5 अक्टूबर 2022 तक चलेगी जिसमें तालाब ,नहर ,नाला ,नदी व अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ व लोगो मे जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए जागरूक करेगी जिसके तहत गणेश तलाब हुडको से एन. सी. सी.सैनिकों ने प्लास्टिक, खंडित मूर्तियां ,कचरा पूजा सामग्री व अन्य अपशिष्ट पदार्थ एकत्र किया और इसका उचित प्रबंधन किया व जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के लिए सैनिकों ने हुडको वार्ड में रैली के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करने के लिए स्वच्छ जल नियकायों से होने वाले लाभों एवं अस्वच्छ जल निकायों से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी दी और लोगों से अपील किया कि जल नियकायों को प्लास्टिक व अन्य कचरा से मुक्त रखना चाहिए जिसका नागरिकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा और पुनीत सागर अभियान के तहत चलाया गया स्वच्छ जल निकाय अभियान कि नागरिकों ने सराहना किया व जल स्रोतों को स्वच्छ रखने का संकल्प किया ।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आर .एन .सिंह ने एन.सी.सी. सैनिकों द्वारा चलाए जा रहे पुनीत सागर अभियान को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उसकी प्रशंसा की ।अभियान में एन.सी.सी. केयर टेकर प्रशांत दुबे एव जे. यू. ओ.अनुराग कुमार यादव, जे. यू. ओ. कुणाल सिंग, टी कृतिक रेड्डी, नेहा जोगी ,श्रद्धा यादव, साझी वर्मा , अभिषेक नेमा , खिलेश्वर , दिव्या पंडरिया एवं बड़ी संख्या में एन.सी.सी. के छात्र छात्राओं ने भाग लिया।
दुर्ग / शौर्यपथ /
स्वच्छ सर्वेक्षण में भिलाई शहर को थ्री स्टार का खिताब प्राप्त हो चुका है, वहीं अगर छत्तीसगढ़ की बात करें तो भिलाई शहर को तीसरा रैंक हासिल हुआ है, पूरे भारत में एक से 10 लाख की जनसंख्या वाले शहरों में भिलाई 21 वे नंबर पर है। भिलाई की स्वच्छता रैंकिंग की बात करें तो वर्ष 2018 में 71 रैंक, 2019 में 11रैंक, 2020 में 34 तथा 2021 में 29 रैंक था। स्वच्छता के मापदंडों पर खरा उतरने के लिए नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर नीरज पाल एवं स्वास्थ्य प्रभारी लक्ष्मीपति राजू के नेतृत्व में ब्रांड एंबेसडर ने अपनी सक्रियता दिखाई और बेहतर परिणाम हासिल हुआ। इसके साथ ही विधायक देवेंद्र यादव, कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा, निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर तथा तत्कालीन आयुक्त प्रकाश सर्वे, अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी के कुशल मार्गदर्शन में स्वच्छता के निचले स्तर के कर्मचारियों से लेकर सभी अधिकारियों ने कड़ी मेहनत की और शहर के जागरूक नागरिक तथा बीएसपी प्रबंधन के अधिकारियों ने अवार्ड दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सर्व जोन आयुक्त एवं स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा सहित उनकी टीम ने सफाई व्यवस्था का पूरा जिम्मा संभाला हुआ है। निगम ने स्वच्छता के विभिन्न मापदंडों पर विशेष रुप से ध्यान देते हुए कार्य किया है जिसकी बदौलत आज स्वच्छता के सबसे बड़े मुकाबले में भिलाई ने गौरव हासिल किया है।
कचरा मुक्त शहरों की सूची में शामिल हो चुका है स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में कचरा मुक्त शहरों में भिलाई नगर को सम्मिलित किया जा चुका है तथा भिलाई 3 स्टार रेटिंग प्राप्त कर चुकी है। भिलाई शहर की जनता स्वच्छता के प्रति जागरूक है तभी भिलाई कचरा मुक्त शहर में शामिल हो सका है। स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत निगम प्रशासन ने स्टार रेटिंग एवं वाटर प्लस पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया था। स्वच्छ सर्वेक्षण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम किया गया। नालियों में कचरा को रोकने के लिए तथा सीधे जल स्रोतों में कचरा न मिले इसके लिए नालियों में जालियां लगाने का कार्य किया गया तथा जीवीपी पाइंट को समाप्त कर सौंदर्यीकरण करने का कार्य किया गया। एसएलआरएम सेंटर में कचरो का पृथकीकरण, घनी आबादी वाले क्षेत्रों की सघन सफाई व डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के अन्तर्गत सभी पैरामीटर को ध्यान में रखते हुए कार्य संपादित किया गया। एसएलआरएम सेंटर की संख्या में भी वृद्धि की गई है।
ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा प्राप्त कर चुका है भिलाई नगर पालिक निगम भिलाई खुले में शौच मुक्त का दर्जा पूर्व से प्राप्त करता आ रहा है और ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा भी पिछले वर्ष और इस वर्ष भिलाई निगम ने प्राप्त किया है, खुले से शौच मुक्त बनाने के लिए अधिकारियों ने प्रात: से ही ओडी वाले स्थानों पर नजर रखने का कार्य किया है, जुर्माना वसूली की, शौचालय को अपडेट किया नतीजन भिलाई को ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा प्राप्त हो चुका है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
