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दुर्ग / शौर्यपथ /आज नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त प्रकाश सर्वे ने जोन क्रमांक 2 एवं जोन क्रमांक 3 कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक कर्मचारी अनुपस्थित पाई गई, जिन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश आयुक्त ने दिए हैं। आयुक्त अचानक वैशाली नगर जोन कार्यालय पहुंचे उन्होंने वहां की पेयजल की शिकायत पंजी का अवलोकन किया, शिकायत के बाद इसके निराकरण की प्रक्रिया की जानकारी ली और फील्ड में निराकरण के बाद पंजी इस अनुरूप संधारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक सेवा केंद्र का निरीक्षण किया तथा वहां पर मौजूद हितग्राही जो ज्यादातर आधार कार्ड बनवाने, नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर एवं अन्य त्रुटि सुधारवाने पहुंचे थे उनसे उन्होंने चर्चा की। आयुक्त ने निर्देश दिए कि दिव्यांग, प्रेग्नेंट महिला, छोटे-छोटे बच्चो को लेकर पहुंचने वाली महिलाओं और बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर उनका आधार कार्ड बनवाएं। ज्यादा भीड़ होने पर उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर कार्ड बनवाने और जितने अधिकतम कार्ड एक दिन में बन जाए इसके अतिरिक्त आने वाले लोगो के फार्म को एक्सेप्ट करके प्रक्रिया जारी रखने और उन्हें निर्धारित समय देकर उनका निराकरण करने कहा ताकि भीड़ और अनावश्यक परेशानी हितग्राहियों को न हो।
निगमायुक्त ने कार्यालय के अन्य विभागो का भी निरीक्षण किया, इस दौरान एक कर्मचारी सोनामणि चौधरी उपस्थिति रजिस्टर में दस्तखत करने के बाद ड्यूटी समय से बिना बताए गायब मिली, जिन्हें नोटिस थामने आयुक्त ने जोन आयुक्त पूजा पिल्ले को निर्देश दिए। कार्यालय में व्यापक साफ सफाई रखने भी कहा। मदर टैरेसा नगर जोन कार्यालय का औचक निरीक्षण आयुक्त ने किया और उन्होंने लोक सेवा केंद्र, राजस्व विभाग, संपत्तिकर की वसूली, कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति की जानकारी जोन आयुक्त ऐशा लहरे से ली। उन्होंने कहा कि आगामी ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए पेयजल की समस्या के लिए सभी जोन टोल फ्री नंबर जारी करें और इस आधार पर समस्याओं का समाधान करें, ताकि समस्यायों को लेकर निगम दफ्तर लोगो को आने की जरूरत न पड़े। आयुक्त ने जवाहर नगर में आयोजित स्लम स्वास्थ्य शिविर का जायजा लिया उन्होंने चिकित्सक से बात की और दवाई की उपलब्धता की जानकारी ली वही उन्होंने मरीजों से फीडबैक भी लिया। निगम आयुक्त 18 नंबर रोड आंगनबाड़ी के समीप एवं सुपेला अस्पताल के धनवंतरी मेडिकल स्टोर भी पहुंचे और उन्होंने दवाइयों के स्टॉक तथा किस प्रकार के जेनेरिक दवाइयों की डिमांड तथा सर्जिकल आइटम की डिमांड आ रही है इसकी जानकारी ली।
दुर्ग / शौर्यपथ /
भविष्य निधि बोर्ड के सदस्य एवं वरिष्ठ श्रमिक नेता एचएस मिश्रा ने भिलाई-दुर्ग सहित प्रदेश भर के बिल्डर्स पर उनके यहां काम करने वाले मजदूरों का शोषण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बिल्डर्स के द्वारा मजदूर एवं कर्मचारियों को श्रम कानून के तहत मिलने वाले लाभ और सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। इसके खिलाफ मौके पर जाकर मजदूरों से जानकारी जुटाने के बाद संबंधित विभागों में शिकायत करते हुए कार्यवाही की मांग की जाएगी।
भविष्य निधि बोर्ड के सदस्य एचएस मिश्रा ने बताया कि भिलाई-दुर्ग सहित पूरे प्रदेश के अलग-अलग शहरों में भवन निर्माण का कार्य करने वाले बिल्डर्स श्रम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इनके द्वारा अपने यहां काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों को न तो न्यूनतम वेतन प्रदान किया जा रहा है और न ही भविष्य निधि की कटौती के साथ ईएसआई का लाभ दिया जा रहा है। सालाना बोनस तो बिल्डर्स देते ही नहीं हैं। मजदूरों से संबंधित किसी तरह के रिकॉर्ड भी बिल्डर्स नहीं रखते हैं।
् श्री मिश्रा का कहना है कि बिल्डर्स के द्वारा जरुरत के मुताबिक राजमिस्त्री, सेंटरिंग कर्मी, कारपेंटर, प्लम्बर और रेजा व कुली की भर्ती की जाती है। श्रम कानून में ऐसे मजदूर और कर्मचारियों का वेतन वर्ष 2017 से बैंक के माध्यम से किया जाना अनिवार्य है। लेकिन प्राय: सभी बिल्डर्स वेतन भुगतान नगद राशि से करते हैं। यह शोषण का बहुत बड़ा जरिया है। किसी भी मजदूर-कर्मचारी को रोजगार कार्ड, वेतन पर्ची, परिचय पत्र और आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा उपकरण उपलब्ध की सोच बिल्डर्स में बिल्कुल भी नहीं है। किसी मजदूर को बिना पूर्व सूचना के काम से निकाला जाता है तो भी नियमानुसार अंतिम भुगतान, छुट्टी व बोनस का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मजदूर व कर्मचारियों से संबंधित जो भी दस्तावेज बिल्डर्स अपने पास रखते हैं वे ज्यादातर जाली और बोगस होते हैं।
उन्होंने बताया कि भविष्य निधि बोर्ड के सदस्य होने के नाते वे अपनी टीम के साथ चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग बिल्डर्स के कार्य स्थल का दौरा करेंगे। इस दौरान मजदूर और कर्मचारियों से पूछताछ करते हुए श्रम कानून का उलंघन पाये जाने पर उसकी शिकायत क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, श्रमायुक्त एवं ईएसआई आयुक्त के पास लिखित में शिकायत दर्ज कराने के साथ संबंधित बिल्डर्स पर कार्रवाई का दबाव बनाया जाएगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / टाउनशिप और पटरी पार आने जाने के लिए लोंगों को सुपेला रेलवे क्रासिंग पर क्रासिंग बंद होने के कारण कड़ी, धूप और बरसात में घंटों खड़ा रहना पड़ता है। इस समस्या को लेकर गत 20 जनवरी को कई समाचार पत्रों एवं न्यूज एजेंसियों तथा पोर्टलों में
* सबसे जरूरी वाले सुपेला रेलवे क्रासिंग को छोड़ बाकी क्रासिंगों पर बन गया ओव्हरब्रिज और अण्डरब्रिज*
*ओव्हरब्रिज और अण्डरब्रिज के लिए कई कई बार हुआ टेस्ट लेकिन आज तक शुरू नही हुआ कार्य*हेडलाईन से न्यूज प्रकाशित एवं जारी हुआ था, जिसमें सुपेला क्रासिंग में लोगों को किस तरह भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और लोग किस प्रकार अपना गुस्सा जाहिर कर रहे है। इसमें यहां के जनप्रतिनिधियों का वर्सन भी जारी हुआ था। प्रशासन ने अब इस मामले की सुध ली और आज जिले के कलेक्टर सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे ने रेलवे अधिकारियों से चर्चा की और प्रशासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा आज समाचार भी जारी हो गया कि अब शीघ्र ही लोगो से रेलवे क्रासिंग पर देर तक खड़े रहने से छुटकारा मिलेगा क्योंकि सुपेला और कुगदा रेलवे क्रासिंग में अण्डरब्रिज निर्माण होने जा रहा है।
कलेक्टर सबसे पहले सुपेला पहुंचे। यहां रेलवे का अंडर ब्रिज बनना है। इसके एलाइनमेंट और शीघ्र निर्माण आरंभ कराने उन्होंने रेलवे अधिकारियों से चर्चा की। सुपेला में अंडर ब्रिज बनने से भिलाई के हजारों नागरिकों को देर तक क्रासिंग में इंतजार करने से मुक्ति मिलेगी। कलेक्टर ने अधिकारियों से एलाइनमेंट के वक्त पेड़ों के न्यूनतम नुकसान की बात भी कही। उन्होंने कहा कि अंडरब्रिज निर्माण में इस बात का पूरा ध्यान रखा जाए कि दूसरी सड़कों से आ रहा ट्रैफिक व्यवस्थित रहे और किसी तरह की दुर्घटना की आशंका न बने। इसी तरह कुगदा में अंडरब्रिज बनना है। इस दौरान ट्रैफिक में किसी तरह की दिक्कत न हो, इस संबंध में भी चर्चा रेलवे अधिकारियों से की गई। कुगदा रूट में ट्रैफिक काफी बढ़ा है और क्रासिंग होने की वजह से लोगों को काफी समय बिताना पड़ता है। कुगदा अंडरब्रिज बन जाने से इस समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। इस दौरान एसडीएम बृजेश क्षत्रिय भी उपस्थित थे।
शौर्यपथ संवाददाता
दुर्ग / दुर्ग शहर विधायक वोरा के कार्यालय से प्रेस विज्ञप्ति जारी होती है जिसमे शहर के विकास कार्यो में कभी 300 करोड़ तो चंद दिनों बाद 400 करोड़ के विकास कार्य की बात कही जाती है , एक बार किसी कार्य का लोकार्पण होने के बाद भी उसी कार्य के कई बार लोकार्पण किया जाता है और प्रेस विज्ञप्ति ज़ारी होती है , निगम चुनावों के समय ठगडा बाँध क्षेत्र में रह रहे निवासियों को पट्टा देने की बात कही जाती है वही अब ठगडा बाँध को ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में दर्शाया जा रहा है पूरा शहर बदहाली में है और शहर में विकास की बात हो रही है , कांग्रेस में ही अंदरूनी कलह खुल कर सामने आ रही है एक समय दुर्ग कांग्रेसी कार्यकर्ता वोरा परिवार के सामने रहते तेज आवाज में बात नहीं करते थे आज गालियों का भी खुलकर प्रयोग हो रहा है . खैर ऐसी कई बाते है जो समय समय पर भ्रमित करने वाली प्रेस विज्ञप्ति विधायक कार्यालय से जारी होती रहती है .
ऐसे ही एक विज्ञप्ति 25 फरवरी को "*27 फरवरी को प्रस्तावित फ्लॉवर शो की तैयारियां देखने पहुंचे विधायक*" के शीर्षक के साथ ज़ारी हुई जिसमे विधायक द्वारा यह सन्देश दिया गया कि पिछले वर्ष कोरोना प्रोटोकाल के कारण फ्लावेर शो नहीं हो पाया था अगर ऐसी बात है तो निगम के खजाने से फरवरी 2021 में हुए फ्लावेर शो के नाम से लाखो की रकम की निकासी कैसे हो गयी क्या तात्कालिक नोडल अधिकारी गोस्वामी ने एक बार फिर निगम के राजस्व में हेर फेर की या फिर विधायक जी को ये बात याद ही नहीं कि पिछले साल भी दुर्ग शहर में फ्लावेर शो हुआ था . खैर जो भी हो किन्तु शौर्यपथ के पास पुरे प्रमाण है कि पिछले साल 2021 में फ्लावेर्शो हुआ था और उसके पिछले साल 2020 में भी फ्लावेर शो हुआ था और इस साल भी 2022 को शहर में फ्लावेर शो का आयोजन 27 फरवरी को निगम के द्वारा ही कराया जा रहा है जो कि महापौर धीरज बाकलीवाल के मार्गदर्शन और प्रभारी सत्यवती वर्मा की सोंच और प्रयासों का नतीजा है .
रायपुर /शौर्यपथ/
12वां वायरोलॉजी लैब
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज दुर्ग में कोरोना सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच के लिए वायरोलॉजी लैब का ऑनलाइन शुभारंभ किया। इस नए लैब को मिलाकर अब प्रदेश के 12 शासकीय लैबों में आरटीपीसीआर जांच की सुविधा हो गई है। इससे रोजाना आरटीपीसीआर जांच की संख्या बढ़ने के साथ ही लोगों को रिपोर्ट भी जल्दी मिलने लगेगी। दुर्ग वायरोलॉजी लैब के वर्चुअल लोकार्पण कार्यक्रम में दुर्ग शहर के विधायक अरूण वोरा, स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव डॉ. मनिन्दर कौर द्विवेदी, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक नीरज बंसोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, दुर्ग के कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे, वायरोलॉजी लैब के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन, एम्स रायपुर तथा रायपुर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के चिकित्सा विशेषज्ञ भी ऑनलाइन शामिल हुए।
स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने दुर्ग में नवनिर्मित वायरोलॉजी लैब का उद्घाटन करते हुए कहा कि कोरोना के वास्तविक मामलों की पुष्टि करने में आरटीपीसीआर जांच काफी अहम है। यह सबसे सटीक और भरोसेमंद जांच है। प्रदेश के सभी पुराने व नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों और कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के बाद अब दुर्ग में भी आरटीपीसीआर जांच की सुविधा शुरू होने से ज्यादा सैंपलों की जांच इस पद्धति से की जा सकेगी। इस नई सुविधा से कोरोना संक्रमितों की पहचान और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराने में तेजी आएगी। उन्होंने बताया कि बलौदाबाजार, जशपुर, दंतेवाड़ा और जांजगीर में भी वायरोलॉजी लैब की स्थापना का काम प्रगति पर है। इन जिलों में भी जल्दी आरटीपीसीआर जांच की सुविधा शुरू होगी। विधायक अरूण वोरा ने दुर्ग में वायरोलॉजी लैब की स्थापना के लिए स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के प्रति आभार व्यक्त किया।
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत एपीएल एवं बीपीएल परिवारों का राशनकार्ड बनाया जा रहा है, इसके लिए नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में वार्डों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है, शिविर में छूटे हुए लोग नया राशन कार्ड बनाने, नाम जोड़ने, नाम सुधार एवं पेंडिंग राशन कार्ड का निराकरण करा रहे हैं। महापौर नीरज पाल ने शिविर में अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए है। वार्डों में लगे शिविर का निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे स्वयं निरीक्षण कर रहे हैं। राज्य शासन की मंशा के अनुक्रम में निगम क्षेत्रान्तर्गत छुटे हुए परिवार का नवीन एपीएल/ बीपीएल राशनकार्ड बनवाने हेतु दिनांक 21 से 26 फरवरी 2022 तक विभिन्न वार्डों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है, शिविर में अब तक 1092 आवेदन प्राप्त हो चुके है। किसी कारण से राशनकार्ड बनवाने से छुटे हुए परिवार शिविर स्थल में आवेदन जमा कर राशनकार्ड बनवा सकते है। जिला खाद्य शाखा से जारी पत्र के अनुसार राशनकार्ड बनाने हेतु लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा के तहत भौतिक सत्यापन एवं पात्रता की जांच कर आगामी कार्यवाही की जाएगी। छ.ग. खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम, 2012 एवं छ.ग. राशनकार्ड नियम 2016 के तहत नवीन राशनकार्ड जारी किये जाने के निर्देश के तहत शिविर लगाई गई है। निगम के नोडल अधिकारी एन आर रत्नेश ने जानकारी देते हुए बताया कि राशन कार्ड बनाने के लिए तथा लंबित आवेदन का शीघ्र निराकरण करने एवं एपीएल/बीपीएल राशनकार्ड बनाने के लिए नया आवेदन लिया जा रहा है।
अब तक शिविर में 1092 आवेदन - एपीएल एवं बीपीएल राशनकार्ड बनवाने के लिए निगम क्षेत्र के वार्डों में लग रहे शिविर में अब तक 1092 आवेदन प्राप्त हो चुके है। इसमें नये एपीएल राशनकार्ड के लिए 506, बीपीएल राशनकार्ड के लिए 424, पूर्व में बन चुके राशनकार्ड में नये सदस्यों का नाम जुड़वाने 153 तथा राशनकार्ड हितग्राही के नाम संशोधन कराने के लिए 9 लोगों सहित कुल 1092 आवेदन शिविर के माध्यम से प्राप्त हुए है जिन पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। वार्डों में आयोजित हो रहे शिविर में प्राथमिकता एवं अंत्योदय वाले नए राशनकार्ड बनाने के लिए हितग्राही के लिए आवश्यक दस्तावेज के साथ आवेदन किया जाएगा। वहीं सामान्य एपीएल राशनकार्ड बनाने के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड एवं दो पासपोर्ट फोटो आवश्यक है। इसके अतिरिक्त शिविर स्थल पर अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
दुर्ग / शौर्यपथ / निगमायुक्त प्रकाश सर्वे ने 77 एमएलडी जलशोधन संयंत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने फिल्टर बेड, फाकूलेटर, एरीएशन चेंबर, वाश वाटर एवं जल शोधन संयंत्र के अन्य स्थानों में पहुंचकर जल शुद्धिकरण के लिए अपनाए जा रहे पूरे कार्यों से अवगत हुए। जल शुद्धीकरण की प्रत्येक प्रक्रियाओं का जायजा लेते हुए, निगम क्षेत्र के हर वार्ड में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था निरंतर बनी रहे इसके लिए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए। फिल्टर प्लांट के लैब में पहुंचकर केमिस्ट से चर्चा की। उन्होंने स्वयं पानी पीकर टेस्ट किया। कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी का भी उन्होंने जायजा लिया। उन्होंने जल की शुद्धता के लिए किए जाने वाले जांच से संबंधित पंजी को दूरूस्त रखने के निर्देश दिए। शिवनाथ नदी से आने वाले पानी से लेकर डिस्ट्रीब्यूशन वाटर के सैंपल तक की प्रक्रिया की जानकारी निगम आयुक्त ने ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जल शुद्धिकरण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले संसाधनों जैसे क्लोरीन, ब्लीचिंग एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे। वाटर टेस्टिंग लैब में पहुंचकर संधारित पंजियों का तिथि अनुसार अवलोकन किए। आयुक्त ने प्रतिदिन पानी टंकी और अंतिम छोर के जल स्रोत से लिए जाने वाले सेम्पल के पानी टेस्टिंग की रिकॉर्ड व्यवस्थित करने कहा। जलशोधन संयंत्र में साफ सफाई बनाए रखने और मोटर पंप, इलेक्ट्रिानिक पैनल्स आदि उपकरण की समय-समय जांच व संधारण संबंधी जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि महापौर नीरज पाल पेयजल सुचारु रूप से जारी रहे और अमृत मिशन के तहत बिछाई गई पाइप लाइन से हर घर पानी पहुंचे इसके लिए लगातार अधिकारियों को निर्देशित कर रहे है, वहीं जल कार्य विभाग के प्रभारी केशव चौबे भी पेयजल की व्यवस्था को लेकर शहर में सक्रिय है। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के नागरिकों को शुद्ध पेयजल प्रदाय किया जा सके इसके लिए जलकार्य विभाग की टीम पूरी मुस्तैदी से अपने कार्य में जुटी हुई है। आयुक्त ने स्काडा सिस्टम के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग का जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए और एजेंसी को इस बाबत नोटिस जारी करने कहा। औचक निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता संजय शर्मा, सहायक अभियंता बृजेश श्रीवास्तव एवं उप अभियंता अर्पित बंजारे एवं बसंत साहू मौजूद रहे।
दुर्ग / शौर्यपथ / सोनिया गांधी नगर खुर्सीपार वार्ड 38 के पार्षद पियुष मिश्रा ने कलेक्टर से मुलाकात उनको ज्ञापन सौंपते हुए सोनिया नगर में बरसात के दिनों में पॉवर हाउस बस स्टैण्ड और रेलवे लाईन के किनारे की बस्ती में पानी भर जाने की जानकारी देते हुए इसके बचाव के लिए कलेक्टर को सुझाव दिया कि किस प्रकार से यहां बस्ती में पानी भरने से बचाया जा सकता है। पार्षद मिश्रा ने कलेक्टर को इस मामले से अवगत कराते हुए कहा कि भिलाई में निर्माणाधीन फ्लाई ओवर के सर्विस रोड के समानांतर वर्तमान में मदर्स मार्केट और शासकीय आईटी के ओर नाली निर्माण का कार्य प्रगति पर है, निर्माण किये जा रहे नाली का स्लोप एवं एनएच अधिकारी से चर्चा अनुसार पॉवर हाउस चौक से मदर्स मार्केट में निर्मित नाली में मिलाया जा रहा है,
वर्तमान में पॉवर हाउस बस स्टंैण्ड में बनी पुलिया 30 से 40 साल पुरानी है जिसे एनएच द्वारा बनाया गया है, इस पुलिया का आकार छोटा है, और मलबों से पटा हुआ है, जिससे थोड़ी ही बारिश में बस स्टैण्ड एवं सर्विस रोड में एक से डेढ फीट तक पानी जमा हो जाता है, साथ ही रेलवे लाईन एवं बस स्टैण्ड के पीछे बस्ती में डुबान की स्थिति निर्मित हो जाती है, उक्त पुलिया से निकलने वाली नाली जिसमें वर्तमान में एनएच द्वारा सर्विस रोड की नाली को मिलाया जा रहा है, वह भी जिसमें एनएच द्वारा बनाये जा रहे नालियों के अनुपात में छोटी होने के कारण निर्माण किये जा रहे नाली में पानी का दबाव नही झेल पायेगी और इससे मेरे वार्ड सोनिया नगर के निचली व झुग्गी बस्तियों में भी डुबान की स्थिति निर्मित हो जायेगी अभिी भी पॉवर हाउस बस स्टैण्ड के पुलिस से निकलने वाला बारिश के पानी से इन बस्तियों में जल भराव की स्थिति बन जाती है।
इस समस्या के विकल्प के रूप में पॉवर हाउस चौक से नाली निर्माण किये जाने वाले दोनेा ओर की नालियों को तेलहानाला से मिलाया जाये साथ ही एनएच में बस स्टैण्ड के सामने निर्मित पुलिया जो कि 30 से 40 वर्ष पुराना है, उसका पुन: निर्माण इस कार्य के अंतर्गत कराये जाने से बस्तियों में जलभराव की स्थिति से बचा जा सकता है। इसके लिए एनएच के अधिकारी की पुन: परीक्षण कराकर इन नालियों का निर्माण कराया जाना उचित होगा। जिससे फ्लाई ओवर के दोनो ओर के बस्तियों को डूबने से बचाया जा सके। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया जाये।
दुर्ग / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र का सुप्रसिद्ध अस्पताल, जवाहर लाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र के डॉक्टरों ने अपने रिसर्च पेपर से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया है। यह भिलाई के लिए गौरव की बात है कि बीएसपी चिकित्सकों के रिसर्च पेपर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित पब्लिकेशन हाउस वोल्टर क्लूवर ने प्रकाशन हेतु स्वीकार किया है। यह अपनी तरह का वृहद और महत्वपूर्ण अध्ययन है जिसे इंडियन चेस्ट सोसाइटी के अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में जगह मिली है। बीएसपी बिरादरी के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बीएसपी के डॉक्टरों के रिसर्च पेपर ने बीएसपी अस्पताल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दी है। इस महत्वपूर्ण अध्ययन को प्रतिष्ठित इंडियन चेस्ट सोसाइटी ने ओरिजनल वर्क निरूपित करते हुए इस रिसर्च पेपर को स्वीकार किया है। इस महत्वपूर्ण रिसर्च पेपर को अंजाम दिया जेएलएन अस्पताल के संयुक्त निदेशक (रेस्पीरेटरी मेडिसीन) डॉ. त्रिनाथ दास और उनकी टीम ने।
रिसर्च पेपर को अंजाम देने वाली टीम
विशेष रूप से कोविड के दूसरी लहर के दौरान मध्यम से लेकर गंभीर श्रेणी के कोविड-19 निमोनिया रोगियों में उच्च सांद्रता वाले नॉन-रिब्रीदिंग ऑक्सीजन मास्क का उपयोग किया गया। इस ऑक्सीजन रिजर्ववॉयर मास्क में 70 से 100 प्रतिशत तक ऑक्सीजन होता है और यह बीमार रोगी के सांस लेने पर उसे निरन्तर ऑक्सीजन पहुंचाता रहता है। इस वृहद अध्ययन के तहत इन रोगियों के समूहों का डाटा संकलित कर निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए इसका समग्र विश्लेषण किया गया। इस महत्वपूर्ण अध्ययन को जेएलएन अस्पताल के संयुक्त निदेशक (रेस्पीरेटरी मेडिसीन) डॉ. त्रिनाथ दास के नेतृत्व में उनके पी जी स्टूडेंट्स डॉ कार्तिक टिप्पारापु, डॉ सर्वेंद्र विक्रम सिंह तथा डॉ कौस्तव रॉय ने पूर्ण किया।
रिसर्च पेपर को मिली अन्तर्राष्ट्रीय स्वीकृति
बीएसपी के चिकित्सकों ने कोविड-19 निमोनिया के गंभीर मरीजों को अपने अनुभव व नये प्रयोग से नई जिंदगी दी है। आज अपने प्रयासों को एक रिसर्च पेपर के रूप चिकित्सा जगत के सामने लाया है। उनके इस रिसर्च पेपर को इंडियन चेस्ट सोसाइटी द्वारा प्रकाशित 'जर्नल ऑफ एडवांसड लंस हेल्थÓ द्वारा ओरिजनल रिसर्च पेपर के रूप में प्रकाशित करने हेतु स्वीकृति दी गई। इस रिसर्च पेपर का विषय है मध्यम से गंभीर हाइपोक्सिमिक कोविड-19 निमोनिया मरीजों में नॉन-रिब्रीदिंग ऑक्सीजन मास्क की उपयोगिता का एक व्यापक अवलोकन व अध्ययन।
संयंत्र के निदेशक प्रभारी ने डॉक्टरों को दी बधाई
संयंत्र के निदेशक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता ने इस रिसर्च पेपर के लेखक, संयुक्त निदेशक रेस्पीरेटरी मेडिसीन डॉ. त्रिनाथ दास तथा उनके टीम में शामिल डॉ कार्तिक टिप्पारापु, डॉ सर्वेंद्र विक्रम सिंह तथा डॉ कौस्तव रॉय सहित संपूर्ण मेडिकल टीम को बधाई दी।
मरीजों की जीवनरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका
यह उल्लेखनीय है कि बीएसपी के जेएलएन अस्पताल के चिकित्सकों ने कोविड-19 निमोनिया के मरीजों का ऑब्जर्वेशनल स्टडी किया गया। ज्ञात हो कि ऐसे कोविड-19 निमोनिया मरीजों को, जो मध्यम से गंभीर रूप से बीमार हैं उन्हें ऑक्सीजन की बेहद आवश्यकता होती है और इन मरीजों को प्राय: नॉन-इनवेसिव वेंटिलेटर्स या मेकेनिकल वेंटिलेटर्स की सख्त जरूरत पड़ती है। कोविड के लहर में वेंटिलेटर्स की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती थी। इस चुनौती को बीएसपी के जेएलएन अस्पताल के चिकित्सकों ने स्वीकार करते हुए अपने इनोवेटिव आइडिया व विशेषज्ञता से इन मरीजों को नई व्यवस्था प्रदान करते हुए ऑक्सीजन देने के लिए सामान्य ऑक्सीजन मास्क के स्थान पर ऑक्सीजन रिजर्ववॉयर मास्क अर्थात नॉन-रिब्रीदिंग ऑक्सीजन मास्क का प्रयोग किया गया। जिसने मरीजों के जीवनरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
उच्च प्रबंधन ने किया सपोर्ट
कोविड के संकटमय दौर में ऑक्सीजन रिजर्ववॉयर मास्क की उपलब्धता को सुनिश्चित कराने हेतु संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री अनिर्बान दासगुप्ता के निर्देशन तथा कार्यपालक निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ) डॉ एस के इस्सर के मार्गदर्शन, सीएमओ द्वय डॉ एम रविन्द्रनाथन व डॉ प्रमोद बिनायके के सहयोग तथा संयंत्र के सामग्री प्रबंधन विभाग के ईडी (एमएम), सीजीएम एवं वरिष्ठ अधिकारीगणों के अथक प्रयासों ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। संयंत्र के उच्च प्रबंधन के सहयोग के फलस्वरूप बीएसपी के चिकित्सकों ने कोविड के मरीजों के जीवनरक्षा में बड़ी कामयाबी हासिल की।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
