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सीएसपी जोशी को बनाया नया प्रभारी, आरोपियों को पकडऩे नई टीम अब करेगी हत्याकांड की जांच
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के अमलेश्वर थाना इलाके के खुड़मुड़ा में माह भर पहले एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने नई जांच टीम का गठन किया है। आईजी दुर्ग रेंज विवेकानंद सिन्हा ने इस 12 सदस्यीय टीम को सूक्ष्मता के साथ माामले की विवेचना कर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। टीम का प्रभारी भिलाई नगर सीएसपी राकेश कुमार जोशी को बनाया गया है।
खुड़मुड़ा हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आईजी विवेकानंद सिन्हा ने एसपी प्रशांत ठाकुर के पर्यवेक्षण में नई टीम का गठन किया है। इस टीम के प्रभारी भिलाई गर सीएसपी राकेश कुमार जोशी होंगे। इसके साथ ही निरीक्षक सुरेश ध्रुव, विशाल सोन, श्रीमती नवी मोनिका पांडेय, नरेश पटेल, बृजेश कुशवाहा, विरेन्द्र श्रीवास्तव, उप निरीक्षक जलालुद्दीन, सहायक उपनिरीक्षक चन्द्रशेखर सोनी, पूरन बहादुर सिंह, अजय सिंह एवं अखिलेश को नवगठित जांच टीम में सदस्य बनाया गया है। गौरतलब रहे कि बीते 21 दिसंबर को खुड़मुड़ा हत्याकांड पेश आया है। इस मामले के खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पूर्व में एएसपी ग्रामीण प्रज्ञा मेश्राम के नेतृत्व में 14 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया था। लेकिन महीना पूरा हो जाने के बाद भी वारदात की वजह और आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। अंतत: मामले की गंभीरता व संवेदनशीलता को देखते हुए नई टीम गठित की गई है।
भिलाई / शौर्यपथ / रेलवे के भिलाई मार्शलिंग यार्ड चरोदा में आज सुबह सुबह मालगाड़ी का एक डिब्बाअचानक पटरी से उतर गया। इसके चलते एच केबिन से जी केबिन की ओर जाने वाला रास्ता बंद हो गया जिसके कारण रेल कर्मचारियों को आने जाने में भारी दिक्कत हुई। डिब्बे को वापस पटरी पर लाने ढाई सौ कर्मचारियों ने ढाई घंटे तक कड़ी मशक्कत की जब जाकर उसे पटरी पर लाया जा सका।
मिली जानकारी के अनुसार मालगाड़ी डिरेल की यह दुर्घटना बुधवार को सुबह 6 बजे के आसपास हुई। मालगाड़ी भिलाई-3 की ओर से रायपुर की दिशा में जा रही थी। यह माल गाड़ी विद्युत लोको शेड के पीछे से होकर भिलाई मार्शलिंग यार्ड की पटरी से गुजर रही थी। तभी अचानक एक डिब्बा पटरी से उतर गया। मालगाड़ी की रफ्तार इस दौरान धीमी थी, जिसके चलते डिरेल हुई डिब्बा पलटने से बच गई। चालक ने मालगाड़ी के डिरेल होने का आभाष होते ही इमरजेंसी ब्रेक लगाया और फिर गार्ड के मध्यम से कंट्रोल रूम को सूचना दी।
मालगाड़ी जिस जगह पर डिरेल हुई है वहां पर चरोदा रेलवे कालोनी से होकर जी केबिन की ओर रास्ता बना हुआ है। इसके नजदीक में चीफ क्रू कंट्रोलर बीएमवाय का कार्यालय सहित पीडब्ल्यूआई कार्यालय एवं विद्युत लोको शेड है। मालगाड़ी के डिरेल हो जाने की वजह से रास्ता बंद हो गया। इसके चलते रेलवे कर्मचारियों से लेकर चरोदा से जी केबिन की ओर होने वाली सामान्य आवाजाही प्रभावित रही।
दुर्घटना की सूचना पर इंजीनियरिंग विभाग सहित रेलवे का तकनीकी अमला पूरे संसाधन के साथ मौके पर पहुंचा। लगभग ढाई सौ कर्मचारियों ने ढाई घंटे की मशक्कत के बाद डिरेल डिब्बे को वापस पटरी पर बिठाया। इसके साथ ही पौने 9 बजे अवरुद्ध रास्ता खुल जाने से आवाजाही की दिक्कत खत्म हो गई।
सिरसा गेट होकर गए कार्यस्थल
अलसुबह मालगाड़ी के डिरेल होने के चलते एच केबिन से जी केबिन के बीच का रास्ता बंद हो गया। इस रास्ते से रेल कर्मचारी अपने अपने कार्यस्थल की ओर आवाजाही करते हैं। सुबह की पाली में ड्यूटी करने और रात्रि पाली की ड्यूटी छूटने वालों को होने वाली दिक्कत को देखते हए रेल कर्मचारियों के वाट्सएफ ग्रुप में इस बात का संदेश वायरल किया गया कि वे भिलाई-3 के सिरसा गेट होकर आवाजाही करें। चरोदा रेलवे कालोनी में रहने वाले कर्मचारियों को इसके चलते कार्यस्थल पहुंचने में विलंब का सामना करना पड़ा।
वैगन में खराबी की आशंका
मालगाड़ी के डिरेल होने के बाद मौके पर पहुंचे रेल अधिकारियो ने इसके लिए वैगन में खराबी होने की आशंका व्यक्त की है। जिस जगह पर मालगाड़ी डिरेल हुई है वहां रास्ते की वजह से रेल अधिकारियों की नजर पटरी के रखरखाव पर बनी रहती है। इस वजह से रेल पटरी में कोई खराबी या दिक्कत नहीं रही होगी। मालगाड़ी की मरम्मत व रखरखाव भिलाई-3 के पीपी यार्ड में होती है। इस लिहाज से यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि वैगन में आखिर तकनीकी खामी क्या रह गई थी।
-थनौद नाले के जीर्णोद्धार में 100 से ज्यादा महिलाएं जुटी
-पानी के संकट से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं ने अपने कंधे पर उठाई जिम्मेदारी
-अब तक 3 डबरियों का निर्माण पूर्ण
-करीब डेढ़ किलोमीटर तक नाले का जीर्णोद्धार व 10 डबरियों के निर्माण की है योजना
-300 एकड़ में सिंचाई सुविधा का होगा निर्माण
दुर्ग / शौर्यपथ / भगीरथ की पौराणिक कहानी तो हम सब जानते हैं जिन्होंने गंगा नदी को धरती पर लाने का काम किया था। कुछ ऐसी ही कहानी है थनौद की महिलाओं की जिन्होंने लंबे समय से अपने क्षेत्र में चली आ रही पानी की कमी को दूर करने की ठानी और आशा की किरण के रूप में सामने आया नरवा प्रोजेक्ट। जिसके तहत पहले ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित करवाया गया। खास बात ये है कि नाला जीर्णोद्धार के काम में ज्यादातर श्रमिक, महिलाएं ही हैं।
पानी का संकट दूर करने में नरवा योजना बनेगी मददगार-हम सभी जानते हैं पानी से महिलाओं का सीधा जुड़ाव है हम सदियों से देखते आ रहे हैं पीने का पानी भरना महिलाओं की ही जिम्मेदारी है। पानी का स्रोत घर के पास हो या मीलों दूर, अपने सर पर गागर लेकर निकल पड़ती हैं महिलाएं तब जाकर घरों में पानी पहुँच पाता है। इसके बाद खाना पकाना, घर की साफ-सफाई, लिपाई पोताई, बर्तनों की सफाई, मवेशियों को पानी पिलाना से जिम्मेदारी घर की महिलाओं की ही रही है। इसलिए पानी की कमी से सबसे ज्यादा महिलायें ही प्रभावित होती हैं। थनौद में भी यही दिक्कत थी।
गांव की महिलाओं ने देखा कि गांव में वर्षा का जल इकट्ठा करने के लिए पर्याप्त साधन नहीं थे। इसलिए भूजल स्तर भी कम था । बारिश का पूरा पानी व्यर्थ में बह जाता था। एक नाला था वो भी जीर्ण शीर्ण। गर्मी में पानी की समस्या प्रबल हो जाती थी। 25 से 30 हैण्डपम्प तो थे मगर जमीन के अंदर पानी न होने के कारण सब सूख जाते थे। क्षेत्र के तालाब का पानी मार्च के बाद पानी सूख जाता था । जिससे महिलाओं को पीने का पानी भरने एवं निस्तारी के लिए दो किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। नरवा, गरूवा ,घुरूवा, बाड़ी योजना के तहत संचालित नरवा परियोजना एक बहुआयामी योजना है जिसका उद्देश्य जल संरक्षण तो है ही लेकिन इस योजना में सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इसके तहत हो रहे जल स्रोतों के जीर्णोद्धार के द्वारा अब वर्षा के जल को रोककर पानी की कमी से छुटकारा पाने की दिशा में बढ़िया काम हो रहा है। जब थनौद की महिलाओं को पता चला कि नरवा योजना के तहत बहुत से जल संरक्षण के कार्य हो रहे हैं, साथ ही इस काम के लिए महात्मा गांधी नरेगा से मजदूरी भी मिलेगी। इस तरह एक पंथ और दो काज वाली बात महिलाओं को समझ आ गई। अपने गांव से पानी का संकट दूर करने के लिए महिलाओं ने थनौद नाले के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव ग्राम सभा में दिया। प्रस्ताव को मंजूरी मिली और काम शुरू हुआ। तकनीकी सहायक श्रीमती दीप्ती सिंह ने बताया कि महिलाओं की कर्मठता को देखते हुए इस काम के लिए मनरेगा के तहत 9.65 लाख के काम मंजूरी मिली।
महिलाओं ने उठाई है नाला निर्माण की जिम्मेदारी-जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक बताते हैं कि थनौद मार्ग से पुल तक नाला निर्माण के इस कार्य की खास बात ये है कि ये पूरा काम महिलाएं कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 100 से अधिक महिलाएं नाला निर्माण में लगी हुई हैं। उन्होंने बताया कि महात्मा गाधी नरेगा के तहत 746 पंजीकृत परिवार हैं, जिनमें मजदूरों की 991 संख्या है। वर्तमान में 596 परिवार एक्टिव हैं, जिनमें से लगभग जिसमें 95 प्रतिशत महिलाएं हैं। श्री आलोक ने बताया कि नाले के बीच-बीच में डबरी निर्माण का कार्य किया जा रहा है। ताकि वर्षा रूपी वरदान से मिले ज्यादा से ज्यादा पानी को एकत्रित किया जा सके।
कार्य पूर्ण होने पर 300 एकड़ में मिलेगी सिंचाई सुविधा,भूजल स्तर में बढ़ोतरी के साथ मिलेगी निस्तारी की भी सुविधा- सीईओ श्री एस. आलोक ने बताया कि हमारा आंकलन है कि कार्य पूर्ण होने पर लगभग 300 एकड़ के लिए सिंचाई सुविधा निर्मित होगी। इसके अलावा डबरी निर्माण से भूजल स्तर में बढ़ोतरी के साथ निस्तारी की भी सुविधा निर्मित होगी। जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजनांदगांव के टेड़ेसरा से देवादा होते हुए अंजोरा(ख) व थनौद में यह करीब 1500 मीटर तक इसका बहाव है। इस नाले के जीर्णोद्धार के लिए 9.65 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हुई है। अब तक 3 डबरियों का निर्माण पूर्ण हो चुका है और 10 प्रस्तावित है।
नाले के किनारे अरहर तिल की फसल लेकर अतिरिक्त आमदनी-श्री एस. आलोक मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग ने बताया कि स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा नाले के किनारों पर अरहर, तिल, टमाटर आदि लगाकर महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी अर्जित करवाने के प्रयास भी किए जाएंगे। उन्होंने महिलाओं को सुझाव भी दिए कि प्रोजेक्ट उन्नति और बिहान से जुड़कर आजीविका प्राप्त करें। उन्होंने 70 से 80 रोजगार दिवस वाले परिवारों को 100 रोजगार दिवस पूर्ण करने हेतु प्रोत्साहित भी किया।
दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देशानुसार एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. गंभीर सिंह ठाकुर के मार्ग दर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 16 जनवरी से 5 केन्द्रों में कोविशील्ड वैक्सीनेशन प्रारंभ किया जा चुका है। आज जिला चिकित्सालय दुर्ग, शंकराचार्य मेडिकल काॅलेज जुनवानी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाटन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निकुम और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धमधा इन संस्थाओं में 30 जनवरी तक वैक्सीनेशन किया जाएगा। राज्य स्तर से स्वीकृति उपरांत केन्दों की संख्या में वृद्धि की जा सकेगी। सभी संस्थाओं से किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयारी की जा चुकी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम में टीम का गठन किया गया है। यदि किसी को वैक्सीनेशन होने के पश्चात स्वास्थ्य संबंधी शिकायत होने पर, कंट्रोल रूम 0788- 2210773, 2210772, 2210774 , 2210778 में संपर्क कर सकते है।
32वें सड़क सुरक्षा माह यातायात जागरूकता का शुभारंभ
दुर्ग / शौर्यपथ / सोमवार 18 जनवरी को जिला पुलिस दुर्ग द्वारा 32 वॉ सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रशांत ठाकुर, पुलिस अधीक्षक, दुर्ग के द्वारा सर्वप्रथम फीता काटकर यातायात सडक सुरक्षा प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर रोहित झा, अति.पुलिस अधीक्षक, (शहर), प्रज्ञा मेश्राम, अति.पुलिस अधीक्षक, (ग्रामीण) अतुल श्रीवास्तव, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, प्रवीरचंद तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक (क्राईम), विश्वास चन्द्राकर, नगर पुलिस अधीक्षक (छावनी), राकेश जोशी, नगर पुलिस अधीक्षक (भिलाई नगर), गुरजीत सिंह, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात), नीलेश द्विवेदी, रक्षित निरीक्षक, समस्त थाना प्रभारी, सूबेदार एवं यातायात के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि द्वारा कार्यक्रम की शुरूआत सड़क सुरक्षा प्रदर्शनीय केन्द्र गुरूद्वारा तिराहा नेहरू नगर भिलाई में लगाई गई यातायात प्रदर्शनीय एवं मॉडल का सूक्ष्मता पूर्वक अवलोकन कर प्रशंसा की गई तथा इसे आमजन के लिये उपयोगी बताया गया। तत्पश्चात यातायात जागरूकता के प्रचार प्रसार हेतु लाउड स्पीकर तथा बेनर पोस्टर के साथ चार ई-रिक्शा एवं अंजोर रथ को हरी झण्डी दिखाकर कर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए रवाना किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने प्रयास एवं अन्य लोगो को यातायात नियमों की पालन करने की समझाईस दी गई। साथ ही पुलिस अधीक्षक द्वारा सड़क सुरक्षा माह में प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि हम सब यातायात नियमों को मानकर चले तो सरल-सुगम एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनायी जा सकती है जिससे निश्चित तौर पर सड़क में दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आयेगी। प्रदर्शनी में ही लोगो के संकल्प को जाहिर करने हेतु एक व्हाईट बोर्ड लगाया गया है जिसमें प्रदर्शनी के अवलोकन हेतु आने वाले आगन्तुकगण यातायात नियमों के पालन करने हेतु अपना संकल्प व्यक्त कर सकते है। इस बोर्ड में पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने लिखा मै सदैव यातायात नियमों का पालन करूगां। रोहित झा अति.पुलिस अधीक्षक (शहर) ने लिखा मै करूंगा क्योकि जीवन अमूल्य है और घर पर कोई इंतार कर रहा है। प्रज्ञा मेश्राम, अति.पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने लिखा मै माँ हूॅ इसलिए यातायात नियमों का पालन करूंगी क्योकि मुझसे मेरे बच्चे सीखेगें व समाज सीखेगा।
उक्त यातायात प्रदर्शनीय में आगामी 01 माह के दौरान पोस्टर, बैनर, पाम्पलेट विभिन्न मॉडलों के माध्यम से प्रदर्शनी में आने वाले आम नागरिकों को यातायात संबंधी नियमों की जानकारी दी जावेगी। जिस हेतु यातायात से अधिकारी/कर्मचारी की विशेष व्यवस्था की गयी है। जो हमेशा सड़क सुरक्षा प्रदर्शिनी केन्द्र गुरूद्वारा तिराहा नेहरू नगर में उपस्थित रहकर आगंतुकों को यातायात के विभिन्न नियमों, चिन्हों व सिग्नलों से अवगत कराएगें ताकि आम नागरिक सुगमता से सुरक्षित चल सकें। आज के उद्घाटन कार्यक्रम में एनसीसी सेंट थामस कॉलेज, स्काउट गाईड, रेड क्रास सोसायटी, नर्सिंग के छात्र-छात्राऐं कुल 550 छात्र-छात्राऐं एवं आम नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित हुए। कार्यक्रम के प्रथम दिन अंजोर रथ ग्राम लिमतरा, कडंरका, रामपुर में लगने वाले हॉट बजारों में एलईडी स्क्रीन एवं नुक्कड नाटक के माध्यम से ग्रामवासियो को यातायात के प्रति जागरूक करने का कार्य किया गया। सड़क सप्ताह के द्वितीय दिन दिनांक 19.01.2021 को यातायात बूथ सिरसा गेट चौक एवं जिंगल का शुभारंभ समय 11.00 बजे किया जाएगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल ने आज 10 दिवसीय सफाई कर्मी एवं वेस्ट पीकर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम में 120 वेस्ट पीकर्स को सुरक्षा किट एप्रान, मास्क, ग्लोबस, सेनेटाईजर, एवं अन्य सुरक्षा किट प्रदान किया गया । नगर पालिक निगम दुर्ग के सफाई कर्मियों एवं वेस्ट पीकर्स को कुशल कचरा प्रबंधन के तहत् शहर की बेहतर स्वच्छता के लिए 10 दिनों का प्रशिक्षण झाड़ूराम देवांगन हाई स्कूल में दिया जा रहा है। 8 जनवरी से प्रारंभ प्रशिक्षण कार्यक्रम नेशनल सफाई कर्मचारी फाइनंेस एण्ड डवलपमेंट काॅर्पोरेशन नई दिल्ली के अंतर्गत एमपीकाॅन लिमिटेड भोपाल द्वारा दिया जा रहा है। इस अवसर पर महापौर श्री बाकलीवाल ने कहा शहर की बेहतर सफाई के साथ कचरों का प्रबंधन संग्रहण करना सफाई कर्मियों के कार्य में शामिल है।
इस अवसर पर महापौर ने सफाई कर्मियों एवं वेस्ट पीकर्स से कहा कि सभी अपने कार्य को निष्पादित करने की प्रक्रिया में कई प्रकार के हानिकारक रसायनों, उपकरणांे, औजारों आदि के संपर्क में आ जाते हैं । जिससे उन्हें गंभीर हानि भी हो जाती हैं । निःसंदेह उनकी ड्यूटी महत्वपूर्ण है परन्तु उनकी स्वयं की सुरक्षा भी सर्वोपरि है। उन्होनें कहा वे निजी सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य उपयोग कर कार्य करें । वे कोविड-19 से स्वयं को एवं समाज को बचायें ।
प्रशिक्षण कार्यशाला में पूनमचंद गुप्ता ने कुशल कचरा प्रबंधन के विषय पर बताया कि स्वच्छ भारत अभियान भारत को पूर्णतया स्वच्छ बनाने के लिए एक मुहिम है। उन्होनें स्वच्छता के महत्व का समझाया । उन्होनें सफाई कर्मचारियों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों की बात बतायी। उन्होनें घर-घर कचरा में प्रमुख अपशिष्ट प्लास्टिक वेस्टा, किचन तथा गार्डन से निकलने वाले वेस्ट, कांच एवं पत्थर आदि, कागज एवं गत्ता, वृक्षों के सूखे पत्ते, गीला और सूखा कचरा के साथ ही कचरा संग्रहण और प्रबंधन कार्य एवं कम्पोस्ट खाद बनाना एवं गोबर खाद तैयार करने जैसे अनेक कार्य शामिल है । श्री गुप्ता ने बताया नई दिल्ली के माध्यम से आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला के बाद सभी सफाई कर्मियों एवं वेस्ट पीकर्स को प्रमाण-पत्र एवं स्टायपंड प्रदान किया जावेगा।
भिलाईनगर / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई के सेक्टर 02 स्थित तालाब का वृहद स्तर पर सौंदर्यीकरण किया जाएगा। एक करोड़ 44 लाख की लागत से बनने वाले तालाब का गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के मुख्य आतिथ्य एवं भिलाईनगर विधायक एवं महापौर देवेन्द्र यादव की अध्यक्षता में वार्ड के नागरिकों की उपस्थिति में भूमिपूजन किया गया। इस दौरान वार्ड की महिलाओं ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा में गृहमंत्री का तिलक लगाकर स्वागत कर सुवा नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई। तालाब को आकर्षक बनाने के लिए लैडस्केपिंग, ओपन जिम, खेलकूद सामग्री, रात्रि में रंगीन लाइट व भव्य प्रवेश द्वार बनने के साथ ही पेयजल की भी व्यवस्था होगी। कार्यक्रम में शत्रुहन यादव के परिवार को गृहमंत्री जी ने शाॅल व श्रीफल देकर सम्मानित किए यह परिवार विगत 2 वर्षों से तालाब की निःस्र्वास्थ भाव से तालाब परिसर की साफ सफाई करते आ रहे है।
सभा को संबोधित करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि नगर पालिक निगम, भिलाई के अंतर्गत विभिन्न तालाब, खेल मैदान, उद्यान, सड़कों का सीमेंटीकरण, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था व पेवर ब्लाॅक लगाने सहित विकास के अन्य कार्य महापौर देवेन्द्र यादव के प्रयास से निरंतर जारी है। उन्होंने बताया कि भिलाई को लंबे समय से देख रहे है, लेकिन जब से देवेन्द्र यादव महापौर बने है सेक्टर एरिया का जो स्वरूप पहले था, उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए लगातार सभी सेक्टरों में विकास कार्य होने लगा है, इससे अब भिलाई की खूबसूरती बढ़ने लगी है। इसी कड़ी में आज सेक्टर 02 के तालाब में एक करोड़ 44 लाख की लागत से होने वाले सौंदर्यीकरण कार्य के लिए नागरिकों को बधाई देते हुए इस तालाब के बनने से क्षेत्र के नागरिकों को काॅफी सहूलियत होगी। साथ ही उन्होंने वार्ड के नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए निगम के युवा महापौर देवेन्द्र यादव के द्वारा निगम क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्यों की तारिफ करते हुए बधाई दी।
इस अवसर पर महापौर ने कहा कि भिलाई निगम लगातार सभी क्षेत्रों में समान रूप से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी नागरिकों को दिलाने हर संभव प्रयासरत है, निगम क्षेत्र के वार्ड के नागरिकों के मांग के अनुरूप निरंतर विकास के कार्य शासन के सहयोग से किया जा रहा है। स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार भिलाई निगम उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है जिसके लिए उन्होंने निगम क्षेत्र के सभी नागरिकों के सहयोग के लिए बधाई दी। महापौर ने कहा कि सेक्टर 02 तालाब को भी बापूनगर तालाब के जैसा सुंदर एवं आकर्षक बनाया जाएगा, जिसे देखने के लिए अन्य क्षेत्र के भी लागे आएंगे। कार्यक्रम में अंताव्यावसायी सहकारी समिति एवं वित्त विकास निगम की उपाध्यक्ष सुश्री नीता लोधी, महापौर परिषद के सदस्य लक्ष्मीपति राजू, सूर्यकान्त सिन्हा, जोहन सिन्हा, एल्डरमेन नरसिंह नाथ, जितेन्द्र साहू, आर.के. सिंह, डी.कामराजू, आदित्य सिंह, आशीष यादव, हरिश सिंह, रविशंकर सिहं, प्रभाकर जनबंधु, केशव चैबे, लालचंद वर्मा सहित बड़ी संख्या में वार्ड के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन राजेन्द्र परगनिहा ने किया।
भव्य प्रवेश द्वार, रोशनी के साथ पेयजल एवं बैठक की भी व्यवस्था होगी -
जोन 03 क्षेत्र के अंतर्गत सेक्टर 02 तालाब के सौंदर्यीकरण के तहत तालाब के चारो ओर सीमेंटीकरण कार्य , रंगीन पेवर ब्लाॅक लगाए जाएंगे ताकि क्षेत्र के नागरिक सुबह शाम वाकिंग कर सके। ग्रीनरी के लिए लैण्डस्केप किया जाएगा। भव्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। बैठक व्यवस्था के लिए पचरी निर्माण के साथ ही तालाब परिसर में आने जाने वालों के लिए पेयजल की बेहतर व्यवस्था के लिए बोर खनन कराया जाएगा। मनोरंजन के तहत बच्चों के खेलने के लिए खेल सामग्री तथा ओपन जिम, रात्रि में रोशनी के साथ ही सजावटी रंगीन लाइट लगाई जाएगी। वातावरण को हरा भरा बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण के कार्य भी किए जाएंगे।
भिलाई / शौर्यपथ / एक युवक ने अपनी मुंहबोली बहन को घुमाने के बहाने ले जा कर दुष्कर्म कर दिया। जामुल पुलिस ने आरोपी शैलेन्द्र देवांगन को कैंप 2 निवासी 22 वर्षीय युवती की शिकायत पर शैलेंद्र देवांगन के खिलाफ आईपीसी की धारा 366, 376, 323, 506 के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक शुक्रवार रात करीब डेढ़ बजे कुरुद रोड पर युवती बेसुध पड़ी मिली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे इलाज के लिए सुपेला अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक इलाज के बाद उसे दुर्ग जिला अस्पताल रेफर कर दिया। शनिवार सुबह युवती को होश आया। इसके बाद उसने पूछताछ में अपने साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि की। युवती के पास से पुलिस ने एक सुसाइड नोट भी जब्त किया है। युवती से पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को युवती ने बताया कि चार साल पहले उसके माता पिता की मौत हो चुकी है। वह अपने छोटे भाई के साथ रहती है।
काम के दौरान हुई थी पहचान- चार महीने पहले वह जवाहर मार्केट स्थित कपड़े की दुकान में नौकरी करती थी। आरोपी वहीं सब्जी का व्यवसाय करता था। आरोपी के इलाके में रहने के कारण परिचय था। आरोपी उसे बहन मानता था। शुक्रवार करीब 6 बजे आरोपी उसके घर आया और घुमाने का बहाना बनाकर अपने साथ बाइक में बैठाकर ले गया। पहले आरोपी उसे बैकुंठधाम ले गया। इसके बाद उसे गोकुल धाम स्थित खाली मैदान में ले गया। यहां पहले प्यार का इजहार किया। फिर मारपीट करके शारीरिक संबंध बनाकर छोड़कर फरार हो गया। घटना के बाद से युवती क्षुब्ध थी। उसे कुछ समझ नहीं आया कि वह क्या करे। वह पैदल घटनास्थल से निकल गई। इस दौरान उसने आत्महत्या करने का फैसला किया और एंटीसेप्टिक को पी लिया।
एंटीसैप्टिक दवा पीकर खुदकुशी की कोशिश
पुलिस को युवती ने बताया कि घटना के बाद वह पैदल कुरुद स्थित मेडिकल स्टोर पहुंच गई। दवा दुकान से ऐंटीसैप्टिक दवा खरीदकर पी लिया। कुछ दूर पैदल चलने के बाद वह बेसुध होकर सड़क किनारे गिर गई। इसके बाद उसने सुबह अस्पताल में होश आया। पुलिस के मुताबिक युवती के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उसने लिखा है कि आरोपी उसका मुंह बोला भाई है। उसने उसके साथ ज्यादती की है। आत्मग्लानि के कारण उसने ऐंटीसैप्टिक दवा पीकर आत्महत्या कर रही है। युवती के खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।
दुर्ग / शौर्यपथ / ट्वीनसिटी में लंबे समय से समाचार पत्रों के बड़े विक्रेता ठक्कर न्यूज एजेंसी के संचालक दीपक ठक्कर 55 साल के विरूद्ध चार अलग अलग लोगों ने सेक्टर 6 कोतवाल थाना में शिकायत दर्ज करायी है कि ट्रेडिंग के नाम से लाखों रूपये दो वर्ष के लिए 2 लाख लगाओं डबल पाओं का झांसा देकर लोगों को 8 से 10 लाख का चूना लगाकर शहर से रफुचक्कर हो गया। उनके गुम इंसान की रिपोर्ट उनके बेटे अदरेश ठक्कर ने 18 दिसंबर को दर्ज कराया है। वह गुलाबी चेक शर्ट, काले रंग का जींस पेंट और उनके सर में बाल कम तथा उनका चेहरा लंबा और उनकी ऊंचाई 5 फुट 11 इंच है का माामला दर्ज किया है। वहीं दुर्ग के दो बड़े और भिलाई के दो छोटे व्यापारियों के निवेदन पर हुडको निवासी दीपक ठक्कर जो कि सेक्टर 6 सी मार्केट में अपने दुकान में ट्रेडिंग का काम करते थे और दुर्ग के दो बडे व्यापारियों और भिलाई के दो छोटे व्यापारियों को अपने झांसे में लेकर उनसे लाखों रूपये ले लिये। इन सभी व्यापारियों की रिपोर्ट पर पुलिस ने इन सभी व्यापारियों के बयान दर्ज कर लिए है। रूपये के लेन देन संबंधी रूपयों के हुए ट्रांजेक्शन के मामले में पुलिस एचडीएफसी बैंक को भी पत्र लिखकर उनका पूरी डिटेल खंगाल रही है।
जानकार बताते हैं कि दुर्ग भिलाई में दीपक ठक्कर के द्वारा कई लोगों से मोटी रकम लेकर वह शहर छोड़ दिये हैं। बहरहाल सेक्टर 6 कोतवाली पुलिस अभी चार मामलों की जोर शोर से तहकीकात शुरू कर दी है। जल्द ही इन सारी प्रक्रियाओं से निपटने के बाद पुलिस दीपक ठक्कर के खिलाफ बडी बडी धाराओं के तहत अपराध भी दर्ज करने जा रही है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
