August 26, 2026
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    दुर्ग

    दुर्ग (5020)

    दुर्ग / शौर्यपथ / गौरतलब है कि नगर निगम दुर्ग के दो प्रमुख पार्किंग स्थलों से मुख्य आय होती है। इन दोनों पार्किंग को बिना ठेका दिए पिछले 1 वर्ष से दुर्ग शहर की जनता से अवैध वसूली होती रही है। इस विषय की जांच की मांग भाजपा पार्षद दल ने आयुक्त से की थी ,आयुक्त महोदय ने पार्किंग घोटाले की जांच के लिए जांच दल बनाकर 15 दिन में रिपोर्ट मांगी थी ।
    नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा ने आगे बताया कि जांच अधिकारी राजेश पांडे (कार्यपालन अभियंता) एवं प्रकाश थवानी (भवन अधिकारी) ने जांच पूर्ण कर जो रिपोर्ट जमा की है ,उसके अनुसार पिछले वर्ष भर तक दुर्ग शहर की जनता से इंदिरा मार्केट एवं बस स्टैंड में पार्किंग की अवैध वसूली हुई है ,किंतु जांच दल अवैध वसूली करने वाले ठेकेदार का नाम नहीं बता पाए । निगम को हुए नुकसान के लिए दोनों बाजार अधिकारी दुर्गेश गुप्ता एवं थान सिंह यादव को जिम्मेदार बताते हुए प्रकरण को पुलिस विभाग को प्रेषित करने की अनुशंसा की है।
    भाजपा पार्षद दल के नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा सहित पार्षद गण श्रीमती गायत्री साहू ,श्री काशीराम कोसरे ,चंद्रशेखर चंद्राकर, नरेंद्र बंजारे, देवनारायण चंद्राकर ,श्रीमती चमेली साहू, श्रीमती लीना दिनेश देवांगन , मनीष साहू , नरेश तेजवानी , ओम प्रकाश राकेश सेन, श्रीमती पुष्पा गुलाब वर्मा, श्रीमती शशि द्वारिका साहू, श्रीमती कुमारी साहू एवं श्रीमती हेमा जगदीश शर्मा ने महापौर से कहा है , कि शहर की जनता से हुई अवैध पार्किंग वसूली आपके एक वर्षीय कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
    भाजपा पार्षद दल ने आगे कहा कि महापौर परिषद के सदस्यों की जिम्मेदारी अपने-अपने विभागों की देखरेख एवं नियंत्रण होता है। चूंकि महापौर जी की रुचि निगम कार्य में नहीं है, अतः उनके एमआईसी मेंबर भी उदासीन रहते हैं, निगम में बाजार विभाग में इतना बड़ा पार्किंग घोटाला हुआ है, दुर्ग शहर की जनता के साथ अवैध वसूली एवं ठगी हुई है। अतः माननीय महापौर जी को अपने एमआईसी मेंबर एवं बाजार विभाग प्रभारी ऋषभ जैन से तत्काल इस्तीफा मांगना चाहिए ।और प्रकरण को पुलिस विभाग के हवाले करना चाहिए ,ताकि दुर्ग शहर की जनता से हुई अवैध वसूली की राशि जप्त हो सके । भाजपा पार्षद दल ने महापौर को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक शहरवासियों से हुई ठगी की राशि वापस निगम में नहीं आएगी एवं बाजार विभाग प्रभारी का इस्तीफा नहीं लेंगे तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / लघु उधोग भारती के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण अग्रवाल,प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल,प्रदेश कोषाध्यक्ष के.एस.बेदी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पवन बडजात्या, दुर्ग जिला इकाई अध्यक्ष संजय चौबे, इंडस्ट्रियल स्टेट हथखोज इकाई के अध्यक्ष मनीष भुचासिया, सुशील बाकलीवाल,मनोज गोयल ने बताया की दुर्ग के विधयाक अरुण वोरा को एक ज्ञापन दुर्ग पालीटेक्निक कालेज के संबध में सौपा गया, दुर्ग शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज जो की छत्तीसगढ़ का सबसे पुराना कॉलेज है, जिसमें एक कमर्शियल प्रैक्टिस डिपार्टमेंट है इसकी सीट बढ़ाना अति आवश्यक है, एवं कमर्शियल प्रैक्टिस डिपार्टमेंट में आज के वातावरण के हिसाब से कोर्स को समाहित करना अति आवश्यक है, जैसे एक अनुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 50,000 जीएसटी प्रैक्टिशनर की आवश्यकता है, आज हर व्यापारी को जीएसटी प्रैक्टिशनर की नितांत आवश्यकता है ! अगर शासन इस कोर्स को दुर्ग पॉलिटेक्निक कॉलेज में शुरू कर देती है तो छत्तीसगढ़ के बहुत से युवाओं को रोजगार मिल सकता है, इस कोर्स को पढ़ाई करने के लिए छत्तीसगढ़ कमर्शियल टैक्स के अधिकारियों का सहयोग लिया जा सकता है !
    इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ के सभी पालीटेक्निक कॉलेज की सीटों का आवंटन मध्यप्रदेश शासन में जो था, वही सीटें आज भी है इन सीटों को बढ़ाना अति आवश्यक है अत: सभी ब्रांच की सीटों को तत्काल इसी वर्ष से बढ़ाया जाना चाहिए ! इसी तरह आज छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक की की तरफ बहुत तेजी से बढ़ रहा है, इस हेतु स्किल एवं टेकनिकल पढ़े लिखे युवा की बहुत मांग है इस हेतु दुर्ग पॉलिटेक्निक कॉलेज में विवेकानन्द स्वामी टेक्नीकल युनिवेर्सिटी द्वारा संचालित बीवाक् जो की स्किल प्रोग्राम है, जिसे डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्स है एवं इंस्ट्रूमेंटेशन ब्रांच, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेकाट्रानिक्स ब्रांच जो की नितांत आवश्यक है, इसे भी तत्काल जोड़ा जाना चाहिए ! ताकि दुर्ग पालीटेकनिक कालेज को डिप्लोमा के साथ डिग्री कालेज का दर्जा भी प्राप्त हो सकेगा ! गौर तलब है की पूर्व में शुरुवात से पॉलिटेक्निक कॉलेज में जो पीछे गेट था, वह गेट को कालान्तर में बंद कर दिया गया था जीई रोड में भयंकर ट्राफिक होने के कारण परिस्थितयों को देखते हुए वह गेट को वापस खोला जाना चाहिए ताकि कालेज आने वालो लोगों को आने जाने में असुविधा एवं दुर्घटना ना हो !

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग लोकसभा के भाजपा सांसद विजय बघेल फिर कोरोना संक्रमित हो गये है। उनको सर्दी, खांसी और हल्का बुखार है। सांसद विजय ने इन सबको देखते हुए पूरी सजगता के साथ आज अपने घर में ही सैंपल दिया। स्वास्थ्य विभाग का महकमा सैंपल लेने पहुंचा था। दोपहर के वक्त में एंटीजन टेस्ट लिया गया और रिपोर्ट शाम 4 बजे के बाद आई है। इसकी पुष्टि सांसद विजय बघेल ने खुद की।
    उन्होंने बताया कि 13 जनवरी को हल्का बुखार लग रहा था। सर्दी-खांसी भी लग रहा था। सेक्टर-9 अस्पताल में चेकअप भी कराया। सभी टेस्ट नॉर्मल थे। कोरोना सैंपल कराने के लिए डॉक्टरों ने सजेस्ट किया। आज दोपहर में सैंपल दिया। शाम को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रायपुर एम्स में भर्ती होने के लिए जा रहा हूं। सभी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें।

    दुर्ग / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनांतर्गत स्ट्राईव योजना के तहत् कौशल प्रशिक्षण हेतु 30 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। चयनित आवेदकों को दुर्ग जिले के शासकीय आई.टी.आई. दुर्ग में डोमेस्टिक डेटा एन्ट्री ऑपरेटर, फील्ड टेक्निशयन, कम्युटिंग एंड पेरिफेलर, इलेक्ट्रिकल वाइंडर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी प्रकार महिला आई.टी.आई भिलाई में सेविंग मशीन ऑपरेटर-निट, डोमेस्टिक डेटा एन्ट्री ऑपरेटर, डोमेस्टिक आई.टी. हेल्प डेस्क अटेंडेंट, आसोसिएट डेस्कटॉप, पब्लिसिंग-डी.टी.पी, सेल्फ इम्पलायड, टेलर, फील्ड टेक्निशियन, कम्युटिंग एंड पेरीफेलर का प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। पुरी आई.टी.आई. में डोमेस्टिक डेटा एन्ट्री ऑपरेटर, डोमेस्टिक आई.टी. हेल्प डेस्क अटेंडेंट, क्लाउड एप्लीकेशन डेवलपर, कम्प्यूटर एडेड, इंजियनियरिंग टेस्ट एक्सक्यूटिव का एवं आमदी नगर आई.टी.आई. हुडको में डोमेस्टिक डेटा एन्ट्री ऑपरेटर, वेब डेवलपर एवं रिटेल स्टोर मैनेजर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए न्यूनतम योग्यता 5वीं से स्नातक एवं 18 से 45 वर्ष निर्धारित किया गया है। इच्छुक आवेदक आवेदन के संबंध में अन्य जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं, साथ ही मोबाइल नंबर 7692056515 में व्हाटसअप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

    भिलाई / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध निगम प्रशासन ने आज दो स्थानों पर कार्यवाही किए। घासीदास नगर में खाली जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत पर झोपड़ी बनाने वाले को बेदखल कर स्थल को कब्जा मुक्त करते हुए बांस बल्ली को जप्त किया गया। जोन 02 के घासीदास नगर में हुई कार्यवाही में राजस्व विभाग की टीम ने नाली पर अतिक्रमण करने वाले पर कार्यवाही किए। निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुुवंशी ने भिलाई निगम क्षेत्रांतर्गत अवैध कब्जा व अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। आदेश के परिपालन में निगम का अमला लगातार अतिक्रमण करने वालों पर कार्यवाही कर रहा है। जोन 02 एआरओ संजय वर्मा ने बताया कि वार्ड 28 घासीदास नगर में कर्मा भवन के पास नाली निर्माण कार्य जारी है, जहां पर एक व्यक्ति द्वारा नाली के उपर बांस बल्ली से झोपड़ीनुमा मकान बनाकर कब्जा कर रहा था, साथ ही मवेशियों के लिए अतिरिक्त निर्माण किया था .
    जिसकी शिकायत मोहल्ले के नागरिकों द्वारा करने पर जोन आयुक्त के निर्देश पर आज जेसीबी के साथ निगम की टीम पहुंची और उसे बेदखल कर स्थल को कब्जा मुक्त कराया गया। इसी प्रकार घासीदास नगर में ही कोयला डिपो के पास एक व्यक्ति द्वारा जाली तार से घेरकर शासकीय जमीन पर अतिक्रमण कर रहा था! जिसे एक बार हटाया जा चुका था! परंतु कुछ दिन बाद पुन: उसी स्थान पर फिर से कब्जा करने की शिकायत प्राप्त होने पर निगम का अमला मौके पर पहुंचा और उसके द्वारा अवैध रूप से किए गए घेरे को ध्वस्त करते हुए बेदखल किया गया।

    योजना के तहत् गांव में 6 तालाब, 3 डबरी की खुदाई से मिल रही बेहतर सिंचाई सुविधा

        दुर्ग / शौर्यपथ / जिला मुख्यालय दुर्ग से 18 किलोमीटर दूर है भेड़सर गांव। एक समय था जब इस गांव को लद्दी वाले गांव के नाम से जाना जाता था। लेकिन अब इस गांव की पहचान बदलने लगी है। दलदली और लद्दी वाली जमीन अब तालाब का रूप ले चुकी है। यह सबकुछ संभव हुआ महात्मा गांधी रोजगार गांरटी योजना से। कटीली झाडिय़ों और दलदल कीचड़ से युक्त इस गांव के लोग विकास से कोसों दूर थे। लेकिन अब यहां सडक़ें हैं, तालाब हैं, भूमि का समतलीकरण कराया गया है, और नहर नालों की नियमित सफाई से परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। 503 परिवार वाले इस गांव में 315 परिवार महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत् पंजीकृत है। 100 से अधिक परिवारों का घर पक्का बन चुका है। इतना ही नहीं रोजगार के साधन भी ग्रामीणों को उपलब्ध कराए गए हैं। पहले यहां के लोग ईंट के भट्टों में मजदूरी करते थे पारिश्रमिक भी कम ही मिलता था। कठिन परिश्रम के बाद भी मुश्किल से गुजारा हो पाता था। लेकिन गांव को विकसित करने के लिए जब गांव के लोगों को जिम्मेदारी दी गई तो एक तरफ जहां गांव की तसवीर बदलने लगी वहीं दूसरी तरफ गांव के लोगों के आर्थिक हालात भी सुधरने लगे। यहां अकुशल श्रमिकों का औसत मानव दिवस 70 से अधिक ही रहता है।
    कार्य योजना बनाकर दलदली और बंजर जमीन पर खुदवाए गए तालाब- पानी विकास का आधार है, इसी बात को ध्यान में रखते हुए मनरेगा योजना के तहत् इस गांव में तालाब तथा खेतों में डबरी खुदवाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया गया। पहले पहले जहां दलदली और बंजर भूमि थी वहां तालाब का निर्माण कराया गया। जिसका नतीजा यह हुआ कि गांव में निस्तारी और सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिलने लगा। वर्षा का जल डबरियों और तालाबों में इक_ा होने लगा। जिससे ग्राउंड वाटर का लेवल भी सुधरने लगा। तालाब और डबरी निर्माण के लिए गांव के ही लोगों को लगाया गया। वर्तमान में गांव में 6 तालाब और 3 डबरियां हैं। जिससे ग्राम वासियों को पर्याप्त मात्रा में सिंचाई और निस्तारी की सुविधा मिल रही है। मनरेगा योजना के तहत् इन तालाबों को कच्ची नालियों के माध्यम से जोड़ दिया गया है। डबरी खुदवाकर तेजराम के जीवन में आई खुशहाली, बेहतर सिंचाई मिलने से बड़ा
    उत्पादन:- भेड़सर के किसान तेजराम गौतम के पास 3 एकड़ जमीन थी सिंचाई के लिए पूरी तरह से बारिश पर निर्भर थे। और अगर बारिश ठीक से नहीें होती थी तो स्थिति गंभीर हो जाती थी, इसलिए तेजराम ने सोचा कि क्यों न खेत में बोर खुदवाया जाए। लेकिन 4 से 5 बार बोर कराने पर भी उन्हें सफलता नहीं मिली। धन भी व्यर्थ गया और खेत भी प्यासे ही रहे। पानी कम होने के कारण फसल का उत्पादन भी कम हो गया था। ऐसे में मनरेगा योजना के रूप में उनके सामने एक उम्मीद की किरण नजर आई। उन्हें पता चला कि योजना के तहत् किसान अपने खेत में निजी डबरी का निर्माण करा सकते हैं। रोजगार सहायक से संपर्क करके सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तेजराम के खेत में डबरी की खुदाई शुरू हुई। जिसमें गांव के लोगों ने ही काम किया और अच्छा पारिश्रमिक हासिल किया। डबरी बनने के बाद तेजराम की मुसीबतें दूर हुईं। अब बारिश का पानी डबरी में इक_ा हो जाने से तेजराम को बेहतर सिंचाई सुविधा मिलने लगी। फसल का उत्पादन भी बढ़ा, पहले जहां तेजराम 3 एकड़ जमीन में 25-30 क्विंटल उत्पादन ले रहे थे। डबरी बनने के बाद 50-55 क्विंटल धान की पैदावार ले रहे हैं। इतना ही नहीं खेत की मेड़ों में दलहन की फसल भी ले रहें हैं। डबरी बन जाने से एक पंथ दो काज की बात सच होती नजर आई है। क्योंकि तेजराम की डबरी का उपयोग न केवल सिंचाई के लिए हो रहा है बल्कि वे इसमें मछली पालन भी कर रहे हैं।
    तोलागांव में दूर हुई पानी की कमी:- ग्राम पंचायत भेड़सर के आश्रित ग्राम तोलागांव में पानी की कमी बनी रहती थी। पहले यहां के दो तालाबों में जुलाई से नवंबर 4 माह पानी रहता था। इस गांव के अधिकांश लोगों का व्यवसाय पशुपालन था लेकिन मवेशियों के लिए पानी की कमी बनी रहती थी। समस्या को दूर करने के लिए मनरेगा के तहत् विस्तृत कार्य योजना बनाई गई। जिसके तहत् तालाबों में अधिक जलभराव के लिए गांव भर में कच्ची नालियों का निर्माण किया गया। जिससे खेतों को भी पानी मिला और जल संरक्षण भी होने लगा।
    तीसरे फेस में गौठान का काम भी हो गया है शुरू
    भेड़सर में तीसरे फेस के तहत् 15 एकड़ भूमि में गौठान का कार्य भी शुरू हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / शासकीय पॉलिटेक्निक कालेज दुर्ग में 190.19 लाख के बालक छात्रावास निर्माण का शहर विधायक अरुण वोरा एवं महापौर धीरज बाकलीवाल द्वारा भूमिपूजन कर कार्य प्रारंभ कराया गया। पॉलिटेक्निक कालेज दुर्ग के प्राध्यापकों एवं लोनिवि अधिकारियों की मौजूदगी में 50 सीटर हॉस्टल, वार्डन कक्ष एवं कैंटीन निर्माण का विधि विधान से भूमिपूजन किया गया। पूर्व में भी पॉलिटेक्निक कॉलेज में 73 लाख की लागत से 3 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण हेतु विधायक वोरा द्वारा भूमिपूजन कर कार्य प्रारंभ कराया गया था जिसका कार्य प्रगतिरत है। विधायक ने कहा कि दशकों पुराने पॉलिटेक्निक कॉलेज में दूरस्थ क्षेत्रों के सैकड़ों छात्र अध्यन करते हैं। छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। 50 सीटर हॉस्टल एवं कैंटीन बन जाने से छात्रों को कॉलेज कैंपस में ही बेहतर आवास व्यवस्था मिल सकेगी जिससे उनके समय की बचत होगी । इस सत्र में तकनीकी शिक्षा मंत्री से पॉलिटेक्निक कालेज की सीटों में वृद्धि करने एवं जीएसटी ऑपेरशन का डिप्लोमा कोर्स प्रारंभ करने बजट मांग भी की गई है जिससे अधिक से अधिक छात्र प्रोफेशनल कोर्स का लाभ प्राप्त कर सकें। शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए अतिशीघ्र 6 करोड़ के बोरसी रुआबन्धा मार्ग का भी शुभारंभ करवाया जाएगा।
    भूमिपूजन के दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेश शर्मा, एल्डरमैन अंशुल पांडेय, देव सिन्हा लोनिवि के कार्यपालन अभियंता अशोक श्रीवास, एसडीओ चंद्रशेखर ओगरे, उप अभियंता नर्मदा रामटेके सहित कालेज स्टाफ मौजूद थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने जिले में कोरोना कोविड-19 के संक्रमण के रोकथाम के संबंध में रिकवरी रेट और बेहतर करने बाबत स्वास्थ्य विभाग की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में कोरोना से हो रही मौतें को रोकना एक बड़ी चुनौती है। हमें और अधिक सतर्कता और गंभीरता पूर्वक कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने जनवरी माह में हुई मौत के आंकड़े को संज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। कलेक्टर ने जिले में कोराना के नियंत्रण के लिए बनाए गए कोविड अस्पताल श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज एवं सेक्टर 9 हॉस्पिटल भिलाई के चिकित्सकों एवं प्रबंधकों की एक बार पुन: आवश्यक प्रशिक्षण कराने के साथ ही चिकित्सकीय प्रबंधन में सुधार लाने कहा है जिससे कोरोना के बढ़ते संक्रमण और उपचार के लिए किए जा रहे उपायों पर और अधिक गंभीरता पूर्वक प्रभावी रूप से कार्य किया जा सके।
    कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय के चिकित्सकीय प्रबंधन, नामित चिकित्सक के साथ-साथ कोरोना नियंत्रण के कार्य में लगे स्टॉफ का भी पुन: एक बार फिर से प्रशिक्षण सुनिश्चित करने कहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट निर्देशित किया है कि कोरोना से संक्रमित मरीजों के उपचार में कोई भी चूक न हो। उपचार में कमी या लापरवाही से मौत हो, ऐसी स्थिति निर्मित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कोरोना नियंत्रण के लिए लगे सभी चिकित्सकों एवं नर्सों को मरीजों के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करने कहा। कलेक्टर ने टेस्टिंग का अनुपात बढ़ाने, लोगों को अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने भी कहा है। इसके साथ ही होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की आवश्यक मॉनिटरिंग करने, जरूरी दवाइयों का ही सेवन करने और कोरोना नियंत्रण के लिए बनाए गए गाइड लाईन का पूर्णत: पालन करने भी कहा है।
    कलेक्टर ने कोविड-19 के लिए 16 जनवरी से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन (टीकाकरण) की तैयारी की भी समीक्षा की। जिले को प्राप्त वैक्सीन की जानकारी लेते हुए चिन्हांकित लोगों को वैक्सीनेशन के साथ ही हितग्राहियों पर निगरानी भी रखने कहा है। उल्लेखनीय है कि जिले को लगभग 10 हजार 260 वैक्सीन प्राप्त हुआ है। जिन्हें सरकार की गाइडलाईन और प्रोटोकॉल के हिसाब से चिन्हांकित लोगों को पहले चरण में लगाया जाएगा।

    दुर्ग / शौर्यपथ / स्पर्श मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल में आयुष्मान एवं ईएसआई के तहत कैशलेस ट्रीटमेन्ट की सुविधा प्रारंभ हो गई है। सुविधा का लाभ लेने के लिए लोगों को केवल अपना राशन कार्ड अथवा आयुष्मान भारत कार्ड लेकर अस्पताल पहुंचना होगा। बीपीएल राशन कार्डों पर जहां 5 लाख रुपए तक का इलाज कैशलेस होगा वहीं एपीएल राशन कार्ड पर 50 हजार रुपए तक का इलाज मुफ्त में होगा। ईएसआई बीमा धारकों के लिए कोई अधिकतम सीमा नहीं है।
    अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ दीपक वर्मा ने बताया कि स्पर्श का उद्देश्य हमेशा आम आदमी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा, वाजिब दरों पर उपलब्ध कराने की रही है। आयुष्मान भारत एवं ईएसआई सुविधा की स्वीकृति मिल जाने पर हम अपने शहर के लोगों की बेहतर सेवा कर पाएंगे।
    स्पर्श मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल के चिकित्सा निदेशक डॉ एपी सावंत ने बताया कि सभी लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जोडऩे की यह केन्द्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। अब तक उपलब्ध सभी स्वास्थ्य योजनाओं का एकीकरण कर दिया गया है। आयुष्मान भारत (पीएम जय) योजना के तहत प्रति बीपीएल परिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपए तक की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। राज्य शासन ने खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना प्रारंभ की है जिसमें एपीएल परिवारों को भी 50 हजार रुपए प्रतिवर्ष तक का चिकित्सकीय सहयोग प्रदान किया जाता है। ईएसआई कार्डधारकों के लिए खर्च की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। ईएसआई कार्डधारकों के लिए चिकित्सा सेवा पूरी तरह से कैशलेस होगी। विशेष परिस्थितियों में इलाज का खर्च बढऩे पर मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना के तहत भी मरीज को लाभांवित किया जा सकेगा जिसकी पूर्व स्वीकृति मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त करनी होगी। योजना का लाभ लेने मरीज को केवल अपना राशन कार्ड लेकर अस्पताल आना होगा। यहां बैठा आयुष्मान मित्र उनका योजनांतर्गत पंजीयन कर लाभ प्राप्त करने में सहयोग करेगा।

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