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परवरिश /शौर्यपथ/
बच्चा दिनभर मोबाइल चलाता है’ ये शिक़ायत आज हर माता-पिता की है, लेकिन बच्चे के हाथ में मोबाइल थमाया किसने था ये सोचेंगे तो समस्या की जड़ मिल जाएगी।
अगर अभिभावक अपनी ग़लती सुधारना चाहते हैं तो चंद सुझाव आज़माकर देख सकते हैं।
आ जकल लगभग हर माता-पिता बच्चों की मोबाइल की लत से परेशान हैं। मोबाइल से बच्चों की सिर्फ़ आंखें ही ख़राब नहीं हो रहीं बल्कि वे मोटापे के शिकार भी हो रहे हैं, साथ ही जि़द्दी, गु़स्सैल, चिड़चिड़े बन रहे हैं और उनकी रचनात्मकता भी कम हो रही है। इस लत से निजात ज़रूरी है। क्या आ पने कभी सोचा है कि बच्चों को ये लत लगती कैसे है? कैसे 2-3 साल के बच्चे को सोशल मीडिया पर कार्टून या गेम लगाना आने लगता है? आपको ये जानकर आश्चर्य तो नहीं होगा कि माता-पिता या परिवार के सदस्य ही उसे मोबाइल चलाना सिखा देते हैं?
बच्चा देखकर सीखता है
हम बच्चे को तो मोबाइल के लिए मना करते हैं, लेकिन ख़ुद दिनभर मोबाइल चलाते रहते हैं। हमें मोबाइल पर देखकर बच्चे को लगता है कि मोबाइल मनोरंजन का सबसे अच्छा साधन है।
देखिए, बच्चा आपकी बातों को नहीं, आपको फॉलो करता है। बच्चा आपके सिखाने से कहीं ज़्यादा आपको देखकर सीखता है। इसलिए जब बच्चा आपके पास हो तब जहां तक संभव हो मोबाइल का इस्तेमाल कम कीजिए। जब बच्चा सो रहा हो, स्कूल गया हो या खेल रहा हो तब आप मोबाइल का उपयोग करें। बाक़ी समय सिर्फ़ कॉल्स ही लें।
बच्चों की सेहत का ख़्याल हो
जब बच्चा छोटा होता है और खाना खाने में आनाकानी करता है तब बहुत-सी मांएं बच्चा जल्दी से खाना खा ले, इसलिए ख़ुद ही बच्चे को मोबाइल दिखाकर खाना खिलाती हैं। उस वक़्त तो उनको लगता है इस तरह बच्चे को खाना खिलाने का काम जल्दी हो गया। लेकिन वे यह भूल जाती हैं कि अपना थोड़ा-सा वक़्त बचाने के चक्कर में वे अपने बच्चे का और ख़ुद का भी कितना बड़ा नुकसान कर रही हैं। छोटे बच्चों की आंखें मोबाइल की रोशनी से ख़राब होती हैं। इसी तरह धीरे-धीरे बच्चे को मोबाइल की आदत हो जाती है।
मोबाइल का लालच ना दें
कुछ अभिभावक बच्चा होमवर्क जल्दी पूरा कर ले या खाना जल्दी खा ले इसलिए उनको मोबाइल का लालच देते हैं। लेकिन इस तरह से बच्चों को मोबाइल की आदत पड़ जाती है। मोबाइल का लालच ना दें बल्कि उन्हें समझाएं कि होमवर्क करना, खाना खाना उनके लिए ही बेहतर है। ख़ुद भी बच्चे के सामने बैठकर खाना खाएं और उस समय फोन ना चलाएं। उसके सामने किताब पढ़ें, इससे बच्चे को भी पता चलेगा कि ये सब ख़ुद करना ज़रूरी है और ये सब करने के दौरान फोन की बात ही नहीं आएगी।
‘नहीं’ पर कायम रहें
बच्चे ने थोड़ी-सी ज़िद की नहीं, थोड़ा-सा रोया नहीं कि कई अभिभावक झट से उसे मोबाइल पकड़ा देते हैं। बच्चे के जि़द करने पर उसे मोबाइल बिल्कुल मत दीजिए, क्योंकि इससे बच्चे को लगता है कि थोड़ी-सी जि़द करने से या रोने से उसकी मांग पूरी की जाती है तो यही उसका अंदाज़ बन जाएगा। इसलिए मना करने के बाद अपनी बात पर कायम रहें।
छीनकर ना लें
बच्चे को मोबाइल चलाते हुए देर हो गई हो तो ऐसे में एकदम से बच्चे से मोबाइल ना छीनें। ऐसा करने से बच्चे के मन में ग़ुस्सा भर जाएगा। कल्पना कीजिए कि मोबाइल पर आप गेम खेल रहे हों और अचानक कोई मोबाइल छीन ले तो आपको कैसा लगेगा? बच्चे से कहिए कि वो जो भी कार्टून देख रहा है वो देखकर मोबाइल दे दे। ऐसा करने से बच्चा ख़ुद ही आपको फोन दे देगा।
अच्छा समय बिताएं
बच्चों को माता-पिता के प्यार और देखभाल की ज़रूरत होती है। लेकिन आजकल माता-पिता के पास वक़्त की कमी रहती है। समय की कमी को वे मोबाइल पकड़ाकर पूरी करना चाहते हैं। लेकिन याद रखिए कि मोबाइल या कोई भी उपकरण आपकी जगह नहीं ले सकता। यदि आप बच्चे के साथ अच्छा समय बिताएंगे तो आपका बच्चा धीरे-धीरे मोबाइल का इस्तेमाल कम कर देगा।
रचनात्मकता सिखाएं
रुचि अनुसार बच्चे का पेंटिंग, नृत्य, संगीत आदि की क्लास में दाखिला करवा सकते हैं। यहां वो कुछ नया तो सीखेगा ही, साथ ही उसके नए दोस्त भी बनेंगे। इससे उसका व्यावहारिक ज्ञान भी बढ़ेगा। लोगों के साथ उठना-बैठना, कैसे पेश आना है वो बख़ूबी सीख जाएगा।
क्षमतानुसार काम कराएं
खाली समय में बच्चे की क्षमतानुसार घरेलू कार्यों में उसका सहयोग लें। इससे उसे मोबाइल की याद नहीं आएगी, वो आत्मनिर्भर बनेगा और कुछ व्यावहारिक बातें भी सीखेगा।
प्यार का मतलब मोबाइल नहीं है
कई अभिभावकों का कहना होता है कि वे बच्चे से बहुत प्यार करते हैं इसलिए उसे ना नहीं कह सकते, बच्चे को रोते हुए नहीं देख सकते। इसलिए बच्चे जब भी मोबाइल मांगते है, वो दे देते हैं! यदि आप सही मायने में अपने बच्चे से प्यार करते हैं तो बच्चे पर मोबाइल से होने वाले नुकसान को देखते हुए कम से कम समय के लिए मोबाइल देंगे।
आज ऑनलाइन पढ़ाई की वजह से बच्चों को छोटी उम्र में ही मोबाइल देना मजबूरी है। लेकिन क्लास के अलावा बच्चा ज़्यादा देर तक मोबाइल का उपयोग ना करे इसके लिए यहां दिए सुझाव आपके काम ज़रूर आएंगे।
अन्य खबर /शौर्यपथ/
जब कुछ चीज़ें हमारे मन या सहूलियत के मुताबिक़ नहीं चलती हैं, तो उन्हें अपनाना हमारे लिए मुश्किल हो जाता है। उन्हें अनदेखा करने के लिए कई बार बहानों का सहारा लेते हैं। इन बहानों से थोड़े समय के लिए राहत ज़रूर मिलती है, लेकिन ये आपको आगे बढ़ने से रोकते हैं। इसे नज़रअंदाज़ करने के बजाय पूरा करना सीखें।
पर बहाने बनाते क्यों हैं?
सहूलियत से ही सारे कारण जुड़े हुए हैं, जैसे कि वो काम जो कभी किया नहीं उसे पूरा करने का डर। मन की शंका कि अगर काम पूरा नहीं कर सके, तो छवि प्रभावित होगी। जीवन में अगर कोई उद्देश्य ना हो, दूसरों के काम से ख़ुद की तुलना करने की आदत के चलते हीनता का भाव और आत्मविश्वास की कमी तथा सीखने और आगे बढ़ने की लगन का अभाव भी कारण हो सकते हैं।
ऐसे दूर कर सकते हैं बहाने...
दूसरों से तुलना ना करें
दूसरों से अपनी तुलना ना करें। इससे आपका ध्यान अपनी ताक़त नहीं कमज़ोरियों पर केंद्रित होगा। जिनसे तुलना कर रहे हैं, वे भी कभी उस पड़ाव पर थे, जहां इस वक़्त आप हैं। उनकी ताक़त से तुलना करने के बजाय उनकी मेहनत पर ध्यान केंद्रित करें और सीखें।
ग़लतियों से सीखें
अगर ग़लती करने से डरते हैं तो यह भी जान लें कि जिस तरह सफलता-असफलता महज़ नतीजों का नाम है, वैसे ही काम करने की प्रक्रिया में ग़लती प्रयास करने का ही दूसरा रूप है। अगर आपने कोई ग़लती की है, तो उस काम को छोड़ने के बजाय उससे सीखें।
प्लान ‘बी’ भी रखें
हमेशा दो विकल्प साथ लेकर चलें। मान लीजिए कि आपको किसी विषय पर योजना बनाने की ज़िम्मेदारी दी गई है। ऐसे में एक योजना बनाने के बजाय हमेशा दो-तीन योजनाएं तैयार रखें। अगर एक योजना रद्द होती है, तो आपके पास अतिरिक्त योजनाएं हैं। अगर पहले से तैयारी रहेगी, तो आत्मविश्वास बना रहेगा।
काम से मुंह ना मोड़ें
‘ये मुझ से नहीं होगा या मुझ से होता ही नहीं’, ये बहाने यथास्थिति बनाए रखेंगे, जो आपको कुछ नया पाने से रोकेंगे। अगर कोई ज़िम्मेदारी मिलती है, तो उसे आज़माए बिना इंकार ना करें। अपने ज्ञान और क्षमता अनुसार काम पूरा करने की कोशिश करें।
रायपुर /शौर्यपथ/
सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल कुलदीप सिंह ने सौजन्य मुलाकात की
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहाँ उनके निवास कार्यलय में सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल कुलदीप सिंह ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, सीआरपीएफ के स्पेशल डायरेक्टर जनरल जुल्फ़िकार हसन, एडीजी नितिन अग्रवाल, आईजी साकेत, डीआईजी ए.के. सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
Akshay Kumar सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव देखे जाते हैं और वे अक्सर अपने फैन्स के लिए मजेदार पोस्ट साझा करते हैं. अक्षय के हर एक पोस्ट पर उनके चाहने वाले जमकर प्यार बरसाते हैं और ऐसा ही इस बार भी हुआ, जब एक्टर ने अपना एक लेटेस्ट वीडियो शेयर किया, जिसमें वे बकरियों और मुर्गियों को खाना खिलाते नजर आए. इस वीडियो में अक्षय इन जानवरों को घास खिलाते हुए नजर आ रहे हैं. अक्षय ने वीडियो को शेयर करते हुए इसके साथ एक कैप्शन भी लिखा है, जिसे भी लोग खूब पसंद कर रहे हैं.
अक्षय कुमार ने अपने इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. इस वीडियो में वे बकरियों और मुर्गियों से घिरे नजर आ रहे हैं. इसे शेयर करते हुए वे इसके कैप्शन में लिखते हैं, “छोटी छोटी चीजों में बड़ी बड़ी ख़ुशियाँ मिल रही हैं…और हम उस ऑलमाइटी से क्या मांग सकते हैं?! भगवान आपका हर उस दिन के लिए धन्यवाद, जिसे हम नेचर के बीच बिता पाते हैं”. इसके साथ ही Akshay Kumar ने #AttitudeOfGratitude हैशटैग का भी इस्तेमाल किया है. अक्षय के इस पोस्ट को अब तक 6 लाख से भी ज्यादा लाइक्स आ गए हैं.
एक सोशल मीडिया यूजर ने पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा है, “लव यू अक्की', तो एक अन्य यूजर ने लिखा है, “आपकी सादगी मेरा दिल जीत लेती है”. फैन्स दिल इमोजी बनाकर भी Akshay Kumar की इस पोस्ट पर प्यार बरसा रहे हैं. बात करें वर्क फ्रंट की तो अक्षय को हाल ही में सारा अली खान और धनुष के साथ फिल्म ‘अतरंगी रे' में देखा गया है.
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन के राज्य स्तरीय कार्यालय का राजधानी रायपुर में शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ में आगामी पांच वर्षों में रोजगार के 12 से 15 लाख नये अवसरों का सृजन करने के उद्देश्य से राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन का गठन किया है। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री बघेल ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री एवं छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन के कार्यकारी अध्यक्ष उमेश पटेल, मुख्य सचिव एवं छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन के उपाध्यक्ष अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ.आलोक शुक्ला, वित्त सचिव अलरमेलमंगई डी.,मुख्यमंत्री के सचिव द्वय सिद्धार्थ कोमल परदेशी, डॉ एस. भारती दासन, मुख्यमंत्री की उप सचिव सौम्या चौरसिया भी उपस्थित थी।
सूरजपुर /शौर्यपथ /
राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाडी योजना के तहत रामानुजनगर विकासखण्ड के ग्राम पंचायतों में गौठान में बाड़ी विकसित किया जा रहा है। गौठान में मल्टी एक्टिविटी सेन्टर के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं का आजीविका चल रहा है। सूरजपुर जिले के जनपद पंचायत रामानुजनगर के ग्राम पंचायत पस्ता गौठान में ज्योति महिला स्वयं सहायता समूह गौठान के बाड़ी में 50 क्विंटल से अधिक आलू का बंपर उत्पादन किया गया है। आलू बिक्री पश्चात 1 लाख से अधिक की आमदनी हुई तथा बाड़ी मे और भी आलू की खुदाई का कार्य जारी है।
गौठानों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को नियमित रूप से रोजगार मिल रहा है। इसके साथ ही गोधन न्याय योजना के तहत गोबर बेचकर धनार्जन कर रही है, वहीं ज्योति महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा 31640 किलोग्राम वर्मी खाद निर्माण किया गया जिसमें से 25640 किलोग्राम खाद का विक्रय किया जा चुका है, जिससे 256400 रूपये की आमदनी हुई है। गौठानों में साग-सब्जी की खेती भी की जा रही है, जो उनकी अतिरिक्त आय का स्रोत बन गया है। ग्राम पंचायत पस्ता गौठान की ज्योति समूह की महिलाओं ने बताया कि गौठान में मल्टी एक्टिविटी के अंतर्गत मुर्गी पालन का कार्य किया जा रहा है इसके साथ ही उनकी अन्य आजीविका कार्य भी चल रहा है।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहाँ उनके निवास कार्यालय में नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया के नेतृत्व में गुरुघासीदास साहित्य एवँ संस्कृति अकादमी के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की तथा पुष्प गुच्छ भेंट कर उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री बघेल ने मीना शास्त्री को प्रदेश की अतिरिक्त महाधिवक्ता के पद पर नियुक्त होने पर बधाई एवँ शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर गुरुघासीदास साहित्य एवँ संस्कृति अकादमी के अध्यक्ष के. पी. खाण्डे, महासचिव डॉ. जे. आर. सोनी, जे. के. शास्त्री, पार्षद सुन्दरलाल जोगी एवँ सदस्यगण उपस्थित थे।
गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में किया जा रहा विकसित
गौठानों में 148 तेलमिल और 188 दाल मिल की स्थापना की प्रक्रिया शुरू
गौपालकों को जारी की गई 4.21 करोड़ रूपए की राशि
गोधन न्याय योजना के तहत अब तक गोबर विक्रेताओं को हो चुका 122.17 करोड़ रूपए का भुगतान
रायपुर /शौर्यपथ/
गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में किया जा रहा विकसित
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार की गोधन न्याय योजना को पूरे देश में एक आदर्श योजना के रूप में स्वीकार किया है। इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के राजपथ पर गोधन न्याय योजना की झांकी देश-दुनिया के लोग देखेगें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना को छत्तीसगढ़ राज्य में मिशन के रूप में संचालित किया जा रहा है। गांवों में स्थापित गौठानों में आजीविका के साधनों को बढ़ाने के उद्देश्य से यहां रूरल इंडस्ट्रियल पार्क तेजी से विकसित किए जा रहे है। गौठानों में अब तेल मिल एवं दाल मिल स्थापित किए जाने का काम शुरू कर दिया गया है। प्रथम चरण में राज्य के 148 गौठानों में तेल मिल और 188 गौठानों में दाल मिल की स्थापना की जा रही है। इससे गौठानों में आय मूलक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री बघेल आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित गोधन न्याय योजना के रााशि अंतरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पशुपालक ग्रामीणों, गौठान समितियों और गौठाानों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों को 4 करोड़ 21 लाख रूपए की राशि का ऑनलाइन भुगतान किया, जिसमें बीते एक पखवाड़े में क्रय गोबर के एवज में 2 करोड़ 76 लाख रूपए गौठान समितियों को 87 लाख रूपए और महिला स्व-सहायता समूहों को 58 लाख रूपए की लाभांश राशि शामिल है। गोबर खरीदी की एवज में अब तक गौपालकों को 122 करोड़ 17 लाख रूपए किया गया है। गौठान समितियों को 45.31 करोड़ रूपए एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 29.46 करोड़ रूपए की लाभांश राशि भुगतान की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना के माध्यम से जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देकर राज्य में कृषि लागत को कम करने में मदद मिली है। फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है और कृषि उत्पाद के प्रोसेसिंग की व्यवस्था गौठानों में कर रहे है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी। उन्होंने गौठानों में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट एवं अन्य उत्पाद तैयार करने में जुटी महिला स्व-सहायता समूह की सराहना की और कहा कि हमारी महिला बहनों ने अब तक 10.38 लाख क्विंटल से अधिक वर्मी कम्पोस्ट तथा 4.36 लाख क्विंटल से अधिक सुपर कम्पोस्ट खाद तैयार किया है, जिससे राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा मिला है और रासायनिक उर्वरकों की कमी को भी पूरा करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि गौठानों में आय की विविधगतिविधियों को अपनाकर हमारी महिला बहनों ने अबतक 50 करोड़ 57 लाख रूपए की आय अर्जित की है। इससे महिला समूहों में स्वावलंबन के प्रति एक नया आत्मविश्वास जगा है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने गोधन न्याय योजना की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 10591 गौठान स्वीकृत किए गए है, जिसमें से 7,933 पूर्ण रूप से संचालित है। गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में अब तक 61.07 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की जा चुकी है। उन्होंने गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन, विक्रय एवं अन्य आय मूलक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, गोधन न्याय योजना के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. एस. भारतीदासन, संचालक उद्यानिकी माथेश्वरन वी., संयुक्त सचिव कृषि के.सी. पैकरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
फुल ड्रेस रिहर्सल को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने यातायात एडवायजरी जारी की है. पुलिस ने लोगों से इंडिया गेट-राजपथ पर आने से बचने की सलाह दी है. सुरक्षा कारणों से कई मेट्रो स्टेशनों को भी बंद किया गया है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
73वां गणतंत्र दिवस समारोह का आज राजपथ पर फुल ड्रेस रिहर्सल होगा. इस दौरान राजपथ पर एक तरफ देश की सैन्य ताकत दिखेगी तो दूसरी तरफ देश की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिलेगी. इसके अलावा 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में विजय प्राप्ति के 50 साल पूरे होने की झलक भी राजपथ पर दिखेगी. सेना के नए यूनिफॉर्म में पैरा कमांडो भी राजपथ पर कदम ताल करते नजर आएंगे.
पहली बार वायुसेना के 75 एयरक्राफ्ट राजपथ पर अपनी ताकत दिखाएंगे. रफाल तो होगा ही, 75 का आकार बनाते हुए 17 जगुआर एक साथ राजपथ के ऊपर से उड़ान भरेंगे. कोरोना के तीसरी लहर को देखते हुए मात्र 8 हजार लोग ही इसमें शामिल हो पाएंगे. कम विजिबिलिटी को देखते हुए परेड इस बार आधे घंटे की देरी से सुबह 10.30 शुरू होगा जो 12 बजे तक चलेगा.
भारतीय सेना ने शनिवार को एक बयान में कहा कि इस साल गणतंत्र दिवस परेड में 16 पैदल दस्ते, 17 सैन्य बैंड और विभिन्न राज्यों, विभागों और सशस्त्र बलों की 25 झांकियां हिस्सा लेंगी. बयान में कहा गया है कि गणतंत्र दिवस परेड-2022 में सेना का प्रतिनिधित्व एक घुड़सवार दल, 14 मशीनीकृत दल, छह पैदल टुकड़ियों और विमानन विंग के उन्नत हल्के हेलीकॉप्टरों के एक फ्लाईपास्ट द्वारा किया जाएगा.
फुल ड्रेस रिहर्सल को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने यातायात एडवायजरी जारी की है. पुलिस ने लोगों से इंडिया गेट-राजपथ पर आने से बचने की सलाह दी है. सुरक्षा कारणों से कई मेट्रो स्टेशनों को भी बंद किया गया है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए रविवार को कहा कि हर भारतीय को देश के लिए उनके महत्वपूर्ण योगदान पर गर्व है. पीएम मोदी ने लोगों को ‘पराक्रम दिवस' की भी शुभकामनाएं दीं. सरकार ने आजाद हिंद फौज के संस्थापक बोस की जयंती को ‘पराक्रम दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा की है.
प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जयंती पर नमन करता हूं। हर भारतीय को हमारे देश के लिए उनके महत्वपूर्ण योगदान पर गर्व है.' पीएम मोदी इंडिया गेट में बोस की होलोग्राम प्रतिमा का शाम को अनावरण करेंगे.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
