August 06, 2026
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    PANKAJ CHANDRAKAR

    PANKAJ CHANDRAKAR


    दुर्ग / शौर्यपथ /

    आज जनदर्शन में एक आवेदन विशेष और ध्यान आकर्षण करने वाला था। आवेदन थर्ड जेंडर समुदाय द्वारा प्रस्तुत किया गया था। जिसमें आवेदक द्वारा शासन और प्रशासन से प्राईवेट फाइनेंस कंपनी में भी थर्ड जेंडर को स्थान देने के लिए अपील की गई थी। आवेदक का कथन था कि सर्वोच्च न्यायालय ने 2014 को अपने फैसले में थर्ड जेंडर संवैधानिक अधिकार दिया और सरकारों को निर्देशित किया कि वह इन अधिकारों को लागू कराने की प्रक्रिया को सुनिश्चित करे। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा थर्ड जेंडर कल्याण बोर्ड का गठन किया गया। जिसके पश्चात् भी प्राइवेट फाइनेंस कंपनी उनके वेबसाइट में थर्ड जेंडर को विकल्प के रूप में स्थान नहीं देती है। इसे थर्ड जेंडर समुदाय अपने अधिकारों से वंचित होता जा रहा है। इसलिए आवेदक ने तत्काल प्राइवेट फाइनेंस कंपनी में थर्ड जेंडर को स्थान दिया जाए इसके लिए कलेक्टर से निवेदन किया। कलेक्टर ने विधि पूर्ण जो भी संभव है उसके लिए समुदाय को आश्वासन दिया।
    नवागांव (बी) के ग्रामवासी खरीफ फसल की बीमा राशि के प्रकरण का आवेदन लेकर कलेक्टर के समक्ष् प्रस्तुत हुए थे। आवेदन में ग्रामवासियों ने बताया है कि 2021 की खरीफ फसल के लिए किसानों द्वारा सहकारी समिति सुरपा में धान की फसल का बीमा कराया गया था। उन्होंने बताया कि समिति के अंतर्गत बीमा कराए हुए, उनके आस-पास गांव के कृषकों को तो बीमा की राशि का भुगतान हो चुका है। नवागांव (बी) के कृषक इससे वंचित हैं। कृषकों ने बताया कि सहकारी समिति से बीमा की राशि रोके जाने के संबंध में जानकारी मांगने पर उनके तरफ से स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। खरीफ और रबी में हुई असमय वर्षा के कारण फसल क्षति से कृषक वर्तमान में आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। कृषकों ने कलेक्टर से वस्तुस्थिति को ध्यान में रखकर उनकी फसल बीमा का भुगतान तत्काल कराया जाए। कलेक्टर ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी बीमा की राशि के रोके जाने का कारण स्पष्ट करने के लिए और निराकरण के लिए निर्देशित किया।इसके अलावा ग्राम पंचायत खपरी के आश्रित गांव सिलोदा में संचालित नलजल योजना का प्रकरण भी कलेक्टर के पास आया। आवेदक ने बताया कि नलजल योजना के तहत् विगत कई वर्षों पूर्व पाइप लाइन का विस्तार गांव में किया जा चुका है परंतु पाइप लाइन खराब होने के कारण ग्रामवासी नलजल योजना से वंचित है। ग्रीष्मकाल को देखते हुए पानी की समस्या का निराकरण करने के लिए आवेदक ने कलेक्टर से अपील की। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को शीघ्र निराकरण के लिए निर्देशित किया। आज जनदर्शन में कुल 53 आवेदन कलेक्टर के समक्ष् प्रस्तुत हुए।

    मुंगेली /शौर्यपथ /

    कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने आज जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। बैठक में उन्होंने समय सीमा के लंबित प्रकरणों के संबंध में अधिकारियों से वन-टू-वन जानकारी प्राप्त की और लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये। बैठक में उन्होंने नागरिक केन्द्रित सेवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में नागरिक केन्द्रित सेवाओं की उपलब्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिक केन्द्रित सेवाओं की उपलब्धता के लिए त्वरित रूप से पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन मुख्यमंत्री कार्यालय, कलेक्टर जनदर्शन, पीजीएन, पीजी पोर्टल, आयुक्त कार्यालय से प्राप्त आवेदन पत्रों के संबंध में जानकारी प्राप्त की और लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकृत करने के भी निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदन पत्रों की भी जानकारी प्राप्त की और लोक सेवा गांरटी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदन पत्रों को यथाशीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने राशन, पेंशन, विद्युत, मनरेगा मजदूरी भुगतान, कार्यालय में हल्का पटवारी एवं ग्राम पंचायत सचिव की उपस्थिति आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की और इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

    बैठक में जिले के पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह ने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग के समन्वय से लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों से पुलिस प्रशासन में उनके लंबित प्रकरणों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की और आवश्यक मार्गदर्शन दिए। इस अवसर पर इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी  तीर्थराज अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  डी. एस. राजपूत, संयुक्त कलेक्टर नम्रता आनंद डोंगरे, उप जिला निर्वाचन अधिकारी  नवीन भगत सहित सभी अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और सभी विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

    दन्तेवाड़ा/शौर्यपथ /

    कलेक्टर दीपक सोनी की अध्यक्षता में सोमवार को संयुक्त जिला कार्यालय के डंकिनी सभाकक्ष में जिले में अल्पसंख्यकों के समुदाय के हित में संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में उपस्थित अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है। जिसमें स्कूलों में शिक्षको की भर्ती व बच्चों के लिए आरक्षित सीट, समग्र शिक्षा अंतर्गत जिले में चल रहे कस्तूरबा गांधी, पोटाकेबिन में अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित सीट, राष्ट्रीय बीज निगम योजना अंतर्गत परिवहन, उद्योग, कृषि, व्यपार, सेवा के लिए ऋण, जिला उद्योग अंतर्गत प्रधान मंत्री सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना अंतर्गत सब्सिडी का प्रावधान, कृषि विभाग द्वारा नल कूप योजना, कृषि यांत्रिकीकरण योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, शाकम्भरी योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सहायक योजना इत्यादि के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। आये हुए सदस्यों ने अपनी मांगों व समस्याओं के बारे में बताया। श्री सोनी ने समस्याओं का निराकरण करने हेतु आश्वस्त किया और कहा कि जिले के अल्पसंख्यंक समुदाय को पात्रता अनुसार शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिले। इस संबंध में व्यापक रूप से जागरूक कर इनका लाभ उठाकर आर्थिक तरक्की के रास्ते में तेजी लाया जा सकता है। बैठक में सहायक आयुक्त  आनंद जी सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी सिंह शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी  राजेश कर्मा, सबंधित अधिकारीगण एवं अल्पसंख्यक के सदस्यगण उपस्थित थे।

     दंतेवाड़ा /शौर्यपथ /

    का स्वास्थ्य विभाग एक पहेली बनकर रहा गया है जिसकी पहेली कभी नहीं सुलझ सकती,इस विभाग को यहां के अधिकारियों ने व्यापार एवम घोटाला का स्थान बना रखा है। यहां सालो तक कभी सिविल तो कभी इलेक्ट्रिकल तो कभी भर्तियों को लेकर यहां के कार्य हमेशा सुर्खियों में रहते है।

    आपको बता दे हाल ही में छत्तीसगढ़ के स्वस्थ्य मंत्री टी. एस. बाबा का दौरा रहा और अधिकारी इस दौरे में नदारद रहे।

    इस अस्पताल मे हो रहे इलेक्ट्रिकल कार्य, केवल हो रहे है परन्तु नियम और सुरक्षा गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
    आपको बता दे की अस्पताल कि छतो मे हाई टेंशन सप्लाई के केवल फायार पैयपो मे नाग की तरह लिपटे हुए है जिसमे कई जगहों से केवल खुले हुए है,तो कहीं छत्तो पर जाने वाले मार्गो पर सीढिय़ों में ही सप्लाई केवल बिछे है।

    ये सभी केवल कभी भी कभी या किसी भी वक्त मौत का तांडव पूरे अस्पताल को दिखा सकते है इस पर विघूत विभाग के अधिकारी केवल काम करवाकर अपने कमीशन का खेल,खेल रहे है और नियमों कि धज्जियां उड़ा रहे है ।

    इस अस्पताल में नियमों की तो कोई बात ही नहीं कर सकता,क्योंकि ये खेल कमीशन का है ।

    अधिकारी चुप है और लोग मौत के खेल में व्यस्त है ।यहां तक कि अस्पताल के अधिकारी और कर्मचारी भी मौन होकर सब खेल देख रहे है।
    आपको बता दे यहां अस्पतालों के एडमिट बेड के उपर ही केवल अनियमित ढंग से लगे है, जहा भर्ती किए हुए पेशेंट बेड पर है और उनके बच्चे वहा खेल रहा है। इस पूरे विंग में कहीं भी इलेक्ट्रिकल समन यंत्र नहीं लगा है।

    यदि यहां आकस्मित कोई घटना हो जाए तो सुरक्षा शून्य है और बेड पर लेटे हुआ व्यक्ति को बचाव असंभव है।
    इससे पहले भी कई बार, इस तरह के घटिया कार्यों के कारण सरकारी भवनों में आगजनी हो चुकी है।
    फिर भी अधिकारी चुप है, अब शायद ये इलेक्ट्रिकल विभाग के अधिकारी हजारों कि जिंदगियों के जान का खेल देखने के लिए बैठे है जहा लोग जीवन जीने कि आश में एडमिट होते है वहीं इलेक्ट्रिकल कार्यों कि अनियमितता और नियमों एवम सुरक्षा संसाधनों कि धज्जियां उड़ाते देख जहा प्रशासन और इलेक्ट्रिकल विभाग के अधिकारी मौन धारण करके बैठे है वे शायद कोई घटना का ही इंतजार कर रहे है या फिर वे अपने कमीशन से असंतुष्ट होकर अंधे होने कि एक्टिंग कर रहे है।
    इसका जवाब जानता को कौन देगा कि उनके जान का यह खेल देखकर भी अधिकारी क्यो मौन है।

    राजनंदगांव /शौर्यपथ /

    प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत किये बिना विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार नहीं किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, प्रमुख महामंत्री सतीश ब्यौहरे, राजनांदगांव जिला अध्यक्ष शरद शुक्ल एवं जिला महामंत्री पी आर झाड़े का कहना है कि स्कूल शिक्षा विभाग अपने सेटअप 2008 में व्याप्त गलतियों को पुन: 2022 में दोहराने जा रहा है। कक्षावार पीरियड में विषय शिक्षकों के द्वारा पढ़ाई नहीं होने से विद्यार्थियों के ज्ञान अर्जन में गिरावट आयी है। जब तक विद्यार्थियों को कक्षा अनुसार पढ़ाने वाला विषय शिक्षक नहीं मिलेगा, तब तक गुणवत्तायुक्त शिक्षा का अभाव विशेषकर प्राथमिक कक्षाओं के साथ माध्यमिक, उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक में रहेगा। Óदर्ज संख्या के आधार पर पद स्वीकृति के स्थान पर कक्षा की संख्या एवं पढ़ाये जाने वाले विषयों के अनुसार शिक्षक संवर्ग का पद स्वीकृत करना प्रभावकारी होगा। उन्होंने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में 80 विद्यार्थी संख्या पर सेटअप में 1 प्रधानपाठक और 2 सहायक शिक्षक पद के स्वीकृति का उल्लेख है। जबकि कक्षा पहली से पाँचवी तक कुल 5 कक्षाओं में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित एवं पर्यावरण सहित 4 विषयों को पढ़ाना है। गतिविधियों के लिये एक पीरियड भी है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से प्रश्न किया है कि 5 कक्षाओं में 1 प्रधानपाठक सहित 2 सहायक शिक्षक कैसे पढ़ायेंगे ? इसका समाधान होना चाहिये। उन्होंने बताया कि दर्ज संख्या में क्रमश: 30 विद्यार्थियों की वृद्धि पर 1 अतिरिक्त सहायक शिक्षक का पद सेटअप में स्वीकृत होने का उल्लेख अव्यवहारिक
    उन्होंने बताया कि पूर्व मध्यमिक विद्यालय (6 वीं से 8 वीं तक) के सेटअप में 1 प्रधानपाठक और 4 शिक्षक के पद स्वीकृत करने का उल्लेख है। रोज 3 कक्षाओं में 6 विषयों अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, गणित और विज्ञान को कैसे पढ़ायेंगे, यह सेटअप बनाने वाले अधिकारियों को बताना चाहिये। विद्यालय दर्ज संख्या 30 से कम होने पर प्रधानपाठक पद स्वीक़ृत नहीं होने का उल्लेख आश्चर्यजनक है। अर्थात् संस्था प्रमुख बिना संस्था ! विद्यालय दर्ज संख्या में 30 विद्यार्थियों की वृध्दि पर 1 शिक्षक पद और स्वीकृत होने का उल्लेख सेटअप में है।
    उन्होंने बताया कि हाईस्कूल (9 वीं एवं 10 वीं) में 220 दर्ज संख्या पर सेटअप में 1 प्राचार्य और 5 व्याख्याता के पद स्वीकृत होंगे। कक्षा 9 एवं 10 में हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान पढ़ाया जाता है। संस्कृत विषय का पद 220 दर्ज संख्या से अधिक होने पर स्वीक़ृत होने का उल्लेख सेटअप में है। लेकिन 220 अथवा कम की दर्ज संख्या वाले स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को संस्कृत कौन पढ़ायेगा इसका जवाब शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लिया जाना चाहिये। हाई स्कूल में पी टी आई का पद स्वीकृत नहीं किया गया है। सरकार खेल को बढ़ावा देने योजना बना रही है, लेकिन शिक्षा विभाग के हाई स्कूल के सेटअप में इसे नजरअंदाज किया गया है।
    उन्होंने जानकारी दिया कि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 9 वी से 12 वीं तक) के सेटअप में 1 प्राचार्य सहित 9 व्याख्याता के पद स्वीकृत करने का उल्लेख है। गौरतलब है कि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में गणित संकाय, विज्ञान संकाय, कला संकाय एवं वाणिज्य संकाय अंतर्गत पढ़ाई होता है। सेटअप में हिंदी, अंग्रेजी, भौतिक, रसायन, बायोलॉजी प्रत्येक विषय के लिए व्याख्याता पद स्वीकृत है। लेकिन राजनीति विज्ञान अथवा इतिहास में 1, अर्थशास्त्र अथवा भूगोल में 1 तथा कॉमर्स में 1 व्याख्याता पद की स्वीकृति 200 दर्ज संख्या पर करने का उल्लेख है। Óकिसी विषय मेंÓ दर्ज संख्या 201 से 400 होने पर अतिरिक्त 1 विषय व्याख्याता, 401 से 600 पर 2 व्याख्याता तथा 601 से 800 तक होने पर उस विषय का 3 अतिरिक्त व्याख्याता पद स्वीकृति का उल्लेख है। कॉमर्स विषय के अंतर्गत एकाउंटेंसी, बिजऩेस स्टडी एवं अर्थशास्त्र आता है। कक्षा 11 वीं एवं 12 वीं में 1 व्याख्याता द्वारा प्रतिदिन 6 क्लास लेना कठिन कार्य है। गौरतलब है कि 2008 के सेटअप में कामर्स में 2 व्याख्याता पद स्वीकृत हुआ था। 2022 के सेटअप में 1 पद स्वीकृत होने से अतिशेष की स्थिति निर्मित होने की संभावना है। विषय में 30 अतिरिक्त दर्ज संख्या पर 1 अतिरिक्त व्याख्याता का पद स्वीक़ृति का उल्लेख है। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में संस्कृत विषय दर्ज संख्या अनुसार व्याख्याता का पद, 1 पी टी आई एवं 3 विज्ञान सहायक शिक्षक का पद स्वीक़ृत किया गया है।
    उन्होंने बताया कि सामान्यत: प्राथमिक विद्यालय में पर्याप्त विषय शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण एक कक्षा को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक को अधिकांश विषय दिया जाता है। जोकि विद्यार्थियों की विषय में बुनियादी ज्ञान को विकसित करने में बाधक होता है। विद्यार्थियों का आधार (बेस) कमजोर रहने से उच्च कक्षाओं में वो पढ़ाई से दूर होने लगता है। सेटअप में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पर सर्वाधिक फोकस करना था जोकि नहीं हुआ है। सेटअप में पूर्व माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की विषयवार पढ़ाई के लिए विषय शिक्षकों की पदस्थापना को ध्यान नहीं रख गया है। वहीं सेटअप 2008 में स्वीकृत रहे पदों को विलोपित कर शिक्षकों को प्रताडि़त कर शोषण करने का आधार तैयार किया जा रहा है।

     रायपुर / शौर्यपथ /

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज भेंट-मुलाकात अभियान के छठवें दिन सूरजपुर में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राजस्व अमले को निचले स्तर पर काम करने की जरूरत है, राजस्व रिकार्ड की दुरुस्ती और नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन उचित ढंग से समय सीमा पर पूर्ण हों। वन अधिकार का पट्टा वितरण में यह ध्यान रखें कि हितग्राहियों को वास्तविक कब्जा पर पट्टा मिले। यह भी सावधानी रखें कि वास्तविक हितग्राही को ही Óवन अधिकार पट्टा वितरित किया जाए। इस अवसर पर विधायक एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  खेलसाय सिंह, संसदीय सचिव श्री पारसनाथ राजवाड़े और मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान 6 दिनों में सरगुजा संभाग के 5 विधानसभा क्षेत्रों सामरी, रामानुजगंज, प्रतापपुर, भटगांव और प्रेमनगर में 20 स्थानों का दौरा किया।
    मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि नरवा योजना का लाभ मैदानी स्तर पर दिख रहा है। नरवा प्रोजेक्ट में तेजी से कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में काम सुधारने की जरूरत है। गांवों के भ्रमण के दौरान राजीव गांधी किसान न्याय योजना की एक भी शिकायत नहीं मिली। इसी तरह गोधन न्याय योजना में खरीदी से लेकर राशि वितरण तक की प्रक्रिया में सब ठीक है। गौठान में स्व सहायता समूह अच्छा काम कर रहे हैं। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल की सभी जगह तारीफ हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग में बहुत कार्य करने की जरूरत है। सुमेरपुर में टीचर नहीं जाते, बिहारपुर में एवजीदार पढ़ा रहे हैं। इसमें सुधार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अधिकांश अधिकारी अच्छा काम रहे हैं। जहां गड़बड़ी हो रही है, वहां सुधारने की जरूरत है।

    दुर्ग / शौर्यपथ /

    मैंने एडीएम नूपुर राशि पन्ना को शिक्षा, स्वास्थ्य , चिटफंड जैसे संवेदनशील शाखाएं दीं, उनकी काबिलियत पर और क्षमता पर पूरा भरोसा था इसलिए मैंने इन शाखाओं में केवल दस फीसदी मानिटरिंग की। वे मेरे भरोसे पर पूरी तरह खरी उतरीं। यह बात कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने एडीएम  नूपुर राशि पन्ना के विदाई समारोह में कहीं। विदाई समारोह का आयोजन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में किया गया। अपने संबोधन में कलेक्टर ने कहा कि अच्छे अधिकारी अपने काम से अपनी खास जगह बनाते हैं और अपनी पहचान छोड़ देते हैं। ऐसे में जब उनका स्थानांतरण होता है तब पहली दुविधा यह उपस्थित होती है कि उनके काम को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी किस प्रकार दूसरे अधिकारी को सौंपी जाए। इस मामले में एडीएम श्रीमती नूपुर राशि का कार्यकाल शानदार रहा है। उन्होंने अपने संक्षिप्त कार्यकाल में भी उन्हें सौंपे गये दायित्वों को पूरे मनोयोग से किया।

    अपने संबोधन में एडीएम पन्ना ने कहा कि दुर्ग में काम करने का अनुभव शानदार रहा है। यहां काफी कुछ सीखने को मिला। इंग्लिश मीडियम स्कूलों को अपग्रेड करने का जो दायित्व कलेक्टर सर ने सौंपा, उसे पूरा करने की कोशिश की। एनडीए की कोचिंग कलेक्टर सर के मार्गदर्शन में आरंभ हुई और इसका अच्छा परिणाम रहा और एक स्टूडेंट ने अपने सपनों को पूरा किया।  पन्ना ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हम ऐसी सेवा में हैं जिसके माध्यम से हम लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की दिशा में सार्थक कार्य कर सकते हैं। हो सकता है कि हमें अपने कार्यकाल में बड़ी सफलताएं न मिल पाएं लेकिन हमारे द्वारा किये गये छोटे-छोटे कार्यों से भी लोगों के जीवन में खुशहाली आ सकती है तो यह हमारे लिए बहुत बड़ी बात है।
    अपने संबोधन में अपर कलेक्टर  पद्मिनी भोई ने कहा कि आठ महीनों के कार्यकाल में  पन्ना ने अपने सभी दायित्वों को बहुत अच्छे से निभाया। तेजी से निर्णय लिये और जिससे प्रशासनिक तंत्र कारगर तरीके से काम करता रहा। श्रीमती भोई ने कहा कि अच्छा प्रशासक समन्वय के साथ तेजी से काम कराता है और यह श्रीमती पन्ना की खूबी है। इस मौके पर अपने संबोधन में भिलाई निगम आयुक्त  प्रकाश सर्वे ने कहा कि रिसाली चुनाव में उन्होंने बहुत बेहतर तरीके से कार्य किया। अपने संबोधन में संयुक्त कलेक्टर  प्रियंका वर्मा ने कहा कि सर्जिकल वार्ड का कार्य जिस तेजी से मैडम ने कराया, वो प्रशंसनीय है। अपने संबोधन में दुर्ग आयुक्त  हरेश मंडावी ने कहा कि मैडम ने अपनी प्रशासनिक दक्षता से सारे काम प्रभावी रूप से किये, उनसे सीखने को काफी कुछ मिला।

    अपने संबोधन में पीडब्ल्यूडी ईई  अशोक श्रीवास ने कहा कि एडीएम पन्ना ने उन्हें सौंपे सभी कार्य बहुत सरलता से किये और उनके साथ काम करने वाले लोग भी काफी सहज रहे। ये अच्छे प्रशासक का गुण है। कार्यक्रम का संचालन डिप्टी कलेक्टर  जागेश्वर कौशल ने किया। आभार प्रदर्शन एसडीएम  मुकेश रावटे ने किया। इस मौके पर सभी जिला स्तरीय अधिकारी भी मौजूद थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ /

    दुर्ग क्षेत्र के विभिन्न वार्डो में व्याप्त समस्या के निराकरण के लिए आज से जन समस्या समाधान शिविरों के आयोजन की शुरूवात हुयी । प्रारंभिक शिविर पंचशील नगर वार्ड क्रमांक - 01 स्थित चन्द्रशेखर आजाद स्कूल में लगाया गया । शिविर में दुर्ग निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक - 01, 02 एवं 56 के नागरिको की समस्या का त्वरित निराकरण किया गया । शिविर में सर्वाधिक प्रकरण आबादी, पट्टा, नवीनीकरण के निराकरण के लिए प्राप्त हुये है।गौरतलब है कि निगम क्षेत्र के सभी 60 वार्डो में व्याप्त मूलभूत सुविधाओ के साथ अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए निगम आयुक्त हरेश मंडावी के मार्ग दर्शन में 09 मई से 08 जुन तक एक माह के लिए जन समस्या समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। आज सोमवार को शिविर अभियान का शुभारंभ शहर विधायक अरूण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल की उपस्थिति में किया गया ।

    इस अवसर पर विधायक अरूण वोरा ने कहा कि दुर्ग निगम प्रशासन कि पहली प्राथमिकता नागरिको को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने की है। इस दिशा में महापौर धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में विशेष प्रयास भी किये जा रहे है । नागरिको को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नही करना पडे इसलिए इस शिविर का आयोजन किया गया है।जिससे निश्चित रूप से शहर के नागरिक लाभान्वित होंगे । महापौर धीरज बाकलीवाल ने बताया कि शिविरो का आयोजन वार्डो में विभिन्न तिथियों के अनुसार किया जा रहा है।उन्होने अपील की है, कि संबंधित वार्ड पार्षद एवं नागरिक निर्धारित तिथि पर शिविर में उपस्थित होकर अपनी समस्याओ का निराकरण करवाये।

    इस मौके पर एम0आई0सी0 सदस्य हमीद खोखर तथा वार्ड पार्षद मनीष साहू, कुमारी भारती राकेश साहू, चमेली साहू एवं अन्य जन प्रतिनिधिगण विशेष रूप से उपस्थित रहे।सोमवार को आयोजित शिविर में कुल 147 आवेदन प्राप्त हुए । जिनमें 126 आवेदन मांग तथा 21 आवेदन विभिन्न समस्याओं के थे जिनमें से सभी 21 समस्या संबंधित आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया । जिनमें वार्ड पार्षद मनीष साहू की शिकायत पर बोरिंग की मरम्मत

    शिविर मे मिले हैंड पंप मरम्मत शिकायत को मात्र 1.30 घंटे मे ही सुधारा गया निगम कर्मचारी के द्वारा। वही मांग संबंधित 126 आवेदनो के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियो को त्वरित निराकरण करने हेतु निर्देशित किया गया । शिविर में सर्वाधिक 86 आवेदन आबादी, पट्टा से संबंधित प्राप्त हुये है । शिविर के दौरान विधायक, महापौर एवं आयुक्त ने वार्डो का भ्रमण भी किया एवं नागरिको की समस्याएं सुनी एवं उनके त्वरित निराकरण हेतु अधिकारियों को मौके पर निर्देशित किया गया।कल दिनांक 10 मई दिन मंगलवार को वार्ड क्रमांक 03,04 एवं 05 में जनसमस्या समाधान शिविर गया बाई स्कूल गया नगर दुर्ग में आयोजित किया गया है जिसमे सम्बंधित वार्ड पार्षद एवं नागरिको से अपील की जाती है कि वह अपने वार्डो की समस्या का निराकरण करवाने हेतु शिविर में पहुँचने का कष्ट करेगे।

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सूरजपुर में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ले रहे हैं।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिला स्तरीय बैठक में अधिकारियों से कहा कि राजस्व अमले को निचले स्तर पर काम करने की जरूरत है, राजस्व रिकार्ड की दुरुस्ती और नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन उचित ढंग से समय सीमा पर पूर्ण हों।

    वन अधिकार पट्टा के वितरण में सावधानी बरतें, वास्तविक हितग्राही को मिले।

    पेयजल संकट पर नरवा योजना का लाभ दिख रहा है। नरवा प्रोजेक्ट में तेजी से कार्य करने की जरूरत है।

    पंचायतों में काम सुधारने की जरूरत है।

    सुमेरपुर में टीचर नहीं जाते, बिहारपुर में एवजीदार पढ़ा रहे हैं। शिक्षा विभाग में बहुत कार्य करने की जरूरत है।

    अधिकांश अधिकारी अच्छा काम रहे हैं। जहां गड़बड़ी हो रही है, वहां सुधारने की जरूरत है।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जो होना चाहिए वही हो, जो नहीं होना चाहिए वो बिल्कुल न हो।

    राजीव गान्धी किसान न्याय योजना की एक भी शिकायत नहीं मिली।

    गोधन न्याय योजना में खरीदी से लेकर राशि वितरण तक की प्रक्रिया में सब ठीक।

    गौठान में स्व सहायता समूह अच्छा काम कर रहे हैं।

    शिक्षा में आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल की सभी जगह तारीफ हो रही है।

     

    रायपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री बघेल ने भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान घोषणा की

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान सूरजपुर में प्रेसवार्ता में पत्रकारों से रूबरू हुए और उन्हें शासकीय योजनाओं और उसके जिले में क्रियान्वयन की स्थिति से अवगत कराया। इस अवसर पर बघेल ने सूरजपुर में पत्रकार भवन के लिए 25 लाख रूपए देने की घोषणा की और पत्रकार भवन के लिए कलेक्टर को भूमि चिन्हांकित करने के निर्देश दिए।
    बघेल ने योजनाओं की धरातल पर स्थिति पर बात करते हुए कहा कि योजनाएं अच्छी चल रही हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, गोधन न्याय योजना और स्वामी आत्मानन्द स्कूल योजना अच्छे से संचालित हो रहे हैं। राजस्व से संबंधित शिकायतें मिली हैं, उनका निराकरण शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन में कसावट लाने के लिए ऑनलाइन कॉल सेंटर खोल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम किया जा रहा है। गौ मूत्र के संग्रहण, उसके भंडारण प्रोसेसिंग, खरीदी रेट, बने उत्पादों के लिए मार्केट और इन सब के लिये आंकलन करने कमेटी बनाई है। गो मूत्र खरीदी की योजना पर प्रोजेक्ट रिपोर्ट बन रही है। गोबर और गौ मूत्र के उपयोग से गौ धन का महत्व बढे़गा।

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