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राजनांदगांव / शौर्यपथ /
गुरुवार की रात अचानक ग्राम साल्हे में घर में आग लग गई जो बढ़ते बढ़ते आस पास के घरों को भी निगल गई। इस आगजनी में लगभग 16 परिवार प्रभावित हुए। घटना की जानकारी मिलते ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष पदम सिंह कोठारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे कर प्रभावितों से मिले आगजनी के स्थान का मुआयना किया एवं अधिकारियों को तत्काल मुआवजा प्रकरण बनाने एवं तात्कालिक राहत पहुंचाने हेतु निर्देशित किये। खुज्जी विधायक श्रीमती छन्नी साहू ने सभी प्रभावितो के नुकसान को देखते हुए उनके लिए तत्काल अपनी तरफ से राशन, कपड़ा एवं दैनिक उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध करवाई। साथी अधिकारियों को तत्काल मुआवजा एवं हर संभव मदद करने निर्देशित किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष पदम सिंह कोठारी के साथ में पूर्व विधायक खुज्जी भोलाराम साहू, जिला पंचायत सदस्य कांति भंडारी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष छुरिया रितेश जैन, जिला कांग्रेस प्रवक्ता राहुल तिवारी, संयुक्त महामंत्री जिला कांग्रेस विपिन यादव एवं विजय शर्मा, महामंत्री संजीव गुप्ता, जनपद सदस्य देव पन्द्रों, विधायक प्रतिनिधि मिथलेश ठाकुर, देवारु मालेकर, प्रताप धावडे मीडिया प्रभारी ललित साहू, प्रकाश ठाकुर सहित कांग्रेस कार्यकर्ता एवं ग्रामवासी प्रभावितों के मदद में लगे रहे।
दंतेवाड़ा /शौर्यपथ/
दंतेवाड़ा में आज महिला एवं बाल विकास विभाग एवं समाज कल्याण विभाग मंत्री अनिला भेडिय़ा को जिला मुख्यालय पहुंचने पर सर्किट हाउस स्थल पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर राज्य बाल संरक्षण आयोग सदस्य श्रीमती पूजा खनूजा, संचालक महिला बाल विकास दिव्या मिश्रा, संयुक्त संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक, जिला पंचायत सीईओ आकाश छिकारा, अपर कलेक्टर संजय कन्नौजे, एसडीएम अबिनाश मिश्रा, बस्तर संभाग के सभी जिलों से जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, सभी परियोजना अधिकारी मौजूद रहे।
महिला एवं बाल विकास विभाग एवं समाज कल्याण विभाग मंत्री श्रीमती अनिला भेडिय़ा ने शुक्रवार को प्रवास के दौरान दंतेश्वरी माई के दर्शन पूजन कर प्रदेशवासियों की सुख शांति और खुशहाली व समृद्धि की मंगलकामना की। इस अवसर पर राज्य बाल संरक्षण आयोग सदस्य पूजा खनूजा, संचालक महिला बाल विकास दिव्या मिश्रा, संयुक्त संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक, कलेक्टर दीपक सोनी, अपर कलेक्टर संजय कन्नौजे, अन्य अधिकारीगण एवं नागरिक गण मौजूद रहे।
महारानी अस्पताल में बढ़ाई जाएगी आपातकालीन बिस्तरों की संख्या
जगदलपुर / शौर्यपथ /
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तथा बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री श्री कवासी लखमा की अध्यक्षता में आज जीवनदीप समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में आयोजित इस बैठक में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा प्राधिकरण के अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, महापौर सफीरा साहू, नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, कलेक्टर रजत बंसल, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मीणा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित व्यास सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।
इस बैठक में जिले की आवश्यकता को देखते हुए आपातकालीन वार्ड में बिस्तरों की संख्या बढ़़ाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही अस्पातल में लिफ्ट लगाने, वेंटीलेटर युक्त एंबुलेंस की सेवा प्रारंभ करने, डायलिसिस विशेषज्ञ सहित अन्य कर्मचारियों की भर्ती के संबंध में चर्चा की गई। प्रभारी मंत्री श्री लखमा ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए कर्मचारियों की भर्ती में तेजी लाने के साथ ही बेहतर से बेहतर प्रबंध के निर्देश दिए।
रायपुर / शौर्यपथ /
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय एवं कौशल पुनरुत्थान डिजिटल विश्वविद्यालय और के बीच में अकादमिक समझौता हुआ है। इस अकादमिक समझौता में डिजिटल विश्वविद्यालय के कुलसचिव कौशल किशोर अग्रवाल और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. आनंद शंकर बहादुर ने हस्ताक्षर किए। इस अकादमिक समझौते से दोनों विश्वविद्यालयों के युवाओं में आत्मनिर्भर बनने में सहयोग मिलेगा। इस समझौते में यह निर्धारित किया गया है कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय डिजिटल विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किए जाने वाले पाठ्यक्रमों व विभिन्न कार्यक्रमों के संबंध में छात्रों व प्रतिभागियों के बीच सूचना प्रसारित करेगा। पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद दोनों विश्वविद्यालयों द्वारा संयुक्त रूप से प्रमाण पत्र जारी दिया जाएगा। इस समझौते में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय परिसर में ऑनलाइन भागीदारी के साथ सार्वजनिक वार्ता, प्रस्तुतियों, व्याख्यान, प्रशिक्षण सत्र, शोध कार्य और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस समझौते के अनुसार विश्वविद्यालय अपने विभागों और संबद्ध कॉलेजों एवं संस्थानों के लाभार्थी छात्रों, विद्वानों के साथ सीधे तौर पर जुड़ेंगे। इस समझौते के अवसर पर डिजीटल विश्वविद्यालय और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय के कुलपतियों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि निश्चित ही इस शैक्षणिक समझौते से अकादमिक और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। इस दृष्टि से डिजिटल विश्वविद्यालय और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के बीच हुआ यह अकादमिक समझौता देश के युवाओं की स्किल को बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। यह अकादमिक समझौता नवाचार के साथ युवाओं एवं विद्यार्थियों में कौशल विकसित करने के लिए संकल्पित है।
क्या है कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय:-
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ का पहला व देश का दूसरा पत्रकारिता विश्वविद्यालय है। इस विश्वविद्यालय की नींव सन् 2005 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने रखी थी। यहां पत्रकारिता से संबंधित पाठ्यक्रम एमजे, एमएससी इलेक्ट्रानिक मीडिया, एमए एपीआर एवं एमए, एमसी सहित डिप्लोमा कोर्स संचालित है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव भाई शर्मा हैं। यह 'मीडिया गुरुकुल' संबंधित विषयों में विद्यार्थियों की प्रवीणता तथा उनके मानसिक, शारीरिक व सामाजिक उन्नयन के लिए समर्पित है। इस विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी पत्रकारिता व मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में आज की आवश्यकताओं के अनुरूप अच्छे अध्येता निर्माण करना तो है ही, साथ ही युवाओं में संस्कार आधारित शिक्षा के माध्यम से मानवीय संवेदना व सामाजिक सरोकारों को भी स्थापित करना है।
क्या है- कौशल पुनरुत्थान डिजिटल विश्वविद्यालय एक आभासी मेटा विश्वविद्यालय है जो गैर सरकारी संगठन- व्यवहारिक विकास एवं शोध संस्था की एक इकाई है।
यह वर्ष 2002-03 में संस्था पंजीकरण अधिनियम 1860 के अंतर्गत पंजीकृत है। कौशल पुनरुत्थान डिजिटल विश्वविद्यालय ऑनलाइन माध्यम से संचालित एक आभासी मेटा विश्वविद्यालय है, जो युवाओं में व्यावसायिक कौशल विकसित करने, व्यावसायिक उद्यमी नागरिकों में व्याप्त कौशल को अद्यतन करने तथा भारतीय ज्ञान पद्धति, जीवन मूल्य और कौशल विकास को केंद्रीभूत करने के लिए संकल्पित है। कौशल पुनरुत्थान डिजिटल विश्वविद्यालय शैक्षिक तकनीक को आत्मसात करके मानव जीवन व्यवहार के सभी प्रमुख आयामों पर केंद्रित व्यावहारिक- व्यावसायिक शिक्षण प्रशिक्षण को प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भिलाई / शौर्यपथ /
भिलाईनगर विधायक देवेंद्र यादव ने शहर के युवाओं से लेकर आम जनता के लिए एक और सराहनीय पहल किए हैं। विधायक देवेंद्र यादव ने शहर वासियों के लिए एक ऐसा च्वाईस सेंटर खोला है, जहां ऑन लाइन आवेदन करने के लिए कोई फीस देना नहीं पड़ता है। सभी प्रकार के आवेदन फ्री में भरे जा रहे हैं। पूरे प्रदेश में भिलाईनगर विधायक देवेंद्र यादव ही ऐसे पहले विधायक हैं, जिन्होंने यह जनहितैषी पहल की है,जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हैं।
विधायक देवेंद्र यादव ने बताया कि आने वाले दिनों में कई इंट्रेस एग्जाम होने वाले हैं। हमारे शहर के विद्यार्थियों को इन विभिन्न परीक्षाओं में भाग लेने के लिए प्राइवेट इंटरनेट कैफे में जाकर ऑन लाइन आवेदन करना पड़ता है। जहां उन्हें 200 से अधिक रुपए खर्च करने पड़े है। कई विद्यार्थी ऐस भी होते हैं, जो आर्थिक तंगी के चलते यह फार्म नहीं भर पाते हैं। इसलिए उन्होंने विचार किया कि भिलाई का कोई भी युवक-युवती छात्र-छात्राएं आर्थिक तंगी के कारण किसी भी परीक्षा से वंचित ना हो। सभी को परीक्षा देने और खुद को साबित करने का मौका मिले। इसलिए उन्होंने खुर्सीपार विधायक कार्यालय में च्वाईस सेंटर खोला है। जहां विद्यार्थी अपने सभी प्रकार के परीक्षाओं से संबंधित आवेदन ऑन लाइन फ्री में भर सकते हैं। यहां उन्हे किसी भी प्रकार की फी देनी नहीं पड़ेगी। ऐसी भी अब परीक्षाओं का दौर शुरू होने वाला है। विद्यार्थी जोरशोर से अपनी तैयारी में जुट गए है। पीईटी से लेकर नीट एग्जाम आदि के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे में विधायक च्वाइस सेंटर में जाकर विद्यार्थी अपना आवेदन भर सकते हैं।
आम जनता भी फ्री में कर सकती है ऑन लाइन आवेदन
विधायक कार्यालय में बने च्वाइस सेंटर में आम नागरिक जो अपना राशनकार्ड, श्रम कार्ड व अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं। वे सभी भी इस च्वाईस सेंटर में जाकर फ्री में अपना आवेदन भर सकते हैं। विधायक देवेंद्र यादव ने क्षेत्र की जनता की सुविधा के लिए च्वाईस सेंटर की शुरूआत की है। इससे क्षेत्र की जनता में काफी हर्ष का माहौल है। इस सराहनीय पहल के लिए क्षेत्रवासियों ने विधायक देवेंद्र यादव को दिल से धन्यवाद दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार
विधायक देवेंद्र ने मुख्यमंत्री जी का आभार जताया है,श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर व्यापम द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओ के फीस स्थानीय निवासियों से नही ली जा रही जिसका फायदा सभी विद्यार्थियों को हो रहा ।
कवर्धा / शौर्यपथ /
वनोपज से लगे कबीरधाम जिले के 33 हजार संग्राहक परिवारों के घर मई माह में धन लक्ष्मी वर्षा होगी। वनोपज से जुड़े जिले के 33 हजार परिवार तेन्दूपत्ता की तोड़ाई काम में जुट गए है। पूरे मई माह में यह परिवार लगभग 40 हजार 800 मानक बोरा की तोड़ाई करेगा। वनोपज से जुड़े इस सभी परिवारों को एक माह में लगभग 16 करोड़ 32 लाख रूपए का सीधा लाभ मिलने वाला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के तेन्दूपत्ता संग्राहकों के आमदानी को बढ़ाने और उन्हे आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए 25 सौ रूपए प्रतिमानक बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा दर निर्धारित किया है। कबीरधाम जिले में तेन्दूपत्ता तोडऩे वाले 33 हजार संग्राहकां को महज एक माह में लगभग 16 करोड़ 32 लाख रूपए का सीधा लाभ मिलने वाला है। इस साल 40 हजार 800 मानक बोरा तेंदूपत्ता खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। जिले के 252 फड़ों के जरिए इसकी खरीदी हो रही है।
प्रदेश के वनमंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार कवर्धा वनमंडला अधिकारी चुरामणि सिंह विभाग के मानक के अनुरूप तेन्दूपत्ता संग्रहण करने में जुट गया है। डीएफओ श्री सिंह ने प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति राजानवागांव के फड़ छपरी और दियाबार में आज से तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य का शुभारंभ किया गया। तेंदूपत्ता संग्रहण के संबंध में बताया कि कबीरधाम जिले के वनवासियों द्वारा अक्षय तृतीया के दिन 10-10 तेंदूपत्ता गड्डियों की पूजा की गई थी।
चिकना और सपाट तेन्दूपता की तोड़ाई करें- डीएफओ - चूडामणि सिंह
वनमंडलाधिकारी चुरामणि सिंह कहा कि तेन्दूपत्ता का चिकना और सपाट पत्ता ही उपयोग में लाया जाता है। इसलिए तेन्दूपत्ता संग्राहक चिकना और सपाट तेन्दूपत्ता की ही तोड़ाई करें। उन्होने जिले के तेन्दूपत्ता संग्राहकों से अपील करते हुए कहा कि ग्रामवासी चिकना, सपाट व कम से कम 01 बीड़ी बनाने योग्य पत्ता तोड़े। माता दाग, छोटा तथा कंवला पत्ता ना तोड़े। पत्ता तोड़ाई के बाद 50-50 तेंदूपत्ता की गड्डी की बंधाई ठीक ढंग से करें, ताकि आंधी आने पर पत्ते उडऩे न पाये। तेंदूपत्ता शाम 3.00 बजे से अंधेरा होने के पूर्व अपने ग्राम की तेंदूपत्ता फड़ों पर लेकर पहुॅंचे। फड़मुंशी से जांच के बाद 100-100 गड्डी के चट्टे लगाकर गिनती करवाकर अपने संग्राहक कार्ड में लायी तेंदूपत्ता गड्डी की प्रविष्टि जरूर कराएं। ग्रामीण संग्राहक कार्ड में संबंधित फड़मुंशी के हस्ताक्षर करवाकर कार्ड अपने पास सुरक्षित रखें।
लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से संग्राहकों का सर्वेक्षण व ईकेवायसी
इस वर्ष संग्राहकों का सर्वेक्षण कार्य भी लोक सेवा केन्द्र के व्हीएलई के माध्यम से करवाया जा रहा है। सभी संग्राहकों का ईकेवायसी हो जाने पर संग्राहकों को उनके द्वारा संग्रहित तेंदूपत्ता का भुगतान उनके खातों में सीधे पहुॅंच जाएगा। वनमंडलाधिकारी ने बताया कि समस्त ग्रामवासी लोक सेवा केन्द्र दल को ई केवायसी के लिए जरूरी दस्तावेज राष्ट्रीयकृत बैंक का खाता बुक, राशन कार्ड, विगत वर्षो का संग्राहक कार्ड,आधार कार्ड, मोबाईल नम्बर, संग्राहक यदि कृषक हो तो रकबा, खसरा क्रमांक व बी-1 की नकल दे। एक बार सर्वेक्षण होने के बाद संग्राहकों को बोनस, छात्रवृत्ति तथा बीमा संबंधी कार्यों को सरलता से संपन्न कराया जा सकेगा। समस्त आवेदन लोक सेवा केन्द्र में लगाते ही आनलाईन कार्यवाही प्रारंभ हो जाएगी और भुगतान सीधे उनके खाते में पहुॅच जाएगा। वनमंडलाधिकारी द्वारा वन अमले को भी प्रत्येक फड़ पर संग्रहण दर तथा गुणवत्ता मानक का बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। 23 लाटों के अग्रिम क्रेताओं को भी तेंदूपत्ता संग्रहण के 24 घंटे के अंदर परिदान प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।
19 प्राथमिक लघु वनोपज समितियों के लिए 19 पोषक अधिकारी और 19 प्रबंधकों की ड्यूटी लगाई
डीएफओ चुरामणि सिंह ने जिले के सभी फड़ों में फड़ मुंशी और फड़ अभिरक्षकों की ड्यूटी लगाई है। तेंदूपत्ता संग्रहण के इस कार्य को कराने के लिए उप वन मंडल अधिकारी, जोनल अधिकारी, परिक्षेत्र अधिकारी बतौर नोडल अधिकारी और इन 19 प्राथमिक लघु वनोपज समितियों के लिए 19 पोषक अधिकारी और 19 प्रबंधकों की ड्यूटी लगाई गई है। कबीरधाम जिले के जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित कवर्धा में तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2022 में संग्रहण लक्ष्य 40800 मानक बोरा, 16.32 करोड़ रुपए और संग्राहक परिवार संख्या लगभग 33000 निर्धारित किया गया है। बीते साल खरीदे गए थे 15.20 करोड़ रुपए का तेंदूपत्ता। कबीरधाम जिले में वर्ष 2021 में 38013.345 मानक बोरा तेंदूपत्ता खरीदी हुई थी। इसका 30927 संग्राहक परिवारों को 15.20 लाख रुपए भुगतान किया गया था। इसी तरह वर्ष 2020 में 20304.090 मानक बोरा (8.12 करोड़ रुपए) और वर्ष 2019 में 35411.300 मानक बोरा (14.16 करोड़ रुपए) का तेंदूपत्ता खरीदे थे।
जगदलपुर / शौर्यपथ /
दुब्बाटोटा में नक्सलियों द्वारा ध्वस्त मत्स्य हेचरी के कायाकल्प पर कमिश्नर श्री श्याम धावड़े ने प्रसन्नता जताई। गुरुवार को सुकमा प्रवास के दौरान कमिश्नर श्री धावड़े ने कोंटा मार्ग में स्थित ग्राम दुब्बाटोटा स्थित मत्स्य हेचरी का अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर श्री विनीत नंदनवार भी मौजूद थे। कमिश्नर श्री धावड़े ने कहा कि दुब्बाटोटा में मत्स्य हेचरी के नवनिर्माण से आसपास के ग्रामीणों को रोजगार मिलने के साथ ही जिले के मछलीपालकों को आसानी से मछली बीज भी मिलेगी और मछली बीज के लिए इनकी निर्भरता अन्य राज्यो पर नहीं रहेगी। उन्होंने मत्स्य विभाग के अधिकारियों को आधुनिक तकनिकों का उपयोग कर मत्स्य पालन के लिए जागरूक किसानों को जोड़कर अधिक से अधिक लाभ देने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि दुब्बोटोटा स्थित मत्स्य प्रसंस्करण केन्द्र स्थानीय ग्रामीणों और मछली पालकों के लिए आय का एक प्रमुख स्त्रोत था। नक्सल गतिविधियों के कारण वर्ष 2006 में मत्स्य उत्पादन का यह केंद्र पूर्णत: बंद हो गया। जिले में 1990 के आसपास दुब्बाटोटा में निर्मित मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में मत्स्य उत्पादन, मत्स्य बीज उत्पादन का कार्य प्रारंभ था। अंदरूनी गांव होने के कारण सलवा जुडूम का प्रभाव दुब्बाटोटा पर भी रहा और मत्स्य प्रसंस्करण का कार्य बंद करना पड़ा। समय का चक्का चला और शासन-प्रसाशन के प्रयास से एक बार फिर से यहाँ के वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव तेज हुआ। आदिवासी अंचलों का विकास और उनके निवासियों को आर्थिक संवर्धन प्रदान करना शासन की प्राथमिकता है, और इसी का नतीजा है की इतने लंबे समय से बंद पड़े मत्स्य बीज प्रक्षेत्र का जीर्णोधार किया गया। आज मत्स्य हेचरी का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, और जल्द ही यहां मत्स्य उत्पादन भी प्रारंभ कर लिया जाएगा।
मत्स्य पालन में जिला होगा आत्म निर्भर, ग्रामीणों को आर्थिक स्थिति होगी मजबूत
दुब्बाटोटा में मत्स्य हेचरी शुरू होने पर यहां के ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें इससे रोजगार मिलेगा। अब तक मछली उतपादन हेतु बीज के लिए सीमावर्ती राज्य ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलांगना पर निर्भर रहना पड़ता था। मत्स्य हेचरी से क्षेत्र के मत्स्य पालकों को जीविकोपार्जन का साधन तो सशक्त होगा ही साथ ही मछली बीज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता पूर्ण रूप से बंद हो जाएगी। जिले भर में मत्स्य हेचरी से बीज लेकर ग्रामीण मछलियों का उत्पादन करेंगे और इसका क्रय-विक्रय होने पर ग्रामीण आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे। जिलेवासियों को स्थानीय स्तर पर ही ताजी मछलियां उपलब्ध होंगी। प्रसंस्करण केंद्र के पुन: प्रारंभ होने से मत्स्य बीज उत्पादन हेतु सुकमा पूर्णत: आत्मनिर्भर हो जायेगा। इसके साथ ही बच्चों में कुपोषण को दूर करने में भी यह सहायक सिद्ध होगा और जिले में सुपोषण अभियान को गति मिलेगी।
दुब्बाटोटा में मत्स्य हेचरी का पुन: निर्माण शुरू होने से यहां के ग्रामीणों में खुशी की लहर है। गाँव के बुजुर्गों का कहना हैं कि पुराने दिन वापिस लौट रहें हैं ऐसा महसूस हो रहा हैं। एक समय था जब यहां के मछली बीज दूसरे इलाकों में पहुँचते थे, अच्छी आमदनी उन्हें होती थी। फिर सब कुछ बदल गया और यहां का मछली बीज का व्यापार बन्द हो गया। उनमें से किसी को यह विश्वास नहीं था कि यह सब कुछ वापिस से लौटकर आएगा। लेकिन शासन-प्रशासन के प्रयासों से अब उन्हें बेहद खुशी हैं कि पुराने अच्छे दिन लौटकर आ रहें हैं। दुब्बोटोटा के ग्रामीणों के लिए मत्स्य प्रसंस्करण केन्द्र ना सिर्फ आय का साधन रहा, बल्कि उनकी जीवनशैली थी, जिसे प्रशासन ने उन्हें वापस लौटा दिया है। मत्स्य प्रसंस्करण केन्द्र के पुन: संचालन से क्षेत्र के सैकड़ों मत्स्य पालकों को आजीविका का साधन उपलब्ध होगा। इस प्रसंस्करण केन्द्र में एक करोड़ स्पान, 40 लाख स्टैंडर्ड फ्राई का उत्पादन वार्षिक दर पर किया जाएगा जिससे मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि होगी।
कमिश्नर ने की मातागुड़ी के सुंदरता की प्रशंसा
कमिश्नर धावड़े ने दुब्बाटोटा में धानी माता के गुड़ी का अवलोकन भी इस अवसर पर किया। उन्होंने माता गुड़ी के सुंदरता की प्रशंसा की और आसपास के पेड़ पौधों की सुरक्षा के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने पेड़ पौधों के आसपास चबतुरों के निर्माण के संबंध में भी निर्देश दिए। सुकमा जिले में लगभग 300 देवगुड़ी-देवस्थल और मृतक स्थल का विकास किया जा रहा है।
दुर्ग / शौर्यपथ /
पुलिस लाइन दुर्ग में शुक्रवार को आयोजित जनरल परेड का पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लव ने सलामी ली। इस दौरान उन्होंने जिले के पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के साप्ताहिक अवकाश के आदेश को क्रियान्वित करने का निर्देश दिया। डॉ पल्लव ने शस्त्रागार, वाहन शाखा सहित रक्षित केन्द्र परिसर के कार्यालयों का भी निरीक्षण किया।
रक्षित केंद्र दुर्ग में पुलिस अधीक्षक दुर्ग डॉ अभिषेक पल्लव द्वारा जनरल परेड की सलामी ली गई। उन्होंने परेड में सम्मिलित अधिकारी कर्मचारियों के वेशभूषा का निरीक्षण कर उत्तम वेशभूषा धारण करने वाले अधिकारी कर्मचारियों को पुरस्कृत किया। पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी अधिकारी कर्मचारियों से कहा गया कि सभी निर्धारित वेशभूषा ही धारण करें एवं अच्छी वेशभूषा धारण करने से पुलिस की छवि अच्छी बनती है।
डॉ पल्लव से जनरल परेड में उपस्थित अधिकारी कर्मचारियों ने सभी को रिस्पांस भत्ता देने, शासकीय आवास गृह एवं पुलिस बैंक में लोन से संबंधित गुजारिश की गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा वाहनों का निरीक्षण किया गया। जिसमें कानून व्यवस्था स्थापित करने में उपयोगी भारी वाहनों के रखरखाव का जायजा लिया गया। तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा रक्षित केंद्र दुर्ग स्थित आम्र्स शाखा का निरीक्षण किया गया एवं आम्र्स एम्युनेशन के रखरखाव एवं सुरक्षा के प्रति सजग एवं सतर्क रहने हेतु निर्देशित किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा रक्षित केंद्र दुर्ग के शस्त्रागार, गणवेश भंडार, वाहन शाखा सहित अन्य शाखाओं का अवलोकन किया गया।
अधिकारी कर्मचारियों को स्थित प्रशासनिक भवन में विभिन्न शाखा क्रमश: गणवेश शाखा सुरक्षा उपकरण शाखा पुलिस साख सहकारी समिति बैंक वाहन शाखा महिला कल्याण केंद्र कैश शाखा रोजनामचा शाखा का निरीक्षण कर सभी प्रभारी अधिकारी कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया जा कर उनके कार्यों की समीक्षा किया गया। इसके साथ ही उनसे प्रश्न पूछे गए। रिकॉर्ड के संधारण को देखा गया। शाखा के साफ सफाई एवं रखरखाव को भी देखा गया। शाखा प्रभारी तथा सहायक शाखा प्रभारी के कार्यों को देखते हुए उत्साहवर्धन स्वरूप पुरस्कृत भी किया गया।
इस अवसर पर में प्रशिक्षु आईपीएस वैभव बैंकर रमनलाल, एएसपी ग्रामीण अनंत साहू, एएसपी ट्रेफिक कविलाश टंडन, डीएसपी ट्रेफिक गुरजीत सिंग, पुलिस अधीक्षक मुख्यालय जिला दुर्ग अभिषेक झा, डीएसपी क्राइम नसरउल्ला सिद्दीकी, रापुसे, डीएसपी पुलिस लाइन नीलेश द्विवेदी, रक्षित निरीक्षक रमेश चंद्रा एवं समस्त थाना प्रभारियों की उपस्थित रही।
नवागढ़/शौर्यपथ /
विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जुनी सरोवर धाम पर्यटन स्थल में सर्वधर्म बैठक आयोजित हुई। जंहा पर समितियों के सदस्यों एवं क्षेत्र के सर्व सामाजिक जनों द्वारा अक्षय तृतीया के अवसर पर 11 फीट की दक्षिण मुखी हनुमान की मूर्ति की स्थापना के लिए भूमि पूजन किया गया। ज्ञात हो कि क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक जनों के सहयोग से मूर्ति का स्थापना किया जा रहा है।
इस अवर्स पर समिति संरक्षक बंशी सिंह ठाकुर, नवागढ़ मालगुजार विकास धर दीवान के प्रतिनिधि स्वरूप गिरेन्द्र महिलांग, भाजपा महिला मोर्चा महामंत्री मधु रॉय, बंशी पटेल अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा, विजय बघेल, जावेद खान, गजानंद ठाकुर, आनंदवल्लभ ठाकुर , देवादास चतुर्वेदी, अनिता पात्रे, सुरेंद्र तिवारी, शशिप्रभा गायकवाड़, मिन्टू बिसेन, रामकिंकर ठाकुर, तिलक घोष, तरुण घृतलहरे, अरविंद कुर्रे, शिवशांतम सिंह ठाकुर, वीरेश सिंह आदि उपस्थित रहे।
राजनांदगांव /शौर्यपथ /
शासन द्वारा जिले में नक्सल पीडि़त पुनर्वास योजना के तहत 118 नक्सल पीडि़त परिवारों को सुविधाएं दी जा रही हैं। जिसमें 72 परिवार के सदस्यों को शासकीय नौकरी शिक्षाकर्मी, भृत्य, चौकीदार, आदिवासी छात्रावास में चतुर्थ श्रेणी पदों पर दी जा चुकी है। 99 परिवारों को राज्य आर्थिक सहायता के तहत 1 करोड़ 72 लाख रूपए की सहायता, 31 परिवारों को केन्द्रीय योजना अंतर्गत 1 करोड़ 11 लाख रूपए की आर्थिक सहायता, 116 परिवारों को न्यूनतम मूल्य पर खाद्यान्न के लिए मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजनांतर्गत राशन कार्ड तथा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना तथा आयुष्मान योजना का लाभ दिया जा चुका है। 95 परिवारों को छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर संचालित बसों के किराए में 50 प्रतिशत की छूट के लिए पास जारी किया जा चुका है। 4 नक्सल पीडि़त बच्चों को पढ़ाई एवं देख-रेख के लिए स्कॉलरशिप दिलाया जा चुका है। 16 बच्चों का प्रकरण स्कॉलरशिप के लिए राष्ट्रीय साम्प्रदायिक सद्भाव संस्थान को प्रेषण के लिए प्रक्रियाधीन है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
