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March 11, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ पुलिस के रजत जयंती पदक का किया अनावरण

मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर की थी राज्य पुलिस बल को रजत जयंती पदक प्रदान किए जाने की घोषणा

25 वर्षों के छत्तीसगढ़ पुलिस बल के कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और नक्सल विरोधी अभियानों में असाधारण साहस को मिला सम्मान

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस बल को समर्पित रजत जयंती पदक का विमोचन किया। उन्होंने पुलिस बल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पदक प्रदेश में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की अमिट पहचान बनेगा। उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य पुलिस बल को रजत जयंती पदक प्रदान किए जाने की घोषणा की गई थी, जिस पर त्वरित अमल करते हुए आज इस पदक का विमोचन किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ पुलिस बल ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और नक्सल विरोधी अभियानों में असाधारण साहस का परिचय देते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि यह पदक उनके समर्पण को सदैव स्मरणीय बनाए रखेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पदक छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और परंपरा की पहचान को आत्मसात करता है। पदक गोल आकार का एवं चांदी के रंग का होगा, जिसके अग्र भाग में साल वृक्ष तथा पीछे के भाग में पहाड़ी मैना का उभरा हुआ चित्र अंकित रहेगा और इसे रिबन के साथ धारण किया जाएगा। वर्दी के बाईं ओर जेब के ऊपर यह पदक अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, वीरता पदक, राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक तथा राष्ट्रपति के सराहनीय सेवा पदक के पश्चात वरीयता क्रम में लगाया जाएगा।
पदक में अंकित पहाड़ी मैना सतर्कता, संवाद, निडरता, स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव और पुलिस बल की टीम भावना का प्रतीक है, जबकि साल वृक्ष मजबूती, दृढ़ता, दीर्घायु, संरक्षण, प्राकृतिक संतुलन तथा मौन रहकर भी प्रभावशाली योगदान का संदेश देता है। छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल में पूजनीय साल वृक्ष की भांति यह पदक भी पुलिस बल के समर्पण, सेवा और समाज के प्रति प्रतिबद्धता को सम्मानित करेगा और छत्तीसगढ़ पुलिस की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक बनेगा।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, पुलिस महानिर्देशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन श्री पवन देव, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी श्री प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी श्री दीपांशु काबरा, एडीजी श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर /महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री अजित पवार सहित अन्य लोगों के आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस घटना को अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री अजित पवार जी का सम्पूर्ण जीवन कृषक कल्याण, जनसेवा और देश के विकास के लिए समर्पित रहा। उनका असमय देहावसान न केवल उनके परिजनों और समर्थकों के लिए, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रभु श्री राम से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

 

नई दिल्ली /गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी में शामिल कलाकारों को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का गौरव प्राप्त हुआ। राष्ट्रपति से स्नेहपूर्ण मुलाकात के दौरान कलाकार भावविभोर और अभिभूत नजर आए।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ की झांकी की प्रशंसा करते हुए कहा कि झांकी के माध्यम से देश की समृद्ध जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ है। उन्होंने कलाकारों के समर्पण, मेहनत और जीवंत प्रस्तुति की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया भी कहा।

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से आए जनजातीय कलाकारों ने गणतंत्र दिवस परेड के दौरान छत्तीसगढ़ की झांकी के साथ पारंपरिक मंदार नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी थी, जिसने कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों के साथ-साथ देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित किया।

कलाकारों ने राष्ट्रपति से मुलाकात को अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें अपनी कला, संस्कृति और परंपराओं को और अधिक निष्ठा के साथ आगे बढ़ाने की नई प्रेरणा देगा।

राष्ट्रपति से मुलाकात करने वालों में टीम लीडर तेज बहादुर भुवाल के नेतृत्व में नारायणपुर जिले के ग्राम नयनार से आए 13 सदस्यीय दल में जेनू राम सलाम, लच्छू राम, जैतू राम सलाम, राजीम सलाम, दिनेश करंगा, जयनाथ सलाम, मानसिंग करंगा, चन्द्रशेखर पोटाई, धनश्याम सलाम, जगनाथ सलाम, सुरेश सलाम तथा घोड़लापारा, ग्राम नयनार निवासी दिलीप गोटा शामिल रहे।

उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की इस पारंपरिक कला टोली ने अपनी लोक-संस्कृति और नृत्य शैली से राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।

डीके कॉलेज बलौदाबाजार में राज्य स्तरीय एनएसएस शिविर का हुआ समापन

रायपुर /

दाऊ कल्याण शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलौदाबाजार में आयोजित 7 दिवसीय राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर का मंगलवार को गरिमामय समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
राज्य स्तरीय इस शिविर में प्रदेश के 9 विश्वविद्यालयों एवं उनसे सम्बद्ध महाविद्यालयों के कुल 270 स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। सात दिनों तक चले शिविर के दौरान विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा होती है और यदि इस ऊर्जा को सही दिशा में लगाया जाए तो राष्ट्र को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एनएसएस जैसे शिविर युवाओं को अनुशासन, संयम और सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराते हैं, जो जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।
उन्होंने संगत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अच्छी संगत व्यक्ति के व्यक्तित्व को सकारात्मक रूप से गढ़ती है, इसलिए युवाओं को सदैव अच्छे विचारों और मूल्यों से जुड़ना चाहिए। स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का स्मरण कराते हुए उन्होंने युवाओं से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नई पहल कर रही है, ताकि प्रदेश के युवाओं को यहीं उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा एवं संस्थान उपलब्ध हो सकें।
समापन समारोह में पूर्व विधायक श्री प्रमोद शर्मा, भारत स्काउट एवं गाइड के राज्य उपाध्यक्ष श्री विजय केशरवानी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री जितेन्द्र महले सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी शामिल हुए।

 

⚡ 48 घंटे में पैसा खातों में, प्रतिदिन 3 लाख मीट्रिक टन की खरीदी

रायपुर ।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में धान खरीदी अभियान ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। राज्य में अब तक 23.48 लाख किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचकर इस व्यवस्था का सीधा लाभ उठाया है। सरकार की पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध प्रणाली के चलते किसानों में उत्साह का माहौल है और खरीदी केंद्रों पर व्यापक सहभागिता देखने को मिल रही है।

धान खरीदी के एवज में अब तक किसानों को ₹29,597 करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। यह भुगतान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अनुरूप सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है। इतनी बड़ी राशि का सुचारू और त्वरित हस्तांतरण राज्य की मजबूत वित्तीय प्रबंधन क्षमता और किसान हितैषी नीतियों का प्रमाण है।

इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि धान विक्रय के 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और किसानों को समय पर धनराशि मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। त्वरित भुगतान के कारण किसान आगामी कृषि कार्यों की योजना भी आसानी से बना पा रहे हैं।

आगामी तीन दिनों में लगभग 1.5 लाख और किसानों के धान विक्रय के लिए केंद्रों पर पहुँचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पहले ही सुनिश्चित कर ली हैं। तौल, परिवहन, भंडारण और भुगतान प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

इसी अवधि में 70,000 से अधिक नए टोकन जारी किए जाने की संभावना है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 22,000 टोकन जारी किए जा रहे हैं। टोकन व्यवस्था ने भीड़ नियंत्रण, समय की बचत और व्यवस्थित खरीदी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई है।

राज्य में प्रतिदिन औसतन 3 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो रही है, जो इस अभियान की व्यापकता और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है। इतनी बड़ी मात्रा में खरीदी के बावजूद गुणवत्ता परीक्षण, तौल और भंडारण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता न हो।

कुल मिलाकर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी किसान-केंद्रित, पारदर्शी और तकनीक-आधारित मॉडल के रूप में उभरकर सामने आई है। समयबद्ध टोकन, तेज़ खरीदी और 48 घंटे के भीतर भुगतान ने किसानों का विश्वास मजबूत किया है और यह अभियान प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला साबित हो रहा है।

 

? फर्जी अनुज्ञा पत्र और कूट रचना पर संचालक के खिलाफ FIR

रायपुर, ।
कृषि उपज मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता और शासकीय राजस्व की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख़्त रुख अपनाते हुए ई-मंडी प्रणाली में हुए बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। नगरी कृषि उपज मंडी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घुटकेल स्थित थोक धान व्यापारी शिवम ट्रेडर्स के विरुद्ध गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर प्रशासन ने फर्म को सीलबंद कर दिया है तथा संचालक के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।

अनुविभागीय दण्डाधिकारी, नगरी के आदेश पर गठित चार सदस्यीय जांच दल ने 11 जनवरी 2026 को फर्म का स्थल निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। जांच प्रतिवेदन 14 जनवरी 2026 को प्रस्तुत किया गया, जिसमें ई-मंडी/एग्री पोर्टल से जारी अनुज्ञा पत्रों, स्टॉक पंजी (बी-1) तथा बोराई मंडी चेक पोस्ट के आवक-जावक अभिलेखों का सूक्ष्म मिलान किया गया।

जांच के दौरान यह सामने आया कि फर्म द्वारा ई-मंडी पोर्टल से जारी अनुज्ञा पत्रों की तुलना में स्टॉक पंजी में धान की जावक मात्रा अधिक दर्शाई गई। कई मामलों में पीडीएफ दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर धान की मात्रा बढ़ाई गई, बिना वैध ई-मंडी अनुज्ञा पत्र के धान का परिवहन किया गया तथा चेक पोस्ट पर संशोधित व भ्रामक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।

जांच दल के अनुसार कुल 47 अनुज्ञा पत्रों में कूट रचना कर लगभग 5,656 क्विंटल धान का अवैध परिवहन किया गया। इस फर्जीवाड़े से छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 के अंतर्गत मंडी शुल्क, कृषक कल्याण शुल्क एवं निराश्रित शुल्क सहित लगभग ₹2.48 लाख के कर अपवंचन की संभावना पाई गई है।

इन गंभीर तथ्यों के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), नगरी के निर्देशानुसार शिवम ट्रेडर्स को मौके पर ही सीलबंद कर दिया गया। साथ ही फर्म संचालक संतोष खंडेलवाल के विरुद्ध कूट रचना कर फर्जी अनुज्ञा पत्र तैयार करने एवं अवैध परिवहन के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 339 एवं 340 के तहत थाना बोराई में FIR दर्ज की गई है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता, किसानों के हितों की रक्षा तथा शासकीय राजस्व का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है। कर अपवंचन, दस्तावेजों में छेड़छाड़ या किसी भी प्रकार की अनियमितता पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी तथा मंडी क्षेत्रों में सघन निरीक्षण अभियान लगातार चलाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने गौमाता पर बनी पहली फिल्म-'गोदान' का किया ट्रेलर लॉन्च

मुख्यमंत्री ने की फिल्म-'गोदान' को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा

रायपुर  / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गौमाता पर बनी पहली फिल्म-'गोदान' का ट्रेलर लॉन्च किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। गौमाता ना सिर्फ आध्यात्मिक रूप से पूजनीय हैं बल्कि गाय का आर्थिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी बहुत महत्व है। मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म-'गोदान' को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म-'गोदान' के ट्रेलर लॉन्च के अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में गौ संवर्धन के लिए बहुत कार्य हो रहा है। गौशाला में गायों के चारा के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को 20 रुपए से बढ़ाकर 35 रुपए किया गया है साथ ही गौशाला को अब 25 लाख रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गोधाम भी बनाए जा रहे हैं जहां घुमंतू गौवंश की उचित देखभाल की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मान्यता है कि गौमाता में 33 कोटि देवी- देवताओं का वास रहता है। हर अनुष्ठान से पहले पंचगव्य का उपयोग किया जाता है। ये बहुत खुशी की बात है कि गौमाता पर केंद्रित पहली फिल्म-'गोदान' का आज ट्रेलर लॉन्च किया जा रहा है। इस फिल्म के माध्यम से सभी को गौमाता के महत्व को और बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलेगा। मैं इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों को बहुत बधाई देता हूं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमें गौमाता के महत्व के प्रति जन-जन को जागरूक करना है। गाय के गोबर से बनी जैविक खाद ही ऑर्गेनिक खेती का आधार है। दो घंटे 9 मिनट की इस फिल्म के माध्यम से गौ संवर्धन का संदेश दर्शकों तक पहुंचेगा। फिल्म का माध्यम एक बहुत सशक्त माध्यम है जिसके द्वारा एक बड़े दर्शक वर्ग तक सकारात्मक संदेश को पहुंचाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फिल्म के पोस्टर तथा गीत ' गौमाता के प्राणों को बचा लो देशवासियों' का भी लॉन्च किया। उन्होंने पंचगव्य उत्पाद के गिफ्ट पैक का भी विमोचन किया। गौमाता की महत्ता को अभिव्यक्त करने वाली कामधेनु फिल्म प्रोडक्शंस की फिल्म गोदान 6 फरवरी को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

इस अवसर पर श्री अजीत महापात्र, श्री शांतनु शुक्ला, फिल्म के निर्माता एवं निर्देशक श्री विनोद चौधरी, डॉ आईपी सिंह, श्री सुबोध राठी सहित अन्य गणमान्यजन और मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

रायपुर, ।
देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 07 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर प्रवास पर रहेंगी। वे बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा प्रशासनिक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।

राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास को लेकर आज मंत्रालय, रायपुर में मुख्य सचिव श्री विकास शील की अध्यक्षता में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में बस्तर पंडुम के संभागीय कार्यक्रम के आयोजन, सुरक्षा व्यवस्था, आवागमन, चिकित्सा सुविधा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव श्री विकास शील ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रपति महोदया के प्रवास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता में रहे। इसके साथ ही चिकित्सा सुविधा, यातायात प्रबंधन, हेलीपैड, कार्यक्रम स्थल की तैयारियां, स्वच्छता, बिजली-पानी तथा आपातकालीन सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर कलेक्टर से जगदलपुर में की जा रही तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही रायपुर कलेक्टर को भी राष्ट्रपति दौरे से संबंधित समन्वय एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर निर्देशित किया गया।

बैठक में जनसंपर्क एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चंपावत, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम बस्तर संभाग की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा और लोककलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति से इस आयोजन को विशेष गरिमा प्राप्त होगी।

रायपुर /भारत के आर्थिक भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला एक ऐतिहासिक क्षण सामने आया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी और सशक्त नेतृत्व में संपन्न हुई ‘Mother of All Deals’ यानी IndiaEUTradeDeal भारत को एक सशक्त आर्थिक शक्ति के रूप में वैश्विक पटल पर नए शिखर तक पहुँचाने वाली सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि यह युगांतरकारी डील भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का विश्वसनीय, सशक्त और प्रभावशाली केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। यह समझौता भारत की आर्थिक विश्वसनीयता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत करेगा तथा देश को वैश्विक व्यापार की मुख्यधारा में निर्णायक भूमिका प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता केवल व्यापारिक करार भर नहीं है, बल्कि यह भारत के करोड़ों युवाओं के सपनों को पंख देने वाला अवसर है। इससे रोजगार, निवेश, तकनीक और नवाचार के नए द्वार खुलेंगे, जिससे युवाओं की आकांक्षाओं को नई दिशा और गति मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा कि #IndiaEUTradeDeal देश की आर्थिक आकांक्षाओं को मजबूती प्रदान करते हुए विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का एक सुदृढ़ आधार बनेगा। यह समझौता आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को वैश्विक सहयोग के साथ जोड़ते हुए भारत को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता और समृद्धि की ओर अग्रसर करेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह भारत की सामूहिक शक्ति, नीति-निर्माण क्षमता और वैश्विक नेतृत्व का प्रतीक है, जो आने वाले वर्षों में देश को आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की भव्य झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

नई दिल्ली /77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती नजर आई।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों और विशिष्ट अतिथियों ने झांकी को उत्सुकता के साथ देखा और तालियां बजाकर सराहना की। दर्शक दीर्घा में मौजूद लाखों लोगों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ छत्तीसगढ़ की झांकी का स्वागत किया। झांकी के समक्ष छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्य ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

झांकी में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई गई, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संरक्षित किया गया है। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।

झांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया। धुर्वा समाज के इस महान योद्धा ने अन्यायपूर्ण अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित किया। विद्रोह के प्रतीक के रूप में आम की टहनियां और सूखी मिर्च को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। विद्रोह की तीव्रता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, फिर भी वे वीर गुंडाधुर को पकड़ने में असफल रहे।

झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया। उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई।
पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त करती रही और गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की गौरवपूर्ण पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।

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