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रायपुर / राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसके तहत वाहन चालकों को हेलमेट वितरित किए गए एवं यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट का उपयोग करना तथा निर्धारित गति सीमा का पालन जैसे छोटे-छोटे उपाय बहुमूल्य जीवन को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर के परियोजना निदेशक मुकेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए आधुनिक तकनीकी उपायों के साथ-साथ जन-जागरूकता अभियानों का निरंतर संचालन किया जा रहा है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की दर को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।
अभियान के दौरान सड़क दुर्घटना की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी बचाव कार्यों के लिए लाइव एक्सीडेंट डेमोस्ट्रेशन (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया गया। इस दौरान एम्बुलेंस की पहुँच, क्रेन द्वारा मार्ग से बाधा हटाने तथा घायलों को प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही, सुरक्षित यात्रा के लिए हेलमेट, सीट बेल्ट के महत्व को बताया गया।
सड़क सुरक्षा अभियान के साथ-साथ एनएचआईटी के सहयोग से रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें 50 से अधिक लोगों ने रक्त दान किया। इस शिविर में अधिकारियों-कर्मचारियों और सड़क उपयोगकर्ताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।
एनएचएआई द्वारा प्रदेश के सभी टोल प्लाजा, राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख जंक्शनों पर लगातार सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत वाहन चालकों एवं यात्रियों से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील की जा रही है।
रायपुर /
छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी, पारदर्शी एवं गुणवत्ता-आधारित क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी।
उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में अब तक 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) प्रदान किए जा चुके हैं, जिसके माध्यम से 32 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि मिशन लागू होने से पूर्व प्रदेश में मात्र 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के बीते दो वर्षों के कार्यकाल में इस संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट और सर्वोच्च लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य के 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। इनमें से 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जिनमें 4,544 ग्रामों का विधिवत प्रमाणीकरण भी किया जा चुका है। बीते दो वर्षों में हर घर जल प्रमाणित ग्रामों की संख्या में लगभग 750 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण किया जा चुका है।
उपमुख्यमंत्री श्री साव ने जानकारी दी कि जल जीवन मिशन से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं तथा 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा 9 लाख 85 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन इन योजनाओं से जुड़े हुए हैं।
जल गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें से 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की सुविधा हेतु पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री श्री साव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है। दोषपूर्ण कार्यों के कारण बीते दो वर्षों में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड, 629 अनुबंधों का निरस्तीकरण तथा 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। इसके अतिरिक्त दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई है।
आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि शेष बचे लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं का ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण तथा सभी प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण पर प्रकाश डालते हुए उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि बीते दो वर्षों में विभाग में 403 रिक्त पदों का सृजन, 213 पदों पर नियुक्ति, 103 कर्मचारियों को पदोन्नति तथा 877 शासकीय सेवकों को समयमान एवं वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया है।
रायपुर / शौर्यपथ।
प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितता सामने आने पर कोण्डागांव जिले की जनपद पंचायत बड़ेराजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत चिचाड़ी के पंचायत सचिव श्री हीरामन मरकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
यह कार्रवाई कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त शिकायत के आधार पर गठित जांच दल की रिपोर्ट के बाद की गई। जांच प्रतिवेदन में प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया, जिसके चलते पंचायत सचिव पर छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1998 एवं (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1999 के तहत कार्रवाई की गई।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अविनाश भोई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन के इस कदम से यह स्पष्ट संदेश गया है कि सरकार गरीबों के आवास से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनसंपर्क अधिकारियों की राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ
रायपुर।
मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने कहा कि बदलते दौर में जनसंपर्क अधिकारियों को एक्सक्लूजिव और प्रभावशाली स्टोरी तैयार कर उनके व्यापक प्रचार के लिए मीडिया के सभी माध्यमों—प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया—का समन्वित उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की स्टोरी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर प्रकाशित होगी, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. मित्तल नवा रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में “जनसंपर्क की नई चुनौतियाँ” विषय पर आयोजित जनसंपर्क अधिकारियों की दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सूचना संप्रेषण के माध्यम तेजी से बदल रहे हैं और नई-नई तकनीकों के आगमन से जनसंपर्क के दायरे का भी विस्तार हुआ है। ऐसे में जनसंपर्क अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपने कार्य को अधिक प्रमाणिक, प्रभावी और समयबद्ध बनाना होगा।
आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि एआई टेक्नोलॉजी के उपयोग से कम प्रयास में अधिक कार्य संभव है। फोटो और वीडियो एडिटिंग, कंटेंट प्रेजेंटेशन और सोशल मीडिया प्रबंधन जैसे कार्यों में एआई टूल्स जनसंपर्क को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे तकनीकी रूप से स्वयं को निरंतर अपडेट रखें, ताकि शासन की नीतियों और निर्णयों को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सके।
उन्होंने पत्रकारिता स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को जनसंपर्क विभाग में इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने पर भी जोर दिया।
उद्घाटन सत्र में अपर संचालक श्री जवाहरलाल दरियो, श्री संजीव तिवारी, श्री उमेश मिश्रा एवं श्री आलोक देव ने जनसेवा में स्पष्ट, सरल और समयबद्ध संवाद की भूमिका पर प्रकाश डाला। अधिकारियों ने कार्यशाला के उद्देश्य, दो दिवसीय सत्रों की रूपरेखा और प्रतिभागियों से अपेक्षाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला समाचार लेखन, टेलीविजन सहभागिता और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के माध्यम से जनसंपर्क को आधुनिक, सशक्त और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यशाला के प्रथम दिवस की शुरुआत “पाठक-अनुकूल लेखन: सरकारी समाचार को आकर्षक बनाना” विषयक सत्र से हुई, जिसमें दैनिक भास्कर के संपादक श्री शिव दुबे ने मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सरकारी आदेशों और सूचनाओं से जनता से जुड़ी मुख्य बातों की पहचान, सरल एवं सुबोध भाषा, प्रभावी हेडलाइन और सशक्त लीड पैराग्राफ लिखने के गुर बताए। साथ ही प्रेस विज्ञप्ति की संरचना, उपयुक्त उद्धरणों के प्रयोग तथा संकट की स्थिति में मीडिया से संतुलित एवं समयबद्ध संवाद पर विस्तार से चर्चा की।
द्वितीय सत्र में आकाशवाणी के समाचार संपादक श्री विकल्प शुक्ला ने टेलीविजन मीडिया की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने शासकीय योजनाओं को विजुअल स्टोरी के रूप में प्रस्तुत करने, टीवी कवरेज के आवश्यक तत्वों, कैमरे पर संक्षिप्त बाइट लेने और फैक्ट शीट की भूमिका की जानकारी दी।
तीसरे सत्र में सोशल मीडिया एवं एआई टूल्स पर चर्चा हुई। डिजिटल मार्केटिंग और एआई विशेषज्ञ श्री राकेश साहू ने एआई आधारित डिजिटल टूल्स के माध्यम से फोटो और वीडियो एडिटिंग के व्यावहारिक उपयोग पर मार्गदर्शन दिया।
दिन के अंतिम सत्र में जनसंपर्क संचालनालय, भोपाल के सेवानिवृत्त संचालक श्री लाजपत आहूजा ने पीआर टूल बॉक्स, स्टेकहोल्डर प्रबंधन और आपातकालीन संचार (क्राइसिस कम्युनिकेशन) से जुड़े तुरंत उपयोग योग्य उपायों की जानकारी साझा की।
इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में प्रदेशभर से आए जनसंपर्क अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों को बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप दक्ष बनाकर जनसंपर्क को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और जनोन्मुखी बनाना है।
रायपुर, ।
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के माध्यम से बलौदाबाजार–भाटापारा जिले में जिला स्तरीय युवा संवाद एवं नेतृत्व विकास कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व और नेतृत्व क्षमता को सशक्त करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। उनकी ऊर्जा, विचार और संकल्प ही एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव रखते हैं।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण, नवाचार, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
श्री वर्मा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने युवाओं को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। मंत्री ने यह भी कहा कि शासन युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों, महाविद्यालयीन विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयोजन के दौरान युवा संवाद सत्र, प्रेरक व्याख्यान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं अनुभव साझा करने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, सामाजिक दायित्व, राष्ट्र निर्माण और समकालीन चुनौतियों से जुड़े विषयों पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए।
जिला प्रशासन एवं उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से आए 900 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा सभी युवाओं को राष्ट्र सेवा, सामाजिक कार्यों और सकारात्मक बदलाव के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दिलाया गया।
यह जिला स्तरीय युवा संवाद कार्यक्रम न केवल युवाओं के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में जिम्मेदार और सजग नागरिक के रूप में तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर में रोटरी क्लब ऑफ कॉस्मोपॉलिटन रायपुर द्वारा आयोजित कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। व्यापार और उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जीएसटी दरों में कटौती की गई है, जिससे कई वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है और जीएसटी की प्रक्रिया भी पहले से अधिक सरल हुई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति को देश-विदेश में सराहना मिल रही है। अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिन पर जमीनी स्तर पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। राज्य में रोजगार सृजन पर विशेष फोकस किया जा रहा है। नई उद्योग नीति में एक हजार से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब और उद्यमी दोनों ही विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण भागीदार हैं। रोटरी क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक और परोपकारी कार्य प्रशंसनीय हैं। यह एक्सपो मध्य भारत का सबसे बड़ा आयोजन है, जिसमें 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं और इससे राज्य को व्यापक लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने रोटरी क्लब के सेवा कार्यों, विशेषकर पोलियो उन्मूलन में योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने मोबाइल आई क्लीनिक एम्बुलेंस का लोकार्पण किया, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 25 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया तथा महिला उद्यमियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में रोटरी क्लब के सदस्य, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
रायपुर / शौर्यपथ /
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में शुक्रवार को 21वाँ स्थापना दिवस एवं सांस्कृतिक संगीत कार्यक्रम ‘श्रुति 2025’ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों, नवाचार, शोध, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों का उत्सवपूर्ण प्रदर्शन देखने को मिला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव रहे। उनके साथ डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) डॉ. मनोज चोपकर, हेड, करियर डेवलपमेंट सेल डॉ. समीर बाज़पाई, सभी विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, कर्मचारी, पूर्व छात्र, विद्यार्थी एवं उनके परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। स्वागत उद्बोधन में डॉ. मनोज चोपकर ने एनआईटी रायपुर की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्थान ने एक सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज से आगे बढ़कर आज स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रमों में उत्कृष्टता हासिल करने वाला अग्रणी तकनीकी संस्थान बनने का गौरव प्राप्त किया है। उन्होंने शिक्षण, शोध, नवाचार और इनोवेशन सेल जैसी पहलों के माध्यम से छात्रों के रचनात्मक विचारों को प्रोत्साहित करने की बात कही।
डॉ. समीर बाज़पाई ने कहा कि एनआईटी रायपुर विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों को क्लबों और समितियों द्वारा आयोजित सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि डॉ. एन. वी. रमना राव ने अपने संबोधन में संस्थान की गौरवशाली परंपरा, तकनीकी उन्नति और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में संकाय सदस्यों एवं छात्रों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि एनआईटी रायपुर तकनीकी कौशल के साथ-साथ शोध, सांस्कृतिक गतिविधियों और खेलकूद को समान महत्व देता है। उन्होंने नए विचार अपनाने, कड़ी मेहनत करने और बड़े सपने देखने का संदेश देते हुए संकाय, विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
इसके पश्चात पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।
डिस्टिंग्यूश्ड एल्युमिनस अवार्ड केमिकल इंजीनियरिंग (1990 बैच) के पूर्व छात्र प्रो. अनुराग प्रभाकर मैरल को प्रदान किया गया।
लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड सिविल इंजीनियरिंग (1975 बैच) के पूर्व छात्र श्री संतोष कुमार अग्रवाल तथा केमिकल इंजीनियरिंग (1975 बैच) के पूर्व छात्र श्री सुधीर वर्मा को प्रदान किया गया।
श्री एस. के. अग्रवाल ने सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को संस्थान की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही छात्रों एवं संकाय सदस्यों को शैक्षणिक और खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुवेंदु रूप, फैकल्टी इन-चार्ज, कल्चरल कमेटी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में नृत्यम – द डांस क्लब द्वारा मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दी गई, वहीं ‘श्रुति 2025’ के अंतर्गत रागा – द म्यूजिक क्लब ने विविध संगीत शैलियों में शानदार गायन प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति गीतों से लेकर रेट्रो, रॉक, 90 के दशक के लोकप्रिय गीतों और आधुनिक माशअप तक की प्रस्तुतियों ने भारत की “एकता में विविधता” की सांस्कृतिक भावना को सशक्त रूप से दर्शाया। परेशान, मेरे ढोलना, जाने जान, कायदे से जैसे गीतों पर सभागार तालियों से गूंज उठा।
एनआईटी रायपुर का 21वाँ स्थापना दिवस न केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव बना, बल्कि संस्कृति, नवाचार और सामूहिक गौरव का यादगार प्रतीक भी सिद्ध हुआ।
“अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलें और दुनिया को अपनी आवाज़ सुनने दें” —जेन-ज़ी के लिए श्री ओ. पी. चौधरी का संदेश
रायपुर / शौर्यपथ /
हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय , रायपुर ने स्वामी विवेकानंद के जीवन और दर्शन को समर्पित '5वें स्वामी विवेकानंद स्मृति वार्षिक व्याख्यान' का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश के माननीय वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी उपस्थित रहे, जिन्होंने "जेन-ज़ी (Gen Z) के लिए स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएँ" विषय पर प्रेरक उद्बोधन दिया। विश्वविद्यालय द्वारा यह आयोजन स्वामी विवेकानंद के रायपुर से गहरे ऐतिहासिक संबंधों और राष्ट्रीय युवा दिवस की स्मृति में प्रतिवर्ष किया जाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए एचएनएलयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) वी. सी. विवेकानंदन ने श्री ओ. पी. चौधरी के सार्वजनिक जीवन और सेवा भाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जहाँ सफलता का पैमाना सोशल मीडिया 'फॉलोअर्स' बन गए हैं, वहीं श्री चौधरी जैसे व्यक्तित्व हमें याद दिलाते हैं कि नेतृत्व की असली पहचान सेवा और समर्पण है। कुलपति ने जोर दिया कि स्वामीजी के देहावसान के 123 वर्ष बाद भी उनके विचार आज की युवा पीढ़ी (Gen Z) के लिए एक प्रकाश स्तंभ की तरह हैं।
अपने मुख्य व्याख्यान में वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने स्वामी विवेकानंद के 1893 के शिकागो संबोधन का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को संचार और नेतृत्व के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि किसी भी विचार को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने से पहले लोगों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ना अनिवार्य है। उन्होंने स्वामीजी को भारतीय संस्कृति का 'वैश्विक राजदूत' बताते हुए विद्यार्थियों से 'सादा जीवन और उच्च विचार' के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।मंत्री महोदय ने विद्यार्थियों से अपने 'कम्फर्ट ज़ोन' से बाहर निकलने और साहस के साथ अपने जुनून का पीछा करने का आग्रह किया। उन्होंने अनुशासन और ईमानदारी को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य ही वास्तविक संपदा है। उन्होंने अपने स्वयं के संघर्षों को साझा करते हुए बताया कि कैसे एक सरकारी स्कूल से पढ़कर देश के सबसे युवा आईएएस अधिकारियों में शामिल होने और फिर जनसेवा के लिए राजनीति में आने का निर्णय उनके साहसिक कदम थे। उन्होंने संदेश दिया कि चुनौतीपूर्ण रास्ते ही व्यक्ति को वास्तविक और सार्थक सफलता तक ले जाते हैं।
इस गरिमामयी अवसर पर एचएनएलयू प्रेस द्वारा प्रकाशित 'एचएनएलयू गज़ट न्यूज़लेटर' (खंड 3, अंक 2) का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव (प्रभारी) डॉ. दीपक श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण दिया, जबकि डीन (छात्र कल्याण) डॉ. अविनाश सामल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का कुशल समन्वय फैकल्टी सलाहकार श्री अभिनव शुक्ला और डॉ. अनीता सिंह द्वारा किया गया। इस व्याख्यान में एचएनएलयू के साथ-साथ कलिंगा विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया।
रायपुर, 08 जनवरी 2026।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना और उनका त्वरित समाधान किया। इस अवसर पर जरूरतमंद दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राइसिकल, व्हीलचेयर एवं श्रवण यंत्र प्रदान किए गए, जिससे उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और सहजता का संचार हुआ।
जनदर्शन के दौरान रायपुर के शंकर नगर निवासी, 45 वर्षीय श्रीमती बिंदु बीरे, जो पैरों से चलने में असमर्थ हैं, ने अपनी आर्थिक मजबूरी बताते हुए ट्राइसिकल न खरीद पाने की समस्या रखी। मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनते ही तत्काल बैटरी चालित ट्राइसिकल उपलब्ध कराया।
ट्राइसिकल पाकर श्रीमती बिंदु बीरे भावुक हो उठीं और कहा कि अब उन्हें कहीं भी आने-जाने में कठिनाई नहीं होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की प्रशंसा की।
आरंग निवासी श्री भारत साहू को भी मुख्यमंत्री ने बैटरी चालित ट्राइसिकल प्रदान की। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें बाहर जाने के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे स्वतंत्र रूप से आवागमन कर सकेंगे।
खमतराई, रायपुर निवासी श्री जीवन दास मानिकपुरी, जिनका पैर बचपन से पोलियोग्रस्त है, को भी जनदर्शन में बैटरी ट्राइसिकल प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि उनकी समस्या का तुरंत समाधान हुआ, जिससे दैनिक जीवन काफी आसान हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने रायपुर के मोवा निवासी श्री चंदू यादव को ट्राइसिकल तथा सुश्री सुमन साहू को व्हीलचेयर प्रदान की। सहायता पाकर दोनों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।
जनदर्शन के दौरान रायपुर निवासी श्री सागर नायक और श्री उमेश पटेल को श्रवण यंत्र भी प्रदान किए गए। श्री सागर नायक ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे श्रवण यंत्र नहीं ले पा रहे थे। मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराई।
श्रवण यंत्र मिलने पर श्री उमेश पटेल ने कहा कि उन्हें दोबारा सुनने की क्षमता मिल सकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय का हृदय से आभार व्यक्त किया।
जनदर्शन कार्यक्रम एक बार फिर यह प्रमाणित करता है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार संवेदनशील, त्वरित और जन-केंद्रित शासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जहाँ जरूरतमंदों को बिना देरी राहत और सम्मान मिल रहा है।
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