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रायपुर / शौर्यपथ / भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग ने आज 'इलेक्ट्रिक पावर और नवीकरणीय ऊर्जा' पर छठे IEEE अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (EPREC 2026) का भव्य उद्घाटन किया। 2 से 4 जनवरी, 2026 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय IEEE -प्रायोजित सम्मेलन में भारत और विदेशों के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को इलेक्ट्रिक पावर और नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों में उभरते रुझानों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच पर लाया गया है। संस्थान के परिसर में आयोजित इस उद्घाटन समारोह में आईआईटी भिलाई और कई अन्य प्रमुख संस्थानों के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति, संकाय सदस्य और छात्र उपस्थित रहे।
समारोह के मुख्य अतिथि, मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) जयपुर के निदेशक प्रो. नारायण प्रसाद पाधी ने अपने संबोधन में खनिज संपन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के लिए खनन मशीनरी हेतु नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों पर केंद्रित अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप टिकाऊ और अनुप्रयोग-उन्मुख तकनीकी विकास की आवश्यकता को रेखांकित किया। वहीं, आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने कहा कि बिजली और ऊर्जा क्षेत्रों में अनुसंधान का मुख्य फोकस अब उत्पाद विकास और व्यावहारिक परिणामों पर होना चाहिए। एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने बहु-संस्थागत सहयोग के माध्यम से ज्ञान साझा करने को मजबूत करने पर जोर दिया, जबकि शारजाह विश्वविद्यालय के प्रो. रमेश बंसल ने उच्च गुणवत्ता वाले शोध परिणामों को बनाए रखने की बात कही।
आईईईई ईपीआरईसी 2026 के लिए इस वर्ष 500 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए थे, जिनमें से कठोर समीक्षा प्रक्रिया के बाद केवल 235 शोध पत्रों को प्रस्तुति के लिए चुना गया है, जो इस सम्मेलन के उच्च तकनीकी मानक को दर्शाता है। सम्मेलन के आयोजन का नेतृत्व डॉ. शैलेंद्र कुमार और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. कृष्ण मुरारी द्वारा किया जा रहा है, जिसमें एनआईटी जमशेदपुर के डॉ. ओ. एच. गुप्ता और डॉ. जितेंद्र कुमार आयोजन अध्यक्ष के रूप में शामिल हैं। यह सम्मेलन मुख्य भाषणों, तकनीकी पेपर प्रस्तुतियों और इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को मजबूत करने का प्रयास करेगा।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कौशल विकास मंत्री श्री खुशवंत साहेब तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा उपस्थित थे।
उल्लखेनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव 23 से 25 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। साहित्य उत्सव में देशभर के प्रख्यात साहित्यकारों, लेखकों, कवियों, पत्रकारों, समीक्षकों एवं पाठकों की सहभागिता होगी। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति, सृजनात्मक लेखन, प्रकाशन जगत, युवा साहित्य तथा नई पीढ़ी के रचनाकारों से जुड़े विषयों पर विविध सत्र आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने वेबसाइट लॉन्च करते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उत्सव लेखक और पाठक के बीच नए संवाद का सशक्त मंच बनेगा तथा युवा पीढ़ी में पढ़ने और लिखने की प्रेरणा जागृत करेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लोकसाहित्य, लोककथाओं और समृद्ध मौखिक परंपराओं की धरोहर रही है। ऐसे में रायपुर साहित्य उत्सव राज्य की इस सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करने का सुअवसर बनेगा।
छत्तीसगढ़ में हेल्थकेयर कौशल विकास को नई गति — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में राज्य कौशल प्राधिकरण और सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच महत्वपूर्ण एमओयू
युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर, गुणवत्ता आधारित प्रशिक्षण और आधुनिक चिकित्सा हेतु विशेषज्ञ मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में बड़ा निर्णय
रायपुर । शौर्यपथ
नए वर्ष के पहले दिन छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं और कौशल विकास को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण तथा सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के बीच हेल्थकेयर क्षेत्र में कौशल उन्नयन के लिए महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
हेल्थकेयर क्षेत्र में व्यापक सुधार का रोडमैप
यह एमओयू राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र का दायरा बढ़ाने, रोजगार सृजन को गति देने और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में गेमचेंजर साबित होगा। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विविध व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य—
युवाओं को विशेषज्ञ कौशल उपलब्ध कराना
आधुनिक चिकित्सा जरूरतों के अनुरूप मानव संसाधन तैयार करना
प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों तक सेवाओं का विस्तार
प्रशिक्षण कार्यक्रम आवासीय एवं गैर-आवासीय दोनों स्वरूपों में पूर्णतः निःशुल्क होंगे।
चार प्रमुख कोर्सों में मिलेगा विशेषज्ञ प्रशिक्षण
एमओयू के तहत युवाओं को रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण देने के लिए मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी,कार्डियोलॉजी तकनीशियन , ईसीजी तकनीशियन,कार्डियक केयर तकनीशियन,इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन (EMT) से सम्बंधित स्वास्थ्य तकनीकी पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे .ये कोर्स युवाओं को स्वास्थ्य संस्थानों, अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं में कार्य करने योग्य कुशल पेशेवर के रूप में तैयार करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय — “कौशल विकास ही विकास की रीढ़”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि—
“राज्य सरकार कौशल विकास को विकास की सबसे सशक्त नींव मानती है। विशेषकर हेल्थकेयर क्षेत्र में प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन तैयार करना समय की आवश्यकता है। यह एमओयू स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ युवाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसर खोलेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल से हेल्थकेयर सेवाओं का विस्तार राज्य के दूरस्थ अंचलों तक हो सकेगा और प्रशिक्षित युवा आधुनिक चिकित्सा तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगे।
कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष सी. श्रीनिवास, ट्रस्ट के प्रतिनिधि और कौशल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
भोरम देव कॉरिडोर विकास से छत्तीसगढ़ के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
धार्मिक-ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
रायपुर / शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थल भोरमदेव के लिए नया वर्ष 2026 एक ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ प्रारंभ होने जा रहा है। लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली ‘भोरमदेव कॉरिडोर विकास परियोजना’ का भूमिपूजन 01 जनवरी को संपन्न होगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। यह अब तक की छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी केंद्रीय पर्यटन परियोजना मानी जा रही है।
इस परियोजना का भूमिपूजन 01 जनवरी को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत के करकमलों से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की गरिमामय उपस्थिति में होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं श्री अरुण साव, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, सांसद श्री संतोष पाण्डेय, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल श्री नीलू शर्मा सहित विधायकगण, निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षगण एवं स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे।
‘छत्तीसगढ़ के खजुराहो’ के नाम से प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर अपनी प्राचीन स्थापत्य कला और धार्मिक आस्था के लिए देश-विदेश में विख्यात है। इस कॉरिडोर के विकास से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को नई गति मिलेगी। हाल ही में मंदिर का केमिकल संरक्षण कार्य भी पूर्ण किया गया है, जिससे इस धरोहर की दीर्घकालीन सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
परियोजना के अंतर्गत मुख्य मंदिर परिसर, तालाब क्षेत्र, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ मंदिर, शिव प्लाजा, मेला ग्राउंड एवं सरोधा डैम में प्रवेश द्वार, प्लाजा, संग्रहालय, मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, पार्क, ब्रिज, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, कैफेटेरिया, फूड कोर्ट, बोटिंग एवं वाटर स्पोर्ट्स जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इस परियोजना से पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। भोरमदेव कॉरिडोर का भूमिपूजन छत्तीसगढ़ के पर्यटन इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित गौ विज्ञान परीक्षा–2025 के लिए तैयार किए गए संदर्भ ग्रंथ “गाय धर्म एवं विज्ञान” के नवीनतम संस्करण का अपने निवास कार्यालय में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में विमोचन किया।
मुख्यमंत्री साय ने ग्रंथ को गौ विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों और समाज के लिए उपयोगी बताते हुए समिति के प्रयासों की सराहना की और इसे ज्ञानवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
इस अवसर पर ग्रंथ के संपादक सुबोध राठी ने जानकारी देते हुए बताया कि पुस्तक में गौ की उत्पत्ति से जुड़े पौराणिक तथ्यों के साथ-साथ गाय के दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र पर हुए विभिन्न वैज्ञानिक शोधों को प्रमाणों सहित बच्चों के अध्ययन हेतु सरल एवं व्यवस्थित रूप में संकलित किया गया है। इसके साथ ही गौ-आधारित कृषि, पंचगव्य उत्पादों का वैज्ञानिक विश्लेषण तथा गौ के पर्यावरणीय महत्व को भी विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
विमोचन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रांत संयोजक अन्ना सपारे, मनोज पाण्डेय, हार्दिक कोटक, मन्मथ शर्मा, दुलार सिंह सिन्हा,हेमराज सोनी,विक्रम केवलानी,अनुज तुलावी, श्रीमती रेवा यादव,विक्रांत शर्मा, श्याम अड़ेपवार, शंभु दास महंत सहित संपादक मंडल के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में रायपुर की प्रथम महिला विधायक स्वर्गीय श्रीमती रजनी दत्तात्रेय उपासने के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री “अनटोल्ड स्टोरी ऑफ स्व. रजनी दत्तात्रेय उपासने” का विमोचन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्रीमती उपासने के सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसेवा से जुड़े योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और प्रेरणा का प्रतीक रहा है। आपातकाल जैसे कठिन दौर में लोकतंत्र की रक्षा से लेकर रायपुर के विकास, महिलाओं और वंचित वर्गों के उत्थान तक उनका योगदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कि यह डॉक्यूमेंट्री आने वाली पीढ़ियों को उनके व्यक्तित्व और कार्यों से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगी। विमोचन कार्यक्रम के दौरान श्री सच्चिदानंद उपासने सहित उनके परिजन उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ /
देश की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत, साहस और सर्वोच्च बलिदान की परंपरा को स्मरण करते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी), रायपुर में वीर बाल दिवस के अवसर पर एक ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्थान के गो ग्रीन क्लब द्वारा शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 को उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
इस शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी आयोजन का सफल संचालन डॉ. डी. सी. झारिया, एसोसिएट प्रोफेसर, एप्लाइड जियोलॉजी विभाग; डॉ. गोविंद पी. गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग; डॉ. शशिकांत वर्मा, सहायक प्राध्यापक, यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग; तथा डॉ. नितेश के. भारद्वाज, सहायक प्राध्यापक, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के समन्वय में किया गया।
क्विज प्रतियोगिता का उद्देश्य वीर बाल दिवस के माध्यम से साहिबज़ादों के अद्वितीय साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए विद्यार्थियों में भारत की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता विकसित करना था। प्रतियोगिता में कुल 27 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी सूझ-बूझ, त्वरित निर्णय क्षमता तथा बौद्धिक दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
इस आयोजन ने छात्रों में बौद्धिक सहभागिता को सशक्त रूप से प्रोत्साहित किया तथा उनमें साहस, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतियोगिता में भिरेंद्र साहू ने प्रथम पुरस्कार, भावेश गिलहरे ने द्वितीय पुरस्कार तथा आकाश ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। अंकुश तिवारी को चतुर्थ पुरस्कार और हिमांशु वर्मा को पंचम पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त चंद्रादित्य साहू एवं चिन्मय साहू को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों, अतिथियों एवं दर्शकों की सक्रिय उपस्थिति ने प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया और आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम का समापन अत्यंत सफल एवं गरिमामय वातावरण में हुआ। यह आयोजन सभी प्रतिभागियों और उपस्थितजनों पर गहरा एवं सकारात्मक प्रभाव छोड़ते हुए वीर बाल दिवस 2025 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर में एक प्रेरणादायी और स्मरणीय अवसर के रूप में स्थापित करने में सफल रहा।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने क्रिसमस पर्व की प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दी हैं। उन्होंने कहा कि क्रिसमस का पर्व प्रेम, करुणा, त्याग और सेवा की भावना को सुदृढ़ करने का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने कामना की कि क्रिसमस का यह पर्व प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, स्वास्थ्य, समृद्धि और शांति लेकर आए तथा सभी के प्रयासों से छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े।
मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय श्री शुक्ल के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शैलेन्द्र नगर स्थित वरिष्ठ साहित्यकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय श्री विनोद कुमार शुक्ल के निवास पहुँचे और उनके अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय श्री शुक्ल के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं तथा असंख्य पाठकों और साहित्य-प्रेमियों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी से उपजे महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन से हिंदी साहित्य जगत को अपूरणीय क्षति पहुँची है। उनकी रचनाएँ संवेदनशीलता, मानवीय सरोकारों और सरल किंतु गहन अभिव्यक्ति की अनुपम मिसाल हैं।उन्होंने कहा कि श्री शुक्ल की लेखनी ने हिंदी साहित्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की। उनका साहित्य न केवल पाठकों को गहराई से स्पर्श करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बना रहेगा। साहित्य जगत में उनका अवदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह एक ऐसे सृजनशील व्यक्तित्व की अंतिम यात्रा थी, जिन्होंने साहित्य जगत को ऐसी अनमोल कृतियाँ दीं, जो साहित्य संसार की थाती है। साहित्यकार और कवि के विचार सदैव जीवित रहते हैं, उनकी कलम की स्याही, शब्दों में अमर हो जाती है। विनोदजी का साहित्य हमारी सांस्कृतिक चेतना को दिशा देता रहेगा, उनकी स्मृतियाँ सदैव हमारे बीच जीवंत रहेंगी।
श्री शुक्ल को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।इस अवसर पर कवि डॉ. कुमार विश्वास, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी अलोक सिंह, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार, जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी गण उपस्थित रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
