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रायपुर / शौर्यपथ /
राष्ट्रीय प्रेस दिवस के मौके पर आज जनसंपर्क संचालनालय में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस विचार गोष्ठी में संपादकों, वरिष्ठ पत्रकारों और जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
वरिष्ठ संपादक जयप्रकाश मिश्रा ने कहा कि कुछ लोग अपने हितों को सुरक्षित रखने के लिए भ्रामक सूचनाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ एक ही तरह की भ्रामक सामग्री को भेजते हैं, जिससे उसका एल्गोरिदम बढ़ जाता है और पाठक भ्रमित होकर उसे सच मान बैठता है। उन्होंने दिल्ली मेट्रो का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीधरन जी जब भी मेट्रो में किसी तरह की रूकावट आती थी तब तुरंत ही सूचना प्रचार माध्यमों में समाचार जारी कर तकनीकी त्रुटि को ठीक करने में लगने वाला संभावित समय भी बता देते थे। जब सही और गुणवत्तापूर्ण सूचनाएं आगे बढ़ती हैं तो भ्रामक सूचनाएं ठहर नहीं पाती।
संपादक रवि भोई ने कहा कि खबरों की सच्चाई अहम है इससे समझौता नहीं करना चाहिए। भले ही समय लगता हो लेकिन पुष्टि के पश्चात ही खबरे प्रसारित करना चाहिए। संपादक श्री एएन द्विवेदी ने कहा कि सूचनाओं की गुणवत्ता और उनके प्रसारण से पडऩे वाले प्रभाव के आधार पर बेहद गंभीरता बरतते हुए इन्हें जनसामान्य को प्रेषित किया जाना चाहिए। इसमें छोटी चूक भी बड़ी दुर्घटना का रूप ले लेती है। वरिष्ठ पत्रकार अशोक साहू ने कहा कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता के मानदंडों पर यदि काम किया जाए तो किसी तरह की भ्रामक सूचना जाने की आशंका नहीं रहती।
अपर संचालक उमेश मिश्रा ने कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता लोकतंत्र का आधार स्तंभ है, इसे किसी भी कीमत पर बनाए रखना जरूरी है। मीडिया को तकनीकी बदलाव के चलते तेजी से फैलती गलत सूचनाओं पर अपनी जिम्मेदारी के साथ-साथ सतर्कता बरतनी होगी।
अपर संचालक आलोक देव ने कहा कि मीडिया की सबसे बड़ी ताकत है उसकी विश्वसनीयता। मीडिया सिर्फ खबरे नहीं देता, प्रेस मार्गदर्शन करता है, संदेह दूर करता है और विश्वास का निर्माण करता है। उप संचालक श्री सौरभ शर्मा ने कहा कि आज का दौर एआई का है ऐसे समय में गलत सूचनाओं का एल्गोरिथम बढऩे से व्यापक रूप से हमारे बीच पहुंचता है। हमें ऐसी सूचनाओं को जांच-परख कर ही प्रसारित करना चाहिए। कार्यक्रम में अरविन्द मिश्रा सहित अनेक लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनसंपर्क विभाग के अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मदिरा दुकानों की सतत् जांच और मदिरा व अन्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार संलिप्त लोगों के विरूद्ध करें कठोर कार्रवाई
रायपुर / शौर्यपथ / आबकारी विभाग की सचिव सह आबकारी आयुक्त सुश्री आर. शंगीता ने आज नवा रायपुर स्थित कार्यालय में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सभी जिलों, उड़नदस्ता, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पाेरेशन लिमिटेड तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर सचिव सह आयुक्त ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 12,500 करोड़ रूपए के राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति हेतु ठोस रणनीति अपनाने, दुकानवार समीक्षा करने और अनुशासन के साथ कार्य संपादन के निर्देश दिए।
सचिव सह आबकारी आयुक्त ने बैठक में राजस्व लक्ष्य की जिलेवार समीक्षा करते हुए जिन जिलों ने अक्टूबर माह तक लक्ष्य की प्राप्ति की है, उन्हें सतत् कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए। वहीं लक्ष्य से पीछे चल रहे जिलों को इसके कारणों की दुकानवार समीक्षा कर कमी की पूर्ति हेतु विस्तृत कार्य-योजना बनाकर तत्परता से अमल में लाने के निर्देश दिए गए।
सुश्री शंगीता ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार मदिरा स्कंध का संधारण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि इस बात का वह विशेष रूप से ध्यान रखें कि किसी भी स्थिति में कहीं भी निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर मदिरा का विक्रय न होने पाए। उन्होंने अधिकारियों को मदिरा दुकानों में नियम और अनुशासन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। दुकानों में उपलब्ध मदिरा को नियमानुसार दरों सहित रैकों में प्रदर्शित करने कहा गया, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और सुविधा मिल सके।
सचिव सह आबकारी आयुक्त ने बैठक में अधिकारियों को इस बात की स्पष्ट हिदायत दी कि मदिरा में किसी प्रकार की मिलावट न होने पाए। इसके लिए सभी जिला अधिकारी सप्ताह में कम से कम दो दिन आकस्मिक निरीक्षण करने और वहां पाई गई अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, दुकानों में पेटीएम या अन्य कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए।
सचिव सह आयुक्त ने प्रदेश में संचालित बारों, क्लबों, होटलों और ढाबों की आकस्मिक जांच करने तथा समय पश्चात संचालन अथवा अवैध मदिरा विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और विक्रय पर सख्त नियंत्रण रखने हेतु आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से सहयोग लेने के निर्देश दिए गए।
राज्य की अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों को अन्य राज्यों की मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने और सीसीटीवी कैमरों के सुचारू संचालन की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा विभाग में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई तथा कर्मचारियों के पेंशन और अनुकम्पा नियुक्ति से संबंधित प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में विशेष सचिव आबकारी विभाग श्री देवेन्द्र सिंह भारद्वाज सहित मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, संभागीय व जिला आबकारी अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। यह भेंट औपचारिक शिष्टाचार के साथ आत्मीय संवाद का भी अवसर बनी।
उपराज्यपाल श्री सिन्हा ने मुख्यमंत्री श्री साय को माता वैष्णो देवी का पवित्र प्रसाद भेंट कर श्रद्धा और सौहार्द का संदेश दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस स्नेहिल gesture के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर ‘बस्तर आर्ट’ का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।
इस अवसर पर दोनों नेताओं ने राज्यों के बीच आपसी सहयोग, पर्यटन एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और सुदृढ़ करने की भावना व्यक्त की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती सदैव अतिथियों के स्वागत के लिए तत्पर रहती है, वहीं उपराज्यपाल श्री सिन्हा ने छत्तीसगढ़ की सादगी, समृद्ध संस्कृति और जनउदारता की सराहना की।
बैठक का माहौल सौहार्दपूर्ण और प्रेरक रहा, जिसमें राष्ट्रीय एकता, विकास और लोकसंस्कृति के संरक्षण जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए।
“माता वैष्णो देवी का यह प्रसाद छत्तीसगढ़ के जन-जन के कल्याण और उन्नति का प्रतीक बने,” — श्री मनोज सिन्हा, उपराज्यपाल, जम्मू-कश्मीर
“बस्तर कला हमारी आत्मा की अभिव्यक्ति है — इसे उपहार स्वरूप देना हमारे लोकगौरव का प्रतीक है,” — श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
— शौर्यपथ समाचार
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का 9 नवंबर 2025 का कार्यक्रम जनसंपर्क, धार्मिक आस्था व छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संदेश लिए रहा। वे सुबह मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन रायपुर से पूज्य महामाया मंदिर, रतनपुर के लिए रवाना हुए जहां कलश महोत्सव 2025 का उद्घाटन और आरती कर राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सम्मानित किया। इसके बाद उनका काफिला बालोद जिले के समरगांव पहुँचा जहां मिनी स्टेडियम में पुष्प प्रज्वलन समारोह और जनसभा में “छत्तीसगढ़ प्रदेश उत्थान” का संकल्प लिया गया।
शाम को वे विभिन्न लोक कल्याण व ग्राम विकास योजनाओं के तहत हेलिपैड ग्राम चेरवा मैदान, बालोद, तथा समरगांव मिनी स्टेडियम आदि कार्यक्रमों में भाग लेकर रायपुर लौटे। रात्रि में पुनः मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर आरती एवं संवाद के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
मुख्यमंत्री साय के इस कार्यक्रम में धार्मिक, प्रशासनिक और जनसंपर्क का पूर्ण समन्वय दिखा, जिससे आम जनता और प्रशासन के बीच विश्वास तथा विकास की गति को नया बल मिला।
रायपुर/ शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी की सरकार को सहकारिता विरोधी, कर्मचारी विरोधी और किसान विरोधी करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार की दुर्भावना और अकर्मण्यता के चलते छत्तीसगढ़ के 2739 उपार्जन केदो में धान खरीदी को लेकर संशय की स्थिति है। समर्थन मूल्य पर खरीब सीजन 2025-26 के उपार्जन शुरू होने में बमुश्किल एक हफ्ते का समय बचा है लेकिन अब तक कोई तैयारी सरकार के स्तर पर नजर नहीं आ रही है, उल्टे छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर पड़ा हुआ है जिला सहकारी बैंक के कर्मचारी भी सरकार की उपेक्षा से व्यथित होकर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे चुके हैं, उपार्जन केंद्रों के कंप्यूटर ऑपरेटरों ने भी सहकारी समितियों के कर्मचारी के हड़ताल को अपना समर्थन दे दिया है, ऐसे में छत्तीसगढ़ के किसान चिंतित हैं कि धान की खरीदी आखिर होगी कैसे?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने प्रदेश के हर वर्ग को ठगा है पिछले साल भी इन कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया था, सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल समाप्त किया, लेकिन यह आदेश केवल कागज का टुकड़ा साबित हुआ, जमीन पर कोई कार्य कर्मचारियों के मांगों के संदर्भ में नहीं हुआ। प्रबंधकीय अनुदान, वेतन और नियमितीकरण, धान के उठाव न होने पर सुखत (शॉर्टेज) क्षतिपूर्ति की राशि, वेतनमान विसंगति, इंक्रीमेंट, पेंशन और भविष्य निधि जैसे अपने मूलभूत अधिकारों के लिए सोसाइटियों के कर्मचारी आंदोलित है, लेकिन यह सरकार अब तक सोई हुई है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सहकारिता विरोधी भाजपा की सरकार में सोसाइटियों और कोऑपरेटिव बैंकों बर्बाद करने का षडय़ंत्र रचा गया है। इसीलिए संग्रहण केंद्रों से 72 घंटे के भीतर उठाव के नियम को बदल दिया गया। सरकार कुप्रबंधन के चलते ही सहकारी समितियों को पिछले खरीदी के दौरान 11 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ। समय पर उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव नहीं होने और केंद्री पुल में चावल के कम खरीदी के चलते धान खराब होने से सहकारी समितियों को नुकसान हुआ जिसकी भरपाई यह सरकार नहीं कर रही है। समितियों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है इससे वित्तीय असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो गई।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि स्वीकृत करने का आदेश माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में दिया है, उसके बावजूद यह सरकार उसे रोक रखी है। विगत 29 अक्टूबर से कर्मचारी आंदोलित हैं लेकिन इस सरकार के कान में जू तक नहीं रेंग रही है। भाजपा सरकार नहीं चाहती कि धान खरीदी तय समय में शुरू हो और किसानों से निर्बाध खरीदी संपन्न हो सके।
दुख की घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है, परिवारों को मिलेगा हरसंभव मदद : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
डिप्टी सीएम अरुण साव ने जिला प्रशासन, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को बचाव एवं राहत कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश
रायपुर / शौर्यपथ / उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बिलासपुर के पास हुई दुखद रेल दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि, कोरबा पैसेंजर ट्रेन एवं मालगाड़ी के बीच भिड़ंत होने से कुछ यात्रियों के हताहत होने की प्रारंभिक सूचना मिली है। श्री साव ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों के प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्ति की है। और ईश्वर से अन्य यात्रियों के सकुशल होने और घायलों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
श्री साव ने कहा कि, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, बचाव दल एवं जिला प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव व राहत कार्य में लगे हैं। प्रशासन और रेलवे के अधिकारियों द्वारा घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि, हमारी सरकार इस दुख की घड़ी में दुर्घटना में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी ने दिया है। घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था की जा रही है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने वरिष्ठ अधिकारियों से दूरभाष पर बात कर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए हैं। वे बचाव कार्य में लगे संबंधित अधिकारियों से लगातार सम्पर्क में हैं।
रायपुर / शौर्यपथ / देश के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन का आज स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने नक्सल मोर्चे पर अदम्य साहस दिखाने वाले दो शहीदों के परिजनों और 12 पुलिस जवानों को प्रदान किए वीरता पदक
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम राज्योत्सव के चौथे दिन नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राज्योत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने अपनी स्थापना के 25 वर्षों में विकास की नई गाथा लिखी है। राज्य ने हर क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 1 नवम्बर को दिनभर नवा रायपुर में रहकर राज्योत्सव का शुभारंभ किया और विधानसभा के नए भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने अपने प्रवास के दौरान राज्य को 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी है। इसके लिए मैं राज्य के तीन करोड़ लोगों की ओर से उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि अलग राज्य के निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ उपेक्षा के दंश से मुक्त हुआ। अटलजी की दूरदृष्टि से छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति मिली। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांव-गांव तक पक्की सड़क पहुँची, जिससे ग्रामीण विकास के द्वार खुले। शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना सहित सभी क्षेत्रों में तीव्र गति से कार्य हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 22 महीनों में ‘मोदी की गारंटी’ के अधिकांश बड़े कार्यों को पूरा किया है। हम राज्य में स्वच्छ, संवेदनशील और पारदर्शी शासन के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी उद्देश्य से हमने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य निर्माण से पूर्व बस्तर और सरगुजा के सुदूर वनांचल उपेक्षा का शिकार हुआ करते थे। स्वास्थ्य, शिक्षा और निर्माण सुविधाओं के अभाव में ये क्षेत्र नक्सल हिंसा की पीड़ा सहते हुए दयनीय अवस्था में थे। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस पीड़ा को समझते हुए अलग राज्य का निर्माण किया, जिसके बाद से छत्तीसगढ़ लगातार विकास की राह पर अग्रसर है। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सभी नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री ने 14 पुलिस जवानों को प्रदान किए वीरता पदक
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नक्सल ऑपरेशन में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले पुलिस के 14 जवानों को वीरता पदक प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश राव गिरिपुंजे और शहीद वीरेंद्र कुमार शोरी के परिजनों सहित नक्सल मोर्चे पर जांबाजी के साथ लड़ने वाले पुलिस जवानों श्री धरम सिंह तुलावी, श्री विजय पुनेंग, श्री गोपाल बरदू, श्री रामेश्वर ओयामी, श्री राजूलाल मरकाम, श्री समलूराम सेठिया, श्री तुलाराम ओवासी, श्री मोहन लाल कट्टम, श्री संतोष मोरामी, श्री मनोज यादव, श्री जामुराव तथा सुश्री निशा कचलाम को वीरता पदक प्रदान कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, साहित्य अकादमी संस्कृति परिषद के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम तथा संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा आज नवा रायपुर में ‘छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025’ का सफल आयोजन किया गया। यह राज्य में नवाचार, उद्यमिता और निवेश को जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक मंच साबित हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को आईटी, आईटीईएस, डिजिटल इंडस्ट्रीज और नवाचार आधारित उद्यमों का नया केंद्र बनाना है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ “नवाचार से संचालित विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।” उन्होंने कहा कि “टेकस्टार्ट के माध्यम से हम विचारों और निवेशों के बीच एक सेतु का निर्माण कर रहे हैं, जिससे युवाओं को अवसर और राज्य के विकास को गति मिलेगी। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की नई आर्थिक छलांग का प्रतीक है।”
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले दस महीनों में छत्तीसगढ़ को लगभग ₹7.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो निवेशकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास नीति 2024–30 निवेशकों के अनुकूल और विकासोन्मुख है, जो नए उद्योगों, स्टार्टअप्स और तकनीकी उद्यमिता को गति देगी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा माहौल बनाना है, जहाँ स्टार्टअप्स फलें-फूलें और निवेशकों को स्थायी एवं विस्तार योग्य अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है और आने वाले वर्षों में यह डिजिटल भारत के मानचित्र पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित होगा।”
इस आयोजन में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI), MeitY स्टार्टअप हब, और देश के प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञों, निवेशकों एवं इनोवेटर्स ने भाग लिया। कार्यक्रम में आईटी और आईटीईएस क्षेत्रों में सहयोग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन रणनीतियों और निवेश साझेदारियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
देशभर से 250 से अधिक निवेशक, इनक्यूबेटर और इनोवेटर इस आयोजन में शामिल हुए। यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा इनोवेशन नेटवर्किंग इवेंट रहा। नवा रायपुर में भारत के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना भी जारी है, जो छत्तीसगढ़ को उच्च तकनीकी, डाटा इनोवेशन और रोजगार सृजन के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
मुख्य घोषणाएँ
राज्य सरकार ने स्टार्टअप्स और इनोवेशन को बढ़ावा देने हेतु MeitY Startup Hub, नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन, वाधवानी फाउंडेशन, NASSCOM फाउंडेशन, Startup Middle East और Carve Startup Labs के साथ रणनीतिक साझेदारियाँ की हैं। इन समझौतों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, वैश्विक नेटवर्क और फंडिंग के अवसर प्राप्त होंगे।
औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्टार्टअप प्रोत्साहन अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा घोषित नई नीति के तहत स्टार्टअप्स को ₹5 लाख तक की सीड फंडिंग, 6 माह के संचालन उपरांत ₹3 लाख तक का ऑपरेशनल सपोर्ट और 18 माह बाद ₹3 लाख तक का डेवलपमेंट सपोर्ट प्रदान किया जाएगा।
उद्यमिता को सशक्त बनाने हेतु ₹50 करोड़ का स्टार्टअप कोर्पस फंड और ₹50 करोड़ का क्रेडिट रिस्क फंड स्थापित किया गया है। साथ ही तीन वर्षों तक 40 प्रतिशत किराया अनुदान तथा 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी छूट दी जाएगी।
इनक्यूबेटर्स के लिए ₹40 लाख तक की पूंजीगत सहायता और 5 वर्षों तक प्रतिवर्ष ₹3–5 लाख के ऑपरेशनल सपोर्ट का प्रावधान किया गया है, ताकि राज्य का नवाचार तंत्र दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ रह सके।
कार्यक्रम के अंत में छत्तीसगढ़ आइडियाथॉन 2025 के विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने अभिनव विचारों और तकनीकी समाधानों से राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा दी है।
‘छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025’ के माध्यम से राज्य ने एक नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में अपने संकल्प को दोहराया है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को आईटी, आईटीईएस और टेक्नोलॉजी निवेश के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है - जहाँ विचारों को अवसर मिलता है, पूंजी को उद्देश्य मिलता है और नवाचार प्रगति का इंजन बनता है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
