August 02, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6077)

    अंतर्राष्ट्रीय योग शिविर में शामिल हुए राज्यपाल

    रायपुर, /  राज्यपाल श्री रमेन डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित योग शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। राज्यपाल ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संदेश का वाचन किया एवं सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया।

    अपने संबोधन में राज्यपाल ने बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि यह हर्ष का विषय है कि पूरा छत्तीसगढ़ इस ऐतिहासिक अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रहने की कामना की।

    श्री डेका ने प्रदेशवासियों से कहा कि योग को जीवनशैली में शामिल करें, प्रतिदिन योगाभ्यास की आदत बनाए और बच्चों को भी इसकी आदत डाले जिससे उनका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और वे भविष्य में देश के अच्छे नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मन और भावनाओं को सुदृढ़ बनाकर व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    इस अवसर पर श्री डेका ने विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

    योगाभ्यास कार्यक्रम में विधायकगण सर्वश्री पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, सुनील सोनी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री विकास शील, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पुलिस कमिश्नर रायपुर श्री संजीव शुक्ला, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुए।

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बलरामपुर में हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

    नियमित योग, नशामुक्त जीवन और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

    रायपुर / अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बलरामपुर जिले में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के साथ व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल के हाई स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले की प्रभारी मंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सहभागिता करते हुए विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास किया तथा नागरिकों को नियमित योग अपनाने का संदेश दिया।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के अनेक देशों में योग को स्वास्थ्य, संतुलन और मानव कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। योग और अध्यात्म एक-दूसरे के पूरक हैं तथा यह व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन की दिशा प्रदान करते हैं।

    उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। योग ऐसी प्राचीन भारतीय साधना है, जो तन, मन और आत्मा को संतुलित कर निरोग जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है। योग व्यक्ति में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नई ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए उपस्थित लोगों को नियमित योग एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया।

    कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा चेरवा, नगर पालिका अध्यक्ष श्री लोधीराम एक्का, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर प्रशिक्षकों द्वारा ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन, वज्रासन, मकरासन सहित विभिन्न योगासनों के साथ भ्रामरी प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

    कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने स्काउट-गाइड, रोवर एवं रेंजर के विद्यार्थियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने तथा अनुशासन, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। इसके पश्चात उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत हाई स्कूल मैदान परिसर में मौलश्री का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पौधरोपण कर हरित बलरामपुर के संकल्प को मजबूत किया।

    जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने उपस्थित जनसमूह को नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में योग तथा नशामुक्त जीवनशैली की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर योग को जीवन का हिस्सा बनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने की अपील की।

    जिले के सभी विकासखंडों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों, वृद्धाश्रमों तथा विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों पर भी सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

      रायपुर, / राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ शासन की स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत युवा अधिवक्ता सुश्री सुगंधा जैन ने सौजन्य भेंट की।

    सुश्री सुगंधा जैन एनसीईआरटी अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान में बाहरी पॉश प्रशिक्षक के रूप में भी कार्यरत है तथा वे वर्ष 2025 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भारत की ओर से जज की भूमिका निभाने वाली पहली भारतीय बनी थी। राज्यपाल ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। भेंट के दौरान उनकी माता श्रीमती इंदिरा जैन भी उपस्थित थी।

      रायपुर, / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में टीवी मुक्त भारत के तहत छत्तीसगढ़ को टीवी मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत किए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की।

    मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में कार्य करने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा है कि राज्य में टीबी के मरीजों की जांच के लिए व्यापक स्तर पर जांच शिविर लगाये जायें। जिसमें जांच के दौरान मिलने वाले टीबी के मरीजों का त्वरित ईलाज किया जाए। इसके लिए प्रत्येक गांव और शहरों में विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने टीबी मरीजों के जांच के लिए सभी जरूरी उपकरणों एक्स-रे मशीन एवं रेडियोग्राफरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा है।

    श्री विकासशील ने मरीजों की शीघ्र पहचान कर ईलाज शुरू किया जाना चाहिए एवं मरीजों को स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत पोषण आहार एवं पौष्टिक सामग्री हेतु निर्धारित राशि तुरंत उपलब्ध कराया जाना चाहिए। टीबी मुक्त अभियान के अंतर्गत जो गांव और ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त होती है। इसके बारे में गांव में होने वाली ग्राम सभा में लोगों को बताया जाना चाहिए। इसी तरह से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की घर-घर जाकर जांच की जाए। महिलाओं के बीपी, वजन, हिमोग्लोबिन इत्यादि की जांच की जाए। आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को एफआरयू में रेफर किए जाए।

    मुख्य सचिव ने बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की स्क्रीनिंग की जाए। सभी आंगनबाड़ी, स्कूलों में हर बच्चें की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। रोग युक्त पाए जाने बच्चों को बड़े अस्पतालों में ईलाज के लिए भेजा जाए। अस्पतालों में ईलाज करा रहे बच्चों की टैªकिंग की जाकर उनके स्वास्थ्य की लगातार मॉनिटरिंग कर समुचित उपचार दिया जाए। सभी शिशुओं को जरूरी टीके लगाए जाये। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत राज्य में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

      रायपुर, /राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कमल विहार रायपुर स्थित लगभग 230 एकड़ क्षेत्र में फैले गजराज बांध को रायपुर शहर की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति के लिए एक विशाल जलाशय के रूप में विकसित करने की पहल की है। राज्यपाल ने आज लोकभवन में नगर निगम रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे और अतिरिक्त कमिश्नर श्री विनोद पाण्डेय के साथ इस संबंध में विशेष चर्चा की।

    राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में सिंचाई कार्याे में उपयोग नहीं हो रहे गजराज बांध की आवश्यक मरम्मत कर इसे रायपुर शहर की लाइफलाइन बनाया जा सकता है। इस बांध को एक पेयजल भंड़ार के रूप में विकसित करने से शहर को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। राज्यपाल ने महापौर से संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए दिशा निर्देश दिए है।

    मंत्रिमंडल के साथ फिल्म देखने की जताई इच्छा, वीर नारायण सिंह और गुरु घासीदास पर भी फिल्म निर्माण का दिया सुझाव

    भिलाई। छत्तीसगढ़ में निर्मित हिंदी फिल्म 'रमाई' की प्रमुख अभिनेत्री प्रेरणा धाबर्डे, प्रमुख अभिनेता एवं निर्माता डॉ. उदय धाबर्डे तथा फिल्म की पूरी टीम ने राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फिल्म की विषयवस्तु और संकल्पना की सराहना करते हुए कहा कि त्याग, संघर्ष और समर्पण की प्रतिमूर्ति माता रमाबाई आंबेडकर का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रेरक जीवनगाथाओं पर आधारित फिल्में नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और आदर्शों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सिनेमा समाज को दिशा देने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने फिल्म की सराहना करते हुए इसे मंत्रिमंडल के साथ देखने की इच्छा व्यक्त की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म की टीम की मुलाकात राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से कराने का प्रयास किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वर्ष छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति वंदन वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और मातृशक्ति के संघर्ष, त्याग एवं योगदान को प्रदर्शित करने वाली छत्तीसगढ़ में निर्मित यह पहली हिंदी फिल्म एक महत्वपूर्ण पहल है।

    फिल्म की प्रमुख अभिनेत्री प्रेरणा धाबर्डे ने बताया कि 'रमाई' केवल एक ऐतिहासिक चरित्र की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय नारी शक्ति, धैर्य, समर्पण और संघर्ष की प्रेरणादायी गाथा है। वहीं प्रमुख अभिनेता एवं निर्माता डॉ. उदय धाबर्डे ने कहा कि फिल्म के निर्माण में ऐतिहासिक तथ्यों, सामाजिक संदर्भों एवं गहन शोध का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि दर्शकों तक एक प्रामाणिक और प्रेरक कथा पहुंच सके।

    मुख्यमंत्री साय ने फिल्म निर्माण टीम को सुझाव दिया कि छत्तीसगढ़ के महान विभूतियों शहीद वीर नारायण सिंह और संत गुरु घासीदास के जीवन पर भी फिल्म निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्मों के निर्माण में राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। साथ ही भविष्य में छत्तीसगढ़ शासन की प्रचारात्मक फिल्मों में अवसर उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया।

    मुख्यमंत्री ने फिल्म की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि 'रमाई' समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करने और मातृशक्ति के योगदान को सम्मान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    इस अवसर पर फिल्म से जुड़े कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों एवं अन्य सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर फिल्म की आगामी योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी साझा की।

    1281 प्रतिभागियों ने 16 कला विधाओं में निखारी प्रतिभा, लोक संस्कृति और आधुनिक तकनीक का हुआ अनूठा संगम

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, कला, संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प और आधुनिक रचनात्मकता को एक मंच पर समेटने वाला संस्कृति विभाग का प्रतिष्ठित कला प्रशिक्षण शिविर ‘आकार-2026’ रंगारंग प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक उल्लास के बीच भव्य रूप से संपन्न हो गया। 25 मई से 9 जून तक महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में आयोजित 16 दिवसीय शिविर में प्रदेशभर से आए 1281 प्रतिभागियों ने 16 विभिन्न कला विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी प्रतिभा को नई उड़ान दी।

    नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ना समय की मांग : बृजमोहन अग्रवाल

    समापन समारोह के मुख्य अतिथि एवं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कला और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों को मिट्टी, प्रकृति और सृजन से जोड़ना जरूरी है।

    उन्होंने कहा, "जिस दिन बच्चे मिट्टी से जुड़कर सृजन करना सीख जाएंगे, उनका जीवन संवेदनशीलता और आनंद से भर जाएगा। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोककलाओं और परंपराओं की जानकारी देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।"

    उन्होंने सुझाव दिया कि ‘आकार’ जैसे शिविर प्रदेश के सभी संभागों में आयोजित किए जाएं तथा छत्तीसगढ़ी हस्तशिल्प और पारंपरिक आभूषणों के लिए स्थायी विक्रय केंद्र विकसित किए जाएं, ताकि कलाकारों को बेहतर बाजार और आर्थिक अवसर मिल सकें।

    परंपरा और तकनीक का अनूठा संगम

    संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि ‘आकार’ केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने का सशक्त अभियान है।

    इस वर्ष शिविर की विशेषता रही कि प्रतिभागियों को एक ओर टेराकोटा, गोदना कला, जूट शिल्प, रजवार भित्ति चित्र, मंडला-मांडना कला, कथक, भरथरी गायन और लोककलाओं का प्रशिक्षण दिया गया, वहीं दूसरी ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कला तकनीकों से भी परिचित कराया गया। इससे परंपरा और आधुनिकता के बीच एक सशक्त सेतु का निर्माण हुआ।

    लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा समापन समारोह

    समापन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने पूरे परिसर को लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत सुवा, कर्मा, पंथी नृत्य, बांसगीत, भरथरी गायन और लोकसंगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्यों की मधुर ध्वनि और कलाकारों की जीवंत ऊर्जा ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

    कला गुरुओं को किया गया सम्मानित

    समारोह में मुख्य अतिथि ने विभिन्न विधाओं के प्रशिक्षकों और कला गुरुओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। शिविर में प्रदेश के प्रतिष्ठित कलाकारों और विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देकर उनकी रचनात्मक क्षमता को नई दिशा प्रदान की।

    सांस्कृतिक चेतना का नया अध्याय

    ‘आकार-2026’ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर केवल इतिहास की विरासत नहीं, बल्कि भविष्य की प्रेरणा भी है। 1281 प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी, अनुभवी कला गुरुओं का मार्गदर्शन और लोक संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों ने इस आयोजन को प्रदेश के सांस्कृतिक कैलेंडर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बना दिया।

    ..रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला मेटल पार्क स्थित एक फैक्ट्री में शुक्रवार को भीषण आग लगने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे परिसर में घना धुआं फैल गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री के भीतर कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

    घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी तैनात किया गया है। आग की तीव्रता को देखते हुए प्राथमिकता आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने और अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर दी जा रही है।

    मौके पर उरला थाना पुलिस, स्थानीय प्रशासन तथा अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अधिकारी पहुंच गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। फैक्ट्री परिसर के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा धुएं से भर गया, जिससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद बचाव दल सक्रिय हुआ।

    फायर ब्रिगेड की टीम लगातार पानी और अन्य संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही है। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका व्यक्त की जा रही है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

    प्रशासन ने एहतियातन आसपास की औद्योगिक इकाइयों को भी सतर्क कर दिया है ताकि किसी संभावित खतरे को रोका जा सके। फिलहाल किसी के घायल होने या हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    अधिकारियों के अनुसार आग पूरी तरह बुझने और रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त होने के बाद ही नुकसान का आकलन किया जाएगा तथा घटना की विस्तृत जांच शुरू की जाएगी।

    मुख्य बिंदु:

    • उरला मेटल पार्क की फैक्ट्री में लगी भीषण आग
    • कई लोगों के फंसे होने की आशंका
    • फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम मौके पर तैनात
    • आग लगने के कारणों का अभी खुलासा नहीं
    • शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच के बाद होगी पुष्टि
    • आसपास के औद्योगिक क्षेत्र को अलर्ट पर रखा गया

    (समाचार लिखे जाने तक राहत एवं बचाव कार्य जारी था।)

    राज्य सहकारी विकास समिति की उच्च स्तरीय बैठक संपन्न, पैक्स समितियों को बहुआयामी बनाने पर जोर

    हर ग्राम पंचायत में होगा सहकारी समिति का संचालन, दुग्ध, मत्स्य और लघु वनोपज से जोड़ी जाएंगी समितियां

    शक्कर कारखानों में मल्टीफील्ड इथेनॉल संयंत्र के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश

    रायपुर, / छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य की सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक खाद, बीज, दवा, बैंकिंग और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं सुलभता से पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य के कृषकों को सशक्त बनाने के लिए सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सहकारी समिति का संचालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्राथमिक कृषि साख समितियों को बहुआयामी स्वरूप प्रदान करने के लिए उन्हें दुग्ध, मत्स्य पालन और लघु वनोपज के कार्यों से सीधे जोड़ा जाए।

    अन्न भंडारण और जनकल्याणकारी सुविधाओं की समीक्षा

    मंत्रालय में आयोजित राज्य सहकारी विकास समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में समितियों के गठन, उद्देश्यों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सहकारी क्षेत्र के अंतर्गत पैक्स (PACS) गोदामों के निर्माण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। समितियों के माध्यम से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी आवश्यक सुविधाएं ग्रामीण अंचलों में विस्तारित करने पर जोर दिया गया।

    राष्ट्रीय समितियों से जुड़ेंगे पैक्स, डिजिटल बैंकिंग को मिलेगा बढ़ावा

    राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व

    बैठक में राज्य की सभी पैक्स समितियों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भारतीय बीज सहकारी समिति, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति की अनिवार्य सदस्यता दिलाने की रणनीति पर चर्चा की गई।

    मक्का एवं दलहन का उपार्जन

    समर्थन मूल्य पर मक्का और दलहन के सुचारू उपार्जन हेतु पैक्स समितियों एवं किसानों का पंजीयनNCCF और NAFED के आधिकारिक पोर्टल्स पर करने के निर्देश दिए गए हैं।

    माइक्रो एटीएम और रूपे कार्ड

    ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम (Micro ATM) स्थापित करने तथा सभी सदस्यों को रूपे (Rupay) , किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) उपलब्ध कराने के कार्यों की समीक्षा की गई।

    शक्कर कारखानों में इथेनॉल प्लांट और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

    मुख्य सचिव ने राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों में मल्टीफील्ड इथेनॉल संयंत्रों के निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए तत्काल समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, राज्य के शहरी सहकारी बैंकों को अम्ब्रेला संगठन से जोड़ने, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग शुरू करने, पैक्स कम्प्यूटरीकरण, पीएम किसान समृद्धि केंद्रों की स्थापना, समितियों के लिए श्रैंकिंग फ्रेमवर्कश् तैयार करने तथा पैक्स के माध्यम से ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाओं के संचालन की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया।


    इस बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना और आयुक्त सहकारिता श्री महादेव कावरे प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इनके साथ ही खाद्य, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, राज्य सहकारी बैंक (अपैक्स बैंक), भंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण, एफसीआई (FCI), राज्य भंडारगृह निगम, नाबार्ड (NABARD), राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC), राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मिलित हुए।

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