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रायपुर /
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आगमन शुरू हो गया है, जिससे प्रदेश में खेल उत्सव का माहौल बन गया है। सोमवार शाम असम से तैराकी के 10 खिलाड़ी और तमिलनाडु से 17 फुटबॉल खिलाड़ियों का दल रायपुर पहुंचा।
खिलाड़ियों के स्वागत में स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पारंपरिक रंगारंग प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह से भर दिया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और SAI के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन किया।आयोजन के तहत 23 मार्च को देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहेगा। यह पहली बार है जब इस स्तर का आदिवासी खेल आयोजन छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहा है।
यह भव्य प्रतियोगिता रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर से लगभग 3,000 जनजातीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक चलने वाले इस आयोजन में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग जैसे सात खेलों में पुरुष और महिला वर्गों के बीच रोमांचक मुकाबले होंगे।
छत्तीसगढ़वासियों के लिए यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर है, बल्कि जनजातीय संस्कृति और खेल भावना के अद्भुत संगम का भी प्रतीक बनेगा।
रायपुर / शौर्यपथ / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में मेगा तकनीकी महोत्सव ‘अनंत्य 2026’ का भव्य शुभारंभ रविवार को रायपुर के कलेक्टर एवं आईएएस अधिकारी गौरव कुमार के मुख्य आतिथ्य में हुआ। उद्घाटन समारोह में संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारी, संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान की इनोवेशन काउंसिल की संकाय प्रभारी एवं समन्वयक डॉ. रम्या सेल्वराज के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने ‘अनंत्य 2026’ को एक राष्ट्रीय मंच बताते हुए कहा कि यह देशभर के NIT, IIT और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के विद्यार्थियों को नवाचार और सहयोग के लिए एक साथ लाता है। उन्होंने इसे केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि तकनीकी और उद्यमिता क्लबों के समन्वित संगम के रूप में परिभाषित किया, जो मानव कल्पना की असीम संभावनाओं को अभिव्यक्ति देता है।
संस्थान के कुलसचिव डॉ. एन.डी. लोंढे ने कहा कि ‘अनंत्य’ पहली बार सभी प्रमुख छात्र क्लबों के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया जा रहा है, जिससे यह मध्य भारत के सबसे बड़े तकनीकी आयोजनों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों के विचारों को उद्योगोन्मुख समाधानों में बदलना और उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।
प्रोफेसर डॉ. श्रीश वर्मा ने आयोजन टीम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच छात्रों के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और उन्हें अपने विचारों को सार्थक परिणामों में बदलने का अवसर देते हैं। वहीं करियर डेवलपमेंट सेंटर के प्रमुख डॉ. समीर बाजपेई ने इसे टीम वर्क का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए ‘अनंत्य’ को संस्थान का पहला मेगा टेक फेस्ट और असीम अवसरों का उत्सव बताया।
मुख्य अतिथि गौरव कुमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए चुनौतियों को स्वीकार करने और संघर्ष को सफलता का अभिन्न हिस्सा मानने की प्रेरणा दी। उन्होंने ‘अनंत्य’ के अर्थ को “असीम संभावनाओं” से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को धैर्य, दृढ़ता और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्यों की ओर निरंतर बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का समापन उद्यमिता प्रकोष्ठ के संकाय प्रभारी डॉ. आर.एन. पटेल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके साथ ही ‘अनंत्य 2026’ का औपचारिक शुभारंभ हो गया।
पहले दिन तकनीक और नवाचार का उत्साह
महोत्सव के प्रथम दिवस पर परिसर में ‘विज्ञान’ प्रदर्शनी, स्टार्टअप एक्सपो, एयरो शोकेस, रोबोथॉन, बिज़ रेस्क्यू, बी-मॉडल और स्ट्रैटेजिका जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। रोबोटिक्स प्रतियोगिताओं में ‘रोबो क्विज़’ और ‘रोबोवार’ आकर्षण का केंद्र रहे, जबकि ‘एआई शील्ड चैलेंज’ और ‘कॉसमोएक्स’ जैसे आयोजनों ने प्रतिभागियों को तकनीकी समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करने का अवसर दिया।
इसके अलावा प्रेरक वक्ता सत्र, ‘उत्कृष्ट’, ‘वाइब कोडिंग’ और ‘डेव क्लैश’ जैसी गतिविधियों ने पूरे परिसर में नवाचार और अनुभवात्मक शिक्षण का जीवंत वातावरण तैयार किया।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और मानव जीवन की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा और संशोधित जानकारी के अनुसार, इस घटना में दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है।
मृतकों की पहचान, एक की हालत नाजुक
मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे और अनमोल मांझी के रूप में हुई है। वहीं सत्यम कुमार की हालत गंभीर है और उसका इलाज जारी है। घटना में घायल एक अन्य युवक प्रशांत कुमार भी उपचाराधीन बताया जा रहा है। सभी मजदूर सिमरन सिटी क्षेत्र के निवासी हैं।
कैसे हुआ हादसा
मंगलवार को मजदूरों को अस्पताल के लगभग 50 फीट गहरे सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उतारा गया था। बताया जा रहा है कि टैंक में उतरते ही एक मजदूर जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गया। उसे बचाने के प्रयास में अन्य मजदूर भी एक-एक कर नीचे उतरे, लेकिन वे भी गैस की चपेट में आ गए। कुछ ही देर में दम घुटने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि अन्य की हालत गंभीर हो गई।
सुरक्षा के नाम पर खिलवाड़
घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
सुरक्षा के नाम पर केवल साधारण मास्क दिए गए, जबकि इतने खतरनाक कार्य के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, गैस डिटेक्टर और अन्य जरूरी उपकरण अनिवार्य होते हैं। मजदूरों को यह भरोसा भी दिलाया गया था कि टैंक में उतरने पर कोई खतरा नहीं है।
अस्पताल के बाहर हंगामा, मुआवजे की मांग
हादसे की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित परिजन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए और प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा उचित मुआवजे की मांग करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
एडीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा भी की गई है, जिस पर बातचीत जारी है।
बड़ा सवाल
यह हादसा सीधे तौर पर यह सवाल उठाता है कि जब सेप्टिक टैंक की सफाई जैसे खतरनाक कार्य के लिए सख्त नियम और कानून बने हैं, तो फिर बिना पर्याप्त सुरक्षा के मजदूरों को मौत के मुंह में क्यों उतारा गया?
फिलहाल, एक मजदूर जिंदगी के लिए जूझ रहा है, जबकि दो परिवार अपनों को खोने के गम में डूबे हैं — और जिम्मेदारों पर कार्रवाई का इंतजार जारी है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में होली मिलन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का पर्व है। यह पर्व आपसी मनमुटाव को भुलाकर रिश्तों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि होली बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है और हमें इस अवसर पर अपने भीतर की नकारात्मकताओं को त्यागकर सकारात्मकता को अपनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आह्वान किया कि युवा वर्ग सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाए, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि होली का त्योहार परिवार और समाज के साथ मिलकर आनंद और अपनत्व के साथ मनाने की परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता को और मजबूत बनाते हैं।
इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक श्री किरण देव, श्री मोतीलाल साहू, श्री अनुज शर्मा, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा दिनांक 14 मार्च 2026 को कक्षा 12 वीं की हिन्दी विषय की बोर्ड परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। इस संबंध में मण्डल को दिनांक 15 मार्च 2026 को सायं 05 बजे सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) तथा दिनांक 16 मार्च 2026 को मीडिया के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई कि छात्र संगठन द्वारा यह दावा किया गया है कि उक्त परीक्षा के एक दिन पूर्व दिनांक 13 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पर हिन्दी विषय से संबंधित प्रश्नों का एक हस्तलिखित पर्चा वायरल हुआ था।
समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार वायरल पर्चे में अंकित प्रश्नों तथा परीक्षा में पूछे गए हिन्दी विषय के बी-सेट प्रश्नपत्र के प्रश्नों में समानता होने का दावा किया जा रहा है। तथापि, सोशल मीडिया में वायरल तथा समाचार पत्रों में प्रकाशित उक्त पर्चा स्पष्ट एवं पठनीय नहीं है, जिससे उसकी सत्यता का प्रत्यक्ष परीक्षण संभव नहीं हो पा रहा है।
सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल यह भी स्पष्ट करता है कि संबंधित वीडियो/सामग्री परीक्षा सम्पन्न होने के बाद सामने आई है, अतः प्रथम दृष्टया इसे प्रश्नपत्र लीक की घटना के रूप में नहीं माना जा सकता। फिर भी परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील कार्य को दृष्टिगत रखते हुए मण्डल द्वारा इस मामले को गंभीरतापूर्वक संज्ञान में लिया गया है और एहतियात के तौर पर संबंधित प्रकरण में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराते हुए पुलिस एवं साइबर सेल से विस्तृत जांच कराने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट हो सके।
सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने कहा है कि परीक्षाओं की गोपनीयता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से जुड़े प्रकरण में अनियमितता पाए जाने पर जांजगीर-चांपा जिले के श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जांजगीर-चांपा द्वारा 2 मार्च 2026 को कलेक्टर को इस मामले में शिकायत भेजी गई थी। इसके बाद विधानसभा सदस्य बालेश्वर साहू ने भी इस मुद्दे को विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जांजगीर-चांपा द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में निर्माण श्रमिकों के पंजीयन में प्रथम दृष्टया अनियमितता सामने आई। जांच में पंजीयन आवेदन स्वीकृत करने वाले क्षेत्रीय श्रम निरीक्षक लक्ष्मण सिंह मरकाम की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें तत्काल निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
निलंबन अवधि के दौरान मरकाम का मुख्यालय सहायक श्रमायुक्त कार्यालय, जिला बिलासपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
यह आदेश अपर श्रमायुक्त (स्थापना), कार्यालय श्रमायुक्त छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा श्रमायुक्त के अनुमोदन से सोमवार को जारी किया गया।
रायपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं को साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना (एमबीबीएस) के पंजीयन या किसी भी प्रकार के भुगतान के लिए किसी अनजान वॉट्सएप, ई-मेल या एसएमएस पर प्राप्त लिंक पर क्लिक करने से बचें। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के नाम पर भेजे जाने वाले किसी भी लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें, क्योंकि पॉवर कंपनी अपनी किसी भी योजना या सेवा के लिए उपभोक्ताओं को एपीके फाइल या वेब लिंक कभी नहीं भेजती।
पॉवर कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) श्री भीम सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की जानकारी आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली बिल अथवा किसी भी भुगतान को केवल ‘मोर बिजली’ मोबाइल एप, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, एटीपी सेंटर या नजदीकी विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही करें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ता किसी भी मैदानी कर्मचारी को नकद भुगतान न करें। योजना के अंतर्गत पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालयों में ही उपलब्ध है।
पॉवर कंपनी ने यह भी बताया कि बिजली बिल भुगतान अथवा किसी अन्य सूचना से संबंधित संदेश उपभोक्ताओं को केवल “CSPDCL-S” सेंडर आईडी से ही भेजे जाते हैं। यदि किसी अन्य नंबर या माध्यम से कोई संदिग्ध संदेश प्राप्त होता है, तो उपभोक्ता सतर्क रहें और उस पर प्रतिक्रिया न दें।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना या विद्युत सेवाओं से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए उपभोक्ता पॉवर कंपनी के केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पॉवर कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि सतर्कता ही सुरक्षा है—सावधानी बरतकर ही साइबर ठगों से बचा जा सकता है।
रायपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ की बेटी और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट श्रीमती आकांक्षा सत्यवंशी को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर स्थित अपने निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में टाटा सिएरा कार उपहार स्वरूप प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियों ने विश्व कप जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने टाटा मोटर्स की उस पहल की सराहना की, जिसके तहत आईसीसी महिला विश्व कप 2025 की विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम के सदस्यों को सिएरा एसयूवी कार भेंट की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार खेलों के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल अधोसंरचना के निरंतर विकास से खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर मिल रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को भी खेलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश को नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी मिलने से भी खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला क्रिकेट टीम की यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने आकांक्षा सत्यवंशी के उत्साह और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि भविष्य में भी भारतीय टीम इसी जज्बे के साथ नई सफलताएँ हासिल करेगी।
इस अवसर पर श्रीमती आकांक्षा सत्यवंशी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व कप जीतकर लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने पूरी टीम का उत्साहवर्धन किया और प्रदेश की बेटी के रूप में उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह स्नेह और प्रोत्साहन उनके लिए हमेशा प्रेरणादायक रहेगा।
आकांक्षा ने कहा कि मुख्यमंत्री से यह सम्मान प्राप्त करना उनके लिए जीवन का यादगार क्षण है। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के साथ अपनी भूमिका और विश्व कप जीत की यात्रा से जुड़े अनुभव भी साझा किए।
समारोह में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, आकांक्षा सत्यवंशी के परिजन तथा टाटा मोटर्स के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने वर्ष 2025 में अपना पहला आईसीसी महिला विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के सम्मान में टाटा मोटर्स ने टीम की प्रत्येक खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ को टाटा सिएरा एसयूवी के टॉप-एंड मॉडल भेंट करने की घोषणा की है, इसी क्रम में आज छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी को भी यह सम्मान प्रदान किया गया।
नवा रायपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत राज्य में क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को गति देने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी कड़ी में गठित “छत्तीसगढ़ राज्य क्षमता निर्माण क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति” की पहली बैठक 17 मार्च 2026 को अपराह्न 4 बजे मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर में आयोजित की जाएगी।
यह बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाइब्रिड मोड (भौतिक एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के माध्यम से आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
मिशन कर्मयोगी के क्रियान्वयन की होगी समीक्षा
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव के प्रशासनिक मार्गदर्शन में गठित यह समिति राज्य में मिशन कर्मयोगी के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करेगी। साथ ही विभिन्न विभागों में संचालित प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा क्षमता निर्माण को संस्थागत रूप देने पर भी कार्य किया जाएगा।
iGOT प्लेटफॉर्म के उपयोग की होगी समीक्षा
राज्य नोडल अधिकारी (मिशन कर्मयोगी – iGOT), सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार बैठक में राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा iGOT डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के उपयोग की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बेहतर समन्वय के उपायों पर भी चर्चा होगी।
नई तकनीकों के उपयोग पर होगा विचार
बैठक के एजेंडे में राज्य के प्रशिक्षण संस्थानों (ATI सहित अन्य संस्थानों) की भूमिका को सुदृढ़ करने, डिजिटल लर्निंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उभरती तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श भी शामिल है।
इसके अलावा राज्य स्तर से प्राप्त सुझावों को संकलित कर आगामी राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन के लिए अनुशंसाएँ तैयार की जाएंगी।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के नोडल अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
जनजातीय आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी ने किया शुभारंभ, रैंप शो में दिखा आदिवासी परिधानों का आकर्षण
रायपुर / शौर्यपथ /
राजधानी रायपुर में जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के उत्सव ‘आदि परब’ का रंगारंग आगाज हो गया। दो दिवसीय इस आयोजन में छत्तीसगढ़ सहित तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उत्सव को जीवंत बना रहे हैं।
इस वर्ष आदि परब की थीम ‘परम्परा से पहचान तक’ रखी गई है। आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, परंपराओं और जीवन शैली को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) परिसर में छत्तीसगढ़ राज्य जनजातीय आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी ने किया। इस अवसर पर राज्य अंत्यावसायी आयोग के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेहरा, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, टीआरटीआई के संचालक श्री हिना अनिमेष नेताम, श्रीमती गायत्री नेताम सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग उपस्थित रहे।
रैंप शो में दिखी जनजातीय संस्कृति की झलक
आदि परब के उद्घाटन अवसर पर जनजातीय युवाओं ने पारंपरिक आदिवासी परिधानों में सजे-धजे रैंप शो के माध्यम से अपनी संस्कृति और परंपराओं का आकर्षक प्रदर्शन किया। रंग-बिरंगे परिधान, आभूषण और पारंपरिक शैली ने दर्शकों का खूब मन मोह लिया और लोगों ने उत्साह के साथ इस प्रस्तुति का आनंद लिया।
प्रदर्शनी और हाट बना आकर्षण का केंद्र
आदि परब में जनजातीय समाज के खान-पान, वेशभूषा, पारंपरिक कलाकृतियों और हस्तशिल्प की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है, जो लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
कार्यक्रम के अंतर्गत “आदि रंग – जनजातीय चित्रकला महोत्सव” का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें जनजातीय कलाकार अपनी पारंपरिक चित्रकला की झलक प्रस्तुत कर रहे हैं।
इसी तरह “आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला” भी लगाया गया है, जहां छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है।
समापन समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री
आदि परब का समापन 14 मार्च को होगा। समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, जनजातीय समाज के पदाधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
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