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रायपुर /
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सभी बौद्ध धर्मावलम्बियों सहित प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। अपने शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि महात्मा बुद्ध ने लोगों को अहिंसा, समानता और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया। उनकी शिक्षा को विदेशों में भी लोगों ने अपनाया और लाखों अनुयायी उनके दिखाये मार्ग पर चलकर देश-दुनिया को शांति का संदेश दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गौतम बुद्ध के उपदेश हर परिस्थिति और काल में प्रासंगिक हैं। उनकी दी गई शिक्षा हमें संयम से आगे बढ़ने का संदेश देती है। महात्मा बुद्ध के विचार और जीवन मूल्य एक बेहतर समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए हमेशा मार्गदर्शक रहेंगे।
रायपुर /
राज्य में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएँ जरूरतमंद वर्ग के लिए सशक्त सहारा बनकर उभर रही हैं। वृद्धजनों, दिव्यांगजनों एवं निराश्रित महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित ये योजनाएँ न केवल जीवन-यापन में सहूलियत दे रही हैं, बल्कि समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का आधार भी सुनिश्चित कर रही हैं।
प्रदेश में वर्तमान में कुल 6 पेंशन योजनाएँ प्रभावी रूप से संचालित हैं, जिनमें 3 राज्य योजनाएँ एवं 3 केंद्र प्रवर्तित योजनाएँ शामिल हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा एवं मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत मार्च 2026 तक सभी पात्र हितग्राहियों को भुगतान सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इससे लाखों परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है, जो उनके दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत भी भुगतान की प्रक्रिया सुव्यवस्थित रूप से संचालित की गई है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन एवं दिव्यांग पेंशन योजनाओं में दिसंबर 2025 तक तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना में जनवरी 2026 तक भुगतान पूर्ण कर लिया गया है। यह दर्शाता है कि राज्य स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में निरंतरता और गंभीरता बनी हुई है।
पेंशन वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा नई तकनीकी प्रणाली एसएनए–स्पर्श (SNA-SPARSH) लागू की गई है। इस आधुनिक प्रणाली के माध्यम से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा हितग्राहियों को सीधे लाभ सुनिश्चित होगा। हालांकि, नई प्रणाली में संक्रमण के चलते केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के कुछ भुगतान वर्तमान में लंबित हैं।नई व्यवस्था के तहत अब भुगतान भारत सरकार से मदर सैंक्शन प्राप्त होने के बाद ही किया जा सकेगा। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही मदर सैंक्शन प्राप्त होगा, सभी लंबित भुगतान एरियर सहित प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र जारी कर दिए जाएंगे।
राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध भुगतान एवं तकनीकी नवाचार के माध्यम से प्रदेश में एक मजबूत, पारदर्शी और हितग्राही-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा तंत्र स्थापित किया जा रहा है।
रायपुर ।
देश को खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में केंद्र और राज्यों के बीच गंभीर मंथन का सिलसिला शुरू हो गया है। अरुण साव ने श्रीनगर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर में भाग लेते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ खेलों में समग्र विकास के लिए पूरी तरह तैयार है और देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेगा।
यह महत्वपूर्ण शिविर शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में प्रारंभ हुआ, जिसमें देशभर के खेल मंत्री, विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं।
इस राष्ट्रीय आयोजन में मनसुख मांडविया और रक्षा निखिल खडसे सहित विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खेल मंत्री शामिल हुए।
छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के साथ खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया।
श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप 2047 तक भारत को खेल महाशक्ति बनाने के लक्ष्य को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें एकजुट होकर कार्य कर रही हैं।
पहले सत्र में ‘मेडल स्ट्रेटजी – खेलो इंडिया’ पर गहन चर्चा हुई।
दूसरे सत्र ‘खेलो भारत नीति – केंद्र एवं राज्य समन्वय’ में कई अहम निर्णयों पर चर्चा हुई—
इस दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि खिलाड़ियों का लक्ष्य केवल नौकरी नहीं, बल्कि देश के लिए पदक जीतना होना चाहिए।
तीसरे सत्र में डोपिंग और खेल नैतिकता पर गंभीर चर्चा हुई।
इस सत्र में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित और पेशेवर वातावरण सुनिश्चित करने तथा सेफ गार्डिंग ऑफिसर्स की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया।
साथ ही प्रतिबंधित दवाओं के उपयोग पर कड़े नियम बनाने और डोपिंग को अपराध की श्रेणी में लाने की नीति को दोहराया गया।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ का लक्ष्य है—
यह दो दिवसीय शिविर 26 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगा।
केंद्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा लगातार दूसरे वर्ष इस आयोजन का संचालन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य—
रायपुर ।
विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में हज यात्रियों को फर्स्ट एड किट वितरित कर उनकी सुखद, सुरक्षित और सफल हज यात्रा की कामना की। यह कार्यक्रम अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि उनके लिए यह सौभाग्य का विषय है कि रायगढ़ से सांसद रहने के समय से लेकर आज तक लगातार हज यात्रियों के स्वागत का अवसर मिलता रहा है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश से कुल 815 हज यात्री पवित्र यात्रा पर जा रहे हैं। पहली बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों को विशेष स्वास्थ्य प्रशिक्षण दिया गया है और उन्हें मेडिकल किट उपलब्ध कराई गई है, जिससे उनकी यात्रा अधिक सुरक्षित और सहज हो सके।
मुख्यमंत्री ने यात्रियों से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं शांति के लिए प्रार्थना करने का आग्रह करते हुए उनकी सफल यात्रा की कामना की।
कार्यक्रम में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के हज यात्रियों को यह पावन अवसर मिलना अत्यंत खुशी का विषय है।
उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा पूर्ण कर प्रदेश और देश की खुशहाली के लिए दुआ करें।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब हज यात्रा के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती, और अधिक लोगों को यह अवसर मिल रहा है, जो नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संभव हुआ है।
कार्यक्रम को मिर्जा एजाज बेग ने भी संबोधित किया और हज यात्रा से संबंधित आवश्यक जानकारी साझा की।
इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें—
सहित समाज के प्रबुद्धजन और प्रदेश भर से आए हज यात्री उपस्थित रहे।
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर अपने जापान प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार की उद्योगोन्मुखी और निवेश प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जापान तकनीकी दृष्टि से अग्रणी देश है और वहां की उन्नत विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के निवेश और सहयोग से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार हुआ है, जिससे उद्योगों के विस्तार के लिए बेहतर संभावनाएं उपलब्ध हो रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में अपने निवेश को और बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की।
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, एफसेनल के डायरेक्टर युकीहिरो मोमोसे, कोनोइके ट्रांसपोर्ट के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर तोशीहीरो फूजीवारा, एफएसएनएल के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील कुमार दीक्षित तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के पूर्व सीएमडी के. डी. दीवान उपस्थित थे।
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी के पूज्य पिता श्री दिलीप तिवारी जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने शोक संदेश में कहा कि श्री दिलीप तिवारी जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है।
उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य और संबल दें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
रायपुर ।
राज्य में खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों को खाद की किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। पंजीकृत रकबे के अनुरूप सभी किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने यह जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति पर कार्य कर रही है।
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने अग्रिम तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से खरीफ सीजन 2026 के लिए केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित किया गया है। इसमें यूरिया 7.25 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 3 लाख मीट्रिक टन, एमओपी 80 हजार मीट्रिक टन, एनपीके 2.5 लाख मीट्रिक टन तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं।
मंत्री श्री नेताम ने बताया कि वर्तमान में राज्य के गोदामों और सहकारी समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। 30 मार्च की स्थिति के अनुसार स्टॉक में यूरिया 2,43,717 मीट्रिक टन, डीएपी 1,05,631 मीट्रिक टन, एनपीके 1,69,109 मीट्रिक टन, एमओपी 50,431 मीट्रिक टन और एसएसपी 1,78,657 मीट्रिक टन शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य है कि पारदर्शिता के साथ सभी किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए।
पश्चिम एशियाई संकट के मद्देनजर रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए विभाग द्वारा किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत एनपीके 12:32:16, 20:20:0:13, हरी खाद, जैविक खाद तथा नैनो उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है।
मंत्री श्री नेताम ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों का गठन किया गया है। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ 2026 की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पीएम किसान पोर्टल से एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों का पंजीयन शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा बीज एवं उर्वरक वितरण के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू की जाए।
उन्होंने रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में हरी खाद, जैव उर्वरक और नील-हरित काई के उपयोग को बढ़ावा देने तथा उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन रोकने के लिए जिलों को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (प्राइस सपोर्ट स्कीम) के तहत दलहन और तिलहन फसलों के उपार्जन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रत्येक जिले में सुगंधित धान के उत्पादन को बढ़ावा देने, दलहन-तिलहन फसलों के विस्तार तथा उद्यानिकी क्षेत्र में ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के उत्पादन को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
रायपुर ।
मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कहा है कि शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ आम जनता तक शीघ्र और प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से नई और उभरती तकनीकों को अपनाते हुए नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और सुलभ बनाने पर जोर दिया।
मुख्य सचिव आज मंत्रालय महानदी भवन में उभरती नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सूचना एवं संचार से जुड़े संस्थानों को अपने मोबाइल ऐप, वेबसाइट और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म नागरिक केन्द्रित और उपयोग में आसान बनाने चाहिए, ताकि आम लोगों को योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) के अधिकारियों को नई आईटी तकनीकों से हमेशा अपडेट रहना चाहिए, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक तेजी से पहुंचाया जा सके।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने राज्य स्तरीय सूचना केन्द्र और जिला सूचना विज्ञान केन्द्रों के अधिकारियों से उनके संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों, उपकरणों और आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र, नई दिल्ली के उप महानिदेशक श्री दयानंद साहा ने कहा कि विभिन्न नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों के माध्यम से सरकारी योजनाओं के जरिए नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं।
कार्यशाला में ट्रिपल आईटी के संचालक एवं कुलपति प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग और उसके संभावित लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा एनआईसी छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक श्रीकांत पाण्डे ने साइबर सुरक्षा पर अपने विचार साझा किए। संयुक्त संचालक श्री अभिजीत कौशिक, श्री उपेन्द्र सिंह सहित अन्य आईटी विशेषज्ञों ने भी प्रतिभागियों को विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जिलों से आए जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों तथा राज्य स्तरीय अधिकारियों के बीच नागरिक सेवाओं में सूचना प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग और शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक शीघ्र पहुंचाने के विषय में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
रायपुर ।
काटाबहरा (नगवाही) निवासी समलू मरकाम अपनी पत्नी कपूरा मरकाम, जो थायराइड कैंसर के चौथे स्टेज से पीड़ित हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं, को बाइक में लिटाकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने तुरंत संज्ञान लिया और एम्बुलेंस बुलवाकर पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी को महिला के समुचित उपचार के निर्देश दिए। महिला को बेहतर इलाज के लिए रायपुर स्थित मेकाहारा में भर्ती कराया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 11 नवंबर को ग्राम कांटाबहरा (नगवाही) निवासी समलू मरकाम द्वारा अपनी पत्नी को बाइक में लिटाकर उपचार के लिए ले जाने की सूचना प्राप्त होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम 12 नवंबर को उनके घर पहुंची। टीम ने पीड़िता को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से बेहतर उपचार हेतु रायपुर भेजा, जहां मेकाहारा के कैंसर रिसर्च यूनिट में भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में इलाज किया गया।
अधिकारी ने बताया कि पूर्व में गले में गांठ और दर्द की शिकायत होने पर पीड़िता को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रेगांखार जंगल ले जाया गया था। वहां पदस्थ चिकित्सक ने जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर महिला को रायपुर रेफर किया। वर्ष 2024 में करीब एक वर्ष तक महिला का इलाज रायपुर स्थित एम्स, मेकाहारा, डीकेएस अस्पताल सहित कुछ निजी अस्पतालों में चला।
इसके बाद जनवरी 2025 में महिला को एक माह के लिए मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कर उपचार कराया गया। उपचार उपरांत उन्हें घर लाया गया, लेकिन परेशानी दोबारा बढ़ने पर 12 नवंबर 2025 को स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन्हें फिर रायपुर ले जाया गया। 12-13 नवंबर को मेकाहारा तथा 14 से 19 नवंबर 2025 तक एम्स में भर्ती कर कीमोथेरेपी दी गई। 20 नवंबर को उन्हें घर लाया गया, जहां वे स्वास्थ्य लाभ ले रही थीं।
वर्तमान में महिला की तबीयत पुनः बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रायपुर में भर्ती कर आगे का उपचार कराया जाएगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
