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March 03, 2026
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रायपुर

रायपुर (6335)

रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज छत्तीसगढ़ राज्य के प्रमुख उद्यमी, समाजसेवी बृजलाल गोयल जी के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘सब संभव है‘ का विमोचन किया। राज्यपाल ने गोयल को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि गोयल जी ने समाजसेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे आज जिस स्थान पर हैं, वहां तक पहुंचने के लिए त्याग और संघर्ष करना पड़ता है। यह पुस्तक इसी त्याग और संघर्ष की कहानी है। उनके जीवन पर आधारित इस पुस्तक से समाज को प्रेरणा मिलेगी।
राज्यपाल ने कहा कि समाज को नवीन दिशा में अग्रेषित करने का कार्य सदैव ही श्रेष्ठ जनों के द्वारा हुआ है। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में जन्मे पले बढ़े लोग समाज के पथ प्रदर्शक होते रहे हैं। इन्हीं में से एक बृजलाल जी का नाम शामिल है। आपका जीवन शून्य से शिखर तक पहुंचा है। जीवन की कठिनाईयों के साथ सामंजस्य बनाकर परिवार, समाज, धर्म, राष्ट्र की उन्नति के बारे में प्रयास करना साधुता है।
उन्होंने कहा कि जीवन में अपने लिए तो हर व्यक्ति कुछ न कुछ करता है, परन्तु जो व्यक्ति बिना अपेक्षा के दूसरों के लिए और समाज के लिए कार्य करता है वह समाज में आदर से देखा जाता है। हमें यह जो जीवन मिला है, उसके हर क्षण का सदुपयोग करना चाहिए और यह प्रयास करना चाहिए कि जितना संभव हो सके, जरूरतमंदों की मदद करें और समाज के लिए कार्य करें।
राज्यपाल ने कहा कि मुझे बताया गया है कि बृजलाल गोयल जी का स्वामी विवेकानंद विमानतल सड़क मार्ग पर स्थित श्री राम मंदिर के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। यह एक भव्य मंदिर है। यहां पर आकर काफी शांति की अनुभूति होती है। मुझे बताया गया है कि यहां पर मंदिर परिसर में नक्सल क्षेत्र के आदिवासी बच्चे भी निवास करते हैं, जिनके रहने-खाने और शिक्षण की व्यवस्था की जाती है। साथ ही यहां पर ब्राम्हण बच्चों के शिक्षण की भी व्यवस्था की गई है। यह सराहनीय कार्य है।
वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि गोयल का जीवन उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने समाज के प्रति अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह गौरव का विषय है कि श्री गोयल जी के जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन हो रहा है। मैंने श्री गोयल जी को बचपन से देखा है। उन्होंने छोटा सा कार्य शुरू करके सफलता के शिखर पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि गोयल जी और उनके परिवार का संतोषीनगर क्षेत्र के रहवासियों के लिए सहयोग और सेवा का जो कार्य है, वह सराहनीय है।
राज्यपाल ने पुस्तक की लेखिका श्रीमती नीलम परथानी को भी शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राज्यपाल को प्रतीक चिन्ह भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम को सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राजेन्द्र मेनन, संत अभिषेक ब्रम्हचारी ने भी संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खेल दिवस की दी शुभकामनाएं

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त पर प्रदेशवासियों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। प्रतिवर्ष हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्म दिन को खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों का जीवन में बहुत महत्व होता है। खेल से व्यक्तित्व में नेतृत्व, समर्पण, अनुशासन जैसे गुण विकसित होते हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में सफल होने के लिए मदद करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए खेल के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। यहां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को उभारने के लिए खेल विकास प्राधिकरण के गठन सहित अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल अधोसंरचनाओं का निर्माण किया गया है। इससे युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों विशेषकर सभी माताओं को हलषष्ठी (हरछठ) की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि हलषष्ठी के दिन माताएं अपने बच्चों के स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए व्रत रखकर प्रार्थना करती हैं। छत्तीसगढ़ में यह त्यौहार कमरछठ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन घरों और मंदिरों में माताएं इकट्ठा होकर सगरी की पूजा करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि बचाव ही सुरक्षा है, इसे ध्यान में रखते हुए सभी माताएं-बहने पूजा के दौरान कोविड संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

नगरी। वार्ड क्रमांक 8 निवासी, पुणेद्र मोहन के घर बिजली वायर में शॉर्ट सर्किट होने से भयानक आग लग गई।
घर के जिस कमरे में आग लगी वहां रखे माइस्ट्रो टू व्हीलर जलकर खाक हो गई साथ में कमरे में रखे तीन तोता पंछीयों सहित फर्नीचर जल कर खाक में तभी तब्दील हो गए।
पड़ोसियों के सहयोग से भयानक आग को बुझाया गया।

अग्निशमन वाहन का आग बुझाने वाला यंत्र काम नहीं आया

आग लगने पर पड़ोसियों ने नगर पंचायत के अग्निशमन विभाग को फोन कर सूचित किया सूचना के तुरंत बाद अग्निशमन विभाग की वाहन मौके पर पहुंच भी गई पर आग बुझाने के लिए वाहन में लगे वाटर जेट को चालू करने का प्रयास किया गया पर वाटर जेट काम नहीं किया जिससे अग्निशमन वाहन को वापस भेजना पड़ा और वार्ड वासियों के अथक प्रयास से आग पर काबू पाया गया।
नगर पंचायत द्वारा वाहनों के रखरखाव के नाम से हर साल लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं उसके बाद भी अग्निशमन जैसे इमरजेंसी इस्तेमाल के वाहन व यंत्र आग लगने पर काम ना आना गंभीरता से लिया जाना चाहिए इन यंत्रों के रख-रखा व देखभाल के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही बरतने के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए ।

दुगली पुलिस की बड़ी कार्यवाही

नगरी। ग्राम नवा गांव,बोराई की रहने वाली पीड़िता के शिकायत पर दुगली पुलिस ने ग्राम बेधवापथरा थाना दुगली, निवासी प्रलेश नेताम, पिता मंगल नेताम उम्र 21 वर्ष को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर कुरूद न्यायालय में पेश किया।
अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नगरी, मयंकरण सिंह से मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता 6 से 8 अगस्त के बीच अपने सहेली के भाई के विवाह में ग्राम
मुरूमतरा में मेहमानी गई थी ।
जहां आरोपी ने पीड़िता से नजदीकी बढ़ाकर शादी समाप्त होने के पश्चात पीड़िता के उस के घर नवागांव छोड़ दूंगा कहकर मोटरसाइकिल में बैठा कर अपने घर बेधवापथरा ले गया। आरोपी ने पीड़िता को शादी का प्रलोभन दिया और इस दरमियान यौन शोषण किया तथा जंगल में ले जाकर,अश्लील फोटो खींचकर वायरल करने की धमकी दी।
पीड़िता ने इस बात की जानकारी अपने परिजनों को दी व दुगली थाना जाकर लिखित में रिपोर्ट दर्ज कराई।
शिकायत के 7 घंटे के अंदर दुगली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर अपराध क्रमांक 22/21, धारा 376(2)(ढ), 509, 509(ख) का भा.द.वि कायम कर कुरूद न्यायालय में पेश किया।
थाना प्रभारी डी.के.कुर्रे सहायक उपनिरीक्षक घनश्याम, प्रधान आरक्षक डोमार सिंह ध्रुव, आरक्षक हेमंत साहू ,घनश्याम साहू ,मानक साहू का विशेष योगदान रहा।

रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग द्वारा चिकित्सा विभाग की सहायक प्राध्यापक की अंतिम चयन सूची जारी कर दी गई हैैे। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत चिकित्सा भौतिक, रेडियोडायग्नोसिस, रेडियोथेरेपी, फारेंसिक मेडिसिन, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फार्माकोलॉजी, फिजियोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री और एनाटॉमी के सहायक प्राध्यापकों के कुल 45 पद विज्ञापित किए गए थे।
आयोग द्वारा सहायक प्राध्यापक पद के लिए 25 अगस्त को साक्षात्कार आयोजन किया गया था। साक्षात्कार के बाद प्राप्त अंको के आधार पर मेरिट सूची जारी की गई है।
जारी परिणाम के अनुसार सहायक प्राध्यापक रेडियोडायग्नोसिस के 4 अभ्यर्थी सुश्री शुभकीर्ति अग्रवाल, श्री श्रेयस जायसवाल, श्री मनीष कुमार मेशराम तथा श्री मुकेश पटेल, रेडियोथेरेपी के 2 अभ्यर्थी श्री राजेंद्र प्रसाद पटेल तथा श्री हेमु टंडन, फारेंसिक मेडिसिन के 2 अभ्यर्थी श्री भोज कुमार साहू तथा श्री किशोर सिंह ठाकुर, पैथोलॉजी के 4 अभ्यर्थी श्री अनुभव चंद्राकर, सुश्री वनिता भास्कर, श्री शंकर मार्शल टोप्पो तथा सुश्री काजल चंद्राकर का चयन किया गया है।
इसके अलावा माइक्रोबायोलॉजी के 2 अभ्यर्थी सुश्री नीजा मोंगा तथा सुश्री सुचिता नेताम, फार्माकोलॉजी के 01 अभ्यर्थी श्री टीकाम सिंह धु्रव, फिजियोलॉजी के 01 अभ्यर्थी श्री मनीष कुमार मार्तण्डेय, बायो केमेस्ट्री के 02 अभ्यर्थी श्री तृप्ति बरादिया, सुश्री विभा टण्डन तथा एनाटॉमी के 03 अभ्यर्थी श्री कुशाल चक्रवर्ती, श्री अविनाश थवाईत तथा सुश्री मंजुलता गनवारे चयनित हुए हैं। सहायक प्राध्यापक चिकित्सा भौतिक के लिए 2 पदों के लिए साक्षात्कार हेतु किसी भी अभ्यर्थी का चिन्हांकन नहीं किया जा सका था।

रायपुर / शौर्यपथ / लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार 27 अगस्त शुक्रवार को बिलासपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री गुरू रूद्रकुमार राजधानी स्थित अपने शासकीय निवास सतनाम सदन से दोपहर एक बजे प्रस्थान कर अपरान्ह 3 बजे बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम अमेरीकांपा (ताला) पहुचेंगे। वे वहां आयोजित गुरु बालक दास जयंती एवं ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होंगे। मंत्री गुरु रुद्रकुमार  कार्यक्रम के पश्चात शाम 4 बजे रायपुर के लिए रवाना होंगे।

रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज ‘मिशनरी ऑफ चेरेटी आश्रम’ में संत मदर टेरेसा जी के 111वें जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुई। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति समाज में निःस्वार्थ भाव से मानवीय संवेदना के साथ असहाय और गरीबों की सेवा करता है उसे पूज्यनीय माना जाता है। समाज में कई लोग ऐसे होते हैं जो बिना किसी अपेक्षा के लोगों की सेवा करते हैं, उनमें संत मदर टेरेसा का नाम प्रमुख है। उनके कार्यों की वजह से उन्हें पूरा संसार सम्मान की नजरों से देखता है।
राज्यपाल ने कहा कि जीवन के कई क्षणों में जरूरत पड़ने पर वे किन्हीं के समक्ष मदद मांगने गई और अपेक्षा अनुरूप कार्य न होने पर या मदद न मिलने पर उन्हें बड़ी पीड़ा हुई। तब उन्होंने संकल्प लिया कि जब भी मेरे पास कोई आएगा तो उसकी मैं हरसंभव सहायता करूंगी। उन्होंने कहा कि जब-जब मुझे कोई दायित्व मिला और मेरे समक्ष कोई समस्या लेकर आया तो मैंने हर प्रकार से उनकी मदद की और यह प्रयास किया कि वह संतुष्ट होकर जाए।
राज्यपाल ने कहा कि मदर टेरेसा अपना पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया। उनकी कार्यों की वजह से उन्हें नोबल पुरस्कार और भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनके द्वारा स्थापित संस्थाएं विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्य कर रही हैं। राजधानी में भी उनके द्वारा स्थापित इस संस्था द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए किया गया कार्य सराहनीय है।
राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि मदर टेरेसा ने अपना पूरा जीवन मानवता के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अपने तन-मन से दीन दुखियों की सेवा की। वे हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे रहती थी। इसके लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। वे कहती थीं कि ‘दया और प्रेम छोटे हो सकते हैं लेकिन वास्तव में उसकी गूंज अनंत होती है।’ उनका कहना था कि ‘यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आपने कितना दिया बल्कि यह कि देते समय आपने कितने प्रेम से दिया। किसी को दान करना उतना ही मायने रखता है, जितना कि किस भाव से, विचार से, आपने दान किया।
राज्यपाल ने कहा कि जीवन में जब किसी की मदद करने का अवसर मिले तो हमें यथासंभव मदद करनी चाहिए। राज्यपाल बनने के बाद भी मैंने यह प्रयास किया कि जो भी राजभवन के दरवाजे आए उनकी समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास करूं। जब हम बिना अपेक्षा के किसी की मदद करते हैं तो जो संतुष्टि मिलती है, वह किसी अन्य कार्य में नहीं मिलती है। अतः हम सबको जीवन का कुछ समय दीन दुखियों की सेवा में लगाना चाहिए। कोविड महामारी के दौरान यह और भी अधिक आवश्यक हो गया है कि हम दूसरों के प्रति सहानुभूति रखें, दयालु बनें और दूसरों की मदद करें।
छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री महेन्द्र छाबड़ा ने कहा कि हमें जब कभी भी दीन दुखियों की सेवा करने का मौका मिले, तो अवश्य करनी चाहिए। हमें प्रतिदिन दो व्यक्ति की सेवा करने का प्रयास करना चाहिए। संत मदर टेरेसा और उनकी संस्था द्वारा किए गए सेवा कार्यों से पूरे समाज को प्रेरणा मिलती है। श्री छाबड़ा ने कहा कि राज्यपाल सुश्री उइके के समक्ष जो भी मिलने जाता है वह संतुष्ट होकर आता है। जबसे उन्होंने यह दायित्व संभाला है, छत्तीसगढ़ के आम व्यक्ति को अपनत्व की भावना महसूस होती है।
कार्यक्रम को राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री सुशील सन्नी अग्रवाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सिस्टर मारिया, फॉदर जोस फिलिप, चर्च कोर्ट के अध्यक्ष एवं समाजसेवी श्री जॉन राजेश पॉल, होटल रेस्टोरेंट कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश मसीह, मिशनरी ऑफ चेरेटी की सिस्टर, अन्य सेविका बहनें और आश्रम की महिलाएं उपस्थित थे।

रायपुर / शौर्यपथ/ प्रौढ़ शिक्षार्थियों के लिए प्रवेशिका के निर्माण में छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं रोजगार संबंधी विषयों का विशेष ध्यान रखा जाए। इसमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति, कलेवा, लोक गीत और लोक कथा का समावेश होना चाहिए। शब्द ज्ञान के लिए शब्द कोष का सहारा भी लिया जा सकता है। मड़ाई की संपादक एवं लेखिका श्रीमती सुधा वर्मा ने इस आशय के विचार राज्य शैक्षिक अनुसंधान केंद्र एवं प्रशिक्षण परिषद में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रौढ़ शिक्षार्थियों के लिए प्रवेशिका निर्माण हेतु आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए। कार्यशाला का आयोजन 25 अगस्त से 27 अगस्त तक राज्य साक्षरता केंद्र एससीएल, राज्य शैक्षिक अनुसंधान केंद्र एवं प्रशिक्षण परिषद, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वधान किया जा रहा है।
सहायक संचालक राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण एवं नोडल अधिकारी प्रशांत कुमार पांडे ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रमुख बिंदुओं पर पाठों का निर्धारण की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी एरिया को ध्यान में रखकर सामग्री निर्माण सरल और भाषा में होना चाहिए। जिसमें बातचीत जनउला एवं अन्य विधाओं का उपयोग हो। राज्य शिक्षा केन्द्र की प्रकोष्ठ प्रभारी श्रीमती प्रीति सिंह ने कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में बताया। जिला परियोजना अधिकारी कोरिया उमेश कुमार जायसवाल ने आईपीसीएल पद्धति से शिक्षार्थियों को सीखने की बात कही। डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि गणित में रोजमर्रा का इस्तेमाल होने वाले विषय वस्तु को भी ध्यान में रखा जाए। श्रीमती ज्योति चक्रवती ने कहा कि पाठों को प्रस्तुत करने हेतु नवाचारी तरीके अपनाकर ऐसी सामग्री का निर्माण होना चाहिए, जो आने वाले 10 सालों तक कारगर साबित हो।
यूनिसेफ सलाहकार डॉ. मनीषा वत्स ने पाठ के निर्माण के लिए योजनाबद्ध तरीके से विषय वस्तु, पाठ का नाम, व्यंजन, मात्रा, शब्द आदि की जानकारी दी। उन्होंने महानदी, अरपा, इंद्रावती, शिवनाथ ग्रुप के सदस्यों के साथ इन जानकारियों को साझा कर समूह में कार्य करने के निर्देश दिये। कार्यशाला में जिलों के परियोजना अधिकारी, व्याख्याता डाइट, रिसोर्स पर्सन, शिक्षकों ने लेखन कार्य में अपना योगदान किया। कार्यशाला का संचालन राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के परियोजना सलाहकार श्रीमती निधि अग्रवाल ने किया। परियोजना सलाहकार सुश्री नेहा शुक्ला ने सभी प्रतिभागियों के साथ कार्यशाला की नियमावली साझा की। यूनिसेफ सलाहकार विकास भदौरिया, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण की सुश्री कविता लिखार, महेश वर्मा और डमरुधरदीप आदि उपस्थित थे।

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