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रायपुर / शौर्यपथ / युवा कैरियर निर्माण योजना के अन्तर्गत संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा की कोचिंग हेतु अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग अभ्यर्थियों के लिए आवेदन 13 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। अभ्यर्थियों का चयन प्राक्चयन परीक्षा के मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। अभ्यर्थियांे को रायपुर में स्थित शासन द्वारा निर्धारित कोचिंग संस्था में निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध करायी जाती है।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास ने बताया कि इस योजना के तहत कुल 100 सीट स्वीकृत किए गए है। इसमें अनुसूचित जनजाति के 50, अनुसूचित जाति के 30 तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के 20 सीट होंगे। इन सभी में महिलाओ के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षित होगी। इस योजना के तहत अभ्यर्थी की आयु- 01 जनवरी 2021 को 20 वर्ष से 30 वर्ष के बीच होना चाहिए। इसके लिए अभ्यर्थी की शैक्षणिक योग्यता मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से या कॉलेज से स्नातक की डिग्री में कम से कम 50 प्रतिशत अंक या समतुल्य ग्रेड से उत्तीर्ण किया हो। आवेदक को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि आवेदक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग से हो तथा स्थायी जाति प्रमाण पत्र धारक हो। पालक या अभिभावक का समस्त स्त्रोतों से आय 3 लाख रूपये से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके लिए 10 रूपये के स्टाम्प पेपर पर नोटरी से प्रमाणित स्वघोषणा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। इस संदर्भ में अधिक जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइड www.tribal.cg.gov.in एवं कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, रायपुर के कमरा नंबर 40 मंे संपर्क कर सकते हैं।
दुर्ग / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम टेंकर ऑनर एसोसिएशन ने आज प्रदेश के गृह जेल एवं लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू को ज्ञापन सौंपकर निविदा टेंडर में उचित मूल्य नहीं मिलने की ओर ध्यानाकर्षण कराते हुए ट्रांसपोर्टरों के हित में पहल करने का आग्रह किया। श्री साहू ने तत्काल रायपुर कलेक्टर को दूरभाष पर इस मामले में कार्यवाही हेतु निर्देशित किया।
छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम टेंकर ऑनर एसोसिएसन के प्रतिनिधि मंडल ने मंत्री ताम्रध्वज साहू को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड के द्वारा परिवहन हेतु 5 वर्षों के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी की जाती है। जिसमें निविदा मूल्य वर्तमान में निविदा मूल्य से 40 प्रतिशत कम है। वर्तमान मू्ल्य 12 केएल 3.50 रुपए आरटीकेएम व 18 केएल 3.30 रुपए आरटीकेएम है। अभी के निविदा में यह मूल्य 12 केएल का 2.84 रुपए व 18 केएल का 2.05 रुपए है।
प्रतिनिधि मंडल ने मंत्री श्री साहू को बताया कि उन्होंने इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड से आग्रह किया है कि वर्तमान मूल्य से अभी के मूल्य में 40 प्रतिशत की कभी की गई है। और यह निविदा आगले पांच वर्षों के लिए है। जबकि टेंकर तथा इससे संबंधित सारी चीजों के दाम में काफी इजाफा हो चुका है। उन्होंने मंत्री श्री साहू से आग्रह किया है कि ट्रांसपोर्टरों को जो पुराना रेट दिया जा रहा था उसे वर्तमान में भी लागू कराने की पहल करें। इस संबंध में श्री साहू ने तत्काल रायपुर कलेक्टर को नर्देशित किया। ज्ञापन सौंपने गए प्रतिनिधि मंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, महासचिव हेमंत सोनी व सुजीत साव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा है कि साक्षरता समाज में जागरूकता लाने का सशक्त माध्यम है। साक्षरता का अर्थ केवल पढऩे-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनसामान्य के आत्मसम्मान से भी जुड़ा हुआ है। एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए हर नागरिक का साक्षर होना जरूरी है। देश के समग्र विकास के लिए बालिका शिक्षा पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है। इस पर नई शिक्षा नीति में भी विशेष ध्यान दिया गया है। साक्षरता को बढ़ावा देने के प्रयासों को गति प्रदान करने के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 8 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जनता को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने आज यहां जारी अपने बधाई संदेश में कहा है कि आज का दिन अक्षरों की अलख जगाने, अक्षर ज्ञान की महत्ता बताने का दिन है। अक्षर ज्ञान के प्रकाश से अपने और समाज के जीवन में चेतना, सुख और समृद्धि की रोशनी फैलाने का दिन है।
मुख्यमंत्री ने आव्हान किया है कि प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने के लिए हम सब अपना योगदान देने का संकल्प लें। सभी का योगदान प्रदेश के सुनहरे भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा और Óगढ़बो नवा छत्तीसगढ़Ó का संकल्प पूरा करने में मददगार होगा।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि वास्तव में अक्षर ज्ञान वह पहला द्वार है, जहां से ज्ञान के अनंत रास्ते खुलते हैं। साक्षरता से शिक्षा और शिक्षा से विकास का सीधा संबंध है। आज का दिन प्रदेश में साक्षरता के वर्तमान सोपान पर गर्व करने का है, तो शेष लक्ष्य प्राप्त करने के लिए संकल्प लेने का भी है। उन्होंने कहा है कि शत-प्रतिशत साक्षरता की दिशा में आगे बढऩे के लिए व्यक्तिगत रूचि और सामूहिक प्रयासों की बड़ी आवश्यकता है। व्यापक जनभागीदारी से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
विस् अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने पारंपरिक पर्व पोला की प्रदेशवासियों को दी बधाई
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने पोला त्योहार की प्रदेशवासियों को बधाई, शुभकामनाएं दी है। डॉ महंत ने कहा कि, पारंपरिक पर्व पोला, खरीफ फसल के द्वितीय चरण का कार्य पूरा हो जाने व फसलों के बढ़ने की खुशी में मनाया जाता है। इस दिन किसानों द्वारा बैलों की पूजन कर कृतज्ञता दर्शाते हुए प्रेम भाव अर्पित किया जाता है। क्योंकि बैलों के सहयोग से ही खेती कार्य किया जाता है । वही पोला पर्व की पूर्व रात्रि को गर्भ पूजन किया जाता है । ऐसा माना जाता है कि इसी दिन अन्न माता गर्भ धारण करती है । अर्थात धान के पौधों में दूध भरता है । इसी कारण पोला के दिन किसी को भी खेतों में जाने की अनुमति नहीं होती । प्रतिष्ठित सभी देवी-देवताओं के पास जाकर विशेष पूजा-आराधना करते हैं। किसान गौमाता और बैलों को स्नान कराकर श्रृंगार करते हैं सींग और खुर यानी पैरों में माहुर, लगाएंगे, गले में घुंघरू, घंटी, कौड़ी के आभूषण पहनाकर पूजा करते है।
डॉ महंत ने बताया कि, परंपराओं अनुसार ग्रामीण इलाकों में युवतियां नंदी बैल, साहड़ा देव की प्रतिमा स्थल पर पोरा पटकने जाएंगी। नंदी बैल के प्रति आस्था प्रकट करने के लिए अपने-अपने घर से लाए गए मिट्टी के खिलौने को पटककर फोड़ेंगी। मान्यता है कि, कान्हा जब छोटे थे और वासुदेव-यशोदा के यहां रहते थे, तब कंस ने कई बार कई असुरों को उन्हें मारने भेजा था। एक बार कंस ने पोलासुर नामक असुर को भेजा था, जिसे भी कृष्ण ने मार दिया था। वह दिन भाद्रपद अमावस्या का था इसलिए इसे पोला कहा जाता है।
रायपुर / शौर्यपथ / शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज राजभवन में शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीतापुर के व्याख्याता गणित श्री ओम प्रकाश साहू को राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया।
श्री ओमप्रकाश साहू वर्तमान में प्रशासकीय अधिकारी प्रयास आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर में पदस्थ हैं। उनकी पद्स्थापना 2005 में पिछड़े बहुल आदिवासी क्षेत्र में आदिवासी शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीतापुर में व्याख्याता गणित के पद पर हुई। वे बच्चों को गणित और भौतिक शास्त्र का अध्ययन-अध्यापन कराते रहें। वे कक्षा के बाद भी बच्चों को निःशुल्क भौतिक, गणित, कृषि विज्ञान के मूलतत्व का अध्यापन कराते हैं, जिसके कारण बेहद गरीब परिवार के छात्र-छात्राओं जैसे अमन केरकेट्टा, राहुल तिग्गा, अनिल वरवा, संदीप भगत, अल्का और अन्य छात्र-छात्राएं आईआईटी, एनआईटी, एमबीबीएस, पीएटी में चयनित होते रहे। उन्होंने विद्यालय भवन का जीर्णोंद्धार रंग-रोगन और अन्य शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध कराने में सार्थक पहल की। उनके प्रयास से ही विद्यालय में दर्ज संख्या बढ़ी। स्कूल का परीक्षा परिणाम बेहतर होेने से निजी स्कूल से छात्र-छात्राएं सरकारी स्कूल में प्रवेश ले रहे हैं। गणित और भौतिकी विषय का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। इस उत्कृष्ट कार्य एवं सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित किया गया।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों विशेष रूप से किसान भाइयों को पारंपरिक पोला तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की है। आज यहां पोरा तिहार की पूर्व संध्या पर जारी अपने शुभकामना संदेश में श्री बघेल ने कहा है कि पोला तिहार हमारे जीवन में खेती-किसानी और पशुधन का महत्व बताता है। यह छत्तीसगढ़ की परम्परा, संस्कृति और लोक जीवन की गहराइयों से जुड़ा पर्व है। इस दिन घरों में उत्साह से बैलों और जाता-पोरा की पूजा कर अच्छी फसल और घर को धन-धान्य से परिपूर्ण होनेे के लिए प्रार्थना की जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज-त्यौहार हमारी संस्कृति और परम्पराओं का संवाहक होते हैं। यह हमारी धरोहर को अगली पीढ़ी तक पहुंचाते हैं। खेल-खेल में बच्चे अनजाने ही अपनी मिट्टी और उसके सरोकारों को जुड़ते चले जाते हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि यह हमारा दायित्व है कि आने वालीे पीढ़ियों को अपनी समृद्ध संस्कृति का परिचय कराएं और उसके संरक्षण और संवर्धन का प्रयास करें।
रायपुर / शौर्यपथ / लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्रकुमार के निर्देश पर बालोद जिले में एकल ग्राम नल जल प्रदाय योजना के लिए 5.59 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृति मिली है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्रामीण अंचलों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति हेतु संचालित योजनाओं के विस्तार के लिए तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में कार्यालय कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला जल एवं स्वच्छता मिशन जिला बालोद से इस आशय का आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के तहत बालोद जिले के गुरुर विकासखण्ड के बासीन में 96.85 लाख, डौण्डीलोहारा विकासखंड के अडजाल में एक करोड़ 9 लाख 58 हजार, गुरूर विकासखण्ड के जेवरतला में एक करोड़ 19 लाख 33 हजार, टेंगनाबरपारा में एक करोड़ 48 लाख 71 हजार और बालोद विकासखंड के डेंगरापार गांव में 84.89 लाख रुपये की एकल ग्राम नल जल प्रदाय योजना की स्वीकृति दी गई है।
रायपुर / शौर्यपथ / लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार 6 सितम्बर सोमवार को दुर्ग जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री गुरू रूद्रकुमार राजधानी स्थित अपने शासकीय निवास सतनाम सदन से दोपहर 01 बजे प्रस्थान कर 1.30 बजे दुर्ग जिले के भिलाई-3 स्थित अपने निवास पहुचेंगे। वे वहां स्थानीय जन प्रतिनिधियों से रू-ब-रू होंगे। मंत्री गुरु रुद्रकुमार अपरान्ह 2.30 बजे रायपुर के लिए रवाना होंगे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
