September 23, 2026
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    जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / कलेक्टर यशवंत कुमार ने आज जिला कार्यालय में आयोजित समयसीमा बैठक में विभागीय कामकाज की समीक्षा करते हुए कहा कि गंभीर कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए जिले के सभी एनआरसी (पोषण पुनर्वास केन्द्र) चालू रहेंगे। एनआरसी की क्षमता के अनुरूप शतप्रतिशत बेड पर गंभीर कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग की होगी। एन आर सी में भर्ती बच्चे और उनके साथ अभिभावक मां को सभी उपलब्ध सुविधाओं का लाभ मिले यह स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाय। कलेक्टर ने कहा कि उपचार से लाभांवित बच्चों के स्वास्थ्य की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। एनआरसी में उपलब्ध सामाग्री खिलौने, टीव्ही, फर्नीचर, बेड आदि उपयोगी हालत में हो, समय समय पर इसकी भी समीक्षा होगी।
    राजस्व विभाग में आवेदन समय सीमा के बाद लंबित न रहे-
    कलेक्टर ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से कहा कि सीमाकंन, बटाकंन, बटवारा, रिकार्ड दुरूस्तिकरण आदि से संबंधित कोई भी आवेदन समय सीमा के बाद लंबित न रहे। उन्होंने कहा कि समय सीमा के बाद लंबित प्रकरणों के लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। कलेक्टर ने कहा कि शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त रखने और अनाधिकृत निर्माण को रोकने की जिम्मेदारी भी राजस्व अधिकारियों की है। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि कालोनी निर्माण के लिए निमयानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति प्रदान की जाए। इसके लिए कालोनी निर्माण कराने वालो से निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अनुमति लेने के लिए राजस्व अधिकारी प्रेरित करें। साथ ही नियम विरूद्ध निर्माण होने पर कार्यवाही कर जिला कार्यालय को अवगत कराते हुए तोड़ने की भी कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।
    मवेशियों को भी गौठान में लाना सुनिश्चित करवाए-
    कलेक्टर ने वन और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे नर्सरी लगाने के लिए जिले के गौठानो में तैयार किये जा रहे कम्पोस्ट खाद की खरीदी करें। जिससे खाद तैयार करने वाली महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिले। उन्होंने जनपद पंचायत के सीईओं से कहा कि गौठानों से संबंधित गतिविधियां गौठान परिसर में ही संचालित हों। गौठान प्रतिदिन निर्धारित अवधि में खुला रहे और मवेशियों को भी गौठान में लाना सुनिश्चित करवाएं। गोबर खरीदी की मात्रा के विरूद्ध निर्धारित अनुपात में कम्पोस्ट खाद तैयार हो यह सुनिश्चित करें ,इस पर सतत निगरानी रखें ।
    धान को सुरक्षित रखने जिम्मेदारी संबंधित समिति प्रभारियों की-
    कलेक्टर ने धान खरीदी से संबंधित अधिकारियों से कहा कि संग्रहण केन्द्रों और उपार्जन केन्द्रों में रखे हुए धान को समुचित उपाय कर सुरक्षित रखने का कार्य संबंधित समिति प्रभारियों की है। जिला खाद्य अधिकारी, सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी और जिला विपणन अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वे इसकी सतत निगरानी कर धान की सुरक्षा सुनिश्चित करवाएं। धूप, पानी और चूहो से धान को सुरक्षित रखने के लिए निर्देशानुसार कार्यवाही किया जाय। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती लीना कोसम, एस.एस.पैकरा, संयुक्त कलेक्टर सचिन भूतड़ा, डिप्टी कलेक्टर, सभी एसडीएम सहित विभिन्न विभागो के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

       रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम टेमरूपानी में आदिवासी बुढ़ालपेन पोड़दगुमा गोंडवाना विकास समिति के वार्षिक सेसा पण्डुम कार्यक्रम में शामिल हुई। उन्होंने कार्यक्रम में आह्वान किया कि हमारे समाज के कुछ साथी भटक गए हैं, वे समाज की मुख्यधारा में लौटें। शासकीय योजनाओं का लाभ लें तथा आत्मनिर्भर बने। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी समाज के प्रमुख, समाज को जागरूक करें, संगठित करें और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगारमूलक योजनाओं से जोड़ें, साथ ही समाज को बांटने वाले तत्वों से सचेत रहें। राज्यपाल ने टेमरूपानी में पहुंचकर पूजा अर्चना की और धार्मिक जात्रा कार्यक्रम में शामिल हुई। उन्होंने आदिवासी बुढ़ालपेन पोड़दगुमा गोंडवाना विकास समिति को दो लाख रूपए की आर्थिक सहयोग देने की घोषणा भी किया ।

      राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने कहा कि जनजातीय समाज हमेशा प्रकृति के साथ रहता है और कभी दुखी नही रहता। हम देव पोड़द-गुमा (सूर्य देव) से प्रार्थना करते हैं कि हम सबको सुख-समृद्धि प्रदान करें। उन्होंने कहा कि आदिवासी सदैव सम्मान से जीता है, वह किसी गलत कामों में न लिप्त रहता है न ही भिक्षा मांगने के लिए किसी के समक्ष हाथ फैलाता है। जीवन भर मान सम्मान से जीवन यापन करता है। राज्यपाल ने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी भी जाति धर्म से छोटा या बड़ा नहीं होता है, बल्कि अपने कर्मों से बड़ा होता है। सुश्री उइके ने कहा कि आदिवासी समाज के बुढ़ादेव अर्थात महादेव हम सबके इष्टदेव हैं, जो पूरे संसार का संरक्षण करते हैं। देश का हर नागरिक अपने-अपने धर्म, संम्प्रदाय, देवी-देवता और अपने महापुरूषों को मानने और उनके आदर्शों पर चलने के लिए स्वतंत्र है, किन्तु जब देश हित की बात आए तब सभी एकजुट होकर कार्य करें।
    राज्यपाल ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति बड़ी महान है। प्रकृति के प्रति आदिवासी समाज में अपार श्रद्धा होती है और इस श्रद्धा में प्रकृति संरक्षण का भाव होता है। हमारे आदिवासी संस्कृति में सामुदायिकता और प्रेम सद्भाव की भावना रहती है। इस पर्व पर आदिवासी समाज द्वारा सूर्य देव से अन्न भंडारण तथा उसकी सुरक्षा की अनुमति मांगी जाती है। यह कितनी महान परंपरा है कि प्रकृति से प्राप्त हुए उनके उत्पाद को उपयोग करने के लिए उनसे आज्ञा ली जा रही है। इससे यह सिद्ध होता है कि आदिवासी समाज में प्रकृति के प्रति कितनी आस्था है। ऐसी परंपरा शायद ही और कहीं देखने को मिलती है। राज्यपाल ने कहा कि प्राचीनकाल से आज तक जंगल किसी न किसी रूप में जो सुरक्षित है, आदिवासी समाज के इसी भावना के कारण है। आज जब पूरा विश्व में आधुनिकीकरण के कारण आपस में दूरियां बढ़ती जा रही है, परिवार अलग-अलग हो रहे हैं, उस समय आदिवासी समाज पूरे विश्व के समक्ष सामाजिकता का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करता है।
    राज्यपाल ने कार्यक्रम में उइके गोत्र के मांझी, पेन पुजारी, मंड़ा के समस्त सात भाई-कोर्राम, कचलाम, जुर्री, जट्टी, कातो, वेड़दो, उयका का अभिवादन किया। राज्यपाल को आयोजकों ने प्रतीक चिन्ह भेंटकर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधायक श्री अनुप नाग, राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री नितिन पोटाई, पूर्व विधायक श्री भोजराज नाग, पूर्व विधायक श्री विक्रम उसेण्डी, श्री विश्राम सिंह गावड़े, श्रीमती जय लक्ष्मी ठाकुर, श्रीमती कमला नेताम, श्री श्यामलाल उइके, श्री मेतूराम उइके, श्री शरद कोर्राम, श्री चंदन सिंह उइके, श्री सुरजूराम उइके, श्री हरिसिंह उइके, श्रीमती सुशीला उइके, श्री मनेश राम उइके, श्री दशरथ उइके सहित मांझी, सिरहा एवं समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
    राज्यपाल ने पत्रकारो एवं सुरक्षाबलो की सराहना किया
    राज्यपाल सुश्री उइके ने पत्रकार बंधुओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, बस्तर तथा अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में कार्य करते हुए जनसमस्याओं और समाज की अन्य खबरों को सामने लाते हैं। इस दौरान उन्हें कई खतरों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और फिर भी वे अपने कार्य में समर्पित भाव से लगे रहते हैं। उनकी खबरों से मुझे महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है, उस पर मैं संज्ञान भी लेती हूं। राज्यपाल ने सुरक्षा बलों की भी सराहना करते हुए कहा कि हमारे सुरक्षा बलों के जवान सभी जगह हर परिस्थिति में तैनात रहते हैं और आम जनों को सुरक्षा प्रदान करते हैं। उनके प्रति मानवीय संवेदना रखें और उनके साथ समन्वय बनाकर कार्य करें। कार्यक्रम में बस्तर संभाग के कमिश्नर श्री जी.आर चुरेन्द्र, आई.जी सुन्दर राज पी., डीआईजी विनित खन्ना, कलेक्टर चन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक एम.आर. अहिरे सहित जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे

    ग्रामीण खेलों का खूब जमा रंग, खेल मड़ई का उत्साह आज पहुंचा चरम पर , विजेताओं को किया गया पुरस्कृत

    दुर्ग / शौर्यपथ / पाटन की धरती ने अरसे बाद ग्रामीण खेलों के रंग देखे। छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय ग्रामीण खेलों का आज समापन हुआ। समापन कार्यक्रम में अतिथियों ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। प्रतियोगिता में प्रदेश भर से 800 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। संखली, पिट्ठुल जैसे खेल जो कभी उत्साह से खेले जाते थे और लगभग विस्मृत कर दिए गए थे उनको पुनः खेला जाते देखकर और इसके उत्साह और उमंग को देखकर दर्शक काफी उत्साहित हुए। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जुटे दर्शक खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते रहे। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आये राजेश साहू ने बताया कि यहाँ प्रतियोगिता में भाग लेकर बड़ी खुशी हुई। खोखो जैसे खेल बचपन में खूब खेलते थे लेकिन अब इनकी जगह दूसरे खेल आ गए। हमारे पारंपरिक खेलों का जादू आज हमने महसूस किया।
    पुरई से आये प्रतिभागियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन खेलों को बढ़ावा देने के लिए सराहनीय कार्य कर रही है। हमारे पाटन में भी इस तरह का आयोजन हो सकता है यह देखकर हम सबको गहरी खुशी हुई। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के ओएसडी आशीष वर्मा एवं संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्रीमती श्वेता सिन्हा भी उपस्थित रहीं। अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों की हौसलाअफजाई की। खिलाड़ियों ने कहा कि परंपरागत छत्तीसगढ़ी खेलों में बहुत आनंद आया। हम अपने गांव और शहर में लौटकर इनके बारे में सभी को जानकारी देंगे। उल्लेखनीय है कि आयोजन में तुवे लंगरची, पुधव पुक जैसे खेल खेले गए जो विस्मृत हो रहे थे। इन खेलों को भी इस आयोजन से संजीवनी मिली है।

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ के स्वप्न दृष्टा डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्यतिथि पर याद करते हुऐ किया नमन। विस् अध्यक्ष डॉ महंत ने कहा यह वही व्यक्ति है जिन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे पहले सपना देखा था, इन्ही के अनेकों प्रयास के बदौलत छत्तीसगढ़ ना सिर्फ हमारे देश में एक पहचान मिली बल्कि विदेशों में भी छत्तीसगढ़ का नाम हुआ।
    छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम स्वप्न दृष्टा डॉ. खूबचंद बघेल हमेशा से छत्तीसगढ़ के विकास और छत्तीसगढ़ को एक अलग पहचान दिलाने के लिए कार्य किया, वे हमेशा छत्तीसगढ़ के दब्बूपन को दूर करने के लिए अनेक प्रयास किये, वे हमेशा यही चाहते थे की छत्तीसगढ़ को लोग क्यों ऐसे हीन भावना से देखते है, हमेशा इससे सौतेला व्यवहार क्यों करते हैं बस इन्ही बातों की चिंता उन्हें सताते रहती थी। जातिगत भेदभाव, कुरीतियों को मिटाने वाले इस महान व्यक्ति का निधन संसद के शीतकालीन सत्र के लिए भाग लेने दिल्ली गए हुए थे वहाँ दिल का दौरा पड़ने से उनकी आकस्मिक निधन हुआ।
    उन्होंने सन 1931 में सरकारी पद त्याग कर कांग्रेस में प्रवेश किया। इसके पूर्व अप्रैल 1930 में रायपुर महाकौशल राजनीतिक परिषद के अधिवेशन में डॉक्टर बघेल ने भी हिस्सा लिया था, सन 1931 में डॉक्टर बघेल रायपुर जिला के डिक्टेटर और बाद में राज्य के आठवें डिक्टेटर नियुक्त हुए। जिला डिक्टेटर के पद पर रहते हुए डॉक्टर बघेल सामाजिक सुधार के प्रति भी जागरूक रहें। सन 1939 के त्रिपुरी के ऐतिहासिक कांग्रेस अधिवेशन में स्वयंसेवकों के कमांडर के रूप में कार्य किया। 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के तहत इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। डॉक्टर बघेल के साथ उनकी धर्मपत्नी राजकुँवर देवी भी 6 माह के लिए जेल गई। रायपुर तहसील से 1946 के कांग्रेस चुनाव में डॉक्टर बघेल निर्विरोध चुने गए। इस तरह सन 1946 में डॉक्टर बघेल को तहसील कार्यालय कार्यकारिणी के अध्यक्ष और प्रांतीय कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया। स्वतंत्रता के बाद उन्हें प्रांतीय शासन ने संसदीय सचिव नियुक्त किया। 1950 में आचार्य कृपलानी के आह्वान पर वे कृषक मजदूर पार्टी में शामिल हुए। 1951 के बाद आम चुनाव में वे विधानसभा के लिए पार्टी से निर्वाचित हुए। 1965 तक विधानसभा के सदस्य रहे। 1965 में राज्यसभा के लिए चुने गए राजनीति से 1968 तक जुड़े रहे।

    दुर्ग / शौर्यपथ /कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में राजस्व वसूली के प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने सभी एसडीएम से वसूली के मामलों की समीक्षा करते हुए इस महीने के अंत तक यह कार्य पूरा करने कहा। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में नोटिस जारी की गई है और इसके बाद भी अब तक शुल्क नहीं पटाया गया है उन मामलों में कुर्की की कार्रवाई करें। कलेक्टर ने तीनों अनुविभागों में राजस्व वसूली के प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन ने नागरिकों के लिए भूस्वामी अधिकार दिलाने की पहल करते हुए अभिनव योजना लाई है। इसका ज्यादा से ज्यादा नागरिक लाभ ले सकें। यह सुनिश्चित करें।
    उन्होंने कहा कि राजीव गांधी आश्रय योजना के अंतर्गत हितग्राही लीज के पट्टे पर भूस्वामी अधिकार ले सकते हैं। इससे उन्हें अपनी जमीन अथवा भवन का बेहतर इस्तेमाल करने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि इससे उनके व्यावसायिक प्रयोजन का राह खुल सकता है। साथ ही बैंक लोन आदि का रास्ता भी इससे खुल जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही किसी प्रयोजन से पट्टे के लिए दी गई जमीन और अतिक्रमित नजूल जमीन पर भी भूस्वामी अधिकार लिया जा सकता है। इस संबंध में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करें ताकि लोग इनका लाभ उठा सके। बैठक में नगर निगम भिलाई आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी, अपर कलेक्टर प्रकाश सर्वे, श्री बीबी पंचभाई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
    दो साल से अधिक के कोई भी प्रकरण नहीं रहे लंबित- कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिये कि दो साल से अधिक के कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहें। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में अधिकतर प्रकरण हल कर लिये गए हैं। कलेक्टर ने सीमांकन आदि के समय सीमा से बाहर के प्रकरणों को भी अविलंब हल करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि कोर्ट के लिए जो दिन नियत किये गए हैं। उन दिनों पर सुनवाई करना सुनिश्चित करें ताकि प्रकरणों को समय पर हल किया जा सके।
    अवैध प्लाटिंग पर होती रहें कार्रवाई- कलेक्टर ने अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अवैध प्लाटिंग पर आप लोगों के द्वारा सघन कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई निरंतर जारी रहने चाहिए ताकि इसे पूरी तरह से हतोत्साहित किया जा सके। कलेक्टर ने सभी नगरीय निकायों में अब तक अवैध प्लाटिंग पर की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की।

    जगदलपुर / शौर्यपथ / मामले में कोंडागांव जिला अध्यक्ष नरेंद्र नेताम एवं बस्तर जिला अध्यक्ष नरेंद्र भवानी ने जानकारी देते हुए बताये की 2 दिसंबर को कोंडागांव जिले के मारंगपुरी में जिला प्रशासन की लापरवाही से एवं पटवारी तहसीलदार की मनमानी से रकबा कम होने के कारण स्व किसान धनीराम मरकाम ने फांसी लगा कर आत्म हत्या कर ली थी जिसके बाद स्व अजित जोगी जी के हेल्प लाइन नंबर से शिकायत प्राप्त होने के बाद त्वरित जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी द्वारा जांच दल गठित कर मामले में जिला प्रशासन की लापरवाही देख परिवार को न्याय दिलाने का बीड़ा उठाये . जनता कांग्रेस द्वारा मृतक किसान को न्याय दिलाने 14/12/2020 को जिला कार्यलय का घेराव कर मामले में परिवार को न्याय दिलाने हेतु मांगे रखी गई, फिर ज्ञापन दिया गया किन्तु प्रशासन द्वारा कोई ठोस पहल ना होते देख कर जनता कांग्रेस ने 09/01/2021 को दोबारा जिला कार्यलय को आमरण अनशन की चेतावनी दें अगले दिन से ही 7 दिन तक आमरण अनशन किया जिसमे मृतक के परिवार भी अनशन में साथ बैठे रहे न्याय की मांग के लिए अनशन को भी जिला प्रशासन द्वारा किसी तरह की सुनवाई नहीं होते देख कर अन्तः जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अमित जोगी जी ने आमरण अनशन समाप्त करवा पीड़ित परिवार को विधायक पेंशन की दो महीने की सेलरी मृत किसान की पत्नी सुमित्रा मरकाम के नाम एक लाख का चेक दें कर प्रदेश के राजधानी मुख्यालय रायपुर से प्रेस वार्ता लेकर दाहाड लगाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार को घेरते हुए कई आरोप लगाए .
    जिसके तहत पटवारी, तहसीलदार, एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी केशकाल के ऊपर त्वरित कार्यवाही हो कह, नौकरी एवं 25 लाख का मुवावजा देने की बात कहते हुए इसकी लड़ाई अब विधानसभा में लड़ी जाएगी कहते हुए राष्ट्रीय परिवार साहयता योजना के तहत जो 25 हजार की राशि तत्काल आकस्मिक मृत्यु के तहत परिवार को लाभ दिया जाता उसका लाभ तक परिवार को नहीं दिया गया की बात कहते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने कहा वर्तमान सरकार के सीने में दिल नहीं पत्थर है !

    जहां उपस्थित :- कोंडागांव जिलाध्यक्ष नरेंद्र नेताम, बस्तर जिलाध्यक्ष नरेंद्र भवानी, बस्तर संभागीय युवाअध्यक्ष संतोष सिंह, मृत किसान पत्नी सुमित्रा मरकाम, पुत्री कमलेश्वरी,किसान के साले प्रेम लाल नेताम, समेत अन्य साथीगण उपस्थित रहे

    मुख्य बातें ..
    * कोंडागांव मारंगपुरी जिला प्रशासन की लापरवाही से किसान स्व धनीराम मरकाम ने की थी आत्म हत्या मामले में अमित जोगी ने की राजधानी मुख्यालय में पत्रवार्ता -- जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी
    * एस. डी. एम. केशकाल पटवारी समेत तहसीलदार पे हो दंडात्मक कार्यवाही हो एवं परिवार को मिले 25 लाख का मुवावजा और दोनों बेटियों को योग्यतानुसार दें सरकार नौकरी -- जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी
    7 दिन के आमरण अनशन के बाद भी कोंडागांव जिला प्रशासन मांग को ले के ठस से मस नहीं हुई जिसके बाद अमित जोगी जी ने यह लड़ाई सदन में होगी की बात कह अनशन समाप्त करवाए थे 16 फ़रवरी को -- जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे पार्टी

    नगरी / शौर्यपथ / नगरी विकासखंड में रेत तस्करी का अवैध कारोबार बेखौफ जारी है कार्रवाई ना होने से तस्करों के हौसले बुलंद है । प्रतिदिन बडी संख्या में ट्रैक्टरों व हाईवा से रेत परिवहन का अवैध कारोबार किया जा रहा है।
    अफसरों से सांठगांठ कर रेत माफिया खुलेआम कारोबार कर रहे हैं ...
    तस्करी में लगे वाहनों को कई बार पकड़ा जाता है पर कार्रवाई क्या होती है इसकी जानकारी अब तक नहीं मिल पाई। नियमानुसार शासन की खनिज संपदा के तस्करी में लगे वाहनों को राजसात किया जाना चाहिये पर ऐसा होता नही है । ग्राम पंचायत छिपलीपारा, सिहावा, भीतररास, रतावा,भुरसीडोंगरी, भोथली, जबर्रा, मुनईकेरा अभ्यारण्य क्षेत्रों में शासन की नाक के नीचे प्रतिदिन सैकड़ों ट्रिप रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है।
    उल्लेखनीय है कि रेत तसकरी का अवैध कारोबार काफी दिनों से चल रहा है। अल सुबहा बडी तादाद में ट्रैक्टरों व हाईवा के माध्यम से रेत सप्लाई किया जा रहा है। इस ऐवज रेत माफिया मनमाना दाम भी वसूल रहे हैं। एक जानकरी के अनुसार धमतरी जिले में शासन की ओर से 34 रेत खदानें स्वीकृत है। जिनमें से नगरी के भुरसीडोंगरी, डोमपदर, भीतररास, खदानों को पर्यावरण मंडल से एन ओ सी नही दी गई है। इनके बावजूद भी रेत तस्करी का कारोबार बेखौफ चल रहा है ।इससे रेत माफिया और विभागीय अधिकारियों के बीच सांठगांठ से इनकार नहीं किया जा सकता।
    4 से 5 हजार. रुपए प्रति ट्रॉली बेची जा रही है..
    रेत माफिया प्रति ट्रॉली 4 से 5 हजार ₹ में रेत बेच रहे हैं ।अधिकांश ट्रैक्टर व ट्रॉली में नंबर भी नहीं होते । पुलिस , यातायत विभाग ऐसे ट्रैक्टर और ट्रॉली पर कार्रवाई भी नहीं करती, वे बेखैफ ,तेज रफ्तार से सड़कों में दौड़ रहे हैं, जिसकी वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है।
    आखिर पर्यावरण मंडल क्यों नही दे रहा एन ओ सी
    क्षेत्र के लोग शासन के रवैया से नाराज हैं । लोगों का कहना है कि नगरी विकासखंड में एक भी रेत खदान का खदान की स्वीकृति आखिर अब तक क्यों नहीं दी गई। लोगों ने क्षेत्र के कांग्रेस विधायक, सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी पर क्षेत्रवासियों की रेत की जरूरतों को अनदेखी करने का आरोप लगाया।

    आशीष तिवारी शौर्यपथ रायपुर
    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी एवं महापौर एजाज़ ढेबर जी के मनसा अनुसार आज 'तुंहर सरकार तुंहर द्वार' कार्यक्रम का आयोजन डॉ. विपिन बिहारी सुर वार्ड क्रमांक 64 के तहत वीरभद्र नगर सामुदायिक भवन में संपन्न हुआ, जहाँ समाधान शिविर में प्राप्त आवेदनों का यथासंभव त्वरित निराकरण किया गया।
    समाधान शिविर में जरूरतमंदों को युवा काँग्रेस नेता एवं काँग्रेस पार्षद प्रत्याशी नोहर साहू द्वारा विपिन बिहारी सुर वार्ड के रहवासियों को आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, मजदूर कार्ड प्रदान किया गया। शिविर में सभापति प्रमोद दुबे,प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल जी,निगम आयुक्त सौरभ कुमार,एमआईसी सर्वश्री ज्ञानेष शर्मा, श्रीकुमार मेनन, सुरेश चन्नावार, जितेंद्र अग्रवाल दाऊ जी, सुंदर जोगी जी, सहदेव व्यवहार जी, रितेश त्रिपाठी जी, आकाश तिवारी जी, अमितेश भारद्वाज,नोहर साहू जी, दयासागर सोना,सैयद उमेर,सदर बाजार ब्लॉक अध्यक्ष नवीन चंद्राकर, पुरानी बस्ती ब्लॉक अध्यक्ष सचिन शर्मा, श्रीमती अंजनी वीभार जी , श्रीमती शीतल कुलदीप बोगा जी, श्रीमती द्रोपती हेमंत पटेल जी, नीलम नीलकंठ जगत जी, ज़ोन अध्यक्ष मन्नू विजेता यादव जी, मनीराम साहू जी, बंटी होरा जी , बीरेंद्र देवांगन जी, अनवर हुसैन जी,युवा कार्यकर्ता मोहम्मद चाँद, मतलूब कुरेशी,संजय देवांगन सहित सभी एमआईसी सदस्यगण, पार्षदगण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

    ० स्कूल में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने के दिए निर्देश
    ० कोविड-19 के दिशा-निर्देश के संबंध में कार्यशाला संपन्न
    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा की अध्यक्षता में पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में भारत शासन एवं राज्य शासन के कोविड-19 के दिशा-निर्देश के परिपालन में आज प्राचार्य एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्टर श्री वर्मा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि मार्च 2020 से हम सभी कोविड-19 के कारण विषम परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। लंबे समय तक लॉकडाउन रहा और अब भारत शासन के निर्देशानुसार धीरे-धीरे संस्थाएं खुल रहे हैं। परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं, इसके बावजूद बहुत सी संस्थाएं कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ में सुरक्षा के उपाय पर्याप्त हैं और छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कोविड-19 के दिशा-निर्देश का पालन करते हुए स्कूल आरंभ करने का निर्णय लिया गया है। जिसके लिए शिक्षा विभाग को सजग रहना है और कड़ाई से प्रोटोकॉल का पालन करना है। नियमों को अपनाकर ही सब सुरक्षित रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि सर्दी, खांसी एवं बुखार के लक्षण होने पर तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारियों एवं बीएमओ को सूचित करें। तीनों प्रकार के लक्षण होने पर आरटीपीसीआर की निःशुल्क जांच कराएं। कक्षा के दौरान जो बच्चे जिस टेबल पर बैठते हैं वह उसी टेबल पर बैठे। ऐसे में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग करने में सुविधा होगी।
    उन्होंने कहा कि शिक्षक स्वयं को, बच्चों तथा स्टॉफ को कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षित रखें। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी एचआर सोम तथा 330 हायर सेकेण्डरी एवं हाई स्कूल के प्राचार्य एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयक उपस्थित थे।
    कलेक्टर वर्मा ने कहा कि प्राचार्य अपने स्कूल के बच्चों को परीक्षा के पहले अच्छे से प्रोत्साहित करें और उनका आत्मविश्वास बढ़ाए ताकि बच्चे परीक्षा के लिए मानसिक रूप से स्वयं को तैयार कर सके। उन्होंने कहा कि कमजोर एवं औसत बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें। सभी ने ऑनलाईन पढ़ाई की है। ऐसे में 10वीं एवं 12वीं के बच्चे बहुत सी प्रतियोगी परीक्षाएं देते हैं, उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी संस्था के प्राचार्य एवं स्टॉफ को पढ़ाई आरंभ करने के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को स्कूल में समय पर आना चाहिए और लापरवाही एवं अनुशासनहीनता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक का पद सम्मानीय है। ऐसी स्थिति में विगत दिनों एक शिक्षक द्वारा की गई घटना सामने आई है जो नैतिक एवं चारित्रिक पतन को दर्शाती है। गुरू-शिष्य का संबंध मर्यादा एवं सम्मान का है और इसे कायम रखना चाहिए। हमारे धर्म ग्रंथों में गुरू को भगवान से ऊंचा दर्जा दिया गया है। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सभी प्राचार्यों से कहा कि स्कूल में ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रति 5 विधानसभा में मोहला, छुरिया, गंडई, डोंगरगांव एवं डोंगरगढ़ में 5 इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले जा रहे हैं। जिसकी राशि शीघ्र ही स्वीकृत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में फीस विनियामक समिति का गठन किया गया है। इसके नोडल अधिकारी बैठक लें और निर्धारित फीस की जानकारी सूचना पटल में चस्पा करें।
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि लंबे समय के बाद स्कूल खुले हैं। सभी बच्चे एवं शिक्षक तथा स्टॉफ मास्क से अपने नाक और मुख को ढककर रखेंगे। सभी स्कूल स्टॉफ एवं शिक्षक को कोरोना टेस्ट कराने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी बच्चे या शिक्षक का कोरोना पॉजिटिव आने पर उसके पूरे परिवार का कोविड-19 टेस्ट कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के संक्रमित होने पर पूरा परिवार संक्रमित होता है। सभी मास्क लगाकर आएंगे। समूह में नहीं रहेंगे, सोशल डिस्टेसिंग का पालन करेंगे, हाथ नहीं मिलाना है, हाथ जोड़कर नमस्ते करेंगे। साबुन से हाथ धोना है और सेनेटाईजर का उपयोग करते रहेंगे। सभी बच्चे पानी की बोटल साथ लाएंगे और अपना टिफिन अलग लेकर आएंगे तथा एक दूसरे के साथ बांटकर नहीं खाएंगे। टेबल की सतह सेनेटाईज करेंगे। शौचालय में भी साफ-सफाई होनी चाहिए।
    जिला शिक्षा अधिकारी एचआर सोम ने कहा कि कोविड-19 का पालन करते हुए बच्चों को सुरक्षित रखें एवं सोशल डिस्टेसिंग के मापदंण्डों का पालन करें। सुरक्षा के सभी उपायों का जतन करें। सर्दी, खांसी और बुखार के किसी शिक्षक या बच्चे को स्कूल में प्रवेश न करने दें और ऐसे मरीजों को परीक्षण के लिए निर्देशित करें। बच्चों की परीक्षा की तैयारी करना है और कम समय में बेहतर तैयारी के लिए यह जरूरी है कि भौतिकी, गणित, रसायन जैसे कठिन विषयों पर पहले ध्यान दें। पालकों की सहमति से अवकाश के दिन में बच्चों को कोचिंग भी दे सकते हैं। बच्चों के मन से पढ़ाई का डर हटाने के लिए यह जरूरी है कि बच्चों को अच्छी तरह पढ़ाई कराएं। इस अवसर पर सहायक परियोजना अधिकारी साक्षरता श्रीमती रश्मि सिंह, सहायक संचालक राज्य शिक्षा मिशन एसके पाण्डेय, राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जिला समन्वयक भूपेश साहू, सहायक संचालक शिक्षा विभाग आदित्य खरे, सहायक संचालक शिक्षा विभाग श्रीमती संगीता राव सहित प्राचार्य, विकासखंड शिक्षा अधिकार एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।

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