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धमतरी / शौर्यपथ / कलेक्टर धमतरी जय प्रकाश मौर्य के निर्देश पर आबकारी अमले ने 30 दिसम्बर को सूचना के आधार पर ग्राम जामली में छापामार कार्रवाई कर रेशम बाई पति जीवनराम सतनामी से एक सौ मिली लीटर महुआ शराब बरामद किया। साथ ही शराब बनाने के उपकरण महुआ शराब गंधयुक्त होने पर आरोपिया के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34 (1) क तथा 34 (1) च के तहत प्रकरण कायम किया। इसी तरह जामली जंगल में 25 लीटर महुआ शराब बरामद होने पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34 (2) के तहत प्रकरण कायम किया। ग्राम बोदलबहरा थाना मगरलोड में महेश पिता घासी कमार से चार लीटर तथा चंद्रहास पिता देवसिंह कमार से साढ़े चार लीटर महुआ शराब बरामद होने पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34 (1)(क) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। इस दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी सी.एच.यदु, वृत्त प्रभारी अधिकारी वैभव मित्तल एवं आबकारी उप निरीक्षक नीलोफर जैन सहित आबकारी स्टाफ उपस्थित रहे ।
राज शेखर नायर/धमतरी/दैनिक शौर्यपथ
शुभारंभ,
ग्राम घठुला मे तीन दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता शुभारंभ हुआ।
जिसके मुख्य अतिथि जनपद सदस्य कविता पवार, अध्यक्षता राजू सोम सरपंच ग्राम पंचायत घठुला, विशेष अतिथि सुरेश मरकाम सरपंच ग्राम पंचायबागम्पन्न हुआ।
नाईस क्लब घठुला बडे़पारा व 30 टीमों ने प्रतियोगिता मे भाग लिये।
देश में संग्रहित वनोपजों का 73 प्रतिशत छत्तीसगढ़ में संग्रहित किया गया: वन मंत्री मोहम्मद अकबर
मुख्यमंत्री ने राज्य लघु वनोपज संघ के आवासीय परिसर का किया भूमिपूजन
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नवा रायपुर के सेक्टर 26 में बनने वाले छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के आवासीय परिसर का भूमिपूजन किया। लगभग साढ़े 4 एकड़ में 14 करोड़ 80 लाख रूपए की लागत से इस भवन का निर्माण 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 महीनों में यह कॉलोनी बनकर तैयार हो जाएगी। छत्तीसगढ़ की सर्वसुविधायुक्त राजधानी नवा-रायपुर में इस कॉलोनी का निर्माण हो रहा है। इस कॉलोनी में 72 क्वाटर बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री बघेल ने इस आवासीय कॉलोनी के भूमिपूजन के अवसर पर कहा कि राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ और वन विभाग द्वारा लघु वनोपजों के संग्रहण, तेंदूपत्ता संग्रहण का महत्वपूर्ण कार्य तत्परता और जिम्मेदारी के साथ किया गया। विभाग के प्रयासों से लघु वनोपजों में वेल्यू ऐडिशन का कार्य किया जा रहा है, जिससे वनवासियों और महिला स्वसहायता समूहों की आमदनी बढ़ी है और इस कार्य में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए उनके लिए इस आवासीय परिसर का निर्माण किया जा रहा है। इससे अधिकारियों एवं कर्मचारियों कि कार्य क्षमता भी बढ़ेगी और वे ज्यादा अच्छे ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने इस अवसर पर कहा कि नया आवासीय परिसर बनने से अधिकारी एवं कर्मचारियों को नवा रायपुर आने-जाने में लगने वाला समय बचेगा और वे ज्यादा अच्छे ढ़ंग से अपना कार्य कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के कार्य में काफी वृद्धि हुई है। वर्ष 2018 में 7 लघुवनोपजों का संग्रहण किया जाता था, जिनकी संख्या अब बढ़कर 52 हो गई है। इस वर्ष प्रदेश में देश में कुल संग्रहित वनोपजों का 73 प्रतिशत अकेले छत्तीसगढ़ में संग्रहित किया गया है, जिसका मूल्य 130 करोड़ रूपए है। तेेंदूपत्ता संग्रहण दर 2500 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा करने से तेंदूपत्ता संग्रहकों की आमदनी में भी बढ़ोतरी हुई है। राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के प्रबंध संचालक श्री संजय शुक्ला ने आवासीय परिसर के संबंध में जानकारी दी।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ.शिव कुमार डहरिया, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री गुरू रूद्र कुमार, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी और चंद्रदेव राय, छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष आर.पी.मंडल और प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 30 दिसम्बर 2020 तक 48 लाख मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। अब तक राज्य के 12 लाख 40 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा। राज्य के मिलरों को 14 लाख 58 हजार 601 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध मिलरों द्वारा अब तक 11 लाख 19 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।
खरीफ वर्ष 2020-21 में 30 दिसम्बर 2020 तक राज्य के बस्तर जिले में 61 हजार 663 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बीजापुर जिले में 26 हजार 542 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में 5 हजार 579 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में एक लाख 51 हजार 532 मीट्रिक टन, कोण्डागांव जिले में 71 हजार 62 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 8 हजार 938 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 16 हजार 407 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में 2 लाख 57 हजार 37 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 36 हजार 981 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में 4 लाख 68 हजार 98 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में 55 हजार 160 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में एक लाख 86 हजार 631 मीट्रिक टन खरीदी की गई है।
इसी तरह रायगढ़ जिले में 3 लाख 4 हजार 953 मीट्रिक टन, बालोद जिले में 2 लाख 95 हजार 394 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में 3 लाख 21 हजार 624 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में 2 लाख 30 हजार 569 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में 2 लाख 34 हजार 517 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में 4 लाख 2 हजार 362 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में 3 लाख 10 हजार 801 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में 2 लाख 33 हजार 336 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में एक लाख 71 हजार 184 मीट्रिक टन, महासमुंद जिले में 3 लाख 12 हजार 823 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में 2 लाख 84 हजार 551 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में 70 हजार 77 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में 51 हजार 947 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में 50 हजार 548 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में 78 हजार 344 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में 98 हजार 575 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल की पुण्यतिथि 31 दिसम्बर पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि पंडित रविशंकर शुक्ल प्रसिद्ध नेता और कुशल प्रशासक थे। उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलनों में सक्रिय और शीर्ष भूमिका निभाई। इस दौरान छत्तीसगढ़ में उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के विरूद्ध लोगों को जागरूक कर गांधी जी के विभिन्न आंदोलनों में सहयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ अंचल में शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई सहित विभिन्न क्षेत्रों की विकास योजनाओं में महती भूमिका निभाई।
रायपुर / शौर्यपथ / गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में अपराध अनुसंधान विभाग(सी.आई.डी.) के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अनियमित वित्तीय कंपनियों के विरुद्ध दर्ज लंबित प्रकरणों के निराकरण ततपरता से करने के निर्देश दिए। गृह मंत्री मंत्री ने मानव तस्करी, अपहरण, गुम व्यक्तियों से सम्बंधित प्रकरणों के निराकरण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अपराधिक मामलों में न्यायालयों में समय सीमा में जवाबदावा प्रस्तुत करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। गृह मंत्री ने सीआईडी के कार्यप्रणाली में सुधार लाने तथा और बेहतर ढंग से कार्य संचालन के लिए सुझाव देने के भी निर्देश अधिकारीयों को दिए। बैठक में सी.आई.डी. के उप पुलिस महानिरीक्षक सुशील चंद द्विवेदी, विनीत खन्ना एवं हिमानी खन्ना उपस्थित थे।
नवंबर में बेरोजगारी दर मात्र 3.5 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय दर 6.51 प्रतिशत दर्ज हुई
रायपुर / शौर्यपथ / देशव्यापी मंदी के बीच छत्तीसगढ़ ने अपने आर्थिक उपायों से राज्य में बेरोजागरी दर को लगातार नियंत्रित रखने में सफलता पाई है। माह नवंबर में छत्तीसगढ़ में बेरोजारी दर 3.5 प्रतिशत दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय दर 6.51 प्रतिशत की तुलना में 3.01 प्रतिशत कम है। राज्य में सितंबर 2018 में बेरोजगारी दर 22.2 प्रतिशत थी। कोरोना संकट और लॉकडाउन के बावजूद छत्तीसगढ़ में इसमें लगातार कमी आई।
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआई) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ का आंकड़ा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, आंध्रप्रदेश, असम, बिहार, गोवा, झारखंड, केरल, मध्यप्रदेश,पंजाब, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की तुलना में बहुत कम है।
लॉकडाउन के दौरान देश में औद्योगिक गतिविधियां ठप हो गई थीं, जिसका देश की अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा था। इसी दौरान राज्य की भूपेश बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए रणनीति तैयार कर काम शुरु किया। लॉकडाउन के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को रोजगार देने में छत्तीसगढ़ अव्वल रहा। उस अवधि में कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। आरबीआई ने भी छत्तीसगढ़ में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की थी। इसी दौरान वनोपज संग्राहकों को भी राज्य शासन ने राहत दी। लॉकडाउन के दौरान देश में कुल संग्रहित लघु-वनोपजों का 73 प्रतिशत छत्तीसगढ़ में संग्रहित किया गया। लघु-वनोपजों की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले लघु-वनोपजों की संख्या 07 से बढ़ाकर 52 कर दी गई। जुलाई माह में जबकि दिल्ली, पांडुचेरी, राजस्थान, गोवा जैसे राज्यों में बेरोजगारी दर बढ़ रही थी, तब छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर जून माह के 14.4 प्रतिशत से घटकर 9 प्रतिशत के स्तर पर आ गई थी।
छत्तीसगढ़ में अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में औद्योगिक गतिविधियां प्रारंभ हो गई थीं। कोरोना की रोकथाम और बचाव के उपायों के साथ राज्य की औद्योगिक इकाईयों ने उत्पादन शुरु कर दिया था। राजीव गांधी किसान न्याय योजना सहित किसान हितैषी योजनाओं तथा जनकल्याणकारी फैसलों से भी उत्साहजनक वातावरण बना। गोधन न्याय योजना शुरु होने तथा गौठानों में आजीविका संबंधी गतिविधियों में तेजी आने से भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।
सितंबर माह में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर घटकर मात्र दो प्रतिशत रह गई थी, जोकि देश में असम के बाद सबसे कम बेरोजगारी दर थी। अनलॉक होते ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था ने गति पकड़ ली थी, राज्य में जीएसटी कलेक्शन में अच्छी वृद्धि हुई। ऑटो मोबाइल, एग्रीकल्चर समेत सभी सेक्टरों में तेजी आती गई। सितंबर माह में देश में अव्वल रहने वाला असम नवंबर माह में फिसल कर छत्तीसगढ़ के बाद के क्रम में आ गया।
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआई) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक नवंबर माह में आंध्र प्रदेश में बेरोजगारी दर 6.0, असम में 4.0, बिहार में 10.0, दिल्ली में 6.6, गोवा में 15.9, गुजरात में 3.9, हरियाणा में 25.6, हिमाचल प्रदेश में 13.8, जम्मू-कश्मीर में 8.6, झारखंड में 9.6, केरल में 5.8, मध्यप्रदेश में 4.4, पंजाब में 7.6, राजस्थान में 18.6, त्रिपुरा में 13.1, उत्तरप्रदेश में 5.2 तथा पश्चिम बंगाल में 11.2 प्रतिशत रही। जबकि कर्नाटक में 1.9, महाराष्ट्र में 3.1, मेघालय में 1.1, ओडिशा में 1.7, पांडुचेरी में 2.2, सिक्किम में 1.9, तमिलनाडु में 1.1, तेलंगाना में 1.5 था उत्तराखंड में 1.5 प्रतिशत दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि: रूर्बन मिशन से जुड़े लोगों को दी बधाई
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य ने श्याम प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन की डायनमिक रैंकिग में देश में अव्वल स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा रूर्बन कलस्टर क्षेत्र में समेकित प्रदर्शन के आधार पर की गई रैकिंग में छत्तीसगढ़ राज्य ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों की सूची में एक बार फिर से प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि कहा है और उन्होंने रूर्बन मिशन के क्रियान्वयन में जुटे राज्य स्तर से लेकर मैदानी स्तर तक के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि रूर्बन मिशन के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राज्य देश का मॉडल राज्य होगा। विदित हो कि छत्तीसगढ़ राज्य को इससे पूर्व रूर्बन मिशन के उत्कृष्ट क्रियान्वयन हेतु तथा बेस्ट परफार्मिंग स्टेट का प्रथम पुरस्कार प्राप्त हो चुका है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा रूर्बन मिशन अंतर्गत अब तक हुए वित्तीय एवं भौतिक प्रगति का आंकलन कुल 12 संकेतकों के आधार पर करते हुए देश के समस्त रूर्बन कलस्टरों की ’’डायनमिक रैंकिंग प्रणाली’’, को मिशन अंतर्गत तैयार किए गए वेब पोर्टल द्वारा प्रारंभ की गई है। देश के विभिन्न राज्यों को आबंटित क्लस्टर के समेकित प्रदर्शन के आधार पर राज्योें की रैंकिंग की गई है। उक्त मानकों के आधार पर की गई रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों की सूची में पुनः प्रथम स्थान पर है।
ज्ञातव्य है कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 19 दिसंबर, 2019 को ’’राष्ट्रीय पुरस्कार वितरण समारोह’’ में राज्य को ’’मिशन के उत्कृष्ट क्रियान्वयन’’ हेतु प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 11 सितम्बर, 2018 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय पुरस्कार वितरण समारोह में रूर्बन मिशन अंतर्गत ’’छत्तीसगढ़ राज्य को उत्कृष्ट निष्पादन सम्मान’’ (ठमेज च्मतवितउपदह ैजंजम) वर्ग में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक में कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने अधिकारियों से बाल श्रमिकों, बच्चों द्वारा की जाने वाली भिक्षावृत्ति एवं चाइल्ड ट्रैफिकिंग पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि लेबर डिपार्टमेंट एवं महिला बाल विकास विभाग की टीम इस बात पर नजर रखे। उन्होंने कहा कि मानिटरिंग किसी विशेष समय पर नहीं अपितु रैंडम होनी चाहिए। सुबह के वक्त और देर शाम को भी दुकानों में एवं अन्य व्यावसायिक स्थलों में इसकी जाँच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाल श्रमिक पाये जाने पर संबंधित संस्थान पर कड़ी कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि इसी तरह से बाल भिक्षावृत्ति पर भी नजर रखने की जरूरत है। इनके अभिभावकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विपिन जैन ने बताया कि बाल भिक्षावृत्ति पर लगातार नजर रखी जा रही है। टीम अलग-अलग समय पर व्यस्ततम चौराहों पर जाती है। नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। कलेक्टर ने कहा कि चाइल्ड ट्रैफिकिंग को रोकने पंचायतों के रिकार्ड का अवलोकन भी जरूरी है। समय-समय पर पंचायतों की ओर से आई जानकारी को देखते रहें और स्थिति की मानिटरिंग करते रहें। संप्रेक्षण गृह की आवश्यकताओं के संबंध में भी विस्तार से चर्चा बैठक में हुई। यहाँ अतिरिक्त पानी की उपलब्धता के लिए अमृत मिशन से व्यवस्था करने के निर्देश दिये गए। सखी सेंटर में आने वाले आवेदनों एवं इनके निराकरण के बारे में भी कलेक्टर ने जानकारी ली। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि चैदह सौ से अधिक आवेदनों का निराकरण यहाँ किया गया। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों की जरूरतों के संबंध में जिस तरह से भी बेहतर करने के लिए फीडबैक आते हैं। उनसे अवगत कराया जाए ताकि इस संबंध में व्यवस्था की जा सके। यहाँ आने वाले नये बच्चों के शाम को ही कोविड टेस्ट हो सके, इस संबंध में भी कलेक्टर ने निर्देश दिये। बैठक में नगर निगम कमिश्नर ऋतुराज रघुवंशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
