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May 25, 2026
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दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री द्वारा आज छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धि बताते हुए कहा कि 27 लाख परिवारों को मनरेगा के तहत कार्य दिया गया एवम मनरेगा के तहत धान खरीदी केंद्र में मंच बनाया गया । स्वक्षता अभियान में छत्तीसगढ़ का स्तर बढ़ा । यूनिवर्सल सिस्टम के तहत सभी नागरिकों को राशनकार्ड उपलब्ध कराने का कार्य किया । 56 लाख परिवारों को 5 लाख व 9 लाख परिवारों को 50 रुपये की खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना के तहत इलाज की सुविधा दी गई । 541 नए चिकित्सको की भर्ती कर स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने में सार्थक पहल की गई । कोरोना काल मे छत्तीसगढ़ के हर ब्लॉक स्तर पर क्वारेंटाईन सेंटर बनाया गया । गोधन योजना के तहत एक असंभव कार्य को जमीनी स्तर पर सफल करने में छत्तीसगढ़ शासन सफल रहा व इन योजना से अनेकों परिवारों की आय में वृद्धि हुई । शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने नए शिक्षकों की भर्ती के साथ हज़ारों शिक्षकों के संविलयन का कार्य किया गया। आदिवासियों की भूमि को अधिग्रहण मुक्त करते हुए बस्तर के किसानों की 1764.61 हेक्टयर भूमि को किसानों को वापस की गई । राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 19 लाख से अधिक किसानों को 4500 करोड़ का भुगतान तीन क़िस्त में किया गया शेष चौथे क़िस्त 1250 करोड़ का भुगतान शीघ्र किया जाएगा । चिटफंड कंपनी में डूबे पैसे को वापस दिलाने का कार्य छत्तीसगढ़ सरकार ने किया । सिंचाई के क्षेत्र में सरकार ने सभी छोटे बड़े नालों को पुनर्जीवित करने एवम जल संरक्षण व भूजल संवर्धन के लिए विकास कार्यक्रम चलाया । किसानों के लिए 6000 यूनिट से 7500 यूनिट तक बिजली की छूट दी गई । वही अनुसूचित जाति जनजाति को पूरी बिजली निशुल्क दी गई । जिन ग्रामो में बिजली नही पहुंचा वह सोलर पम्पो की स्थापना की गई जिनकी संख्या 25000 से अधिक है । 57 नए पशु औषधालय की स्थापना की गई व मछली पसलन को खेती का दर्जा दिया गया ।

सुकमा / शौर्यपथ / त्रेतायुग में वनवास के दौरान भगवान राम के पग पड़ने से पवित्र हो चुकी माता चिटमिट्टीन की यह भूमि आज फिर से राममय हो गई, जब हजारों की संख्या में बाइक सवारों ने राम नाम के नारे के साथ रैली निकाली। प्रभु श्री राम वनगमन पर्यटन रथ के साथ निकली बाइक रैली का जगह-जगह खड़े श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। रथयात्रा मार्ग में भी फूल बिछाये गए थे। भगवान राम के दर्शन को जिस तरह शबरी की आंखें व्याकुल थी, वही आतुरता रथ यात्रा और बाइक रैली के स्वागत के लिए बच्चे बूढ़े और जवानों में भी नजर आया और यह नजारा पूरे सुकमा जिले की रथ यात्रा मार्ग में गांव-गांव में नजर आया। रथ यात्रा की स्वागत के साथ ही सुकमा, छिंदगढ़, कुकानार और तोंगपाल में रामायण पाठ व धार्मिक भजनों का आयोजन भी किया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
रथयात्रा माता चिटमिट्टीन की पवित्र भूमि रामाराम से प्रारंभ हुई और लगभग 65 किलोमीटर की यात्रा कर बस्तर जिले की सीमा पर स्थित टाहकवाड़ा पहुंची, जहां सुकमा कलेक्टर श्री नन्दनवार ने बस्तर कलेक्टर श्री रजत बंसल को यात्रा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई। रामाराम में कलेक्टर श्री विनीत नन्दनवार ने रथ यात्रा को हरी झंडी दिखा कर रवाना करने के साथ ही रथ यात्रा में भी शामिल हुए। इस दौरान सुकमा नगर पालिका अध्यक्ष जगन्नाथ साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व श्रद्धालु शामिल हुए।
उल्लेखनीय है कि सुकमा जिला मुख्यालय से दक्षिण में लगभग दस किलोमीटर की दूरी पर रामाराम ग्राम स्थित है। यहां की आराध्य देवी चिटमिट्टीन हैं। राम वन गमन मार्ग के शोध से भगवान राम के यहां आगमन और भू-देवी के आराधना की जानकारी मिलती है।
यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भगवान राम से बहुत ही गहरा संबंध रखने वाले छत्तीसगढ़ प्रदेश में राम वन पथ गमन परिपथ का विकास किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक तथा क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का अवलोकन करने का अवसर प्राप्त हो सके। इस मार्ग में फलदार और औषधीय पौधों के रोपण का कार्य भी किया जा रहा है।

1470 कैंप में 75 हजार से अधिक मरीजों ने कराया इलाज

मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना का लोग उठा रहे हैं लाभ 

      रायपुर / शौर्यपथ /  रायपुर लाखे नगर क्षेत्र की श्रीमती जाहिदा बेगम को पिछले कुछ दिनों से कमजोरी महसूस हो रही थी। श्रीमती रिजवाना मेमन को पैर में दर्द था। पापड़ पैकिंग का काम करने वाली श्रीमती रामकोर को भी दर्द महसूस हो रहा था। ये सभी महिलाएं अपने उपचार के लिए अस्पताल तो जाना चाहती थी, लेकिन कार्य की व्यस्तता की वजह से नहीं जा पा रही थी। इनके घर के पास जब मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट पहुंची तो इन सभी की बीमारी मानों दूर ही हो गई। मोबाइल मेडिकल यूनिट में मौजूद चिकित्सक और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने श्रीमती जाहिदा, रिजवाना सहित आसपास की महिलाओं का स्वास्थ्य जांच कर उन्हें दवाइयां दी तो सभी को बीमारी से राहत मिली। पहले छोटी-छोटी बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल न जा पाने वाली इन महिलाओं ने कई बार निजी अस्पताल का चक्कर भी काटा और अपने पैसे भी खर्च किए। अब जबकि इन्हें घर के पास ही मोबाइल मेडिकल यूनिट की टीम से इलाज मिल गया है और ठीक भी हो गए हैं तो वे सरकार का आभार जताना नहीं भूलती। 

      मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल और नगरीय प्रशासन तथा श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया की पहल से शहरी क्षेत्र के स्लम इलाकों में रहने वाले गरीब परिवारों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रदेश के 14 नगर निगम क्षेत्र के अलग-अलग वार्डों में पहुंच कर लोगों का इलाज कर रही है। इस योजना के तहत स्लम क्षेत्र के निवासियों के स्वास्थ्य की जांच, उपचार, दवा वितरण एवं स्वास्थ्य परामर्श सुविधा निःशुल्क दिया जा रहा है। यूनिट में ओपीडी, प्रयोगशाला जांच के साथ दवा वितरण और लैब में 41 प्रकार के स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध है। दाई-दीदी क्लीनिक के माध्यम से भी मोबाइल मेडिकल टीम रायपुर, बिलासपुर और भिलाई नगर निगम क्षेत्र में पहुचकर लोगों का निःशुल्क उपचार कर रही है। दाई-दीदी क्लीनिक में महिलाओं के प्राथमिक उपचार के साथ-साथ महिला चिकित्सक द्वारा स्तन कैंसर की जांच, हितग्राहियों को स्व स्तन जांच का प्रशिक्षण, गर्भवती महिलाओं की नियमित एवं विशेष जांच आदि की अतिरिक्त सुविधा प्रदान की गई है। प्रदेश के 14 नगर निगमों में अभी तक 1470 स्थानों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट ने कैंप लगाई है। इन कैंपों के माध्यम से 75 हजार 227 मरीजों का स्वास्थ्य जांच, 18082 मरीजों का लैब टेस्ट, 65 हजार मरीजों को दवा का वितरण, किया गया है। सबसे अधिक कैंप रायपुर नगर निगम में 474, बिलासपुर में 136, राजनांदगांव में 135 और दुर्ग में 127 कैंप लगाया गया है। 

सबसे अधिक बिलासपुर के लोगों ने उठाए लाभ

    मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू )द्वारा अभी तक लगाए गए 1470 कैंप में सबसे अधिक कैंप रायपुर नगर निगम में लगाया गया है। यहां 22965 मरीज लाभान्वित हुए हैं। यदि औसत देखा जाए तो एक एमएमयू में सर्वाधिक बिलासपुर में 70 मरीजों को लाभ मिला है। बिलासपुर में 136 कैंप में 9497 मरीज लाभान्वित हुए हैं। दुर्ग में 6738, कोरबा में 5832, राजनांदगांव में 5756 मरीज और भिलाई में 4853, रायगढ़ में 4576 मरीज लाभान्वित हुए हैं।

दाई-दीदी क्लीनिक में 3305 महिलाएं हुई लाभान्वित

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा 19 नवंबर को मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल एवं विभागीय मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने प्रदेश के तीन नगर निगम रायपुर, बिलासपुर और भिलाई नगर निगम के लिए दाई-दीदी क्लीनिक का शुभारंभ करते हुए स्पेशल मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ किया था। दाई-दीदी क्लीनिक का तीनों नगर निगम में अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। विगत 25 दिनों में 59 कैंपों में 3306 महिलाएं इससे लााभन्वित हुई है। लगभग 1061 मरीजों का लैब टेस्ट, 3044 मरीजों को दवा वितरित किया गया है। इस योजना का सबसे अधिक लाभ बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र की 1360 महिलाओं ने उठाया है।

बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोबे ने कहा कि जिले में शासन से प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप कोरोना वायरस (कोविड-19) की जाॅच शतप्रतिशत हो। श्री महोबे आज शाम संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की बैठक में निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को या उसके परिवार के अन्य सदस्यों को सर्दी, खांसी, बुखार, श्वास लेने में कठिनाई, स्वाद या गंध नहीं आने पर तत्काल कोरोना जाॅच कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव हेतु मास्क का उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी है। कलेक्टर ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु जनजागरूकता लाने प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कोविड-19 अस्पताल और कोविड केयर सेंटर्स में साफ-सफाई की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नियमित साफ-सफाई, समय पर भोजन और दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित हो। कलेक्टर ने जिले में कोविड-19 टीकाकरण की तैयारी के संबंध में चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने नियंत्रण कक्ष की स्थापना, वैक्सीनेशन प्लान, प्रशिक्षण आदि पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। बैठक में कोविड-19 टीकाकरण के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी व डिप्टी कलेक्टर अभिषेक दीवान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जे.पी.मेश्राम, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डाॅ. भूमिका वर्मा सहित खण्ड चिकित्सा अधिकारी आदि मौजूद थे।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / आज डोंगरगढ़ विधायक अध्यक्ष अनुसूचित जाति प्राधिकरण भुनेश्वर बघेल के निर्देशानुसार धान खरीदी केन्द्र पदुमतरा का निरीक्षण क्षेत्रीय जनपद सदस्य व सभापाति ओमप्रकाश साहू व युवा कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ वैष्णव पहंुचे।
जनपद सभापति ओमप्रकाश साहू ने किसानों से मुलाकात किये धान खरीदी की व्यवस्था देखा व अधिकारी-कर्मचारियों व हमालों से बातचीत किये व बेहतर व्यवस्था रखने की बात कही व किसानों को किसी प्रकार परेशानी न हो इस पर विशेष ध्यान रखने कहा गया।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ वैष्णव ने कहा छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की सरकार है किसानो की धान खरीदी व्यवस्था का ध्यान देने की बात कही।

० एनीमिक गर्भवती माता श्रीमती गोमती सिन्हा ने स्वस्थ शिशु को दिया जन्म
० आंगनबाड़ी केन्द्र में पौष्टिक भोजन, अंडा एवं मूंगफल्ली की चिक्की से स्वास्थ्य हुआ अच्छा


राजनांदगांव / शौर्यपथ /  मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत राजनांदगांव की एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना (शहरी) के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कुपोषण की रोकथाम के लिए एनीमिक गर्भवती माताओं को घर-घर जाकर पौष्टिक आहार दिया जा रहा है और उन्हें गर्भावस्था के दौरान संपूर्ण देखभाल की जानकारी दी जा रही है। आंगनबाड़ी केन्द्र बलराम दास वार्ड नंबर 15 केन्द्र क्रमांक 2 की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती लता सोनटिया ने वजन पंजीयन के दौरान देखा कि गर्भवती महिला श्रीमती गोमती सिन्हा का वजन 50 किलोग्राम था और उनका हिमोग्लोबिन 9.5 ग्राम था। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत उन्हें लगातार आंगनबाड़ी केन्द्र में सप्ताह में तीन दिन अंडा, मूंगफल्ली की चिक्की एवं प्रतिदिन गर्म भोजन दिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने गृह भेंट के दौरान पौष्टिक भोजन के साथ ही आयरन, फॉलिक एसिड की गोली, टीकाकरण, नियमित जाँच की सतत निगरानी की। जिसके फलस्वरूप गर्भवती महिला श्रीमती गोमती सिन्हा का हिमोग्लोबिन 12 ग्राम हो गया और उन्होंने एक स्वस्थ्य शिशु को जन्म दिया, जिसका वजन 3 किलोग्राम था।
मार्च 2020 से कोविड-19 के कारण आंगनबाड़ी बंद हो जाने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर एनीमिक गर्भवती महिलाओं को सूखा राशन वितरण किया गया और सतत निगरानी की गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा परिवार एवं समुदाय के बीच एनिमिया और कुपोषण की कमी हेतु उपलब्ध इ-ईला के विडियो और विभिन्न चार्ट, पोस्टरों के माध्यम से जागरूकता लाने का कार्य कर रही हैं। स्वच्छता और कोविड-19 से बचाव हेतु गृह भेंट कर सभी बच्चों के पालकों, गर्भवती महिलाओं एवं परिवार को लगातार मार्गदर्शन दे रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम एवं पर्यवेक्षक के आपसी समन्वय से शीघ्र से शीघ्र गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव, जन्म के तुरन्त बाद या 1 घण्टे के अंदर स्तनपान, टीकाकरण, कुपोषित बच्चों को पर्याप्त ऊपरी पौष्टिक आहार, वजन, कृमिनाशक गोली, आयरन सिरप का वितरण एवं बच्चों और महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन करवा रही हैं। ताकि बच्चों और महिलाओं में कुपोषण और एनीमिया की दर में कमी आ सके।

० खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाकर बताए फायदे
० शहरी क्षेत्र के गौरी नगर में हुआ पोषण जागरुकता कार्यक्रम

राजनांदगांव / शौर्यपथ / बच्चों और महिलाओं को सुपोषित बनाने के लिए जिले में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन सभी कार्यक्रमों का उद्देश्य कुपोषण को मिटाना है। इसी कड़ी में राजनांदगांव शहरी क्षेत्र के गौरीनगर में महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों और क्षेत्रीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका व मितानिन ने विशेषकर गर्भवती महिलाओं और शिशुवती माताओं के स्वास्थ्य से संबंधित कई कार्यक्रम किए।
इस अवसर पर मौजूद लाभार्थियों को सुपोषण के प्रति प्रेरित करने का प्रयास किया गया। कुपोषण मुक्ति के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से यहां विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में प्रमुख रूप से मूंगफली, केला, कुंदरू, कद्दू, अंडे, पपीता, सोया बड़ी, चना, उड़द, अरहर दाल, बटरा, पापड़, प्याज, आलू, मुनगा भाजी, कांदा भाजी, पोई भाजी और मीठा नीम जैसी विभिन्न प्रजातियों को रखा गया। साथ ही महिलाओं को इसके सेवन से होने वाले फायदे भी बताए गए। वहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका व मितानिन ने गर्भवती महिलाओं व शिशुवती माताओं को कम वजन के नवजात शिशुओं को कंगारू मदर केयर देने की जानकारी दी। साथ ही संक्रमण से बचाव हेतु साफ सफाई बरतने, मां द्वारा शिशु को कम से कम 6 माह तक सिर्फ स्तनपान कराने तथा माता को स्वयं मौसमी फलों, हरी सब्जियों और रेडी-टू-ईट का उपयोग करने हेतु समझाइश दी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका व मितानिन ने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा, सही पोषण ही बेहतर विकास की नींव मानी जाती है, इसलिए जो चीजें हमारे आसपास ही मौजूद हैं, उसका भरपूर उपयोग करें। शिशु व स्वयं के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर लाभार्थी महिलाएं सजगता के साथ समय-समय पर जरूरी सलाह लेती रहेंगी तो कुपोषण के खिलाफ जारी लड़ाई जीतने में निश्चित तौर पर बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि, बच्चों को कुपोषित होने से बचाना है तो आंगनबाड़ी केन्द्र में होने वाली गतिविधियों से जरूर जुड़ें। आंगनबाड़ी के लाभ को अपनाएं। इसके साथ-साथ रेडी-टू-ईट, हरी सब्जियों, अंडा और खासकर मुनगा जैसी चीजों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं और कुपोषण से मुक्ति पाएं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अमृता ठाकुर ने बताया, महिलाओं और शिशुओं में सुपोषण के लिए गोद भराई, उचित पोषण आहार, रेडी-टू-ईट या वजन जांचने जैसे क्रिया-कलाप क्षेत्र में लगातार किए जा रहे हैं और इससे महिलाएं लाभान्वित भी हो रही हैं। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, सुपोषण के लिए जिले में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजनांतर्गत इस वर्ष अब तक 9,093 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई एवं 4,281 गंभीर कुपोषित बच्चों को निःशुल्क दवा वितरण किया गया है। जिले में 6 पोषण पुनर्वास केन्द्र संचालित हैं, जिसमें नियमित रूप से बच्चों को लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। वर्ष 2019-20 में माह फरवरी 2020 तक कुल 960 अति गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र का लाभ दिया गया। पोषण पुनर्वास केन्द्र में 14 दिवस लाभ लेने के बाद घर पर बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने के लिए अभिभावकों की काउंसलिंग स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है।
उन्होंने बताया, कुपोषण मुक्ति के लिए स्थानीय पौष्टिक आहार को प्रमुखता, बाड़ी, किचन गार्डन को बढ़ावा और अधिक से अधिक जन समुदाय की सहभागिता जैसे कई प्रयास एक साथ और लगातार किए जा रहे हैं। इसके अलावा बच्चे का नियमित टीकाकरण हो, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है और इसी कड़ी में गौरी नगर क्षेत्र में पोषण से संबंधित जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आधारभूत, अभिमुखीकरण तीन दिवसीय प्रशिक्षण विगत दिनों ऑनलाइन माध्यम से राज्य स्तरीय प्रशिक्षकों ने दिया। जिसमें पंचायतीराज व्यवस्थाओं की बारीकियों के बारे में विस्तार से जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी गई।
जिला पंचायत संसाधन केन्द्र में 7 से 10 दिसम्बर तक ऑनलाइन प्रशिक्षण जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को दिया गया। जिसमें वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से 7 दिसम्बर को उद्घाटन सत्र का शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस.सिंहदेव के द्वारा किया गया। इसके पश्चात ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा रायपुर से संचालित ऑन लाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम में 8 से 10 दिसम्बर तक राज्य स्तर के प्रशिक्षकों द्वारा दिया गया। जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को 73 वॉ संविधान संशोधन अधिनियम एवं छत्तीसगढ़ में पंचायतीराज व्यवस्था एवं प्रमुख धाराओं से अवगत कराया गया।
इसके बाद पंचायतीराज व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आयोजित बैठकों एवं कामकाज से अवगत कराया गया। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों के कार्य दायित्व, अधिकार एवं सामान्य सभा के बैठकों में लाये जाने वाले मुद्दों से अवगत कराया गया। इसके अलावा जिला पंचायत समितियों की बैठक एवं कामकाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में पंचायत संचालनालय एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री समग्र विकास, 15 वें वित्त, मूलभूत, प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ भारत मिशन, महात्मा गांधी नरेगा आदि के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी विकास में पंचायतों की भूमिका तथा ग्राम गोठान प्रबंधन समिति के संबंध में जानकारी दी गई। वहीं अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में प्रशिक्षण में बताया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं उपसंचालक अभिमन्यु साहू एवं लेखाधिकारी जी.एस.सिदार, संकाय सदस्य चंद्रहास जायसवाल, अजय सिंह सहित आदि उपस्थित थे।

राजशेखर नायर/धमतरी/शौर्यपथ

पुलिस अंजोर रथ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी जागरूक कर रही है। अपराधों से बचने उपाय बताये जा रहें हैं। ज्ञात हो कि जिले में साइबर अपराधों के मामले सामने आ रहे, इसके अलावा महिला व बच्चों सम्बन्धी अपराध भी सामने आते रहते है। जिसकी रोकथाम को लेकर एसपी बीपी राजभानू और एएसपी मनीषा ठाकुर के निर्देशन में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जहां शहर के वार्डों में जाकर लोगों को पुलिस जागरूक कर रही। वहीं अंजोर रथ के माध्यम से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सोमवार को अंजोर रथ ग्राम कुकरेल पहुंचा था। जहां प्रशिक्षु डीएसपी रागिनी तिवारी ने लोगों को जागरूक करते हुये कहा कि पुलिस हमेशा जनसुरक्षा को लेकर तत्पर रहती है।

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