Google Analytics —— Meta Pixel
May 25, 2026
Hindi Hindi

- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने किया बेलौदी जलाशय का भ्रमण
-बर्ड वाचिंग के लिए बड़ी संभावनाओं से भरा निर्णय

दुर्ग / शौर्यपथ / प्रवासी पक्षियों के लिए मशहूर मुख्यमंत्री के गांव बेलौदी में पक्षी विचरण प्रक्षेत्र बनाया जाएगा। बर्ड सेंचुरी बनने से यहां स्वाभाविक रूप से प्रवासी पक्षियों की संख्या में अभिवृद्धि होगी, साथ ही बर्ड वाचिंग के लिए और टूरिज्म के लिए भी अनूठी संभावनाएं यहां उत्पन्न होंगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने साइट का अवलोकन किया। उनके साथ मौजूद डीएफओ श्री केआर बढ़ाई एवं संलग्न अधिकारी वनमंमडल दुर्ग श्री विवेक शुक्ला ने उन्हें विस्तार से इस साइट की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि जिले के जाने माने बर्ड वाचर एवं वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर श्री राजू वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री बघेल के समक्ष बेलौदी में माइग्रेटरी बर्ड्स के कर्जवेशन के संबंध में निहित संभावनाओं के बारे में प्रस्ताव रखा था। उन्होंने बताया था कि यहां 63 प्रकार की प्रजाति के पक्षियों में से 31 तो प्रवासी पक्षी हैं। इनके संरक्षण और विकास पर काम हुआ तो बर्ड वाचिंग के मैप में बेलौदी और छत्तीसगढ़ का नाम प्रमुखता से उभरेगा।
मुख्यमंत्री ने इस पर प्रशंसा जताई और इस पर कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिये थे। आज साइट में मौजूद तहसीलदार एवं बर्ड वाचिंग में रूचि रखने वाले श्री अनुभव शर्मा ने विस्तार से कलेक्टर को इस सीजन में हो रही बर्डिंग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां पर अलग-अलग मौसम में कैस्पियन सागर, तिब्बत और साइबेरिया से प्रवासी पक्षी आते हैं। कुछ पक्षी सीजन तक यहीं बसेरा बना लेते हैं और कुछ अच्छी खुराक लेकर आगे बढ़ जाते हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रवासी पक्षियों के पैसेज का महत्वपूर्ण पड़ाव है। श्री शर्मा ने बताया कि आज ही यहां पर सुरखाब देखा गया जो दुर्लभ प्रजाति का पक्षी है।
इस तरह होगा विकसित- वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस साल इंवेटरी पर काम होगा। इसका मतलब यह है कि साल भर यहां प्रवासी पक्षियों के आने का ट्रेंड देखेंगे। इसके आधार पर इनकी खाद्य जरूरतों के डिटेल तैयार किये जाएंगे। उसके अनुरूप हैबिटेट के विकास पर कार्य किया जाएगा। इसके लिए पक्षी विज्ञानी पूरे समय रिसर्च करेंगे।
पर्यटन के लिए असीम संभावनाएं- फिलहाल बेलौदी ऐसी साइट है जहां बर्ड वाचिंग के लिए काफी दूर से पक्षी प्रेमी आ रहे हैं। इसका कारण यह है कि यहां दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों के देखे जाने की खासी संभावना होती है। अच्छी तरह से विकसित हुआ तो यहां पक्षियों का संरक्षण तो होगा ही, भरतपुर के केवलादेव पक्षी विहार की तरह ही यहां पर्यटन के लिए असीम संभावनाएं पैदा होंगी।
ये पक्षी पाये जाते हैं बेलौदी में- बार हेडेड गूस, ब्लैक हेडेड आइबिस,ब्लैक विंग काइट, कॉमन क्रेस्टल,करमोरेंट,गोल्डन प्लोवर,ग्रीन सेंड पाइपर,हुदहुद,लिटिल रिंग प्लावर,नॉर्थन पिनटेल,पेंटेड स्टोर्क,रेड नेपड आइबिस,रेड क्रेस्टेड पोचार्ड,बुलबुल,स्पून बिल स्टोर्क, शार्ट टोड स्नैक ईगल,वाइट ऑय बजार्ड, वूली नेकेड स्टोर्क,ब्लैक विंग स्टिल्ट,कॉटन पिग्मी गूस, गार्गने,लिटिल इग्रेट,ग्रेट इग्रेट,ओपन बिल स्टोर्क,सिकरा, मार्श हैरियर,बूटेड ईगल,ग्रेटर स्पॉटेड ईगल,ऑसप्रे,स्पॉटेड आउल,बर्न आउल,येल्लो ऑय बाबलर, ब्लैक रेड स्टार्ट,ब्लू थ्रोट ,कॉमन रेड शेंक,करलीव,विमरेल, ग्लॉसी आइबिस,ग्रीन बी ईटर,ग्रे हेडेड लापविंग, रेड लैप्विंग, येलो लैप्विंग, लेजर विजलिंग डक, सुर्खाब(रूडी शेलडक),चातक(कूकू),ओरिएंटल डार्टर,रॉसी स्टर्लिंग,चेस्टनट स्टर्लिंग,सफेद खंजन(वाइट वैगटेल),पिला खंजन(येल्लो वैगटेल),कापर स्मिथ बर्बेट, हनी बजार्ड,नाईट हेरॉन,पर्पल हेरॉन,ग्रे हेरॉन,गोल्डन ओरियल,इंडियन पैराडाइस फ्लाईकेचर ,डिजर्ट वीटर पर्पल मोरहेन, जैकाना कामन टील, गढ़वाल,लिटिल ग्रेबे, साइबेरियन स्टोनचैट,इंडियन क्राउसर,ईगल आउल,नाईट जार,यूरेशियन राइनेक, इंडियन रोलर,ग्रे हॉर्न बिल,येल्लो फूटेड ग्रीन पिजन,श्राईक,स्नैप,कॉमन कूट, कॉमन पोचार्ड,क्रेस्टेड ग्रेबे।

दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल के मार्गदर्शन और नेतृत्व में पर्यावरण विभाग निरंतर कार्य कर रही है। इस दिशा में आज पर्यावरण एवं उद्यानिकी विभाग प्रभारी श्रीमती सत्यवती वर्मा की अध्यक्षता में पर्यावरण एवं उद्यानिकी विभाग समिति की बैठक उनके कक्ष में संपन्न हुआ। बैठक में पुष्प प्रदर्शनी के अलावा पुष्प वाटिका पुर्नसंधारण नाना-नानी पार्क में शौचालय निर्माण एवं अन्य विकास कार्यो पर चर्चा कर निर्णय लिया गया । बैठक में समिति के सदस्य श्रीमती कविता तांडी, श्रीमती उषा ठाकुर, श्रीमती निर्मला साहू, सुश्री श्रद्धा सोनी, श्रीमती पुष्पा गुलाब वर्मा, एल्डरमेन श्रीमती रत्ना नारमदेव, कार्यपालन अभियंता मोहनपुरी गोस्वावमी, सहा0 अभियंता जितेन्द्र समैया, उपअभियंता भीमराव, पुरुषोत्तम साहू एवं अन्य उपस्थित थे ।
पर्यावरण प्रभारी श्रीमती वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समिति की बैठक में नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा आयोजित पुष्प प्रदर्शनी पर चर्चा कर इस बार शासन की गाइड लाईन अनुसार किये जाने का निर्णय लिया है। इसी प्रकार नदी रोड स्थित पुष्प वाटिका का संधारण डीएमएफ फंड से या शासन के अन्य मदों से संधारण का निर्णय लिये। समिति में दादा-दादी, नाना-नानी पार्क में शौचालय बनाने पर चर्चा किया गया। पार्क में अपूर्ण शौचालय को सर्वसुविधा युकत बनाने का निर्णय लिये। राजेन्द्र पार्क में बच्चों के मनोरंजन के साधनों का मरम्मत कराने का निर्णय लिये। बैठक में अमृत मिशन के साथ सभी उद्यानों का रख-रखाव ठेके पर दिये जाने पर विचार विमर्श कर निर्णय लिया गया। नगर निगम में जितने भी उद्यान हैं जहॉ पानी की सुविधा नहीं है वहॉ पानी की सुविधा बनाने बोरिंग खुदाई का निर्णय लिया गया। नगर निगम में घांस कटर खरीदने, निगम के उद्यानों में डिवाईडर, चौक -चैराहों एवं कार्यालयों में उद्यान का रख-रखाव के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन बल में वृद्धि करने की स्वीकृत राज्य शासन प्राप्त किये जाने की अनुशंसा की गई।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टोपेश्वर वर्मा द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम 2021 के प्रचार-प्रसार के लिए भारत निर्वाचन आयोग से प्राप्त कार्यक्रम की समय सारणी अनुसार कार्य संपादित करने हेतु जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) समस्त तहसीलदार (सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) को पत्र प्रेषित कर ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार करने कहा गया है।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार फोटोयुक्त मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अर्हता तिथि 1 जनवरी 2021 का 'पुनरीक्षण-2021Ó कार्यक्रम संपन्न कराया जा रहा है। जिसके अंतर्गत अर्हता तिथि 1 जनवरी 2021 की स्थिति में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य मतदान केन्द्रों में नियुक्त बी.एल.ओ. के द्वारा किया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 1 जनवरी 2021 हेतु कार्यक्रम जारी किया गया है। 12 दिसम्बर एवं 13 दिसम्बर 2020 को विशेष अभियान का आयोजन किया गया है। 5 जनवरी को दावा आपत्ति का निराकरण किया जाएगा। 14 जनवरी को आयोग के मापदंड अनुसार अंतिम प्रकाशन के लिए जांच, अद्यतन डेटाबेस एवं पूरक सूची की छपाई की जाएगी। 15 जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
नए मतदाताओं का नाम जोड़ा जाएगा, संशोधन व विलोपन के कार्य होंगे-
मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य त्रुटिरहित मतदाता सूची का निर्माण करना एवं पात्र मतदाताओं का नाम जोडऩा है। मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान ऐसे नागरिक जिनकी उम्र 1 जनवरी 2021 को 18 वर्ष पूर्ण हो जाएगी वे अपना नाम मतदाता सूची मेंं जोडऩे हेतु फार्म 6 भरकर अपने नजदीक के मतदान केन्द्र में बी.एल.ओ. के पास जमा कर सकते हैं। जिन मतदाताओं की मृत्यु हो गई हो या अपने मतदान केन्द्र से बाहर निवास कर रहे हैं जिनका विवाह हो गया हो व अपने ससुराल चली गई हो ऐसे मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से विलोपित किया जाना है, इस हेतु संबंधित के पारिवरिक सदस्य के द्वारा फार्म 07 में जानकारी दर्ज कर जमा करना होगा। उसी विधानसभा क्षेत्र में निवास स्थल बदलने पर फार्म 08 क एवं मतदाता सूची में नाम, पता फोटो आदि में सुधार करवाने हेतु फार्म 08 भरकर जमा करना होगा। सभी फार्म समस्त मतदान केन्द्र में नियुक्त बी.एल.ओ. के पास उपलब्ध है।
निर्वाचन से संबंधित फार्म ऑनलाइन भरने की सुविधा-
मतदाता सूची में नाम जोडऩे, काटने एवं त्रुटि सुधार का कार्य वर्ष भर सतत रूप से चलता रहता है। ऑनलाइन फार्म भरने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एनवीएसपी (राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल) एवं वोटर हेल्पलाइन मोबाईल एप संचालित किया जा रहा है। इस पोर्टल व एप की मदद से मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन व सुधार नाम जोडऩे अथवा पता परिवर्तन करने का कार्य स्वयं कर सकते हैं।
लोक सेवा केन्द्र में निर्वाचन से संबंधित फार्म भरने की सुविधा -
मतदाता सूची में नाम जोडऩे, काटने एवं त्रुटि सुधार का कार्य वर्ष भर सतत रूप से चलता रहता है। ऑनलाइन फार्म भरने हेतु भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एनवीएसपी (राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल) एवं वोटर हेल्पलाइन मोबाईल एप संचालित किया जा रहा है। इस पोर्टल व एप की मदद से मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन व सुधार नाम जोडऩे अथवा पता परिवर्तन करने का कार्य स्वयं कर सकते हैं। अधिक जानकारी मतदाता हेल्पलाइन नं (टोल फ्री) 1950 से प्राप्त कर सकते हैं।
मतदाताओं की सुविधा हेतु निर्वाचन से संबंधित सेवाओं जैसे मतदाता सूची में पंजीकरण इपिक कार्ड प्रिटिंग तथा मतदाता सूची से संबंधित अन्य सुविधा निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोक सेवा केन्द्रों में दी जा रही है। नाम जुड़वाने के लिए फार्म 06, प्रवासी मतदाता पंजीयन के लिए फार्म 06 क, मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए फार्म 07, मतदाता सूची में नाम-पता, फोटो ठीक करवाने के लिए फार्म 08 उसी विधानसभा क्षेत्र में निवास स्थल बदलने पर फार्म 08 क, ऑनलाइन भरने का कार्य लोक सेवा केन्द्रों में संपादित हो रहे हैं। निर्वाचन से संबंधित आवश्यक कार्य जैसे डुप्लीकेट वोटर कार्ड प्रिटिंग कर जारी करना/मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने एवं नाम कटवाने एवं त्रुटि सुधार एवं पता परिवर्तन कार्य लोक सेवा केन्द्र में न्यूनतम शुल्क देकर कराए जा सकते हैैं। मतदाता सूची से संबंधित सुविधाएं प्राप्त करने हेतु अपने नजदीक के लोक सेवा केन्द्र में जाएं एवं आयोग द्वारा दी जा रही सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाए।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने निजी विद्यालयों को अपने आरटीई पोर्टल पर शिक्षा विभाग राज्य कार्यालय द्वारा प्रदर्शित सूची के अनुसार शत प्रतिशत प्रवेश की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जारी आदेश में उन्होंने कहा है कि आदेश का पालन नहीं करने पर मान्यता निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
जारी आदेश में कलेक्टर ने कहा है जिले में संचालित समस्त निजी विद्यालयों के 25 प्रतिशत आरक्षित सीट पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12 (1) के तहत वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बालकों का नि:शुल्क प्रवेश हेतु राज्य कार्यालय से माह अगस्त 2020 को संपन्न ऑनलाईन लॉटरी द्वारा बच्चों का चयन उपरांत संबंधित निजी विद्यालय के आरटीई पोर्टल पर प्रवेश की कार्रवाई हेतु चयनित बालकों की सूची प्रदर्शित हो रही है। परन्तु यह अत्यंत खेदजनक है कि बार-बार निर्देशित किए जाने के बाद भी विद्यालयों द्वारा ऑनलाईन एडमिटेड की कार्रवाई नहीं की गई है। कार्यालयीन आदेश एवं निर्देश की अवमानना, शिक्षा का अधिकार जैसे महत्वपूर्ण योजना के पालन में उदासीनता, छात्रहित की योजनाओं पर कुठाराघात, वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बालकों का अहित करने संबंधी कृत का दोषी मानते हुए विद्यालयों को प्रदान की गई मान्यता निरस्तीकरण की कार्रवाई छत्तीसगढ़ नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार नियम 2010 भाग पंाच (16) में उल्लेखित रीति अनुसार प्रारंभ की जाएगी। जिसके लिए समग्र रूप से आप जिम्मेदार होंगे।

➡️पंचायत सचिवों को शासकीय करण करने बाबत
➡️साथ में छत्तीसगढ़ के 65 विधायक गणों का अनुशंसा पत्र

राजनांदगांव / शौर्यपथ / अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के बैनर तले एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में प्रदेश पंचायत सचिव संघ जिला इकाई राजनांदगांव ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई प्रदेश उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ एवं जिला अध्यक्ष राजनांदगांव रामदुलार साहू के नेतृत्व में संघ के सभी साथी एवं पदाधिकारियों ने धरना प्रदर्शन में उपस्थित होकर अपने संगठन की मांगों को रखा इस दौरान सचिव संघ के जिला अध्यक्ष रामदुलार साहू ने उपस्थित लोगों को संबोधित भी किया संघ के ऊर्जावान जिला अध्यक्ष रामदुलार साहू ने कलेक्टर महोदय जिला राजनांदगांव को छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के नाम ज्ञापन देकर अपने संघ की मांगों को भी रखा।
जिला अध्यक्ष साहू ने बताया कि पंचायत सचिव जो कि 29 विभाग के 200 प्रकार के कार्यों को जमीनी स्तर पर इमानदारी पूर्वक निर्वहन करते हुए शासन प्रशासन की योजनाओं को और उनकी सेवाओं को लोकतंत्र के ग्रामीण क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाते हैं एवं शासन प्रशासन के आदेश अनुसार समय-समय पर अन्य कार्यों पर भी अपनी सेवा प्रदान करते हैं ऐसे में सचिवों की नियुक्ति के साथ जैसे शिक्षाकर्मी को शासन के द्वारा शासकीय करण कर दिया गया है परंतु पंचायत सचिव अभी तक वंचित हैं ऐसे में पंचायत सचिवों को शासकीय करण करने शासन प्रशासन से मांग की है पंचायत सचिवों के शासकीय करण के लिए छत्तीसगढ़ के 65 विधायकों ने भी अपनी अनुशंसा पत्र प्रेषित किया है सचिवों के कठिन कार्य को देखते हुए शासन प्रशासन से अनुरोध करते हुए परीक्षा अवधि समाप्ति के पश्चात छत्तीसगढ़ के पंचायत सचिव को शासकीय करण करने का कष्ट करें माननीय जिलाधीश महोदय को ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष रामदुलार साहू के साथ रेख चंद्र यादव ब्लॉक अध्यक्ष छुरिया एवं निलेश क्षत्रिय जी भागवत साहू जी महेंद्र साहू जी योगेश साहू जी आदि पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।।

दुर्ग / शौर्यपथ / इलाज में घोर लापरवाही और व्यावसायिक कदाचार के चलते मरीज की मृत्यु होने पर जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने डॉ. दिलीप रत्नानी, अपोलो बीएसआर हॉस्पिटल के डायरेक्टर एवं यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड पर पर 07 लाख 73 हजार रुपये हर्जाना लगाया।

परिवादी की शिकायत
परिवादी राज पंजवानी और विक्रम पंजवानी के पिता तथा श्रीमती सुशीला पंजवानी के पति खेराज मल पंजवानी (मरीज) को दिनांक 21.08. 2015 को सीने में दर्द होने से बीएम शाह हॉस्पिटल में चेकअप के लिए भर्ती कराया गया। जहां से इलाज हेतु मरीज को अपोलो बीएसआर हॉस्पिटल जुनवानी में इलाज हेतु दिखाने को कहा गया। अपोलो बीएसआर हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद डॉक्टर दिलीप रत्नानी ने लगातार मरीज का इलाज किया। शुरू में मरीज को नॉर्मल बताया गया किंतु आईसीयू में रखा गया और ऑपरेशन के लिए टालते हुए 3 दिन व्यतीत कर दिए और 24 अगस्त 2015 को डॉ. दिलीप रत्नानी ने आउट ऑफ स्टेशन जाने की बात कह कर मरीज को नारायणा हॉस्पिटल रायपुर के डॉ. चंदेल को रेफर करने को कहा। दिनांक 27 अगस्त 2015 के बाद अचानक मरीज को सीरियस बताते हुए डॉ. दिलीप रत्नानी ने रु. 50000 जमा करने को कहा। इसके बाद डॉ. दिलीप रत्नानी ने कंप्यूटर पर दिखाया कि जो भी ब्लॉकेज उसे क्लियर कर ऑपरेशन कर दिया गया है किंतु शाम 3:15 बजे हॉस्पिटल की नर्स ने बताया कि मरीज की डेथ हो गई है। अनावेदकगण का कृत्य सेवा में कमी और व्यवसायिक कदाचार की श्रेणी में आता है।

अनावेदकगण का बचाव
हॉस्पिटल और डॉक्टर ने यह बचाव लिया कि मरीज की हालत अत्यंत गंभीर थी, उसे गंभीर हृदयाघात हुआ था। उसके हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज थे जिसके कारण हृदय की क्षमता मात्र 20 प्रतिशत थी उसका हृदय कभी भी बंद हो सकता था, जिसे बैलूनपंप सपोर्ट दिया गया तथा अस्थाई तौर पर पेसमेकर भी लगाया गया था, इसके साथ ही आवश्यक बाईपास सर्जरी हेतु मरीज के परिजनों को समझाया गया था लेकिन अपोलो बीएसआर हॉस्पिटल में कोई कार्डियक सर्जन ना होने के कारण उसे रायपुर स्थित कार्डियक सेंटर में भिजवाने की व्यवस्था करने को कहा गया लेकिन मरीज के परिजन काफी गरीब थे इसलिए मरीज को अन्यत्र शिफ्ट करने के लिए सहमत नहीं थे, ऐसे में मरीज की जान बचाने के लिए डॉक्टर दिलीप रत्नानी ने मजबूरी में मरीज का एंजियोप्लास्टी करके ब्लॉकेज हटाने की कोशिश की एवं स्टेंट भी लगाया लेकिन हर संभव प्रयास करने के बावजूद मरीज की जान नहीं बच पाई।

अनावेदक क्रमांक 3 बीमा कंपनी द्वारा यह कहा गया कि यदि डॉ दिलीप रत्नानी के विरुद्ध यदि चिकित्सकीय उपेक्षा का मामला सिद्ध होता है तो डॉ रत्नानी द्वारा बीमा कंपनी के खिलाफ नियम और शर्तों के तहत दावा कर करने पर उन्हें दावा भुगतान किया जाएगा किंतु बीमा कंपनी परिवादीगण को कोई क्षतिपूर्ति भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं है।

आयोग का फैसला
प्रकरण में पेश दस्तावेजों एवं प्रमाणों तथा दोनों पक्षों के तर्को के आधार पर जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने यह निष्कर्ष निकाला कि अनावेदक हॉस्पिटल में कोई कार्डियक सर्जन उपलब्ध नहीं था और पाया कि परिवादी राज पंजवानी अपने पिता के अच्छे इलाज के लिए गंभीर था और वह गरीब होने के बावजूद हैदराबाद में इलाज कराने हेतु संपूर्ण दस्तावेज और सीडी के साथ राय लेना चाहता था किंतु अनावेदक डॉक्टर और हॉस्पिटल इस बात से सहमत नहीं थे और इसकी जानकारी होने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और ऐसी परिस्थितियां निर्मित की जिससे परिवादी को बीच में ही यात्रा रोक कर भिलाई वापस आना पड़ा। किसी भी चिकित्सक का प्रथम दायित्व अपने मरीज के प्रति होता है और डॉक्टरी पेशे को ईश्वर के समकक्ष का दर्जा दिया गया है और उक्त पेशे में इस तरह की गतिविधियां निश्चित रूप से पेशे के सम्मान को कम करती है और यदि कोई डॉक्टर किसी मरीज का सिर्फ अपने लाभ के लिए इलाज करना चाहता है या अपनी कमजोरी को छुपाने के लिए अपने परिचित डॉक्टर के पास भेजना चाहता है, जिसके लिए मरीज का परिवार सहमत नहीं है तो निश्चित रूप से डॉक्टर का उक्त कृत्य घोर व्यवसायिक कदाचरण की श्रेणी का है। आयोग ने यह भी प्रमाणित पाया कि अनावेदकगण ने मरीज का बाईपास संबंधी इलाज करने में अत्यधिक देरी की यदि वास्तव में मरीज दिनांक 21 अगस्त 2015 को भर्ती करने के दिन सीरियस होता तो उसके लंग्स और हार्ट बेडहेड टिकट के अनुसार सामान्य नहीं होते। अनावेदक डॉक्टर और हॉस्पिटल ने मरीज का संदेहास्पद इलाज किया है।

जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष लवकेश प्रताप सिंह बघेल, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने यह अभिनिर्धारित किया कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रतिपादित सिद्धांत के अनुसार मृत्यु की क्षति के रूप में परिवादीगण 672000 रूपये और मानसिक क्षति के एवज में 100000 रुपये कुल मिलाकर 772000 रुपये अनावेदकगण से प्राप्त करने के अधिकारी हैं, आयोग ने यह आदेश भी दिया कि 672000 रुपये पर दिनांक 15.03.2016 से 6 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी देना होगा तथा वाद व्यय के रूप में पृथक से 1000 रुपये देना होगा।

संविधान के अनुच्छेद 48 ए तथा 51 ए के निर्देशों का किया जा रहा उल्लंघन

नगरी/राजशेखर नायर

भारत सरकार ने 1976 में संविधान में संशोधन कर दो महत्त्वपूर्ण अनुच्छेद 48 ए तथा 51 ए (जी) जोड़ें। अनुच्छेद 48 ए राज्य सरकार को निर्देश देता है कि वह ‘पर्यावरण की सुरक्षा और उसमें सुधार सुनिश्चित करे, तथा देश के वनों तथा वन्यजीवन की रक्षा करे’।
अनुच्छेद 51 ए (जी) नागरिकों को कर्तव्य प्रदान करता है कि वे ‘प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करे तथा उसका संवर्धन करे और सभी जीवधारियों के प्रति दयालु रहे’।

लगता है कि नगर पंचायत नगरी के सफाई विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को भारत सरकार द्वारा बनाए गए, इन नियम कानूनों का पालन करने में किसी तरह की कोई दिलचस्पी नहीं है।

नगर सफाई के नाम पर उठाए गए सौकडों टन प्लास्टिक के कूड़े को वनों व तालाब में डाल कर प्रदूषण नियंत्रण व निवारण के सभी कायदे-कानून की धज्जिया उडाई जा रही है।
भारत सरकार द्वारा बनाए गए संविधान के अनुच्छेद 48 ए तथा 51ए(जी) का उल्लंघन करने की वजह से नगर पंचायत के
अधिकारियों पर शासन द्वारा कार्रवाई की जानी चाहिए।

नगंरानाला वनकाष्टागार के पीछे के जंगलों व राजाबाडा के पास पैठुतालाब में सैकडों टन पालिथिन कचरा डालकर पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचाई जा रही है।
प्रदूषण नियंत्रण व निवारण के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
हरे भरे वनों को खत्म किये जाने का प्रयास किया जा रहा है।

पर्यावरण को क्षति पहुंचाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर कार्रवाई की जानी चाहिए।

भिलाई / शौर्यपथ / नगर के औद्योगिक क्षेत्र के एक डामर फैक्ट्री में गुरूवार को दोपहर के समय भीषण आग लग गई। बताया जा रहा कि आग की लपटें 5 किलोमीटर दूर तक दिखाई दी, काले धुएं के गुबार से क्षेत्र ढक गया। आग की चपेट में आने से फैक्ट्री में खडी दो जेसीबी भी जलकर खाक हो गई है। हादसा जामुल थाना क्षेत्र के औद्योगिक नगर स्थित उत्कल हाइड्रो कार्बन में हुआ है। आग को काबू पाने के लिए 2 गाडियां मौके पर पहुंची है और आग को काबू करने का प्रयास किया जिसें बहुत मुश्किल से आग पर काबू पाया जा सका। । मिली जानकारी के अनुसार जिस सेक्शन में आग लगी है, वहां डामर के टैबलेट बनाने काम किया जा रहा था। बताया जा रहा है की आग लगने के दौरान फैक्ट्री में एक के बाद एक 4 ब्लास्ट हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि वहां कैमिकल से भरे ड्रम में आग लगने से विस्फोट हुआ है।

रायपुर / शौर्यपथ / राजीव गांधी किसान न्याय योजना में खरीफ 2020 में जिन कृषकों के द्वारा सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, रामतिल, कोदो, कुटकी एवं रागी फसल ली गई है, उनके बोये गये रकबे का पंजीयन संबंधित सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से प्रारंभ हो गया है। योजना में प्रावधानित फसलों के रकबे का पंजीयन हेतु कृषक पंजीयन फार्म में अपना पूर्ण विवरण भरकर अपने संबंधित सेवा सहकारी समिति में सत्यापन एवं पंजीयन हेतु जमा कर सकते हैं। सहकारी समितियों को कृषकों का पंजीयन 30 नवम्बर 2020 तक अनिवार्य रूप से करना होगा।
कृषकों के आवेदन पत्र का सत्यापन ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा भूईयाँ पोर्टल में प्रदर्शित संबंधित मौसम के गिरदावरी के आकड़ों के आधार पर किया जायेगा। सत्यापन उपरांत कृषक को संबंधित सहकारी समिति में पंजीयन कराना होगा। समय-सीमा में पंजीयन कराने वाले कृषकों को फसल हेतु आदान सहायता राशि देने का प्रावधान शासन द्वारा निर्धारित है। इन फसलों हेतु आदान सहायता राशि की गणना संबंधित फसलों के गिरदावरी के अनुसार भूईया पोर्टल में संधारित रकबा के आधार पर आनुपातिक रूप से की जाएगी। इस प्रक्रिया के अनुसार प्राप्त कृषकों के डेटाबेस के आधार पर नोडल बैंक द्वारा आदान सहायता राशि सीधे कृषकों के खातों में अंतरित की जाएगी।
अपंजीकृत कृषकों को योजनान्तर्गत आदान सहायता अनुदान की पात्रता नहीं होगी। योजनान्तर्गत शामिल फसलों के अतिरिक्त अन्य फसल जैसे धान, मक्का एवं गन्ना पर आदान सहायता राशि देय नहीं होगी। किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सम्पर्क कर पंजीयन आवेदन प्राप्त कर सकते है।

हमारा शौर्य

हमारे बारे मे

whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
 
CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
CONTECT NO.  -  8962936808
EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)