
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
सेहत / शौर्यपथ / ग्रीन-टी न सिर्फ दिल, बल्कि दिमाग की सेहत के लिए भी फायदेमंद है। नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के हालिया शोध की मानें तो इसमें मौजूद कैफीन ‘एडिनोसिन’ का उत्पादन बाधित करती है। ‘एडिनोसिन’ एक अहम न्यूरोट्रांसमिटर है, जो यह निर्धारित करता है कि व्यक्ति कब सुस्त या तरोताजा महसूस करेगा। इसकी अधिकता से तंत्रिका तंत्र की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने और अल्जाइमर पनपने के संकेत मिले हैं।
रक्तचाप घटाने में कारगर
रिंग ने ग्रीन-टी को रक्तचाप घटाने में भी बेहद असरदार करार दिया। उन्होंने 2016 में प्रकाशित एक अमेरिकी अध्ययन का हवाला दिया, जिसमें हफ्ते में कम से कम छह कप ग्रीन-टी पीने वालों के हाइपरटेंशन का शिकार होने का खतरा 33 फीसदी कम मिला था।
कोलेस्ट्रॉल काबू में रहेगा
शोधकर्ताओं ने बताया कि ग्रीन-टी में ‘कैटेचिन’ नाम का एंटीऑक्सीडेंट भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह खाने में मौजूद कोलेस्ट्रॉल को सोखने की शरीर की क्षमता घटाता है। यही वजह है कि जो लोग दिन में दो कप ग्रीन-टी पीते हैं, उनमें हार्ट अटैक का खतरा आधा हो जाता है।
हड्डियां-मांसपेशियां मजबूत होंगी
-ग्रीन-टी हड्डियों और मांसपेशियों की मजबूती के लिए भी अहम है। इसमें मौजूद फ्लैवेनॉयड जहां हड्डियों-मांसपेशियों में क्षरण की शिकायत दूर रखते हैं, वहीं फाइटोएस्ट्रोजन ऊतकों को नुकसान नहीं पहुंचने देते। मांसपेशियों का विकास सुनिश्चित करने में भी उनकी अहम भूमिका है।
खेल / शौर्यपथ / इंडियन प्रीमियर लीग का 13वां सीजन युनाइटेड अरब अमीरात में खेला जा रहा है। 21 अक्टूबर को कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोरके बीच मैच खेला गया, जिसे आरसीबी ने आसानी से आठ विकेट से जीत लिया। आरसीबी की जीत के हीरो रहे मोहम्मद सिराज, जिन्होंने चार ओवर में महज 8 रन देकर तीन विकेट लिए। कप्तान विराट कोहली ने प्लेइंग इलेवन में शहबाज अहमद की जगह मोहम्मद सिराज को प्लेइंग इलेवन में जगह दी थी और इस गेंदबाज ने अपने कप्तान को बिल्कुल निराश नहीं किया। विराट की कप्तानी की तारीफ हर कोई कर रहा है, लेकिन पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर उनके एक फैसले से हैरान रह गए।
क्रिस मौरिस ने आरसीबी की ओर से पहला ओवर किया और दूसरा ओवर सिराज ने फेंका और उन्होंने डबल विकेट मेडन ओवर फेंक, टीम को धमाकेदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद तीसरे ओवर के लिए विराट ने नवदीप सैनी को गेंद थमा दी। तीसरा ओवर सैनी को देने का विराट का फैसला गंभीर की समझ से परे था। गंभीर ने लाइव कमेंट्री के दौरान कहा, 'मोहम्मद सिराज को नई गेंद थमाकर विराट कोहली ने शानदार कप्तानी दिखाई, पॉजिटिव कप्तानी और अच्छा कदम, जिसका टीम को फायदा भी मिला, लेकिन उनकी यह रणनीति (सैनी को तीसरा ओवर देना) मुझे समझ नहीं आई।' उन्होंने कहा, 'क्रिस मोरिस से पहला ओवर कराने के बाद तीसरा ओवर नए गेंदबाज को देना मुझे समझ नहीं आया।'
मैच के दौरान विराट बॉलिंग अटैक में काफी बदलाव करते नजर आए, वॉशिंगटन सुंदर, युजवेंद्र चहल, सैनी और मौरिस को वह अलग-अलग समय पर इस्तेमाल करते रहे। सैनी, चहल और सुंदर ने भी विकेट निकाले, जबकि मौरिस और इसुरु उडाना ने कम रन दिए। मैच के बाद विराट ने खुद बताया कि सिराज को नई गेंद देने का फैसला उन्होंने बाद में लिया। उन्होंने मैच के बाद कहा, 'सच कहूं तो सिराज को नई गेंद देने का फैसला थोड़ा देरी से लिया गया। मैं वॉशिंगटन सुंदर को नई गेंद देने के बारे में सोच रहा था, जब हम मैदान पर पहुंचे तो पिच देखी, यह सूखी थी।'
मनोरंजन / शौर्यपथ /बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान के फैन्स उनकी फिल्म राधे: योर मोस्ट वॉन्टेड भाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हाल ही में सलमान और दिशा पाटनी ने फिल्म की शूटिंग पूरी की है। जानकारी के अनुसार इस साल फिल्म का रिलीज हो पाना संभव नहीं है। ऐसे में मेकर्स फिल्म राधे को अगले साल रिलीज करने का प्लान बना रहा है। ऐसा भी बताया जा रहा है यह फिल्म 2021 की ईद पर रिलीज हो सकती है।
मिड डे ने अपनी एक रिपोर्ट में सोर्स के आधार पर बताया कि इस हफ्ते सोमवार को सलमान खान ने को-प्रोड्यूसर अतुल अग्निहोत्री, सोहेल खान और निखिल नामित के साथ मिलकर एक मीटिंग की थी। इससे पहले मेकर्स इस फिल्म को रिपब्लिक डे पर रिलीज करने का मन बना रहे थे, लेकिन हाल ही में सिनेमाघरों के खुलने के बाद कम संख्या में पहुंच रहे दर्शकों को देखते हुए इस प्लान कैंसिल कर दिया।
मेकर्स ने यह अनुमान लगाया कि अगर यह बिग बजट फिल्म वर्तमान स्थिति में रिलीज होती है इसका बिजनेस 120 करोड़ के आसपास सिमट कर रह जाएगा। ऐसे में मेकर्स ने इस बात को ध्यान में रखते हुए फिल्म को अगले साल 12 मई को रिलीज करने का प्लान बनाया है। वैसे यह परंपरा रही है कि सलमान खान अपनी फिल्म से फैन्स को हर साल ईदी देते हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्विटर अकाउंट पर सलमान खान का वीडियो शेयर किया था, जिसमें सलमान खान राधे की शूटिंग कंप्लीट होने की जानकारी दी। वीडियो में देखा जा सकता है कि सलमान खान सेट पर अपनी कार से उतरते हैं और कहते हैं, 'रैप फॉर राधे।' वीडियो में सलमान खान फिल्म की शूटिंग पूरी होने पर काफी खुश दिखाई दिए।
मनोरंजन / शौर्यपथ / एक्टर और होस्ट मनीष पॉल महानायक अमिताभ बच्चन के बहुत बडे़ फैन है। मनीष अपने पसंदीदा स्टार बिग बी से मिलने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते हैं। हाल ही में एक शूट के दौरान जब मनीष को यह पता चला कि अमिताभ बच्चन भी वहीं नजदीक में शो की शूटिंग कर रहे हैं तो वह उनसे मिलने के लिए सेट पर पहुंच गए।
बिग बी से मिलकर मनीष बेहद उत्साहित हुए। वह अमिताभ बच्चन को अपना इंस्पिरेशन मानते हैं और उन्हें देखते हुए ही बड़े हुए हैं । मनीष कहते हैं 'अमित सर से मिलना हर बार एक बहुत खुशनुमा एहसास होता है। जब भी मुझे उनसे मिलने का मौका मिलता है तो मैं उसे कभी मिस नही करता। लॉकडाउन में मुझे उनसे मिलने का मौका नहीं मिला तो इसलिए जब मुझे पता चला कि वह यहीं मेरे शो के पास में केबीसी की शूटिंग कर रहे हैं, मैंने उस अवसर को हाथ से जाने नहीं दिया और ब्रेक में उनसे मिलने दौड़ पड़ा।
अमिताभ से मुलाकात के दौरान मनीष सोशल डिस्टेंसिंग के चलते उनके पैर नहीं छू पाए और न ही गले लगा सके। मनीष ने कहा कि महामारी के कारण हम सुरक्षा के सभी प्रोटोकॉल्स फॉलो कर रहे हैं। खासकर अमित सर की हेल्थ को ध्यान में रखते हुए मैं उन्हें गले नहीं लगाया और न ही उनके पैर छुए, जिसका मुझे बहुत अफसोस है। खैर, उनसे बस मिलकर ही बेहद अच्छा लगता है। मालूम हो कि मनीष पॉल ने साल 2014 में केबीसी के सेट पर अमिताभ बच्चन के साथ को-होस्टिंग की थी।
धर्म संसार / शौर्यपथ / अयि गिरि नन्दिनी नन्दिती कालिदास रचित यह सर्वाधिक लोकप्रिय और असरकारी कालिका स्तुति है। इस पर नृत्य प्रस्तुतियां आपने बहुत देखी होंगी, आइए पढ़ें यह दिव्य स्तुति, इसके पढ़ने से सौभाग्य चमकता है, सफलता के दरवाजे अपने आप खुलने लगते हैं...
कालिका स्तुति
अयि गिरि नन्दिनी नन्दिती मेदिनि, विश्व विनोदिनी नन्दिनुते।
गिरिवर विन्ध्यशिरोधिनिवासिनी, विष्णु विलासिनीजिष्णुनुते।।
भगवति हे शितिकण्ठ कुटुम्बिनी, भूरि कुटुम्बिनी भूत कृते।
जय जय हे महिषासुर मर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
अयि जगदम्ब कदम्ब वन प्रिय, वासिनी वासिनी वासरते।
शिखर शिरोमणी तुंग हिमालय, श्रृंगनिजालय मध्यगते।।
मधुमधुरे मधुरे मधुरे, मधुकैटभ भंजनि रासरते।
जय जय हे महिषासुर मर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
सुर वर वर्षिणी दुर्धरधर्षिणी, दुर्मुखमर्षिणी घोषरते।
दनुजन रोषिणी दुर्मदशोषिणी, भवभयमोचिनी सिन्धुसुते।।
त्रिभुवन पोषिणी शंकर तोषिणी, किल्विषमोचिणी हर्षरते।
जय जय हे महिषासुर मर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
अयि शतखण्ड विखण्डितरुण्डवितुण्डित शुण्ड गजाधिपते।
रिपुगजदण्डविदारण खण्ड, पराक्रम चण्ड निपाति मुण्ड मठाधिपते।।
जय जय हे महिषासुरमर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
अयि सुमन: सुमन: सुमन: सुमन:, सुमनोरम कान्तियुते।
श्रुति रजनी रजनी रजनी, रजनी रजनीकर चारुयुते।।
सुनयन विभ्रमर भ्रमर भ्रमर, भ्रमराधिपते।
जय जय हे महिषासुरमर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
सुरललना प्रतिथे वितथे, वितथेनियमोत्तर नृत्यरते।
धुधुकुट धुंगड़ धुंगड़दायक, दानकूतूहल गानरते।।
धुंकट धुंकट धिद्धिमितिध्वनि, धीर मृदंग निनादरते।
जय जय हे महिषासुरमर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
जय जय जाप्यजये जयशब्द परस्तुति तत्पर विश्वनुते।
झिणिझिणिझिणिझिणिझिंकृत नूपुर, झिंजिंत मोहित भूतरते।।
धुनटित नटार्द्धनटी नट नायक, नायक नाटितनुपुरुते।
जय जय हे महिषासुरमर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
महित महाहवमल्लिम तल्लिम, दल्लित वल्लज भल्लरते।
विरचित पल्लिक पुल्लिक मल्लिक, झल्लिकमल्लिक वर्गयुते।।
कृत कृत कुल्ल समुल्लस तारण, तल्लिज वल्लज साललते।
जय जय हे महिषासुरमर्दिनी, रम्य कपर्दिनी शैलसुते।।
यामाता मधुकैटभ प्रमथिनी या महिषोन्मलूनी।
या धूम्रेक्षण चण्डमुण्ड मथिनी या रक्तबीजाशनी।।
शक्ति: शुम्भ निशुम्भ दैत्य दलिनी या सिद्धि लक्ष्मी परा।
सा चण्डी नवकोटि शक्ति सहिता मां पातु विश्वेश्वरी।।
।।इति श्रीकालिदास विरचित् कालिक स्तुति।।
लजीज मनभावन बनाना खिचड़ी
खाना खजाना / शौर्यपथ / सामग्री : आधा दर्जन कच्चे केले, 2 चम्मच राजगिरा आटा, मूंगफली दाने 100 ग्राम, जीरा 1 चम्मच, शक्कर 1 चम्मच, काली मिर्च 5-7 बारीक पिसी हुई, हरी मिर्च 4-5 बारीक कटी हुई, हरा धनिया, बड़ा आधा चम्मच घी, नींबू, सेंधा नमक स्वादानुसार।
विधि : सबसे पहले मूंगफली दाने को सेंक कर दरदरा पीस लें। कच्चे केले को हल्के उबाल कर छील लें और छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। अब कड़ाही में आधा चम्मच घी लेकर जीरा फ्राई करें एवं हरी मिर्च और केले के पीस कर डाल दें। इसे थोड़ी देर पकने दें।
अब इसमें दरदरी पिसी मूंगफली डाल दें और
सारा मसाला डालकर धीमी आंच पर पांच मिनट पकने दें। लीजिए तैयार है कच्चे केले से बनी लजीज फलाहारी खिचड़ी। ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें
और पेश करें।
केले की नमकीन चटपटी पूरी
सामग्री :
3 कच्चे केले, 250 ग्राम सिंघाड़ा अथवा राजगिरा आटा, आधा चम्मच लाल मिर्च पावडर, 1 चम्मच सौंफ, सेंधा नमक स्वादानुसार, चुटकी भर शक्कर, पाव चम्मच काली मिर्च पावडर, बारीक कटा हरा धनिया, तलने के लिए घी अथवा तेल।
विधि : सबसे पहले कच्चे केले को उबाल लें। ठंडे होने पर छिलके उतार कर हाथ से मैश कर लें। अब एक थाली में सिंघाड़ा अथवा राजगिरा आटा लेकर छान लें। उसमें उपरोक्त मसाला सामग्री और केले का मिश्रण मिलाएं। तत्पश्चात आटे को गूंथ कर 10-15 मिनट कपड़े से ढंककर रख दें।
अब तैयार आटे की छोटी-छोटी लोई बनाकर पूरियां बेल लें। एक कड़ाही में घी/तेल गरम करके केले की फलाहारी पूरी कुरकुरी होने तक तल लें। गरमा-गरम पूरी को दही के रायते या हरी चटनी के साथ पेश करें।
कच्चे केले की चिप्स
सामग्री : आधा दर्जन कच्चे केले, आधा छोटा चम्मच काली मिर्च पिसी हुई, सेंधा नमक एक छोटा चम्मच, आधा चम्मच भूने जीरे का पावडर, तलने के लिए घी अथवा तेल।
विधि : सबसे पहले कच्चे केले के छिलके उतार लीजिए। अब एक कड़ाही में घी अथवा तेल अच्छा गरम रखें, तेल गरम होने के पश्चात किसनी के माध्यम से तेल में चिप्स घिसती जाएं। चिप्स कुरकुरी होने पर तेल से बाहर निकाल लें। ऊपर से काली मिर्च, जीरा पावडर और सेंधा नमक बुरकाएं।
ठंडी होने पर चिप्स को एयर टाइट डिब्बे में भर कर रख दें। फिर घर में बनी शुद्ध केले की चिप्स से फलाहार करें। आप चाहे तो ऊपर से सूखा या तला हरा धनिया डालकर भी पेश कर सकती हैं।
कच्चे केले की लजीज टिकिया
सामग्री :
5 कच्चे केले, 250 ग्राम उबले आलू, 30 ग्राम कुट्टू का आटा, अदरक, 2-3 हरी मिर्च, लाल मिर्च पावडर एक चम्मच, 2 चम्मच भूना जीरा पावडर, आधा चम्मच अमचूर पावडर, 100 ग्राम पनीर, घी तलने के लिए, सेंधा नमक या नमक स्वादानुसार, हरा धनिया, पाव कटोरी किशमिश।
विधि : पहले कच्चे केले को उबालें, छीले और ठंडा होने के लिए रख दें। अब धनिया, हरी मिर्च व अदरक को बारीक काट लें। उबले केले और आलू का मिश्रण तैयार करके अदरक, हरी मिर्च और हरा धनिया मिला लें।
इसमें कुट्टू का आटा, सेंधा नमक, मिर्च और जीरा पावडर मिलाएं और छोटी-छोटी गोलिया बनाकर रख लें। अब एक दूसरे बर्तन में पनीर को लेकर किशमिश, नमक, अदरक, मिर्च और धनिया मिलाएं। इस मिश्रण को केले के गोले में भरकर टिक्की की तरह हाथ से दबा लें।
अब अपनी सुविधानुसार इसे नॉन स्टिक तवे पर या ड्रीप फ्राई कर गरमागरम टिकिया को हरी और मीठी चटनी के साथ पेश करें। आप चाहे तो ऊपर से फलाहारी आलू की सेंव भी बुरका सकती हैं।
दुर्ग / शौर्यपथ / वैश्विक महामारी से आज हर कोई जूझ रहा है और कोरोना जैसी घातक वसंक्रमक महामारी को दूर करने जिला स्तर पर अभियान चलाया जा रहा जिसमे नगर निगम के सफाई कर्मी स्वास्थ्य कर्मी पुलिस कर्मियों का विशेष योगदान है इनसब के साथ साथ प्रशाशन ने आंगन बाड़ी कार्यकर्ताओ को एक बड़ी जिम्मेदारी दी है आपको बता दे कि कोविद 19 की जांच के लिये प्रशाशन ने आंगन बाड़ी कार्यकर्ताओ की ड्यूटी को बढ़ा दिया है और डोर टू डोर मरीजो की जांच के आदेश भी आंगन बाड़ी कार्यकर्ताओ को दिए है और उसके बदले में आंगन बाड़ी कार्यकर्ताओ को मानदेय के रूप में दी जाने वाली राशि काफी अल्प है जिसके चलते महिलाओ को आर्थिक परिस्थितियोंसे जूझना पड़ रहा देखा जाए तो आंगन बाड़ी कार्यकर्ताओ कार्य भी कम नही है और इनकी भी भूमिका महत्वपूर्ण है लेकिन कार्य के बदले में जो राशि महिलाओ को दी जाती है वह ,,ऊंट के मुह में जीरा के समान, है आखिर इनकी समस्या का हल कैसे होगा क्या प्रशाशन आंगन बाड़ी कार्यकर्ताओ के कार्य और उसके बदले में दी जाने वाली राशि को लेकर गंभीर नही है,, क्या इन महिलाओं को दी जाने वाली राशि पर्याप्त है,, ये सभी बाते अभी सोचनीय है , इनकी समस्याओ का निवारण कैसे होगा इस पर प्रशाशन को गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है जिस से ये महिलाए भी अपनी जीविका आसानी से चला सके और अपने कार्य को बखूबी अन्जाम दे सके ।
*जांजगीर-चांपा जिले के डभरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बासीन नामक गांव का मामला* *डभरा थाना प्रभारी श्री डी.आर. टंडन की कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन पर हुई त्वरित कार्यवाही* जांजगीर चांपा डभरा । शौर्यपथ । हमारे सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि शादी का प्रलोभन देते हुए, प्रेम-प्रसंग के जाल में फंसाकर, शारीरिक संबंध बनाकर अनाचार करने वाले आरोपी युवक को डभरा थाना प्रभारी डी आर टंडन की कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन पर पुलिस कर्मियों द्वारा गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजने की बड़ी कार्यवाही की गई है, पूरा मामला जांजगीर-चांपा जिले के डभरा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम बासीन की है, एवं संबंधित मामले पर गिरफ्तार आरोपी युवक का नाम नंदराम अजगल्ले पिता गणेशाम अजगल्ले उम्र 25 वर्ष साकिन ग्राम बासीन है। संबंधित मामले के संदर्भ में पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 12/3/20 को प्रार्थी द्वारा डभरा थाने में उपस्थित होकर लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि *✍ वर्ष 2018 के दशक में वह (प्रार्थी) बासीन के नंदराम अजगल्ले पिता गणेशाम अजगल्ले के पास कंप्यूटर सीखने हेतु जाया करती थी, उसी दरमियान उक्त युवक के द्वारा शादी करूंगा संबंधी आश्वासन देकर अपने घर में रखने हेतु प्रलोभन देते हुए कई बार लगातार शारीरिक संबंध बनाया गया, अंत में जब मेरे (प्रार्थी) एवं मेरे परिजनों के द्वारा उक्त युवक को शादी करने हेतु बोला गया तो उस युवक के द्वारा शादी से मना करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई✍* प्रार्थी की लिखित रिपोर्ट पर डभरा थाने में अपराध क्रमांक 103/2020 पर धारा 376,506 भादवी के तहत आरोपी युवक के विरुद्ध अपराध पंजीकृत कर मामले को विवेचना में लिया गया। थाने पर महिला से हुए अत्याचार संबंधित प्रकरण दर्ज होने पर डभरा थाना प्रभारी द्वारा उक्त विषय से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया जिस पर उच्च अधिकारियों द्वारा मामले पर तत्काल कार्यवाही करते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी हेतु निर्देश प्राप्त होने पर डभरा थाना प्रभारी डी आर टंडन एवं श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) चंद्रपुर बी एस खुटिया की त्वरित मार्गदर्शन पर उक्त मामले की आरोपी नंदराम अजगल्ले पिता गणेशाम अजगल्ले उम्र 25 वर्ष साकिन ग्राम बासीन थाना डभरा जिला जांजगीर चांपा छ.ग. को आज दिनांक 21/10/20 पर गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा हेतु भेज दिया गया ।। डभरा थाना प्रभारी श्री डी.आर.टंडन की कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन पर उक्त कार्यवाही में संपूर्ण डभरा थाना स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।।
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा व्हीआईपी जिला में अगर किसी का नाम आता है तो वह जिला है दुर्ग . दुर्ग जिले से प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल , गृह एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू , ग्रामीण यांत्रिकी मंत्री रूद्र गुरु सहित संसदीय सचिव अरुण वोरा का विधानसभा दुर्ग जिले के अंतर्गत आता है . 15 साल की भाजपा सता के बाद कांग्रेस को छत्तीसगढिय़ा सरकार का सपना दिखाते हुए कांग्रेस की सत्ता आयी और प्रदेश में पहली बार छत्तीसगढिय़ा मुख्यमंत्री का ताज भूपेश बघेल के सर हुआ . उसी जिले में आज दुर्ग ग्रामीण के विधायक और प्रदेश सरकार में गृह व पीडब्ल्यूडी मंत्री के गृह जिले में पीडब्ल्यूडी विभाग में टेंडर प्रक्रिया में लापरवाही को लेकर आवेदन जमा ना करने के किसी उपरी आदेश को लेकर एक व्यथित ठेकेदार द्वारा अपनी पीड़ा बताने के लिए विभाग के सामने अधनंगा होना पड़ा .
मामला कुछ इस प्रकार है कि दुर्ग पीडब्ल्यूडी कार्यालय दुर्ग में कल 21 अक्तूबर को निविदा फ़ार्म जमा करने की अंतिम तिथि थी अंतिम तिथि होने और लगभग 70 से ऊपर करोडो के कार्य के लिए निविदा फ़ार्म भरने की अंतिम तारीख होने की वजह से सुबह से ही कार्यालय में ठेकेदारों का जमावड़ा लगा हुआ था . ठेकेदारों द्वारा निविदा फ़ार्म का आवेदन जमा करने की तैयारी को उस समय ग्रहण लगने लगा जब विभाग के कर्मचारियों द्वारा आवेदन में ईई साहब की मार्किंग की बात सामने आयी किन्तु अंतिम दिन होने के बाद भी ईई अशोक श्रीवास अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं थे ऐसे में ठेकेदारों द्वारा फोन से संपर्क करने की कोशिश की गयी किन्तु ईई श्रीवास द्वारा किसी के फोन का उत्तर नहीं मिलने से और बार बार आवेदन लेने की अपील करने के बाद जब विभाग के बाबु ने आवेदन लेने में असमर्थता दिखाई तब एक ठेकेदार द्वारा अधनंगा होकर आवेदन फ़ार्म लेने के लिए विभाग के कक्ष में ही धरना दे दिया गया जिसकी खबर लगते ही कई ठेकेदार भी कार्यालय भवन पहुँच गए .
ठेकेदारों का कहना था कि आखिर किस नियम के तहत आवेदन फ़ार्म नहीं लिया जा रहा और रसीद नहीं काटी जा रही . ठेकेदारों का विचलित होना एक हद तक सही भी था अंतिम दिन अगर ईई को आवेदन में मार्किंग करनी है तो उन्हें कार्यालय में उपस्थित होना था क्योकि मामला विभागीय कार्य का है अगर किसी अन्य विभागीय कार्य में व्यस्त थे तो इसकी सुचना देनी थी या किसी अन्य सक्षम अधिकारी को नियुक्त करना था किन्तु ईई श्रीवास द्वारा ऐसा कोई कार्य नहीं करने से स्थिति बेकाबू होने लगी . और नौबत कपडे उतार देने तक आ गयी .
पूर्व में भी ऐसी स्थिति निर्मित हुई है - ठेकेदारों ने कहा कि पूर्व में भी आवेदन फ़ार्म जमा करने के अंतिम दिनों में ईई कार्यालय से नदारद रहते है और उनसे संपर्क नहीं हो पाटा पूर्व में भी कई बार कार्यो का आवेदन फ़ार्म जमा नहीं होने से काफी नुक्सान हुआ है वही ठेकेदारों द्वारा ये आरोप लगाया जा रहा है कि ईई अपने मनपसंद ठेकेदारों को कार्य वितरित करने के लिए इस तरह का कार्य कर रहे है ठेकेदारों के आरोप में सच्चाई कितनी है ये तो जाँच का विषय है किन्तु कल की वस्तुस्थिति से यही प्रतीत होता है कि ईई श्रीवास द्वारा कार्य में लापरवाही की गयी और मामला बिगड़ता देख सुचना मिलने पर आखिरकार आवेदन फ़ार्म को लिया गया किन्तु स्थिति अभी भी शंका के घेरे में है क्योकि आवेदन फ़ार्म लेने के साथ रसीद भी कटती है किन्तु रसीद बाद में काटने की बात सामने आयी है जबकी आवेदन फ़ार्म जमा करने की अंतिम थिति 21 अक्तूबर की है .तो क्या ईई या अन्य कर्मचारियों द्वारा बेक डेट में रसीद काटने की प्रथा का आरम्भ हो गया है पीडब्ल्यूडी मंत्री के गृह जिले में ? क्या पीडब्ल्यूडी मंत्री की छवि को खराब करने की कोई साजिश राजी जा रही है या फिर ठेकेदारों द्वारा तथ्यहीन बातो को लेकर इस तरह की घटना हो रही है . कांग्रेस की सरकार भाजपा के शासन में व्याप्त भ्रष्टाचार को मिटाने और सुशासन की बात पर सत्ता में आयी किन्तु कल की पीडब्ल्यूडी विभाग की घटना ने ये दर्शा दिया कि अभी भी कुछ सही नहीं चल रहा विभाग में . कुछ ठेकेदारों का कहना है कि इस तरह के वाक्य से विभाग की छवि के साथ साथ प्रदेश सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है वही मुख्यमंत्री का गृह जिला होने के बाद भी अधिकारियों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है .
ईई श्रीवास से संपर्क की कोशिश हुई असफल ...
पीडब्ल्यूडी विभाग दुर्ग के मुखिया अशोक श्रीवास है कल उनके कार्यालय में इतना बड़ा हंगामा होने के घंटो बाद भी ईई का कार्यालय नहीं पहुँचना फोन से संपर्क नहीं करना , ठेकेदारों की समस्याओ का हल नहीं निकलना निविदा के अंतिम दिनों में अक्सर कार्यालय से अनुपस्थित रहा कई तरह के संदेहों को जन्म तो देता है साथ ही पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू की छवि को उनके कार्यशैली को भी प्रश्नचिन्ह लगता है क्या पीडब्ल्यूडी मंत्री मामले को संज्ञान में लेकर कल की घटना की निष्पक्ष जाँच करवाएंगे क्योकि शब्दों से नवा छत्तीसगढ़ नहीं गढ़ा जा सकता नवा छत्तीसगढ़ गढऩे के लिए जमीनी स्तर पर कार्य भी होना जरुरी है क्या इसी छत्तीसगढ़ में किसी ने सोंचा था कि जो गोबर सडको पर फैला रहता था वह भी विक्रय किया जा सकता है किन्तु आज वही गोबर बेच कर कई परिवारों की जिन्दगी में बदलाव आये है कहने का अर्थ यह है कि जमीनी स्तर पर सुशासन होगा तो नवा छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा .
मुख्यमंत्री ने कहा: शहीद महेन्द्र कर्मा की इच्छानुरूप होगा बस्तर का विकास
दंतेवाड़ा के सरपंच संघ के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात
देवगुड़ी के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए व्यक्त किया आभार
रायपुर / शौर्यपथ / सरपंच संघ की मांग पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर अंचल के विकास और समृद्धि के लिए 4 से 5 बड़े स्टील प्लांट को खोलने की सहमति प्रदान की है ताकि यहां के स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सके। दंतेवाड़ा जिले से आए सरपंच संघ के प्रतिनिधि मंडल ने आज राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात कर क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिए ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि शहीद महेन्द्रकर्मा जी की भी इच्छा थी कि दंतेवाड़ा सहित बस्तर अंचल में बड़े उद्योग लगे। उनकी इच्छानुरूप ही बस्तर का विकास किया जाएगा। सरपंच संघ की मांग पर राज्य सरकार द्वारा इस अंचल में 4 से 5 बडे़ स्टील प्लांट खोलने के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।
प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री से गीदम विकासखण्ड के घोटपाल-हीरानार में उपलब्ध लगभग 500 एकड़ जमीन में उद्योग लगाने के संबंध में ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि इसके लिए किसानों से जमीन लेने की आवश्यक्ता भी नहीं होगी।
प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री से कहा कि बस्तर अंचल से लौह अयस्क बाहर भेजा जाता है। इस अंचल के दंतेवाड़ा, कांकेर, कोण्डागांव सहित अन्य स्थानों में बड़े लगने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा वहीं इन उद्योगों के लगने से अन्य सहायक उद्योग धंधे भी प्रारंभ होंगे जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि उद्योग लगने से यहां होटल और परिवहन व्यवसाय में भी बढ़ोतरी होगी। इसका फायदा भी स्थानीय लोगों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान सरपचों ने राज्य सरकार द्वारा आदिवासी समाज की आस्था के अनुरूप वनांचल क्षेत्रों में देवगुड़ी के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की और सरपंच संघ की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। सरपंचों ने बताया कि कोरोना संकट के समय गोबर विक्रय से मिली राशि ग्रामीणों के काम आयी। गोबर से पैसा मिलने से ग्रामीण खुश हैं। गोठानों में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने का काम भी किया जा रहा है। गांवों में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत सूखा राशन वितरण की जानकारी उन्होंने दी।
सरपंच संघ के अध्यक्ष अनिल कर्मा ने बताया कि जिले के सभी ग्राम पंचायतों में गोठान निर्माण का कार्य चल रहा है साथ ही गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर खरीदी एवँ वर्मी कम्पोस्ट बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है । उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर पुराने भवनों का जीर्णोद्धार कर स्थानीय युवाओं को कपड़ा दुकान, नाई की दुकान, पंचर रिपेयरिंग जैसे छोटे-छोटे रोजगार उपलब्ध कराने का भी कार्य किया जा रहा है । इस अवसर पर मोपलनार, बड़े सुरोखी, नांगुल और गोठपाल ग्राम पंचायत के सरपंच भी उपस्थित थे ।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
