
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / बांसुरी प्रकृति का एक अनुपम वरदान है। भगवान श्री कृष्ण को बांसुरी अतिप्रिय है। वे इसे हमेशा अपने साथ रखते हैं। घर में जहां देवता बैठे हो वहां एक सुंदर सी बांसुरी लाकर रखना चाहिए।
आइए जानें बांसुरी के बारे में >
1. बांसुरी को बहुत ही पवित्र और पूजनीय माना जाता है।
2. बांसुरी की अभिव्यक्त शक्ति अत्यंत विविधतापूर्ण है, उससे मधुर संगीत बजाया जाता है।
3. बांसुरी प्राकृतिक आवाजों की नकल करने में निपुण है, उससे कई तरह के पक्षियों के आवाज की हू-ब-हू नकल की जा सकती है।
4. बांसुरी घर के वातावरण में मौजूद समस्त नकारात्मक शक्तियों को समाप्त करके सकारात्मक ऊर्जा सक्रिय करने का कार्य करती है।
5. बांसुरी बांस से बनी होती है तथा इसके पौधे को दिव्य माना जाता है। अत: घर में बांसुरी का प्रयोग करके कई तरह से लाभ उठाया जा सकता है।
6. ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति अपनी नौकरी से परेशान रहता हैं, वह अपने घर में बांसुरी रखें , बांसुरी उसकी सारी मुश्किलें आसान कर सकती है।
7. अगर कोई काफी मेहनत के बाद भी अपने बिजनेस में सफलता हासिल नहीं कर पा रहा है तो उसे बांस की बनी बांसुरी अपने दुकान में रखनी चाहिए इससे व्यापार में उन्नति होती है।
8. नए व्यवसाय का आरंभ और ईश्वर का पूजन करते समय अपने दुकान की छत पर दो बांसुरी चिपकानी चाहिए या टांग देनी चाहिए। यह बांसुरी अच्छी सफलता दिलाने में मददगार साबित होता है।
9. बांसुरी से निकलने वाला स्वर प्रेम की बरखा करता है। जिस घर में बांसुरी रखी होती है वहां प्रेम और धन की कोई कमी नहीं रहती है।
10. बांसुरी के संबंध में एक धार्मिक मान्यता है कि जब बांसुरी को हाथ में लेकर हिलाया जाता है तो बुरी आत्माएं दूर हो जाती हैं और जब इसे बजाया जाता है तो घरों में शुभ चुंबकीय प्रवाह का प्रवेश होता है।
धर्म संसार / शौर्यपथ / नवरात्रि में कैसे करें पूजन - आइए जानें नवरात्रि में पूजन कैसे करना चाहिए और इसके क्या नियम हैं?
* आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें।
* घर के ही किसी पवित्र स्थान पर स्वच्छ मिट्टी से वेदी बनाएं।
* वेदी में जौ और गेहूं दोनों को मिलाकर बोएं।
* वेदी पर या समीप के ही पवित्र स्थान पर पृथ्वी का पूजन कर वहां सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी का कलश स्थापित करें।
* इसके बाद कलश में आम के हरे पत्ते, दूर्वा, पंचामृत डालकर उसके मुंह पर सूत्र बाधें।
* कलश स्थापना के बाद गणेश पूजन करें।
* इसके बाद वेदी के किनारे पर देवी की किसी धातु, पाषाण, मिट्टी व चित्रमय मूर्ति विधि-विधान से विराजमान करें।
* तत्पश्चात मूर्तिका आसन, पाद्य, अर्ध, आचमन, स्नान, वस्त्र, गंध, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, आचमन, पुष्पांजलि, नमस्कार, प्रार्थना आदि से पूजन करें।
* इसके पश्चात दुर्गा सप्तशती का पाठ, दुर्गा स्तुति करें।
* पाठ स्तुति करने के बाद दुर्गाजी की आरती करके प्रसाद वितरित करें।
* इसके बाद कन्या भोजन कराएं। फिर स्वयं फलाहार ग्रहण करें।
प्रतिपदा के दिन घर में ही जवारे बोने का भी विधान है। नवमी के दिन इन्ही जवारों को सिर पर रखकर किसी नदी या तालाब में विसर्जन करना चाहिए। अष्टमी तथा नवमी महातिथि मानी जाती हैं।
इन दोनों दिनों में पारायण के बाद हवन करें फिर यथा शक्ति कन्याओं को भोजन कराना चाहिए।
नवरात्रि में क्या करें, क्या न करें
* इन दिनों व्रत रखने वाले को जमीन पर सोना चाहिए।
* ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
* व्रत करने वाले को फलाहार ही करना चाहिए।
* नारियल, नींबू, अनार, केला, मौसमी और कटहल आदि फल तथा अन्न का भोग लगाना चाहिए।
* व्रती को संकल्प लेना चाहिए कि हमेशा क्षमा, दया, उदारता का भाव रखेगा।
* इन दिनों व्रती को क्रोध, मोह, लोभ आदि दुष्प्रवृत्तियों का त्याग करना चाहिए।
* देवी का आह्वान, पूजन, विसर्जन, पाठ आदि सब प्रातःकाल में शुभ होते हैं, अतः इन्हें इसी दौरान पूरा करना चाहिए।
* यदि घटस्थापना करने के बाद सूतक हो जाएं, तो कोई दोष नहीं होता, लेकिन अगर पहले हो जाएं, तो पूजा आदि न करें।
दस महाविद्याओं के उत्पत्ति की पौराणिक कथा
पुराणों में दस महाविद्याओं के उत्पत्ति की अलग अलग कथाएं मिलती हैं। कई जगहों पर उन्हें माता सती या माता पार्वती की बहनें बताई गई हैं तो कुछ जगहों पर उन्हें माता सती का ही रूप बताया गया है। यह भी कहा जाता है कि उनमें से कुछ माता की बहनें हैं तो कुछ उनका ही रूप हैं। उनकी उत्पत्ति कथाओं में से एक कथा पढ़ें।
पुराणों अनुसार जब भगवान शिव की पत्नी सती ने दक्ष के यज्ञ में जाना चाहा तब शिवजी ने वहां जाने से मना किया। इस इनकार पर माता ने क्रोधवश पहले काली शक्ति प्रकट की फिर दसों दिशाओं में दस शक्तियां प्रकट कर अपनी शक्ति की झलक दिखला दी। इस अति भयंकरकारी दृश्य को देखकर शिवजी घबरा गए। क्रोध में सती ने शिव को अपना फैसला सुना दिया, 'मैं दक्ष यज्ञ में जाऊंगी ही। या तो उसमें अपना हिस्सा लूंगी या उसका विध्वंस कर दूंगी।'
हारकर शिवजी सती के सामने आ खड़े हुए। उन्होंने सती से पूछा- 'कौन हैं ये?' सती ने बताया,‘ये मेरे दस रूप हैं। आपके सामने खड़ी कृष्ण रंग की काली हैं, आपके ऊपर नीले रंग की तारा हैं। पश्चिम में छिन्नमस्ता, बाएं भुवनेश्वरी, पीठ के पीछे बगलामुखी, पूर्व-दक्षिण में धूमावती, दक्षिण-पश्चिम में त्रिपुर सुंदरी, पश्चिम-उत्तर में मातंगी तथा उत्तर-पूर्व में षोड़शी हैं और मैं खुद भैरवी रूप में अभयदान देने के लिए आपके सामने खड़ी हूं।' यही दस महाविद्या अर्थात् दस शक्ति है। बाद में मां ने अपनी इन्हीं शक्तियां का उपयोग दैत्यों और राक्षसों का वध करने के लिए किया था।
दस महा विद्या : 1.काली, 2.तारा, 3.त्रिपुरसुंदरी, 4.भुवनेश्वरी, 5.छिन्नमस्ता, 6.त्रिपुरभैरवी, 7.धूमावती, 8.बगलामुखी, 9.मातंगी और 10.कमला।
प्रवृति के अनुसार दस महाविद्या के तीन समूह हैं। पहला:- सौम्य कोटि (त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, मातंगी, कमला), दूसरा:- उग्र कोटि (काली, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी), तीसरा:- सौम्य-उग्र कोटि (तारा और त्रिपुर भैरवी)।
जानिए राशिनुसार किस शुभ ग्रंथ से घर में आएगी समृद्धि
मेष-मेष राशि वाले प्रात:काल रुद्राष्टक के 11 पाठ करें।
वृषभ- वृषभ राशि वाले प्रात:काल देवी-कवच का पाठ करें।
मिथुन- मिथुन राशि वाले प्रात:काल गणपति-अथर्वशीर्ष का पाठ करें।
कर्क- कर्क राशि वाले गौरी-जी की आराधना करें।
सिंह- सिंह राशि वाले आदित्य-ह्रदय-स्तोत्र के 11 पाठ करें।
कन्या- कन्या राशि वाले गायत्री-मंत्र जाप करें।
तुला- तुला राशि वाले श्री-सूक्तम का पाठ करें।
वृश्चिक- वृश्चिक राशि वाले मंगला-स्तोत्र का पाठ करें।
धनु- धनु राशि वाले साई-चरित्र का पाठ करें।
मकर- मकर राशि वाले हनुमान चालीसा के 11 पाठ नौ दिन करें।
कुंभ- कुंभ राशि वाले सुंदरकांड का पाठ करें।
मीन- मीन राशि वाले राम-रक्षास्तोत्र का पाठ करें।
विशेष- उपरोक्त आराधना नवरात्रि में प्रात:काल करने से विशेष लाभ मिलेगा।
सेहत / शौर्यपथ / आयुर्वेदिक और होम्योपैथी की दवा खाकर कोरोना संक्रमित डॉक्टर स्वस्थ हो गए। उन्हें कोरोना संक्रमण के बाद सांस लेने में दिक्कत और बुखार भी था। उनकी पत्नी भी इस बीमारी से पीडि़त थीं। उन्होंने भी इलाज के लिए इन्हीं दवाओं का उपयोग किया। दोनों अब स्वस्थ हैं।
सुपर स्पेश्यलिटी शिशु अस्पताल के कोरोना वार्ड में एक महीने मरीजों का इलाज करने वाले डॉ. प्रमोद कश्यप खुद होम्योपैथी के डॉक्टर हैं। 20 दिन पहले वह कोरोना संक्रमित हो गए। दो दिन बाद उनकी पत्नी दिव्या भी कोरोना से पीडि़त मिली। दोनों को शुरू में एलोपैथी दवाएं नहीं मिलीं, ऐसे में उन्होंने आयुर्वेदिक और होम्योपैथी की दवाओं का सेवन किया। करीब 10 दिन के बाद उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। अब दोनों स्वस्थ हैं और होम क्वारंटाइन हैं।
कश्यप ने बताया कि मुझे होम्योपैथी और आयुर्वेदिक दवाओं पर पूरा विश्वास था। इसकी जानकारी भी थी। ऐसे में मैंने आयुर्वेदिक और होम्योपैथी दवाएं लेनी शुरू कर दी। दो-तीन दिन मुझे बुखार भी था, लेकिन इससे घबराया नहीं। पॉजिटिव होने के बाद बुखार आया। एक दिन बाद सांस लेने भी थोड़ी परेशानी आई थी। दोनों चिकित्सा पद्धति की दवाओं का सेवन जारी रखा। धीरे-धीरे तबीयत सुधरती गई। अब पूरी तरह से स्वस्थ हूं।
पत्नी को भी यहीं दवाएं दी। एलोपैथी की दवा के नाम पर सिर्फ विटामिन बी काम्पलेक्स दवा ली। हालांकि लोगों को मेरी सलाह है कि कोरोना संक्रमण होने की स्थिति में डॉक्टरों के परामर्श के आधार पर ही दवाओं का सेवन करें। मैं खुद डॉक्टर था, इसलिए ये दवाएं लीं।
प्रतिदिन एक घंटे छत पर टहले-
कि कोरोना संक्रमण होने के बाद भी नियमित रूप से एक घंटे छत पर टहलने जरुर जाया करता था। जो प्रतिरोधक क्षमता को ठीक रखने के लिए जरुरी था। सुबह आधा घंटा और शाम को आधा घंटा टहला। जिसका फायदा भी मिला। पहले भी मैं प्रतिदिन टहला करता था। इसके लिए पार्क या सड़क के किनारे चलता था, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण बाहर नहीं जा सकता था। इसलिए छत को ही पार्क बना लिया।
आयुर्वेदिक और होम्यापैथी में इन दवाओं का सेवन किया-
कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हुए कि आयुर्वेदिक दवाओं में गिलोय, हल्दी, तुलसी, आंवला, अश्वगंधा, ब्राह्मणी, आदि से बनी आयुर्वेदिक तरल का उपयोग किया। यह दिन में दो-तीन बार लिया करता था। वहीं होम्योपैथी में आर्सेनिक 200, सहित अन्य दवाएं ली। ताकि बुखार नियंत्रित रहे।
आजकल इन दवाओं की मांग भी बढ़ी है-
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए वर्तमान में आयुर्वेदिक दवाओं की मांग बाजार में काफी बढ़ गई है। गिलोय, अश्वगंधा सहित अन्य औषधीय पौधों से बनी दवाओं की मांग पांच गुना से अधिक बढ़ गई हैं। कई आयुर्वेदिक दवाओं की बाजार में कमी हो गई है। वहीं होम्योपैथी में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आर्सेनिक 30 भी उपयोग में है।
रायपुर / शौर्यपथ / हर्षीता पांडेय के बयान पर कटाक्ष करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि पूर्ववर्ती रमन सिंह सरकार के समय महिला एवं बाल विकास विभाग के अध्यक्ष रही उनके कार्यकाल में प्रदेश में बहुत सी हृदय विदारक जघन्य आपराधिक घटनाएँ हुई थी तब उनकी आत्माएँ रोई नहीं।
पूर्ववर्ती रमन सरकार के ओएसडी रहे ओपी गुप्ता के द्वारा नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार जैसे जघन्य अपराध किया उस पर उनकी आत्मा सोई हुई थी ।
भाजपा के राजनितिक सहयोगी भाजपा नेत्री बस्तर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा आरोपी को संरक्षण देने एवं पीडि़ता एवं परिवार को न्यायालयीन प्रक्रिया में दखल देते हुए गवाहों एवं सबूतों को बदलने एवं हटाने का अनैतिक प्रयास किये थे तब उनकी आत्मा सोई हुई थी। कभी हर्षिता ने सोची कि जब बीजापुर में आदिवासी महिलाओं के साथ सामूहिक अनाचार हुआ उस पर उनकी आत्माएँ सोई थी। मीना खल्खों के साथ बलात्कार व हत्या हुई उस पर भी उसकी आत्मा सोई थी। झलियामारी के शासकीय आश्रमों में मासूमों के साथ अनाचार हुआ तो उनकी आत्मा सोई थी। पैसों के लिए माताओं के गर्भाशय निकाल लिये जा रहे थे तब उनकी आत्मा सोई थी। नसबंदी जैसे मामूली आपरेशन में जब महिलाओं की मौत हो जाती थी जब उनकी आत्मा सोई थी। भिलाई खुर्सीपार में बलात्कार पीडि़ता युवती की आत्महत्या की घटना को समूचे प्रदेश के माथे पर कलंक है यह घटना विदारक और मानवता को शर्मशार कर देने वाली घटना थी।
इस मामले मे पूर्ववर्ती रमन सिंह का बयान बेहद आपत्तिजनक और असंवेदनशील था उस समय उनकी आत्मा सोई थी। बलात्कारियों को बचाने और पीडि़ता को सताने के लिये पूरा तंत्र लगा होता था, तब हर्षिता पांडे मौन क्यों थी?
राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता पांडे को इतना अच्छा अवसर था कि पूर्ववर्ती रमन सरकार के समय हो रहे महिलाओं के अत्याचार पर करारा जवाब देने का लेकिन वहां पर भी महिलाओं को हताशा और निराशा हुई।
महिला एवं बाल विकास विभाग में महिलाएं बड़ी आश और विश्वास के साथ परेशानी के समाधान के लिए आती है लेकिन कई सालों तक चप्पल घिंसने के बाद भी न्याय नहीं मिल पाती थी। हजारों मामले लंबित थे जिसे वर्तमान में कितने मामलों का निपटारा किया गया, कितने बहनों को न्याय मिला, कांग्रेस की सरकार में अपराधियों के साथ नहीं देते तुरन्त कड़ी कार्यवाही करके जेल पहुंचाया जाता हैं।
प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि हर्षिता जी यदि आप गहरी निद्रा से जग गई हो तो उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री जी को जाकर सलाह दे कि बलात्कारियों को बचाने नेतागण संरक्षण ना दे और उत्तरप्रदेश के सरकार से पूछे कि क्यों मनीषा के परिवार वालों के साथ योगी जी अन्याय कर रहे हैं? पीडि़ता के माता-पिता अभी कैसी स्थिति से गुजर रहे है ये सोच कर रूह कांप जाती है क्या छिपाना चाहता है योगी जी? क्यों मीडिया वाले एवं अन्य लोगों से मुलाकात करने जाने पर एफआईआर करवा रही है? क्यों हिटलरशाही पर उतर आयी है योगी जी।
प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि उन्नाव और कठुआ में हुए रेप की घटना में भी भाजपा के कार्यकर्ता झंडा लेकर रेपीस्ट को बचाने निकले थे ठीक उसी तरह हाथरस में भी हो रहा है क्योंकि हमेशा से भाजपा और अपराधियों का चोली दामन का साथ रहा है ।
-शंकराचार्य कोविड हॉस्पिटल में बेहतरीन इलाज से बेहद गंभीर मरीजों को भी मिल रही संजीवनी
-गंभीर मरीजों में से चार मरीज जो वेंटिलेटर में रखे गए थे शनिवार को स्वस्थ होकर पहुंचे घर
दुर्ग / शौर्यपथ / फोटो में दिख रहा दृश्य शंकराचार्य हॉस्पिटल का है। यह जश्न का समय है शिवकुमारी के लिए भी और इनके इलाज के लिए पूरी तन्मयता से कार्य कर रहे चिकित्सकों एवं स्टाफ नर्स का। हो भी क्यों न, बेहद गंभीर हालत से जूझती हुई 54 वर्षीय साई नगर दुर्ग निवासी शिवकुमारी ने अपने मनोबल से और शंकराचार्य कोविड हॉस्पिटल के चिकित्सकों के शानदार ट्रीटमेंट से और स्टाफ नर्सों की लगातार मॉनिटरिंग से कोविड से बाहर आ गई है। जब उनका सीटी स्कैन कराया गया था तो इनका स्कोर था 25/25। यह बेहद गंभीर स्थिति होती है और केवल बेहद कुशल इलाज और मॉनिटरिंग से ही मरीज के जीवन के लिए संभावना बनती है। शंकराचार्य कोविड हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने पूरी तन्मयता और गंभीरता से इलाज किया। आक्सीजन सपोर्ट दिया गया, वेंटिलेटर में भी रखना पड़ा। आज जब वो अपने पैरों पर खड़े हुईं और चुनिंदा कदम चली तो लगा कि मनोबल और अच्छे इलाज से हर गंभीर बीमारी का मुकाबला संभव है परिस्थिति कितनी ही खराब क्यों न हो।
जब शिवकुमारी स्टाफ नर्स के सहारे खड़ी होकर चलने लगी तो उनके आंखों में आंसू थे और स्टाफ के मन में गहरी खुशी। सभी ने चीयरफुल मुद्रा बनाई, शिवकुमारी ने भी विक्ट्री साइन बनाया। यह बेहद कठिन क्षण था उनके लिए भी और स्टाफ के लिए भी। संकल्प और उचित मानिटरिंग के बूते चिकित्सकों ने यह कर दिखाया। शिव कुमारी की हेल्थ हिस्ट्री के मुताबिक दवाइयों का निर्णय लिया गया। उन्हें 26 सितंबर को भर्ती किया गया था और अब वे रिकवरी के मोड में हैं और जल्द ही उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
शंकराचार्य हॉस्पिटल में इलाज की मॉनिटरिंग कर रही डॉ सुगम सावंत ने बताया कि चिकित्सकों एवं स्टाफ नर्स द्वारा लगातार की जा रही मॉनिटरिंग और सबसे अच्छा इलाज देने की कोशिश से मरीजों की रिकवरी तेज हो रही है। उन्होंने कहा कि इनके बेहतर स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग के लिए स्पेशलिस्ट डॉ. कौशल, डॉ. राजू माहूले एवं डॉ. बसंत चैरसिया की निगरानी में इलाज चल रहा है। इसके साथ मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रफुल्ल, डॉ. अभिलाष, डॉ. राजेन्द्र, डॉ. मयंक एवं आईसीयू के स्टाफ इनकी मॉनिटरिंग करते रहें। इन सबके समन्वय से बेहद गंभीर परिस्थितियों में जूझ रहे मरीजों को तेजी से रिकवरी मोड में लाया जा सका।
चार गंभीर केस जिनमें रिकवरी हुई और अब सुकून से घर पहुंच रहे पेशेंट- शनिवार को चार गंभीर मरीज भी कोविड संक्रमण से मुक्त होकर घर पहुंच गये। इन सभी को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। विनोद हरदेव 38 साल के हैं इन्हें 25 सितंबर को एडमिट किया गया था, वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया। अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। अंजोरा मिंज 63 साल की पेशेंट हैं जिन्हें 21 सितंबर को भर्ती किया गया था। वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया और अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। इसी तरह तरुण सिंह और उत्तम कुमार 27 सितंबर को एडमिट हुए और पूरी तरह स्वस्थ हो कर शनिवार को घर चले गए।
बहुत अच्छा इलाज, पूरा ध्यान रख रहे स्टाफ- आज डिस्चार्ज होकर घर जा रहीं निर्मला चंद्राकर ने बताया कि मुझे बहुत अच्छा इलाज मिला। भोजन भी अच्छा मिला। स्टाफ ने घर के सदस्य की तरह ख्याल किया। अब घर जा रही हूँ तो बहुत अच्छा लग रहा है। निर्मला वार्ड 13 दुर्ग की निवासी हैं उन्हें 30 सितंबर को एडमिट कराया गया था। अब वे पूरी तरह स्वस्थ हैं।
नवागढ़ / शौर्यपथ / जुआ एक्ट के तहत थाना प्रभारी अम्बर सिंह भारद्वाज के नेतृत्व में नवागढ पुलिस की कार्यवाही ने कार्यवाही करते हुए नगदी रकम 2,980/- रू. एवं सट्टा – पट्टी सटोरिये को धर दबोचा। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं अति. पुलिस अधीक्षक व एसडीओपी बेमेतरा राजीव शर्मा के मार्गदर्शन में नवागढ़ थाना के द्वारा लगातार अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। जिसके तहत शुक्रवार को थाना नवागढ पुलिस को जरिये मुखबीर के सुचना मिली कि ग्राम गाडामोड के पास धर्मवीर बंजारे अंको पर से रूपया-पैसो का हार-जीत का दाव लगाकर सट्टा - पट्टी लिख रहे है। सूचना पर थाना नवागढ स्टाफ मौके पर पहुचकर घेराबंदी कर रेड कार्यवाही किया गया ।
आरोपी को अंको पर से रूपया-पैसो का हार-जीत का दाव लगाकर सट्टा - पट्टी लिखते रंगे हाथो पकडे गये। आरोपी धर्मवीर बंजारे पिता राम नारायण बंजारे उम्र 30 साल निवासी गाडामोड थाना नवागढ जिला बेमेतरा के कब्जे से नगदी रकम 2,980/- रू. एवं सट्टा – पट्टी को जप्त कर 4 (क) जुआ एक्ट तहत कार्यवाही की गई। उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी नवागढ निरीक्षक अंबर सिंह, प्र. आर. मोहन साहू एवं अन्य थाना स्टाफ का सराहनीय भुमिका रही।
-कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे ने नागरिकों से की अपील सर्वे टीम का करें सहयोग
-दुर्ग जिले में 5 से 11 अक्टूबर तक चलेगा सामुदायिक सर्वे अभियान
दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण के नियंत्रण और रोकथाम के लिए अब हर घर का सर्वे कर हाई रिस्क ग्रुप और लक्षण वाले मरीजों की पहचान की जाएगी। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे ने आम नागरिकों से अपील की है कि सोमवार 5 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक सामुदायिक सर्वे के कार्य में सहयोग करें। हमारा उद्देश्य शत-प्रतिशत घरों का सर्वे करना है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने प्रशासन को आमजनों का सहयोग चाहिए। हमारी टीम घर घर जाएगी उन्हें सही जानकारी दें। लक्षणों की जानकारी मिलते ही त्वरित सैम्पल लेकर जांच कराई जाएगी। सही समय पर बीमारी की पहचान होने से इलाज में आसानी होगी और जल्दी रिकवर हो पाएंगे। सही समय पर जांच न होने से बीमारी विकराल रूप ले लेती है और मरीज की मृत्यु भी हो सकती है। कोविड से मृत्यु रोकने के लिए सही समय और जांच और इलाज अनिवार्य है।
ये हैं लक्षण
-यदि किसी को भी सर्दी, खाँसी, बुखार, शरीर मे दर्द, सांस लेने में दिक्कत, उल्टी, दस्त, स्वाद एवं सूंघने की शक्ति में कमी हो तो ये कोरोना के लक्षण हो सकते हैं। ऐसा होने पर तत्काल नजदीकी फीवर क्लिनिक में जाकर जांच कराएं और कंट्रोल रूम के नम्बरों पर सम्पर्क करें।
घर-घर जाएगी टीम, 24 घंटे के अंदर लिए जाएंगे सैम्पल
उल्लेखनीय है कि जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों की पहचान के लिये 5 से 11 अक्टूबर तक सामुदायिक सर्वे अभियान चलाया जाएगा। हमारी मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं-सहायिकाएं, नगर निगम के अमले, स्वास्थ्य कर्मी शत-प्रतिशत घरों का सर्वे करेंगे। लक्षण की पहचान होते ही 24 घन्टे के अंदर सैम्पल लिए जाएंगे। सबसे पहले रैपिड एंटीजन टेस्ट किया जाएगा यदि लक्षण के बाद भी टेस्ट नेगेटिव है तो आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया जाएगा। परंतु यदि रैपिड टेस्ट पॉजिटिव है तो आरटीपीसीआर टेस्ट नहीं होगा। जांच के बाद विशेषज्ञ डॉक्टर ये निर्णय लेंगे कि मरीज को होम आइसोलेशन में रखना है अथवा अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।
कंट्रोल रूम पर भी दें जानकारी , जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए गए हैं जिनके नम्बर हैं -0788-2215151,52,53 - टीम को मानने होंगे प्रोटोकॉल
सर्वे टीम को पूरी सावधानी के साथ सर्वे करना है। मास्क का उपयोग करना है सोशल डिस्टेंसिंग रखनी है और बार-बार साबुन से हाथ धोना है। इसके अलावा टीम हर घर के सर्वे के बाद लोगों को नजदीकी फीवर क्लिनिक और कंट्रोल रूम की भी जानकारी लोगों को देगी ताकि आपात स्थिति में संपर्क किया जा सके।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ राज्य के पांच जिलों में अब जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) के टीके लगाए जाएंगे। इसके लिए बीते दिनों राष्ट्रीय स्तर पर टीकाकरण अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। हालांकि छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पहले ही यह टीका लगाया जा रहा है।
अब पांच अन्य जिलों के रहवासियों को भी दिमागी बुखार से बचाने के लिए टीके लगाए जाएंगे। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने बताया क्यूलेक्स ट्रीटीनियोरिंक्स मच्छर के काटने से जापानी इंसेफलाइटिस होता है। इससे बचाव में टीके का बड़ा महत्व होता है। जेई का टीका लगवाने के बाद बच्चे पर इस बीमारी के हमले का खतरा समाप्त हो जाता है। टीकाकरण के जरिये जेई से होने वाली मौत और विकलांगता के खतरे से बचा सकते हैं। टीकाकरण को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। जल्द ही सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार स्वास्थ्य अधिकारियों को जिला स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद 1 से 15 साल आयुवर्ग को जेई कैम्पेन के तहत टीके लगाए जाएंगे। इन जिलों में लगेंगे टीके-जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) टीके प्रदेश के पांच जिलों में लगाए जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के बीजापुरए कोंडागांव, दंतेवाड़ा, धमतरी और बस्तर जिले में टीके लगाने की अनुमति प्रदान की गई है। राज्य स्तर पर वैक्सीन संबंधी ट्रेनिंग के बाद संबंधित क्षेत्र में टीके लगाए जाएंगे।
जापानी इंसेफेलाइटिस-दिमागी बुखार विषाणुजनित मस्तिष्क का इनफेक्शन है। यह मच्छर के काटने से फैलता है। जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस जेईवी सूअरों और पक्षियों में पाया जाता है और जब मच्छर इन संक्रमित जानवरों को काटते हैं तो यह विषाणु मच्छरों में भी पहुंच जाता है। जेई एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता।
रायपुर / शौर्यपथ / उत्तर-प्रदेश के हाथरस में बाल्मिकी समुदाय के 19 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार व हत्या की घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया है, पीडि़ता के साथ घटित घटना से मानवता को शर्मशार कर दिया है। वही योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार ने हाथरस की बेटी के साथ हुयी बर्बरता व अत्याचार से भी ज्यादा बर्बरता उत्तर-प्रदेश के पुलिस और प्रशासन ने दिखाते हुये पीडि़ता के परिवार की सहमति के बिना ही आधी रात को की गयी अंतिम संस्कार घोर निंदनीय व समाज के लिए चिंतनीय है।
कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी व राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधी मंडल पीडि़त परिवार के सदस्यों से मुलाकात करने हाथरस जा रही थी, जिसे उत्तर प्रदेश की सीमा पर ही प्रशासन ने रोकते हुये राहुल गांधी के साथ शामिल प्रतिनिधी मंडल के सदस्यों को घृणित रूप से गिरफ्तार करते हुये कार्यकर्ताओं के उपर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज भी किया गया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस निरंतर योगी आदित्यनाथ सरकार की मनमानी व असंवैधानिक कृत्यों के खिलाफ लड़ रही है और पीडि़ता एवं उनके परिवार के साथ हो रही घोर अन्याय के खिलाफ व न्याय दिलाने के लिये देश भर में सत्याग्रह आंदोलन आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी निर्देशानुसार सोमवार को प्रदेश समस्त जिला मुख्यालयों में राष्ट्रपति महात्मा गांधी, बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर प्रतिमा महत्वपूर्ण स्थल पर सुबह 11 बजे से एक दिवसीय मौन सत्याग्रह आंदोलन का आयोजन कर उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा की जा रही निंदनीय कार्यवाही के खिलॉफ न्याय किया जायेगा।
सुबह 11 बजे जिला मुख्यालयों में मौन-सत्याग्रह आंदोलन का आयोजन कर, स्थानीय प्रदेश पदाधिकारियों, सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, पदाधिकारियो, मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ, विभाग के जिला ब्लाक पदाधिकारियों, सोशल मीडिया के प्रतिशक्षित सदस्यों नगरीय-निकाय, त्रिस्तरीय पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, सहकारिता क्षेत्र के पदाधिकारियों, वरिष्ठ कांग्रेसजन कार्यकर्ताओं को सूचित करते हुये उनकी सहभागिता सुनिश्चित कर आंदोलन को सफल बनाया जायेगा।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य में कुपोषण मुक्ति के लिए संचालित मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की प्रथम वर्षगांठ पर आज इस अभियान की सफलता में सक्रिय भूमिका निभाने वाली राज्य की समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को यूनिफॉर्म (साड़ी) वितरण का शुभारंभ करेंगे। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शाम 5.30 बजे से होगा।
मुख्यमंत्री बघेल इस मौके पर मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से संबंधित कॉफी टेबल बुक एवं महिला एवं बाल विकास विभाग पत्रिका का विमोचन करने के साथ ही इस अभियान पर तैयार डॉक्यूमेंट्री एवं कुपोषण की रोकथाम हेतु व्यवहार परिवर्तन के लिए सामाजिक संदेश देने हेतु बनाई गई फिल्म का अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुपोषण अभियान से लाभान्वित हितग्राहियों से चर्चा भी करेंगे। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडिय़ा तथा सचिव प्रसन्ना आर. द्वारा मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत बीते एक वर्ष में हासिल उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
