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June 03, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

सेहत / शौर्यपथ / हम भारतीय महिलाओं की सबसे बड़ी ख्वाहिश होती है फ्लैट बेली पाने की, जिसे हमने सिर्फ फिल्मों में ही देखा है। लेकिन क्या आप इसके लिए आवश्यक मेहनत करती हैं? पेट की चर्बी के लिए हम कभी अपने जीन्स तो कभी भारतीय खानपान को दोष दे देते हैं। लेकिन सच तो यह है कि बहुत छोटी-छोटी आदतें अगर हम छोड़ दें तो हम भी पेट की चर्बी से छुटकारा पा सकते हैं।
बेली फैट यानी पेट पर मौजूद चर्बी सिर्फ आपको क्रॉप टॉप पहनने से ही नहीं रोकती, आपके स्वास्थ्य के लिए भी बहुत खतरनाक है। पेट या एब्डोमेन के हिस्से में ही हमारी महत्‍वपूर्ण मां‍सपेशियां होती हैं, जो हमारी सेहत में अपरिहार्य भूमिका अदा करती हैं। पेट में मौजूद चर्बी दिल की बीमारियों का जोखिम कई गुना बढ़ा सकती है। यही नहीं, डायबिटीज के लिए भी पेट की चर्बी एक बहुत महत्वपूर्ण कारक है।
हम बताते हैं व्यायाम की कमी के अलावा आपकी वह बुरी आदतें जो आपके बेली फैट के लिए जिम्मेदार हैं:
1. आप मील्स स्किप कर रही हैं
जी हां, ज्यादा खाने से अधिक खतरनाक है मील स्किप करना। जब आप लम्बे समय तक भूखी रहती हैं तो शरीर सर्वाइवल मोड में चला जाता है। इसमें दिमाग यह सोचता है कि आप विकट परिस्थितियों से गुजर रही हैं, जहां आपको खाने के लिए कुछ मिल नहीं रहा। ऐसा होते ही शरीर अगली मील को पूरी तरह फैट के रूप में एकत्र कर लेता है। और फैट स्टोर करने के लिए सबसे पहली जगह है पेट।
इसलिए मील स्किप ना करें, बल्कि कम देरी पर थोड़ा-थोड़ा खाएं और हेल्दी खाएं।
2. आप सोडा बहुत पीती हैं
कोल्ड ड्रिंक और सोडा असल में मीठे जहर हैं। जर्नल फिटनेस के अनुसार एक गिलास कोल्ड ड्रिंक में 10 चम्मच के बराबर चीनी होती है और 150 खाली कैलोरी। इससे आपका पेट बिल्कुल नहीं भरता, लेकिन आपके शरीर में कैलोरी पहुंचती हैं। यह चिप्स जैसे स्नैक खाने से भी ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इसे पीने के बाद भी आपकी भूख नहीं मिटती तो आप खाते भी हैं। कोल्ड ड्रिंक और सोडा तो अपने आहार से बिल्कुल बाहर कर दें।
3. आपको काम करते वक्त ब्रेक लेने की आदत नहीं है
ऑफिस हो या वर्क फ्रॉम होम, अगर आप घण्टों बैठने की आदी हैं तो आपकी यह आदत आपके बेली फैट को बढ़ा रही है। जब आप कई घण्टें बैठी रहती हैं, तो आपका मेटाबॉलिक रेट धीमा पड़ जाता है।
इसके बजाय हर एक-दो घंटे पर पांच मिनट का ब्रेक लें। इस ब्रेक में स्ट्रेचिंग करें या कोई हल्की एक्सरसाइज करें। आप थोड़ा चल भी सकती हैं। आजकल तो घर पर ही हैं, तो आप अपने छोटे मोटे कामों को इन ब्रेक्स में ही निपटा सकती हैं। लम्बे अंतराल के लिए बैठने की आदत छोड़ दें।
4. आप इमोशनल ईटर हैं
फ्रंटियर ऑफ साइकोलॉजी में प्रकाशित स्टडी के अनुसार महिलाएं अधिकांश भावनाओं में बह कर खाती हैं और ऐसा करने पर वे 350 से 500 कैलोरी एक्स्ट्रा ले लेती हैं। यही नहीं, भावनात्मक ईटिंग में हम अधिकतर मीठे भोजन की ओर ही आकर्षित होते हैं, जो कैलोरी काउंट बढ़ा देता है।
5. आप बहुत जल्दी-जल्दी खाती हैं
क्या आप जानती हैं कि आपके पेट भरने और दिमाग को यह सिग्नल मिलने में 20 मिनट तक लग सकते हैं? दिमाग यह 10 से 20 मिनट बाद एहसास करता है कि पेट भर गया है। ऐसे में अगर आप तेजी से खाएंगी तो आप अपनी भूख से अधिक खा सकती हैं।
इसलिए एक्सपर्ट्स धीरे-धीरे और देर तक चबा कर खाने की सलाह देते हैं। जब आप देर तक चबाकर खाती हैं, तो दिमाग जल्दी यह सिग्नल कर देता है कि पेट भर गया है।
अगर आपको जल्दी खाने की आदत है, तो खाने से 20 से 30 मिनट पहले एक गिलास पानी पी लें। इससे पेट जल्दी भर जाएगा और आप एक्स्ट्रा कैलोरी नहीं लेंगी।

धर्म संसार / शौर्यपथ / शारदीय नवरात्र ऐसा अवसर है जब देवी दुर्गा सिंह को छोड़ किसी अन्य सवारी से पृथ्वी पर आती हैं। इसके लिए पंचांगों की गणना, देवीपुराण एवं दुर्गाशप्तसती के आधार पर सवारी का निर्धारण होता है। इस वर्ष आगमन और प्रस्थान दोनों को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं।
बंगीय पंचांगों के अनुसार देवी का आगमन दोला (झूला) पर होगा जबकि देवी पुराण के अनुसार देवी घोड़े पर आएंगी। घोड़े और झूला दोनों पर ही आगमन हाहाकारी माना गया है। पं. वेदमूर्ति शास्त्री के अनुसार शनिवार से नवरात्र की शुरुआत हो रही है इसलिए देवी का आगमन घोड़े पर और समापन सोमवार को होने से प्रस्थान हाथी पर माना जाएगा। देवीपुराण के अनुसार नवरात्र में देवी के आगमन एवं प्रस्थान को भविष्य में होने वाली घटनाओं के संकेत के रूप में देखा जाता है। घोड़े पर देवी के आगमन को 'छत्रभंग स्तुरंगमे' कहा गया है। घोड़े पर देवी का आगमन सर्व समाज के लिए अशुभ माना गया है। सत्ता पक्ष के लिए यह विशेष कष्टप्रद होता है।
पंचांग भेद के कारण देवी के प्रस्थान की सवारी में भेद सामने आ रहा है। कुछ के अनुसार देवी का प्रस्थान हाथी पर होगा तो कुछ भैंसे पर मान रहे हैं। इस दृष्टि से आगमन और प्रस्थान दोनों ही शुभदायक नहीं हैं।
देवीपुराण के अनुसार सवारी का निर्धारण
देवीपुराण के अनुसार नवरात्र की शुरुआत सोमवार-रविवार को हो तो देवी का आगमन हाथी पर होता है। शनिवार-मंगलवार होने से आगमन घोड़े पर होता है। गुरुवार-शुक्रवार को कलश स्थापन का अर्थ देवी का आगमन डोली पर है। बुधवार के दिन नाव पर आगमन माना गया है।

खेल / शौर्यपथ /इंडियन प्रीमियर लीग(आईपीएल) में दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ जोरदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके। इसकी बदौलत उनकी टीम ने आरसीबी पर एकतरफा अंदाज में 59 रनों की बड़ी जीत हासिल की। रबाडा ने अपने कोटे के चार ओवरों में 25 रन देकर 4 विकेट हासिल किए जिसमें विराट कोहली, वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे औऱ इसुरू उदाना का विकेट शामिल है। इस जोरदार प्रदर्शन के दम पर रबाडा के आईपीएल में अब 12 विकेट हो गए हैं और उन्होंने पर्पल कैप भी हासिल कर ली है। इस प्रदर्शन पर टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने उनकी जमकर तारीफ की है।
आकाश चोपड़ा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कगिसो रबाडा को इस आईपीएल सीजन का बेस्ट फास्ट बॉलर बताया। उन्होंने लिखा कि, 'उन्होंने सुपर ओवर में दो रन देकर दो खिलाड़ियों को आउट किया, शारजाह में एक ओवर करने आए और खतरनाक आंद्रे रसेल को पवेलियन भेजा, और अब यहां दुबई में अपने नए स्पैल के पहले ओवर में विराट कोहली का विकेट झटका। रबाडा तुम इस आईपीएल के बेस्ट फास्ट बॉलर हो।'
आपको बता दें कि कगिसो रबाडा से पहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल के पास पर्पल कैप थी। चहल ने अबतक 8 विकेट इस सीजन में लिए हैं वहीं तीसरे नंबर पर मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट हैं जिनके नाम 8 विकेट दर्ज हैं। इस मैच में कगिसो रबाडा को अन्य गेंदबाजों का भी अच्छा साथ मिला जिससे उन्हें बिना किसी दवाब के गेंदबाजी करने में आसानी हुई।

दिल्ली कैपिटल्स की ओर रबाडा के अलावा बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल (18 रन देकर दो विकेट), एनरिच नोर्ट्जे (22 रन पर दो विकेट) और रविचंद्रन अश्विन (26 रन पर एक विकेट) ने भी अच्छी गेंदबाजी की। दिल्ली कैपिटल्स के स्पिन गेंदबाज अक्षर पटेल को उनकी किफायती गेंदबाजी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' करार दिया गया। इस जीत के साथ ही दिल्ली कैपिटल्स प्वाइंट टेबल में नंबर वन टीम बन गई है। दूसरे नंबर पर मुंबई इंडियंस और इस हार के बाद भी नंबर 3 पर आरसीबी मौजूद है।

 

मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर विनोद खन्ना का आज 74वां जन्मदिन है। उन्होंने अपनी एक्टिंग से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। भले ही वह इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके काम को आज भी याद किया जाता है। विनोद खन्ना की निजी जिंदगी काफी चर्चा में रही। एक वक्त ऐसा था जब वह अपने बेहतरीन करियर और परिवार को छोड़कर आध्यात्म की तरफ मुड़ गए थे।
विनोद खन्ना साल 1975 में आध्यात्म गुरु ओशो के संपर्क में आ गए थे। जानकारी के मुताबिक, वह पुणे के ओशो आश्रम में कई सालों तक रहे थे। वह ओशो के साथ अमेरिका भी गए और उनकी सेवा में लगे रहते थे। वह ओशो के पर्सनल गार्डन के माली भी बने। इसके अलावा वह वाशरूम से लेकर बर्तन तक साफ करने का काम किया करते थे।
एक इंटरव्यू के दौरान अक्षय खन्ना ने पिता विनोद के सन्यास की तरफ रुख करने की कहानी सुनाई थी। उन्होंने कहा कि विनोद इस कदर ओशो से प्रभावित थे कि उन्होंने न केवल अपने परिवार को छोड़ दिया था बल्कि संन्यास भी ले लिया था। यह एक लाइफ चेंजिंग फैसला था। उस वक्त अक्षय 5 साल के थे और उनके लिए पिता के इस फैसले को समझ पाना बहुत मुश्किल था। हालांकि, अक्षय खन्ना अब मानते हैं कि अब वह पिता के उस फैसले को समझते हैं।
कुछ समय बाद विनोद खन्ना का मन ओशो के आश्रम से उचट गया। तब तक उनका परिवार बिखर चुका था। अमेरिका के ओशो आश्रम में रहते हुए ही उनका पत्नी गीतांजलि से अलगाव हुआ। 1985 में उन्होंने पत्नी से तलाक ले लिया। इसके बाद उन्होंने अपने से 16 साल छोटी कविता दफ्तरी से शादी कर ली। कविता, अमेरिका और यूरोप से पढ़ाई पूरी करने के बाद इंडस्ट्रियलिस्ट पिता सरयू दफ्तरी का बिजनेस संभाल रही थीं। बताया जाता है कि फिरोज खान ने विनोद खन्ना को फिल्मों में वापसी करने में मदद की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार कई फिल्मों काम किया।

मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने डायरेक्टर अनुराग कश्यप के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगानी वाली एक्ट्रेस, कमाल आर खान सहित अन्य के खिलाफ 1.1 करोड़ रुपये का मानहानि का केस किया है। इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के जज अनिल मेनन के सामने सुनवाई हुई। इस दौरान ऋचा ने जिनके खिलाफ मानहानि का केस किया है, उनकी तरफ से कोर्ट में कोई पेश नहीं हुआ। ऐसे में कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीफ 7 अक्टूबर तक के लिए टाल दी है।
दरअसल, मामला यह है कि एक्ट्रेस ने अनुराग कश्यप के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते वक्त कई एक्ट्रेस के नाम लिए थे। उन्होंने अनुराग पर आरोप लगाते हुए कहा था कि ऐसी कई एक्ट्रेसेस हैं, जो काम करने के लिए अनुराग के साथ कुछ भी करने के लिए तैयार हैं। इस दौरान एक्ट्रेस ने ऋचा चड्ढा का नाम भी लिया था। एक्ट्रेस के इसी बयान के खिलाफ ऋचा चड्ढा ने मानहानि का केस किया है।
ऋचा चड्ढा का कहना है कि एक्ट्रेस के दावे पूरी तरह झूठे हैं। उन्होंने इतने साल फिल्म इंडस्ट्री में कड़ी मेहनत करके जो नाम कमाया है उसे वह एक्ट्रेस खराब करना चाहती हैं। दूसरी तरफ अनुराग कश्यप आरोप लगाने वाली एक्ट्रेस ने कहा था कि उनका इरादा किसी को बदनाम करने का नहीं था जब उन्होंने अनुराग कश्यप पर यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए हुमा कुरैशी, माही गिल और ऋचा चड्ढा का नाम लिया था। एक्ट्रेस ने दावा किया था कि वह सिर्फ अनुराग का असली चेहरा दुनिया के सामने लाना चाहती थीं।
एक्ट्रेस ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि उन्होंने सिर्फ वहीं बातें बोली हैं जो अनुराग ने उनसे बातचीत के दौरान कही थी, चाहे वह अच्छी हो या बुरी। मैंने अच्छी बातें भी कही थी जैसे अनुराग ने मुझसे कहा था कि वह अमिताभ बच्चन के बहुत बड़े फैन हैं और अब वह उनसे काम के लिए बात करते हैं।

शौर्यपथ लेख । कोरोना एक दहशत का नाम है अभी इस दुनिया मे इसका कोई इलाज मौजूद नही है ऐसे में दूरी और सफाई ही एक मात्र इलाज रह गया । इतनी दहशत की टेस्ट कराने में भी लोगो को भय हो रहा ऐसी खतरनाक बीमारी की पॉजिटिव आने से भला किसी को खुशी हो सकती है क्या किसी बेटे के पॉजिटिव रिपोर्ट आने से माँ की जिंदगी के दुख भरे दिन खुशियों में बदल सकते है । किंतु कहते है ना कि जिंदगी के हर मोड़ पर सुख पर दुख पर कोई न कोई सीख मिलती ही है बस ग्रहण करने वाला चाहिए ऐसी ही एक घटना ने एक माँ के एकांत को दूर कर दिया । 10 दिन की जद्दोजहद के बाद सुरेश अपनी कोरोना नेगटिव की रिपोर्ट हाथ मे लेकर अस्पताल के रिसेप्शन पर खड़ा था। आसपास कुछ लोग तालियां बजा रहे थे,उसका अभिनंदन कर रहे थे। एक जंग जो जीत कर आया था वो। लेकिन सुरेश के चेहरे पर बेचैनी की गहरी छाया थी। गाड़ी से घर के रास्ते भर उसे याद आता रहा "आइसोलेशन" नामक खतरनाक दौर का संत्रास। न्यूनतम सुविधाओं वाला छोटा सा कमरा,अपर्याप्त उजाला,मनोरंजन के किसी साधन की अनुपलब्धता,ये सब था वहां। कोई बात नही करता था ना नजदीक आता था। खाना भी बस प्लेट में भरकर सरका दिया जाता था। कैसे गुजारे उसने 10 दिन वही जानता था। बस! मन मे कुछ ठोस विचार और उस का चेहरा संतोष से भर गया। घर पहुचते ही स्वागत में खड़े उत्साही पत्नी,बच्चों को छोड़ कर सुरेश सीधे घर के एक उपेक्षित से कोने के कमरे में गया,माँ के पावों में पड़कर रोया और उन्हें ले कर बाहर आया। पिता की मृत्यु के बाद पिछले 5 वर्ष से एकांतवास/आइसोलेशन भोग रही माँ से कहा की आज से तुम हम सब एक साथ एक जगह पर ही रहेंगे। माँ को लगा बेटे की नेगटिव रिपोर्ट उन की जिंदगी की पॉजिटिव रिपोर्ट हो गयी है।

दुर्ग । शौर्यपथ । आज मोदी आर्मी के सदस्यों ने दुर्ग शहर के पटेल चौक में प्रदेश मंत्री शिव डहरिया के पुतले को प्रतीकात्मक बना कर चुल्लू भर पानी दिया और विरोध में जमकर नारे बाजी की,ज्ञात हो कि हाल ही में बलरामपुर और उत्तरप्रदेश में बालिकाओं के साथ हुए अन्याय को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश के मंत्री शिव डहरिया ने अशोभनीय बयान दिया,उन्होंने इस घिनौने कुर्त्य की ही तुलना छोटी और बड़ी से कर दी,जिसका विरोध मोदी आर्मी के सदस्यों ने दुर्ग में जमकर किया,प्रदेश अध्यक्ष वरुण जोशी ने कहा प्रदेश में वरिष्ठ मंत्री कहलाने वाले डहरिया जी ने अपने बयान से देश भर की बेटियों का अपमान किया,उन्हें तत्काल माफी मांगनी चाहिए,किसी भी बेटी के साथ अत्याचार हो उसे कम या ज्यादा से नहीं आंका जा सकता,अन्याय कैसा भी हो अन्याय ही है,ऐसे में प्रदेश सरकार अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के बजाय इस शर्मनाक घटना की तुलना करने लगी है जो कि बेहद दुर्भाग्य जनक है, मोदी आर्मी प्रदेश के मुख्या भूपेश जी से निवेदन करती है आप सत्य में छत्तीसगढ़ी और आदिवासियों के हितेषी हैं तो ऐसे बड़बोले मंत्री को तत्काल बर्खास्त करें जिनके बयानों से बेटियां ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश और देश वासियों को शर्मशार होना पड़ रहा है,इस दौरान मोदी आर्मी के वरुण जोशी,मितेश पटेल,अनेंद्र ताम्रकार,यश कसार,शुभम यादव,संतोष रामटेके,इशू यादव,लालू,धीरज,विनय,गोपा, उमेश,दुर्गेश रामटेके,विधान मिश्रा,शुभम पटेल,शोरभ यादव आदि ने अपना विरोध दर्ज किया!

दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्यसेवा मुख्य परीक्षा 2019 की घोषित तिथि में परिवर्तन कर आगे बढ़ाने की घोषणा किया गया था छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित किया गया था जिसमें पूरे प्रदेश के अभ्यर्थियों के साथ हर जिले से भी अभ्यर्थी शामिल होंगे जिसे देखते हुए एनएसयुआई जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष सोनू साहू ने बताया कि पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में कोविड-19 कोरोना संक्रमण भयावह रूप में फैल रहा है ऐसी स्थिति में कोरोना संक्रमण परेशानियों का कारण बन सकता है अगर इन गंभीर परिस्थितियों में भी यह परीक्षा आयोजित होती है तो संभावित भीड़ के कारण कोरोना संक्रमण का खतरा और बढ़ जाएगा।
जिसे देखते हुए आज एनएसयुआई के प्रतिनधिमंडल ने प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्ग जिला कांग्रेस प्रभारी एवम् खनिज न्यास विकाश विभाग के अध्यक्ष गिरीश देवांगन को ज्ञापन सौंपा कर तिथि में परिवर्तन कर आगे बढ़ाने का के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को इस परेशानी से अवगत कराने के लिए संगठन प्रभारी गिरीश देवांगन जी से आग्रह किया आज दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा उत्तरप्रदेश में हाथरस में बच्ची के साथ हुए अनाचार के मामले को लेकर आयोजित एक दिवसीय मौन धरना प्रदर्शन में का कार्यक्रम रखा गया है जिसमें सामिल होने दुर्ग देवांगन जी दुर्ग आए हुए थे इस दौरान हितेश सिन्हा,जय सेन,हरीश देवांगन,विनिश साहू,अमोल जैन,विकाश साहू,अंकुश सोनी,गोल्डी कोसरे,दीपक मेश्राम, यश बाकलीवाल सहित अन्य लोग मौजूद थे

नई दिल्ली / शौर्यपथ / चीन के साथ सीमा पर तनाव के बीच वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने कहा कि हम किसी भी चुनौती के लिए तैयार हैं. भदौरिया ने सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पड़ोस में खतरे बढ़े हैं. हमने भी अपनी क्षमता बढ़ाई है. हमने आर्मी के जवानों को जल्द पहुंचाया है. राफेल के आने से हमारी ताकत बढ़ी है. तीन साल में राफेल और तेजस का पूरा बेड़ा काम करने लगेगा. कोविड के दौरान भी हमने एयरक्राफ्ट को ऑपरेशनल रखा.
चीन के LAC पर विवाद के बीच वायुसेना प्रमुख ने कहा कि हम किसी भी चुनौती के लिये तैयार हैं. टू फ्रंट वॉर के लिये भी और पारम्परिक युद्ध के लिये भी. चीन की तुलना में लद्दाख में नहीं, बल्कि दूसरे ऑपरेशनल एरिया में तैनाती की गई है ताकि किसी भी हालात से निपटा जा सके.
उन्होंने कहा कि वायुसेना में महिलाओं को जितने रोल में संभव है, सब में लाया गया है. अब आगे के बारे में सोचना होगा. हमें मई में पता चला चीन के मुवमेंट के बारे में. जैसे पता चला हमने तुरंत रियेक्ट किया. सेना ने किया, जो भी जरूरत थी तुरंत तैनात किया गया. पूर्वोत्तर में वायुसेना में हमारी मौजूदगी है. सुखोई है. रफाल आएगा. अगर कुछ होता है तो हम मजबूती के साथ रियेक्ट करेंगे. उन्होंने कहा कि अभी हम 83 तेजस पर फोकस कर रहे हैं. अभी और राफेल लेने के बारे में कोई फैसला नहीं हुआ है.
एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने कहा कि चीन की वायुसेना को हल्के में नहीं लें. वह खुद में मजबूत है. जे-20 पांचवी पीढ़ी का है. इंजन उतना अच्छा नहीं है. हम उसी के मुताबिक तैयारी करते हैं. उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं बातचीत से मामला सुलझेगा. उसी के मुताबिक करवाई करेंगे. तैनाती उसी के अनुसार की जाएगी.
उन्होंने कहा कि तनाव के दौरान ड्रोन का इस्तेमाल महवपूर्ण हो जाता है. हमला करने में खास है. अमेरिका की तैनाती उनके अपने हिसाब से है. हमारी जंग कोई और नहीं, हमे ख़ुद लड़नी होगी. लद्दाख में क्या हुआ इस बारे में बोल नहीं सकते. दोनों के जब एयर क्राफ्ट फ्लाई करते हैं तो राडार मॉनिटर करते हैं.

नई दिल्ली / शौर्यपथ/ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को हर साल ठंड का मौसम शुरू होने से पहले ही दिल्ली में बढ़ जाने वाले वायु प्रदूषण और धुंध की समस्या को लेकर एक डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने इस दौरान दिल्ली सरकार के नए कैंपेन 'युद्ध प्रदूषण के विरुद्ध' कैंपेन की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि 'इस साल प्रदूषण हमारे लिए जानलेवा हो सकता है क्योंकि कोरोना फैला हुआ है. हमने बहुत काम किया लेकिन हमें संतुष्ट नहीं होना है. इस कोरोना के साल में हमको अपने बच्चों के लिए प्रदूषण कम करना होगा. आज से हम प्रदूषण के खिलाफ युद्ध छेड़ रहे हैं. 'युद्ध प्रदूषण के विरुद्ध' नाम से कैंपेन शुरू कर रहे हैं.'
उन्होंने कहा, 'पिछले 5 सालों में दिल्ली में सबने मिलकर प्रदूषण बढ़ने नहीं दिया. हमारे यहां ट्रैफिक भी बढ़ा और इंडस्ट्रियल एक्टिविटी, इकोनामिक एक्टिविटी भी बढ़ी लेकिन दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के बजाय कम हुआ है. दिल्ली में 2014 से 2019 तक प्रदूषण में 25% की कमी आई है.' केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी पहले ही लॉन्च कर दी है जो 'देश ही नहीं दुनिया की सबसे बढ़िया पॉलिसी' है.
अपने कैंपेन को लेकर उन्होंने कहा कि उन्होंने आज ही सभी विभागों के साथ मीटिंग की है और सभी विभाग इस युद्ध में शामिल होंगे. इसमें तीनों नगर निगम, PWD, ट्रांसपोर्ट विभाग वगैरह सब शामिल हैं.
क्या कदम उठा रही है दिल्ली सरकार?
पराली जलाने से उठे धुएं की समस्या पर केजरीवाल ने कहा, 'हर साल पराली के समस्या से हम लोग जूझते हैं. इस साल पूसा इंस्टीट्यूट ने पराली का एक बहुत सस्ता और सरल उपाय ढूंढा है. उन्होंने एक घोल बनाया है, पराली के ऊपर उसको छिड़कने से उसका डंठल गल जाता है और वह खाद बन जाती है. दिल्ली में हम लोग खुद छिड़काव करवाएंगे और अगर इस साल यह सफल होता है तो आसपास के राज्यों से आने वाले समय में कहेंगे. कल घोल बनना शुरू होगा और मैं देखने जाऊंगा.'
उन्होंने कहा, 'आसपास के राज्यों से मेरी हाथ जोड़कर अपील है कि अगर हवा खराब होती है तो हवा यह नहीं देखती कि यह हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की हवा खराब है. हवा तो बहती रहती है. प्रदूषण इधर से उधर होता रहता है. किसान खुद पराली जलाकर परेशान हैं. आसपास के राज्य कोशिश करें कि पराली जलाने का सिलसिला बंद हो, इसका रास्ता निकालें जैसे हमने निकाला.'
वहीं उड़ती धूल से निपटने की कोशिश पर उन्होंने बताया कि 'मिट्टी के उड़ने से प्रदूषण होता है तो उसको रोकने के लिए एंटी डस्ट कैंपेन शुरू कर रहे हैं. कहीं पर भी डस्ट उड़ती देखेंगे तो उनका चालान किया जाएगा. मैकेनिकल स्वीपिंग कराई जाएगी. सड़कों में गड्ढे ठीक कराए जाएंगे. एन्टी स्मॉग गन बड़े स्तर पर जगह-जगह लगाई जा रही हैं.'
उन्होंने बताया कि 13 पॉइंट (हॉटस्पॉट) ऐसे हैं पूरी दिल्ली में जहां पर प्रदूषण ज्यादा है. उनकी पहचान की गई है. इनके लिए अलग-अलग कार्यक्रम बनाए गए हैं, ये देखते हुए कि वहां ज्यादा प्रदूषण क्यों है.
लॉन्च होगा Green Delhi App
दिल्ली सरकार इसके लिए एक ग्रीन दिल्ली नाम से एक ऐप भी बना रही है. अरविंद केजरीवाल ने कहा 'जहां पर भी आपको कोई प्रदूषण फैलाता हुआ नजर आए तो आप उसकी फोटो खींचकर उस ऐप पर डाल दीजिए और एक तय सीमा में उस पर कार्रवाई की जाएगी. रोजाना की शिकायतों की मेरे पास रिपोर्ट आएगी कि कितनों पर कार्रवाई हुई और कितनों पर नहीं हुई. इस पूरे काम के लिए एक वॉर रूम भी हम बना रहे हैं.'
उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार पौधारोपण के लिए नई नीति बना रही है. अभी तक नीति थी कि एक पेड़ काटने के बदले में 10 पौधे लगाए जाएंगे लेकिन अगले एक हफ्ते से 10 दिन के अंदर नई पॉलिसी लाई जाएगी, जिसके तहत अगर कोई एजेंसी पेड़ काटती है तो उसको 80 फ़ीसदी पेड़ दूसरी जगह लगाने पड़ेंगे जिससे कि पेड़ कम नहीं होंगे.
केजरीवाल ने बिजली प्लांट और इंटों के भट्टों पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'दिल्ली से 300 किलोमीटर के दायरे में बिजली बनाने के 11 प्लांट चल रहे हैं, इससे प्रदूषण हो रहा है क्योंकि कोयले से बिजली बन रही है. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि दिसंबर 2019 तक इन प्लांट से प्रदूषण बंद होना चाहिए. दिल्ली के आस पास पहुंचे ईटों के भट्टे चल रहे हैं उन पर भी लगाम लगाने की जरूरत है.'

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