
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
पटना / शौर्यपथ / बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले पूर्णिया जिले के बाल्मीकि समाज के एक नेता की हत्या का मामला गरमा गया है. मामले में मृतक के परिवार के लोगों ने पुलिस के समक्ष नामजद FIR दर्ज कराई है, जिसमें बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव पर हत्या का आरोप लगाया है. दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल ने हत्या की तीखे शब्दों में निंदा की है, साथ ही अपने प्रमुख नेता और उनके भाई पर लगे आरोपों को निराधार बताया है. इसके साथ ही पार्टी ने मामले की सीबीआई से जांच की माँग की है.बिहार के आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने कहा, 'पूर्णिया जिले के बाल्मीकि समाज के एक नेता की हत्या हुई है. RJD इस हत्या की घोर निंदा करता है. मृतक के परिजनों ने पुलिस के समक्ष FIR दर्ज कराई है जिसमें नेता प्रतिपक्ष तथा उनके बड़े भाई पर हत्या का आरोप लगाया गया है. हम इस आरोप को मजबूती के साथ नकारते हैं.'
आरजेडी नेता तिवारी ने कहा, 'विधानसभा का चुनाव सर पर है. ऐसे समय में नेता प्रतिपक्ष और उनके बड़े भाई को हत्या के मामले में नामजद अभियुक्त बनाने को हम एक गंभीर राजनीतिक साजिश के रूप में देख रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी की पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने इस मामले की जांच से कराने की मांग की है. संजय जी के इस बयान को हम मुख्यमंत्री जी की पार्टी का आधिकारिक बयान मान रहे हैं. हम जदयू की इस मांग का समर्थन करते हैं. हम भी मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि सरकार तत्काल इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपे. आरजेडी ने कहा कि साथ ही हम यह भी मांग करते हैं कि जब तक सीबीआई की जांच पूरी न हो जाए तब तक मुख्यमंत्री, अपने तथा अपने सहयोगी दलों के नेताओं को अनर्गल बयान देने पर रोक लगाएं. हम आशा करते हैं कि नीति और नैतिकता की बराबर दुहाई देने वाले मुख्यमंत्री जी हमारी बातों को गंभीरता से लेंगे.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता मनीष शुक्ला की हत्या के मामले में भाजपा ने सोमवार को प्रतिक्रिया जताई. बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में करके तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. पात्रा ने कहा कि बंगाल में पिछले दिनों लगातार बीजेपी के कार्यकर्ताओं की हत्या हो रही है. ममता बनर्जी से पूछना चाहता हूं कि क्या बंगाल में यही लोकतंत्र है. ममता जी आप मनीष शुक्ला के घर कब जाएंगी. बंगाल में विगत 2 महीनों में बहुत हत्याएं हुई हैं.
संबित पात्रा ने कहा कि बंगाल में भाजपा पार्षद मनीष शुक्ला की हत्या हैरान करने वाली घटना है. कुछ लोगों ने पुलिस स्टेशन के सामने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी. मनीष शुक्ला अर्जुन सिंह के निकट थे और वे पार्षद भी थे. मनीष शुक्ला पहले ही पुलिस की षड्यंत्र की बात कही थी. पुलिस की भूमिका की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि रविन्द्र नाथ टैगोर ने स्वदेश में कहा था आप मरते जाओ हम अपने अंदर शक्ति जीवित करेंगे.
बीजेपी नेता ने कहा कि जिस प्रकार की राजनीति हम आरजेडी में देख रहे हैं, उसका जवाब देना होगा. शक्ति कुमार मलिक को जिस तरह मारा गया, उसका जवाब देना होगा. उनकी पत्नी ने शिकायत की थी कि आरजेडी के नेता पैसा मांग रहे हैं. तेजस्वी यादव और तेजप्रताप का नाम उनकी पत्नी ने एफआईआर में दर्ज करवाया है.
उन्होंने कहा कि राजस्थान में बारां में रेप हुआ. छत्तीसगढ़ में रेप हुआ, पर वहां के मंत्री कह रहे हैं कि यह छोटा रेप है. हमारा सवाल यह है कि इन जगह नेता कब जायेंगे.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिवार से सोमवार को मुलाकात करने गए आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और विधायक राखी बिड़लान पर एक शख्स ने काली स्याही फेंक दी. यह घटना पीड़ित के गांव के बाहर हुई. जानकारी है कि आरोपी का नाम दीपक शर्मा है, जो एक हिंदूवादी संगठन से जुड़ा हुआ है.
घटना की जो फुटेज सामने आई हैं, उसमें देखा जा सकता है कि आप सांसद गांव के बाहर मीडिया से बातचीत कर रहे हैं, इसी दौरान काली शर्ट पहने एक शख्स आता है और सांसद पर काली स्याही फेंक देता है. आरोपी ने स्याही फेंकने के बाद नारे भी लगाए. बता दें कि संजय सिंह और राखी बिड़लान 5 लोगों के डेलिगेशन के साथ पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे.
कई दिनों तक हाथरस के पीड़िता के गांव को पुलिस की घेराबंदी में रखने और मीडिया पर रोक लगाने के बाद पुलिस ने शनिवार के बाद से यहां रास्ते खोले हैं. इसके बाद कई पार्टियों और संगठनों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है. सबसे पहले यहां पर कांग्रेस से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पहुंचे थे.
रविवार को यहां पर सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस , अखिल भारतीय किसान सभा , अखिल भारतीय कृषि मज़दूर संघ और अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ के प्रतिनिधिमंडल पहुंचे थे, जिन्होंने पीड़ित परिवार की न्याय के लिए लड़ाई में साथ खड़े होने की बात की.
हालांकि, इस केस में पुलिस कइयों पर कार्रवाई भी कर रही है. नोएडा पुलिस ने पिछले हफ्ते हाथरस जाने की कोशिश करने वाले प्रियंका और राहुल गांधी पर महामारी एक्ट में केस दर्ज किया था. लगभग 500 कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हाथरस जाने के लिए हंगामा करने का केस दर्ज किया गया है. इसके अलावा भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद समेत पार्टी के करीब 400 कार्यकर्ताओं पर हंगामा करने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के मामले में सोमवार को केस दर्ज किया गया है.बता दें कि चंद्रशेखर रविवार को कार्यकर्ताओं के साथ पीड़िता के गांव पहुंचे थे, पुलिस ने पहले तो उन्हें पीड़ित के परिजनों से मिलने नहीं दिया, लेकिन काफी हंगामे और लाठीचार्ज के बाद आजाद समेत दस समर्थकों को अनुमति दे दी.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / 'हेपेटाइटिस सी वायरस की खोज' के लिए इस साल का नोबेल पुरस्कार हार्वे जे. ऑल्टर, माइकल हॉफटन , चार्ल्स एम. राइस को दिया गया है. बताते चले कि फिजियोलॉजी या मेडिसिन में/ शरीरक्रिया विज्ञान या चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार जीवन विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट खोज करने वाले वैज्ञानिकों या विज्ञान संस्थाओं को वार्षिक रूप से दिया जाता है. साल 2019 में अमेरिका के विलियम जी. केलिन जूनियर और ब्रिटेन के सर पीटर जे. रेटक्लिफ और अमेरिका के ग्रेग एल सेमेन्जा को संयुक्त रूप से यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया था. गौरतलब है कि हेपेटाइटिस सी लोगों में सिरोसिस और यकृत कैंसर का कारण बनता है.
नोबेल फाउंडेशन द्वारा स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की याद में में शुरू किया गया यह शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार है. इस पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति-पत्र के साथ 10 लाख डालर की राशि प्रदान की जाती है. अल्फ्रेड नोबेल ने कुल 355 आविष्कार किए जिनमें. डायनामाइट का आविष्कार भी था.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / सुदर्शन टीवी के कार्यक्रम UPSC जिहाद के मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अंतर मंत्रालय कमेटी ने UPSC जिहाद कार्यक्रम के आगे के एपिसोड के प्रसारण पर सलाह देते हुए अपनी सिफारिशें दी हैं. सुदर्शन न्यूज टीवी को समिति की सिफारिशों को संबोधित करने का अवसर दिया जाना चाहिए. मामले में सुदर्शन न्यूज टीवी को एक और नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है. इसके साथ ही केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई को टालने का अनुरोध किया, इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई टाल दी. मामले में अब 26 अक्टूबर को सुनवाई होगी.
सुदर्शन टीवी कार्यक्रम पर 15 सितंबर को रोक लगा दी गई थी. पिछली सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट से मामले की सुनवाई टालने के आग्रह करते हुए बताया था कि सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने चैनल को प्रोग्राम कोड के उल्लंघन के लिए नोटिस भेजा गया है और 28 सितंबर को शाम 5 बजे तक जवाब देने के लिए कहा गया है. इस जवाब के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि सुदर्शन न्यूज ने इस शो में 'सरकारी नौकरियों में मुस्लिमों की घुसपैठ की साजिश' के बड़े एक्सपोज का दावा किया गया है. चैनल के प्रमुख सुरेश चव्हाणके ने UPSC के लिए "UPSC जिहाद" शब्द गढ़ा था. यूपीएससी शीर्ष स्तर के ब्यूरोक्रेसी जॉब्सके लिए प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है.
शौर्यपथ / कोविड-19 के कारण करीब छह महीने ठप रहे हिमाचल प्रदेश के पर्यटन कारोबार से लॉकडाऊन के बादल हटते ही कारोबारियों के चेहरे पर रौनक की धूप खिलने लगी है क्योंकि पर्यटकों का रेला लौटने लगा है। एक अरसे बाद आज शहर के रिज मैदान, मालरोड सहित ऊपरी शिमला के प्रमुख पर्यटक स्थलों पर सैलानियों की चहल-पहल दिखी। शहर में दिनभर जगह-जगह जाम भी लगता रहा पर संभवत: इसका बुरा किसीने नहीं माना।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सप्ताहंत का लुत्फ उठाने प्रदेश के मुख्य पर्यटक स्थलों पर हजारों की तादाद में बाहरी राज्यों से पर्यटक पहुंचे हैं।
पिछले 24 घंटों में राजधानी में 13400 गाड़ियां पहुंची हैं। एक होटल संचालक ने बताया कि शिमला के होटलों की ऑक्यूपेंसी 8० से 9० फीसदी तक चल रही है। उन्होंने बताया कि अनलॉक प्रक्रिया के तहत सीमा खोेले एक पखवाड़ा ही हुआ है और पर्यटकों की बुकिंग आनी शुरू हो गई है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस बार सर्दियों के दौरान पिछले साल से ज्यादा पर्यटक आने की उम्मीद है।
होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अश्वनी सूद ने कहा कि जो लोग छह महीनों से घरों में कैद थे। अब वह पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। इससे होटल कारोबार में सुधार आना शुरू हो गया है। इस सप्ताहंत पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ का कारण शिमला का खुशनुमा मौसम भी है। इन दिनों शिमला में अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के करीब चल रहा है।
सेहत / शौर्यपथ / कई लोगों की आदत होती है कि वो खाने के साथ कई चीजें भी अपनी थाली में शामिल कर लेते हैं लेकिन ऐसा करने से पहले आपको जान लेना चाहिए कि आयुर्वेद के अनुसार किन चीजों को साथ खाने की मनाही की गई है। आइए, जानते हैं किन चीजों को एक साथ नहीं खाना चाहिए-
दूध के साथ ये चीजें खाना हानिकारक
उड़द की दाल, पनीर, अंडा, मीट
उड़द की दाल खाने के बाद दूध नहीं पीना चाहिए। हरी सब्जिियां और मूली खाने के बाद भी दूध नहीं पीना चाहिए। अंडा, मीट, और पनीर खाने के बाद दूध पीने से बचना चाहिए। इनको एक साथ खाने से डाइजेशन में दिक्कअत आ सकती है।
दही के साथ न खाएं ये चीजें
खट्टे फल
दही के साथ खासतौर पर खट्टे फल नहीं खाने खहिए। दरअसल, दही और फलों में अलग-अलग एंजाइम होते हैं। इस कारण वे पच नहीं पाते, इसलिए दोनों को साथ लेने की सलाह नहीं दी जाती।
मछली
दही की तासीर ठंडी है। उसे किसी भी गर्म चीज के साथ नहीं लेना चाहिए। मछली की तासीर काफी गर्म होती है, इसलिए उसे दही के साथ नहीं खाना चाहिए।
शहद के साथ क्या न खाएं
शहद को कभी गर्म करके नहीं खाना चाहिए। चढ़ते हुए बुखार में भी शहद का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे शरीर में पित्त बढ़ता है। शहद और मक्ख न एक साथ नहीं खाना चाहिए। घी और शहद कभी साथ में नहीं खाना चाहिए। यहां तक कि पानी में मिलाकर भी शहद और घी का सेवन नुकसानदेह हो सकता है।
इन चीजों को भी एक साथ खाने से करें परहेज
- ठंडे पानी के साथ घी, तेल, खरबूज, अमरूद, खीरा, जामुन और मूंगफली नहीं खानी चाहिए।
- खीर के साथ सत्तू, शराब, खटाई और कठहल नहीं खाना चाहिए।
- चावल के साथ सिरका नहीं खाना चाहिए।
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ /‘वर्क फ्रॉम होम’ ने घर और दफ्तर के बीच की दीवार को धुंधला कर दिया है। कभी कुकर की सीटी तो कभी टीवी का शोरगुल, कभी फल-सब्जी वाले की आवाज तो कभी बच्चों की उछल-कूद, घर में बैठकर ऑफिस का काम निपटाना कतई आसान नहीं। ऐसे में मशहूर अमेरिकी आर्किटेक्ट फर्म ‘लॉरेल एंड वोल्फ’ के विशेषज्ञों ने कुछ ऐसे उपाय सुझाए हैं, जो ‘वर्क फ्रॉम होम’ में होने वाली मुश्किलों को दूर करने के साथ ही उत्पादकता बढ़ाने में भी कारगर साबित हो सकते हैं।
घर का पसंदीदा कोना चुनें:
घर में ऑफिस का सेटअप स्थापित करते समय यह मत भूलिए कि आपको वहां कम से कम आठ घंटे तो गुजारने ही हैं। ऑफिस टेबल को घर के किसी खाली कोने के बजाय खिड़की के पास लगाने की कोशिश करें, ताकि हर 15 से 20 मिनट पर स्क्रीन से ब्रेक लेकर हरियाली का दीदार कर सकें। अगर ऑफिस टेबल को खिड़की के पास स्थापित करने का विकल्प नहीं मौजूद है तो सामने की दीवार पर रंग-बिरंगी पेंटिंग लगाएं, जिससे न सिर्फ आपको ‘फील गुड’ हो, बल्कि ताजगी का एहसास भी बना रहे।
रोशनी का खास ख्याल रखें:
‘वर्क फ्रॉम होम’ में घंटों कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन से चिपके रहने से आंखों की रोशनी प्रभावित होना लाजिमी है। ऐसे में घर में पर्याप्त मात्रा में धूप न आती हो तो उसकी भरपाई कृत्रिम लाइट से करें। कमरे की छत पर बल्ब लगाने के साथ ही डेस्क पर लैंप की व्यवस्था करें, ताकि स्क्रीन पर नजर टिकाए रहने के दौरान आंखों पर ज्यादा जोर न पड़े। ऑफिस सेटअप में एलईडी या व्हाइट लाइट का ही इस्तेमाल सुनिश्चित करें, क्योंकि ये आंखों को सुकून पहुंचाती हैं।
नीली, पीली दीवारें फायदेमंद:
‘लॉरेल एंड वोल्फ’ के मुताबिक पीला-नारंगी रंग जहां ‘फील गुड’ हार्मोन का स्त्राव बढ़ाता है, वहीं नीला-हरा रंग स्ट्रेस हार्मोन ‘कॉर्टिसोल’ के उत्पादन में कमी लाता है। इसलिए ऑफिस सेटअप में दीवारों को इन रंगों में रंगवाना खासा फायदेमंद साबित हो सकता है। यही नहीं, ऑफिस जैसी ऊर्जा महसूस करने के लिए सामने की दीवार पर एक व्हाइट बोर्ड भी जरूर लगाएं। उस पर रोजाना के लिए निर्धारित काम के साथ ही प्रमुख फोन नंबर और मन में आने वाले विचार लिखते रहें।
फर्नीचर आरामदायक होना जरूरी:
-अगर आप सोचते हैं कि ‘वर्क फ्रॉम होम’ बस चंद दिनों की बात है। ऐसे में टेबल या कुर्सी पर पैसे खर्च करने की क्या जरूरत है तो आप गलत हैं। जरूरत से ज्यादा ऊंची या नीची टेबल-कुर्सी पर बैठकर काम करने से आपको न सिर्फ पीठ, कमर, कंधे और गर्दन में दर्द की शिकायत सता सकती है, बल्कि चक्कर व सर्वाइकल स्पॉन्डलाइटिस की समस्या भी पनप सकती है। ‘वर्क फ्रॉम होम’ में बिस्तर पर लेटकर या बैठकर काम करने से भी बचें। इससे रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
डेस्क पर छोटे-छोटे पौधे लगाएं:
-पेड़-पौधे न सिर्फ आंखों को सुकून पहुंचाते हैं, बल्कि तनाव का एहसास घटाने और उत्पादकता बढ़ाने में भी खासे असरदार पाए गए हैं। इसलिए ऑफिस डेस्क के आसपास बोनसाई या कैक्टस का पौधा लगाएं, जिनका रखरखाव बेहद आसान है। टेबल और फर्श पर सफेद या क्रीम चादर व रग बिछाएं, ताकि मन हमेशा शांत व तरोताजा बना रहे। पेन स्टैंड या फाइल बॉक्स खरीदने की जरूरत नहीं। घर में मौजूद पुराने डिब्बों या गत्ते को सजाकर पेन-फाइलें रखने के लिए इस्तेमाल करें। यह भी सुनिश्चित करें कि ऑफिस जोन टीवी से दूर हो।
काम के बोझ तले दबे कर्मचारी:
-59% कर्मचारियों ने ‘वर्क फ्रॉम होम’ में ऑफिस से कहीं ज्यादा काम करने की बात कही
-91% ने अतिरिक्त काम के बदले कोई भत्ता या छुट्टी न दिए जाने पर नाखुशी जाहिर की
-87% का मानना है कि नियोक्ताओं को ‘वर्क फ्रॉम होम’ के लिए पारदर्शी नीति बनानी चाहिए
शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य पर असर:
-56% में पीठ-कमर-कंधे में दर्द, 52% में अनिद्रा और 38% में सिरदर्द की समस्या पनपी
-54% घर में रहते हुए भी बीवी-बच्चों, अभिभावकों के साथ अच्छे पल बिताने को तरसे
-33% को लॉकडाउन के शुरुआती महीनों में छुट्टी न मिलने से बेचैनी की शिकायत हुई
मनोरंजंन /शौर्यपथ / अमेजन प्राइम की पॉपुलर वेबसीरीज 'मिर्जापुर-2' के ट्रेलर का इंतजार खत्म होने वाला है। एक्टर पंकज त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर ऐलान किया है कि मिर्जापुर-2 का ट्रेलर 6 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे रिलीज किया जाएगा। पंकज ने मिर्जापुर का नया पोस्टर जारी करते हुए कैप्शन लिखा- 'नोट कर लें कल 1 बजे ट्रेलर का प्रबंध कर रहे हैं।'
वेबसीरीज के नए पोस्टर में कालीन भइया यानी पंकज त्रिपाठी और मुन्ना भैया यानी दिव्येंदु शर्मा को दिखाया गया है। जबकि कालीन भइया के चश्में में गुड्डू भइया यानी अली फजल बंदूक ताने दिख रहे हैं।
ट्रेलर को लेकर फैन्स उत्साहित
ट्रेलर के रिलीज डेट का ऐलान होने पर फैन्स बेहद उत्साहित हैं। एक्टर पंकज त्रिपाठी की पोस्ट पर फैन्स अपनी प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- चलो आखिरकार ट्रेलर के इंतजार की घड़ी खत्म हुई। वहीं एक अन्य फैन ने लिखा- पूरी सीरीज का प्रबंध कीजिए कालीन भइया। एक यूजर ने लिखा- भइया रिलीज का इंतजार है।
हाल ही में 'मिर्जापुर-2' का टीजर हुआ था। जिसमें गुड्डू कहते हैं, 'हमारा उद्देश्य एक ही है। जान से मारेंगे, क्योंकि खुलकर मारेंगे, तभी जी पाएंगे। 'मिर्जापुर' के दूसरे सीजन का दर्शकों को काफी लंबे समय से इंतजार है। आपको बता दें कि 'मिर्जापुर 2' वेबसीरीज 23 अक्टूबर को रिलीज होगी। आपको बता दें कि अली फजल, पंकज त्रिपाठी स्टारर इस गैंगस्टर ड्रामा के पहले सीजन 'मिर्जापुर' को 2018 के नवंबर में रिलीज किया गया था। पहले सीजन को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था।
धर्म संसार / शौर्यपथ / हमने अक्सर मंदिरों में आटे के दीये जलते हुए देखे हैं, लेकिन हम नहीं जानते कि ऐसा क्यों किया जाता है? आइए जानते हैं शास्त्रसम्मत कुछ बातें...
1. वास्तव में आटे के दीपक का प्रयोग किसी बहुत बड़ी कामना की पूर्ति के लिए किया जाता है।
2. अक्सर मन्नत के दिए आटे के बने होते हैं।
3. अन्य दीपक की तुलना में आटे के दीप को शुभ और पवित्र माना गया है। मां अन्नपूर्णा का आशीष इस दीप को स्वत: ही मिल जाता है।
4. मां दुर्गा, भगवान हनुमान, श्री गणेश, भोलेनाथ शंकर, भगवान विष्णु, भगवान विष्णु के अवतार श्रीराम और श्री कृष्ण सभी के मंदिरों में आटे का दीप कामना पूर्ति के लिए जलाया जाता है।
5. मुख्य रूप से तांत्रिक क्रियाओं में आटे का दीप जलाते हैं।
6. कर्ज से मुक्ति, शीघ्र विवाह, नौकरी, बीमारी, संतान प्राप्ति, खुद का घर, गृह कलह, पति-पत्नी में विवाद, जमीन जायदाद, कोर्ट कचहरी में विजय, झूठे मुकदमे तथा घोर आर्थिक संकट के निवारण हेतु आटे के दीप संकल्प के अनुसार जलाए जाते हैं।
7. ये दीप घटती और बढ़ती संख्या में लगाए जाते हैं। एक दीप से शुरुआत कर उसे 11 तक ले जाया जाता है। जैसे संकल्प के पहले दिन 1 फिर 2, 3, ,4 , 5 और 11 तक दीप जलाने के बाद 10, 9, 8, 7 ऐसे फिर घटते क्रम में दीप लगाए जाते हैं।
8. आटे में हल्दी मिला कर गुंथा जाता है और हाथों से उसे दीप का आकार दिया जाता है। फिर उसमें घी या तेल डाल कर बत्ती सुलगाई जाती है।
9. मन्नत पूरी होने के बाद एक साथ आटे के सारे संकल्पित दीये मंदिर में जाकर लगाए जाते हैं।
10. अगर दीप की संख्या पूरी होने से पहले ही कामना पूरी हो जाए तो क्रम को खंडित न करें। संकल्प में माने गए दीप पूरे जलाएं। किसी भी अच्छे दिन, अच्छे वार के शुभ मुहूर्त और चौघड़िया में दीप जलाने का प्रण लिया जा सकता है। हर दीप के साथ कामना अवश्य बोलें।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
