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June 03, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

बलरामपुर । शौर्यपथ । बलरामपुर जिले में भी हाथरस जैसी गैंगरेप की घटना सामने आई है. यहां एक 22 वर्षीय छात्रा को अगवा कर गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया है. घटना उस वक्त हुई जब छात्रा एक कॉलेज में एडमिशन के लिए गयी हुई थी. घटना के बाद सड़क पर लावारिस हालात में दरिंदे उसे छोड़कर फरार हो गए. एक रिक्शे वाले ने उसे घर तक पहुंचाया जिसके कुछ घण्टे बाद ही उसकी मौत हो गयी. आरोप है कि जिले की पुलिस ने इस पूरी घटना को भरसक दबाने का प्रयास किया लेकिन परिजनों के सामने आने के बाद मामले का खुलासा हो गया. मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे छात्रा अपने घर से एक कॉलेज में एडमिशन के लिए गई थी. पीड़िता की मां के मुताबिक, तभी कुछ लड़कों ने उसका अपहरण कर लिया और उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया. शाम तक न लौटने पर परिजनों ने उसे फोन करना शुरू किया तो उसका फोन बंद आ रहा था. लड़की को एक रिक्शा वाला एक नाबालिग बच्चे के साथ बेहोशी की हालत में तकरीबन 7:00 बजे लेकर आता है. लड़की की हालत बेहद खराब थी और वो कुछ भी नहीं बोल पा रही थी. उसके हाथ पर ग्लूकोज चढ़ाने वाला वीगो लगा हुआ था. परिजन उसे लेकर स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए लेकिन गम्भीर हालात देखते हुए उसने लखनऊ ले जाने को कहा. परिजनों के मुताबिक जिले के तुलसीपुर हॉस्पिटल पहुंचने से पहले रास्ते में उसकी मौत हो गयी. आरोप है कि इस मामले को कोतवाली गैंसड़ी पुलिस और जिले के आलाधिकारियों ने दबाने का खूब प्रयास किया लेकिन परिजनों के सामने आने का बाद मामले का खुलासा हो गया. फिलहाल अब परिजनों की तहरीर पर 2 अभियुक्तों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. मृतका की मां का आरोप है कि उसकी लड़की एक डिग्री कॉलेज में एडमिशन कराने गई थी. तभी उसका अपहरण कर उसे इंजेक्शन लगा कर बेहोश किया गया. फिर गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया है. मृतका की मां का यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया उन्होंने न केवल उसका कमर तोड़ दिया बल्कि उसकी टांग भी तोड़ दी. इससे लड़की न तो खड़ी हो पा रही थी न ही बोल पा रही थी. उसकी जुबान से एक शब्द भी नहीं निकल रहा था. उसने बस इतना कहा कि उसके पेट मे तेज जलन हो रही है और वह मर जाएगी.

दुर्ग शौर्यपथ । SBI ने RBI औऱ मोदी सरकार के साथ मिलकर बड़े आयोजन के साथ लूट शुरू कर दी है।अगर आपके बचत खाते मे वर्ष मे 40 ट्रांजेक्शन (जमा/निकासी) से अधिक है तो 41 वे ट्रांजेक्शन से हर बार ₹ 57.50 आप की जमा राशी से काट लिया जायेगा।ये ट्रांजेक्शन चेक से हो,स्थायी सूचना से हो या कार्ड से बस 40 हो गए तो लूट चालू।अब सेलेरी के 12 और महीने मे दो बार भी उठाया 36 तो हो गए, अब किसी को चैक से 12 पेमेंट भी किये तो आपके खाते से ₹ 460 तो गए ही समझो।अगर आपके बच्चे बाहर पढाई कर रहे हैं, माँ बाप को हर महीने भेजना है, इनवेस्टमेन्ट करना है,डोनेशन देना है, किसी की मदद करनी है, तो इन लुटेरों का हिस्सा भी देना होगा। वाह रे मोदी सरकार!!! पहले सर्विस टैक्स से लूटा अब बैन्क के माध्यम से पगार की आय वालों को लूटेंगे। इससे तो जनता को ये संदेश जा रहा है कि रोकड बैन्क में जमा ना करें अपना व्यवहार खुद ही निपटा लें। SBI की ये लूट सरकार को भी ले डूबेगी। माल्या जैसे भगौडे के लोन मे डूबी रकम हम लोगों से भरपाई करने की योजना -- इस देश की जनताको क्या समझ के रखा है? ATM से 4 बार से अधिक पैसा निकलने पर 150 रु टैक्स और 23 रुपये सर्विस चार्ज मिलाकर कुल 173 कटेंगे .. जो नोटबन्दी के समर्थन में लम्बी लम्बी हाँक रहे थे उन बेवकूफों को एक और तोहफा।जनता के गले पर एक बार में छुरा क्यों नहीं फेर देते?? कमाओ तो टैक्स , बचाओ तो टैक्स और तो और, बैंक में जमा कराओ तो टैक्स, फिर वापस निकालो तो टैक्स

भिलाई। शौर्यपथ । नवीन कॉलेज खुर्सीपार में पढ़ने वाले छात्रों और यहां के स्टाफ को भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव जल्द ही एक बड़ी सौगात देने वाले हैं। 4 करोड़ 27 लाख की लागत से कॉलेज का खुद का भवन बनाया जाएगा। जहां पर्याप्त क्लास रूम, प्राचार्य रूम, एसेंबली हॉल सहित अन्य सभी प्रकार की सुविधाएं बनाई जाएगी। करीब ढाई एकड़ जमीन में कॉलेज का खुद का नया भवन का निर्माण होगा। इससे कॉलेज स्टाफ में काफी हर्ष का माहौल है। गौरतलब है कि बीते करीब 4 साल से नवीन कॉलेज खुर्सीपार बीएसपी के स्कूल भवन में संचालित किया जा रहा है। लंबे समय से कॉलेज के खुद के भवन की मांग की जा रही है। लेकिन पहले जो नेता थे। उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया। लेकिन भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने खुर्सीपार क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के साथ ही खुर्सीपार के इस नवीन कालेज को बेहतर बनाने के प्रयास में लगातार जुटे रहे और शासन से ढाई एकड़ जमीन स्वीकृत कराई है। साथ ही अब शासन ने 4 करोड़ 27 लाख रुपए भी कॉलेज के भवन निर्माण के लिए स्वीकृति कर दी है। 2 अक्टूबर को सीएम करेंगे भूमिपूजन 2 अक्टूबर को सीएम भूपेश बघेल जी भिलाई निगम आएंगे। जहां करोड़ों के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन होगा। इस अवसर पर सीएम और मंत्रियों के हाथों से नवीन कॉलेज खुर्सीपार के नए भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा। इसके बाद जल्द ही टेंडर जारी कर भवन निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। दो फ्लोर का होगा कालेज भवन कॉलेज का नया भवन दो फ्लोर का होगा। पहल ग्राउंड फ्लोर में 8 क्लास रूम,1 प्रार्याय रूम, ऑफिस, स्टूडेंट्स सेशन 2 रूम, वाइस प्रिसिपल 1 रूम, स्टाफ रूम 1, स्टोर रूम 1, ग्राउंड और फस्ट फ्लोर दोनों में बालक, बालिका अलग-अलग शौचालय होगा। इसके साथ ही फस्ट फ्लोर में 8 क्लास रूम, बैयलेंस रूम, स्टोर रूम, दो रैम भी बनाएं जाएंगे। यह होगी सुविधा विधायक देवेंद्र यादव की पहल से बेहतर शिक्षा और शोध के लिए काॅलेज के स्टूडेंट्स के लिए कॉलेज में लैब, कम्प्यूटर रूम अलग होगा। फिजिक्स, कैमेस्ट्री का लैब नीचे होगा और फस्ट फ्लोर में लाइब्रेरी, जीओलॉजी लैब, बॉटनी लैब, जूलाजी लैब जैसे कई सुविधाएं होंगी।

शौर्यपथ लेख । कंगना एक ऐसा नाम जो भारतीय मीडिया की trp बनी हुई है अपना ईमान बेचकर कंगना को इंसाफ दिलाने का ढोंग रचने वाले महिलाओं के सम्मान की बात करने वाले गंदी राजनीति के सेनापतियों क्या कंगना के साथ कोई गलत हुआ जो ऐसे चीख चीख कर इंसाफ की दुहाई देने निकले या सिर्फ सत्ता के लिए ही सारी गन्दी राजनीति करने की सोंच ली है । जाहिलो अगर कंगना के साथ गलत हुआ है तुम्हारे हिसाब से तो क्या मनीषा के साथ गलत नही हुआ कंगना का तो हिसाब कोर्ट में हो जाएगा दो चार फिल्में करेगी तो बंगला एक बार फिर बन जायेगा किन्तु क्या मनीषा वापस आएगी क्या मा की सुनी गोद फिर भर जाएगी । कंगना की महाराष्ट्र सरकार से जंग शुरू हुई और y श्रेणी सुरक्षा मिल गयी वो भी तुरंत , कोर्ट में मामला पहुंच गया वो भी तुरंत , दलाल मीडिया की फौज पहुंच गई कंगना के आस पास वो भी तुरंत अपने आप को झांसी रानी कहने लगी जिसे घोड़े में बैठने तक की जानकारी नही अपने आप को नशा के विरुद्ध एक नायिका पेश करने लगी जो बीफ खाती है जो ड्रग्स लेती है यह बात उस कंगना ने ही स्वीकार आज वही अपने को एक लड़ाकू महिला घोषित कर रही । कंगना जो कर रही अपने लिए कर रही किन्तु कंगना को इंसाफ देने की बात करने वाले अब कहा है जब एक मासूम के साथ अत्याचार हुआ और जिंदगी और मौत के जंग में मौत की जीत हो गई अब क्यो बोल नही फुट रहे महिलाओं के सम्मान की बात करने वाले क्या उनकी नजर में मनीषा का कोई अस्तित्व नही क्या मनीषा देश की बिटिया नही । मनीषा के मामले में क्यो नही बोल फुट रहे उन लोगो के जो कंगना को इंसाफ दिलाने निकले थे यहाँ तक अपनी प्रोफाइल पर भी कंगना की फ़ोटो लगा रखी उस कंगना की जिसे यह भी याद नही कि एक साल पहले उसने किस पार्टी को वोट दिया था आज उनके लिए कंगना बड़ी हो गई और मनीषा का कोई अस्तित्व नही राह गया । शर्म आती है ऐसे देशभक्तों पर हिन्दू होने का अभिमान करने वाले तलुवे चाटने वालो पर जो 10 दिनों में एक बार भी मनीषा के लिए इंसाफ की दुहाई नही दे रहे । अरे भाई वो मनीषा एक मासूम बच्ची थी जिसे 4 दरिंदो ने मारा है एक झटके में नही टिल टिल पल पल तड़फा कर मारा है और वह रे हिंदुत्व की राग अलापने वाली सरकार एक हिन्दू लड़की को एक कुवारी हिन्दू लड़की की मृत देह को परिजनों की अनुमति के बिना रात में अंतिम संस्कार कर दिए और पूरी प्रशासन मौन है । योगी जी आप तो हिंदुत्व का झंडा उठाते हो क्यो हो गया ऐसा जघन्य कांड आपके राज में माना आपका कोई दोष नही मासूम के बलात्कार की घटना से और ना ही आपकी सरकार का कोई दोष किन्तु घटना के बाद जो कार्यवाही हुई क्या वो त्वरित कार्यवाही की श्रेणी में आता है घटना के बाद मृत शरीर का जो अपमान हुआ वो हिन्दू भावना को आघात नही पहुंचता । कुवारी कन्या को हम हिन्दू पूजते है देवी का रूप मानते है कहते है जिस बाप के सौ भाग्यो के पुण्य का नतीजा सौभाग्यवती कन्या का रूप में घर मे प्रवेश करता है आज उस बाप के दिल मे क्या गुजर रही होगी जिसकी मासूम निरपराध बेटी के अंतिम दर्शन और दाह संस्कार का भी अवसर नही मिला आपके राज में क्या ऐसा ही होता है राम राज्य अगर ऐसा राम राज्य है तो नही चाहिए मुझे राम राज्य जहां एक हीरोइन की अवैध इमारत टूटने पर उसे देशभक्त घोषित कर दलाल मीडिया उसके तलवे चाट रही हो और एक मासूम की मौत पर कन्या को देवी का रूप मानने वाले दिखावटी लोग एक शब्द भी नही बोल रहे । एक हथनी की क्रूरता से मौत हुई तो कुत्ते जैसे भौकने वाले सोशल मीडिया की गली में आ कर चिल्लाने लगे वही जब एक मासूम की क्रूरता से मौत हुई तो सारे मौन है क्या ऐसे लोगो को ही समाज दोगला कहता है । मैं एक साधारण सा इंसान हूँ एक बेटा और एक बेटी का बाप हूँ मै कुछ नही कर सकता किन्तु दिल से उस मासूम के पिता के साथ हूँ । मासूम मनीषा को इंसाफ मिले या ना मिले किन्तु उस मासूम के पिता को जिंदगी भर का दर्द पहले बलात्कारियों ने दिया और उसके बाद प्रशासन के उन अधिकारियों ने दिया जिन्होंने मासूम मनीषा का बिना विधान के आधी रात में अंतिम संस्कार किया । ( शरद पंसारी - संपादक शौर्यपथ दैनिक समाचार )

दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले के सबसे ज्यादा चर्चित और विवादित हाईटेक हॉस्पिटल नेहरु नगर में कल एक युवक की मौत के बाद जबर्दस्त हंगामा हुआ मामला इस कदर बड गया कि गुस्से में परिजनों ने अस्पताल परिसर में तोड़ फोड़ की वही परिजनों द्वारा इस तोडफ़ोड़ की घटना को सिरे से नकारने की बात कही गयी .
बता दे कि शहर का यह चर्चित अस्पताल जिसका वर्तमान नाम हाईटेक हॉस्पिटल है पहले इस हॉस्पिटल का नाम बीएसआर अपोलो हॉस्पिटल हुआ करता था किन्तु घटिया प्रबंधन के कारण लगातार नुक्सान में जा रहा यह हॉस्पिटल कज़ऱ् में डूबता गया और एक समय ऐसा भी आया कि स्टाफ के द्वारा भी आन्दोलन हुआ वेतन को लेकर मामला कैसे रफा दफा हुआ ये पूर्व की बाते है किन्तु उसके साथ एक महत्तवपूर्ण बात यह भी है कि पहले भी यह हॉस्पिटल हमेशा चर्चो का केंद्र बिंदु रहा और पूर्व में भी ऐसी कई घटना हुई जिसके कारण परिजनों को उग्र होना पडा और हर बार मामला नए रूप में आता रहा . कज़ऱ् से डूबे बीएसआर अपोलो हॉस्पिटल के संचालको ने इसे रायपुर के किसी व्यापारी को विक्रय कर दिया और एक बार फिर जनवरी के माह में बड़े धूमधाम तरीके से प्रदेश के गृह मंत्री के आथित्य में इस अस्पताल का उद्घाटन हुआ और नाम रखा गया हाईटेक हॉस्पिटल . जब से नए हाईटेक हॉस्पिटलका उदघाटन हुआ तब से अब तक कोरोना काल को भी सम्मलित कर ले तो सर नाम बदला है निति नहीं और वाक्य नहीं शायद ही कोई हफ्ता ऐसा जाता होगा जब यहाँ कोई ना कोई विवाद ना होता हो .
ऐसा नहीं है कि शहर में और निजी नर्सिंग होम नहीं है और वहा विवाद ना होता होगा किन्तु अन्य निजी नर्सिंग होम और हाईटेक हॉस्पिटल के विवाद की तुलना की जाए तो जमीन आसमान का अंतर देखने को मिलेगा . हर बार प्रबंधन ऐसा प्रदर्शित करती है कि वो बहुत ही कुशल तरीके से व्यवहार करते हुए मरीजो का इलाज करती है किन्तु मरीज या उनके परिजन ही हमेशा उग्र हो जाते है . क्या हर बार मरीजो के उपर लांछन लगा कर कार्य करने वाले इस हॉस्पिटल की कभी निष्पक्ष जांच होगी . जबकि इसी हॉस्पिटल को पिछले दिनों जिलाधीश के द्वारा एक हफ्ते के लिए कोरोना मरीज लेने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था और टेस्ट में मनमानी फीस के लिए भी ऐसे कई नर्सिंग होम की जांच कलेक्टर के निर्देश पर हुई .
आखिर ऐसी क्या बात है कि हाईटेक हॉस्पिटल ही शहर में चर्चा का विषय बना रहता है . कुछ दिनों पहले जब हाईटेक हॉस्पिटल के लाइसेंस के सम्बन्ध में जिला स्वास्थ्य अधिकारी से शौर्यपथ की टीम ने चर्चा की तो जानकारी प्राप्त हुई थी कि हॉस्पिटल को नोटिस जारी किया जा चुका है और जिलाधीश द्वारा जांच समिति गठित करने की बात हुई है किन्तु आज तक आगे क्या कार्यवाही हुई इसकी जानकारी नहीं दे रहे जिम्मेदार अधिकारी . जिला के नर्सिंग होम के प्रभारी डॉ खंडेलवाल से जब जारी प्रक्रिया की जानकारी मांगी गयी तो उनके कहे अनुसार कोरोना आपदा के कारण पर्याप्त समय नहीं मिल रहा कोरोना आपदा के बाद स्थिति सामान्य होने पर आगे की प्रक्रिया की जाएगी . अगर डॉ. खंडेलवाल की माने तो जब तक कोरोना आपदा से फुर्सत नहीं मिलेगी तब तक हाईटेक हॉस्पिटल संचालित होता रहेगा और मरीजो और प्रबंधन के बीच विवाद जारी रहेगा .


आपदा में अवसर तो नहीं तलाश रहे हाईटेक के प्रबंधक ...
वर्तमान में कोरोना आपदा से जंग के लिए जिला प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है और साथ ही साथ मरीजो से कोई ज्यादा भुगतान ना ले इस बारे में भी नजर लगाए हुए है एवं नोडल अधिकारी नियुक्त कर सतत निगरानी कर रहा है . शहर में कई निजी अस्पताल है जो कोरोना संक्रमित मरीजो का इलाज कर रहे है किन्तु कही से भी अप्रिय घटना या विवाद की स्थिति ना के बराबर सुनने को मिलती है किन्तु आखिर ऐसी क्या वजह है कि हाईटेक हॉस्पिटल में ही सारा विवाद होता है .
कल के विवाद में पैसे के लेनदेन की कोई बात नहीं थी क्योकि मृतक के अप्पा राव ( 34 वर्ष ) बीएसपी कर्मी था और सेक्टर 9 से रेफर केस था अत: भुगतान की जिम्मेदारी बीएसपी प्रबंधन की है ऐसे में ये भी नहीं कहा जा सकता कि ज्यादा बिल के लिए यह विवाद किया गया इस विवाद की मुख्य वजह मरीज के परिजनों को सही समय में सही जानकारी ना देकर अँधेरे में रखने की हुई जिसके कारण मृतक के परिजन अपना आपा खो दिए .


वही गौर करने वाली बात यह है कि प्रबंधक द्वारा अधूरी जानकारी का भी शंशय है प्रबंधको ने कुछ दिन पूर्व मरीज को आये हार्ट अटैक के बारे में जानकारी नहीं देने का आरोप लगा रहे है वही प्रबंधक अग्रवाल का कहना है कि पूरी जानकारी दी गयी यहाँ तक हॉस्पिटल के डॉ द्वारा शॉक ट्रीटमेंट की बात भी शौर्यपथ समाचार को बताया गया जबकि शोक ट्रीटमेंट के बारे में मृतक के भाई अनिभिज्ञ है तो क्या हाईटेक हॉस्पिटल के प्रबंधक कुछ छुपा रहे है क्या जिला प्रशासन मामले को संज्ञान में लेकर निष्पक्ष जांच करेगी . क्या शासन के तय मापदंडो को पूरा नहीं करने वाले और जिन पर जाँच समिति गठित होने वाली है ऐसे हॉस्पिटल पर पूर्ण कार्यवाही तक जिला प्रशासन इलाज के लिए रोक लगाएगी या गृह मंत्री के हांथो उद्घाटन का फायदा हॉस्पिटल प्रबंधन को मिलेगा ?

भोपाल / शौर्यपथ / मध्य प्रदेश में एक अटपटा मामला सामने आया है. राजधानी भोपाल में एक 24 वर्षीय युवती ने लूडो में पिता से हारने के बाद फैमिली कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. युवती का आरोप है कि पिता ने लूडो के खेल के दौरान उसे कई धोखा दिया. फैमिली कोर्ट की काउंसलर सरिता रजनी ने बताया कि आज कल के बच्चे हार का सामना नहीं कर पाते हैं, जिसकी वजह से इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी हार के दर्द को बर्दाश्त करने की ताकत पैदा करनी होगी.
लॉकडाउन के दौरान युवती अपने दो भाई बहनों और पिता के साथ लूडो खेला करती थी. लगातार हारने के कारण युवती के मन में पिता के खिलाफ नाराजगी बढ़ती चली गई. समय के साथ नाराजगी की भावना इतनी बढ़ गई कि परिवार को इस मामले क ो संभालने के लिए काउंसलिंग का सहारा लेना पड़ा. सरिता रंजन ने बताया कि एक 24 साल की युवती हमारे पास आई और उसने बताया कि जब भी वह भाई बहनों और पिता के साथ लूडो खेलती है तो उसके पिता उसकी गोटी काट दिया करते थे. ऐसा करने से उसे लगता था कि पिता ने उसके विश्वास को भी काट दि
युवती ने बताया कि उसने कभी सोचा नहीं था कि उसके पिता ही उसे हराएंगे. युवती ने इस भावना को कभी परिवार के साथ साझा नहीं किया. लड़की की मां नहीं है और वह तीन भाई बहनों में सबसे छोटी है. सरिता रजनी कहती हैं कि आज कल के बच्चों में हार करने की क्षमता नहीं है और अपने परिवार के सदस्यों से बड़ी उम्मीदें रखती हैं और जब यह उम्मीदें पूरी नहीं होती हैं तो तनाव का कारण बन जाती हैं.

नई दिल्ली / शौर्यपथ / कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नए कृषि कानून को लेकर सरकार पर हमला बोला है. साथ ही राज्यसभा में कृषि क्षेत्र से जुड़े विधेयक के पास होने के तरीके पर भी सवाल उठाया है. राहुल गांधी ने कृषि कानून का विरोध करते हुए कहा कि यह कानून हमारे किसानों के लिए मौत की सजा है. बता दें कि संसद की ओर से पारित कृषि विधेयक कानून का रूप भले ही ले चुके हैं, लेकिन इसको लेकर जारी विरोध अब भी नहीं थमा है. पंजाब समेत अन्य जगहों पर किसान नए कृषि कानून का विरोध कर रहे हैं.
राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा, "कृषि क़ानून हमारे किसानों के लिए मौत की सज़ा है. उनकी आवाज़ संसद के अंदर और बाहर कुचल दी गयी है. ये इस बात का प्रमाण है कि भारत में लोकतंत्र मर चुका है."
वहीं, भाषा की खबर के मुताबिक, भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कृषि संबंधी कानूनों के विरोध में सोमवार सुबह इंडिया गेट पर एक ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया. पुलिस के मुताबिक, खुद के पंजाब युवा कांग्रेस का सदस्य होने का दावा करने वाले पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस का कहना है कि करीब 15-20 लोग राजपथ, मान सिंह क्रॉसिंग पर एक ट्रैक्टर को ट्रक में लादकर पहुंचे. इसके बाद उन्होंने ट्रैक्टर को नीचे उतारकर उसमें आग लगा दी.
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राहुल राव ने कहा कि संगठन की पंजाब इकाई के कार्यकर्ताओं ने कृषि संबंधी कानूनों के विरोध में ट्रैक्टर को आग लगाई. युवा कांग्रेस ने ट्वीट किया, ''शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर आज पंजाब युवा कांग्रेस ने गूंगी-बहरी सरकार को जगाने के लिए इंडिया गेट पर किसानों के साथ ट्रैक्टर आग के हवाले किया और प्रदर्शन किया.
पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) ईश सिंघल ने बताया कि पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है और एक इनोवा कार को भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है. पुलिस के मुताबिक, जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है उनकी पहचान मनजोत सिंह (36), रमनदीप सिंह (28), राहुल (23), साहिब (28) और सुमित (28) के तौर पर हुई है। ये सभी पंजाब के निवासी हैं.
इस घटना को लेकर भाजपा की दिल्ली इकाई के मीडिया संपर्क प्रमुख नीलकांत बक्शी ने कहा कि 'अफवाह फैलाकर हिंसा भड़काने की इस खतरनाक साजिशÓ को लेकर वह प्राथमिकी दर्ज कराएंग

धर्म संसार /शौर्यपथ /ज्योतिष शास्त्र में वैदिक गणित के साथ-साथ फलादेश की कई विधाएं हैं। जैसे शकुन-अपशकुन विज्ञान, छींक और स्वर संचालन आदि। ऐसे ही कुछ संकेत हमारे जीवन में मिलते हैं जिनसे यह पता लगा सकते हैं कि हमारे साथ क्या होने जा रहा है। ज्योतिषाचार्य पं.शिवकुमार शर्मा से जानिए ऐसे संकेतों के बारे में जिनसे पता चल सकता है कि आने वाला समय अच्छा नहीं है।

-यदि कोई नई वस्तु घर में आते ही टूट जाए, खंडित हो जाए या खराब हो जाए तो समझो कि भाग्य साथ नहीं है।
-यदि रसोई में बार-बार दूध उफनकर नीचे चल जाए या तेल,घी आदि बिखर जाए तो मानना चाहिए कि अभी भाग्य साथ नहीं दे रहा।
-पूजा करते समय कुत्तों के भौंकने या तेज लड़ाई की आवाज आए तो यह भी अच्छा संकेत नहीं है।
- यदि घर में मकड़ियों के जाले लगे हों और मंदिर गंदा रहता हो तो यह शुभ संकेत नहीं है।
-पूजा करते समय दीपक में घी होने पर तथा तेज हवा न होने पर भी दीपक अचानक बुझ जाए तो यह अच्छा संकेत नहीं है।
-नया वस्त्र पहनते ही फट जाए या किसी कोने में उलझ जाए यह भी शुभ संकेत नहीं है।
-यदि घर से निकलते ही पैरों में ठोकर लग जाए,चप्पल टूट जाए, यह जूता फट जाए तो यह शुभ शकुन नहीं है।
-घर का मुख्य दरवाजा या छत हमेशा गंदी रहती हो या छत पर कबाड़ पड़ा हो इससे राहु अप्रसन्न होकर दुर्भाग्य लाते हैं।
-नवरात्रों के समय जौ बोए जाते हैं। यदि सारे जौ एकसाथ होकर सुनहरे रंग के निकले तो भाग्य साथ देता है। यदि ज्वारे पूरे ना निकले या चार-पांच दिन बाद निकले तो समझो भाग्य में अवरोध है।
-रुपयों को थूक लगाकर गिनना लक्ष्मी हानि के संकेत हैं।
-यदि चारपाई या बेड पर अचानक खटमल हो जाएं समझो कि दुर्भाग्य दस्तक देने जा रहा है।
-रात्रि के समय रसोई में जूठे बर्तन रखे हो,उनकी साफ-सफाई ना हो। सामान अस्त-व्यस्त हो तो वहां भी दुर्भाग्य को दस्तक देने में देर नहीं लगती।
-जिस घर में गंदगी रहती हो, किसी कोने में बदबू आती हो, प्लास्टर चटक गया हो या सीलन आ गई हो तो यह भी अच्छे संकेत नहीं होते हैं।

दुर्ग । शौर्यपथ । कृषि विधेयक को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के बयान पर कांग्रेस ने घेरते हुए कहा है कि आखिर वे किस मुंह से इसे किसान हितैषी बता रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने बयान जारी करते हुए कहा कि कृषि विधेयक किसानों को गर्त में ले जाने वाला विधेयक है। डॉ. रमन सिंह द्वारा इस विधेयक को किसान हितैषी बताना समझ से परे हैं। राजेंद्र ने कहा कि रमन सिंह को याद रखना चाहिए कि उनके कार्यकाल में छत्तीसगढ़ के किसान कर्ज में डूबे थे। प्रदेश के किसान लगातार आत्महत्या कर रहे थे। अपनी जायज मांगों को लेकर किसानों द्वारा किए गए आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया। 15 साल के शासनकाल में रमन सरकार को किसानों की आवाज नहीं सुनाई दी। किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में कोई भी प्रयास नहीं हुआ। राजेंद्र ने कहा कि पूर्ववर्ती डॉ रमन सिंह की सरकार ने किसानों से किया कोई भी वादा पूरा नहीं किया। किसानों को वायदे के अनुसार 21 सौ रुपए प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य नहीं दिया। वायदे के अनुसार 3 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस भी नहीं दिया गया। किसानों को नकली खाद और घटिया बीज की सप्लाई की गई। रतनजोत के बीज से डीजल बनाने की बात कह कर किसानों के साथ धोखा किया गया। धान घोटाला, नान घोटाला सहित कई घोटाले किए गए, जिसे प्रदेश की जनता भली भांति जानती है। राजेंद्र ने कहा कि कृषि विधेयक को लेकर किए जा रहे दावे और बयानबाजी बिल्कुल वैसे ही हैं, जैसे हर नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए, 2 करोड़ लोगों को हर साल रोजगार और महंगाई कम करने के वादे किए गए थे। सारे दावे गलत साबित हुए। इसी तरह धरातल में कृषि विधेयक का हाल भी वैसा ही होगा जैसा जीएसटी, नोटबंदी का हुआ। मोदी सरकार के इन फैसलों से आम जनता को सिर्फ नुकसान हुआ। भविष्य में कृषि विधेयक से भी किसानों और आम जनता को नुकसान ही होगा। राजेंद्र ने रमन सिंह से कहा है कि अगर वे वास्तव में किसानों का हित चाहते हैं, तो पूरे देश में किसानों को गेहूं और धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपए प्रति क्विंटल करने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्र सरकार से बात करें। सहकारी समिति के माध्यम से किसानों का अनाज को खरीदने की व्यवस्था हो और केंद्र सरकार किसानों का अनाज खरीदे। सरकार व्यवसाइयों से एग्रीमेंट करे। कार्पोरेट जगत और किसानों के बीच एग्रीमेंट न कराया जाए।

लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / सोशल मीडिया पर ‘घोस्ट चैलेंज’ तेजी से वायरल हो रहा है। बड़ी संख्या में किशोर भूत की वेशभूषा में रिकॉर्ड किए गए वीडियो ट्विटर, इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर साझा कर रहे हैं। हालांकि, दुनियाभर में अश्वेतों को समान अधिकार देने की मांग को लेकर जारी ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ आंदोलन के मद्देनजर आलोचकों ने ‘घोस्ट चैलेंज’ पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा है कि सफेद चादर में लिपटे किशोर ‘कू क्लक्स क्लान’ की याद दिलाते हैं। ‘कू क्लक्स क्लान’ एक श्वेत दक्षिणपंथी संगठन था, जिसके लड़ाके सफेद चोगे में घूमते थे। वे अश्वेतों की हत्या और उत्पीड़न के लिए कुख्यात थे। 1800 और 1900 के दशक में उनकी दहशत चरम पर थी। अमेरिका में हैलोवीन पार्टी में सफेद पोशाक पहनने का चलन भी ‘कू क्लक्स क्लान’ से समानता के चलते ही बंद हुआ था।
सफेद चादर की मदद से भूत का भेष धर रहे किशोर
-‘#घोस्टफोटोशूट’ के तहत जारी वीडियो में किशोर भूत का भेष धरने के लिए सफेद चादर का सहारा ले रहे हैं। वे आंखों को डरावना लुक देने के लिए या तो चादर में दो छेद कर रहे हैं या फिर उस पर काला चश्मा सनग्लास लगाकर मछली पकड़ने वाला जाल ओढ़ रहे हैं। मध्य सितंबर में शुरू हुए इस चैलेंज में प्रतिभागी जैक स्टॉबर का लोकप्रिय गाना ‘ओह-क्लाहोमा’ भी गुनगुनाते दिखते हैं।
संगठित नस्लभेद का प्रतीक माना जाता है सफेद चोगा
-वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र विभाग के प्रमुख डॉ. डेविड कनिंघम कहते हैं, सफेद चोगे ‘संगठित नस्लभेद’ का प्रतीक माने जाते हैं। इन्हें सभ्य समाज में हमेशा नकारा गया है। 2016 में फ्लोरिडा के एक हाईस्कूल ने फैंसी-ड्रेस प्रतियोगिता में भूत के भेष में पहुंचे तीन छात्रों को सिर्फ इसलिए निष्काषित कर दिया था क्योंकि उन्होंने सफेद चादर से बना चोगा पहन रखा था।
ट्विटर और टिकटॉक पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे यूजर
-अमेरिका पुलिस हिरासत में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड और ब्रेओना टेलर की मौत के बाद से नस्लभेद विरोधी आंदोलन की आंच में जल रहा है। ऐसे में आलोचकों का कहना है कि साल 2020 ‘घोस्ट चैलेंज’ के लिए उपयुक्त नहीं है। इसके तहत जारी वीडियो पहली नजर में भूत कम और ‘कू क्लक्स क्लान’ लड़ाकों की याद ज्यादा दिलाते हैं। ऐसे वीडियो पोस्ट करने वाले यूजर नस्लभेद विरोधियों के निशाने पर आ सकते हैं।
नोट-
-नस्ली/जातीय हिंसा के इतिहास पर व्यापक चर्चा होना बेहद जरूरी है। इसके अभाव में लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनका समाज पर बुरा असर पड़ता है। ‘घोस्ट चैलेंज’ ऐसी ही एक गलती है। : डॉ. डेविड कनिंघम, समाजशास्त्री, वाशिंगटन यूनिवर्सिटी
‘बेनाड्रिल चैलेंज’ से भी सतर्क रहें-
-अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्राधिकरण ने हाल ही में टिकटॉक को ‘बेनाड्रिल चैलेंज’ से जुड़े वीडियो हटाने का निर्देश दिया है। इस चैलेंज के तहत किशोर-किशोरी ‘मतिभ्रम’ यानी ‘हैलुसिनेशन’ के साइडइफेक्ट महसूस करने के लिए बेहद अधिक मात्रा में बेनाड्रिल का सेवन कर रहे हैं। अमेरिका के टेक्सास में ‘बेनाड्रिल चैलेंज’ में हिस्सा लेने वाले तीन छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। ओकलाहामा में इस चैलेंज में शामिल एक छात्रा की मौत की खबर भी सामने आई है।
सिंगल और कपल चैलेंज घातक-
-गुजरात पुलिस ने फेसबुक और इंस्टाग्राम यूजर को तेजी से वायरल हो रहे ‘कपल चैलेंज’, ‘सिंगल चैलेंज’ और ‘क्यूट डॉटर चैलेंज’ में शामिल न होने की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों के मुताबिक ‘#’ के चिह्न के तहत पोस्ट की जाने तस्वीरें सार्वजनिक मंच पर आ जाती हैं। साइबर अपराधी व्यक्ति के निजी और पारिवारिक जीवन से जुड़ी इन तस्वीरें से छेड़छाड़ कर उनका उत्पीड़न कर सकते हैं। अतीत में तस्वीरों में छेड़खानी के बाद ब्लैकमेलिंग के कई मामले सामने आ चुके हैं।

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