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June 02, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

   खाना खजाना /शौर्यपथ / सामग्री :
ब्रेड- 6 
बटर- आवश्यकतानुसार
बारीक कटा प्याज- 1 
उबले आलू- 2 
उबला राजमा- 1/2 कप
बारीक कटा अदरक-लहसुन- 2 चम्मच 
हल्दी पाउडर- 1 चम्मच
लाल मिर्च पाउडर- 1 चम्मच
गरम मसाला पाउडर- 1 चम्मच
चाट मसाला पाउडर- 1 चम्मच
नमक- स्वादानुसार
तेल- आवश्यकतानुसार

विधि :
पैन में एक चम्मच तेल गर्म करें और उसमें अदरक-लहसुन को कुछ सेकेंड तक भूनें। अब उस पैन में मैश किया आलू, उबला राजमा, नमक और अन्य सभी मसाले डालें। मध्यम आंच पर मिश्रण को अच्छी तरह से पकाएं और गैस बंद कर दें।  जब मिश्रण पूरी तरह से ठंडा हो जाए तो उसमें बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च डालकर मिलाएं।

ब्रेड स्लाइस के ऊपर यह राजमा वाला मिश्रण डालकर फैलाएं। ऊपर से दूसरा ब्रेड रखें। तीनों सैंडविच इसी तरह से तैयार कर लें। सैंडविच के ऊपर बटर लगाएं। नॉनस्टिक पैन में सैंडविच को दोनों ओर से सुनहरा होने तक सेंकें और सर्व करें।

 

सेहत / शौर्यपथ / बरसात के मौसम में मच्छरों का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। मच्छरों के काटने से नींद उड़ने से ज्यादा डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा रहता है। इन बीमारियों में बुखार से छुटकारा पाना आसान नहीं होता। इस दौरान मरीज के जोड़ों में दर्द और सिर में भी दर्द रहता है। साथ ही प्लेटलेट्स काफी कम हो जाते हैं। आपकी जानकारी के लिए घर में भी कुछ ऐसी असरदार चीजें मौजूद हैं, जो इस बीमारी से लड़ने में आपकी मदद कर सकती हैं।

-डेंगू के बुखार से राहत पाने के लिए नारियल पानी खूब पिएं। इसमें मौजूद जरूरी पोषक तत्व जैसे मिनरल्स और एलेक्‍ट्रोलाइट्स शरीर को मजबूत बनाने में मदद करता है।

-तुलसी के पत्तों को गर्म पानी में उबाल लें और फिर इस पानी को पिएं। ऐसा करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है। इसे दिन में चार बार पी सकते हैं।

-डेंगू बुखार में मेथी की पत्तियां उबालकर चाय बनाकर पिएं। ऐसा करने से शरीर के विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं और डेंगू का वायरस दूर होता है।

-पपीते के पत्ते भी काफी असरदार हैं। इसमें मौजूद पपेन शरीर के पाचन को सही रखता है। इसका जूस पीने से प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ते हैं।

-तुलसी के पत्तों के साथ काली मिर्च को पानी में उबाल लें और पिएं। इससे इम्यून सस्टिम मजबूत होता है और यह एंटी बैक्टीरियल की तरह काम करता है।

दुर्ग / शौर्यपथ / पुरे छत्तीसगढ़ में अगर कोई निगम लगातार घाटे में है तो वह है दुर्ग निगम लेकिन यह घाटा केवल शहर की जनता के लिए है . शहर में अगर किसी तरह के जनहित के कार्य की बात करे तो निगम प्रशासन के पास इतना मद नहीं रहता और मद आने का इंतज़ार करती है किन्तु जब यही कार्य निगम प्रशासन को अपने मनपसंद इंजिनियर या ठेकेदार से करवाना हो तो यही निगम कही से भी मद की व्यवस्था कर लेती है और जब इस पर किसी तरह की शिकायत की जाए तो शिकायत को दबाने में कार्यवाही में लेटलतीफी में और बातो को घुमाने में निगम के जिम्मेदार अधिकारी एक दक्ष राजनेता की तरह बात करने लग जाते है .
शौर्यपथ समाचार पत्र द्वारा ऐसे कई मामलो पर निगम आयुक्त को संज्ञान में लाया गया किन्तु निगम आयुक्त बर्मन द्वारा कार्यवाही के नाम पर सिर्फ दिन और महीने ही बताये जा रहे है चाहे वो व्ही.पी. मिश्रा की शिकायत पर जाँच कर रहे अधिकारी प्रभारी ईई गोस्वामी की कार्यप्रणाली हो या फिर अमृत मिशन के कार्य में हो रही मिलावट खोरी की जाँच की बात हो निगम आयुक्त द्वारा सिर्फ और सिर्फ समय ही दिया जा रहा है किन्तु कार्यवाही नहीं .
ऐसे ही एक मामले में निगम के सब इंजिनियर जो कि वर्तमान में अमृत मिशन के कार्य को कार्यालय में बैठ कर निरीक्षण कर रहे है जिनके कार्यो में लापरवाही पर शहर के विधायक भी नाराजगी जता चुके है किन्तु आयुक्त बर्मन द्वारा ना तो कार्य में सुधार की कोई पहल की गयी और ना ही कार्य की जाँच .
सब इंजिनियर भीम राव द्वारा फर्जी नाम से आयुक्त बंगले में कार्य करवाया गया जिसमे शौचालय के नाम पर संधारण मद से लाख रूपये के लगभग सिर्फ बाथरूम की साज सज्जा में ही खर्च कर दिया गया वो भी तब जब कि पूर्व में रह रहे आयुक्त सुन्दरानी भी उसी बंगले में निवास करते रहे तो क्या बाथरूम में सजावट के नाम पर निगम के लाख रूपये खर्च करने वाले जिम्मेदार अधिकारी की कार्यप्रणाली पर आयुक्त बर्मन मौन क्यों है , अमृत मिशन में हो रही मिलावट खोरी पर जाँच का आदेश देने वाले आयुक्त बर्मन आदेश का पालन नहीं करने वाले सब इंजिनियर पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे है जबकि यही आयुक्त बर्मन है जो निगम के अधिकारिक सोशल मिडिया ग्रुप पर सेवानिवृत्त के बाद हुए बिदाई समारोह पर भेदभाव लगाने वाले निगम कर्मचारी को नोटिस देने में देरी नहीं की जबकि 25 दिनों पहले सब इंजिनियर भीम राव को जाँच का आदेश देने के बाद भी आदेश का पालन नहीं करने पर मौन है जबकि निगम के एक सब इंजिनियर को विगत कई महीनो से बिना प्रभार के रखे हुए है और आरोप यह है की कार्य में लापरवाही बरती जाती है आखिर एक अधिकारी के लिए एक नियम और दुसरे के लिए दूसरा .
क्या दुर्ग निगम की इस प्रशासनिक अव्यवस्था पर जिला प्रशासन संज्ञान लेकर कोई ठोस कार्यवाही करेगा या फिर निगम प्रशासन की ये कार्यप्रणाली ऐसे ही गतिमान रहेगी ?

मनोवैज्ञानिक दे रहे मानसिक स्वास्थ्य में स्वैच्छिक सेवाएं ,विश्वविद्यालय के मनोवैज्ञानिक छात्र- छात्राऐं प्रदान कर रहे स्वैच्छिक सेवा

रायपुर / शौर्यपथ / मोबाइल की घंटी बजी। फोन रिसीव किया । उधर से आवाज आई। "सर मुझे बताइए मुझे कोरोना होगा कि नहीं मेरे परिवार के सदस्य की रिपोर्ट पॉजि़टिव आई है"। मनोवैज्ञानिक (क्लीनिकल साइकोलॉजी विशिष्टता) छात्र नरेंद्र कुमार वर्मा बताते हैं कि हर दो-चार दिन में इस तरह के फोन आते हैं और घबराई हुई आवाज में लोग ऐसी ही बातें पूछते हैं ।
कोरोनावायरस के संक्रमण ने लोगों के अंदर डर पैदा कर दिया है साथ ही भ्रामक जानकारियों से भी लोग गुमराह हो रहे हैं । लोग मानसिक रूप से परेशान होते हैं तो कॉल करते हैं इसलिए हमारा यह काम है कि लोगों के मन की शंकाओं को दूर कर उन्हें उचित परामर्श दिया जाए ।
मनोवैज्ञानिक छात्र देवेंद्र वर्मा कहते हैं कि कई बार ऐसे फोन आते हैं जिसमें पूछा जाता है कि मेरे पड़ोस में कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति मिला है, मैं अपने घर को रोज़ धोती हूं बार-बार हाथ धोती हूं साथ ही सैनिटाइजर का भी प्रयोग करती हूं, घर से बाहर निकलती हूं या दरवाजे पर कोई भी आता है उससे मिलती हूं तो आकर फिर से नहाती हूँ,दिनभर में ऐसा चार पांच बार करती हूं वैसे मुझे सर्दी खांसी बुखार या जुकाम जैसी कोई शिकायत नहीं है फिर भी बार-बार लगता है मुझे कोरोना हो जाएगा, मुझे कोरोना वायरस का संक्रमण तो नहीं होगा? कोरोना से बचने के लिए मैं और क्या करूं? इस तरह के प्रश्नों का हम फोन पर उचित परामर्श देते हैं । अगर लोगों के मन में कोई भी शंका उत्पन्न हो रही हो तो वह टोल फ्री नंबर 104 पर डायल कर मनोवैज्ञानिक सलाह ले सकते हैं । जिले में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर सकारात्मक मनोवैज्ञानिक परामर्श के लिए जिला मानसिक स्वास्थ्य विभाग ने पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के मनोवैज्ञानिक छात्रों की सेवाएं, स्वैच्छिक सेवा प्रदाता के रुप में लेने का निर्णय किया था। प्रोफेसर मनोविज्ञान अध्ययनशाला की डॉ.प्रियवंदा श्रीवास्तव ने बताया कि जिला मानसिक स्वास्थ्य विभाग रायपुर और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के मनोविज्ञान विभाग से अनुबंध किया गया ताकि जिले के समस्त विकासखंड में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति को बेहतर बनाया जा सके। साथ ही इसके लिए स्वैच्छिक सेवा प्रदान करने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और रायपुर मनोरोग स्पर्श क्लीनिक के चिकित्सा मनोवैज्ञानिक डीएस परिहार के सहयोग से मनोवैज्ञानिक छात्रों का भी सहयोग लिया गया था । इसमें आरंग, अभनपुर, धरसींवा, रायपुर और तिल्दा में स्वैच्छिक सेवा के तहत टेलीमेडिसिन के माध्यम से अपने क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य से ग्रसित नियमित रुप से लॉकडाउन और अनलॉक में परामर्श ले रहे है । ये छात्र क्वारंटाइन सेंटरों में भी काउंसलिंग की सेवाएं दे रहे हैं ।
डॉ.श्रीवास्तव ने कहा मनोवैज्ञानिक स्वैच्छिक सेवा प्रदाताओं ने अप्रैल से जुलाई तक 670 लोगों को टेलीमेडिसिन के माध्यम से परामर्श दिया है । वहीं अप्रैल में 168,मई में 184,जून में 252,और जुलाई में 66 लोगों को परामर्श दिया है । टेलीमेडिसिन के माध्यम से 108 लोगों ने डिप्रेशन से बचने के लिए परामर्श लिया है । वहीं 92 लोगों द्वारा नशा मुक्ति के लिए परामर्श लिया गया है । 309 लोगों ने कोविड-19 के तनाव को लेकर परामर्श लिया है । 161 ऐसे लोग थे जिन्होंने अन्य मानसिक स्वास्थ्य के लिए मनोवैज्ञानिकों से नियमित परामर्श लिया है ।
रायपुर मनोरोग स्पर्श क्लीनिक के चिकित्सा मनोवैज्ञानिक डीएस परिहार ने बताया मनोवैज्ञानिक द्वारा जिले में मानसिक स्वास्थ्य से पीडि़त लोगों को परामर्श दिया जा रहा है । पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय और जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वैच्छिक रूप से छात्र-छात्राओं द्वारा लॉकडाउन और अनलॉक के दौरान बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए लोगों को मनोरोग के विषय में परामर्श दे रहे है।
कहॉ कहॉ से मिल रही है सेवा!
आरंग में राहत केंद्र भानसोज ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरफ़ौद, रीवा, चंदखुरी, कुरुदकुटेला के स्वास्थ्य केंद्रों से सम्पर्क कर मनोवैज्ञानिक परामर्श मानसिक स्वास्थ्य से पीडित लोग ले सकते है ।
अभनपुर में उपरवारा, अभनपुर, गोबरा नवापारा,तोरला, खोरपा, गुढियारी,खिलोरा के स्वास्थ्य केंद्र से लोग मनोवैज्ञानिक परामर्श ले सकते है ।धरसींवा में सिलयारी,मांढर और दोंदेकलॉ बिरगॉव के स्वास्थ्य केंद्र से सम्पर्क कर लोग मनोवैज्ञानिक परामर्श प्राप्त कर सकते है । तिल्दा में खरोरा, बंगोली, खैरखुट के स्वास्थ्य केंद्र से मनोवैज्ञानिक परामर्श ले सकते है । रायपुर में हिरापुर कबीरनगर और भाटागॉव, डीडी नगर के स्वास्थ्य केंद्र से सम्पर्क कर लोग मनोवैज्ञानिक परामर्श ले सकते है ।

लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / किसी भी व्यक्ति में आत्मविश्वास से अधिक जरूरी है उसके अंदर स्पष्टता का होना। यदि आप किसी भीड़ को पार कर कहीं पहुंचना चाहते हैं, आपकी दृष्टि सही जगह पर है और आप देख पा रहे हैं कि भीड़ कहां खड़ी है, तो आप बहुत आसानी से बिना किसी से टकराए अपना रास्ता बनाते हुए अपनी मंजिल तक पहुंच जाएंगे। लेकिन आपकी नजर अगर सही जगह पर नहीं है और महज विश्वास है, तो आप हर किसी से टकराते रहेंगे। आइए पढ़ते हैं यह छोटी से प्रेरक कहानी-


कहानी :
एक प्रयोग में एक रिसर्च बायोलॉजिस्ट ने एक बड़े से टैंक में शार्क मछली को रखा और फिर उसी टैंक में छोटी मछलियों को भी डाल दिया। शार्क ने छोटी मछलियों को खाना शुरू कर दिया और कुछ ही घंटों में सभी छोटी मछलियां शार्क का आहार बन चुकी थीं। हर बार यही होता। बायोलॉजिस्ट ने अब अपने प्रयोग में थोड़ा परिवर्तन किया और एक मजबूत फाइबर स्लाइड को उस टैंक में डाल कर टैंक को दो भागों में बांट दिया। एक भाग में शार्क और दूसरे भाग में छोटी मछलियों को रखा। आदतन शार्क ने छोटी मछलियों पर हमला करना चाहा तो वे उस स्लाइड से टकरा गईं। शार्क ने प्रयास नहीं छोड़ा और हमला करती रही।

यह प्रयोग कुछ हफ्तों तक जारी रहा। शार्क ने हमला करना जारी रखा, लेकिन उसके प्रयास में लगातार कमी आती गई। फिर एक समय ऐसा आया कि शार्क ने यह मान लिया कि वह छोटी मछलियों को नहीं खा सकती। उसने प्रयास करना ही छोड़ दिया। बायोलॉजिस्ट ने अब फाइबर की स्लाइड को वहां से हटा दिया। लेकिन यह क्या, शार्क को तो इससे कोई फर्क हीं नहीं पड़ा। उसने यह मान लिया था कि एक दीवार है, एक अवरोध है, जिसे वह पार नहीं कर सकती। उसने प्रयास करना ही छोड़ दिया अब छोटी मछलियां आराम से उसी टैंक में तैर रहीं थी और उसे शार्क से कोई खतरा भी नहीं था।


कहानी की सीख:
हममें से कई लोगों के साथ अक्सर ऐसा होता है। हम प्रयास करना ही छोड़ देते हैं। कोई रुकावट नहीं होने के बावजूद हमें ऐसा लगता है कि अवरोध है, जिसे पार नहीं किया जा सकता। यकीन मानिए, अगर किसी चीज को पाने के लिए हम ईमानदारी से लगातार प्रयास जारी रखते हैं, तो वह हमें जरूर मिलती है।

 

भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र के सहायक महाप्रबंधकों के लिए आज बहुत ही खुशी का दिन रहा क्योंकि आज 47 सहायक महाप्रबंधकों को डीजीएम के पद पर प्रमोशन हुआ, जिसका अर्डर ईडी पी एंड ए कार्यालय में कार्यपालक निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन एस के दुबे एवं ईडी वक्र्स कार्यालय में मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी लौह एस आर सूर्यवंशी ने नवपदोन्नत उप महाप्रबंधकों को प्रमोशन ऑर्डर वितरित किये। इस दौरान वर्तमान महामारी कोविड-19 के मद्देनजर इसके अनिवार्य दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का भी अनुपालन किया गया।
इस गरिमामयी अवसर पर कार्यपालक निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन एस के दुबे एवं मु य महाप्रबंधक प्रभारी लौह एस आर सूर्यवंशी ने सभी पदोन्नत उप महाप्रबंधकों को बधाई व शुभकामनाएँ देते हुए अपने सारगर्भित स बोधन में कहा कि वर्तमान चुनौतीपूर्ण स्थिति में आप सभी प्रबंधन द्वारा दी गई नई जि मेदारियाँ का निर्वहन करने के लिए अग्रसर हों। साथ ही आप क पनी को और भी उत्कृष्टता के शिखर पर ले जाने में अपना श्रेष्ठतम योगदान दें।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / जनपद पंचायत छुरिया के ग्राम पंचायत रानीतालाब हमेशा विवादों के सुर्खियों में ही रहता है। यहां सरपंच, सचिव की मनमानी चल रही है। हाल ही में पूरे देश का राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त में तिरंगा नहीं फहराना समझ से परे है। ग्रामीणों ने बताया की राष्ट्रीय पर्व में भी सचिव का इंतजार करते रहे। पंचायत भवन में ताला लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि 2019 पंचायत चुनाव के बाद से अभी तक सचिव मुश्किल से दस दिन ही आया होगा पंचायत कार्यालय में, जबकि अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन कार्यालय में उपस्थित रहना चाहिए। ग्रामीणों ने पूर्व की तरह वार्ड पंचों के साथ मिलकर सरपंच के हाथों प्राथमिक शाला रानीतलाब के शाला प्रांगण में तिरंगा फहराया।
यहां पदस्थ सचिव की इतना दबंगई चलता है कि लोगों का बात ही नही सुनते। आए दिन यहां के जनता सचिव के व्यवहार से काफी परेशान हो रहे है। वहीं शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जनता तक नहीं पहुंच पा रही है। लोग ये भी बताते है कि यहां पदस्थ सचिव की राजनीति में अच्छी खासी पकड़ है। यही कारण है कि संबंधित विभाग भी कार्यवाही करने से डरते है।
इस वर्ष शालाओं में कोविड-19 के कारण बच्चों की उपस्थिति भी नहीं रही, जबकि सचिव को अपने पंचायत भवन कार्यालय में 15 अगस्त को उपस्थित रहकर पंचायत भवन में राष्ट्रीय ध्वज को फहराया जाना था, लेकिन इस दिन भी सचिव नदारद रहे इससे पहले भी रानीतालाब पंचायत में फर्जी कारनामे, सचिव की अनुपस्थिति की शिकायत ग्रामीणों के द्वारा जनपद पंचायत छुरिया में शिकायत किया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई जांच न कोई कार्यवाही किया गया।
बताया जा रहा है जिससे लापरवाही बरत रहे लोगो को कुछ भी नहीं होने का हवाला देकर मनमानी करते जाते हैं, जिस पर जनपद पंचायत के अधिकारियों को संज्ञान में लेकर कार्यवाही किया जाना जरूरी हो गया है। साथ ही सचिव को प्रतिदिन पंचायत कार्यालय में उपस्थित रहने की आदेश दिया जाना आवश्यक है। पर सबसे बड़ी बात तो यह भी है कि गांव के लोग कहते हैं, जब से पंचायत भवन बना है अब तक उसका उद्धघाटन नहीं हुआ है और ना ही पिछले छ: सालों में अब तक स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस का झंडा पंचायत कार्यालय में नहीं फहराया गया है। इससे पता लगाया जा सकता है जिन्हें छुरिया विकासखंड के 118 पंचायतों का जिम्मेदार पद पर बैठा गया है वे जनपद में बैठ अधिकारी अपना कितना जिम्मेदारी निभा रहे है।
सरपंच संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र साहू से वर्जन लिया गया, जिसमें उनका साफ कहना हैं, अगर कोई भी पंचायत कार्यलय में झंडा नहीं फहराया तो गांव के प्रमुख होने के नाते सरपंच पहले जिम्मेदार है और उतने ही गांव के सचिव भी क्योंकि वो एक शासकीय कर्मचारी होने के नाते लोकतंत्र बहुत बड़ी बात है। पर सबसे पहले जिम्मेदारी गांव के मुखिया की है कि वे पंचायत कार्यालय में झंडा रोहण कराएं।
इस मामले में सरपंच कौशल्या बांधे से पूछा गया तो उनका साफ कहना था सचिव नहीं आये थे, इसलिए झंडारोहण नहीं किया गया।

बेमेतरा (नवागढ़)/ शौर्यपथ / रविवार को भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय एवं प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने तीन जिलों बेमेतरा, बालोद एवं बलोदा बाजार के नवनियुक्त कार्यकारिणी पदाधिकारियों एवं प्रदेश पदाधिकारियों की ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। जिसमें उन्होंने आगामी कार्यों से जुड़े 11 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। बैठक में बेमेतरा से जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश जोशी, पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा एवं जिला महामंत्री विकास धर दीवान सहित कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी ऑनलाइन जुड़े।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने जिले के सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए आगामी 2023 के विधानसभा की तैयारियों में जुटने के दिशा निर्देश दिए ।उन्होंने कहा कि अब प्रदेश से लेकर जिला एवं मंडल में टीम तैयार हो चुकी है,लेकिन अब जरूरत है शक्ति केंद्र एवं बूथ को मजबूत करने की । जनता आज कॉन्ग्रेस की सरकार से पूरी तरह निराश है एवं उन्हें नकार रही है,आवश्यकता है कि उनकी नाकामियों को हम जनता तक लेकर जाएं। विपक्ष की भूमिका निभाते हुए हमेशा जनता की हक की लड़ाई लड़े।
प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने कहा कि कोरोना काल में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए राहत कार्यों को लेकर प्रत्येक जिला स्तर में ई बुक लगभग तैयार हो चुका है। अब हमें मंडल स्तर पर भी ई बुक तैयार करना है। उन्होंने कहा कि इसके साथ साथ हमें भाजपा के पुराने संस्थापक सदस्यों की भी सूची तैयार करनी है एवं उन्हें साथ जोड़ते हुए सम्मान भी देना है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीव संगठन है इसलिए हमें पद की लालसा त्याग कर मिलजुल कर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जुट जाना है।
बैठक का संचालन पूर्व विधायक नवीन मार्कंडेय ने किया एवं आभार प्रदर्शन बेमेतरा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश जोशी तथा बलोदा बाजार जिला अध्यक्ष सनम जांगड़े ने किया। इस दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल,पूर्व संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, बेमेतरा जिला महामंत्री नरेंद्र वर्मा जिला उपाध्यक्ष फिर तू राम साहू अजय तिवारी राजा पांडे लोकनाथ पटेल,दयावन्त धर बांन्धे,संध्या परगनिहा,रघुनंदन तिवारी,सतीश कसार,टार्जन साहू,सन्तोषी साहू,सुरेंद्र ठाकुर,पुष्पा साहू,रीना साहू,विजय सुखवानी,भुनेश्वरी वर्मा,नन्दकुमारी कांठले,सुरेश सिंघानिया आदि शामिल हुए।

दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल द्वारा माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्म दिवस के अवसर पर यह निर्णय लिया कि दुर्ग निगम का दूसरा गौठान उरला वार्ड में जल्द बनाया जाएगा इस संबंध में उन्होंने गौठान निर्माण के लिए स्थल का चयन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए निगम अधिकारियों को प्रस्ताव प्रस्तुत करने निर्देश दिए हैं ।
उल्लेखनीय है कि नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा पुलगांव वार्ड में गौठान का निर्माण किया गया है । जहां गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी करने के अलावा गौठान के गायों की सेवा एवं चिकित्सा स्व सहायता समूह के माध्यम से किया जा रहा है । इस कड़ी में महापौर ने कहा माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप गोधन न्याय योजना क्रियान्वयन नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा अक्षर: किया जाएगा । इसकी शुरुआत पुलगांव वार्ड के गौठान से किया गया है ।
इस दिशा में उरला वार्ड में जल्द ही शहर का दूसरा गौठान बनाकर गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन कर पशु पालको को समृद्ध बनायेगें और दूसरी तरफ शहर को मवेशियों से मुक्त रखने का प्रयास करेंगे । उन्होंने बताया महापौर परिषद के द्वारा शहर में 4 स्थानों पर उनका गौठान बनाने का निर्णय लिया गया है ।

दुर्ग / शौर्यपथ / अंडा थानाक्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्रामपंचायत चिरपोटी में एक युवक की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक अंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गा्रम विनायक पुर का बताया जा रहा है। प्रथम दृष्टया में लाश को देखकर दुर्घटना में मौत होने की आशंका जताई जा रही थी लेकिन पुलिस जांच में मामला हत्या का निकला। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह हत्या अवैध संबंध को लेकर हुई है। इस मामले की जांच में दो-दो थाने की पुलिस जुटी हुई है क्येांकि हत्या बालोद जिले के गुण्डरदेही थाना के ओटेबंद में की गई है और मृतक का शव दुर्ग जिले के अंडा थाना के अंतर्गत आने वाले ग्राम चिरपोटी में मिला है।
पुलिस ने शक के आधार पर ग्राम ओटेबंद के एक युवक को गिरफ्तार किया है जो मृतक का दोस्त बताया जा रहा है, अभी तक के पुलिस की जांच पड़ताल में यह सामने आ रहा है कि इस युवक की हत्या दो लोगों ने की है, एक और आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है। जिस आरोपी को पुलिस ने पकड़ा है, पुलिस को यह जानकारी मिली है कि आरोपी ने ओटेबंद में अपने घर में हत्या की और उसके बाद उसके शव को एक्सिडेंट का रूप देने की कोशिश किया जा रहा था। ज्ञात हो कि ओटेबंद गुण्डरदेही थानाक्षेत्र के अंतर्गत आता है, जबकि जहां युवक की लाश मिली वह ग्राम चिरपोटी अंडा थाना के अंतर्गत आता है।

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