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June 02, 2026
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शौर्यपथ

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नई दिल्ली / शौर्यपथ / अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेट्स की ओर से उप-राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में अपने उपराष्ट्रपति के स्वीकृति भाषण के दौरान परिवारों के महत्व को छुआ. इस दौरान उन्होंने कहा, 'परिवार मेरी बहन है, परिवार मेरे बेस्ट फ्रेंड हैं, मेरी भतीजियां और मेरे ग्रैंड चिल्ड्रन है. परिवार मेरे अंकल, मेरी आंटियां और मेरी चिट्टीस है.' चिट्टी तमिल भाषा का शब्द है. कमला हैरिस के इस शब्द के बोलते ही भारत में उनकी ट्विटर पर जमकर तारीफ मिलने लगी.
पिछले हफ्ते, डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन ने सीनेटर कमला हैरिस को अपने साथी के रूप में चुना था. एक निर्णय जिसने उन्हें पहली अश्वेत महिला बनाया और अमेरिका में एक प्रमुख पार्टी के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार के रूप में चुनी जाने वाली पहली एशियाई-अमेरिकी महिला बनने का अवसर दिया. हैरिस, जिनकी मां भारत से थीं और पिता जमैका से थे उन्होंन ने बुधवार को इतिहास रचा जब उन्होंने उपराष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक नामांकन स्वीकार किया.

55 वर्षीय हैरिस ने अपने उपराष्ट्रपति के स्वीकृति भाषण में, अपनी मां श्यामला गोपालन को एक विशेष उल्लेख दिया, जो चेन्नई में पैदा हुई थीं और 19 वर्ष की आयु में डॉक्टरेट कार्यक्रम के लिए अमेरिका चली गईं थी.

हैरिस ने कहा, 'मां ने हमें गर्वीली ब्लैक लेडी के तौर पर बढ़ने में मदद की और हमें अपनी भारतीय विरासत के बारे में जानने और उस पर गर्व करना सिखाया.''

आपको बता दें कि तमिल भाषा में चिट्टी का मतलब आंटी होता है. हैरिस ने अपने परिवार के बारे में बात की, जिसमें उनके पति डग, उनके "सुंदर बच्चे, कोल और एला", भतीजी, गोड चिल्ड्रन, चाचा, चाची और उनकी चिट्टियां शामिल थीं. कमला हैरिस ने कहा, "परिवार मेरे चाचा, मेरे चाची और मेरी चिट्टी हैं"चिट्टी तमिल भाषा का शब्द है. कमला हैरिस के इस शब्द के बोलते ही भारत में उनकी ट्विटर पर जमकर तारीफ मिलने लगी.

शेफ और टीवी होस्ट पद्मा लक्ष्मी, जो चेन्नई में पैदा हुई थीं और उन्होंने पहले हैरिस को भाषण में चिठ्ठी के उपयोग के बारे में ट्वीट कि ये सुनकर मेरी आंखों में आंसू आ गए थे.

खबरों के मुताबिक हैरिस ने एक बार भारत में अपनी चिठ्ठी या चाची को एक हिंदू मंदिर में सौभाग्य के लिए नारियल तोड़ने के लिए कहा था, जब वह 2010 में कैलिफोर्निया के अटॉर्नी आम चुनाव में मैदान में थीं.

न्यूयॉर्क टाइम्स ने "हाउ कमला हैरिस फैमिली इन इंडिया हेल्प्ड शेप हर वेल्यूज" शीर्षक से एक लेख में कहा कि जब हैरिस कैलिफोर्निया अटॉर्नी जनरल के लिए चुनाव लड़ रही थीं, तो उन्होंने चेन्नई में अपनी चाची सरला गोपालन को फोन किया और उन्हें बेसेंट नगर में समुद्र तट के किनारे स्थित एक हिंदू मंदिर में सौभाग्य के लिए नारियल तोड़ने के लिए कहा, जहां वह बचपन में अपने दादा के साथ घूमने जाती थी. कमला हैरिस ने अपनी भारतीय जड़ों के बारे में बात की और अपने दादाजी के साथ-साथ बिताए समय को भी याद किया.

नई दिल्ली / शौर्यपथ / ग्वालियर पांच महीने पहले कांग्रेस छोड़ने के बाद ग्वालियर में शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हुंकार भरी. ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बीजेपी के लिये तीन दिवसीय सदस्यता अभियान शुरू करने के लिए सिंधिया, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत पार्टी के आला नेता शनिवार को ग्वालियर में थे, हालांकि ये मौका विपक्ष में बैठी कांग्रेस के लिए भी एक शक्ति प्रदर्शन साबित हुआ. ग्वालियर में सिंधिया के आगमन के विरोध में सैकड़ों कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तीन स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया. वैसे कोरोना महामारी के दौर में दोनों पार्टियों के शक्ति प्रदर्शन के बीच सोशल डिस्टेंसिंग और महामारी के सारे प्रोटोकॉल के नेताओं ने तोड़ दिया.
इस मौके पर पूर्व मंत्री लखन सिंह यादव सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को सिंधिया को काले झंडे दिखाने की कोशिश करने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया, हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए, बीजेपी सरकार में मंत्री रह चुके बालेंदु शुक्ला ने भी ग्वालियर के दूसरे हिस्से में गिरफ्तारी दी . इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और अन्य वरिष्ठ बीजेपी नेताओं के साथ सिंधिया ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पार्टी के सदस्यता अभियान की शुरुआत की. ग्वालियर चंबर की 16 विधानसभा सीटों पर आने वाले महीनों में उपचुनाव होंगे.

इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शिवराज ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को गद्दार कहने वाले कांग्रेसियों से उल्टा सवाल पूछ लिया कि मोतीलाल नेहरू और सुभाषचंद्र बोस ने भी एक जमाने में कांग्रेस छोड़ी थी. क्या कांग्रेस उन्हें भी गद्दार मानती है. सीएम ने आगे कहा कि कांग्रेस में परिवार की भक्ति की परंपरा है. जो ऐसा नहीं करता, उसे गद्दार कहा जाता है. शिवराज ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस चौधरी चरण सिंह से लेकर एनडी तिवारी और ममता बनर्जी को भी अन्य राजनीतिक संगठनों के गठन के लिए .. कांग्रेस छोड़ने के लिए गद्दार मानती है.

इस मौके पर सिंधिया के गले में मौजूद तिरंगा दुपट्टे पर भी कांग्रेस ने तंज किया, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सिंधिया पर तंज कसते हुए कहा कि उनके अंदर शायद अभी भी कसक बाकी है. शर्मा ने सिंधिया और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की तस्वीर ट्वीट कर लिखा, “महाराज ने पार्टी भले ही बदल ली है , लेकिन गमछा नहीं बदला है। कुछ कसक अभी भी बाकी है शायद!!” सिंधिया ने मप्र में अपनी पुरानी पार्टी और उसके नेताओं के खिलाफ तीखा हमला किया। उन्होंने कहा भोपाल में राज्य सचिवालय 15 महीने के कांग्रेस शासन के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के केंद्र में बदल गया था. ” सिंधिया ने कहा, "कांग्रेस को जो पसंद है उसे कहने दो, लेकिन वास्तविकता यह है कि मैंने पार्टी छोड़ दी और राज्य के लोगों की सेवा करने के लिए सरकार से समर्थन वापस ले लिया."

 

नई दिल्ली / शौर्यपथ / तमिलनाडु में हिंदी को लेकर उस वक्त एक नया विवाद खड़ा हो गया जब द्रमुक ने आरोप लगाया कि आयुष विभाग द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में योग और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़े उन पेशेवरों को बैठक छोड़कर जाने को कहा गया, जो हिंदी नहीं समझ सकते थे. विपक्षी दल ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के प्रमुख एम के स्टालिन ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के अधिकारियों के जरिये हिंदी थोपने के एजेंडे का “पर्दाफाश” हो गया है. वहीं, पार्टी सांसद कनिमोई ने आयुष मंत्री श्रीपद येस्सो नाइक को पत्र लिखकर मामले में जांच की मांग की है.

यह मामला हाल ही में कनिमोई द्वारा किये गए उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक कर्मी ने उनके हिंदी नहीं बोल पाने पर पूछा था क्या वह भारतीय हैं? इसके बाद एक बार फिर “हिंदी थोपे जाने” की बहस शुरू हो गई.

स्टालिन ने एक बयान में आरोप लगाया कि आयुष सचिव राजेश कोटेचा ने “हिंदी को लेकर अहंकार और आक्रामकता भरा व्यवहार दिखाते हुए योग और प्राकृतिक चितित्सा से जुड़े 37 पेशेवरों को धमकाते हुए कहा कि अगर वे हिंदी नहीं जानते हैं तो ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र छोड़कर चले जाएं.” उन्होंने इसकी निंदा की.

स्टालिन ने शनिवार को कहा, “यह शर्मनाक है कि सचिव स्तर के एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने भाषायी पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर ऐसा असभ्य व्यवहार किया.” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि ऐसी घटना फिर न हो और मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी से कहा कि वह मोदी सरकार पर दबाव डालें कि केंद्र सरकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम और बैठकें सिर्फ अंग्रेजी में ही हों.

उन्होंने आरोप लगाया, “केंद्र की भाजपा सरकार हिंदी को अपना पहला एजेंडा रखकर लगातार काम कर रही है,” और अन्य भाषाओं खासकर तमिल को हाशिये पर डालने की कोशिश कर रही है.

 

नई दिल्ली / शौर्यपथ / बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को स्पष्ट कर दिया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सभी घटक दल मिलकर चुनाव मैदान में उतरेंगे और जीत हासिल करेंगे. बिहार बीजेपी प्रदेश कार्यकारिणी की शनिवार से शुरू हुई दो दिवसीय डिजिटल बैठक के समापन सत्र को वीडियो कॉन्फ्रेंस से संबोधित करते हुए नड्डा ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा और उन पर ‘‘हल्की'' राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘‘जब-जब भाजपा, नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड और लोजपा (लोक जनशक्ति पार्टी) एक साथ आई हैं, तब-तब राजग की जीत हुई है. इस बार भी हम सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे और यशस्वी होंगे.''
जेपी नड्डा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजग के सहयोगियों जनता दल यूनाइटेड और लोजपा के बीच लगातार वाकयुद्ध चल रहा है. लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान कोरोना महामारी के मद्देनजर बिहार चुनाव टालने की मांग करते आ रहे हैं. राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण और बाढ़ की स्थिति को लेकर भी वह नीतीश कुमार पर लगातार सवाल उठाते आ रहे हैं. पासवान के इन बयानों को लेकर जदयू के नेता उन्हें निशाने पर भी लेते रहे हैं.
बीजेपी अध्यक्ष नड्डा ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘मोदी जी का संदेश पहुंचाना है, भारत सरकार का संदेश भी पहुंचाना है और राजग द्वारा... नीतीश जी के द्वारा किए गए कार्य को भी नीचे तक ले जाना है. नीतीश जी के नेतृत्व में हम अगले चुनाव में जा रहे हैं. हम सबको पूरी ताकत के साथ लगना है.''
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि न तो उनके पास कोई विचार है और न ही कोई दृष्टि. उन्होंने कहा, ‘‘मैं विपक्ष पर कोई कटाक्ष करूं, इसकी कोई जरूरत नहीं है. लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि बिहार या अन्य स्थानों पर उसकी ताकत खत्म हो गई है. विपक्ष के पास न कोई ताकत है, न विचार है, न दृष्टि है और ना ही मन में सेवा का कोई संकल्प है. उन्होंने कहा, ‘‘थोथी राजनीति... हल्की राजनीति...वे इससे ऊपर नहीं उठ सकते.''
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को भाजपा और राजग से उम्मीद है. नड्डा ने कहा, ‘‘हम यह गर्व के साथ कह सकते हैं कि हमने उनकी तकदीर और तस्वीर बदलने में योगदान किया है और आगे भी करेंगे.'' उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि उन्हें न सिर्फ बीजेपी की जीत सुनिश्चित करनी है बल्कि सहयोगी दलों के कंधों को भी मजबूती देनी होगी.
जेपी नड्डा ने कहा कि ‘‘भाजपा केवल उन सीटों की ही लड़ाई नहीं लड़ेगी जहां से उसके उम्मीदवार खड़े होंगे बल्कि सभी बूथों पर लड़ेगी और पार्टी के सभी सहयोगी दलों के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करेगी.'' उन्होंने कहा कि कोरोना के संक्रमण काल में छोटी-छोटी बैठकें और घर-घर जाकर प्रचार करना सबसे प्रभावी होने वाला है. इस दौरान सभी को अपनी सुरक्षा भी करनी है और साथ-साथ राजनीतिक मुद्दों को जनता तक पहुंचाना भी है.
नड्डा ने कहा कि बिहार के लिए केंद्र की ओर से कई पैकेजों की घोषणाएं की गई थीं, जिसे अक्षरशः जमीन पर उतारा गया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बिहार के विकास के लिए कृतसंकल्पित हैं. केंद्र सरकार की योजनाओं और कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र व राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का विस्तृत ब्योरा देते हुए नड्डा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे इन उपलब्धियों के बारे में बूथ स्तर पर लोगों को बताएं. भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हमने कोरोना के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ी है और बाढ़ की विभीषिका से भी जान-माल की सुरक्षा की है.''
कोरोना के खिलाफ जंग में प्रधानमंत्री मोदी की ओर से उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए नड्डा ने कहा उन्होंने देश की 130 करोड़ जनता को साथ लेकर जिस रणनीति के साथ लड़ाई लड़ी है, वह दुनिया में एक मिसाल है.
कार्यक्रम में नड्डा के साथ यहां दिल्ली मुख्यालय में रविशंकर प्रसाद, गिरिराज सिंह, अश्विनी चौबे, नित्यानंद राय और आरके सिंह उपस्थित थे. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फणवीस भी इसमें शामिल हुए. पटना में इस दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं बिहार के प्रभारी भूपेंद्र यादव, बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी सहित अन्य नेता मौजूद थे.

 

नई दिल्ली / शौर्यपथ / सोमवार को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक होने वाली है जिसे लेकर सूत्रों के हवाले से महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि सोमवार को होने वाली कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में वो पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगी. सूत्रों ने बताया है कि सोनिया गांधी ने पार्टी के अन्य नेताओं से नया अध्यक्ष ढूंढने को कहा है. पार्टी के 20 से ज्यादा नेताओं ने चि_ी ल‍िखकर पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की है. चि_ी लिखने वालों में आनंद शर्मा, गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, विवेक तनखा, पृथ्वीराज च्वहाण, वीरप्पा मोइली, शशि थरूर, भूपेंद्र हुड्डा, राज बब्बर, मनीष तिवारी, मुकुल वासनिक समेत कई पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी शामिल हैं.
इस खबर से जुड़ी 10 अहम बातें...
कांग्रेस में नेतृत्व के मुद्दे पर चल रही चर्चा के बीच पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक आगामी सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से होगी. पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी की बैठक सोमवार को सुबह 11 बजे आरंभ होगी.
सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक मुद्दों, अर्थव्यवस्था की स्थिति और कोरोना वायरस संकट समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.
सीडब्ल्यूसी की बैठक उस वक्त हो रही है जब अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी एक साल की अवधि पूरा कर चुकी हैं. राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद उन्हें अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया था.
पिछले कुछ हफ्तों के दौरान कांग्रेस के कई नेता खुलकर यह मांग कर चुके हैं कि एक बार फिर राहुल गांधी को कांग्रेस की कमान सौंपी जाए. हाल ही में कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि कांग्रेस के 100 फीसदी कार्यकर्ताओं की यह भावना है कि राहुल गांधी फिर से पार्टी का नेतृत्व करें.
हालांकि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का कहना है कि कांग्रेस का अध्यक्ष गांधी परिवार से बाहर का बनना चाहिए. फिलहाल कांग्रेस में इस समय काफी उहापोह की स्थिति है क्योंकि सिर्फ रणदीप सुरजेवाला ही नहीं, शशि थरूर सहित कई नेता इस मुद्दे पर मीडिया में बयान में दे चुके हैं.
कांग्रेस में सामूहिक नेतृत्व की दलीलें पेश करने वाले वर्ग का विरोध भी शुरू हो गया है और पार्टी के सांसद मणिकम टैगोर ने राहुल गांधी की पार्टी अध्यक्ष के रूप में वापसी की मांग की है. टैगोर ने सीडब्ल्यूसी के 2019 के निर्णय का हवाला देते हुए कहा, ''गांधी बलिदान के प्रतीक हैं. कांग्रेस सीडब्ल्यूसी का निर्णय बहुमत का फैसला था, जो एआईसीसी के 1100, प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के 8800 सदस्यों, पांच करोड़ कार्यकर्ताओं और 12 करोड़ समर्थकों की इच्छा का परिचायक था और ये लोग राहुल गांधी को अपने नेता के रूप में चाहते हैं.ÓÓ
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस में गांधी परिवार के नेतृत्व को चुनौती देने वाले पार्टी के कुछ नेताओं के कदमों का विरोध करते हुए कहा है कि इस तरह का मुद्दा उठाने का यह समय नहीं है. सिंह ने एक बयान में कहा कि देश के संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को बर्बाद कर रहे भाजपा नीत राजग के खिलाफ आज मजबूत विपक्ष की जरूरत है.
अध्यक्ष पद के लिये चुनाव कराने को लेकर कांग्रेस के अंदर से उठती आवाजों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने रविवार को कहा कि पार्टी को चुनावों की जगह सर्वसम्मति को एक मौका देना चाहिए. खुर्शीद ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का "पूर्ण समर्थन" और "भरोसा" हासिल है और इससे फर्क नहीं पड़ता कि उनपर अध्यक्ष का ठप्पा है या नहीं.
सीडब्ल्यूसी ने 2019 में सोनिया गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाने का निर्णय लिया था क्योंकि राहुल ने इस पर बने रहने की सीडब्ल्यूसी की सर्वसम्मत अपील मानने से अस्वीकार कर दिया था.
टैगोर के अलावा तेलंगाना के पूर्व सांसद और पार्टी के महाराष्ट्र मामलों के प्रभारी सचिव चल्ला वामसी चंद रेड्डी ने भी राहुल गांधी को 'अब और बिना किसी देरी केÓ कांग्रेस अध्यक्ष बनाने जाने की मांग की है. रविवार को सीडब्ल्यूसी को भेजे पत्र में रेड्डी ने कहा कि राहुल की पार्टी प्रमुख के रूप में बहाली में देरी की कीमत पार्टी को चुकानी होगी.

दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल के जन्म दिन पर दुर्ग एनएसयुआई द्वारा इस बार कोरोना काल में सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए मनाया गया . मुख्यमंत्री बघेल की महत्तवकाक्षी योजना नरवा गरवा घुरवा बाड़ी को सार्थक करते हुए दुर्ग एनएसयुआई ने अध्यक्ष आकाश शर्मा के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री के जन्मदिन को कांग्रेस पार्टी एवम NSUI ने पारंपरिक रूप से मनाते हुए “मोर गौठान, मोर ज़िम्मेदारी” अभियान की पूरे राज्य में शुरुवात किया गया जिसमें आज दुर्ग के सभी वरिष्ठ जन ने पुलगांव के गौठान में समस्त कांग्रेसजन, NSUI द्वारा गौठान में रहने वाले पशुओं के लिए पूरे साल के लिए चारे का इंतजाम किया गया जिसके तहत दुर्ग NSUI के साथियों द्वारा 2000 हजार रुपए का चेक और 6 क्विंटल सूखा चारा गौठान समिति को प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रदीप चौबे, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेंद्र साहू, पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, पूर्व साडा अध्यक्ष लक्ष्मण चंद्राकर,नगर निगम के सभापति राजेश यादव,छितिज चंद्राकर जी के माध्यम से भेंट किया गया साथ ही पुलगांव चौक दुर्ग में जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष सोनू साहू के नेतृत्व मे मास्क ,सेनिटाइजर वितरण कर आम राहगीरों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने गौवंश के संरक्षण और हाल ही में गौधन न्याय योजना से लाभान्वित हुए आमजनों को इसका लाभ इन योजनाओं के माध्यम से देश दुनिया की सबसे बड़ी गौसेवा शुरू की है।


इसी गौसेवा के भाव के साथ रविवार को गौठान में प्रदेश के मुखिया का जन्मदिन मन जिले के गौठान में जाकर हर्षोल्लास के साथ पर्व के रूप में जन्मदिन को मना करके आम जनों को,राहगीरों को मुँह मिठा भी कराया गया.इस अवसर पर आर.एन.वर्मा जी,दीपक दुबे जी,अजय शर्मा ,जयंत देशमुख,कुणाल तिवारी सहित NSUI के शहर अध्यक्ष हितेश सिन्हा, अमन दुबे, अमोल जैन, विनिस साहू,रवि साहू, हरीश देवांगन, गोल्डी कोसरे, आकाश, विवेक, आनंद साहू सहित इस दौरान NSUI के पदाधिकारी, जिला/विधानसभा/कार्यर्ताओं उपस्तिथि थे.

टिप्स /ट्रिक्स / शौर्यपथ / गूगल प्लेस्टोर पर मौजूद MaskChat - Hides Whatsapp Chat एक शानदार एंड्रॉयड एप है जिसे यूजर की चैटिंग को प्राइवेट रखने के लिए बनाया गया है। जब आप अपने स्मार्टफोन पर प्राइवेट चैट करते हैं, तब यह एप आपके चैट के उपर की स्क्रीन को डिजिटल पर्दे से छिपा देता हैं। इससे आपके आसपास के झांकने वाले पड़ोसी से आपके मैसेज प्राइवेट रखने में मदद मिलती हैं।

अन्य चैटिंग एप के लिए भी कारगर
MaskChat - Hides Whatsapp Chat एप सिर्फ व्हाट्सएप तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसका इस्तेमाल फेसबुक मैसेंजर, वीचैट,हाइक और स्नैपचेट के लिए भी किया जा सकता है। इसके साथ ही पासवर्ड टाइप करते समय या बैंक की इनफॉर्मेशन टाइप करते समय अपनी स्क्रीन को हाइड करने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे करें इस्तेमाल
इस एप को डाउनलोड करने के बाद यूजर को स्क्रीन पर एक फ्लोटिंग मास्क चैट आइकॉन दिखाई देगा, जिस स्क्रीन को आप दूसरों से हाइड करना चाहते हैं, उस स्क्रीन पर इस आइकॉन को ऊपर से नीचे की ओर ड्रैग करें। अब एक डिजिटल पर्दा नीचे आ जाएगा, जो आपकी स्क्रीन को छिपा देगा और आप किसी भी शर्मिंदा पलों से बच सकते है जब आपके माता-पिता या बड़े आपके आसपास होते हैं।

पर्दे की बढ़ा सकते हैं डार्कनेस
इस एप में कंपनी की तरफ से दिए गए पर्दे की मोटाई औसतन होती है, जो आपको कम लग सकती है। इसके लिए आप पर्दे के दाईं ओर दिए गए तीन लाइन वाले विकल्प पर क्लिक कर सकते हैं। इससे स्क्रीन के बीच में तीन नए विकल्प आएंगे। उनमें से बीच वाले विकल्प की मदद से आप पर्दे की ब्राइटनेस को नियंत्रित कर सकते हैं। बंद करने के लिए क्रॉस आइकॉन पर क्लिक कर आप पर्दे को क्लोज कर सकते हैं, लेकिन फ्लोटिंग मास्केचैट आइकॉन को पीछे छोड़ देगा। गियर आइकॉन पर टैप कर आप थीम को बदल भी सकते हैं। थीम को सिलेक्ट करने के बाद उसके नीचें के Apply theme बटन पर टैप कर अप्लाई करें।

सेहत / शौर्यपथ / कई बार ऐसा होता है कि बहुत ज्यादा व्यायाम और डाइटिंग करने के बाद भी आपका वजन कम नहीं हो पाता। ऐसे में आप सोचने लग जाते हैं कि आखिर आप ऐसी क्या कमी कर रहे हैं, जिससे आपका वजन कम नहीं हो पा रहा है। आइए, जानते हैं किन तरीकों से आप जल्दी वजन कम कर सकते हैं-
खाने में कम कर करें तेल और घी की मात्रा
अगर वजन कम करना चाहते हैं, तो सबसे पहले तेल खाना कम करें। ऑयल के हेल्दी विकल्प लेना बेहतर आइडिया है। एक चम्मच घी या तेल में 135 कैलरी होती है, जो कि मैनेजेबल है। वजन कम करने के लिए आपको 1200 कैलरी प्रति दिन का बैलेंस बनाना होता है।
ब्राउन राइस खाना शुरु करें
भले ही सफेद चावल आपको कितने भी पसंद हों, अगर आप वजन कम कर रही हैं तो इनका डायट में रहना बिल्कुल सही नहीं है। बेहतर होगा कि आप ब्राउन राइस लेना शुरू करें इसके आधे कप में 133 कैलरीज होती हैं वहीं वाइट राइस में 266 कैलरीज होती हैं।
अपने खाने की मात्रा सुनिश्चित करें
दूसरी सबसे जरूरी बात ध्यान रखें कि जब आप वजन कम करने के लिए कुछ खुद को कुछ चीजें खाने से रोकते हैं, तो इसका असर आपकी ऊर्जा पर पड़ता है और किसी दिन रोकते-रोकते आप ज्यादा खा लेते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप ये जरूर ध्यान रखें कि कितनी मात्रा में इसे खा रहे हैं।
खाने को कई हिस्सों में खाएं
दिन में दो या तीन बार खाना खाने के बजाय खाने थोड़ा-थोड़ा खाना छह बार मं खाएं। स्नैक्स लेना बंद न करें बल्कि फ्राई के बजाय बेक या एयर फ्राई करें।
खाने के बाद वॉक करना न भूलें
बहुत से लोग खाना खाने के बाद वॉक नहीं करते, अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो खाने के बाद वॉक जरुर करें।

सेहत /शौर्यपथ / विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी से बचाव के लिए 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चों को वयस्कों की तरह मास्क पहनना चाहिए। डब्ल्यूएचओ ने शनिवार को 12 वर्ष अथवा उससे अधिक उम्र के बच्चों के मास्क पहनने को लेकर नये नियम जारी किए हैं।

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक विभिन्न देशों में वयस्कों के मास्क पहनने को लेकर जो नियम हैं वही नियम बच्चों पर भी लागू किए जाने चाहिए। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि यह अभी तक पता नहीं चल पाया है कि बच्चों के जरिये कोरोना का संक्रमण कैसे फैलता है लेकिन इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं कि किशोरों के जरिये वयस्कों की तरह कोरोना संक्रमण फैल सकता है।

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक पांच वर्ष और उससे कम उम्र के बच्चों को मास्क नहीं पहनना चाहिए। छह से 11 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए सलाह दी गई है कि परिजन उनको मास्क पहनाने और उतारने में मदद करें। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि 6० वर्ष से कम उम्र के स्वस्थ लोगों को कपड़े का मास्क पहनना चाहिए जबकि इससे अधिक उम्र के लोगों और अन्य बीमारियों से पीड़ति लोगों को मेडिकल मास्क पहनना चाहिए।

गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 11 मार्च को कोरोना वायरस (कोविड-19) को महामारी घोषित किया था। अमेरिका की जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केन्द्र (सीएसएसई) की ओर से जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के 2.31 करोड़ से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है जबकि इस महामारी से आठ लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

 

खाना खजाना /शौर्यपथ / अंकुरित मूंग दाल कबाब न सिर्फ खाने में टेस्टी होते हैं बल्कि इनका सेवन डाइट करने वाले लोग भी बिना डरे कर सकते हैं। अंकुरित मूंग में प्रोटीन की मात्रा अधिक पाई जाती है, जिसकी वजह से यह सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद होता है। तो देर किस बात की आइए जानते हैं घर पर ही कैसे बनाए जाते हैं अंकुरित मूंग दाल कबाब।

अंकुरित मूंग दाल कबाब बनाने के लिए लगने वाली सामग्री-
-एक कप अंकुरित मूंग दाल
-1 उबला हुआ शकरकंद
-एक बड़ा चम्मच कॉर्नफ्लोर
-एक बड़ा चम्मच बेसन
- एक बड़ा चम्मच मैदा
-आधा बड़ा चम्मच सूजी
-1 कटा हुआ प्याज
-2 कटी हुई हरी मिर्च
-1-2 चम्मच कद्दूकस की हुई अदरक
-1 बड़ा चम्मच ताजा कटा हरा धनिया
-नमक स्वादअनुसार
-काली मिर्च स्वाद के लिए
-1 चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर
-1 चम्मच अमचूर पाउडर
-1.5 चम्मच भुना जीरा-धनिया पाउडर
-आधा चम्मच अजवाइन
-तेल तलने के लिए

अंकुरित मूंग दाल कबाब बनाने का तरीका-

अंकुरित मूंग दाल कबाब बनाने के लिए सबसे पहले अंकुरित मूंग का चिकना पेस्ट बनाने के लिए उसमें थोड़ी मात्रा में पानी मिला दें। यदि आप अंकुरित मूंग में क्रंची टेस्ट चाहते हैं तो मूंग दाल का मोटा पेस्ट बनाएं। अब शकरकंद या आलू को छीलकर मैश कर लें। अब सभी मिश्रण को मूंग अंकुरित, शकरकंद और अन्य सभी सामग्री (तेल छोड़कर) एक कटोरे डालकर नरम आटे में गूंथ लें। अब इस आटे से छोटे कबाब के आकार की गोलियां बनाकर, उन्हें एक तरफ रख दें

अब एक पैन में तेल गर्म करके उसमें कबाब तल लें। कबाब को दोनों तरफ से तब तक सेकें, जब तक वह दोनों तरफ से खस्ता और सुनहरे भूरे रंग के न हो जाए। अंकुरित मूंग दाल के कबाब तैयार हैं। आप इन्हें पुदीना या धनिया चटनी के साथ गर्मा-गर्म सर्व करें।

 

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