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June 02, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

भाजपा की मोदी सरकार की आदिवासी विरोधी चरित्र की ऊपज शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना-कांग्रेस
12.50 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों उनके परिवारों को होगा फायदा
तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीमा पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले बृजमोहन अग्रवाल मोदी सरकार से पूछे बीमा क्यो बन्द किया ?

रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस ने तेंदूपत्ता संग्राहको के लिए शुरू की गई तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना शुरू किए जाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त किया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की मोदी सरकार की आदिवासी विरोधी चरित्र की उपज है यह योजना। मोदी सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहको के लिए चलाई जाने वाले बीमा को बंद कर दिया था इस कारण राज्य सरकार को यह योजना लागू करना पड़ा ताकि तेंदूपत्ता श्रमिको उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा दी जा सके। शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना में तेंदूपत्ता संगहण कार्य में लगे पंजीकृत संग्राहक परिवार के मुखिया (50 वर्ष से अधिक आयु नहीं होने की स्थिति में) की सामान्य मृत्यु पर नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को 2 लाख रूपए की अनुदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। दुर्घटना से मृत्यु होने पर दो लाख रूपए अतिरिक्त प्रदान किया जाएगा। दुर्घटना में पूर्ण विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रूपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में एक लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि दी जाएगी।
योजना के अंतर्गत यदि संग्राहक परिवार के मुखिया की 50 से 59 आयु वर्ष के बीच सामान्य मृत्यु होती है, तो 30 हजार रूपए, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 75 हजार रूपए, दुर्घटना में पूर्ण विकलांगता की स्थिति पर 75 हजार रूपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 37 हजार 500 रूपए की सहायता अनुदान राशि परिवार के नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के समन्वय से यह योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा किया जाएगा, जिसमें संबंधित जिला यूनियन द्वारा ही एक माह के अंदर प्रकरणों का निराकरण करते हुए सहायता अनुदान की राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में प्रदाय की जाएगी।
कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहको के बीमा के बारे में लगातार बयानबाजी करने वाले बृजमोहन अग्रवाल में साहस हो तो अब वे मोदी सरकार से पूछे उसने तेंदूपत्ता संग्रहको का बीमा करना क्यो बन्द किया था? राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक सुरक्षा एवं आर्थिक सुदृढ़ता सुनिश्चित करने हेतु वचनबद्ध है। राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण दर 2500 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा की गई है। यह कांग्रेस सरकार की अपने घोषणा पत्र के वायदों को पूरा करने की प्रतिबद्धता को बताता है।

दुर्ग / शौर्यपथ / स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमेन अरुण वोरा ने गोधन न्याय योजना को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य के वर्तमान पीढ़ी के साथ ही आने वाले पीढ़ियों के लिए वरदान साबित होगी। देश में यह अपनी तरह की पहली और अनूठी योजना है। पशुपालकों से 2 रुपए प्रति किलो की दर से गोबर खरीदी कर गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट बनाकर इसकी बिक्री से पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा। खेतों में केमिकल खाद से पैदा होने वाले अनाज और सब्जियों की जगह अब जैविक खाद से अनाज और फल-सब्जियों का उत्पादन होगा।
वोरा ने कहा कि गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन होने से किसानों को सस्ती दर पर जैविक खाद मिलेगा। गोबर खरीदी की व्यवस्था से पशुपालक अपने घर पर ही पशुओं को बांधकर रखेंगे। इससे पशु फसल को नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे और शहर और गांव के गली-कूचों में जगह-जगह गोबर के अवशेष नहीं मिलेंगे। इससे स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा। गोबर खरीदी की व्यवस्था से पशुपालकों के साथ-साथ वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने वाली महिला स्वसहायता समूहों और पशुपालकों को भी आमदनी होगी। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आज 5 अगस्त को गोधन न्याय योजना के तहत राज्य के 46 हजार 964 गोबर विक्रेता पशुपालकों को गोबर खरीदी का भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। राज्य के गोबर विक्रेताओं को एक करोड़ 65 लाख 42 हजार रूपए का भुगतान उनके खाते में ऑनलाईन होगा। श्री वोरा ने गोबर विक्रता पशुपालकों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। श्री वोरा ने गोधन न्याय योजना के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति आभार जताया है।

दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल की बड़ी माॅ जी द्वारा बड़े पुण्योदय के साथ अपने जीवन को सार्थक करने हेतु सल्लेखना व्रत धारण कर 105 आर्यिक तपोमति माताजी के संघ के सानिध्य में डोंगढ़गड़ में नश्वर शरीर का त्याग किया गया। जिनका अंतिम संस्कार आज 5 अगस्त बुधवार को दुर्ग के शिवनाथ नदी रोड में स्थित नसिया में किया गया।
       श्रीमती भगवती देवी के अंतिम संस्कार में स्टेट वेयरहाउसिंग काॅरपोरेशन अध्यक्ष माननीय अरुण वोरा जी, महापौर धीरज बाकलीवाल, एमआईसी मेम्बर अब्दुल गनी, ऋषभ जैन, मनदीप सिंी भाटिया, अनुप चंदानियाॅ, वरिष्ठ पार्षद मनद जैन, पार्षद विजयेन्द्र भारद्वाज, मनीष बघेल, कांग्रेस नेता फत्तेसिंह भाटिया, अलताफ अहमद, राजेश शर्मा, सहित अध्यक्ष श्री दिगंबर जैन पंचायत के पदाधिकारी सैकड़ों की संख्या के अलावा खण्डेलवाल पंचायत के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, और सदस्य एवं परिवार के सदस्य धीसुलाल, मदनलाल बाकलीवाल, सुरजमल, प्रकाशचंद बाकलीवाल, छितरमल महेन्द्र कुमार बाकलीवाल, निर्मलकुमार, सुशील कुमार, राजेन्द्र कुमार बाकलीवाल एवं समस्त बाकलीवाल परिवार अधिक संख्या में उपस्थित थे ।

भिलाई नगर / शौर्यपथ / गोधन न्याय योजना के अंतर्गत निगम क्षेत्र के पंजीकृत 38 पशुपालकों को 89934 रूपए पहला भुगतान किया गया। इस योजना के तहत सबसे अधिक वार्ड-3 यादव मोहल्ला कोसा नगर निवासी मनोज यादव ने गोबर बेचकर 9296 रूपए कमाए। मनोज के पास 23 गाय और भैंस हैं। उन्होंने 20 जुलाई को ही पंजीयन कराया तथा 1 अगस्त तक गोधन न्याय योजना के अंतर्गत शहरी गौठान में 4648 किलोग्राम गोबर बेचा। श्री यादव को दो रूपए की दर से उन्हें बुधवार को समन्वय समिति ने बैंक के माध्यम से 9296 रूपए भुगतान किया गया। इसी प्रकार वार्ड-3 निवासी भरत लाल यादव ने 4032 किलोग्राम गोबर बेचा था। उन्हें 8065 रूपए भुगतान किया गया। योजना के नोडल अधिकारी व उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने बताया कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालक गोबर बेचने अपना पंजीयन निरंतर करा रहे हैं। इनमें से 38 हितग्राही 20 जुलाई से लगातार शहरी गौठान में गोबर बेच रहे हैं। इस तरह से 20 जुलाई से 1 अगस्त की अवधि में पंजीकृत 38 पशुपालकों से कुल 44,967 किलोग्राम खरीदी गई। जिसका पहला भुगतान बैंक खाते के माध्यम किया गया।
पशुपालक करवा सकते है पंजीयन
गोधन न्याय योजना के अंतर्गत कोई भी पशुपालक जोन कार्यालय से संपर्क कर पंजीयन करवा सकता है। निगम प्रशासन की ओर से चिन्हित स्थल पर ले जाकर गोबर बेच सकता है। जोन-1 अंतर्गत शहरी गौठान कोसा नगर, जोन-4 एसएलआरएम सेंटर में गोबर खरीदी की व्यवस्था की गई है। इसी तरह से जोन-2, जोन -3 और जोन-5 में भी गोबर खरीदा जाएगा। पंजीकृत हितग्राहियों के बैंक खाता के माध्यम से 15-15 दिन के अंतराल में भुगतान किया जाएगा।
गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी ने की समीक्षा
निगम उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने निगम के सभागर में गोधन न्याय योजना की समीक्षा की। सभी जोन आयुक्त को अपने क्षेत्र के चिन्हित स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने कहा। जल्द से जल्द से गोबर खरीदी शुरू करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्व सहायता समूह की महिलाओं को गोधन न्याय योजना की विस्तृत जानकारी भी दी तथा डॉक्यूमेंटेशन को लेकर अद्यतन करने कहा। बैठक में उपायुक्त तरूण पाल लहरे, लेखा अधिकारी जितेन्द्र ठाकुर, पीएमयू के शुभम पाटनी, सभी जोन आयुक्त और समन्वय समिति की महिलाएं मौजूद थी।

दुर्ग / शौर्यपथ / वैश्विक महामारी के मद्देनजर कोरोना को लेकर शासन एवं प्रशासन के द्वारा रोज नए नए तुगलकी फरमान जारी किए जा रहे है, लेकिन उसके बावजूद कोरोना का संक्रमण राज्य भर मे दिन दूनी और रात चौगुनी रफ्तार से फैलता दिखाई दे रहा है, अब तो शासन प्रशासन को मान लेना चाहिए कि लॉक डाउन कोरोना का इलाज़ नहीं है, बल्कि लॉक डाउन के चलते बंद व्यापार ने व्यापारियों की कमर जरूर तोड़ दी है, व्यापारी अब डिप्रेसन मे जा चुके है, शासन प्रशासन ने अगर लॉक डाउन स्थिति को 6 अगस्त के बाद भी जारी किया तो अलग अलग तरह से जनता का विरोध देखने को मिल सकता है ।
इसी गंभीर मुद्दे को लेकर आज दुर्ग के कैट व्यापारी संघ ने एक बैठक का आयोजन कर लॉकडाउन जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा की, इस चर्चा के बारे में संगठन के पदाधिकारियों ने मीडिया से चर्चा करते हुये शासन प्रशासन को चेतावनी दी हैं कि यदि प्रशासन 6 अगस्त के बाद भी लॉकडाउन जारी रखा और हम लोगों को दुकानें खोलने की अनुमति देता है तो हम सभी व्यापारी 7 अगस्त से प्रात: 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक अपनी दुकान खोलेंगे। यदि चालान काटा गया तो सभी व्यापारी मिलकर इसका विरोध करेंगे। दुकान नही खुलने से हमको और हमारे परिवार को भूखे मरने की नौबत आ गई है। बिजली बिल किराया, बच्चों के स्कूल का फीस जमा करने से लेकर कई दिक्कतें हमारे सामने है, हम अब दुकान खोलने मजबूर है। अब हम हर हाल में 7 अगस्त से दुकान खोलनें चाहे कुछ भी हो।

    भिलाई / शौर्यपथ / विश्व बैंक कालोनी से ऐश्वर्या गैस एजेंसी के समीप गौरव पथ से जुड़ी भिलाई-चरोदा नगर निगम का मॉडल रोड भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। करीब एक करोड़ की लागत बनी मॉडल रोड एक महीने के अंदर ही दरकने लगी है। महज पांच सौ मीटर की लंबाई वाली इस सड़क पर जगह-जगह उभरी दरारे भ्रष्टाचार की पोल खुलता दिखाई दे रहा है। इस रोड में जगह जगह दरारों को देख रेत डालकर छिपाने की नाकाम कोशिश की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि भिलाई -3 में एक करोड़ की लागत से बनी मॉडल रोड भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी है। विश्व बैंक कालोनी से ऐश्वर्या गैस एजेंसी के समीप गौरव पथ से जुड़ी इस मॉडल रोड पर माह भर पहले ही डामरीकरण किया गया है। इस बीच कोई अधिक बारिश भी नहीं हो पायी है। बावजूद इसके सड़क का कुछ स्थान पर धंस जाना और दरारों के उभरने से कहीं न कहीं इसके निर्माण में हुई भ्रष्टाचार की पोल खुल रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास और पीएचई मंत्री गुरु रूद्र कुमार के निर्वाचन क्षेत्र वाले नगर निगम के महत्वपूर्ण विकास कार्य में भ्रष्टाचार की पोल खोलते इस मामले पर चर्चा सरगर्म हो गई है।
        भिलाई-चरोदा नगर निगम के द्वारा लगभग दो साल पहले विश्व बैंक कालोनी से गौरव पथ को जोडऩे वाली सड़क को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए लगभग एक करोड़ रूपये व्यय प्रावधानित किया गया। इसके तहत बीच में डिवाइडर के साथ दोनों ओर 20-20 फीट चौड़ाई में डामरीकृत सड़क को माह भर पहले ही अंतिम रूप दिया गया। दोनों तरफ पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ और दोनों किनारों पर आरसीसी नाली के सहित सड़क को रौशन करने डिवाइडर में ट्यूबलर पोल लगाने का कार्य भी इसमें शामिल है।
          जनप्रतिनिधियों की माने तो नगरीय प्रशासन विकास विभाग ने नगर निगम को अपनी सीमा के भीतर किसी एक सड़क को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने लागत के अनुरूप राशि प्रदान करने में कोई हीला-हवाला नहीं बरता। निगम द्वारा सड़क का चयन कर प्रेषित प्रस्ताव को स्वीकृति देकर शासन ने लगभग एक करोड़ की राशि प्रदान कर दिया। लेकिन डामरीकरण के माह भर के भीतर ही जिस तरह से सड़क पर दरारें उभरने लगी है। उसके शासन की दी गई राशि के बंदरबांट होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है। महज एक महिने में एक करोड़ की सड़क ने जिस तरीके से भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दिया है उससे नगर मकसद से रेत की परत बिछाने से यह साफ नजर आ रहा है।
प्रतिबंधित समय में डामरीकरण
         मॉडल रोड पर डामरीकरण का कार्य प्रतिबंधित समय में किया गया है। लोक निर्माण विभाग की गाइड लाइन के अनुसार 15 जून से 15 सितम्बर के बीच सड़क डामरीकरण नहीं किया जा सकता है। इस अवधि में बारिश की बनी रहने वाली संभावना के चलते डामरीकरण की गुणवत्ता प्रभावित होती है। लेकिन संबंधित ठेकेदार ने मॉडल रोड पर 15 जून के बाद डामरीकरण कर नियम के खिलाफ काम किया। अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया और माह भर के भीतर ही सड़क की दशा व दिशा बिगडऩे लगी है।
ठेकेदारों की रिंग पद्धति है जिम्मेदार: विजय जैन
      नगर निगम के सभापति विजय जैन ने निर्माण के एक महिने में मॉडल रोड के दरकने के लिए ठेकेदारों के अघोषित रिंग पद्धति को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से मामूली बारिश में सड़क खराब होने लगी है उससे अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत उजागर हुई है। जनप्रतिनिधियों की भावना के खिलाफ जाकर ठेकेदारों को रिंग बनाकर काम बांटने अधिकारियों की करतूत से जनभावना के अनुरूप विकास नहीं हो पाना दुखद है। इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

बालोद / शौर्यपथ / कलेक्टर जनमेजय महोब आज सुबह बरसते पानी में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार चन्द्राकर के साथ डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम भैंसबोड़ और ग्राम भर्रीटोला-43 के गौठान व चारागाह का निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने वहाॅ गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेता हितग्राहियों की संख्या और अब तक खरीदे गए गोबर की मात्रा की जानकारी ली। कलेक्टर ने समूह की सदस्यों से आजीविका गतिविधियों के संचालन के संबंध में चर्चा की। उन्होंने स्वसहायता समूहों की सदस्यों से वर्मी कम्पोस्ट निर्माण हेतु प्रशिक्षण की जानकारी ली। समूह की सदस्यों ने बताया कि उन्हें वर्मी कम्पोस्ट निर्माण हेतु प्रशिक्षण मिला है। कलेक्टर ने बताया कि खरीदे गए गोबर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर इसका सहकारी समितियों के माध्यम से विक्रय किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से एक ओर पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा। दूसरी ओर जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
ग्राम भैंसबोड़ में स्वसहायता समूह की सदस्यों ने कलेक्टर को बताया कि वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के अतिरिक्त तार फेंसिंग बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अगरबत्ती और फिनायल बनाने का भी कार्य किया जाएगा। कलेक्टर ने तार फेंसिंग निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया। समूह की सदस्यों ने बताया कि चारागाह परिसर में कृषि और उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है और डबरी में मछली पालन भी किया जा रहा है।
कलेक्टर ने ग्राम भर्रीटोला-43 के गौठान में गोधन न्याय योजना के तहत खरीदे गए गोबर और वर्मी टंाका का अवलोकन किया। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट तथा गौठान में निर्मित अन्य उत्पादों का भी आकर्षक पैकेजिंग की सलाह दी।
कलेक्टर ने वहाॅ भी चारागाह का अवलोकन किया। उन्होंने वहाॅ चारागाह परिसर में स्वसहायता समूह द्वारा ली जा रही सब्जी की फसल का अवलोकन कर उसकी सराहना की और समूह के सदस्यों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राज, सहायक परियोजना अधिकारी नीतेश साहू, पूर्व जनपद सदस्य अनिल सुथार सहित पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज शासकीय मेडिकल कॉलेज पेण्ड्री में वायरल रिसर्च एवं डायग्नोस्टिक लेब्रोटरी का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने बॉयोसेफ्टी लेवल -2 रूम, टेम्प्लेट एण्ड एडिशन रूम, मास्टर मिक्स एण्ड पीसीआर रिएजेंट प्रिप्रेशन रूम, पीसीआर रूम, पोस्ट पीसीआर रूम, कोल्ड रूम, रिकार्ड रूम, स्टॉफ रूम एवं स्टरलाईजेशन रूम तथा लॉबी का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि इस लैब के बन जाने से अब कोविड-19 के परीक्षण के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट में गति आएगी। उन्होंने डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. रेणुका गहिने से लैब टेक्नीशियन एवं अन्य स्टॉफ के प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी ली। डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. गहिने ने बताया कि आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए इस लैब में एक वैज्ञानिक, एक माईक्रो बॉयोलॉजिस्ट, 6 लैब टेक्नीशियन रहेंगे। उन्होंने कहा कि लेब्रोटरी में शुरूआत में आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए प्रतिदिन 250 से 300 सेम्पल का परीक्षण किया जाएगा एवं आने वाले समय में इसकी क्षमता प्रतिदिन 1000 से 1200 तक बढ़ाई जाएगी।
       इस अवसर पर अधीक्षक मेडिकल कॉलेज डॉ. प्रदीप बेक उपस्थित थे। शासकीय मेडिकल कॉलेज पेण्ड्री के माईक्रो बॉयोलॉजी विभाग के अंतर्गत कोविड-19 आरटीपीसीआर टेस्ट करने के लिए वायरल रिसर्च एवं डायग्नोस्टिक लेब्रोटरी का निर्माण किया गया है। इस लैब के नोडल ऑफिसर डॉ. विजय अंबादे एवं लेब्रोटरी इंचार्ज डॉ. सिद्धार्थ पिंपलकर है। लेब्रोटरी में सेम्पल प्राप्त करने वाली टीम सेम्पल लेगी और बीएसएल-2 रूम में सेम्पल का सत्यापन वेरिफिकेशन टीम के द्वारा किया जाएगा। उसके बाद सेम्पल एनालिसिस एवं आरएनए एक्सट्रेक्शन टीम आरएनए का एक्सटे्रक्शन का कार्य करेगी। निकाले हुए निष्कर्षित आरएनए का मास्टर मिक्स के साथ मिक्सिंग किया जाएगा एवं अंतिम चरण में आरटीपीसीआर मशीन के माध्यम से विश्लेषण टीम उसका परीक्षण करेगी और अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

पनामा पेपर्स मामले में मुख्यमंत्री पद पर रहे रमन सिंह को खुद जांच करवानी थी
अब भी रमन सिंह शिकायत करें नहीं तो कांग्रेस राज्य सरकार को जांच के लिये कहेगी

    रायपुर / शौर्यपथ / पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के कवर्धा के पते पर विदेशी खाते खोले जाने पर वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि अगर रमन सिंह ने अपने कवर्धा के पते पर विदेशों में खाता खोले जाने की शिकायत नहीं की है तो स्पष्ट है कि मामला बहुत गंभीर है। रमन सिंह जी को इस मामले की जांच कराये जाने की अपनी जिम्मेदारी निभानी थी। अगर रमन सिंह जी पाक साफ होते तो जांच नहीं तो कम से कम मामले की शिकायत तो रमन सिंह ने की ही होती। 15 साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के वर्तमान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे जो इतने गंभीर विवाद पर भाजपा की राज्य सरकार और भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा जांच तक नहीं करवाने से सब कुछ स्पष्ट है।
    रमन सिंह जी अभी भी शिकायत नहीं करते हैं, तो कांग्रेस सरकार से शिकायत करेगी और इस अगस्ता दलाली के मामले पर कार्यवाही की मांग करेगी। अब तो भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी पूछ लिया है कि सरकार पनामा पेपर्स मामले में कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे है। अगर भाजपा चाहे तो इस मामले की जांच के लिये राज्य सरकार को कह सकती है।
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि हम यह भी जानना चाहते है कि क्या अगस्ता मामले की दलाली का पैसा ही इस विदेषी खातें में जमा किया गया था? पनामा पेपर्स से उजागर हुये अभिशेक सिंह के विदेषी निवेष के मामले की जांच होनी चाहिये। आई.सी.आई.जे. की वेबसाइट में ‘‘म.नं. 05, विंध्यवासिनी वार्ड, रायपुर-नांदगांव मार्ग कवर्धा, जिला कबीरधाम’’ दिया गया है। अभिषेक सिंह के पिता रमन सिंह का पता विधानसभा निर्वाचन के समय उनके शपथ पत्र में ‘‘म.नं. 05, रायपुर-नांदगांव मार्ग कवर्धा, जिला कबीरधाम’’ दिया गया है। अभिषेक सिंह के द्वारा अपना नामांकन फार्म में पता यही भरा गया है। यही पता आई.सी.आई.जे. द्वारा उजागर लिंक्स में भी है। इन सारे महत्वपूर्ण तथ्यों के बावजूद भी न रमन सरकार ने न भाजपा की केन्द्र सरकार ने रमन सिंह और अभिषेक सिंह के कालेधन के निवेश की जांच नहीं करवायी?
          प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पूछा है कि 15 साल की सत्ता चली जाने के बाद रमन सिंह अब तो बता दें कि मुख्यमंत्री के कवर्धा के पते पर खाता खोलने वाला अभिषाक सिंह कौन है? 2 साल पहले पनामा की फर्म मोस्साक फोंसेका के कुछ पेपर लीक हुए थे, जिसमें अभिषाक सिंह के नाम से मुख्यमंत्री रमन सिंह के कवर्धा वाले घर के पते पर करोड़ों रुपयों के विदेशी निवेश की बात उजागर हुई थी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सांसद बेटे का नाम अभिषेक सिंह है। लगातार कांग्रेस द्वारा इस मामले में जांच की मांग की जाती रही है। कांग्रेस ने बार-बार मांग दोहराई है कि पनामा पेपर्स लीक मामले में अभिषाक सिंह के नाम और मुख्यमंत्री के गृह निवास के पते पर जो निवेश हुआ है, उसकी जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। परंतु इतने बड़े घोटाले में सूबे के 15 साल मुखिया रहे रमन सिंह की लगातार रहस्यमयी चुप्पी लगातार अनेक सवालों को जन्म देती रही। मुख्यमंत्री रमन सिंह के घर पर अभिषाक सिंह के नाम से निवेश की कंपनी खोली जाती है और इसकी जांच में ना तो स्वयं मुख्यमंत्री रमन सिंह, ना भाजपा की राज्य सरकार और ना भाजपा की केंद्र सरकार कोई रुचि नहीं दिखा रही है। अभी तक कोई जांच ही नहीं गई है। इससे कम तथ्यों के खुलासे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की गद्दी चली गई।

बिरगॉव / शौर्यपथ / अर्बन क्षेत्र में ग़ैर कोविड गतिविधि के तहत बुधवार को बिरगॉव में किशोरी दिवस का आयोजन किया गया जिसमें 11 से 14 वर्ष की सभी किशोरियों की लम्बाई और वजन मापा गया। साथ ही उन्हे स्वास्थ्य और कोरोना संक्रमण काल में बेहतर पोषण आहार लेने की जानकारी दी गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मीरा बघेल के मार्गदर्शन में किशोरी दिवस का आयोजन आगामी समय में प्रत्येक बुधवार को नियमित रुप से गाइडलाईन का पालन करते हुये मनाया जाएगा।किशोरी दिवस के आयोजन की जानकारी देते हुए शहरी कार्यक्रम प्रबंधक ज्योत्सना ग्वाल ने बताया राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में 11 से 14 वर्ष की सभी किशोरियों के हीमोग्लोबिन, लम्बाई और वजन मापा गया। कम हीमोग्लोबिन पाए जाने पर किशोरियों को आयरन की गोलियों के साथ ही बेहतर पोषण आहार के बारे में जानकारी दी गई। जो किशोरियां एनीमिक पायी गईं उन्हें अगले चरण में फिर से बुलाया गया है। किशोरियों को खून की कमी से बचने को आयरन की गोलियों के सेवन और खान-पान संबंधी विस्तृत जानकारी भी विभाग द्वारा दी गई ।
इसके साथ ही किशोरियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ ही सैनिटरी नैपकिन का निशुल्क वितरण किया गया। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए बिना गले लगे एक दूसरे का अभिवादन करने, शारीरिक दूरी बनाये रखने, मास्क लगाने और आंख, नाक कान और मुंह को हाथों से नहीं छूने के बारे में भी बताया गया । श्वसन संबंधी सफाई और सुरक्षा का पालन करने, नियमित हाथों को धोने, अलग-अलग सतहों को नियमित कीटाणु रहित करने की सलाह दी गयी है। महामारी के दौरान कोरोना संक्रमितों से भेदभाव एवं कोरोना को लेकर सोशल मीडिया के माध्य्म से फैलने वाली अफवाह से खुद को और परिवार को बचाने की बातें भी बताई गई। कोविड 19 संक्रमण से जुड़े नकारात्मक और बिना पुष्टि की गई बातों को सोशल मीडिया के माध्यम से नहीं भेजने की अपील की गयी है । साथ ही कोविड 19 के बारे में विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लेने, किसी मदद या जानकारी के लिए टॉल फ्री नंबर 104 पर फोन करने और मानसिक तनाव,अवसाद को दूर करने के लिए आवश्यक मदद पाने की जानकारी भी दी गई ।
परिवार में कोई तंबाकू का सेवन करने वाले सदस्यों को रोकना और नशा मुक्ति केंद्र तक पहुंचाने मे मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सूचित कर उनकी मदद लेने की भी बात बताई गयी ।
डॉ. अंजना लाल, सिस्टर रेखा परघनिया, सिस्टर पूनम, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरगांव और हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर उरला की सिस्टर सुनीता ठाकुर का महत्वपूर्ण सहयोग किशोरी दिवस को सफल बनाने में रहा ।

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