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June 02, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

     रायपुर / शौर्यपथ / राजधानी के खुदादाद डूंगाजी शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में ओपीडी वैकिल्पक व्यवस्था मंगलवार से मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने शुरु की है। आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में दो दिनों से चालू सामान्य ओपीडी में महिला व पुरुष मरीजों के लिए अलग-अलग डॉक्टरों की टीम मरीजों का इलाज कर रहे हैं। सामान्य ओपीडी में मंगलवार और बुधवार को 250 से अधिक मरीज लाभांवित हुए। आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जीएस बघेल ने बताया, आयुर्वेदिक अस्पताल की आईपीडी व ओपीडी वार्ड को स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड-19 अस्पताल का वार्ड बनाए जाने के बाद से 28 जुलाई से 3 अगस्त तक ओपीडी प्रभावित रही। डॉ बघेल का है कोरोना संकट के बीच नॉन कोविड के मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए वैकिल्पक व्यवस्था शुरु की गई है। इससे आयुर्वेदिक पद्वति से इलाज कराने वाले मरीजों को दवाएं और डॉक्टरों से परामर्श भी मिल सकेंगे। कॉलेज के भवन में ओपीडी का संचालन 4 अगस्त से सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक नियमित रूप से शुरू किया गया है ।
     ओपीडी की वैकिल्पक व्यवस्था शुरू होने से आयुर्वेदिक अस्पताल में आने वाले प्रतिदिन 250 से अधिक मरीजों को डिस्पेंसरी खुलने से निशुल्क औषधियों का लाभ मिलने लगेगा। डिस्पेंसरी की औषधियों को कॉलेज के फिजीयोलॉजी हॉल में शिफ़ट किया गया है। ताकि दवाओं के लिए मरीजों व पेंशनरों को यहां वहां भटकने की जरुरत न पड़े। ताकि आयुर्वेद के इलाज में सेवा ले रहे मरीजों का चिकित्सकों का परामर्श का लाभ मिल सके । ओपीडी में इलाज कराने आए हीरापुर निवासी 40 वर्षीय प्रेमलाल साहू ने बताया, उन्हें पक्षाघात की शिकायत है। यहां लगभग 3-4 महीने से इलाज चल रहा है। आयुर्वेदिक अस्पताल में इलाज का लाभ भी हुआ है। सप्ताह भर से ओपीडी बंद होने से दवा के लिए परेशानी हो रही थी। इसी तरह मुंगेली निवासी 52 वर्षीय रतन लाल उइके और उनकी 20 वर्षीया बेटी उर्मिला उइके को मधुमेह की बीमारी है। रतन लाल ने बताया काफी जगह भटकने के बाद आयुर्वेदिक दवाओं से उनको काफी राहत मिल रही है।
          आयुर्वेदिक अस्पताल अधीक्षक डॉ पीके जोशी ने बताया ओपीडी कक्ष को कोविड-19 वार्ड में तब्दील कर 300 बेड का अस्पताल कोरोना मरीजों के लिए शुरु किया गया है। इसकी वजह से मरीजों की इलाज़ प्रभावित हो रहा था। आयुष संचालक जीएस बदेशा ने महाविद्यालय की मान्यता सहित पीजी करने वाले 70 छात्रों का रिसर्च वर्क प्रभावित ने हो इस लिए ओपीडी को नियमित रुप से प्रारंभ करने का निर्देष दिया है। डॉ जोशी ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सा सेवा के लिए संचालित ओपीडी पंचकर्म,कायचिकित्सा, शल्य, बाल रोग, शालक्य, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के मरीजों का इलाज अभी सामान्य ओपीडी में ही होंगे। ओपीडी में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच नियमित रूप से होगा। अस्पताल में आने वाले मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा। अस्पताल परिसर में गर्भवती महिलाओं के अलावा अन्य महिलायों को भी स्त्री रोग से संबंधित इलाज व परामर्श प्रदान किए जाएंगे ।

नवागढ़/ शौर्यपथ / लगातार नवागढ़ क्षेत्रवासियों को विद्युत की समस्या का सामना करना पड़ रहा है ,कही ट्रांसफॉर्मर खराबी, तो कही फेल हुए ट्रांसफॉर्मर को बिजली विभाग के द्वारा लगा दिया गया है। कही- कही लोव वोल्टेज की समस्या , तो कही विधुत के कारण पेयजल की समस्या हर समय सामने आ रही है। ट्रांसफॉर्मर खराबी के कारण ज्यादातर गावो में किसान परेशान हो रहे है। एक ओर पूरी विश्व वैश्विक महामारी कोरोना संकट से लोग जूझ रहे है वही दूसरी ओर किसान कम बारिश को लेकर परेशान तो अब बिजली विभाग की उदासीनता को देखकर किसान चिंतित है।
पूरा मामला जनपद पंचायत नवागढ़ के नवीन ग्राम पंचायत बुचिपुर का है। जहां बार बार ट्रांसफॉर्मर फेल के कारण ग्रामीण परेशान है,पेयजल का संकट उत्पन्न हो गई है। मंगलवार रात से जानकारी मिलने तक पूरे गांव में बिजली बीजली बंद थी। जिनकी शिकायत ग्रामीणों ने फ़ोन के माध्यम से जिला कलेक्टर एवं विद्युत विभाग को भी सूचित भी कर दिया गया है। लेकिन अभी तक जिला के कोई भी अधिकारी इस मामले में ध्यान नही दे रहे है। विभाग के उच्च अधिकारी भी मामले को संज्ञान में नही ले रहे है ।जिनके चलते ग्रामीण आक्रोशित नजर आ रहे है, साथ ही साथ इस बार नए ट्रांसफॉर्मर नही लगने पर ग्रामीणों ने राज्य सरकार नारेबाजी और धरना प्रदर्शन की बात कही।
संभागीय कार्यपालन यंत्री मुरारी श्री हरि ने ने बताया कि नियमित रूप से फेल हुए ट्रांसफॉर्मर को भिलाई स्टोर भेजा जा रहा है। हाल में ही 25 केवी के 30 नये ट्रांसफार्मर प्राप्त हुआ है। जिसे जरूरत के आधार पर सिचाईं व घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भेजा जा रहा है,आने वाले दिनों में और भी ट्रांसफॉर्मर प्राप्त होने वाला है ।फेल हुए ट्रांसफॉर्मर बदल जाएंगे।कुछ पुराने ट्रांसफार्मर की मरम्मत कर उपयोगी बनाने का काम भी कार्यलय परिसर में किया जा रहा है।

// 46 हजार 964 हितग्राहियों को 1.65 करोड़ रूपए का होगा भुगतान
शहीद महेन्द्र कर्मा को उनकी जयंती के अवसर पर अर्पित करेंगे श्रद्धांजलि
// शहीद महेन्द्र कर्मा के नाम पर प्रदेश में शुरू होगी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना
// प्रदेश के 12.50 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को मिलेगा लाभ
// मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गोबर विक्रेताओं से भी करेंगे चर्चा
// राम वन गमन पथ पर दिया जाएगा प्रस्तुतीकरण

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 5 अगस्त को अपने रायपुर निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार की अभिनव योजना 'गोधन न्याय योजनाÓ के तहत गोबर खरीदी का पहला भुगतान हितग्राहियों के खाते में अंतरित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे। श्री बघेल इस अवसर पर प्रदेश में शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना का भी शुभारंभ करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री बघेल दोपहर 3 बजे शहीद महेन्द्र कर्मा की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और वन मंत्री मोहम्मद अकबर का उद्बोधन होगा। मुख्यमंत्री 3.15 बजे गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर खरीदी की राशि का हितग्राहियों के खाते में अंतरण प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री बघेल इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों से चर्चा करेंगे। दोपहर 3.35 बजे मुख्यमंत्री शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना का शुभारंभ करने के बाद कार्यक्रम को सम्बोधित करेंगे। पर्यटन विभाग के अधिकारियों द्वारा दोपहर 3.50 बजे राम वन गमन पथ पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा।


    मुख्यमंत्री बघेल गोधन न्याय योजना के तहत 20 जुलाई से 1 अगस्त तक गोबर खरीदी की पहली किश्त की राशि 5 अगस्त को सहकारी बैंक के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में अंतरित करेंगे। राज्य में कुल 4140 गौठानों में पंजीकृत 65 हजार 694 हितग्राहियों में से 46 हजार 964 हितग्राही द्वारा 82 हजार 711 क्विंटल गोबर का विक्रय किया गया, जिसकी कुल राशि 2 रूपए प्रति किलो की दर से 1 करोड़ 65 लाख रूपए पशुपालकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। इस योजना का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर के पशुपालकों तक पहुंचाया जा रहा है, जिसमें 38 प्रतिशत महिला हितग्राही, 48 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग, 39 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति, 8 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं 5 प्रतिशत सामान्य वर्ग के हितग्राही हैं। गोबर खरीदी का आगामी भुगतान 15 अगस्त को किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत राज्य के रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी और बालोद जिलों में सबसे अधिक गोबर विक्रय किया गया है। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्रों में रायपुर एवं दुर्ग के पशुपालकों ने सबसे ज्यादा गोबर विक्रय किया गया है।
   गोधन न्याय योजना देश में अपने तरह की प्रथम योजना है, जिसमें पशुपालकों, किसानों से 2 रूपए प्रति किलो (परिवहन व्यय सहित) की दर पर गौठानों में खरीदी की जा रही है। खरीदे गए गोबर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर इसका सहकारी समितियों के माध्यम से विक्रय किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से एक ओर पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा। दूसरी ओर प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।

रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना महामारी संक्रमण को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के गृह और लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने 6 अगस्त को अपने जन्म दिन पर कोई कार्यक्रम नहीं करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में भारत सहित संपूर्ण विश्व कोरोना महामारी के प्रकोप से त्रस्त है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए पूरे प्रदेश में लॉकडाउन लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि जन्म दिन पर व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, सोशल मीडिया आदि के माध्यम से ही शुभकामनाएं, स्नेह और आशीर्वाद प्रदान कर सकते हैं।

दुर्ग / शौर्यपथ / वर्तमान में जिले सहित देश में कोरोना आपदा के कारण आम जनता से बड़े बड़े व्यापारियों की आर्थिक स्थिति खराब हो चली है वही प्रशासन द्वारा लगातार भिन्न भिन्न माध्यमो से सोशल डिस्टेंस , मास्क व अन्य सुरक्षात्मक उपाय के सन्देश प्रसारित भी किये जा रहे है और व्यावसायिक संस्थाओ को निर्देश भी दिया जा रहा है . इस आपदा की घडी में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगो का कोरोना से मुकाबला में अहम योगदान मिल रहा है किन्तु आज भी कई ऐसे चिकित्सीय संस्था है जो शासन के नियमो का पालन ना करते हुए सिर्फ जेब भरने में ध्यान दे रहे है और चिकित्सा जगत की कोशिशो को भी बदनाम करने में लगे हुए है ऐसे ही एक मामले में आज नेहरू नगर चौक के करीब स्थित सुराज हास्पिटल में नजारा दिखा जिसमे शासन के कई नियमो की खुले आम धज्जी उड़ाई जा रही है ताकि जेब भर सके इसे अगर आपदा में अवसर की संज्ञा दे तो कोई अनुचित भी नहीं होगा .

प्रवेश द्वार पर नहीं कोई सुरक्षा - जैसा की वर्तमान दिनों में देखा जा रहा है कि कोई भी व्यावसायिक या शासकीय संस्था इन दिनों प्रवेश द्वारा पर टेम्प्रेचर मीटर , सेनेटाईजऱ के साथ सोशल डिस्टेंस व मास्क की अनिवार्यता की बात का पालन करते हुए खडा रहता है किन्तु नेहरू नगर के इस 3 मंजिला सुराज हास्पिटल के प्रवेश द्वारा पर ऐसी कोई सुरक्षा साधनों का अभाव दिखा वही मरीजो के बैठने के वेटिंग हाल की भी का नज़ारा देखने से ही स्पष्ट प्रतीत हो रहा है कि सुराज हास्पिटल के संचालको को मरीजो की सुरक्षा की परवाह उतनी नहीं जितनी अपनी जेब भरने की है अगर मरीजो के सुरक्षा की परवाह होती तो सूरज हास्पिटल जैसे बड़े निजी नर्सिंग होम में सुरक्षा के सभी माप दंड को पूरा किया जाता किन्तु ऐसा नहीं हुआ .

निगम प्रशासन की लापरवाही या कुछ और ...
यु तो भिलाई निगम के बारे में सुनने में काफी आता है कि बड़ी सख्ती से नियमो का पालन करवाया जा रहा है किन्तु सुराज हास्पिटल में दिखी अव्यवस्था से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुख्य मार्ग में स्थित संस्था की ये हालत है तो बसाहट के अन्दर की संस्था का क्या हाल होगा . सूरज हास्पिटल की व्यवस्था से ही भिलाई निगम के कार्य प्रणाली का दर्शन हो जाता है है कि निगम के अधिकारियों का जोर सिर्फ गरीबो से मास्क ना लगाने के एवज में जुर्माना लेना है और अपनी रिकार्ड कलेक्शन में मजबूत करना है .
स्वास्थ्य विभाग की व्यस्तता का उठा रहा है सुराज भरपूर फायदा ...
वर्तमान में शासकीय विभागों में जिला स्वास्थ्य विभाग काफी व्यस्त है क्वारेनटाइन सेंटर , होम आइसोलेषण , कोविद हॉस्पिटल की जिम्मेदारी जैसे तमाम कारणों से जिला स्वास्थ्य विभाग व्यस्त है ऐसे में इस बात का फ ायदा उठा कर सुराज हास्पिटल जैसे निजी संस्था वर्तमान में आपदा में अवसर की तलाश में नियमो को ताक में रख कर व्यापार कर रहे है
लेकिन अब देखना यह है कि सुराज हास्पिटल जो नेहरु नगर चौक मे संचालित है। यहा खुले आम सोशल डिसटेसिग की धज्जियां उडाई जा रही है। मजबूर और गरीब जनता पर जुर्माना लगाने वाली प्रशासन क्या इस हास्पिटल प्रबंधन पर जुर्माना लगाएगी। यह वो नियम सिर्फ भोली भाली जनता के लिए लागू होती हैं।

दुर्ग / शौर्यपथ / लायंस क्लब छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश कि ईकाई डिस्ट्रिक्ट 3233 सी के गवर्नर लायंस जयप्रकाश अग्रवाल ने अपने सत्र 2020-2021 की कार्यकारणी का विस्तार किया गया जिसमे दुर्ग जिले के लायंस क्लब के सदस्य अय्युब खान की समाजिक सेवा और सक्रियता से कोरोना काल मे कार्य करते हुये देख कर डिस्ट्रिक्ट 3233 सी महत्वपुर्ण जि़म्मेदारी देते हुये लायंस क्लब का डिस्ट्रिक्ट चैयरपर्सन की नियुक्ति की है।
लायन अय्युब खान ने बताया की लायंस क्लब विश्व कि जानी मानी और बहुत बड़ी समाजिक संस्था है जिसके शाखा या ईकाई दुनियाँ के हर देश मे और उन देश के हर शहरों मे है और लगातार अपने ही सौजन्य और आपस मे मिलकर सहयोग कर समाज कि सेवा ,गरीबों और जरूरतमंद लोगो क़ो मदद करते है और वर्षों करते आ रहे इस संस्था मे मुझे बड़ी जि़म्मेदारी दी गई जिसमे छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के लग भग 98 क्लब है नगरीय सौन्दर्य करण का कार्य स्वच्छ भारत अभियान के तहत दिया गया हई जिसके लिए मै गवर्नर जयप्रकाश अग्रवाल जी और वरिष्ट सदस्यो का आभार मानता हूँ ॥

दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल ने आज निगम प्रशासनिक व्यवस्था के तहत् कड़े निर्णय लेते हुये स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता को बाजार विभाग से हटा दिया गया। आयुक्त इंद्रजीत बर्मन सहित एमआईसी प्रभारियों के साथ चर्चा करते हुये थान सिंग यादव को पुन: बाजार विभाग की जिम्मेदारी दी गई।
चर्चा के दौरान आयुक्त इंद्रजीत बर्मन, राजस्व प्रभारी ऋषभ जैन, जलकार्य प्रभारी संजय कोहले, वित्त प्रभारी दीपक साहू, शिक्षा प्रभारी मनदीप सिंह भाटिया, स्वास्थ्य प्रभारी हमीद खोखर, महिला एवं बाल विकास प्रभारी जमुना साहू, पर्यावरण प्रभारी श्रीमती सत्यवती वर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन प्रभारी अनुप चंदानियां,लोक कर्म प्रभारी अब्दुल गनी, गरीबी उपशमन प्रभारी शंकर सिंह ठाकुर व अन्य उपस्थित थे ।
इस संबंध में महापौर बाकलीवाल ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के तहत् राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में निगम द्वारा निरंतर अभियान चलाया गया है। इसमें नगर निगम दुर्ग के बाजार विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों का दल कार्य कर रहा है।
महापौर ने सभी एमआईसी सदस्यों के साथ बाजार अधिकारी दुर्गेश गुप्ता के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर चर्चा की । लॉकडाउन के दौरान शहर के छोटे- बड़े व्यवसायियों से दुव्र्यवहार और सब्जी पसरा लगाकर व्यवसाय करने वाली महिलाओं से अभद्रता सहित अन्य मामलों को लेकर एमआईसी प्रभारियों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त किये।
निगम आयुक्त को सभी शिकायतों से अवगत कराया गया। बाजार विभाग अधिकारी के रुप में दुर्गेश गुप्ता द्वारा की जा रही कार्यवाही के तहत् व्यवसायियों के साथ गाली-गलौज, और सामानों को फेकने एवं आपत्तिजनक र्दुव्यवहार की लगातार शिकायत को देखते हुये दुर्गेश गुप्ता को तत्काल बाजार विभाग से हटा दिया गया। वे पूर्व के सामान केवल स्वास्थ्य विभाग के कार्यो का संपादन करेगें । वहीं थान सिंग यादव को पुन: बाजार विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी गई ।

नई दिल्ली / शौर्यपथ / आगामी 5 अगस्त को अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण का शिलान्यास होना है जिसके लिए यूपी सरकार द्वारा बड़े जोर शोर से तयारी चल रही है . 5 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम की सूचि तैयार हो गयी इस सूचि के अनुसार 150 लोगो को निमंत्रण दिया गया है एवं मंच में पीएम मोदी के साथ 5 लोग ही रहेंगे . इस बीच भाजपा सांसद सुब्रमणियास्वामी ने एक साक्षात्कार के दौरान सवाल पूछा गया कि राममंदिर शिलान्यास पूजन के दौरान किन किन लोगो को बुलाना चाहिए जिन्हें नहीं बुलाया गया के जवाब में स्वामी ने कहा कि राम मंदिर में प्रधानमंत्री का कोई योगदान नहीं है सारी बहस हमने की जहां तक मै जानता हूँ की सरकार की तरफ से उन्होंने कोई ऐसा काम नहीं किया जिससे ये कहा जाए कि निर्णय उनकी वजह से आया है . स्वामी ने कहा जिन जिन लोगो ने काम किया उसमे राजिव गाँधी , नरसिंह राव व अशोक सिंघल का नाम है .

नई दिल्ली / शौर्यपथ / भाजपा सांसद सुब्रमणियास्वामी ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यो पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टेबल पर ५ साल से रामसेतु को राष्ट्रिय धरोहर घोषित करने की फाइल राखी हुई है किन्तु उस पर अभी तक हस्ताक्षर नहीं हुए है . स्वामी ने कहा मई कोर्ट जाकर आदेश दिलवा सकता हूँ लेकिन मुझे बुरा लगता है कि हमारी पार्टी होने के बावजूद हमें कोर्ट जाना पड़ता है .
सुब्रमणियास्वामी ने अपने एक ब्यान में कहा कि अगर राजीव गाँधी फिर से प्रधानमंत्री बनते तो राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू हो जाता किन्तु असामयिक मृत्यु के बाद स्थितिया बदल गयी . ( साभार जनसत्ता )

जयपुर। शौर्यपथ । विधानसभा सत्र के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट गुट के रुख पर सस्पेंस बरकरार है। इस बीच पायलट कैम्प के समर्थित विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत ने साफ़ किया है कि पायलट समर्थित सभी विधायक विधानसभा सत्र में शामिल होंगे। हालांकि सदन में सरकार के विश्वासमत हासिल करने के लिए फ्लोर टेस्ट होने की संभावना पर उन्होंने कहा कि इसका आखिरी फैसला सचिन पायलट ही तय करेंगे। ‘सत्र में ज़रूर होंगे शामिल’ विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत ने एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि ‘हम सत्र में ज़रूर आयेंगे, हमनें कभी पार्टी के खिलाफ कोई स्टेटमेंट थोड़े ही दिया है, पार्टी में हैं पार्टी में रहकर बात करेंगे, हमारी बात सुनें, हम पार्टी हाईकमान से यही बात करने आये हैं।’ ‘पायलट का रहेगा आखिरी फैसला, हम उनके साथ’ फ्लोर टेस्ट होने की स्थिति के सवाल पर ‘बगावती’ विधायक ने कहा, ‘ये फैसला सचिन पायलट साहब का है, हम तो सचिन पायलट पर विश्वास करते हैं, उनके साथ खड़े हैं और उनके साथ ही खड़े रहेंगे।’ ‘जितनी आवश्यकता उतने विधायक हमारे पास’ शक्तावत ने कहा कि पायलट गुट में फिलहाल 19 विधायक मौजूद हैं। सभी हरियाणा स्थित एक रिजोर्ट में कैम्प कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जितनी आवश्यकता है उतने विधायक हमारे पास मौजूद हैं। साथी ही ये भी कहा गहलोत गुट के कुछ विधायक भी उनके संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सुरक्षित है तो विधायकों को इस तरह से जैसलमेर क्यों शिफ्ट किया गया है? ‘मान-सम्मान की लड़ाई में हम सब एकजुट’ विधायक शक्तावत ने कहा कि पायलट कैम्प में मौजूद सभी विधायक इस मान-सम्मान की लड़ाई में एकजुट हैं। मुख्यमंत्री के बयानों पर नाराजगी जताते हुए शक्तावत ने कहा, ‘आज हमारे नेता को निकम्मा-नकारा कहा जा रहा है, हमारे घर पर आधी रात को नोटिस करवाए जा रहे हैं, जबकि हम तो सरकार के साथ हैं पार्टी के साथ हैं।’

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