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सेहत / शौर्यपथ / सेल्फ डिफेंस के लिए स्ट्रॉन्ग इम्युनिटी के साथ मसल्स स्ट्रेंथ का होना भी बहुत जरूरी है। बिगनर्स के लिए ऐसी एक्सरसाइज हैं, जिनसे लूज स्किन को टाइट करके मसल्स पावर को बढ़ा सकते हैं।
लंजेस
यह मांसपेशियों के निर्माण का अभ्यास कार्यात्मक गति को बढ़ावा देने, और आपके पैरों और ग्लूट्स में ताकत बढ़ाने के लिए जरूरी है।
ऐसे करें
अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई से अलग करके शुरू करें, और अपने हाथों को नीचे की ओर रखें।
अपने दाहिने पैर के साथ एक कदम आगे बढ़ाएं, और अपने दाहिने घुटने को मोड़ें, यह सुनिश्चित करते हुए कि आपकी जांघ जमीन के समानांतर है।
यह सब करते हुए, अपने दाहिने घुटने को सुनिश्चित करें कि आपके दाहिने पैर से आगे न जाएं।
अपने दाहिने पैर को धक्का दें, और शुरुआती स्थिति में वापस आ जाएं।
दूसरे पैर से दोहराएं। तीन सेट के लिए 10 बार दोहराएं।
पुशअप्स
आपने कई लोगों को पुशअप्स करते देखा होगा क्योंकि यह एक ही समय में आपके शरीर में कई मांसपेशियों को शामिल करता है।
ऐसे करें
एक प्लैंक स्थिति में शुरू करें। आपका कोर तंग होना चाहिए, कंधे नीचे और पीछे खींचे गए, और आपकी गर्दन सीधी होनी चाहिए।
अपनी कोहनी मोड़ें, और अपने शरीर को फर्श पर नीचे करें।
धीरे-धीरे और लगातार, इसे ऊपर उठाएं।
मूवमेंट के दौरान अपनी कोहनी को अपने शरीर के करीब रखने पर ध्यान दें।
जितना संभव हो उतनी बार दोहराएं।
स्क्वाट्स
यह एक साधारण व्यायाम की तरह लग सकता है, लेकिन यह आपके निचले शरीर में ताकत बढ़ाता है जैसे कोई और नहीं! स्क्वाट्स सबसे अच्छा मांसपेशी निर्माण अभ्यास में से एक हैं क्योंकि वे शरीर की कुछ सबसे बड़ी मांसपेशियों को संलग्न करते हैं।
ऐसे करें
सीधे खड़े होकर, अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई से अलग करके, और अपनी भुजाओं के साथ शुरू करें।
अपनी छाती और ठोड़ी ऊपर रखते हुए, अपने कूल्हों को पीछे धकेलें और अपने घुटनों को मोड़ें, जैसे कि आप एक कुर्सी पर बैठने जा रहे हैं।
अपने घुटनों को मोड़ो मत, और सुनिश्चित करें कि आपकी जांघें जमीन के समानांतर हों, अपनी बाहों को आपके सामने एक आरामदायक स्थिति में लाएं।
एक सेकंड के लिए रुकें, अपने पैरों को बढ़ाएं और शुरुआती स्थिति में लौट आएं।
20 रिपीट के तीन सेट करें।
पुशअप्स
आपने कई लोगों को पुशअप्स करते देखा होगा। क्योंकि यह एक ही समय में आपके शरीर में कई मांसपेशियों को शामिल करता है। कमाल है, क्या यह नहीं है?
ऐसे करें
एक प्लैंक स्थिति में शुरू करें। आपका कोर तंग होना चाहिए, कंधे नीचे और पीछे खींचे गए, और आपकी गर्दन सीधी होनी चाहिए।
अपनी कोहनी मोड़ें, और अपने शरीर को फर्श पर नीचे करें।
धीरे-धीरे और लगातार, इसे ऊपर उठाएं।
मूवमेंट के दौरान अपनी कोहनी को अपने शरीर के करीब रखने पर ध्यान दें।
जितना संभव हो उतनी बार दोहराएं।
स्क्वाट्स
यह एक साधारण व्यायाम की तरह लग सकता है, लेकिन यह आपके निचले शरीर में ताकत बढ़ाता है जैसे कोई और नहीं! स्क्वाट्स सबसे अच्छा मांसपेशी निर्माण अभ्यास में से एक हैं क्योंकि वे शरीर की कुछ सबसे बड़ी मांसपेशियों को संलग्न करते हैं।
ऐसे करें
सीधे खड़े होकर, अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई से अलग करके, और अपनी भुजाओं के साथ शुरू करें।
अपनी छाती और ठोड़ी ऊपर रखते हुए, अपने कूल्हों को पीछे धकेलें और अपने घुटनों को मोड़ें, जैसे कि आप एक कुर्सी पर बैठने जा रहे हैं।
अपने घुटनों को मोड़ो मत, और सुनिश्चित करें कि आपकी जांघें जमीन के समानांतर हों, अपनी बाहों को आपके सामने एक आरामदायक स्थिति में लाएं।
एक सेकंड के लिए रुकें, अपने पैरों को बढ़ाएं और शुरुआती स्थिति में लौट आएं।
20 रिपीट के तीन सेट करें।
स्टैंडिंग ओवरहेड डंबल प्रेस
यह एक व्यायाम है जो शरीर में कई मांसपेशियों को एक साथ लक्षित करता है, और उन लोगों के लिए अच्छी तरह से काम करता है जिनके पास विशेष रूप से व्यस्त कार्यक्रम हैं! यह सिर्फ आपके कंधों को काम नहीं करता है, बल्कि आपके ऊपरी पीठ और कोर को भी संलग्न करता है।
ऐसे करें
5 किलो मापने वाले डम्बल का एक सेट चुनें। खड़े होकर या तो अपने पैरों को कंधे-चौड़ाई के साथ या एक साथ शुरू करें। वेट को उपर की ओर ले जाएं, ताकि आपकी ऊपरी भुजाएं फर्श के समानांतर हों।
तब तक पुश अप करना शुरू करें जब तक आपकी बाहें आपके सिर के ऊपर पूरी तरह से विस्तारित न हो जाएं।
इसके बाद, अपनी कोहनी मोड़ें और वजन वापस नीचे करें, जब तक कि आपकी ट्राइसेप्स फिर से फर्श के समानांतर न हो जाएं।
12 बार रिपीट के तीन सेट को पूरा करें।
जिम में कहीं आप तो नहीं करते ये 5 स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मिस्टेक, बॉडी पर पड़ता है बुरा असर आज से ही संभल जाएं
बर्पीज एक्सरसाइज
यह एक और पूर्ण-शारीरिक व्यायाम है जो आपके धीरज और मांसपेशियों की ताकत को बढ़ाता है।
ऐसे करें
अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई से अलग रखें और अपनी भुजाओं को नीचे की ओर रखें।
आपके हाथों के सामने आपके सामने, नीचे स्क्वाट करें। जब आपके हाथ जमीन पर पहुंचते हैं, तो अपने पैरों को सीधे पुशअप स्थिति में लाएं।
अपने पैरों को अपनी हथेलियों तक कूदें। अपने पैरों को अपने हाथों के करीब ले जाएं जितना आप प्राप्त कर सकते हैं।
सीधे खड़े हो जाओ, अपनी बाहों को अपने सिर के ऊपर लाएं, और कूदें।
शुरुआत के रूप में 10 रिपीटेशन के तीन सेट करें
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / हमने बचपन में ऐसे बहुत सारे लोगों के बारे में सुना है जो कठिन उपवास करते हैं। कुछ लोग दिन में सिर्फ एक वक्त फलाहार करते हैं, जबकि कुछ पानी भी नहीं पीते। मगर अब हम जान गए हैं कि उपवास हठयोग या भूख हड़ताल नहीं है। यह खानपान में सेहत के लिए किए जाने वाले जरूरी बदलाव हैं। आप इसे बदलते मौसम में खुद को डिटॉक्स करना भी समझ सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि आप नवरात्रि फास्टिंग का सही तरीका जान लें।
क्या होना चाहिए नवरात्रि में उपवास का सही तरीका, यह जानने के लिए हमने दिल्ली की प्रतिष्ठित आहार विशेषज्ञ सीमा सिंह से बात की। सीमा सिंह फोर्टिस हॉस्पिटल वसंत कुंज में चीफ क्लिनिकल न्यूट्रीशनिस्ट हैं। आइए जानते हैं कि वे इस बारे में क्या कहती हैं।
1 न भूखे रहें, न ज्यादा खाएं
उपवास के दौरान किसी को भी पूरे दिन में एक बार खाने या पूरे दिन न खाने के नियम का पालन नहीं करना चाहिए। इससे आपको उबकाई, उल्टी और एसिडिटी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नवरात्रि के दौरान सभी को ना उपवास और ना भरपेट भोजन के सिद्धांत का पालन करना चाहिए।
2 मात्रा का ध्यान रखें
खुद को भूखा रखने के बजाय दिन भर के दौरान कम-कम मात्रा में खाना खाएं। हालांकि अपने खाने को कम ही रखें। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खुद को हाइड्रेटेड रखें। अपने शरीर का हाइड्रेशन स्तर बनाए रखने के लिए अपने खानपान में ताज़ा नींबू पानी, नारियल पानी और फलों का ताज़ा जूस शामिल करें। इससे भूख भी कम ही लगती है।
3 सुपरफूड्स को शामिल करें
चौलाई या राजगीरा एक जादुई चीज़ है जिसे आपको खाना चाहिए। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन है। साबूदाना और सिंघाड़े का आटा भी अनाज की जगह इस्तेमाल करना अच्छा होता है, लेकिन बहुत ज़्यादा तली हुई चीज़ें खाने से बचें।
किसी भी तरह की कमज़ोरी से बचने के लिए नवरात्रि के खाने में भरपूर मात्रा में पोषण होना चाहिए। अच्छी मात्रा में मेवों और फलों के साथ दिन की शुरुआत करना अच्छा होता है।
4 चुनें मीठे के हेल्दी विकल्प
ऊर्जा का स्तर बनाए रखने के लिए मिठाइयां अच्छा विकल्प होती हैं। रिफ़ाइंड शुगर की जगह शहद और गुड़ का इस्तेमाल करें। ताकि मिठाइयों में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़े और आपको खनिज और विटामिन भी मिल सकें।
5 पाचन संबंधी समस्याओं से बचें
कब्ज़ से बचने के लिए अपने खानपान में भरपूर मात्रा में सलाद और ताज़ा सब्जियों का इस्तेमाल करना न भूलें। शकरकंद, कद्दू, लौकी, पपीता, केला, खीरा और टमाटर अच्छे विकल्प हैं।
खाने के स्वाद को बेहतर बनाने के लिए हरा धनिया और पुदीने की चटनी का इस्तेमाल करें। भारी और तले हुए स्नैक्स और नमकीन से परहेज़ करें। स्नैक के कुछ सेहतमंद विकल्प भुना हुआ मखाना और भुने हुए मेवे हैं।
6 मेवों को करें आहार में शामिल
अगर आप हर 3 घंटे पर नियमित तौर पर कुछ न कुछ खाते हैं और आपके खाने में भरपूर मात्रा में तरल पदार्थ, फल, सब्जियां और मेवे हैं, तो आप उपवास करते हुए भी इस त्योहार के दौरान अपनी ऊर्जा का स्तर बनाए रख सकते हैं।
7 नौ दिनों का डिटॉक्स
इन नौ दिनों के उपवास को डिटॉक्स डेज़ यानी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है, इसके लिए आपको तली हुई चीज़ों और अनाज से परहेज करना होगा। अपने खानपान में मेवों के साथ भरपूर मात्रा में फलों और सब्जियों का इस्तेमाल करें।
मनोरंजन /शौर्यपथ / कोविड 19 संक्रमितों की संख्या बढ़ने के बाद पहले महाराष्ट्र में 15 दिनों के लिए कोरोना कर्फ्यू का एलान किया गया। वहीं दिल्ली में भी वीकेंड लॉकडाउन रहेगा। इस बीच दर्शकों को फिर से पिछले साल की याद आ गई जब पूरा देश घरों में बंद रहा। उस दौरान ‘रामायण’ का प्रसारण किया गया था और उसे टीआरपी भी खूब मिली थी।
‘लक्ष्मण’ ने किया शुक्रिया
शो में लक्ष्मण का किरदार करने वाले सुनील लहरी ने एक ट्वीट किया है जिसमें वो ‘रामायण’ देख रहे हैं। सुनील ने उन सभी फैंस का शुक्रिया कहा है जिन्होंने पिछले साल ढेर सारा प्यार दिया।
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि ‘पिछले साल आज 16 अप्रैल को रामायण के लक्ष्मण मेघनाद युद्ध वाले एपिसोड ने 77.7 मिलियन लोगों के एक साथ देखने का वर्ल्ड् रिकॉर्ड बनाया था। यह प्यार और इज्जत देने के लिए मैं उन सभी दर्शकों का बहुत बहुत आभारी हूं।‘
‘रामायण’ की वापसी
देश में बन रहे लॉकडाउन जैसे हालात के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने ‘रामायण’ के प्रसारण की मांग की। अरुण गोविल, सुनील लहरी, दीपिका चिखलिया, अरविंद त्रिवेदी समेत कई दिग्गज कलाकारों से सजे ‘रामायण’ को स्टार भारत पर प्रसारित किया जा रहा है। चैनल के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर जानकारी दी गई है। जिसमें बताया गया है कि 'पावन हो जाएगा मन, जब प्रभु श्रीराम के होंगे दर्शन। देखिए रामायण हर शाम सात बजे'।
‘सीता’ बनीं दीपिका हुईं खुश
सीता का किरदार निभाने वालीं अभिनेत्री दीपिका चिखलिया ने अपने इंस्टाग्राम पर अपनी फोटो शेयर करते हुए लिखा- “बहुत उत्साहित हूं ये शेयर करते हुए कि ‘रामायण’ इस साल भी छोटे पर्दे पर दिखाया जाएगा। ऐसा लगता है कि इतिहास खुद को दोहरा रहा है। ये शो मेरी जिंदगी का ही नहीं बल्कि कई भारतीय परिवारों की जिंदगियों का बड़ा हिस्सा सालों से बना हुआ है।'
सेहत /शौर्यपथ / भागती-दौड़ती जिंदगी में ज्यादातर लोग मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में मोटापे के अलावा भी पेट पर जमा फैट सबसे बड़ी समया में से एक है।ऐसे कई लोग हैं, जिनका वजन ज्यादा नहीं होता लेकिन उनके पेट पर चर्बी जमा होती है।जिस वजह से उनका पेट हर ड्रेस पर अलग से दिखता है।ऐसे में अगर आप वजन नहीं, बल्कि पेट पर जमा फैट हटाना चाहते हैं, तो आपको वर्कआउट और डाइट का कॉम्बिनेशन ट्राई करना होगा।
डाइट में शामिल करें प्रोटीन, फाइबर
आप रोजाना अपनी डाइट में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे अंडे, मछली, दाल, सी फ़ूड शामिल करें।साथ ही आपको इस बात का ध्यान रखना है कि एक बार में ज्यादा खाना खाने की बजाय आप 2 घंटे के भीतर थोड़ा-थोड़ा खाना खाएं या आप एक टाइम में जितना भी खाना खाते हैं, उसे तीन-चार भागों में बांटकर 2 घंटों के अंतराल में खाएं। इसके अलावा आपको डाइट में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना है, जिससे आपका बैली फैट कम हो सके।
साइड प्लैंक
खाने में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा ज्यादा लेने से आपकी ऊर्जा बढ़ती है, जिससे आप फुर्ती से काम कर पाते हैं और आपकी कैलोरीज बर्न होती है। इससे आपका मोटापा नहीं बढ़ता।डाइट के साथ आपको साइड प्लैंक वर्कआउट में शामिल करना है जिससे आपके पेट की चर्बी तेजी से कम होने लग जाएगी।
कैसे करें साइड प्लैंक
-प्लैंक सबसे पहले पेट के बल सीधा लेट जाएं।
-अब कोहनी को मोड़ें जैसा चित्र में दर्शाया गया है और बाजुओं के अगले हिस्से पर शरीर का भार डालें।
-फिर अपने शरीर को सीधा रखें और हिलाएं नहीं। पेट की मांसपेशियों को ढीला न छोड़ें।
-अपने सिर पर दबाव न डालते हुए जमीन की ओर देखें।
-क्षमता अनुसार इस अवस्था को बनाए रखें।
-प्लैंक एक्सरसाइज के दौरान धीरे-धीरे सांस लेते रहें और छोड़ते रहें।
इस डाइट और वर्कआउट को फॉलो करने से 15-20 दिनों में आपको इसका असर दिखाई देगा।
सेहत / शौर्यपथ /अधिक गर्मी बढ़ जाने के कारण कई लोगों की या बच्चों की नाक में से खून निकलने लगता है. इसे नकसीर फूटना कहा जाता है. बच्चों में गर्मियों के मौसम में यह समस्या काफी अधिक देखी जाती है. वहीं, कुछ लोगों को गर्म चीजें खाने या अधिक ऊंचाई वाली जगहों पर जाने से भी नकसीर की समस्या का सामना करना पड़ता है. नाक के अंदर मौजूद सतह की खून की वाहिनियां फटने के कारण नकसीर की समस्या होती है. हालांकि यह एक आम समस्या है. लेकिन बार-बार नकसीर का होना सेहत के लिहाज से ठीक नहीं होता.
आज हम आपको इस समस्या से निपटने के कुछ उपाय बताने जा रहे हैं आइए जानते हैं-
– नाक पर ठंडा और गीला कपड़ा रखें ताकि रक्त नालिकाओं में संकुचन हो और खून निकलना बंद हो जाए
-यदि केवल एक नथुने से ही खून निकल रहा हो तो नथुने के ऊपरी भाग को दबाकर रखें
-फिर भी यदि खून निकलना बंद नहीं हो रहा हो तो और 10 मिनट तक दबाकर रखें
-बेल के पत्तों को पानी में पकाकर उसमें मिश्री या बताशा मिलाकर पीने से नकसीर बंद हो जाती है.
-एक बड़ा चम्मच मुलतानी मिट्टी रात को आधा लीटर पानी में भिगोकर रख दें. सुबह उस पानी को छानकर पीने से नाक से खून आने की परेशानी से फायदा मिलेगा.
– गुलकंद को सुबह-शाम दूध के साथ खाने से नकसीर ठीक हो जाता है.
नकसीर फूटने के कारण
-गरम और सूखा वातावरण
-नाक में चोट लगना
-कठोर गतिविधियां
-उच्च रक्तचाप
-अधिक ऊंचाई पर जाना
-नाक जोर से झाड़ना
टिप्स ट्रिक्स / शौर्यपथ / गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है. इस मौसम में गर्मी लगना और पसीना आना आम बात होती है. लेकिन बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिन्हें गर्मी काफी लगती है और पसीना भी काफी ज्यादा आता है. आमतौर पर लोग इसे इग्नोर कर देते हैं. लेकिन हम आपको बता दें कि अगर आपको भी बहुत अधिक मात्रा में पसीना आता है तो यह आपके लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है.
– आमतौर पर अगर आप वर्कआउट करते हैं तो इस दौरान पसीना आना काफी आम होता है. लेकिन अगर अचानक आपको बिना किसी कारण के पसीना आना शुरू हो जाता है तो यह दिल के दौरे का संकेत हो सकता है. पसीना आना, सीने में द्रद और मांसपेशियों में अकड़न ये सभी संकेत हार्ट अटैक के होते हैं.
– अगर आप व्यायाम नहीं कर रहे हैं और इसके बावजूद भी आपको अधिक पसीना आता है तो यह दिल से जुड़ी बीमारी के संकेत हो सकते हैं. जब हृदय को रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है तो वह ब्लॉक हो जाती है और हृदय में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है. इस दौरान हमारे दिल को ब्लड पंप करने में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ता है. दिल पर कम दबाव पड़ने और बॉडी टेंपरेचर को कम करने रखने की कोशिश में पसीना निकलने लगता है.
– इसके अलावा अगर आपके हाथ-कंधे या सिर में दर्द की समस्या हो रही हैं तो यह भी हार्ट अटैक के लक्षण होते हैं. ऐसे तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.
– वायु प्रदूषण भी हार्ट अटैक का मुख्य कारण है. आजकल के समय में हवा में कई तरह की जहरीली चीजें होती है जो आपके फेफड़ों पर अटैक करती हैं. जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है.
आस्था /शौर्यपथ / नवरात्र-पूजन के चौथे दिन कूष्माण्डा देवी के स्वरूप की उपासना की जाती है. इस दिन साधक का मन 'अनाहतÓ चक्र में अवस्थित होता है. अत: इस दिन उसे अत्यंत पवित्र और अचंचल मन से कूष्माण्डा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा-उपासना के कार्य में लगना चाहिए. जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब इन्हीं देवी ने ब्रह्मांड की रचना की थी. अत: ये ही सृष्टि की आदि-स्वरूपा, आदिशक्ति हैं. इनका निवास सूर्यमंडल के भीतर के लोक में है. वहाँ निवास कर सकने की क्षमता और शक्ति केवल इन्हीं में है. इनके शरीर की कांति और प्रभा भी सूर्य के समान ही दैदीप्यमान हैं. इनके तेज और प्रकाश से दसों दिशाएँ प्रकाशित हो रही हैं. ब्रह्मांड की सभी वस्तुओं और प्राणियों में अवस्थित तेज इन्हीं की छाया है. माँ की आठ भुजाएं हैं. अत: ये अष्टभुजा देवी के नाम से भी विख्यात हैं. इनके सात हाथों में क्रमश: कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा है. आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जपमाला है. इनका वाहन सिंह है.
मां कूष्माण्डा के मंत्र
1. या देवी सर्वभू?तेषु मां कूष्?मांडा रूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:..
2. वन्दे वांछित कामर्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्.
सिंहरूढ़ा अष्टभुजा कूष्माण्डा यशस्वनीम्॥
3. दुर्गतिनाशिनी त्वंहि दारिद्रादि विनाशिनीम्.
जयंदा धनदां कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥
4. जगन्माता जगतकत्री जगदाधार रूपणीम्.
चराचरेश्वरी कूष्माण्डे प्रणमाम्यहम्॥
मां कूष्माण्डा की पूजा विधि
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को सुबह स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं. इसके बाद मां कूष्मांडा का स्मरण करके उनको धूप, गंध, अक्षत्, लाल पुष्प, सफेद कुम्हड़ा, फल, सूखे मेवे और सौभाग्य का सामान अर्पित करें. अब मां कूष्मांडा को हलवा और दही का भोग लगाएं. फिर उसे प्रसाद स्वरूप ग्रहण कर सकते हैं. पूजा के अंत में मां कूष्मांडा की आरती करें और अपनी मनोकामना उनसे व्यक्त कर दें.
खाना खजाना /शौर्यपथ / नवरात्रि व्रत के दौरान लोग फलाहार करने के लिए कुट्टू के पकौड़े या फिर साबूदाने की खिचड़ी बनाते हैं। अगर आप रोज-रोज एक ही तरह का फलाहार करके बोर हो चुके हैं तो इस नवरात्रि कुट्टू के पकौड़े या चीले नहीं बल्कि ट्राई करें कुट्टू समोसा। यकीन मानिए यह टेसटी होने के साथ-साथ हेल्दी ऑप्शन भी है। तो आइए जान लेते हैं कैसे बनाएं जाते हैं कुट्टू के समोसे।
कुट्टू समोसा बनाने के लिए सामग्री-
-1/2 कप कुट्टू का आट
-1/2 कप सिंघाड़ा आटा
-सेंधा नमक और पानी जरूरत अनुसार
-4-5 मीडियम साइज के आलू
-थोड़े से काजू, किशमिश
-1 छोटा चम्मच जीरा
-1 छोटा चम्मच ताली मिर्च
-आटा गूंथने के लिए जरूरत अनुसार घी
-1/2 चम्मच नींबू का रस
-3-4 हरी मिर्च
-तलने के लिए मूंगफली का तेल
कुट्टू समोसा बनाने की विधि-
कुट्टू समोसा बनाने के लिए सबसे पहले कुट्टू का आटा और सिंघाड़ा का आटा घी के साथ मिलाकर अच्छे से मैश करें। इसके बाद पानी डालकर इसका हल्का सख्त आटा गूंथें। अब इस आटे को थोड़ी देर के लिए अलग रख दें। अब आलू उबाल कर इन्हें मैश कर लें। एक पैन में थोड़ा सा घी लेकर इसमें जीरा डालें। जब जीरा भुन जाए तो इसमें काजू, किशमिश आदि डालें और फिर इनके गोल्डन ब्राउन होने पर आलू और सेंधा नमक डालें। गैस बंद कर इसमें नींबू का रस मिलाएं। अब आटे की छोटी-छोटी लोई बनाकर गोल बेलें और फिर बीच में से काटकर इन्हें नॉर्मल समोसों की तरह तिकोने आकार में मोड़कर भरें। अब समोसों को गर्म तेल में तलकर फलाहारी चटनी के साथ सर्व करें।
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है ऐसे में इस मौसम में बाहर धूप इतनी तेज है कि मिनटों में ही स्किन टैन हो जाती है. लेकिन टैनिंग के डर से घर से बाहर निकलना तो बंद नहीं किया जा सकता. ऐसे में लोग इस टैनिंग से बचने के लिए कई तरीके अपनाते हैं कोई फुल कपड़े पहनकर घर से बाहर निकलता है तो कोई मोजे और स्टॉल लेकर. इतनी चीजें करने के बाद भी स्किन टैन हो जाती है. ऐसे में इससे मिनटों में छुटकारा पाने के लिए हम आपके लिए एक घरेलू उपाय लेकर आए हैं
सभी घरों में टमाटर और नींबू आसानी से मिल जाता है. ऐसे में आज हम आपको इन्हीं दो चीजों से टैनिंग हटाने का तरीका बताने जा रहे हैं. इस लिक्विड फेस पैक को चाहे तो हर दिन यूज कर सकती हैं क्योंकि इसे सिर्फ 15 मिनट लगाकर रखना होता
इस तरह बनाएं टमाटर-नींबू का मिश्रण
एक टमाटर को काटें और उसमें से एक चम्मच रख निकाल लें. इस एक चम्मच टमाटर रस में 4 बूंद नींबू का रस मिला लें. बस आपका फेस मास्क तैयार हो गया. चेहरा धोने के बाद इसे त्वचा पर लगाएं. 15 मिनट सूखने के बाद चेहरे को धो लें. इस फेस पैक को लगाने से ना केवल आपकी टैनिंग दूर होगी बल्कि स्किन भी काफी साफ हो जाएगी.
आटा और गुलाबजल- अगर आपकी स्किन सेंसेटिव है तो आप आटे और गुलाबजल के इस फेस पैक का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके बनाने के लिए आपको आटा, हल्दी और गुलाबजल की जरूरत पड़ेगी. इन तीनों ही चीजों के मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे अपनी स्किन पर लगाएं. 20 मिनट तक सूखने दें फिर हल्के हाथों से मसाज करते हुए हटाएं.
व्रत त्यौहार / शौर्यपथ /नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है आज नवरात्रि का दूसरा दिन है. इस दौरान बहुत से लोग व्रत रखते हैं. बहुत से लोग जो कि मोटे हैं उनका मानना है कि नवरात्रि में 9 दिनों तक व्रत रखने से उनका वजन कम हो सकता है. लेकिन वह व्रत के दौरान कई ऐसी चीजें खा लेते हैं जिससे उनका वजन जस का तस रहता है. व्रत में अक्सर लोग तला और भूना खाना खा लेते हैं. जिससे उनका वजन कम नहीं हो पाता. ऐसे में हम आपके लिए ऐसा डाइट चार्ट लेकर आए हैं जिसे फॉलो करने से आपका वजन कम होना शुरू हो जाएगा. आइए जानते हैं
कम घी का करें सेवन- व्रत के दौरान आप जो कुछ भी खाते हैं उसमें कम से कम घी का इस्तेमाल करें
नवरात्रि पहले दिन की डाइट- नवरात्रि के पहले दिन नाश्ते में कूट्टू के आटे से बना 1 मीडियम चिल्ला, दूध और एक सेब खाएं. लंच में एक सेब के साथ खीरा, शक्करकंदी और भूना हुआ पनीर खाएं और डिनर में एक कटोरी सवां चावल, दही और कद्दू की सब्जी का सेवन करें.
दूसरे दिन का डाइट प्लान- दूसरे दिन नाश्ते में फ्रूट सलाद, अखरोट और बादाम खाएं. लंच में सवां चावल का पुलाव, दही और खीरे का सलाद खाएं. डिनर में कुट्टू के आटे की रोटी, उबले आलू की सब्जी, एक कप दही और 1 सेब का सेवन करें.
तीसरे दिन का डाइट प्लान- तीसरे दिन नाश्ते में केले के साथ उबले आलू की चाट और एक फल खाएं. लंच में साबूदाना खिचड़ी के साथ दही और खीरे का सलाद खाएं. डिनर में सिघांड़े के आटे की रोटी, पनीर चाट और एक कटोरी पपीता खाएं.
चौथे दिन का डाइट प्लान- चौथे दिन नाश्ते में ब्रेकफास्ट में भीगे बादाम, एक कप दही और 1 कटोरी फ्रूट चाट खाएं. लंच में पनीर की सब्जी के साथ, सिंघाड़े के आटे की दो रोटियां और दही का सेवन करें. डिनर में सवां चावल का पुलाव, दही और कद्दू की सब्जी खाएं.
पाचवें दिन का डाइट प्लान- पांचवे दिन नाश्ते में फ्रूट चाट के साथ पनीर, 5 भीगे बादाम और अखरोट खाएं. लंच में आलू की सब्जी के साथ 2 कुट्टू के आटे की रोटी और 1 कप दही खाएं. डिनर में सिंघाड़े के आटे की रोटी के साथ कद्दू की सब्जी, दही और एक सेब का सेवन करें.
छठे दिन का डाइट प्लान- छठे दिन नाश्ते में सवां के चावल की इड़ली, 1 कटोरी पपीता और दूध का सेवन करें. लंच में कद्दू की सब्जी के साथ कुट्टू के आटे की रोटी और दही खाएं और डिनर में पनीर टमाटर की सब्जी, एक प्लेट सलाद के साथ रोस्ट किए हुए आलू खा सकते हैं.
सातवें दिन का डाइट प्लान- सातवें दिन नाश्ते में ड्राई फ्रूट्स, दही और पपीते की चाट खाएं. लंच में कुट्टू के आटे की रोटी, उबले आलू, दही का रायता और 1 सेब खाएं. डिनर में सिंघाड़े के आटे की रोटी,पनीर की सब्जी और पपीता खा सकते हैं.
आठवे दिन का डाइट प्लान- आठवे दिन बादाम और अखरोट खाएं, साथ ही उबले आलू और फ्रूट चाट का सेवन करें. लंच में दोपहर के खाने में कद्दू की सब्जी,दही और साबुदाने की खिचड़ी खाएं और डिनर में आलू की सब्जी के साथ कुट्टू के आटे की रोटी, दही और 1 सेब खाएं.
नौवें दिन का डाइट प्लान- नौवें दिन नाश्ते में बादाम और अखरोट खाएं. इसके साथ एक कटोरी दही और फ्रूट चाट ले सकते हैं. लंच में पुलाव के साथ दही और 1 सेब खाएं और डिनर में सिंघाड़े के आटे की रोटी,पनीर की सब्जी, रोस्टेड आलू और दूध पीएं.
आस्था /शौर्यपथ / माँ दुर्गाजी की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है. नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व है और इस दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन-आराधन किया जाता है. इस दिन साधक का मन 'मणिपूर चक्र में प्रविष्ट होता है. माँ चंद्रघंटा की कृपा से अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं, दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है तथा विविध प्रकार की दिव्य ध्वनियाँ सुनाई देती हैं. ये क्षण साधक के लिए अत्यंत सावधान रहने के होते हैं.
माँ का स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है. इनके मस्तक में घंटे का आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण से इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है. इनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है. इनके दस हाथ हैं. इनके दसों हाथों में खड्ग आदि शस्त्र तथा बाण आदि अस्त्र विभूषित हैं. इनका वाहन सिंह है. इनकी मुद्रा युद्ध के लिए उद्यत रहने की होती है.
मां चंद्रघंटा की पूजा विधि
तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा की आराधना करने के लिए सबसे पहले पूजा स्थान पर देवी की मूर्ति की स्थापना करें. इसके बाद इन्हें गंगा जल से स्नान कराएं. इसके बाद धूप-दीप, पुष्प, रोली, चंदन और फल-प्रसाद से देवी की पूजा करें. अब वैदिक और संप्तशती मंत्रों का जाप करें. माां के दिव्य रुप में ध्यान लगाएं. ध्यान लगाने से आप अपने आसपास सकारात्मक उर्जा का संचार करते हैं.
मां चंद्रघंटा के मंत्र
1. सरल मंत्र : ? एं ह्रीं क्लीं
माता चंद्रघंटा का उपासना मंत्र
पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता.
प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता..
2. 'या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नसस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:'
ये मां का महामंत्र है जिसे पूजा पाठ के दौरान जपना होता है.
मां चंद्रघंटा का बीज मंत्र है- 'ऐं श्रीं शक्तयै नम:Ó
3. पिंडजप्रवरारुढ़ा चन्दकोपास्त्रकैर्युता!
प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघंटेति विश्रुता
माता चंद्रघंटा की कथा
देवताओं और असुरों के बीच लंबे समय तक युद्ध चला. असुरों का स्?वामी महिषासुर था और देवाताओं के इंद्र. महिषासुर ने देवाताओं पर विजय प्राप्?त कर इंद्र का सिंहासन हासिल कर लिया और स्?वर्गलोक पर राज करने लगा. इसे देखकर सभी देवतागण परेशान हो गए और इस समस्?या से निकलने का उपाय जानने के लिए त्र?िदेव ब्रह्मा, विष्?णु और महेश के पास गए. देवताओं ने बताया कि महिषासुर ने इंद्र, चंद्र, सूर्य, वायु और अन्?य देवताओं के सभी अधिकार छीन लिए हैं और उन्?हें बंधक बनाकर स्?वयं स्?वर्गलोक का राजा बन गया है. देवाताओं ने बताया कि महिषासुर के अत्?याचार के कारण अब देवता पृथ्?वी पर विचरण कर रहे हैं और स्?वर्ग में उनके लिए स्?थान नहीं है.
यह सुनकर ब्रह्मा, विष्?णु और भगवान शंकर को अत्?यधिक क्रोध आया. क्रोध के कारण तीनों के मुख से ऊर्जा उत्?पन्?न हुई. देवगणों के शरीर से निकली ऊर्जा भी उस ऊर्जा से जाकर मिल गई. यह दसों दिशाओं में व्?याप्?त होने लगी. तभी वहां एक देवी का अवतरण हुआ. भगवान शंकर ने देवी को त्र?िशूल और भगवान विष्?णु ने चक्र प्रदान किया. इसी प्रकार अन्?य देवी देवताओं ने भी माता के हाथों में अस्?त्र शस्?त्र सजा दिए. इंद्र ने भी अपना वज्र और ऐरावत हाथी से उतरकर एक घंटा दिया. सूर्य ने अपना तेज और तलवार दिया और सवारी के लिए शेर दिया. देवी अब महिषासुर से युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार थीं. उनका विशालकाय रूप देखकर महिषासुर यह समझ गया कि अब उसका काल आ गया है. महिषासुर ने अपनी सेना को देवी पर हमला करने को कहा. अन्?य देत्?य और दानवों के दल भी युद्ध में कूद पड़े. देवी ने एक ही झटके में ही दानवों का संहार कर दिया. इस युद्ध में महिषासुर तो मारा ही गया, साथ में अन्?य बड़े दानवों और राक्षसों का संहार मां ने कर दिया. इस तरह मां ने सभी देवताओं को असुरों से अभयदान दिलाया.
शौर्यपथ / शोधकर्ताओं ने आंखों की खराब हो चुकी रोशनी को ठीक करने के लिए एक सरल व किफायती पद्धति विकसित की है और विशेषज्ञों का कहना है कि नया तरीका आंखों की ऐसी समस्याओं के इलाज में व्यापक बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है।
एक भारतीय चिकित्सक और ब्रिटेन स्थित एक शोधकर्ता ने संयुक्त रूप से इस पद्धति को विकसित किया है। भारत में हैदराबाद स्थित एल.वी. प्रसाद नेत्र संस्थान के नेत्र रोग विशेषज्ञ वीरेंद्र सांगवान और शेफील्ड विश्वविद्यालय में ऊतक इंजीनियर प्रोफेसर शीला मैकनील द्वारा किए गए इस अध्ययन में कॉर्निया की रक्षा करने वाली क्षतिगस्त कोशिकाओं के इलाज के लिए स्टेम सेल थेरेपी का उपयोग किया गया है।
शेफील्ड विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि भारत में मरीजों के लिए पहली बार 2012 में विकसित इस पद्धति का अब यहां खासा उपयोग किया जा रहा है तथा दुर्घटना या बीमारी से क्षतिग्रस्त आंखों के उपचार के क्षेत्र में इसका गहरा प्रभाव पड़ा है।
हालांकि इस पद्धति की सफलता के बावजूद अन्य देशों के सर्जनों द्वारा इसे व्यापक रूप से नहीं अपनाया गया है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित एक नई रिपोर्ट से पता चलता है कि यह पद्धति अन्य देशों में नेत्र सर्जनों द्वारा उपयोग की जाने वाली तकनीक के समान ही प्रभावी है और उसकी तुलना में नयी पद्धति पर सिर्फ 10 प्रतिशत खर्च आता है।
ब्यूटी टिप्स / शौर्यपथ / ऑयली स्किन वाले लोग जानते हैं कि वो हर ब्यूटी प्रॉडक्ट आंख बंद करके इस्तेमाल नहीं कर सकते क्योंकि घरेलू हो या बाजार के ब्यूटी ट्रिक्स उन्हें लगभग सारी ही चीजें फायदे की जगह साइडइफेक्ट्स दे देती हैं। ऐसे में कुछ भी इस्तेमाल करने से पहले वो काफी सोच-विचार करते हैं। आपकी या आपके किसी दोस्त की भी ऑयली यानी तैलीय त्वचा है, तो आप इन घरेलू फैसपैक को उन्हें सजेस्ट कर सकते हैं, जिससे कि उनके चेहरे पर नेचुरल निखार आ सके और वो भी बिना साइड इफेक्ट्स के-
मुल्तानी मिट्टी फैसपैक
मुल्तानी मिट्टी ऐसी चीज है जिसे आप बस पानी या गुलाब जल के साथ भी घोलकर हर दिन चेहरे पर लगाएं, तो फेस पर तेल आने की समस्या दूर होने लग जाएगी। वैसे इस पैक के असर को और बढ़ाना चाहते हैं तो इसमें नींबू का रस और दही मिलाया जा सकता है। आप इस फैसपैक को गर्मियों में इस्तेमाल करेगी, तो इसका असर ज्यादा होगा।
खीरे का फैसपैक
खीरे को कद्दूकस कर लें और उसमें एक टी-स्पून नींबू का रस मिलाएं। इस मिक्स को फ्रिज में रख दें और ठंडा हो जाने पर स्किन पर लगाएं। चाहे तो आप इसे आइस ट्रे में डालकर जमा सकती हैं और फिर क्यूब्ज से चेहरे की मसाज कर सकती हैं। ये दोनों तरीके आपको ऑयली स्किन से छुटकारा दिलाने के साथ ही पोर्स के साइज को भी छोटा करने में मदद करेंगे।
नीम फैसपैक
आपको नीम की पत्तियां धोकर पीस लेनी है, इसके बाद इसमें नीबू का रस मिला लें। आप इसे रोजाना न लगाएं बल्कि हफ्ते में तीन से चार बार लगा सकते हैं। इससे आपके चेहरे पर जितने भी दाग-धब्बे हैं, वो दूर हो जाएंगे। साथ ही दिनों-दिन आपका चेहरा निखरता जाएगा।
ओट्स, नींबू और शहद
एक कटोरी में नींबू का रस लें और उसमें शहद मिलाएं। ऊपर से ओट्स को ठीक से मिलाएं। अपनी स्किन पर इस पेस्ट को ठीक से लगाएं और कुछ देर के लिए सूखने दें। फिर इसे ठंडे पानी से धो लें। नींबू और शहद का मिश्रण ऑयली स्किन को तुंरत ठीक करता है। इससे चहरे पर फ्रेशनेस आती है और पोर्स अंदर से साफ होते हैं।
मसूर दाल फैसपैक
दो चम्मच मसूर की दाल का पाउडर लें और उसमें एक चम्मच दही व गुलाब जल मिलाएं। इस पैक को अच्छे से मिक्स करने के बाद चेहरे पर लगाएं। यह न सिर्फ ऑयली स्किन की समस्या को दूर करेगा बल्कि स्किन भी ज्यादा सॉफ्ट बन जाएगी।
शौर्यपथ / कभी-कभी छोटी-छोटी बातें हमारा मूड खराब कर देती हैं लेकिन जिस तरह छोटी बातें मूड खराब कर सकती हैं, उसी तरह कुछ छोटी-बातें हमारा मूड ठीक करके हमारे अंदर खुश रहने वाले हार्मोन को भी बढ़ाती हैं।
मनपसंद खाना खाने से निकलता है यह हार्मोन
मनपसंद खाने, गाना सुनने या कोई पसंद का काम करने से डोपामाइन रिलीज होता है। वहीं सेरॉटोनिन मूड बूस्टर की तरह काम करता है। यह ऐंटीडिप्रेसेंट भी है यानी हमें डिप्रेशन में जाने से बचाता है। ये तीनों ही न्यूरोट्रांसमीटर्स हमारे मूड को सही रखने और हमें मेंटली हेल्दी रखने में मदद करते हैं।
डोपामाइन है प्लेजर हॉर्मोन
डोपामाइन को प्लेजर हॉर्मोन भी कहते हैं। सेक्सुअल एक्टिविटी से भी डोपामाइन रिलीज होता है। किसी भी एक्टिविटी को लेकर हमारी एक्साइटमेंट भी इसी कारण से होती है। डोपामाइन किसी भी मनपसंद काम को करने पर रिलीज होता है इसलिए कहा जाता है कि अपनी पसंद को महत्व दें और खुश रहें।
प्यार के लिए जिम्मेदार है यह हार्मोन
ऑक्सीटोसिन को लव हॉर्मोन के नाम से भी जाना जाता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार ऑक्सिटोसिन एक ऐसा हॉर्मोन है, जो हमारे अंदर संतुष्टि का भाव पैदा करता है। ऐसे में कोशिश करनी चाहिए कि अपने आसपास ऐसे लोगों का साथ रखें जिन्हें आप पसंद करते हैं, उन लोगों के साथ वक्त बिताने पर ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन रिलीज होता है और हमारा मूड अच्छा रहता है।
प्रोजेस्टेरॉन की वजह से होता है मूड स्विंग
प्रोजेस्टेरॉन हॉर्मोन हमें चिंता, चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स से बचाता है। महिलाओं में आमतौर पर 35 साल से 40 साल की उम्र के बीच यह हॉर्मोन प्राकृतिक रूप से कम होने लगता है क्योंकि यह उम्र महिलाओं में प्रीमेनॉपॉज ऐज (रजोनिवृत्ति) कहलाती है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
