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May 31, 2026
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व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि जो कि इस बार 8 अप्रैल को देर रात 11 बजकर 50 मिनट पर लगेगी और अगले दिन यानी 9 अप्रैल को रात के समय 8 बजकर 30 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. ऐसे में चैत्र नवरात्रि का पहला व्रत 9 अप्रैल को रखा जाएगा. नवरात्रि के नौ दिनों को बेहद ही पावन माना जाता है. व्रत के दौरान नौ दिनों तक लोग मांस, अनाज, शराब, प्याज और लहसुन भी नहीं खाते. देश भर में नवरात्रि को बड़ी घूम धाम से मानाया जाता है. भक्त इन 9 दिनों देवी दुर्गा के नौ अवतारों की पूजा करते हैं. माना जाता है कि देवी दुर्गा ने अलग-अलग अवतार लेकर राक्षसों का अंत किया था. और भक्त उन्हे इंहीं रूपों में पूजते हैं. साल में दो बार नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. एक शारदीय नवरात्रि और एक चैत्र नवरात्रि. अगर आप भी 9 दिनों तक आदिशक्ति मां दुर्गा के व्रत का पालन करने वाले हैं तो आप इन रेसिपीज को व्रत के दौरान ट्राई कर सकते हैं.
नवरात्रि व्रत में बनाएं ये स्वादिष्ट रेसिपीज-
 मखाना खीर रेसिपी :
    मखाना
    1/2 कप काजू
    2 टी स्पून घी
    सेंधा नमक
    1/2 टी स्पून इलाइची पाउडर
    3 कप दूध
    स्वादानुसार चीनी
    ड्राई फ्रूट्स , टुकड़ों में कटा हुआ
मखाना खीर बनाने की वि​धि
1.मखाने और काजू को एक पैन में थोड़ा घी डालकर रोस्ट कर लें और इसके बाद इन पर हल्का सा सेंधा नमक छिड़कें।
2.जितना जल्दी यह ठंडे हो जाएं उसमें से 3/4 मखाने और काजू के साथ थोड़ी इलाइची को ब्लेंडर में डालकर पीस लें।
3.एक दूसरा गहरा पैन लें, इसमें 2 से 3 कप दूध लें डालकर उबलने दें।
4.इसमें चीनी डालें, इसके बाद इसमें मखाने का मिश्रण डालकर अच्छे से मिलाएं।
5.इसमें अब बाकी रोस्ट किए हुए मखाने और काजू डालें।
6.इसे गाढ़ा होने तक लगतार चलाएं।
7.कटे हुए ड्राई से ​गार्निश करने के बाद आप चाहे तो खीर को गर्म या ठंडा सर्व कर सकते हैं।
कुट्टू का डोसा रेसिपी
कुट्टू का डोसा की सामग्री
    आलू की फीलिंग बनाने के लिए:
    3 (उबले हुए) आलू
    (तलने के लिए) घी
    1/2 टी स्पून सेंधा नमक
    1/2 टी स्पून लाल मिर्च पाउडर
    1/2 टी स्पून अदरक, टुकड़ों में कटा हुआ
    डोसा बनाने के लिए:
    5 टेबल स्पून कुट्टू का आटा
    1/2 टी स्पून अरबी
    1/2 टी स्पून सेंधा नमक
    1/2 टी स्पून अजवाइन
    1 टी स्पून लाल मिर्च पाउडर
    1 टी स्पून अदरक
    1 टी स्पून हरी मिर्च, टुकड़ों में कटा हुआ
    घी
    अजवाइन
कुट्टू का डोसा बनाने की वि​धि
आलू की फीलिंग बनाने के लिए:
1.एक पैन में घी गर्म करें, इसमें आलू ​को डालकर मैश करें, इसके बाद सभी मसाले डालकर अच्छे से मिलाएं।
2.मिश्रण को कुछ मिनट के लिए अच्छे भूनें ताकि हल्का ब्राउन हो जाएं।
3.इसको एक तरफ रख दें।
डोसा बनाने के लिए:
1.एक बाउल में अरबी को मैश कर लें इसे आटा और सेंधा नमक डालें।
2.थोड़ा सा पानी डालकर कर अच्छे से मिलाएं।
3.इसमें अजवाइन, लाल मिर्च पाउडर, अदरक और हरी मिर्च डालकर फिर मिलाएं।
4.इसमें पानी डालकर एक स्मूद बैटर बना लें।
5.एक फ्लैट पैन लें, इस घी लगाएं, कड़छी से बैटर लेकर फैलाएं।
6.कुछ देर इसे पकने दें और किनारों पर थोड़ा घी और डालें ताकि डोसा क्रिस्प बनें।
7.इसको पलट लें और दूसरी तरफ से भी सिकने दें।
8.अब इसके बीच में फीलिंग रखें और डोसे को मोड़ दें।
9.पुदीने या नारियल की चटनी के साथ डोसे को गर्मागर्म सर्व करें।
साबूदाना खीर रेसिपी
साबूदाना खीर की सामग्री
    1 कप साबूदाना
    1 लीटर दूध
    1 ½ कप चीनी
    4 इलायची
    केसर
साबूदाना खीर बनाने की वि​धि
1.कढ़ीब 15 मिनट के लिए साबूदाना को पानी में भिगोएं।
2.साथ ही दूध में चीनी और इलायची की फली डालकर उबालें।
3.इसके बाद उसमें साबूतदाना मिलाएं। थोड़ी देर बाद उसमें 1 कप पानी डालें और तब तक पकाएं जब तक साबूदाना फूल न जाए।।
साबूदाना खिचड़ी रेसिपी
साबूदाना खिचड़ी की सामग्री
    1 कप साबूदाना
    (छीलकर हल्की भुनी हुई और कुटी हुई) 1/2 कप मूंगफली
    2 टेबल स्पून घी
    1 टी स्पून जीरा
    3-4 साबुत लाल मिर्चः
    एक टहनी कढ़ी पत्ता
    2 टी स्पून सेंधा नमक
    1 टी स्पून मिर्च पाउडर
    1 टेबल स्पून हरा धनिया
    1 टी स्पून हरी मिर्च, टुकड़ों में कटा हुआ
    1 टेबल स्पून नींबू का रस
साबूदाना खिचड़ी बनाने की वि​धि
1.साबूदाना को पानी से साफ करके पानी में एक घंटे के लिए भिगोकर रख दें। ध्यान रहे पानी साबूदाना से तीन सेंटीमिटर ऊपर होना चाहिए। छन्नी में छान लें।
2.एक मोटे कपड़े पर एक घंटे के लिए फैलाकर छोड़ दें। साबूदाना से पानी पूरी तरह निकल जाना चाहिए, वरना बनाते समय साबूदाना चिपकने लगेगा।
3.अब साबूदाना, मूंगफली, नमक और मिर्च पाउडर को एक साथ मिलाएं। एक पैन में घी गर्म करें। उसमें जीरा, लाल मिर्च और कढ़ी पत्ते को तड़का लगाएं।
4.जब मिर्च हल्के गाढ़े रंग की हो जाए, तो इसमें साबूदाना डालें। हल्की आंच पर पकाएं। थोड़ी देर पका लेने के बाद इसे आंच से उतार लें।
5.ऊपर से नींबू का रस डालकर मिलाएं। गार्निशिंग के लिए हरा धनिया और हरी मिर्च का इस्तेमाल करें। सर्व करें।
व्रत वाले दही आलू रेसिपी
व्रत वाले दही आलू की सामग्री
    2 टेबल स्पून घी
    1 टी स्पून जीरा
    1 टी स्पून काली मिर्च
    2-3 आलू ( उबले हुए)
    1/2 टी स्पून सेंधा नमक
    1/2 टी स्पून घी
    1/2 टी स्पून जीरा
    1 हरी मिर्च, टुकड़ों में कटा हुआ
    1 टी स्पून अदरक
    1/2 टी स्पून काली मिर्च के दाने, मैश
    2 टी स्पून कट्टू का आटा
    1 कप दही
    1 कप पानी
व्रत वाले दही आलू बनाने की वि​धि
1.एक पैन में घी डालकर गर्म करें।
व्रत वाले दही आलू
2.जीरा डालकर भूनें।
3.इसमें क्रश की हुई काली मिर्च डालकर भूनें।
4.अब इसमें उबले हुए आलू के टुकड़े और सेंधा नमक डालकर मिक्स करें।
5.आलू को पैन फ्राई करें।
6.एक दूसरे पैन में घी लें उसमें जीरा, हरी मिर्च, अदरक और क्रश की हुई कार्ली मिर्च डालें।
7.इन्हें भूनकर इसमें कट्टू का आटा डालें।
8.सारी सामग्री को अच्छे से मिलाएं।
9.इसमें अब एक कप दही डालें साथ ही इसमें एक कप पानी भी डालें।
10.इसे अच्छे से हिलाएं।
11.अब इसमें फ्राई किए गए आलू डालकर मिलाएं।
12.हरी मिर्च से गार्निश करके सर्व करें।

सेहत टिप्स /शौर्यपथ /कद्दू के बीज सेहत के लिए कितने पौष्टिक होते हैं ये लगभग सभी लोगों को पता होता है. कद्दू के बीज खाने की सिफारिस पोषण विशेषज्ञ भी करते हैं. उन्हें हम सालों से अपने भोजन में शामिल कर रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर कद्दू के बीजों को भिगोकर खाया जाए तो यह सेहत के लिए कमाल कर सकते हैं. यहां हम इस सुपरसीड्स को खाने के फायदों के बारे में बता रहे हैं.
भीगे हुए कद्दू के बीज खाने के फायदे |
1. ऊर्जा का स्रोत
कद्दू के बीज एनर्जी का अच्छा स्रोत होते हैं. इसमें प्रोटीन, विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं जो आपको दिनभर की काम करने के लिए एनर्जी प्रदान करते हैं.
2. हार्ट हेल्थ
कद्दू के बीज में मोनोसेटेड फैट्स होते हैं जो हार्ट हेल्थ को बढ़ावा देते हैं और हार्ट रिलेटेड डिजीज का खतरा कम करते हैं.
3. पाचन को सुधारना
कद्दू के बीज में अनेक प्रकार के आयरन, मैग्नीशियम, फाइबर्स और पोटैशियम होते हैं जो पाचन को सुधारने में मदद करते हैं. इससे आपका पाचन ठीक रहता है और आपको पेट की समस्याओं से राहत मिलती है.
4. वेट कंट्रोल
कद्दू के बीज वजन नियंत्रण में मदद कर सकते हैं. इसमें मौजूद फाइबर्स और प्रोटीन आपको भूख को कम करने में मदद करते हैं, जिससे आप वजन को नियंत्रित रख सकते हैं.
5. इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाएं
कद्दू के बीज विटामिन्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत होते हैं जो आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में मदद करते हैं.
इसलिए अगले बार जब आप कद्दू के बीजों को छिलके सहित खाएं, तो याद रखें कि ये आपके स्वास्थ्य के लिए कितने फायदेमंद हो सकते हैं. एक चमच भीगे हुए कद्दू के बीज रोजाना खाने से आपको अच्छा स्वास्थ्य और ऊर्जा मिलती रहेगी.

व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /देश भर में 9 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि की धूम मचने जा रही है. मां की आराधना के ये नौ दिन भक्तों के लिए बहुत ही खास होते हैं. इस दौरान व्रत मां की पूजा आराधना के साथ साथ कलश स्थापना  करते हैं और व्रत करते हैं. नवरात्रि   के नौ दिनों में मां के नौ रूपों की पूजा की जाती है. इस दौरान घरों में पूजा पाठ और जगराते किए जाते हैं. नवरात्रि पर मां की कृपा पाने के लिए लोग अपने परिवार, करीबियों औऱ दोस्तों को शुभकामना संदेश भेजते हैं. नवरात्रि के पावन पर्व पर लोग अपने दोस्तों, करीबियों और परिचितों को मां दुर्गा की कृपा के साथ ये शुभकामना संदेश भेजते हैं. यहां दिए गए लेटेस्ट व्हाट्सएप संदेशों के साथ साथ सोशल मीडिया के जरिए भी आप अपने करीबियों को नवरात्रि की बधाई दे सकते हैं.
नवरात्रि पर भेजिए शुभकामना संदेश और बधाई संदेश |
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी,
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते...
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं.
जगत पालनहार है मां
मुक्ति का धाम है मां,
हमारी भक्ति का आधार है मां
सबकी रक्षा की अवतार है मां,
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं.
नव कल्पना नव ज्योत्सना
नव शक्ति नव अराधना
नवरात्रि के पावन पर्व पर पूरी हो आपकी हर मनोकामना.
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं.
ओम सर्वमंगल मांगल्ये
शिवे सर्वार्थ साधिके,
शरण्ये त्रयम्बके गौरी
नारायणी नमोस्तुते
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं.
मां दुर्गा के 9 अवतार
आपको 9 गुणों - शक्ति, खुशी, मानवता,
शांति, ज्ञान, भक्ति, नाम,
प्रसिद्धि और स्वास्थ्य के साथ आशीर्वाद दें.
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं.
हो जाओ तैयार, मां अम्बे आने वाली है,
सजा लो दरबार मां अम्बे आने वाली हैं,
तन, मन और जीवन हो जाएगा पावन,
मां के कदमों की आहट से गूंज उठेगा आंगन नव
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं.
लक्ष्मी का हाथ हो
सरस्वती का साथ हो,
गणेश का निवास हो
और मां दुर्गा के आशीर्वाद से
आपके जीवन में प्रकाश ही प्रकाश हो.
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं.
मां दुर्गा का रूप है अति सुहावन,
इस नवरात्रि आप पर बरसे मां की कृपा,
ख़ुशियां महके आपके घर-आंगन,
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं.

व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व होता है, जो चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से शुरू होती है. इस बार इसकी शुरुआत 9 अप्रैल से होने वाली है जो कि 17 अप्रैल तक चलेगी. इस साल की चैत्र नवरात्रिबहुत शुभ मानी जा रही है क्योंकि 30 साल के बाद अमृत सिद्धि योग होने जा रहा है. कहते हैं अमृत सिद्धि योग में माता रानी की पूजा अर्चना करने से सभी कष्ट और दुखों से मुक्ति मिलती है. तो आइए आपको बताते हैं कि यह अमृत सिद्धि योग कब बन रहा है और आपको किस तरह से घटस्थापना और पूजा करनी चाहिए.
क्या होता है अमृत सिद्धि योग
ज्योतिषों के अनुसार, नक्षत्रों में पहला नक्षत्र अश्विनी नक्षत्र माना जाता है और मंगलवार के दिन अश्विनी नक्षत्र पड़ रहा है. इसे ही अमृत सिद्धि योग कहते हैं. चैत्र नवरात्रि की शुरुआत भी मंगलवार 9 अप्रैल से हो रही है, ऐसे में 30 साल के बाद नवरात्रि के मौके पर यह शुभ संयोग बन रहा है, जिसे काफी अद्भुत और फलदायी माना जा रहा है. इस योग के बारे में बताया जाता है कि अश्विनी नक्षत्र के दौरान माता रानी की पूजा अर्चना करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है. ज्योतिषों के अनुसार, ये अश्विन नक्षत्र 9 अप्रैल को सूर्योदय के 2 घंटे बाद शुरू हो जाएगा.
इस तरह करें माता रानी की पूजा अर्चना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि की प्रतिपदा पर सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और नए कपड़े पहनें. एक चौकी पर सफेद रंग का कपड़ा बिछाकर हल्दी या केसर से रंगते हुए अक्षत से अष्टदल कमल बना लें. उस पर ब्रह्मा जी की मूर्ति या फोटो की स्थापना करें, फिर षोडशोपचार पूजन करें. अन्य देवी देवता, गंधर्व, ऋषि, मुनि, नदी, पर्वत, पशु पक्षी सभी का ध्यान करते हुए पूजा करें. मां दुर्गा की आराधना करें और व्रत का संकल्प लें. इस दिन दुर्गा पूजा की घट स्थापना करने के साथ ही 9 दिनों तक माता रानी की आराधना की जाती है.
इन चीजों का करें सेवन
कहते हैं प्रतिपदा के दिन नवरात्रि शुरू होने पर अगर नीम के कोमल पत्तों को काली मिर्च, नमक, हींग, जीरा, अजवाइन मिलाकर खाया जाए तो इससे इंसान को आरोग्य होने का लाभ मिलता है.

  व्रत त्यौहार /शौर्यपथ /हिन्दू नव वर्ष अंग्रेजी कैलेंडर और पश्चिमी मान्यताओं के अनुसार हर साल  1 जनवरी से नए साल  की शुरुआत होती है. हिंदी कैलेंडर के अनुसार चैत्र माह की प्रतिप्रदा से नए  साल की शुरुआत मानी जाती है. दरअसल, हिंदी कैलेंडर के मुताबिक, हिंदू नववर्ष की शुरुआत चैत्र प्रतिपदा से मानी जाती है. साल 2024 की शुरुआत विक्रम संवत 2081, 09 अप्रैल मंगलवार के दिन से हो रही है. साथ ही इस दिन से चैत्र नवरात्र भी प्रारंभ हो रहे हैं, जिसमें आदि शक्ति के नौ रूपों की पूजा करने का विधान है.
हिंदू नववर्ष का महत्व |
 चैत्र मासि जगत ब्रह्मा संसर्ज प्रथमेऽहनि,
 शुक्ल पक्षे समग्रेतु तदा सूर्योदय सति।।
ब्रह्मांण पुराण के इस श्लोक के अनुसार, भगवान विष्णुने सृष्टि की रचना का कार्य ब्रह्मा जी को सौंपा था. मान्यताओं के अनुसार ब्रह्मा जी ने जब सृष्टि की रचना की थी, उस दिन चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि थी. साथ ही इसी तिथि पर धार्मिक कार्य करने का भी विशेष महत्व है. क्योंकि इसी  तिथि से चैत्र नवरात्र की भी शुरुआत होती है, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर आदि शक्ति प्रकट हुई थी.
क्यों अलग है हिंदू नव वर्ष 1 जनवरी से |
पश्चिमी मान्यताओं के अनुसार पूरी दुनिया में 1 जनवरी को नया साल मनाया जाता है. जबकि हिंदी कैलेंडर के मुताबिक चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा  तिथि से हिंदू नव वर्ष की शुरुआत होती है. बता दें कि इस साल हिंदू नव वर्ष 9 वर्ष संवत 2024 को शुरू होगा. हिंदी कैलेंडर के अनुसार 9 अप्रैल 2024 को शुरू होगा.  
ऐसे मनाया जाता है हिंदू नव वर्ष |
हिंदू नव वर्ष को नव संवत्सर भी कहा जाता है और इस दिन पूजा-पाठ का विशेष महत्व माना जाता है. सबसे खास बात यह है कि इस नव वर्ष के साथ चैत्र माह के नवरात्र की भी शुरुआत होती है. नए साल के दिन सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन किया जाता है और फिर सभी देवी-देवताओं का पूजन होता है. फिर कलश स्थापना के साथ नवरात्र की शुरुआत की जाती है.

 सेहत टिप्स /शौर्यपथ /आंत हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है. इसकी मदद से ही हमारा शरीर भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित करता है. इसलिए इनका स्वस्थ होना बहुत जरूरी है. इनकी गड़बड़ी के कारण कई तरह की स्वस्थ समस्याएं शुरू हो सकती हैं. कुछ लोगों को तो आंत में गांठ भी बन जाती है, जिसे लोग नजरअंदाज कर देते हैं. जबकि इसको समय रहते इलाज करना चाहिए नहीं तो फिर ये कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का भी रूप ले सकती है. ऐसे में आइए जानते हैं आंत में गांठ पड़ने पर शरीर में क्या लक्षण नजर आते हैं.
आंत खराब होने के क्या लक्षण हैं
1- अगर आपकी आंत में गांठ पड़ गई है, तो फिर आपको मीठा खाने का बहुत मन करता है.  क्योंकि बैड बैक्टीरिया बढ़ने के कारण बार-बार मीठा खाने की क्रेविंग होता है.
2- आंत में गड़बड़ी के कारण मूड भी खराब होता है, खासतौर से दिनभर के कामकाज के बाद. शाम होते व्यक्ति का मूड ऑफ होने लगता है. इससे मेंटल हेल्थ खराब होती है.
3- आंत में गड़बड़ी के कारण पेट अच्छे से साफ नहीं होता है. मल त्याग करने में बहुत समस्या होती है. ऐसे में आप डॉक्टर को तुरंत दिखाएं. ताकि आप समय रहते इलाज शुरू कर सकें.
4- पेट के आस-पास सूजन महसूस होने लगती है. इसकी जांच भी आप एक बार जरूर कराएं. इस तरह की स्वेलिंग आंत में गांठ की ओर इशारा करती है. कई बार मल त्याग करते समय खून भी आता है.

  ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /चावल को आमतौर पर खानपान का हिस्सा बनाया जाता है और इसे लोग बड़े चाव से स्वाद लेकर खाते हैं. लेकिन, चावल का इस्तेमाल सिर्फ खानपान तक ही सीमित नहीं है. चावल को ब्यूटी इंग्रीडिएंट की तरह भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है. चावल के पानी को ही देख लीजिए. घर पर तैयार किया गया चावल का पानी बालों को जड़ों से सिरों तक पोषण देता है. चावल के पानी को सही तरह बालों पर लगाया जाए तो इससे बाल बढ़ते हैं और लंबे  होने लगते हैं. चावल के पानी में खनिज, विटामिन और अमीनो एसिड्स होते हैं जो बालों के लिए बेहद अच्छे हैं. इसमें मौजूद विटामिन बी, सी और ई खासतौर से बालों को फायदा देता हैं. इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स डैमेज्ड बालों को रिपेयर करने में असर दिखाते हैं.
मोटे और घने बाल पाने के लिए चावल के पानी को अलग-अलग तरह से बालों पर लगाया जा सकता है. सबसे पहले जानना जरूरी है कि चावल का पानी तैयार कैसे किया जाता है. चावल का पानी बनाने के लिए 2 कप चावल में 4 कप पानी डालें और इसे आंच पर पकने के लिए चढ़ा दें. आप जितना चावल ले रहे हैं उसका दोगुना पानी उसमें डालें. चावल को पानी में 8 से 16 घंटों के बीच भिगोकर रखने के बाद इसे छानकर पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है.
चावल को आधा घंटा पानी में पकाकर फिर पानी और चावल को अलग करके भी पानी इस्तेमाल में लाया जाता है. बहुत से लोग चावल को फर्मेंट करके भी उसके पानी का इस्तेमाल करते हैं.
ऐसे लगाएं बालों पर
चावल के पानी को बालों पर हेयर मास्क की तरह लगाया जा सकता है. चावल का पानी लेकर बालों की जड़ों से सिरों तक लगाकर रखें और आधे से एक घंटे बाद सिर धोकर साफ कर लें. हफ्ते में 2 से 3 बार बालों पर इस तरह चावल का पानी लगा सकते हैं.
शैंपू करने के बाद चावल के पानी से सिर धोया जा सकता है. इस तरह चावल के पानी से सिर धोने पर बाल घने बनते हैं और मुलायम भी हो जाते हैं. बालों को इंस्टेंट शाइन देने के लिए भी यह तरीका अपनाया जा सकता है.
चावल के पानी का स्प्रे  बनाकर भी बालों पर लगाया जा सकता है. चावल के पानी को स्प्रे बोतल में भरें और इसे सिर पर स्प्रे करें. बाल धोने से एक घंटा पहले इस स्प्रे का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसे दिन में कभी भी बालों की मालिश करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

 सेहत टिप्स /शौर्यपथ /बीमारियां यूं तो सालभर में कभी भी व्यक्ति को घेर सकती हैं, लेकिन ऐसी कई बीमारियां और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हैं जिनका खतरा गर्मियों में ज्यादा होता है. व्यक्ति अगर सेहत का ध्यान ना रखे तो गर्मी के मौसम मं इन स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का शिकार हो सकता है. आमतौर पर देखा जाता है कि इस मौसम में स्वास्थ्य के साथ-साथ स्किन भी प्रभावित होती है. धूप से स्किन का झुलसना, स्किन पर रैशेज पड़ना और सिर में दर्द होना भी कुछ आम दिक्कतें हैं. इनके अलावा, किन गंभीर बीमारियों से व्यक्ति गर्मियों के मौसम में पीड़ित हो सकता है, जानें यहां.
गर्मियों में होने वाली बीमारियां
चिकनपॉक्स - चिलचिलाती गर्मी वाले मौसम में चिकनपॉक्स एक आम समस्या है. चिकनपॉक्स होने पर पूरे शरीर पर जगह-जगह दाने निकलने लगते हैं. इन दानों में फ्लुइड भरा हुआ होता है और ये खुजलाहट वाले होते हैं जिससे पूरे शरीर में वक्त-बेवक्त खुजली होती रहती है. इन दानों को फोड़ा जाए तो दर्द होने लगता है.
टायफॉयड - इस मौसम में टायफॉयड का खतरा भी बढ़ जाता है. टायफॉयड होने पर बुखार चढ़ता है और लंबे समय तक सिर में दर्द बना रहता है. खानपान पर ध्यान देकर और दवाइयां लेने के बाद ही टायफॉयड कम होता है. सड़ा-गला खाने और गंदा पानी पीने पर टायफॉयड हो सकता है.
डिहाइड्रेशन - डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी होना एक आम समस्या है जो गर्मियों में हो जाती है. गर्मियों के मौसम में धूप के कारण ज्यादा प्यास लगती है और लू चलने की वजह से भी शरीर डिहाड्रेटेड हो जाता है. डिहाइड्रेशन के कारण चक्कर आने लगता है, कमजोरी महसूस होती है और व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है. ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना और शरीर को नमी देने वाली चीजों को खाते-पीते रहना जरूरी होता है.
फूड पॉइजनिंग - खानपान सड़ा-गला या खराब हो तो फूड-पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है. फूड-पॉइजनिंग हार्मफुल बैक्टीरिया के कारण होता है और गर्मियों के मौसम में बैक्टीरिया ज्यादा पनपते हैं. इसीलिए गर्मियों में खासतौर से खानपान पर ध्यान देना जरूरी होता है.
आंखों के इंफेक्शन - आंखों से जुड़े कई इंफेक्शंस गर्मियों के मौसम में ज्यादा होते हैं. इस मौसम में
आई इरिटेशन, कंजंक्टिवाइटिस और आई एलर्जी की संभावना ज्यादा होती है. इसीलिए गर्मियों में चेहरे और आंखों को साफ पानी से धोते रहना चाहिए.

  ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /स्किन केयर में घरेलू चीजों का इस्तेमाल करना सबसे ज्यादा फायदेमंद है. हालांकि आमतौर पर लोगों को सिर्फ हल्दी, एलोवेरा और गुलाब जल लगाने के बारे में ही पता होता है, लेकिन आपको बता दें ग्लोइंग स्किन के लिए घरेलू नुस्खे और भी हैं, जो चमत्कार कर सकते हैं. चमकदार त्वचा के लिए प्राकृतिक तरीके आजमाना सबसे सही है क्योंकि उनके कोई साइडइफेक्ट्स नहीं होते हैं. आपने अनेक तरह के स्किन केयर और ब्यूटी टिप्स सुने होंगे, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि चावल के पानी को अपने चेहरे पर लगाकर उसके चमत्कारिक लाभ कैसे लें. ग्लोइंग स्किन के लिए चावल का पानी बहुत पुराने समय से चर्चा में रहा है. ये आपके चेहरे को हेल्दी और चमकदार बनाने में मदद कर सकता है.
ग्लोइंग स्किन के लिए चावल के पानी के फायदे |
चावल के पानी का उपयोग एक हीलिंग ट्रीटमेंट की तरह है, जिसमें चावल को उबाला जाता है और फिर उसका पानी चेहरे पर लगाया जाता है. यह आपकी स्किन को ग्लो करता है, उसे चिकना बनाता है, साथ ही कई स्किन रिलेटेड प्रोब्लम्स को भी दूर करने में मदद करता है. यह आपकी त्वचा को पोषण प्रदान करता है, उसे ताजगी देता है साथ ही उसकी चमक को भी सुधारता है.
चावल का पानी आपके चेहरे की रौनक को निखार सकता है और स्किन की गंदगी से मुक्ति दिला सकता है. इसके अलावा, यह आपकी त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाता है.
इस तरह करें उपयोग:
चावल के पानी का उपयोग करने के लिए पहले चावल को उबालें और फिर उसका पानी ठंडा होने के लिए रख दें. फिर इस पानी को अपने चेहरे पर लगाएं और उसे 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें. अंत में उसे ठंडे पानी से धो लें. आप इसे हर दिन या फिर हर दूसरे दिन कर सकते हैं.
इस तरह चावल के पानी का उपयोग करके आप अपनी स्किन को हेल्दी, चमकदार बना सकते हैं, जो आपको निखारता हुआ और हेल्दी दिखने में मदद करेगा.

 सेहत टिप्स /शौर्यपथ /क्या आपको शरीर में अक्सर थकावट महसूस होना, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द , सुस्ती, बेहोशी या सांस लेने में मुश्किल होना जैसी तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. तो हो सकता है आपके शरीर में विटामिन बी12की कमी हो गई हो. दूसरे विटामिन की तरह ही विटामिन बी12 शरीर के लिए बेहद जरूरी है. लेकिन लगातार खानपान  में आ रहे बदलावों की वजह से सिर्फ बड़े ही नहीं बच्चे भी इसका शिकार हो रहे हैं. जानिए विटामिन बी12 की कमी को कैसे शरीर में पूरा किया जाए?
विटामिन बी 12 क्या है : विटामिन बी 12  को कोबालमीन नाम से भी जाना जाता है. शरीर में ये रेड ब्लड सेल्स और डीएनए बनाने के लिए जरूरी होता है. शरीर में विटामिन B12 नेचुरल तरीके से नहीं बनता, इसलिए खाने-पीने की चीजों से ही शरीर में इस विटामिन की कमी को दूर किया जा सकता है.
विटामिन बी12 से नुकसान : विटामिन B12 की कमी होने पर शरीर में बनने वाले माइलिन  का प्रोटेक्शन कमजोर होता है. इससे नर्व की लेयर डैमेज होने लगती है. इसका असर हाथ-पैर में झुनझुनी,थकावट, सिरदर्द, सांस लेने में मुश्किल के रूप में दिखाई देता है. इसके साथ ही गंभीर मामलों में हार्ट फेल, कैंसर, डायबिटीज या गठिया जैसी बीमारियों का जोखिम बन जाता है.
विटामिन बी12 की मात्रा : स्वस्थ व्यक्ति में विटामिन B12 का लेवल 300pg/mL से ऊपर होना सही माना जाता है. रोजाना स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 2.8 mcg और 14 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को 2.4 mcg  विटामिन बी12 की जरूरत होती है.
बी12  के लिए क्या खाएं : विटामिन बी12 की कमी को खाद्य पदार्थों  और सप्लीमेंट के माध्यम से कम किया जा सकता है. इसमें मछली, मांस, अंडे, डेयरी उत्पादों और चुकंदर का सेवन करना चाहिए.
सबसे ज्यादा बी12 : FDA के अनुसार सबसे ज्यादा विटामिन बी 12 बीफ लिवर में पाया जाता है. 3 औंस बीफ लिवर में 70.7 mcg विटामिन बी12 मिलता है. इसके अलावा अन्य एनिमल लिवर और किडनी का सेवन करने से शरीर को बी12 के साथ साथ विटामिन ए और भरपूर प्रोटीन मिलता है. इनमें फोलेट मौजूद होता है, मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाए रखता है.

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