August 07, 2026
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       सेहत टिप्स /शौर्यपथ /तनाव मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बिगाड़ने का काम करता है, जितना हम सोचते हैं तनाव उससे कहीं ज्यादा नुकसान कर सकता है. बहुत से लोग इसे नजरअंदाज करते हैं, लेकिन आपको बता दें कि तनाव से निपटने के लिए कुछ नेचुरल उपाय अपनाना बहुत जरूरी है. तनाव से राहत देने वाले फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करना स्ट्रेस लेवल को मैनेज करने का एक शानदार तरीका हो सकता है. हम यहां उन चीजों के बारे में बत रहे हैं जो स्ट्रेस लेवल को कम करने और हमारे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं.
    तनाव दूर करने में मदद करते हैं ये फूड्स और ड्रिंक |
    1. कैमोमाइल की चाय
    कैमोमाइल चाय अपने शांत गुणों के लिए जानी जाती है और चिंता को कम करने और बेहतर नींद को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है. अपनी नसों को शांत करने और अपने दिमाग को आराम देने के लिए एक कप कैमोमाइल चाय बनाएं और पूरे दिन गर्म या बर्फीली चाय का आनंद लें.
    2. नट्स
    बादाम, अखरोट और पिस्ता जैसे नट्स हेल्दी फैट, प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करने और तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं. नाश्ते के रूप में मुट्ठी भर नट्स का आनंद लें या कुरकुरापन और स्वाद बढ़ाने के लिए उन्हें सलाद, दलिया या दही के ऊपर छिड़कें.
    3. डार्क चॉकलेट
    डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनोइड्स होते हैं, जो एंटीऑक्सिडेंट हैं जो मस्तिष्क में सेरोटोनिन लेवल को बढ़ाकर मूड में सुधार कर सकते हैं. हाई कोको सामग्री (70 प्रतिशत या ज्यादा) वाली डार्क चॉकलेट का लक्ष्य रखें और बहुत ज्यादा शुगर के सेवन से बचने के लिए इसका सीमित मात्रा में सेवन करें.
    4. ब्लूबेरी
    ब्लूबेरी एंटीऑक्सिडेंट होते हैं खासकर ये विटामिन सी से भरपूर होती है, जो शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके तनाव से निपटने में मदद कर सकती है. पौष्टिक नाश्ते के लिए इन्हें स्मूदी, ओटमील या दही में ताजा या जमाकर आनंद लें.
    3. एवोकाडो
    एवोकाडो मोनोअनसैचुरेटेड फैट और पोटेशियम से भरपूर होता है, जो ब्लड प्रेशर को कम करने और तनाव को कम करने में मदद कर सकता है. अपने भोजन को मलाईदार और संतोषजनक बनाने के लिए सलाद, सैंडविच या स्मूदी में एवोकाडो के स्लाइस एड करें.

     सेहत टिप्स /शौर्यपथ / करक्यूमिन एक नेचरल कंपाउंड है जो हल्दी की जड़ में पाया जाता है. इसका उपयोग सदियों से नेचरल मेडिसिन के रूप में खासतौर से आयुर्वेद में इसके संभावित स्वास्थ्य लाभों के लिए किया जाता रहा है. करक्यूमिन अपने शक्तिशाली सूजन को कम करने वाले गुणों, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इंफ्लेमेटरी और कैंसररोधी गुणों के लिए जाना जाता है. यह कई हेल्थ कंडिशन से निपटने में मदद करता है. गट हेल्थ के लिए हल्दी को काफी फायदेमंद माना जाता है. यहां पेट के लिए हल्दी के फायदों के बारे में पढ़िए.
    करक्यूमिन पेट के स्वास्थ्य को कैसे सुधारता है पढ़िए:
    1. एंटी इंफ्लेमेटरी गुण
    करक्यूमिन में शक्तिशाली सूजन-रोधी प्रभाव होते हैं, जो जठरांत्र संबंधी मार्ग में सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं. यह सूजन आंत्र रोग (आईबीडी), क्रोहन रोग और अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी कंडिशन के लिए फायदेमंद हो सकता है.
    2. आंतों की रुकावट से बचाता है
    कर्क्यूमिन को आंतों की परेशानी को दूर करने के लिए जाना जाता है, जो आंत से ब्लड फ्लो में हानिकारक पदार्थों के रिसाव को रोकने में मदद करता है. बेहतर गट हेल्थ और इम्यून फंक्शन के लिए एक हेल्दी बाउल ऑब्स्ट्रक्शन जरूरी है.
    3. गट माइक्रोबायोटा का मॉड्यूलेशन
    करक्यूमिन आंत माइक्रोबायोटा के स्ट्रक्चर को कंट्रोल कर सकता है, हानिकारक बैक्टीरिया को रोकते हुए लाभकारी बैक्टीरिया को बढ़ावा दे सकता है. आंत माइक्रोबायोटा में यह संतुलन डायजेशन हेल्थ के लिए जरूरी है.
    4. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को दूर करती है
    करक्यूमिन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो फ्री रेडिकल्स को बेअसर करने और आंत में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है. ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाकर करक्यूमिन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल टिश्यू और सेल्स हेल्थ को सपोर्ट करता है.
    5. पाचन क्रिया में सुधार
    करक्यूमिन पाचन एंजाइमों को स्टिमुलेट करता है, जो पोषक तत्वों के टूटने और एब्जॉर्प्शन में सहायता करते हैं. यह पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार कर सकता है, जिससे गट हेल्थ को बढ़ावा मिलता है.
    6. आईबीएस के लक्षणों को दूर करता है
    अध्ययनों से पता चलता है कि करक्यूमिन सूजन को कम करके और इंटेस्टिनल मॉबिलिटी को कंट्रोल करके इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) जैसे पेट दर्द, सूजन और दस्त के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है.
    7. म्यूसिन को बढ़ावा देना
    म्यूसिन एक सुरक्षात्मक परत है जो गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट को लाइन करती है. बढ़ा हुआ म्यूसिन आंत की परत को डैमेज से बचाने में मदद करता है और गट ब्लॉकर फंक्शन को सपोर्ट करता है.

        लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /लड़कियों को आमतौर पर 12 से 16 साल की उम्र के बीच में पीरियड्स शुरू हो जाते हैं. ज्यादातर मां ही इस दौरान बेटी को पीरियड्स के बारे में बताती है. लेकिन, अक्सर ही देखा जाता है कि पीरियड्स   शुरू होने से पहले कितनी ही बच्चियों को इसके बारे में किसी तरह की कोई जानकारी नहीं होती और पीरियड्स होने के बाद भी उसके प्रश्नों का उसे बस यह जवाब मिलता है कि 'यह हर लड़की के साथ होता है'. पीरियड्स को लेकर जानकारी और जागरूकता की कमी ना सिर्फ बच्ची को परेशान करती है लेकिन उसके लिए कितनी खतरनाक साबित हो सकती है यह हाल ही में मुंबई में देखने को मिला है. मुंबई में 14 साल की लड़की ने पहली बार हुए पीरियड्स के तनाव  और दर्द के चलते आत्महत्या कर ली. पुलिस के अनुसार, उसे पीरिड्स को लेकर कुछ खासा जानकारी नहीं थी इसीलिए वह तनाव में थी और उसने यह कदम उठाया. यह घटना सभी पैरेंट्स के लिए एक बहुत बड़ा सबक है कि बच्चियों को कम्र से ही पीरियड्स के बारे में बताना कितना ज्यादा जरूरी है.
    बेटी को जरूर बताएं पीरियड्स से जुड़ी ये 5 बातें
        10 साल की उम्र होने के बाद से ही बेटी को बैठाकर उससे पीरियड्स के बारे में बातचीत करना शुरू करें. उसे बताएं कि यह हर महीने होने वाली प्रक्रिया है. हफ्ते में 4 से 5 दिन पीरियड्स हो सकते हैं यह भी समझाएं.
        पीरियड्स में पैड्स   किस तरह इस्तेमाल करते हैं, किस तरह फेंकते हैं और पर्सनल हाइजीन कैसे मेंटेन करते हैं उसे सिखाएं. उसे पीरियड्स के बारे में कुछ पूछने के लिए झिझक महसूस करने की जरूरत नहीं है यह आश्वासन भी दें.
        बेटी को पीरिड्स में होने वाले दर्द के बारे में भी बताएं. पेट में दर्द, पीठ में ऐंठन और कभी-कभी सीने में दर्द महसूस होता है इसके बारे में भी बताएं. उसे कहें कि जब भी उसे पीरियड्स में जरूरत से ज्यादा दर्द महसूस हो तो आपसे कहने से बिल्कुल ना घबराए. पैरेंट्स दिक्कत बढ़ने पर गाइनीकोलॉजिस्ट को दिखा सकते हैं.
        पीरियड्स शुरू होने के बाद शरीर में और कौन-कौनसे बदलाव होते हैं इसके बारे में भी बेटी को बताना चाहिए.
        आखिर में, पीरियड्स में होने वाले तनाव को नजरअंदाज ना करें. बेटी को इस तनाव से निपटने के तरीके बताएं, उसे आराम करना है तो किसी काम के लिए जबरदस्ती ना करें और सबसे जरूरी है कि पीरियड्स के दर्द  या स्ट्रेस को लेकर उसकी बाकी लड़कियों से तुलना ना करें. सभी के लिए यह अनुभव अलग-अलग होता है.

      सेहत टिप्स /शौर्यपथ /फलों को सेहत के लिए कितना फायदेमंद माना जाता है ये तो हम सभी जानते हैं. आज हम एक ऐसे ही फल के बारे में बात कर रहे हैं. जिसे स्टार फ्रूट और कमरख  के नाम से जाना जाता है. ये फल कटने के बाद बिल्कुल स्टार जैसा दिखता है. इसका वैज्ञानिक नाम एवररहो कारंबोला है. इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मददगार हैं. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि स्टार फ्रूट्स का जरूरत से ज्यादा सेवन सेहत को फायदा की जगह नुकसान पहुंचा सकता है. तो चलिए जानते हैं स्टार फ्रूट्स का सेवन करने से होने वाले फायदे और नुकसान.
    स्टार फ्रूट खाने के फायदे-
    1. डायबिटीज-
    स्टार फ्रूट पौधे की पत्तियों से निकलने वाले अर्क सीरम ग्लूकोज के लेवल में सुधार कर सकते हैं. डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आप फल और पत्तियों दोनों का सेवन कर सकते हैं.
    2. पाचन-
    अगर फ्रूट में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन को बेहतर रखने में मदद कर सकता है.
    3. सांस-
    स्टार फ्रूट में एंटीऑक्सीडेंट, आयरन, जिंक, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे गुण पाए जाते हैं, जो सांस संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकते हैं.
    स्टार फ्रूट्स का सेवन करने के नुकसान-
    1. कब्ज-
    कब्ज की समस्या से परेशान हैं तो आप भूलकर भी स्टार फ्रूट का सेवन न करें. स्टार फ्रूट का जरूरत से ज्यादा सेवन करने से कब्ज की समस्या हो सकती है.
    2. पेट में जलन-
    स्टार फ्रूट का जरूरत से ज्यादा सेवन करने से पेट और छाती में जलन हो सकती है. इसलिए आपको पहले से ही ऐसा समस्या है तो आप इसका ज्यादा सेवन न करें.
    3. दवाएं-
    अगर आप किसी भी तरह की कोई दवा ले रहे हैं तो आप भूलकर भी स्टार फ्रूट का सेवन न करें. इससे आपकी सेहत को नुकसान पहुंच सकता है.

     टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ / चने को सेहत के लिए कितना फायदेमंद माना जाता है ये तो हम सभी जानते हैं. आपने भीगे चने, अंकुरित चने, भुने चने तो खाए होंगे लेकिन क्या कभी आपने दूध में भीगे चने खाएं हैं जी हां आपने बिल्कुल सही सुना. दूध में भीगे चने का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. असल में चने में फाइबर, कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन्स, मिनरल्स आयरन और मैग्नीशियम जैसे गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मददगार हैं. तो वहीं दूध को पोषण का भंडार कहा जाता है. रोजाना एक गिलास दूध के सेवन से शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मदद मिल सकती है. इतना ही नहीं अगर आप अपने शरीर में मास को बढ़ाना चाहते हैं यानि वजन को बढ़ाना चाहते हैं  तो दूध में भीगे चने का सेवन फायदेमंद हो सकता है. तेजी से वजन को बढ़ाने के लिए आप इसका सेवन कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं दूध में भीगे चने खाने के अन्य फायदे-
    दूध में भीगे चने खाने के फायदे-
    1. वजन बढ़ाने-
    दूध में भीगे चने खाने से आपको वजन प्रबंधन में मदद मिलती है. अगर आप वजन को बढ़ाना चाहते हैं तो रात में चने को धोकर दूध में भीगो कर रख दें. फिर अगली सुबह इस दूध को छानकर पी लें और भीगे चने भी खा लें. ऐसा करने से वजन को तेजी से बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
    2. बालों-
    दूध में चने डालकर रात भर के लिए छोड़ दें, फिर सुबह दूध छानकर पी लें और साथ-साथ चने भी खाएं. इससे बालों को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है.
    3. एनर्जी-
    एनर्जी की कमी करते हैं  महसूस तो आपके लिए दूध में भीगे चने का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है. सुबह इस दूध का सेवन करने से शरीर में दिनभर एनर्जी बनी रहती है.

      सेहत टिप्स /शौर्यपथ /मोटापे से आजकल बहुत से लोग परेशान हैं. पेट का मोटापा सबसे ज्यादा दुखदायी होता है. ये न सिर्फ आपकी पर्सनालिटी को खराब करता बल्कि कई बीमारियों का घर भी होता है. हर कोई चाहता है कि वह एकदम फिट रहे और इस जीवन का आनंद ले, लेकिन पेट की चर्बी और लटकती तोंद रंग में भंग डाल देती हैं. ऐसे में बहुत से लोग सवाल करते हैं कि पेट का मोटापा कैसे कम करें, पेट की चर्बी घटाने के लिए क्या करें. अक्सर हम अपने दिन के कामों में इतने व्यस्त रहते हैं कि हम खाने के बाद कुछ गलतियां कर देते हैं, जो हमारे मोटापे का कारण बनती हैं. खाने के बाद कुछ चीजें करना या न करना, यह हमारे फिटनेस का सबसे बड़ा राज है. खासकर जब बात मोटापे वाले लोगों की हो. तो चलिए जानते हैं कि दिन का खाना खाने के बाद मोटे पेट वालों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए.
    मोटापा से परेशान लोग लंच के बाद न करें ये काम |  
    1. ठहरे नहीं बैठना
    ज्यादातर लोग खाने के बाद बैठ जाते हैं, जो कि उनके पेट को ज्यादा दबाव डालता है. इससे पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है और आपके पेट का आकार भी बढ़ सकता है. इसलिए, खाने के बाद ठहरे नहीं बैठना चाहिए.
    2. ठंडे पानी का सेवन
    खाने के बाद ज्यादा ठंडे पानी का सेवन करना पाचन शक्ति को कमजोर कर सकता है और आपके पेट में गैस बना सकता है. इसलिए, खाने के बाद ठंडे पानी का सेवन कम करें.
    3. हैवी एक्सरसाइज
    खाने के तुरंत बाद हैवी एक्सरसाइज करना भी अच्छा नहीं है, क्योंकि यह पाचन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है और आपका वजन और पेट बढ़ा सकता है.
    4. मसालेदार और फ्राइड चीजें
    ज्यादा मसालेदार और तली हुई चीजें खाने से आपके पेट में जलन और अपच की समस्या हो सकती है. साथ ही ये पेट का मोटापा भी बढ़ा सकता है.
    5. चाय/कॉफी का सेवन
    खाने के बाद ज्यादा मात्रा में चाय या कॉफी का सेवन करना भी अच्छा नहीं है, क्योंकि यह पेट में एसिड बढ़ा सकता है और पाचन क्रिया को प्रभावित कर सकता है.
    6. तुरंत सोना
    भोजन के बाद तुरंत सोना आपको पेट के पाचन प्रक्रिया को रिस्ट्रिक्ट कर सकता है और अपच जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है.
    खाने के बाद इन बातों का ध्यान रखें और हेल्दी लाइफ जीने के लिए बैलेंस डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज को अपनाएं.

     टिप्स ट्रिक्स /शौर्यपथ /चावल हर भारतीय घर में रोज बनने वाली चीजों में से एक है. लंच हो या डिनर चावल के बिना मील अधूरा सा लगता है. भारत के अलग-अलग हिस्सों में चावल के प्रेमी आपको देखने को मिल जाएंगे. चावल को सबसे ज्यादा लोग दाल के साथ खाना पसंद करते हैं. दाल के अलावा इसे अपनी-अपनी पसंद के अनुसार किसी भी डिश के साथ पेयर कर सकते हैं. यानि चावल हर दिन बनने वाली चीजों में से एक है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि जिस चावल के पानी को आप बेकार समझ कर फेंक देते हैं. दरअसल वो आपके स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है. चावल के पानी को रोजाना पीने से कई बीमारियों को दूर किया जा सकता है. क्योंकि चावल कई प्रकार के विटामिन और मिनरल्स का खजाना है. इसमें नियासिन, विटामिन डी, कैल्श‍ियम, फाइबर, आयरन, थायमीन और राइबोफ्लेविन पर्याप्त मात्रा में होता है. चावल का पानी फाइबर से भरपूर होता है और आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करता है. चावल के पानी के इस्तेमाल से स्किन को चमकदार बनाया जा सकता है. तो चलिए जानते हैं चावल के पानी से होने वाले फायदे-
    चावल के पानी के फायदे-
    1. स्किन-
       चावल के पानी को सिर्फ सेहत ही नहीं सुंदरता को बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर आप अपनी स्किन को चमकदार बनाना चाहते हैं तो चावल के पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं.
    2. डी-हाइड्रेशन-
     गर्मियों के मौसम में शरीर में पानी की कमी, डी-हाइड्रेशन की समस्या काफी देखी जा सकती हैं. चावल के पानी को पीने से डी-हाइड्रेशन की समस्या को दूर किया जा सकता है.
    3. हाई ब्लड प्रेशर-
      चावल का पानी पीने से हाई ब्‍लड प्रेशर की समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है. चावल में सोडियम की कम मात्रा होती है, जो हाई ब्‍लड प्रेशर और हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकती है.

       ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /बालों की लंबाई और घनाई का सपना हर किसी के दिल में होता है. आजकल की लाइफस्टाइल के चलते बहुत से लोग कमजोर और कम बालों से परेशान हैं, जिनमें बालों का झड़ना और कम ग्रोथ भी शामिल है. हमारे देश में पुराने समय से ही पौधों और प्राकृतिक उपचारों के प्रयोग की हेल्थ को सुधारने के लिए किया जाता है, लेकिन आजकल इसे लोग ज्यादातर अनदेखा करते हैं. क्या आप जानते हैं कि कौन सी पत्तियों का उपयोग करके आप अपने बालों को लंबा और घना बना सकते हैं? आजकल लोग सवाल करते हैं बालों की ग्रोथ कैसे बढ़ाएं, बालों का झड़ना कैसे रोकें या बालों को मजबूत कैसे करें साथ ही बालों को लंबा कैसे करें? इन सभी सवालों को लेकर आज हम एक कारगर नुस्खा लेकर आए हैं. यहां हम आपको उन पत्तियों के बारे में बताएंगे जो आपके बालों को लंबा और घना बनाने में मदद कर सकती हैं.
    मजूबत को घने बालों के लिए घरेलू नुस्खे |
    1. ब्रह्मी पत्ती
    ब्रह्मी पत्ती बालों के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है. इसका नियमित इस्तेमाल करने से बालों का झड़ना कम होता है और वे लंबे और मजबूत होते हैं. ब्रह्मी पत्ती में प्रोटीन, विटामिन्स और मिनरल्स की भरपूर मात्रा होती है जो बालों की ग्रोथ और पोषण में मदद करती है.
    2. आंवला पत्ती
    आंवला एक प्राकृतिक उपचार है. यह बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद है. आंवला पत्ती में विटामिन सी, जो बालों के झड़ने को रोकता है, साथ-साथ बालों की ग्रोथ में मदद करने वाले अन्य तत्वों की भी भरपूर मात्रा होती है.
    3. मेथी पत्ती
    मेथी पत्ती में विटामिन सी, पोटैशियम और आयरन जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं जो बालों के लिए लाभकारी होते हैं. इसका इस्तेमाल बालों के झड़ने को कम करने के साथ-साथ उन्हें लंबा और मजबूत बनाने में मदद करता है.
    4. तुलसी पत्ती
    तुलसी पत्ती में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं और अन्य पोषण संबंधी तत्व होते हैं जो बालों को मजबूत बनाए रखते हैं. तुलसी के प्रयोग से बालों का झड़ना कम होता है और वे लंबे, चमकदार और मुलायम होते हैं.
    5. अलोवेरा के पत्ते
    अलोवेरा के पत्तों में मौजूद एन्टीऑक्सिडेंट्स, जो कि बालों की लाइफ को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं. इसके नियमित उपयोग से बालों की रूखापन और टूटने की समस्या को कम किया जा सकता है.
    6. नीम के पत्ते
    नीम के पत्ते बालों के लिए एक अद्भुत प्राकृतिक उपचार हो सकते हैं. इनमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो स्कैल्प के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं और बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं.

       ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ /बालों की चमक और मजबूती के लिए एलोवेरा को बालों में लगाना एक प्रभावी तरीका है. यह प्राकृतिक तरीके से बालों की देखभाल करता है और उन्हें हेल्दी बनाए रखता है. एलोवेरा का इस्तेमाल करके बालों की ग्रोथ को बढ़ाया जा सकता है. बालों की देखभाल और सुंदरता के लिए एलोवेरा एक प्राचीन उपाय है. यह एक प्रकार का पौधा है जो ब्यूटी प्रोडक्ट्स में प्रयोग होता है, लेकिन इसके सेवन से बालों की ग्रोथ को भी बढ़ाई जा सकती है. बालों की ग्रोथ के लिए एलोवेरा का उपयोग बेहद फायदेमंद माना जाता है, जो आपके बालों को मजबूत, चमकदार और लंबे बनाने में मदद कर सकता है. यहां जानिए लंबे, घने और मजबूत बालों के लिए बालों पर एलोवेरा कैसे लगाएं.
    बालों की ग्रोथ के लिए इस तरह लगाएं एलोवेरा |  
    1. प्राकृतिक एलोवेरा जूस का उपयोग
    एलोवेरा के पत्तों को काटकर उनसे निकले जूस को अपने बालों में लगाएं. इसे बालों पर 30-45 मिनट रखें और फिर धो लें. इससे आपके बालों की रक्षा होगी और उन्हें मुलायम और चमकदार बनाए रखेगा.
    2. एलोवेरा और शहद का मिश्रण
    एलोवेरा जूस में थोड़ा सा शहद मिलाएं और इसे बालों में लगाएं. इस मिश्रण को लगाने से बालों की मानसिकता बढ़ती है और वे मजबूत होते हैं.
    3. एलोवेरा और नारियल तेल का मास्क
    एक कप नारियल तेल में दो चमच एलोवेरा जूस मिलाएं और इसे अच्छे से मिला लें. इस मिश्रण को बालों पर लगाएं और उसे 1 घंटे तक लगाकर छोड़ दें. फिर बालों को धो लें. यह मास्क आपके बालों को गहराई से मोइस्चराइज़ करता है.
    4. एलोवेरा और धनिया मिश्रण
    एलोवेरा जूस में थोड़ी सी पाउडर की धनिया मिलाएं और इसे बालों में मसाज करें, धनिया बालों को मजबूत और हेल्दी बनाए रखता है जो उन्हें बढ़ाने के लिए जरूरी न्यूट्रिएंट्स प्रदान करता है.
    इसके साथ और क्या करें?
        एलोवेरा जेल को शहद के साथ मिलाकर भी लगाया जा सकता है.
        यह उपाय बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद करता है और उन्हें मजबूत बनाता है.
        ध्यान दें कि इन उपायों का प्रभाव व्यक्ति के बालों के नेचर और एलिमेंट्स पर निर्भर कर सकता है. अच्छे रिजल्ट के लिए इन्हें नियमित रूप से अपनाएं.
    एलोवेरा के गुण:
    प्रोटीन से भरपूर: एलोवेरा में प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है, जो बालों के लिए जरूरी होती है. यह प्रोटीन बालों की ग्रोथ और मजबूती में मदद करता है.
    विटामिन: एलोवेरा में विटामिन ए, सी और ई होते हैं, जो बालों को पोषण प्रदान करते हैं और उन्हें हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं.
    बालों को मोटा करने की क्षमता: एलोवेरा में एन्जाइम्स होते हैं जो करते हैं कि बाल मोटे और मजबूत बनें, जिससे टूटने से बचे रहें.
    बालों के झड़ने को रोकने में मदद: एलोवेरा में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो बालों के झड़ने को रोकने में मदद कर सकते हैं.

      सेहत टिप्स /शौर्यपथ / अक्सर ही रात में कुछ ज्यादा चटपटा, मसालेदार या भारी खा लिया जाए तो अगली सुबह पेट में गड़बड़ी होने लगती है. मलत्याग करने के बाद भी पेट फूला रहता है और पेट में गैस  बनती है सो अलग. ऐसे में समझ नहीं आता कि इस गैस से छुटकारा कैसे पाया जाए. लेकिन, दवाइयां खाने के बजाय आप कुछ ऐसे योगासन कर सकते हैं जो पेट की गैस दूर करने में कमाल का असर दिखाते हैं. इन योगासन को करना आसान भी है और असरदार भी. ये योगा पोज शरीर में बंद गैस को बाहर निकालते हैं और मलत्याग को भी आसान बना देते हैं.
    पेट की गैस निकालने के लिए योगासन |
    आनंद बालासन
    आनंद बालासन योगा को हैप्पी बेबी योगा कहते हैं. इस योगासन को करने पर पेट फूलने की दिक्कत दूर होती है और पेट से आसानी से गैस निकल जाती है. यह योगासन करने के लिए अपनी पीठ के बल जमील पर लेट जाएं. घुटनों को मोड़कर अपनी छाती तक लाएं और पैरों के तलवों को हाथों से पकड़ लें. जितना शरीर फ्लेक्सिबल हो उतना ही करें, जबरदस्ती ना करें. 1 से 5 मिनट तक इस पोज को होल्ड करें और फिर सामान्य हो जाएं. ध्यान रहे कि आपका सिर और गर्दन जमीन से लगे हुए ही रहें.
    अपानासन
    इस योगा में घुटनों को छाती तक लाया जाता है. इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं. अब अपने घुटनों को 90 डिग्री के कोण पर मोड़ें. आपके पंजे सामने की तरफ होंगे और घुटने छाती से लगेंगे. इस योगासन  को करते हुए पैरों को आगे-पीछे किया जाता है. कुछ देर करने के बाद सामान्य हो जाएं. शरीर से गैस निकलने लगेगी.
    अर्ध-अपानासन
    अर्ध-अपानासन को विंड रिलीविंग पोज भी कहते हैं. इस योगासन को करने से पेट फूलने की दिक्कत तो दूर होती ही है, साथ ही इससे आंतों को भी फायदा मिलता है. पीठ के बल जमीन पर लेटने के बाद एक पांव सीधा रखा जाता है और दूसरे पैर को घुटनों से मोड़कर छाती पर लगाते हैं. दोनों पैरों के साथ बारी-बारी से इस पोज को किया जाता है. 5 मिनट तक इस योगासन को करें. गैस की दिक्कत दूर होने में असर नजर आने लगेगा.

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