August 07, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

     आस्था /शौर्यपथ /भगवान शिव को ब्रह्मांड में अजर और अमर कहा गया है. भगवान शिव के साथ-साथ शिवलिंग की भी सदियों से पूजा होती आ रही है. शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान शिव  का आशीर्वाद पाने के लिए जलाभिषेक करना चाहिए. शिवलिंग की पूजा से महादेव बहुत जल्दी प्रसन्न होकर जातक को मनचाहा फल देते हैं.ऐसे में अगर आप भी शिवलिंग की नियमित पूजा करते हैं तो आपको शिवलिंग  की पूजा के सही विधि-विधान पता होने चाहिए. आपको बता दें कि शिवलिंग की पूजा करते समय दिशाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है. चलिए जानते हैं कि शिवलिंग की पूजा करते समय दिशाओं का क्या महत्व है.
       शिवलिंग की पूजा करते समय कैसे रखें दिशाओं का ध्यान - ज्योतिष में कहा गया है कि शिवलिंग की पूजा करते समय गलत दिशा में खड़े होना या गलत दिशा में शिवलिंग पर जल गिरना अशुभ माना जाता है. इसिलए शास्त्रों में शिवलिंग की पूजा के लिए कुछ खास दिशाओं की बात कही गई है. जब जातक को शिवलिंग पर जल अर्पित करना हो तो उसे दक्षिण दिशा में खड़े होकर ही शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए. शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय जातक का मुख पूर्व, उत्तर या पश्चिम दिशा की तरफ नहीं होना चाहिए. उसका मुख दक्षिण दिशा की तरफ होना चाहिए. शिवलिंग पर जल इस तरह अर्पित करें कि जल उत्तर दिशा की ओर शिवलिंग पर गिरे. शास्त्रों में कहा गया है कि कभी जातक को खड़े होकर शिवलिंग पर जलाभिषेक नहीं करना चाहिए. अगर आप खड़े हैं तो झुककर या बैठकर ही जलाभिषेक करना चाहिए.
      किस पात्र से अर्पित करें शिवलिंग को जल - ज्योतिष में कहा गया है कि शिवलिंग को जल अर्पित करने के लिए कभी भी लोहे, प्लास्टिक या स्टील के पात्र का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. ऐसा करना अशुभ होता है. शिवलिंग को जलाभिषेक करने के लिए सदैव तांबे, पीतल या चांदी के पात्र का इस्तेमाल करना चाहिए. इससे भगवान महादेव प्रसन्न होते हैं औऱ जातक को सुख समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.

    सेहत टिप्स /शौर्यपथ /गुड़ खाने की सलाह ठंड के मौसम जरूर दी जाती है, क्योंकि इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व और तासीर आपके शरीर को अंदर से गरम रखती है, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत बना रहता है. इसके सेवन से शरीर में आयरन की कमी नही होती है और यह आपके मेटाबॉलिज्म को भी मजबूत रखता है. लेकिन क्या आपको पता है गुड़ आपके वजन को भी घटाने का काम करता है. आज इस लेख में हम आपको गुड़ में मखाना पकाकर खाने के फायदे के बारे में बताने जा रहे हैं. सर्दी में जरूर खाएं गुड़ की बनी रोटी, मिलते हैं 5 बड़े फायदे, यहां जानिए बनाने का तरीका
    मखाना और गुड़ खाने के फायदे |
    मखाने में प्रोटीन और फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो भूख को नियंत्रित करती है. वहीं, गुड़ में आयरन, कैल्शियम, और पोटैशियम होता है, जो भूख को कंट्रोल करते हैं. इससे आपके शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा नहीं हो पाती है और पहले से इक्ट्ठा फैट भी कम होने लगता है. आपको बता दें कि गुड़ में मखाने के अलावा और भी कई चीजों को मिलाकर डिश तैयार की जा सकती है, जैसे गाजर का हलवा, खीर, चटनी और गुड़ का सलाद.
    कैसे तैयार करें मखाना और गुड़ |
    आपको बता दें कि एक कड़ाही में पहले मखाना रोस्ट कर लीजिए, फिर मखाने को अलग निकालकर रखिए. अब आप कड़ाही में घी गरम करिए. इसमें फिर गुड़ को डालिए और पानी जब गुड़ अच्छे से पक जाए तो इसमें मखाना मिक्स कर दीजिए. अब आप इसको स्टोर कर लीजिए एक डिब्बे में.

    सेहत टिप्स /शौर्यपथ /आपने दूध में हल्दी मिलाकर पीने के फायदों के बारे में बहुत सुना होगा, लेकिन आज हम आपको यहां पर पानी में हल्दी मिलाकर पीने के कितने फायदे हैं उसके बारे में बताएंगे. तो चलिए बिना देर किए जानते हैं हल्दी पानी पीने के कितने फायदे हो सकते हैं.
    हल्दी पानी पीने के कितने हैं फायदे -
    - अगर आप हल्दी वाला पानी पीते हैं, तो इससे आपकी पाचन शक्ति दुरुस्त रहेगी. इससे मेटाबॉलिज्म भी मजबूत रहेगा. इस पानी को पीने से आपके जोड़ों में होने वाले दर्द में भी आराम मिलेगा.
    - मुंह के छाले ठीक करने में भी यह पानी बहुत लाभकारी होता है बस आपको एक गिलास पानी में 2 चम्मच हल्दी डालकर उबाल लेना है, फिर ठंडा करके उससे गलाला करना है. इससे आपको थोड़ी देर में ही राहत महसूस होगी.
    - यह पानी आपके शरीर में बढ़ा हुआ फैट भी कम करने का काम करती है. इसमें इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो आपके सूजन को कम करने का काम करती है. इससे ब्लोटिंग की भी परेशानी से राहत मिल सकती है. यह इम्यूनिटी को बूस्ट करता है. हल्दी पानी महिलाओं में हार्मोंस को संतुलन करने में भी बहुत कारगर होता है.

    सेहत टिप्स /शौर्यपथ / हमारी रसोई खजाने का पिटारा कहलाती है क्योंकि इसमें हर मर्ज का इलाज छुपा है. चाहे दांत का दर्द हो या फिर कानों का, चोट लगी हो या बाल बढ़ाने हों, चाहे वजन बढ़ाना हो या घटाना, रसोई में ऐसा कुछ ना कुछ मिल ही जाएगा जो इन दिक्कतों पर अपना कमाल का असर दिखाए. अब वजन घटाने की बात करें तो ऐसे कुछ मसाले हैं जिनका सेवन फैट बर्न करने में कमाल का असर दिखाता है. इन मसालों को पानी में मिलाकर पिया जा सकता है. ये शरीर को डिटॉक्स भी करते हैं और इनसे जमा हुआ फैट पिघलने लगता है. मेटाबॉलिज्म दुरुस्त रखने में भी इन मसालों का अच्छा असर दिखता है. यहां जानिए कौनसे हैं ये मसाले जिनसे फैट बर्निंग ड्रिंक्स बनाकर पी जा सकती हैं.
    फैट बर्न करने वाले मसाले |
    जीरा
    जीरा ऐसा फैट बर्निंग मसाला है जिसका असर तेजी से नजर आता है. जीरे के सेवन से बैली फैट कम होने में खासतौर से असर दिखता है. एक गिलास पानी में एक चम्मच जीरा डालकर पकाएं और हल्का गर्म ही छानकर पी लें. फैट बर्न होने लगता है. इस पानी को रोजाना सुबह खाली पेट पी सकते हैं और रात में खाना खाने के आधे घंटे बाद इसे पिया जा सकता है.
    मेथी के दाने
    पीले मेथी के दानों को खानपान में अलग-अलग तरह से शामिल कर सकते हैं लेकिन वजन घटाने में बेहतर परिणाम पाने के लिए इन दानों को पानी में उबालकर पिया जा सकता है. मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोकर रखें और अगली सुबह इस पानी को गर्म करके पिएं. इस पानी से पेट की दिक्कतें कम होने में भी असर दिखता है.
    दालचीनी
    वजन कम करने में दालचीनी का असर तेजी से दिखता है. एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर इस मसाले के फायदे ब्लड शुगर कम करने तक में दिखते हैं. वजन कम करने के लिए दालचीनी को पानी में डालकर पी सकते हैं. इसे दूध में या सूप वगैरह में डालकर भी खानपान का हिस्सा बनाया जा सकता है.
    सौंफ
    पेट में कोई तकलीफ होती है तो सौंफ का सेवन करने की सलाह दी जाती है. एंटी-ऑक्सीडेंट्स के साथ-साथ विटामिन ए, डी और सी से भरपूर सौंफ पाचन को दुरुस्त रखने में मददगार है. सौंफ को पानी में डालकर पकाने के बाद पीने पर फैट बर्न में असर दिखता है.

    सेहत टिप्स /शौर्यपथ / मेथी एक ऐसा् मसाला है जिसे आसानी से किचन में पा सकते हैं. मेथी के दानों को आमतौर पर तड़का लगाने और अचार में इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि मेथी वाले पानी के सेवन से शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं. जी हां आपने बिल्कुल सही सुना. मेथी वाला पानी पीने से वजन को कम करने में मदद मिल सकती है. इतना ही नहीं मेथी के पानी का सेवन कर आप पेट संबंधी समस्याओं को दूर कर सकते हैं. आपको बता दें कि मेथी में सोडियम, जिंक, फॉस्फोरस, फॉलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम जैसे मिनरल्स और विटामिन ए, बी और सी भी पाए जाते हैं. इसके अलावा इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर्स, प्रोटीन, स्टार्च, शुगर, फॉस्फोरिक एसिड जैसे न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मदद कर सकते हैं.
    मेथी पानी पीने के फायदे-
    1. मोटापा-
    वजन को कम करने के लिए आप सुबह खाली पेट मेथी वाले पानी का् सेवन कर सकते हैं. इससे वजन को कम करने में मदद मिल सकती हैं.
    2. डायबिटीज-
    डायबिटीज मरीजों के लिए मेथी का सेवन काफी अच्छा माना जाता है. फिर चाहे वो हरी मेथी हो या मेथी के बीज. अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो सुबह खाली पेट मेथी वाले पानी का सेवन कर सकते हैं.
    3. कब्ज-
    सर्दियों के मौसम में कब्ज की समस्या काफी देखी जाती है. अगर आपको भी कब्ज की शिकायत है तो मेथी वाले पानी का सेवन कर सकते हैं. इससे पेट संबंधी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है.
    4. स्किन-
    सुबह खाली पेट मेथी वाले पानी का सेवन करने से स्किन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद मिल सकती है. मेथी में मौजूद गुण स्किन को क्लीन और ग्लोइंग बनाने में मदद कर सकते हैं.

    सेहत टिप्स /शौर्यपथ /सर्दियों के मौसम में वजन तेजी से बढ़ने लगता है. असल में इस मौसम में हम काफी फ्राइड और ऑयली चीजें खाना पसंद करते हैं. अगर आप भी फास्ट फूड्स और जंक फूड खाने के शौकीन हैं और वजन को कम करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको अपनी डाइट को बैलेंस करना पड़ेगा. आप अपनी डाइट से इन चीजों को बाहर कर हेल्दी चीजों को शामिल करें. आज हम आपको एक ऐसे ही फूड्स के बारे में बता रहे हैं जिसे चि़या सीड्स के नाम से जाना जाता है. चिया सीड्स को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इससे शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं. असल में चिया सीड्स में फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीज, ओमेगा-3 फैटी एसिड, फॉस्फोरस और एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मदद कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं वजन को कम करने के लिए कैसे करें चिया सीड्स का सेवन.
    मोटापा कम करने के लिए ऐसे करें चिया सीड्स का सेवन-
    1. सलाद-
    मोटापा कम करने के लिए आप चिया सीड्स को सलाद के साथ शामिल कर सकते हैं. सलाद में चिया सीड्स मिलाने से ये सेहतमंद और स्वादिष्ट हो जाता है.
    2. सब्जी-
    अगर आपको चिया सीड्स सलाद में डालकर नहीं खाना है यानि आपको उसका स्वाद नहीं अच्छा लगता है तो आप उसे सब्जी में मिलाकर खा सकते हैं. इससे आपको पता भी नहीं चलेगा और इससे आसानी से वजन को कम कर सकते हैं.
    3. सूप-
    ठंड के मौसम में गर्मागर्म सूप पीने का मजा ही अलग होता है. अगर आप वजन को कम करना चाहते हैं तो अपनी डाइट में सूप को शामिल करें. लेकिन इसमें एक ट्विस्ट है. आप अपने सूप में चिया सीड्स को शामिल कर सकते हैं. इससे वजन को तेजी से कम करने में मदद मिल सकती है.

    ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / क्या आप भी चाहते हैं कि आपके चेहरे पर बढ़ती उम्र के लक्षण न दिखें? क्या आप भी अपनी उम्र से 10 साल जवां रखना चाहते हैं? अगर हां तो आप अपनी इस इच्छा को बहुत आसानी से पूरा कर सकते हैं. इसके लिए आपको हजारों रुपए खर्च करने की जरूरत नहीं हैं. बल्कि अपनी डाइट में कुछ बदलाव करने हैं. आप अपनी डाइट में शामिल चीजों से भी अपनी स्किन को जवां बनाएं रख सकते हैं. बता दें कि वो फूड आइटम्स जो एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं वो स्किन के लिए बेहद लाभदायी होते हैं. इनका सेवन स्किन की कई परेशानियों से बचाए रखने में मदद कर सकता है. आइए जानते हैं वो फूड आइटम्स जो आपकी स्किन को जवां बनाएं रखने में आपकी मदद कर सकता है.
    ब्रोकली
    ब्रोकली में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-एजिंग गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसके अलावा इसमें विटामिन सी और के भी पाया जाता है जो एंटी-रिंकल एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है. इसका सेवन करने से शरीर में कोलेजन का उत्पादन बढ़ सकता है. ब्रोकली का सेवन आप कच्चा या स्टीम कर के कर सकते हैं. यह स्किन के लिए फायदेमंद होगी.
    एवोकाडो
    स्किन को जवां बनाए रखने के लिए एवोकाडो का सेवन भी किया जा सकता है. इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो स्किन को जवां बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. इसमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट अधिक मात्रा में पाया जाता है जो स्किन को जवां बनाएं रखने में मददगार होता है. इसके अलावा एवोकाडों में विटामिन ए, बी, सी, ई और भी पाया जाता है, जो स्किन में नेचुरल ग्लो लाने में मदद कर सकता है.
    ड्राई फ्रूट्स
    ड्राई फ्रूट्स का सेवन भी स्किन को जवां बनाए रखने में मदद कर सकता है. इनमें प्रोटीन, विटामिन ई, जरूर मिनरल्स, हेल्दी ऑयल, एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. बात करें बादाम और अखरोट की तो इनमें विटामिन ई पाया जाता है, जो स्किन को यूवी रेज से बचाने में मदद कर सकता है. इसके अलावा विटामिन ई स्किन को ग्लोइंग बनाए रखने में मदद करने के साथ अनइवन टोन से भी छुटकारा दिला सकता है.

      सेहत टिप्स /शौर्यपथ/कई लोगों को आपने ये कहते हुए सुना होगा कि ठंड के मौसम में उनका वजन बढ़ रहा है. दरअसल ये बात काफी हद तक सही भी है क्योंकि सर्दियों के मौसम में है जिम, एक्सरसाइज करना कम कर देते हैं जिसके चलते वजन तेजी से बढ़ने लगता है. वजन बढ़ने का मुख्य कारण है हमारा खान-पान. खराब खान-पान और लाइफस्टाइल के चलते मोटापे की समस्या हो सकती है. जरूरत से ज्यादा बढ़ा हुआ वजन कई हेल्थ समस्याओं की वजह बन सकता है. अगर आप भी अपने वजन को कम करना चाहते हैं तो किचन में मौजूद इस चीज का करें सेवन.
      करी पत्ता भारतीय किचन में मौजूद एक ऐसा इंग्रीडिएंट है जिसे कई तरह की रेसिपीज में स्वाद को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि करी पत्ता के सेवन से वजन को कम करने में मदद मिल सकती है. करी पत्ते का वैज्ञानिक नाम है मुराया कोएनिजी है. इसे करी पत्ता, कड़ी पत्ता और मीठी नीम जैसे नामों से भी पुकारा जाता है. अंग्रेजी में इसे करी लीफ भी कहते है. फ्रेश करी पत्ते में एक अलग खूशबू होती है. लेकिन, इसका इस्तेमाल सूखाकर भी किया जा सकता है. आपको बता दें कि करी पत्ते में कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, कॉपर और विटामिन जैसे गुण पाए जाते हैं जो शरीर को कई लाभ पहुंचाने में मदद कर सकते हैं.
    मोटापा कम करने में मददगार है करी पत्ता-
       मोटापा कम करने के लिए करी पत्ता काफी फायदेमंद माना जाता है. करी पत्ते में डाइक्लोरोमेथेन, एथिल एसीटेट और महानिम्बाइन जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं. इन तत्वों में वजन कम करने वाले गुण मौजूद होते हैं. जिससे वजन को तेजी से घटाया जा सकता है. वजन को कम करने के लिए आप सुबह खाली पेट करी पत्ते वाले पानी का सेवन कर सकते हैं.

     

    व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / कृष्ण पक्ष माह की 15वीं तिथि अमावस्या कहलाती है. सनातन धर्म में अमावस्या का बहुत महत्व होता है. खासकर पौष महीने में पड़ने वाली अमावस्या बहुत खास मानी जाती है, कहते हैं पौष अमावस्या के दिन अगर मन से पितरों को प्रसन्न किया जाए तो पितृ दोष से छुटकारा पाया जा सकता है. इतना ही नहीं इसे छोटा श्राद्ध पक्ष भी कहते हैं. ऐसे में पितरों को खुश करने के लिए यह दिन बहुत खास होता है. पौष अमावस्या के दिन आपको क्या करना चाहिए और इस बार यह दिन कब पड़ रहा है जानिए यहां.
    2024 में कब है पौष अमावस्या
    साल 2024 में पौष अमावस्या कृष्ण माह की 15वीं तिथि पर पड़ेगी, जिसकी तिथि 10 जनवरी 2024 को रात को 8:10 पर शुरू हो जाएगी और इसका समापन 11 जनवरी शाम 5:26 पर होगा. ऐसे में पौष अमावस्या 11 जनवरी गुरुवार के दिन ही मनाई जाएगी.
    पौष अमावस्या के दिन क्या करें
    पौष अमावस्या का दिन पितरों के लिए समर्पित होता है. ऐसे में पूर्वजों के लिए तर्पण, पिंडदान, पवित्र नदी में स्नान और सूर्य को अर्घ्य जरूर देना चाहिए. कहते हैं इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उनकी आत्मा भटकती नहीं है.
    सूर्य को अर्घ्य देने के लिए सबसे पहले सूर्योदय के समय स्नान करके एक लोटे में जल लें, उसमें लाल रंग के फूल और काले तिल डालें. इसके बाद पितरों का ध्यान करते हुए सूर्य देव को जल अर्पित करें. कहते हैं ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है.
    पितरों की आत्मा की शांति के लिए आप पीपल के पेड़ पर भी उपाय कर सकते हैं. कहते हैं कि पीपल के पेड़ में पितरों का वास होता है, ऐसे में पौष अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करें, उस पर जल अर्पित करें. अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को चावल, दूध, गर्म कपड़े बांटें और उन्हें भरपेट खाना खिलाएं. ऐसा करने से पितरों की दया दृष्टि बनी रहती है.

    आस्था /शौर्यपथ / पौष के महीने में मान्यतानुसार एकादशी का व्रत रखा जाता है. यह महीना पौष का चल रहा है. पंचांग के अनुसार पौष माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पौष पुत्रदा एकादशी कहते हैं. एकादशी की तिथि भगवाव विष्णु की पूजा के लिए शुभ मानी जाती है. इस एकादशी पर मान्यतानुसार संतान के लिए व्रत रखा जाता है और कहा जाता है कि एकादशी का व्रत करने पर जातक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. जानिए जनवरी में किस दिन रखा जाएगा पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत और किस तरह की जा सकती है भगवान विष्णु की पूजा.
    पौष पुत्रदा एकादशी की तिथि और पूजा |
    पंचांग के अनुसार, एकादशी की तिथि का प्रारंभ 20 जनवरी को शाम 7.26 से हो रही है और एकादशी तिथि का समापन अगले दिन 21 जनवरी शाम 7.26 पर हो जाएगा. इस चलते एकादशी का व्रत 21 जनवरी, रविवार के दिन रखा जाएगा. एकादशी के व्रत का पारण 22 जनवरी सुबह 7.14 से 9.21 के बीच किया जा सकता है.
    एकादशी की पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान किया जाता है. स्नान के पश्चात घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित किया जाता है. भक्त भगवान विष्णु का ध्यान करके व्रत का संकल्प लेते हैं. भगवान विष्णु की पूजा और आरती की जाती है और उनके समक्ष तुलसी दल अर्पित करते हैं. श्रीहरि को इस दिन सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है. इस दिन खासतौर से इस बात का ध्यान रखना जरूरी होता है कि तुलसी को एकादशी के दिन नहीं बल्कि एक दिन पहले ही तोड़कर रखना चाहिए. एकादशी के दिन तुलसी तोड़ना वर्जित माना जाता है. इस दिन भगवाव विष्णु के साथ-साथ माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है.
    एकादशी के व्रत में पूजा सामग्री में पुष्प, नारियल, धूप, दीप, घी, पंचामृत, लौंग, फल, अक्षत, तुलसी दल, चंदन, मिष्ठान और सुपारी शामिल करने शुभ होते हैं.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision