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ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / संतरे के छिलके विटामिन सी से भरपूर होते हैं. इन छिलकों में एंटी-ऑक्सीडेंट्स की भी अच्छी मात्रा होती है. चेहरे पर संतरे के छिलकों का इस्तेमाल करने पर स्किन पर बेदाग ग्लो नजर आता है और त्वचा पर जमी डेड स्किन सेल्स भी हट जाती हैं. एंटीमाइक्रोबियल गुणों के चलते एक्ने बढ़ाने वाले बैक्टीरिया को हटाने के अलावा संतरे के छिलकों से एक्सेस ऑयल कंट्रोल होता है. त्वचा बेजान हो तो त्वचा में एकबार फिर जान डालने के लिए संतरे के छिलके लगाए जा सकते हैं, साथ ही स्किन को इन छिलकों से प्राकृतिक ग्लो भी मिल जाता है. जानिए संतरे के छिलकों का चेहरे पर किन-किन तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है.
संतरे के छिलकों के फेस पैक्स |
मिलाएं ये 2 चीजें
संतरे के छिलकों को सुखाकर पाउडर बनाया जाता है. एक कटोरी में 2 चम्मच भरकर संतरे के छिलके का पाउडर डालें और इसमें एक-एक चम्मच दही और शहद मिला लें. पेस्ट तैयार करें और इस पेस्ट को चेहरे पर 15 से 20 मिनट लगाकर रखने के बाद चेहरा धो लें. स्किन चमक जाएगी.
संतरे के छिलके और हल्दी
चेहरे पर धूप में बहुत ज्यादा देर रहने के कारण टैनिंग हो गई है तो इस फेस पैक को लगाया जा सकता है. फेस पैक बनाने के लिए एक चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर लें और उसमें चुटकीभर हल्दी और एक चम्मच शहद मिला लें. इस पेस्ट की पतली परत चेहरे और गर्दन पर लगाएं. इसे 15 मिनट बाद धोकर छुड़ा लें. चेहरे की खूबसूरती देखने लायक होगी.
संतरे के छिलके और मुल्तानी मिट्टी
ऑयली स्किन पर इस फेस पैक का कमाल का असर नजर आता है. इस फेस पैक को बनाने के लिए एक चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर लें और उसमें एक चम्मच ही मुल्तानी मिट्टी (Multani Mitti) और जरूरत के अनुसार गुलाबजल मिला लें. इस फेस पैक को चेहरे पर 15 से 20 मिनट लगाएं. जब फेस पैक आधा सूख जाए तब भी इसे धोकर हटा सकते हैं. हफ्ते में एक बार इस फेस पैक को लगाया जा सकता है. इससे डेड स्किन, ब्लैकहेड्स और वाइटहेड्स की दिक्कत भी कम हो जाती है.
संतरे का छिलका और नींबू
सोने सा निखार दिलाने में इस फेस पैक का असर नजर आएगा. 2 चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर और कुछ बूंदे नींबू के रस के साथ मिलाएं. पेस्ट बनाने के लिए जरूरत के अनुसार पानी डालें. चेहरे पर इसे आधा घंटा लगाए रखने के बाद धोया जा सकता है.
शिक्षा /शौर्यपथ /व्यवहारिक और खुशहाल जीवन जीने के लिए चाणक्य नीति को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. इस ग्रंथ में एक व्यक्ति के जीवन को सुखमय एवं सफल बनाने के लिए कई उपयोगी सुझाव दिये गये हैं. आचार्य चाणक्य ने इस ग्रंथ में अपने अनुभवों के आधार पर सुखी जीवन की परिकल्पना करते हुए जो सुझाव दिए हैं वहीं चाणक्य नीति कहे जाते हैं. चाणक्य नीति में दान आदि को लेकर भी कई सुझाव दिए गए हैं. इसमें कहा गया है कि दान पुण्य करना धर्म का सबसे बड़ा कार्य होता है. दान करने से व्यक्ति नेकी के रास्ते पर चलता है और इससे धार्मिक और नैतिक मूल्यबने रहते हैं.
चाणक्यनीति में दान को बेहतर कहा गया है
आचार्य चाणक्य ने दान उच्च कर्म और अच्छे कार्य में शामिल किया है. चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति जीवन में नियमित दान करता है, उसके घर में कभी तंगहाली और कंगाली नहीं आती. इंसान को अपने धर्म के अनुसार सच्चे मन से दिल खोलकर दान पुण्य करना चाहिए. धर्म के मामले में दान करने में कंजूसी नहीं करनी चाहिए.
दूसरों की मदद करने वाला समाज में सम्मान पाता है
चाणक्य कहते हैं कि जो इंसान मंदिर या अन्य धार्मिक संस्थानों में दान करता है, उसके घर में कभी भी पैसों की तंगी नहीं रहती है. ऐसा व्यक्ति घर परिवार के मामले में खुशहाल होता है और उसके घर में सदैव शांति का वास रहता है. व्यक्ति को कभी भी गरीब, बेसहारा और जरूरतमंदों की मदद करने से पीछे नहीं हटना चाहिए. चाणक्य कहते हैं कि वो ही व्यक्ति धार्मिक और सामाजिक तौर पर सही माना जाता है जो जरूरतमंदों की मदद करता है औऱ उनकी जरूरत के समय आगे आता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / हेल्थ एक्सपर्ट हमेशा हेल्दी फूड खाने पर जोर देते हैं. क्योंकि अच्छी सेहत से आपके सारे काम जुड़े हुए हैं.अगर आप हेल्दी नहीं रहेंगे तो इसका निगेटिव असर पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों लाइफ पर पड़ेगा. आज हम आपको ऐसे सूपरफूड के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके सेवन से आपकी सेहत को बड़े फायदे हो सकते हैं, तो चलिए आपको दूध में छुहारा भिगाकर खाने के बेनेफिट्स बताते हैं.
छुहारे वाले दूध का फायदा
- मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए दूध के साथ छुहारा खाना सबसे अच्छे तरीकों में से एक है. यह सदियों पुराना मिकस्चर,एनर्जेटिक रखने, वजन बढ़ाने और तनाव से दूर रखने में मदद करता है. छुहारे और दूध में ऐसे विटामिन और खनिज होते हैं जो आपकी हेल्थ के लिए बहुत जरूरी है.
- छुहारे वाले दूध में फाइबर के गुण होते हैं, जो आपके पेट की सेहत के लिए अच्छा होता है. इसका सेवन करने से आपको कब्ज और अपच से राहत मिलती है. स्किन के लिए भी यह बेस्ट होता है. इससे चेहरे पर चमक आती है.
- वहीं, जो लोग अंडरवेट हैं उनके लिए तो यह सूपरफूड है. इससे आपका वजन तेजी से बढ़ सकता है. इसमें कैलोरी और प्रोटीन दोनों ही भरपूर होते हैं. दांतों के लिए भी यह दूध बेस्ट होता है. इसको पीने से दांतों से जुड़ी परेशानी दूर रहती है. आप अगर रात में सोने से पहले इसे पीते हैं तो इसके लाभ दोगुने हो सकते हैं.
खाना खजाना /शौर्यपथ /ताज़ी और कुरकुरी साग-सब्जियों के स्वाद के साथ सर्दियाँ आ गई हैं. ऐसा ही एक विंटरग्रीन है जो लगभग हर दिन आपकी थाली में आता है, वो है धनिया, या धनिया की पत्तियां. ये सुगंधित और कुरकुरी होती है और इसे कआ स्वादिष्ट व्यंजनों में मिलाया जा सकता है. आप इसे गार्निशिंग के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं, चटनी बना सकते हैं, या क्रिस्पी टेस्ट के लिए धनिया की पत्तियों (बेसन के घोल के साथ) को डीप फ्राई कर सकते हैं. लेकिन क्या आपने अभी तक धनिया का भर्ता खाया है? बंगाल में एक फेमस डिश है धनिया भर्ता (या जैसा कि वे इसे कहते हैं, धोने पता बता) एक ड्राई मिक्सचर है जो उबले हुए चावल के साथ अच्छी तरह से मिल कर उसको और टेस्टी बनाता है यह डिश को एक अलग ही स्वाद देता है.
धनिया भरता के फायदे
हम इस बात से सहमत हैं कि धनिया की पत्तियाँ पूरे साल मिलती हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश कोल्ड-स्टोर्ड होती हैं, जो पत्तियों के स्वाद और बनावट को प्रभावित करती हैं. फ्रेश और कुरकुरी धनिया सर्दियों के दौरान होती हैं, जो खाने में स्वाद जोड़ती हैं. इसके अलावा, धनिया मौसमी बीमारियों से लड़ने के लिए शरीर को पोषक तत्वों से भर कर हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती हैं.
अब तक, हम सभी जानते हैं कि ये छोटी पत्तियां एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर होती हैं, जो आपके शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से लड़ने और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को रोकने में मदद करती हैं, जिससे शरीर सुचारू रूप से काम कर पाता है. इसके अलावा, इनमें जीवाणुरोधी गुण भी होते हैं जो हमारे पूरे स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं और हमें बार-बार बीमार पड़ने से बचाते हैं.
बंगाली धोने पाटा बाटा (धनिया भरता) रेसिपी | घर पर धनिया भरता कैसे बनाएं:
यह रेसिपी बहुत सरल है. आपको बस धनिया पत्ती, लहसुन और हरी मिर्च का एक गुच्छा साफ करना है और सभी को मिला लेना है. परंपरागत रूप से इसे पीसने वाले पत्थर का इस्तेमाल करके चिकना पेस्ट बनाया जाता है. लेकिन समय और मेहनत बचाने के लिए, आप मिक्सर ग्राइंडर में भी इसको पीस सकते हैं.
इसके बाद एक कढ़ाई में थोड़ा सा सरसों का तेल गर्म करें और इसमें कलौंजी और साबुत लाल मिर्च डालें और पेस्ट डालें. भर्ता सूखने और खुशबू आने तक अच्छी तरह पकाएं. गरमागरम और ताजा चावल के साथ परोसिये और खाइये.
ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / सर्दियों के मौसम में स्किन ड्राई होने लगती है. इस मौसम में चलने वाली सर्द हवाएं स्किन को ड्राई कर देती हैं. कई बार स्किन की ड्राइनेस इतनी बढ़ जाती है कि मॉइश्चराइजर और लोशन लगाने के बाद भी स्किन की ड्राईनेस दूर नहीं होती है और सफेद दाग नजर आते हैं. स्किन फट जाती है और उसमें खुजली और दर्द भी हो सकता है. मार्केट में बहुत सारे प्रोडक्ट्स आते हैं जो स्किन को मॉइश्चराइज बनाए रखने का दावा करते हैं, लेकिन ये सभी बेअसर होते हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी स्किन पर नेचुरल चीजों का इस्तेमाल करें और उनको अंदर से नम बनाए रखें. आज हम आपको कुछ ऐसे ही घरेलू नुस्खें बताएंगे जो आपकी स्किन को मॉइश्चराइज बनाए रखने में मदद करेंगे और आपको केमिकल या बाजार में मिलने वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी नहीं करना होगा.
नहाने से पहले शरीर पर लगाएं ये चीजें
नारियल तेल
सर्दियों के मौसम में नहाने से पहले अपने हाथों, पैरों और फेस पर नारियल तेल से अच्छे से मालिश कर लें. मालिश तब तक करनी है जब तक तेल स्किन में सोख न जाएं. इसके बाद नहाने वाले पानी में एक चम्मच तेल डालकर इस पानी से नहाएं. ये आपको स्किन को ड्राई होने से बचाने में मदद करेगा.
सरसों का तेल
नारियल के तेल की ही तरह आप नहाने से पहले सरसों के तेल को पूरे शरीर में लगाकर मसाज कर लें. ध्यान रखें कि इस तेल को नहाने वाले पानी में नहीं मिलाना है. इसके साथ ही मालिश करने के बाद बहुत हार्ड साबुन का इस्तेमाल ना करें. ये स्किन को ड्राई बना सकते हैं.
मॉइश्चराइजर
तेल लगाकर नहाने का मतलब ये नही है कि आपको अपनी स्किन को पैंपर नहीं करना है. नहाने के बाद अपने शरीर में को सॉफ्ट मॉइश्चराइज या हल्का सा नारियल तेल लगा सकते है.
शौर्यपथ /भारत में कई लोगों के लिए खाना एक-दूसरे से जुड़ने का सबसे पसंदीदा तरीका होता है. उन्हें विदेशी और लोकल दोनों तरह के अलग-अलग खाने को आज़माने में मजा आता है. इटैलियन पिज्जा से लेकर जापानी सूशी तक, खाने के कई सारे ऑप्शन मौजूद होते हैं. इनमें से कई डिशों को लोकल स्वाद की तरह से बनाया गया है. हाल ही में, शावरमा रोल काफी फेमस हो गए हैं. रुमाली रोटी में लपेटा हुआ ग्रिल्ड चिकन, कई सॉस और मसालों के साथ, मिलकर न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि संतुष्टि भी देता है. शावरमा रोल अब कई जगह पर मिलने लगा है. लेकिन क्या आपने कभी इसे घर पर बनाने की कोशिश की है? अगर नहीं, तो इसे आजमाने का समय आ गया है. लेकिन पहले, ये कंफर्म करें कि आपके पास सही मसाले हैं.
शवरमा के बारे में: शवरमा कहाँ से आता है?
हम लगभग हर मोहल्ले में कई शवरमा काउंटर देख सकते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जो जो शवरमा अब हम देखते हैं वो असल से अलग है? शवरमा बेसिकली एक लेबनानी स्नैक है, जिसे पीटा ब्रेड के साथ बनाया जाता है, ग्रिल्ड मांस के पीस, सब्जियां, स्प्रेड के साथ रोल किया जाता है और मसालेदार सब्जियों और ऑलिव्स के साथ सर्व किया जाता है.
पिछले कुछ सालो में, इस मिडिल इस्ट डिश में कुछ बदलाव देखे गए हैं. पीटा ब्रेड को मैदा रोटी/रुमाली रोटी से बदल दिया गया और इसकी फिलिंग में कई तरह के देसी मसाले शामिल हो गए हैं. लेकिन एक बात कंफर्म है - आज हमारे पास जो देसी शवरमा है वो स्वादिष्ट है!
शवरमा के लिए मसाला : घर पर शवरमा मसाला कैसे बनाएं
शावरमा मसाला बनाना जितना आप सोच सकते हैं उससे कहीं ज्यादा आसान है. आपको बस सही रेशियो में सही सामग्री की आवश्यकता है. यहां शेफ अजय चोपड़ा ने इसकी रेसिपी शेयर की है.
एक पैन में साबुत कश्मीरी लाल मिर्च, हरी इलायची, काली मिर्च, सौंफ, जीरा, धनिया और दालचीनी डालकर शुरुआत करें. इन्हें अच्छे से भून लीजिए.
एक बार जब वे ठंडे हो जाएं, तो मसालों को एक ब्लेंडर में डालें और बारीक पीस लें. और आपके पास है - फ्रेश, सुगंधित शवरमा मसाला इस्तेमाल करने के लिए तैयार. मसाले को एक एयरटाइट जार में डालें और स्टोर करें.
रसोई टिप्स /शौर्यपथ /आपका किचन एक ऐसी जगह है जहां पर आप अपनी जरूरतों की सारी चीजें रखते हैं. महिलाओं को ग्रासरी खरीदने और उसे स्टोर कर के रखने का बहुत शौक होता है. इसलिए महीने भर का राशन एक बार में ही स्टोर कर लिया जाता है. ये आपके काम को आसान बनाने में भी मदद करता है. क्योंकि आपकी जरूरत की सभी चीजें एक ही जगह पर मौजूद होती हैं जो आपके काम को आसान बनाने में भी मदद करती हैं. लेकिन कई बार इस तरह से चीजों को स्टोर करने की वजह से चीजें ज्यादा होने की वजह से कीड़े पड़ जाते हैं. जिनको निकालना बहुत मुश्किल हो जाता है और कई बार चीजें फेंकनी भी पड़ जाती है. जो बहुत ही खराब भी लगता है.
आज हम बात करेंगे आटे में कीड़े होने पर क्या करना चाहिए. या फिर आप आटे को किस तरह से स्टोर करें कि उसमें कीड़े ना पड़ें. कई बार चीजों को सही से स्टोर ना करने और सीलन की वजह से भी खाने की चीजों में कीड़े पड़ जाते हैं. इसलिए उनका सही से रख रखाव बेहद जरूरी है. तो चलिए जानते हैं आटे में पड़े कीड़ों को निकालने और उसे सही से स्टोर करने का तरीका.
आटे से कीड़े निकालने का तरीका
आटे में पड़े कीड़ों को निकालना बेहद मुश्किल हो जाता है. इसलिए आपको कुछ हैक्स के बारे में बताएंगे जो आपकी मदद कर सकते हैं कीड़ों को निकालने की.
आटे को बारीक छन्नी से छानें
आटे से कीड़े निकालने के लिए बारीक छन्नी से उसको छान सकती हैं. अगर आटे में सफेद वाले कीड़े पड़ गए हैं तो आप एक साथ दो छन्नी लगाकर आटे को छान सकते हैं. ऐसा करने से इससे कीड़े निकल सकते हैं.
धूप में रखें आटा
आटे में अगर घुन पड़ गए हैं तो आप इसे धूप ननें रख दें. इससे उससे घुन निकल जाएंगे और आटा साफ हो जाएगा. बता दें कि अगर घुन को जल्दी नहीं निकाला गया तो उसमें सफेद वाली सुड़ी पड़ जाती हैं जिनको साफ करना मुश्किल होता है. इसलिए बेहतर है कि जैसे की आपको आटे में घुन दिखें उसको धूप में रख दें.
आटे में कीड़े पड़ने से कैसे बचाएं
अगर आप आटे में कीड़े पड़ने से बचाना चाहते हैं तो आप आटे में नमक मिलाकर रख सकते हैं. अगर आपके पास एक किलो आटा है तो आप उसमें 4-5 चम्मच नमक डालकर मिक्स कर दें. ऐसा करने से आटे में कीड़े-मकोड़े नहीं लगेंगे और ये पूरी तरह से फ्रेश भी रहेगा.
आटा कैसे स्टोर करें
अगर आप आटे में कीड़े पड़ने से बचाना चाहते हैं तो आटे को जिस कंटेनर में रख रहे हैं उसमें लौंग डाल दें.
इसके अलावा आप आटे में नीम की पत्तियां डालकर भी इसको स्टोर कर सकते हैं. आप एक कपड़े में नीम की पत्तियों को बांधकर रख सकती हैं.
ध्यान रखें कि आपने आटे को जिस डिब्बे में रखा है और जहां रखा है वहां नमी बिल्कुल भी न हो.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / सर्दियों के मौसम में आने वाली शकरकंद खाने में स्वादिष्ट होने के साथ ही सेहत के लिए भी पावर हाउस का खजाना होती है. ये कई पोषक तत्वों से भरी होती है. इसमें विटामिन, आयरन, कैल्शियम, बीटा कैरोटीन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, नियासिन और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं वहीं कैलोरी की मात्रा बेहद कम होती है. इसलिए आप इसका सेवन वेट लॉस के लिए कर सकते हैं. अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो ऐसे में शकरकंद का सेवन आपकी मदद कर सकता है. तो आइए जानते हैं वेट लॉस के लिए आप इसे अपनी डाइट में कैसे शामिल कर सकते हैं.
वजन कम करने के लिए शकरकंद ऐसे खाएं
1. वेट लॉस के लिए अगर आप शकरकंद खा रहे हैं तो आप इसे उबाल कर खा सकते हैं. इसको उबलाने में ना तो ज्यादा वक्त लगता है और ना ही किसी तरह के तेल मसाले का इस्तेमाल किया जाता है. क्योंकि इसमें फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है. ऐसे में आप इसका सेवन सुबह नाश्ते के तौर पर कर सकते हैं.
2. आप शकरकंद की चाट बनाकर भी खा सकते हैं. इसके लिए आग पर शकरकंद को भून लें. फिर इसके छोटे पीस काट लें और उसमें थोड़ा सा काला नमक, नींबू का रस , लाल मिर्च और चाट मसाला डालकर इसे अच्छे से मिक्स कर लें और इसका सेवन करें.
3. वेट लॉस के लिए आप इसकी रोटी बनाकर भी खा सकते हैं. इसके लिए शकरकंद को उबाल लें और इसे गेहूं के आटे में मिला लें. आटे में थोड़ा सा नमक, अजवाइन डालकर आटा गूंथ लें और इसकी रोटी बनाकर इसका सेवन कर सकते हैं.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /हर भारतीय रसोई में मौजूद आंवला एक सुपरफूड है जिसमें जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो आपकी सेहत को कई तरीके से फायदा पहुंचाते हैं. सर्दियों के मौसम का आंवला सूपरफूड है. यह स्किन और बाल दोनों के लिए रामबाण होता है. इसके विटामिन सी आपकी स्किन पर टाइटनेस लाने का काम करते हैं. इसके अलावा पहले से निकले हुए कील मुंहासों को भी हल्का करता है. तो चलिए आपको बताते हैं इस सूपरफूड के और क्या-क्या बेनेफिट्स हैं.
आंवले का कैसे करें इस्तेमाल
- आंवला विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करते हैं. आप या तो आंवले के रस का सेवन कर सकते हैं या इसे फेस पैक के रूप में लगा सकते हैं.
- अगर आपके चेहरे का रंग फिका पड़ गया है तो फिर आप इसका सेवन कर लीजिए. इससे चेहरे पर निखार आएगा. यह त्वचा के टैन हटाने में मदद करता है. यही नहीं आंवला कुष्ठ रोग, सोरायसिस, त्वचा की एलर्जी और एक्जिमा जैसे त्वचा रोगों का भी इलाज करता है.
- विटामिन सी गुणों से भरपूर आंवला आपकी स्किन पर बढ़ती उम्र के नजर आने वाले लक्षणों को रोकता है. रोजाना आंवला का सेवन करने से समय से पहले बूढ़ा होने से रोका जा सकता है, जिससे आपको मुलायम और कोमल त्वचा मिलती है.
- आंवला स्किन को एक्सफोलिएट करने में भी मदद करता है. अपनी त्वचा को एक्सफोलिएट करने के लिए आंवले के पेस्ट या पाउडर के साथ फेस मास्क लगाएं. यह डेड स्किन को निकाल देता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ / रागी का आटा वेट लॉस जर्नी में खाने की सलाह दी जाती है. क्योंकि इसमें मौजूद पोषक तत्व वजन तेजी से घटाते हैं. यह कैल्शियम से भरपूर होता है और इसमें फाइबर की मात्रा भी अधिक होती है. बच्चों की डाइट में तो इस आटे को जरूर शामिल किया जाता है. इसमे कैल्शियम और आय़रन की मात्रा अधिक होती है जो बच्चे के विकास के लिए बहुत जरूरी है. इसके अलावा यह क्या फायदे पहुंचाता है उसके बारे में बताएंगे.
रागी खाने के तरीके
रागी का आप मसाला डोसा बनाकर खा सकते हैं. इसके लिए डोसा बैटर में रागी का आटा मिलाना होगा. इसे आप आलू की सब्जी के साथ खाते हैं तो नाश्ता हेल्दी और टेस्टी हो जाएगा. आप इस आटे से इडली भी बनाकर खा सकते हैं. आप इसको नाश्ते में खाते हैं, तो दिन की शुरूआत हेल्दी होगी.
वजन कम करने के लिए आप रागी का आटा भी खा सकते हैं. यह तरीका भी बेस्ट होता है. जिन लोगों को मीठा खाना पसंद है उनके लिए यह हलवा हेल्दी और टेस्टी दोनों होगा.
रागी खाने के लाभ
इसको खा लेते हैं तो शरीर में कभी खून की कमी नहीं होगी. इससे हिमोग्लोबिन (hemoglobin) का स्तर बढ़ता है. तो जिन लोगों के शरीर में खून की कमी हो गई है उन्हें तो इसको खा लेना चाहिए.
2- इसको खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं. इसमें कैल्शियम की मात्रा भरपूर होती है, जिनकी बोन्स कमजोर हैं, उन्हें इस अनाज को अपनी डाइट में जरूर शामिल कर लेना चाहिए.
3- इस अंकुरित अनाज में फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो पाचन तंत्र (upset stomach) को मजबूत करती है. यह खाने को पचाने में मदद करता है. इतना ही नहीं यह फाइबर फूड आपके बाल और स्किन के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है.
आस्था /शौर्यपथ / हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का कितना महत्व है ये तो हम सभी जानते हैं. हर घर में तुलसी के पौधे की पूजा करने की परंपरा बरसों से चली आ रही है. संध्या के वक्त तुलसी में दीपक जलाना शुभ माना जाता है. धार्मिक महत्व के साथ-साथ तुलसी औषधि के रूप में भी इस्तेमाल की जाती है. तुलसी माता को लोग धन की देवी मां लक्ष्मी का रूप मानते हैं, इसलिए तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है. वैसे तो रोजाना तुलसी माता की पूजा की जाती है लेकिन खरमास लग चुका है ऐसे में खरमास के दौरान क्या कुछ नहीं करना चाहिए चलिए आपको बताते हैं.
रोजाना तुलसी की पूजा
हिंदू धर्म में लगभग सभी घरों में रोजाना सुबह शाम तुलसी माता की पूजा की जाती है. तुलसी के पौधे पर जल चढ़ाने के साथ ही आरती उतारी जाती है लेकिन आपको बता दें की खरमास में ये नहीं होता है.
नेगेटिव एनर्जी होती है दूर
ऐसा कहा जाता है कि तुलसी अगर आपके आंगन में हो तो नेगेटिव एनर्जी आपके घर के आसपास भी नहीं होती. घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
खरमास में नहीं होते मांगलिक कार्य
खरमास के दिनों में कोई भी शुभ या मंगल कार्य करने की मनाही होती है. ऐसे में ज्यादातर लोगों के मन में ये सवाल आता है कि खरमास में तुलसी की पूजा करनी चाहिए या नहीं. चलिए बताते हैं आपको इस सवाल का जवाब.
तुलसी में जल अर्पित करें
16 दिसंबर 2023 से खरमास शुरू हो चुका है. ऐसे में ज्योतिष के मुताबिक इन दिनों शुभ कार्य या पूजा पाठ नहीं करवाया जाता है. लेकिन आप इस दौरान तुलसी में जल अर्पित जरूर कर सकते हैं.
तुलसी में भूलकर भी ना चढ़ाएं ये चीजें
तुलसी के पौधे में जल अर्पित करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं इसलिए आप खरमास के दिनों में भी जल चढ़ा सकते हैं. हालांकि खरमास के दौरान तुलसी के पौधे के ऊपर सिंदूर या फिर कोई भी पूजन सामग्री गलती से भी ना चढ़ाएं.
तुलसी को स्पर्श न करें
हिंदू धर्म में तुलसी की पूजा का खास महत्व है. इससे जुड़े कई उपाय भी बताए गए हैं. लेकिन कई ऐसे दिन होते हैं जब तुलसी को स्पर्श नहीं करना चाहिए.
इस दिन ना तोड़े तुलसी
खरमास के महीने में पड़ने वाली एकादशी, रविवार और मंगलवार के दिन तुलसी के पत्ते को नहीं तोड़ना चाहिए. इसके अलावा इस दिन जल भी अर्पित नहीं करना चाहिए.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / महीने में दो बार प्रदोष व्रत की तिथि पड़ती है. इस दिन कई लोग सच्चे भक्ति भाव से उपवास रखते हैं और पूरे विधि विधान से पूजा करते हैं. साल का आखिरी दिसंबर का महीना चल रहा है, ऐसे में साल का अंतिम प्रदोष व्रत मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाएगा. ये व्रत रविवार के दिन पड़ रहा है इसलिए इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाएगा. कहते हैं कि प्रदोष व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की सच्चे मन से आराधना करने पर व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. तो चलिए आपको बताते हैं कि साल का आखिरी प्रदोष व्रत कब पड़ रहा है ? क्या है शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि.
दिसंबर में कब है प्रदोष व्रत ?
हिंदू पंचांग के मुताबिक मर्हशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत रविवार के दिन 24 दिसंबर 2023 से होने जा रही है. ये अगले दिन 25 दिसंबर 2023 की सुबह तक रहेगी. ऐसे में उदया तिथि के मुताबिक साल का अंतिम प्रदोष व्रत 24 दिसंबर को रखा जाएगा.
शुभ मुहूर्त
शुक्ल त्रयोदशी तिथि का आरंभ - 24 दिसंबर, 2023, समय -सुबह 6:24 मिनट
शुक्ल त्रयोदशी तिथि का समापन- 25 दिसंबर 2023, समय- सुबह 5:54 पर
शाम की पूजा का मुहूर्त- शाम 5:30 से लेकर रात 8:14 तक
शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें
दही, फूल, फल, अक्षत, बेलपत्र की धतूरा, शहद, भांग, गंगा जल, काला तिल, सफेद चंदन, कच्चा दूध, हरी मूंग दाल, शमी का पत्ता
प्रदोष व्रत पूजा की विधि
प्रदोष व्रत के दिन पूजा करने के लिए सबसे पहले स्नान करें. उसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें. अब सभी देवी देवताओं की विधि विधान से पूजा करें. अगर आप प्रदोष का व्रत रख रहे हैं तो हाथ में फूल, अक्षत और पवित्र जल लेकर व्रत का संकल्प लें. फिर शाम के समय घर के मंदिर में गोधूलि बेला में दीपक जलाएं. फिर किसी भी शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करें और शिव परिवार की पूरे विधि विधान और सच्चे भक्ति भाव से अर्चना करें. इसके बाद प्रदोष व्रत की कथा सुनें और फिर दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें. अंत में ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करें. पूजा खत्म होने से पहले क्षमा प्रार्थना करना ना भूलें.
व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / हर साल माघ, भाद्रपद और मार्गशीर्ष माह के दौरान शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को महानंदा नवमी के रूप में मनाया जाता है. इसे ताल नवमी और नंदा व्रत जैसे नामों से भी जाना जाता है. मान्यतानुसार, महानंदा नवमी के दिन विधिवत मां लक्ष्मी और मां दुर्गा की पूजा की जाती है. इस दिन स्नान और दान जैसे कार्य भी संपन्न किए जाते हैं, वहीं व्रत रखने और पूजा-पाठ करने का भी विशेष महत्व है. माना जाता है कि महानंदा नवमी का व्रत रखने और पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि आती है और जीवन में खुशहाली बनी रहती है.
महानंदा नवमी की पूजा |
पंचांग के अनुसार, इस साल मार्गशीर्ष माह की महानंदा नवमी 21 दिसंबर, गुरुवार के दिन मनाई जाएगी. इस नवमी तिथि पर ही मां दुर्गा और मां लक्ष्मी की विधिवित पूजा की जाएगी. कहते हैं महानंदा नवमी की पूजा से ही मृत्यु के बाद जातक को विष्णु लोक की प्राप्ति होती है.
महानंदा नवमी का व्रत यूं तो विवाहित महिलाएं रखती हैं लेकिन इस व्रत को कुंवारी कन्याएं भी रख सकती हैं. इस दिन घर में कन्या भोज कराना भी शुभ माना जाता है. महानंदा नवमी की पूजा करने के लिए सुबह सवेरे उठकर स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं. इसके बाद व्रत का संकल्प लेते हैं. अब लकड़ी के पट्टे पर लाल कपड़ा बिछाने के बाद उसपर मां लक्ष्मी (Ma Laxmi) की मूर्ति को स्थापित करके विधि-विधान से पूजन किया जाता है. पूजा सामग्री में कुमकुम, अक्षत, हल्दी, मेहंदी और दीप शामिल किए जाते हैं. मां के समक्ष घी का दीपक जलाया जाता है और पूजा के मंत्रों का जाप होता है. महानंदा नवमी की कथा पढ़ी जाती है और आरती करके पूजा संपन्न की जाती है. इस दिन घर को साफ रखना भी जरूरी होता है.
सेहत टिप्स /शौर्यपथ /सौंफ किचन में जरूर होता है. इसका सेवन लोग माउथ फ्रेशनरके रूप में करते हैं. दरअसल, इसके औषधि गुण आपकी सेहत के लिए बहुत लाभकारी हैं क्योंकि इनमें एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन ए , सी और डी प्रचुर मात्रा में होते हैं. इसके अलावा सौंफ में लोहा , जस्ता, तांबा, कैल्शियम, पोटेशियम, फाइबर और मैग्नीशियम शामिल हैं. जिन लोगों की आंख की रोशनी कमजोर हो रही है उनको तो सौंफ का सेवन जरूर करना चाहिए.
क्या सौंफ खाने से आंख की रोशनी तेज होती है
1- आप एक गिलास दूध में सौंफ , बादाम और मिश्री का मिक्सचर मिलाकर पीते हैं तो फिर यह आपकी आंखों की सेहत को बेहतर करेगा. इससे रोशनी तेज होगी. आप इसमें हल्दी और काली मिर्च एड करके भी पी सकते हैं.
2- रात में सोने से पहले आप अगर ऐसा कर लेते हैं तो आपको इसके फायदे दोगुने मिलेंगे. सौंफ का सेवन आंखों से जुड़ी समस्याओं को दूर करेंगे. इससे आपकी सेहत पर सकारात्मक असर पड़ेगा.
3- आपको बता दें कि सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट्स, आयरन, विटामिन सी और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाएं जाते हैं जो आंखों की रोशनी को तेज करता है. तो आज से ही आप इसको अपनी रूटीन का हिस्सा बनाएं.
4- सौंफ में कैलोरी कम होती है और यह वजन नियंत्रित करने में उपयोगी सामग्री हो सकती है. इसके अलावा, यह वजन घटाने में मदद कर सकता है क्योंकि यह कैल्शियम, विटामिन सी, आयरन, मैग्नीशियम और पोटेशियम से भरपूर होता है.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
