August 07, 2026
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        मनोरंजन /शौर्यपथ /शोले मूवी का एक एक किरदार और हर किरदार का सिग्नेचर डायलोग फैन्स आज भी नहीं भूल सके हैं. इस फिल्म का छोटा सा भी कैरेक्टर क्यों न हो, उसकी यादें आज भी तरोताजा हैं. फिर वो चाहें सांबा का किरदार हो, कुछ देर के लिए स्क्रीन पर दिखीं मौसी हो या फिर गोली से बचने के बाद हंसने वाला कालिया ही क्यों न हो. इसी फिल्म में ये बच्चा भी नजर आया था, जिसने फिल्म में ट्विस्ट लाने वाले बेहद अहम किरदार को अदा किया. फिल्म में इस बच्चे ने दोहरी भूमिका भी निभाई लेकिन फैन्स को आज तक उसका सिर्फ एक ही रोल याद है. इस तस्वीर को देखकर आपने पहचाना कि कौन है ये बच्चा.
    आप ये जरूर सोचेंगे कि फिल्म में ऐसा कोई किरदार था ही नहीं जिसने डबल रोल किया हो. लेकिन ये बच्चा वाकई डबल रोल में था. अगर आप अब तक नहीं पहचाने तो हम बता दें कि ये बच्चा है सचिन पिलगांवकर जो शोले मूवी में अहमद के रोल में दिखा था, जिसका डाकू बेरहमी से कत्ल करते हैं. खुद सचिन पिलगांवकर एक रियलिटी शो में ये जानकारी दे चुके हैं कि फिल्म में वो डबल रोल में थे, जिसमें से एक कैमरे के आगे था और एक पर्दे के पीछे.
      सचिन पिलगांवकर का नाम हिंदी और मराठी सिनेमा दोनों के लिए जाना माना है. वो मराठी सिनेमा के डायरेक्टर और प्रड्यूसर भी हैं. नवरी मिले नवरिआला में उन्होंने सुप्रिया को काम करने का मौका दिया. फिल्म के दौरान ही उन्हें सुप्रिया पसंद आने लगीं लेकिन प्रपोज किया फिल्म पूरी होने के बाद. सचिन पिलगांवकर को ये डर था कि सुप्रिया कहीं उन्हें इंकार कर फिल्म अधूरी ही न छोड़ दें. सुप्रिया ने तो सचिन पिलगांवकर का प्रपोजल एक्सेप्ट कर लिया लेकिन उनके माता पिता नहीं माने. जब सचिन पिलगांवकर ने उन्हें यकीन दिलाया कि वो नदिया के पार में काम कर चुके हैं तब जाकर बात बनी.

      सेहत टिप्स /शौर्यपथ /कुछ सड़ा-गला खा लेने पर या जरूरत से ज्यादा खा लेने पर, मसालेदार खा लेने पर या तला-भुना खाने पर पेट फूलने की दिक्कत हो जाती है. पेट जरूरत से ज्यादा फूलने लगता है तो पेट में गैस  भी बन जाती है. इस पेट की गैस और पेट फूलने की दिक्कत से राहत दिलाते हैं घर के ही कुछ मसाले. इन मसालों से तैयार की गई हर्बल टी ब्लोटिंग से तेजी से छुटकारा दिलाती है और पेट की गैस भी बार-बार परेशान नहीं करती. यहां जानिए किन मसालों से बना पानी या चाय गैस से छुटकारा दिलाने में असरदार है.
    फूले पेट की दिक्कत के लिए ड्रिंक्स |
         पेट फूलने के मुख्य कारणों में फाइबर, फैट्स और सोडियम से भरपूर फूड्स खाना भी शामिल है. वहीं, अगर आप खाना स्किप करते हैं और बेसमय कुछ खाते हैं तो भी पेट फूल जाता है.
    अजवाइन का पानी
      फूले पेट की दिक्कत से छुटकारा दिलाता है अजवाइन का पानी. आधा कप पानी को आंच पर चढ़ाएं और इसमें आधा चम्मच अजवाइन के दाने डालकर पकाएं. कुछ देर पकाने पर जब पानी का रंग बदल जाए तो इस तैयार पानी  को कप में छानकर निकाल लें. तैयार है अजवाइन की चाय. इसे चुस्कियां लेते हुए पिएं. कुछ देर में पेट में आराम महसूस होने लगेगा.
    सौंफ का पानी
      पेट को ठंडक और राहत देने में सौंफ के दानों का कमाल का असर दिखता है. सौंफ के दानों  से पेट से जुड़ी दिक्कतें तेजी से कम होती हैं. सौंफ का पानी तैयार करने के लिए एक गिलास पानी में एक चम्मच सौंफ डालकर आंच पर चढ़ाएं और पानी उबल जाने के बाद छान लें. इस पानी को हल्का गर्म पिएं.
    अदरक की ड्रिंक
      अदरक के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट की दिक्कतों जैसे एसिडिटी, गैस, पेट दर्द, पेट फूलना और जी मितलाना में आराम देने का काम करते हैं. अदरक को एक गिलास पानी में पकाकार इसमें हल्का नींबू का रस डालकर पिएं. इस पानी से ब्लोटिंग कम होती है और पेट में अगर दर्द हो तो उसमें भी राहत महसूस होती है.

       सेहत टिप्स /शौर्यपथ / अगर आप सुबह वॉक पर जाते हैं, तो फिर आपका हार्ट   और ब्रेन हेल्दी रहेगा. साथ ही, आपका ब्लड शुगर   भी मेंटन रहेगा. डायबिटीज और हार्ट पेशेंट को तो जरूर मॉर्निंग वॉक   को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए. वहीं जो लोग वजन कम करने के बारे में सोच रहे हैं, उन्हें भी रोज टहलना जरूरी है. लेकिन वेट लॉस के लिए वॉक करने के तरीके में थोड़ा बदलाव करना चाहिए. तो चलिए बिना देर किए जानते हैं.
    कैसे करें वजन वॉक से वजन कम |
      सबसे पहली बात तो आप जब टहलने की शुरूआत करें तो बहुत तेज तेज कदम ना बढ़ाएं, बल्कि छोटे-छोटे स्टेप्स लीजिए. पहले ही दिन तेज दौड़ या वॉक करेंगे तो फिर आप थक जाएंगे और पैर में भी दर्द शुरू हो सकती है. वहीं, वॉक करते समय आगे की ओर झुककर चलने से बचें. वॉक करते समय सामने की तरफ देखें. पॉश्चर सही रखना जरूरी है.
       वॉक करने के लिए अच्छे स्पोर्ट शूज पहनें. चप्पल या हील्स पर वॉक कभी ना करें. आप कंफर्टेबल रनिंग शूज पहनिए. टहलने से पहले थोड़ा वार्म अप जरूर करें. इससे बॉडी एक्टिव रहेगी.
       एक ही जगह वॉक करने से आप बोर हो सकते हैं इसलिए जगह बदलते रहिए. म्यूजिक के साथ वॉक करने से आपको बोरियत कम फील होगी. वॉक करते समय हाथों को मूव करना ना भूलें.
      वॉक करते समय पानी पीना ना भूलें. गला सूखे तो 1-2 घूंट पानी पीकर आप शरीर को हाइड्रेट रखें. इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती है. यह आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है. लेकिन वॉक करते समय जोड़ों में दर्द महसूस हो या सांस फूले तो आप पानी पीजिए. 

      शौर्यपथ /आत्मविश्वास पर्सनैलिटी  को निखारता है. इससे आपकी छवि मजबूत होती है व्यक्तिगत और समाजिक जीवन में. किसी भी बात को मजबूत तरीके से रखने से लोग आपकी बात को तवज्जो देते हैं. हर बात में आपकी राय ली जाती है. लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो दिखने में कॉन्फिडेंट होते हैं, लेकिन जब उनसे बातचीत की जाती है किसी मुद्दे पर तो वो कुछ शब्द कई बार रिपीट करते हैं, जो उनके कमजोर आत्मविश्वास को दिखाता है. आज हम उन पांच शुब्दों के बारे में बताएंगे, जो कमजोर आत्मविश्वास की निशानी होती है.
    कमजोर आत्मविश्वास को कैसे पहचानें |
      ऐसे लोग जब बात करते हैं, तो फिर ''आइएम नॉट श्योर, आई कुड बी रॉन्ग बट..'' का इस्तेमाल बहुत करते हैं. ये सारे शब्द आपके कमजोर आत्मविश्वास को दर्शाते हैं. ऐसे कहने वाले को सेल्फ डाउट होता है.
     आप देखिए, कई असुरक्षित लोग डरते हैं कि उनके बयानों से किसी का अपमान हो सकता है या गलत अर्थ निकाला जा सकता है, इसलिए,  सहज रूप से सॉरी बोल देते हैं. यह भी आपके कमजोर आत्मविश्वास की निशानी है.
     ''सिर्फ'' या "केवल" जैसे शब्दों का प्रयोग अक्सर दूसरों के प्रति असुरक्षा का भाव व्यक्त करता है. इन शब्दों का अक्सर उपयोग करके, आप अपनी अचीवमेंट को कम महत्व देते हैं या अपने आपको कम आंकते हैं.
     इसके अलावा आपको किसी के कॉन्फिडेंस को आंकना है तो फिर बातचीत के दौरान उसके आई  कॉन्टेक्ट को देखिए. अगर वो आंख मिलाकर बात नहीं करता है, तो फिर ये उसके कमजोर आत्मविश्वास को दर्शाता है. 

        ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / चेहरे पर झुर्रियां पड़ना उम्र बढ़ने के प्राकृतिक लक्षणों में शामिल है. लेकिन, कई बार स्किन का सही तरह से ख्याल ना रखना भी वक्त से पहले झुर्रियां  पड़ने की वजह बनता है. चेहरे की खूबसूरती बनाए रखने के लिए त्वचा की कसावट बनाए रखने के लिए त्वचा की सही देखरेख जरूरी है. यहां कुछ ऐसे ही टिप्स दिए जा रहे हैं जो त्वचा पर कसावट भी बनाए रखते हैं और झुर्रियां आने की प्रक्रिया को धीमा भी बनाते हैं. इन टिप्स को आजमाना आसान भी है और बेहद असरदार भी.
    त्वचा को जवां बनाए रखने के लिए टिप्स |
    मॉइश्चराइजर लगाना ना भूलें
        त्वचा से जुड़ी एक बड़ी गलती यह है कि हम अक्सर त्वचा पर मॉइश्चराइजर लगाना भूल जाते हैं. हमें लगता है कि स्किन ऑयली है या फिर स्किन पर नमी नजर नहीं आ रही तो मॉइश्चराइजर लगाने की जरूरत नहीं है. लेकिन, चेहरा चाहे ऑयली ही क्यों ना हो, मॉइश्चराइजर रोजाना लगाना चाहिए.
    सनस्क्रीन लगाना
      त्वचा को धूप की हानिकारक किरणों से बचाए रखने के लिए सनस्क्रीन लगाना जरूरी होता है. सनस्क्रीन लगाने पर स्किन प्रीमेच्योर एजिंग से भी बचती है. इसलिए रोजाना सनस्क्रीन लगाना जरूरी होता है.
    रात में करें स्किन साफ
      दिनभर चेहरे पर धूप, धूल और मेकअप की परत जमी रहती है. ऐसे में रात के समय चेहरा सही तरह से साफ करके ना सोया जाए तो स्किन पर इस गंदगी की परत से डेड स्किन सेल्स जमती हैं जो एजिंग साइंस को बढ़ाती हैं. इसीलिए रात के स्किन केयर रूटीन पर ध्यान देना भी जरूरी होता है.
    लें ब्यूटी स्लीप
      नींद की कमी स्किन के बूढ़े दिखने की एक बड़ी वजह है. अपनी नींद को पूरा करने के लिए समय से सोना जरूरी है. अच्छी और पूरी नींद तनाव जैसी दिक्कतों को भी दूर रखती है जिससे शरीर स्वस्थ रहता है और त्वचा की सेहत भी अच्छी बनी रहती है.
    डाइट का ध्यान रखा
      जितनी अच्छी आपकी डाइट होगी उतनी खूबसूरत त्वचा नजर आएगी. चेहरे पर झुर्रियां (Wrinkles) ना हों इसके लिए खानपान को अच्छा रखें. खाने में पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स शामिल करें और बाहर के जंक फूड्स को सीमित करें.

       ब्यूटी टिप्स /शौर्यपथ / बालों की सेहत सुधारने के लिए जीवनशैली में किए गए छोटे-मोटे बदलाव भी बड़े फायदे देते हैं. बाल जरूरत से ज्यादा रूखे हों या फिर बालों की ग्रोथ   नहीं हो रही हो, आसान से तरीकों से भी बड़ा फायदा मिल जाता है. बालों को बढ़ाने के लिए आप घर पर ही बायोटीन पाउडर बनाकर लगाना शुरू कर सकते हैं. बायोटीन पाउडर   अलग-अलग तरह से बनाए जा सकते हैं और इनसे हेयर ग्रोथ बेहतर होती है, बाल बढ़ते हैं, हेयर डैमेज कम होता है, ड्राई बाल मुलायम बनते हैं और बालों का टेक्सचर अच्छा होने में भी फायदा नजर आता है. यहां जानिए किस तरह बालों के लिए बायोटीन पाउडर घर पर बनाया जा सकता है.
    बाल बढ़ाने के लिए बायोटीन पाउडर |
       बायोटीन विटामिन बी7 होता है जो स्किन और बालों के लिए खासतौर से बेहत फायदेमंद साबित होता है. बायोटीन वॉटर सोल्यूबल विटामन है जो कैराटिन के प्रोडक्शन में भी मददगार है. बायोटीन के इस्तेमाल से बाल हेल्दी बने रहते हैं और दिखते भी खूबसूरत हैं.
       बायोटीन पाउडर बनाने के लिए 2 चम्मच गेंहू का आटा , 3 चम्मच ब्रूअर'स यीस्ट और एक चम्मच पानी ले लें. ब्रूअर'स यीस्ट को आटे के साथ मिलाएं. अब धीरे-धीरे इस मिश्रण में पानी डालें. इससे गाढ़ा पेस्ट तैयार हो जाएगा. इस मिश्रण को ट्रे पर डालें और एक से दो दिन तक ट्रे में रखकर ही सूखने दें. 24 से 48 घंटों बाद इस सूखे मिश्रण को कूटकर बारीक कर लें. तैयार है आपका बायोटीन पाउडर. इसे किसी एयरटाइट कंटेनर में रखें जिससे इसे नमी, गर्माहट और हवा ना मिल पाए.
        इस बायोटीन पाउडर को बालों पर हेयर मास्क   की तरह लगाया जा सकता है. इस पाउडर में पानी मिलाएं और पेस्ट तैयार करें. इस हेयर मास्क को बालों की जड़ों से लेकर सिरों तक लगाएं. तकरीबन 20 से 30 मिनट इस हेयर मास्क को बालों पर लगाकर रखा जा सकता है. इसके बाद बाल धोकर साफ कर लें. अच्छे रिजल्ट्स के लिए हफ्ते में 2 से 3 बार इस बायोटीन हेयर मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है. यह पाउडर बालों को मोटा बनाता है और हेयर ग्रोथ बेहतर करने में भी असरदार है.

      व्रत त्यौहार /शौर्यपथ / हिंदू धर्म में नवरात्रि के नौ दिनों का खास महत्व होता है. पूरे देश में इन नौ दिनों में माता रानी के नौ रूपों की पूजा की जाती है. नवरात्रि को बिल्कुल किसी उत्सव की तरह देशभर में मनाया जाता है. हिंदू पंचांग के मुताबिक साल में चार बार नवरात्रि पड़ती है. इनमें से एक शारदीय नवरात्रि, एक चैत्र और दो गुप्त नवरात्रि होती है. नवरात्रि के नौ दिनों तक भक्त पूरे विधि-विधान से मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं. चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में मां के नौ स्वरूपों को पूजा जाता है. शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंद माता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा का विधान है. इन नौ दिनों तक व्रत रखने का भी विधान है. नवरात्रि में कलश स्थापना   कर जौ के बीज बोए जाते हैं. पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है.
    चैत्र नवरात्रि शुभ मुहूर्त |
         चैत्र मास की प्रथम प्रतिपदा तिथि आरंभ- 8 अप्रैल 2024 को रात में 11:50 मिनट से शुरू
         चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि समाप्त 9 अप्रैल- रात 8:30 मिनट पर
         चैत्र नवरात्रि तारीख- 9 अप्रैल 2024
     इस शुभ मुहूर्त पर होगी कलश स्थापना
         घटस्थापना मुहूर्त सुबह- 6:11 मिनट से 10:23 मिनट तक
         अभिजीत मुहूर्त- 9 मार्च को दोपहर 11:03 मिनट से 12:54 मिनट तक
     चैत्र नवरात्रि 2024 कैलेंडर
        चैत्र नवरात्रि का पहला दिन- 9 अप्रैल 2024, मंगलवार, मां शैलपुत्री  की पूजा, घट स्थापना
        चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन- 10 अप्रैल 2024, दिन बुधवार, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
        चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन- 11 अप्रैल 2024, दिन गुरुवार, मां चंद्रघंटा की पूजा
         चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन- 12 अप्रैल 2024, दिन शुक्रवार, मां कुष्मांडा की पूजा
        चैत्र नवरात्रि का पांचवा दिन -13 अप्रैल 2024, दिन शनिवार, मां स्कंद माता की पूजा
        चैत्र नवरात्रि का छठा दिन -14 अप्रैल 2024, दिन रविवार, मां कात्यायनी की पूजा
        चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन- 15 अप्रैल 2024, दिन सोमवार, मां कालरात्रि की पूजा
        चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन- 16 अप्रैल 2024, दिन मंगलवार, महागौरी की पूजा और दुर्गा अष्टमी की पूजा
        चैत्र नवरात्रि का नौवां दिन- 17 अप्रैल 2024, दिन बुधवार, मां सिद्धिदात्री की पूजा और महा-नवमी और रामनवमी
        चैत्र नवरात्रि के दसवें दिन- 18 अप्रैल 2024, दिन गुरुवार, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन

       आस्था /शौर्यपथ /हिंदू धर्म में सफला एकादशी व्रत का खास महत्व है. इस दिन भक्त सच्चे मन से भगवान विष्णुकी पूजा आराधना करते हैं. खासतौर पर इस दिन व्रत रखा जाता है. कहते हैं ऐसा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. पौष माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को ही सफला एकादशी कहा जाता है. नए साल की शुरुआत हो चुकी है. ऐसे में साल 2024 की पहली एकादशी 7 जनवरी को पड़ रही है. मान्यता है कि सफला एकादशी का व्रत करने से मुश्किलें कम होती हैं और रुके हुए काम पूरे हो जाते हैं. हालांकि, इस व्रत को रखने के अपने कुछ नियम हैं. सफला एकादशी के दिन कुछ कामों को करने की सख्त मनाही होती है. कहते हैं कि सफला एकादशी के दिन कुछ ऐसे काम हैं जिनको करने से भगवान विष्णु नाराज हो जाते हैं. जानिए सफला एकादशी के दिन कौन सी गलतियों को करने से बचना चाहिए.
     सफला एकादशी के दिन नहीं करनी चाहिए ये गलतियां
        अगर आप एकादशी का व्रत रख रहे हैं तो यह जानते होंगे की एकादशी तिथि पर चावल का सेवन करना वर्जित होता है. पौराणिक मान्यता के मुताबिक इस दिन चावल खाने से परहेज करना चाहिए.
         एकादशी के व्रत के दिन किसी से भी अभद्र व्यवहार या भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से सफला एकादशी का व्रत सफल नहीं होता.
         कहा जाता है कि एकादशी के दिन तामसिक भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए. ऐसा करने पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी  नाराज हो सकते हैं और उनकी कृपा समाप्त हो सकती है.
        अगर आप सफला एकादशी के दिन पूजा कर रहे हैं तो पूजा स्थल की साफ-सफाई का खास ध्यान रखना जरूरी है. पूजा स्थल गंदा नहीं रहना चाहिए. ऐसा होने पर वास्तु दोष पैदा होता है और नकारात्मक ऊर्जा घर कर लेती है.
         सफला एकादशी के दिन तेल और साबुन का उपयोग करने से मना किया जाता है.
        अगर आप सफला एकादशी की पूजा कर रहे हैं या फिर व्रत रख रहे हैं तो इस बात का खास ध्यान रखें कि मन में किसी भी व्यक्ति के लिए बुरे विचार नहीं लाने चाहिए और ना ही किसी की बुराई करनी चाहिए. इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा करने का शुभ फल मिलता है. भजन-कीर्तन करना भी शुभ माना जाता है.

     लाइफस्टाइल /शौर्यपथ /आज के समय में बदलती लाइफस्टाइल शरीर पर बहुत गलत असर डालती है. रोज की डाइट में लापरवाही के कारण ही कई सारी बीमारियां शरीर में घर लेती हैं. फिर दवाइयों के सहारे ही जीवन जीना पड़ता है. लेकिन लौंग एक ऐसी जड़ीबूटी है जो सबके घर में होती हैं लेकिन लोग इसके गुणों के बारे में नहीं जानते हैं. भारत हमेशा से औषधिय गुणों वाली जड़ीबूटी का सबसे बड़ा उत्पादक रहा है. दक्षिण भारत में इसकी अच्छी मात्रा में उपज होती है. लौंग  में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, कैल्शियम, जिंक, आयरन, फाइबर और कई सारी विटामिन्स होते हैं. आइए जानते हैं कि सुबह के समय नियमित रूप से खाली पेट लौंग खाने के क्या फायदे हो सकते हैं.
    खाली पेट लौंग खाने के फायदे |
    इम्यूनिटी के लिए
    हेल्दी लीवर के लिए
       लौंग में लगभग 30 प्रतिशत फाइबर कंटेंट होता है. ये आपके पाचन तंत्र को हेल्दी रखता हैं जिससे आपका लीवर भी हेल्दी रहता है. इसे नियमित रूप से खाने से एंजाइम निकलते हैं जो कब्ज और अपच की परेशानी से राहत दे सकते हैं.
    नेचुरल माउथ फ्रेशनर
       कई लोगों के मुंह में से ब्रश करने के बाद भी गंदी बदबू आती है. ऐसे में बाजार में मिलने वाले माउथ फ्रेशनर कई बार आपके उपर साइड इफेक्ट भी कर सकते हैं. लौंग को एक तरह का नेचुरल माउथ फ्रेशनर माना जाता है. इसे अपने मूंह के अंदर रखने से गंदी बदबू नहीं आती है.
    स्ट्रॉंग बॉडी के लिए
       जीम में कड़ी मेहनत करना और प्रोटीन शेक का सेवन करना अगर आपको पसंद नहीं हैं तो आप रोज सुबह खाली पेट लौंग खाकर भी अपने बॉडी को मजबूत बना सकते हैं. ये शरीर की कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, जिंक, जैसे पोषक तत्वों की जरूरत को पुरा करता हैं.
    सिरदर्द से राहत
       लौंग खाने से आपको सिरदर्द से राहत मिल सकती हैं. इसमें बीटा कैरोटीन, विटामिन सी, विटामिन के, प्रोटीन, जैसी चीजें अच्छी मात्रा में पाई जाती हैं जो आपके दिमाग के लिए और हेडएक के लिए फायदेमंद हो सकती हैं.

        आस्था /शौर्यपथ /प्रदोष व्रत की विशेष धार्मिक मान्यता होती है. माना जाता है कि जो भक्त भगवान भोलेनाथ के लिए प्रदोष व्रत रखते हैं उनके जीवन में खुशहाली आती है, आरोग्य का वरदान मिलता है और कष्टों से मुक्ति मिलती है सो अलग. लंबी आयु और घर-परिवार की सुख-शांति के लिए भी भौम प्रदोष व्रत रखा जाता है. मान्यतानुसार आने वाली जनवरी के महीने में 9 जनवरी, मंगलवार और 23 जनवरी, मंगलवार के दिन भौम प्रदोष व्रत  रखे जाएंगे. हर माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है. मंगलवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है. इस दिन की कथा की भी विशेष मान्यता है. माना जाता है कि भौम प्रदोष व्रत की कथा पढ़ना बेहद शुभ होता है और महादेव  की शुभ कृपादृष्टि भी जातक पर पड़ती है.
    भौम प्रदोष व्रत की कथा |
       पौराणिक कथा के अनुसार, एक समय की बात है जब एक नगर में एक ब्राह्मणी वृद्धा रहा करती थी जिसका एक पुत्र भी था. ब्राह्मणी अपना पालक प्रतिदिन भिक्षा मांगकर किया करती थी. ब्राह्मणी कई सालों से प्रदोष व्रत रखती आ रही थी और भगवान शिव की भक्त थी. उसके पुत्र ने एक बार त्रयोदशी तिथि के दिन गंगा स्नान किया और फिर जब घर लौट रहा था तो उसका सामना कुछ लुटेरों से हुआ. लुटेरों ने उसका सारा सामान छीन लिया और फिर फरार हो गए. उसी समय कुछ सैनिक वहां पहुंचे और ब्राह्मणी के पुत्र को लुटेरा समझकर अपने साथ ले गए. राजा ने उसके पुत्र की एक ना सुनी और उसे कारागार में बंद कर दिया. इसके बाद माना जाता है कि रात्रि में राजा के सपने में भगवान शिव आए और ब्राह्मणी के पुत्र को मुक्त करने का आदेश देकर चले गए.
       राजा भागा-भागा ब्राह्मणी के पुत्र को रिहा करने के लिए पहुंचा. वहां जाकर उसने युवक को रिहा किया और कुछ भी दान में मांगने के लिए कहा. इसपर ब्राह्मणी के पुत्र ने केवल एक मुट्ठी धान मांग लिया. युवक ने कहा कि उसकी मां इस धान से भोग तैयार करके भगवान शिव को अर्पित करेंगी. यह सुनकर राजा प्रसन्न हुए और ब्राह्मणी के पुत्र की प्रशंसा करते हुए उसे अपने सलाहकार के रूप में नियुक्त किया. इसके बाद से ही ब्राह्मणी और उसके पुत्र का जीवन बदल गया. कहते हैं यह हर त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखने के चलते ही हुआ है.

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