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June 01, 2026
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खाना खजाना / शौर्यपथ / 1/2-1/2 कटोरी उड़द मोगर-मूंग मोगर, मैदा 500 ग्राम, चुटकी भर हींग, 2 चम्मच दरदरी सौंफ, 2 चम्मच धनिया पावडर, 1 कटोरी दही, गरम मसाला 1/2 चम्मच, लाल मिर्च 1 चम्मच, तेल तलने के लिए।
विधि :
दोनों दालों को कचोरी बनाने के 3-4 घंटे पूर्व भिगो दें। कुछ दाल छोड़ कर बाकी को दरदरा पीस लें। अब कड़ाही में थोड़ा-सा तेल लेकर सौंफ का बघार व हींग डालें, दाल दरदरी एवं खड़ी दोनों को भूनें व सभी मसाले मिलाकर ठंडा कर लें।
मैदे में 1/2 टी स्पून नमक मिलाकर छान लें। डेढ़ बड़ा चम्मच मोयन डालकर रोटी जैसा गूंध लें, छोटी-छोटी लोई बना लें, हथेली को चिकना करके लोई फैलाएं, किनारे पतले करके मसाला भरें व बंद करके कचौरियां तैयार कर लें। तेल गर्म करें फिर गुनगुने तेल में कचौरियां डालें।
धीमी आंच पर कचौरियां सुनहरी होने तक तल लें। गर्मा-गर्म कचौरियों को रायते या हरी चटनी के साथ सर्व करें और पर्व का आनंद उठाएं।

शौर्यपथ / इन दिनों अधिकतर लोगों की पहली पसंद जींस ही है। ये एक ऐसा परिधान है जिसे हर कोई पहनना पसंद करता है। लेकिन कुछ लोग स्टाइलिश दिखने के लिए स्किन टाइट जींस
पहनना पसंद करते है। यदि आप भी टाइट जींस पहनते है, तो आपको इससे होने वाले नुकसान के बारे में जरूर जानना चाहिए।
सेहत को ये 4 नुकसान हो सकते हैं -
1 टाइट जींस पहनने की वजह से महिलाओं को कमर से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अत्यधिक टाइट जींस पूरा दिन पहने रहने से कमर दर्द के अलावा धीरे-धीरे स्लिप डिस्क होने की आशंका भी बढ़ सकती है।
2 टाइट जींस पहनने से वेरिकोज वैन (Varicose Veins) बीमारी जिसमें बढ़ी हुई नसें, जो आमतौर पर पैरों और तलवों में दिखती हैं, होने की आशंका रहती है। इसके अलावा टाइट जींस के कारण पैरों में ऐंठ की समस्या भी बढ़ सकती है।
3 टाइट जींस पहनने से शरीर में खून का संचार बाधित हो सकता है, जिससे कई अन्य परेशानियां हो सकती है।
4 ऐसा भी माना जाता है कि टाइट जींस पहनने से गर्भाशय का संकुचन और बांझपन का खतरा भी बढ़ सकता है। साथ ही टाइट होने की वजह से
पेट पर काफी जोर पड़ता है जो आगे चलकर समस्या पैदा कर सकता है।

लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / उत्तर मध्य रेलवे के तीनो मंडलों प्रयागराज, झांसी एवं आगरा में महिला यांत्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए “ मेरी सहेली” अभियान चलाया गया है।
आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि इस अभियान के अंतर्गत प्रारंभिक स्टेशन से गंतव्य स्टेशन तक ट्रेनों से यात्रा के दौरान महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। रेल सुरक्षा बल उत्तर मध्य रेलवे (उमरे) की इस पहल के तहत, युवा महिला आरपीएफ कर्मियों की एक टीम द्वारा अकेले यात्रा कर रही महिला यात्रियों के साथ यात्रा के प्रारंभिक स्टेशनों पर वातार् की जाती है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यर्क्म के तहत 25 अक्टूबर से अबतक उमरे में संचालित होने वाली आठ प्रारंभिक ट्रेनों एवं 67 पासिंग ट्रेनों में सतत अभियान चलाया जा रहा है । इसके लिए 121 सुरक्षा कर्मियों की 27 टीमें गठित की गई हैं।गंतव्य स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल की टीमें चिन्हित महिला यात्रियों से फीडबैक भी एकत्र करती हैं और इन प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण किया जाता है। सूत्रों ने बताया कि इन महिला यात्रियों को यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सभी सावधानियों के बारे में बताया जाता है और कहा जाता है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा सम्बंधित कोई समस्या होने पर वे 182 डायल करें। रेल सुरक्षा बल टीम महिला यात्रिओं की सीट संख्या नोट करती है और उन्हें मार्ग के स्टेशनों पर मॉनिटरिंग हेतु साझा करती हैं। मार्ग के ठहरावों के दौरान प्लेटफार्म ड्यूटी पर नियुक्त रेल सुरक्षा बल कमीर् संबंधित कोच और बर्थ पर नजर रखते हैं और जरूरत पड़ने पर महिला यात्रियों से वातार् भी करते हैं।रेल सुरक्षा बल, रेल सुरक्षा विशेष बल के ऑनबोर्ड एस्कॉर्ट भी अपनी ड्यूटी अवधि के दौरान सभी चिन्हित कोच, पहचान वाले बर्थ को कवर करते हैं। उन्होंने बताया कि इन फीडबैक के विश्लेषण के आधार पर यदि कोई सुधार वांछित हो तो सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है। इसके अतिरिक्त यदि “मेरी सहेली” पहल के तहत कवर की गई ट्रेन से कोई डिस्ट्रेस कॉल आती है, तो कॉल के निरकारण की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर की जाती है। “मेरी सहेली” पहल को महिला यात्रियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है।

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य में समाज के कमजोर लोगों, आदिवासियों, किसानों, श्रमिकों के कल्याण तथा उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का मानना है कि छत्तीसगढ़ में किसानों को आगे बढ़ाकर, मजबूत व आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर ही राज्य को खुशहाल बनाया जा सकता है। वे जानते हैं कि किसान विकास की पूंजी है। गांव की तरक्की में ही देश की तरक्की है। इसलिए 17 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही किसानों से 2500 रू. प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी के अपने वायदे को पूरा किया। वर्षों से लंबित 17 लाख 82 हजार किसानों का 8 हजार 755 करोड़ रू. का कृषि ऋण और 244 करोड़ रू. का सिंचाई कर माफ किया। ग्राम सुराजी योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरवा, बारी’ के माध्यम से गांवों की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को नया जीवन देने की पहल की। बस्तर के लोहंडीगुड़ा में 1700 से अधिक आदिवासी किसानों की 4200 एकड़ जमीन वापिस कर दी। तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 2500 रू. प्रति मानक बोरा से बढ़ा कर 4000 रू. प्रति मानक बोरा कर दिया।
प्रदेश के मुख्यमंत्री बघेल ने जब प्रदेश के किसानों से 2500 रूपए प्रति क्ंिवटल में धान खरीदने में बाधा आई तो किसानों के हित में हरसंभव कदम उठाने का प्रण लिया। इस बीच अचानक कोरोना संक्रमण का खतरा और देशव्यापी लॉकडाउन से किसान भी अनेक मुसीबतों से घिर गए। इन विपरीत परिस्थितियों में मुख्यमंत्री ने किसानों से किया अपना वादा निभाया और 21 मई को राजीव गांधी जी के शहादत दिवस पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू कर किसानों के खातों में 1500 करोड़ रूपए की प्रथम किश्त की प्रोत्साहन राशि अंतरित। लॉक डाउन अवधि में किसानों को सीधे मदद पहुचाकर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने देश को रास्ता दिखाने का काम किया कि किस तरह हम अपने देश के अन्नदाता को मुसीबत से उबार सकते हैं और नकदी देकर अर्थव्यवस्था को भी सुधार सकते हैं।
राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य में 19 लाख से अधिक किसानों को 5750 करोड़ रू. की राशि का भुगतान 4 किस्तों में किया जा रहा है। पहली किस्त 1500 करोड़ रूपए 21 मई को किसानों की खाते में देने के बाद दूसरी किस्त 20 अगस्त को राजीव गांधी जी के जन्म दिन के अवसर पर किसानों के खाते में जमा की गई थी। आज एक नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस के मौके पर किसानों को तीसरी किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि दी जाएगी। निश्चित ही यह योजना प्रदेश के किसानों के लिए कोरोना संकट काल में एक वरदान साबित हुई है। इससे किसानों को खेती-किसानी के लिए संबल मिला है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गतिशील बनाने में जुटे हैं। अपनी दूरदर्शी सोच से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने नरवा, गरवा, घुरवा, बारी’ का जो उन्होंने खाका बुना था अब वह धरातल पर सफलता पूर्वक साकार होता दिखाई देने लगा है। प्रदेश में 5600 गौठान स्वीकृत होने के साथ 5454 पूर्ण हो चुके हैं। इन गौठानों में रोजगार के अवसर तो बने ही, साथ ही यहां तैयार जैविक खाद और इसकी उपयोगिता ने गोबर की महत्ता को भी बढ़ाया है। देश में एक अलग तरह की योजना गोधन न्याय योजना की शुरूआत भी इन्हीं उपयोगिताओं और महत्व का परिणाम है। किसानों से 2 रुपए प्रति किलो गोबर खरीदकर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक नये अध्याय की शुरूआत की है। गोधन न्याय योजना ने देश भर में प्रशंसा बटोरी है। इस योजना में गोबर बेचने वाले किसानों, पशुपालकों एवं ग्रामीणों अब तक 39 करोड़ रूपए का भुगतान भी ऑनलाइन किया जा चुका है। निश्चित ही इन प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था संवरने के साथ पर्यावरण संतुलन को बेहतर बनाने में मदद मिली है।
कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के दौरान भी प्रदेश के मुख्यमंत्री गरीबों के मसीहा बने। उन्होंने इस संकटकाल में राशन कार्डधारियों सहित प्रवासी मजदूर परिवारों के लिए खाद्यान्न की व्यवस्था कराई। जरूरतमंदों को निःशुल्क खाद्यान्न देने के साथ आंगनबाड़ी, स्कूल से जुड़े बच्चों को सूखा अनाज घर-घर तक देने का काम किया। मनरेगा के तहत काम और समय पर मजदूरी भुगतान, लघु वनोपज संग्रह के लिए पारिश्रमिक देने में भी छत्तीसगढ़ अव्वल रहा है।
छत्तीसगढ़ की एक तिहाई जनसंख्या अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों की है। सरकार द्वार इन वर्गों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी को वन अधिकार मान्यता पत्र देकर आदिवासियों के सांस्कृति एवं पारम्परिक विरासतों को सहेजने और पर्यावरण संतुलन को स्थापित रखने में भी कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य सबसे अधिक वन अधिकार पत्र देने वाला राज्य भी बन गया है। प्रदेश में 12.50 लाख वन क्षेत्र के निवासी है, जो तेंदूपत्ता संग्रहण करते हैं। ऐसे संग्राहकों के लिए श्री शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना लागू कर सुरक्षा लागू की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार का समाज के सभी वर्गों के कल्याण एवं गांवों में खुशहाली लाने और लोगों को स्वावलंबी बनाने का प्रयास सराहनीय है।

रायपुर / शौर्यपथ /मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्योत्सव पर एक नवम्बर को प्रदेश में स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना का शुभारंभ करेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए इस योजना के तहत अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किए जा रहे हैं। प्रथम चरण में राज्य में 52 इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू किए जा रहे हैं। उत्कृष्ट शिक्षा का संकल्प लिए अंग्रेजी माध्यम के इन स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। इन स्कूलों में अत्याधुनिक लाइब्रेरी एवं लैब, कम्प्यूटर और साइंस लैब के साथ ही ऑनलाईन शिक्षा की भी पूरी सुविधा उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इन स्कूलों को विकसित करने हेतु 130 करोड़ रूपए प्रदान किए गए हैं।
शिक्षा हर समाज और देश की प्रगति का प्रतिबिम्ब है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सकारात्मक सोच से छत्तीसगढ़ सरकार ने उन परिवारों के सपनों को साकार करने का बीड़ा उठाया है जो कमजोर आर्थिक स्थिति की वजह से अपने बच्चों को महंगे अंग्रेजी निजी स्कूलों में शिक्षा दिलाने में समर्थ नहीं थे। छत्तीसगढ़ शासन ने गरीब परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों के बेहतर शिक्षा के प्रबंध में एक और कड़ी को शामिल कर लिया है। यह कड़ी अंग्रेजी मीडियम के सरकारी स्कूल हैं, जहां बच्चों को मुफ्त में राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा अंग्रेजी माध्यम से दिए जाने की पहल शुरू कर दी गई है। छत्तीसगढ़ जैसे हिन्दी भाषी राज्य के छात्रों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर की सभी प्रकार की प्रतियोगिताओं के काबिल बनाने के उद्देश्य से अंग्रेजी मीडियम में अध्ययन-अध्यापन को बढ़ावा देने के लिए स्वामी आत्मानंद के नाम से इंग्लिश मीडियम के स्कूल की शुरूआत की गई है। प्रथम चरण राज्य में 52 इंग्लिश मीडियम स्कूल राज्य में शुरू किए जा रहे हैं। आगामी शिक्षा सत्र से 100 और नये इंग्लिश मीडियम स्कूल ब्लॉक मुख्यालयों में खोले जाएंगे।
यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में जन्मे स्वामी आत्मानंद की स्मृति को अक्षुण्य बनाए रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके नाम से इंग्लिश मीडियम में राज्य के बच्चों को सहजता से शिक्षा उपलब्ध कराने की सराहनीय पहल की है। स्वामी आत्मानंद जी ने अपनी प्रतिभा एवं शिक्षा की बदौलत आईएएस के रूप में चयनित होकर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया था। स्वामी आत्मानंद आजीवन जनकल्याण के कार्यों में लगे रहे और पीड़ित मानवता की सेवा का संदेश दिया। उनके सपनों को साकार करने छत्तीसगढ़ सरकार ने गुणवत्ता युक्त शिक्षा की अलख जगाकर ‘नवा छत्तीसगढ़’ गढ़ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना के माध्यम से प्रदेश के 52 शासकीय विद्यालयों को सर्व सुविधायुक्त अंग्रेजी स्कूलों में उन्नत किया है।
वर्तमान शैक्षणिक सत्र से अंग्रेजी स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों और उनके पालकों के चेहरों पर मुस्कान है। अब उनकी आर्थिक मजबूरियां शिक्षा में अवरोध नहीं बनेगी, यह आत्मविश्वास और सुकून उन्हें है। इन स्कूलों की गुणवत्ता और उपलब्ध सुविधाओं की वजह से निम्न आय वर्ग के साथ ही चिकित्सक, शासकीय सेवाओं में संलग्न अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, व्यवसायी सभी अपने बच्चों का भविष्य संवारने इन स्कूलों में दाखिला करवा रहे हैं।
बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उच्च शैक्षणिक वातावरण में खेल एवं कलात्मक गतिविधियों से बच्चों में उनकी रचनात्मकता-भौतिकता को नया आयाम देने सुविधायुक्त खेल मैदान, एम्फीथिएटर जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। खूबसूरत डिजाइन में तैयार विद्यालय भवन भी बच्चों को प्रेरित कर आत्म सम्मान का भाव विकसित करे, इसके लिए भवन की डिजाइन भी आकर्षक है। ऐसे प्राचार्यों का चयन किया है जो न केवल पढ़ाई और प्रबंधन में विशेष योग्यता हासिल किए है बल्कि उनमें अपनी संस्था को सर्वोत्तम बनाने का जज्बा भी है।
इन उत्कृष्ट स्कूलों में गुणवत्ता हेतु जिलों को स्वायत्तता प्रदान की गई है जिससे स्कूल के प्रबंधन और शिक्षकों का चयन सावधानी पूर्वक किया जा सके। उन्हें ऑनलाईन उत्कृष्ट प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। कोविड-19 के चलते जहां शासन द्वारा सभी स्कूल बंद है। वहीं इन स्कूलों में ऑनलाईन कक्षाओं के साथ ही खेल, कला, सांस्कृतिक सहित अन्य गतिविधियां भी संचालित की जा रही है। गुणवत्तायुक्त अध्ययन और स्कूल प्रबंधन को अनुशासित स्वरूप देने उत्कृष्ट शिक्षक चयनित किए गए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए इन उत्कृष्ट विद्यालयों के बारे में पालकों, शिक्षकों और बच्चों की राय है कि छत्तीसगढ़ सरकार के इस महत्वपूर्ण कदम से अब समाज का हर वर्ग, पूर्ण समानता के साथ अपने सपनों को साकार करेगा और बच्चों का भविष्य स्वर्णिम होगा।

धर्म संसार / शौर्यपथ / शरद पूर्णिमा के बाद से कार्तिक का महीना लग जाता है। इस बार 1 नवंबर से कार्तिक का महीना लग रहा है। इस महीने में भगवान विष्णु जल में निवास करते हैं, इसलिए इस माह में सुबह सवेरे स्नान करने बहुत फल मिलता है। कार्तिक महीने में तुलसी पूजा का विशेष महत्व है। इस पूरे महीने में माता तुलसी के सामने दीपक जलाया जाता है।
यह कहा जाता है कि माता तुलसी की पूजा करने से बहुत फल मिलता है। चांद-तारों की मौजूदगी में सूर्योदय से पूर्व ही पुण्य प्राप्ति के लिए स्नान करना जरूरी होता है। इस महीने में तुलसी विवाह का आयोजन भी किया जाता है। कहते हैं कि तुलसी विवाह करने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है। तुलसी विवाह से घर में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन तुलसी के पौधे का गमला सजाकर उसके चारों ओर ईख का मण्डप बनाकर उसके ऊपर ओढ़नी या सुहाग प्रतीक चुनरी ओढ़ाते हैं। तुलसी पूजन से पहले तुलसी पूजा के नियमों को भी जान लेना चाहिए।

इस बात का ध्यान रखें कि तुलसी पत्र को बिना स्नान किए नहीं तोड़ना चाहिए।

कभी भी शाम को तुलसी के पत्तों को शाम के समय तोड़ना नहीं चाहिए। पूर्णिमा, अमावस्या, द्वादशी, रविवार व संक्रान्ति के दिन दोपहर दोनों संध्या कालों के बीच में तथा रात्रि में तुलसी नहीं तोड़ना चाहिए।

किसी के जन्म के समय और मुत्यु के समय घर में सूतक लग जाते हैं, ऐसे में तुलसी को नहीं ग्रहण करें। क्योंकि तुलसी श्री हरि के स्वरूप वाली ही हैं।

तुलसी को दांतों से चबाकर नहीं खाना चाहिए।

लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / करवा चौथ पर महिलाएं सबसे ज्यादा सुंदर दिखना चाहती हैं। इसके लिए वे मेकअप से लेकर हर छोटे-छोटे स्टाइलिंग टिप्स का ख्याल रखती हैं। मेकअप और फैशनेबल कपड़े स्टाइलिश लुक देते हैं लेकिन लम्बे समय तक सुंदर दिखने के लिए आपको नेचुरल ग्लोइंग और हेल्दी स्किन चाहिए, इसके लिए आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं , जिससे करवा चौथ पर ही नहीं, आप हमेशा अपनी स्किन को जवां और हेल्दी बना सकती हैं। इस ब्यूटी ड्रिंक से कुछ ही दिनों में आपको नेचुरल ग्लो मिलेगा।
अनार का जूस
अनार का जूस हमारे शरीर में खून साफ करने का काम करता है और टॉक्सिन्स निकालता है। इसके अलावा अनार के जूस में एंटीऑक्सीडेंट्स होने से स्किन को पर्याप्त मात्रा में पोषण मिलता है। वहीं, अनार का जूस पीने से नई सेल्स बनती और स्किन में ग्लो आता है।
गाजर और चुकंदर का जूस
स्किन में ग्लो लाने के लिए गाजर-चुकंदर जूस पीना चाहिए। गाजर-चुकंदर को ब्लैंड करने के बाद जो जूस बनता है, उसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व स्किन को मुंहासों, झुर्रियों आदि से बचाते हैं।
नींबू और अदरक का जूस
स्किन में ग्लो के लिए नींबू-अदरक का जूस मिक्स करके पीएं। नींबू-अदरक के मिक्स जूस में पर्याप्त मात्रा में पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। जूस में पाए जाने वाले ये तत्व हमारी स्किन अधिक खूबसूरत बनाते हैं।
खीरे का जूस
खीरे के जूस में पानी की पर्याप्त मात्रा और एंटीऑक्सीडेंट्स होने के चलते स्किन में निखार आता है। इसके साथ ही खीरे का जूस स्किन को बेदाग बनाने और रुखापन को दूर करने में मदद करता है।

लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / बढ़ते वजन को कम करने के लिए कई वर्कआउट और डाइट प्लान हैं। वहीं, मोटापा या पेट की चर्बी छुपाने के अस्थायी तरीकों की बात करें, तो बॉडी शेपर और ड्रेसेस भी आपके लुक को कुछ हद तक खराब होने से बचा लेते हैं, लेकिन चेहरे की चर्बी का इलाज सिर्फ यही है, कि इसे घटा दिया जाए। चेहरे पर जमा चर्बी की वजह से डबल चिन की समस्या भी हो जाती है, जो आपके चेहरे की सुंदरता को कुछ कम कर देती है। ऐसे में फेशियल योग से चेहरे की चर्बी को हटाकर अपनी सुंदरता को बरकरार रखा जा सकता है। आइए, जानते हैं फेशियल योग के कुछ टिप्स-


फिश फेस
इसके लिए दोनों गालों को अंदर खींचकर चेहरे को लाइक-अ-फिश यानी मछलीनुमा बना लें। इस योग को करने से चेहरे का अतरिक्त फैट कम होता है और यह झुर्रियों को रोकता है साथ ही मांसपेशियों में कसावट लता है।
इसमें आंखों की पुतलियों को बाएं और दांए दोनों तरफ करीब 30-30 सेकंड तक घुमाएं। फिर गोल-गोल घुमाएं और फिर आई बाल को ऊपर-नीचे की तरफ घुमाएं।
बैलून पोज
इस पोज में मुंह में हवा भरकर करीब 10 सेकंड तक चेहरे को ऐसे ही रहने दें और सांस को रोक कर रखें, भरी हुई हवा को मुंह के अंदर दाएं-बाएं घुमाएं। यह क्रिया 5 बार दोहराएं।
बैलून पोज लाभ
-इसको करने से चेहरे पर चर्बी नहीं जमा होती।
-जबड़े की हड्डी को मजबूत बनाता है।
-खून का संचार बढ़ता है।
-मुंहासों की समस्या दूर होती है।
कसकर आंखें बंद करना
इसके लिए अपने दोनों हाथों की मुठ्टियों को बांधकर, दोनों आंखों को कसकर बंदकर कर लें/भींच लें। यह क्रिया को करने से माथे पर पड़ी सिलवटें दूर होती हैं।
लॉयन पोज
इस पोज के लिए अपनी जीभ को पूरी ताकत से बाहर निकालें और अपनी आंखों को तान लें। जैसे शेर करता है ठीक वैसे ही। अब मुंह में हवा भरकर उसे दाएं व बाएं ओर घुमाएं। इससे
आपके चेहरे की त्वचा में कसाव आ जाएगा।
बुद्धा पोज
इस पोज में आप दोनो आंखों को बंद करके बैठे और दोनों आई ब्रोज के बीच ध्यान लगाएं। 30 सेकंड तक इसी पोज में रहें। इससे आपको मेडिटेशन की तरह सुकून का एहसास देगा।
योगा के चमत्कारिक गुणों का लाभ उठाने के लिए फेस योगा को दिन में दो बार सुबह व शाम खुले स्थान पर करें।

दुर्ग । शौर्यपथ । जिला कार्यकारी अध्यक्ष सोनू साहू के नेतृत्व में पिछले कुछ दिनों से RTE के तहत प्रवेश में जो समस्या आ रहे थे उसको लेकर दुर्ग अपर कलेक्टर श्रीमान प्रकाश सर एवम जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास बघेल जी के हस्तक्षेप बाद रिसाली नोडल अधिकारी को दिशानिर्देश देकर ऐसे जो भी विद्यार्थी जिनका नाम प्रवेश संबन्धित प्रक्रिया में किसी निम्न कारणों से नहीं आए होंगे उसे निजी स्कूल प्रबंधक के साथ समन्वय बनाकर उन सभी छात्र छात्राओं को नियमानुसार प्रवेश देने के लिए निर्देश दिए जिसके बाद रिसाली नोडल अधिकारी बच्चो के पात्र सूचित बनाकर स्कूल प्रशासन को भेजे अब स्कूल प्रबंधक ने शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत प्रवेश देने के लिए अपनी सहमति दिए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन दुर्ग के तमामन NSUI की साथी जिन्होंने छात्रहित में आवाज बुलंद कर विघार्थियों के लिए आगे आए उन सभी साथियों का बहुत- बहुत धन्यवाद विशेष करके बड़े भाई रिसाली नगर निगम के पूर्व पार्षद चिंटू चन्द्र भान सिंह ठाकुर जी जय सेन,सूर्य देशमुख,अमोल जैन,शिवांग साहू,आशीष, बनटी वर्मा, टिकेंद्र साहू,उभरन टंडन, सुरेंद बाघमारे,आयुष सोनी सहित उपस्थित पालक जनो को बधाई आप सभी ने इस अधिकार की लड़ाई में अपना बहुमूल्य समय देकर छात्रहित में सहयोग प्रदान किए..

शौर्यपथ / अच्छी सेहत के लिए हम क्या कुछ नहीं करते है, लेकिन सही खान-पान के साथ कुछ ऐसी बातें भी हमें ध्यान रखनी चाहिए जिसका सीधा असर हमारी हेल्थ पर पड़ता है। दरअसल हममें से ऐसे कई लोग है। जो दोपहर के खाने के बाद कुछ ऐसा कर जाते हैं, जो उनकी सेहत के लिए हानिकारक होता है। वो क्या गलतियां है आइए जानते हैं...
1 आपने सुना होगा कि खाने के एकदम बाद पानी नहीं पीना चाहिए? अगर आप इसका पालन करते हैं तो ठी है, लेकिन अगर नहीं करते और पानी पी लेते हैं तो ध्यान रखें कि कभी ठंडा पानी न पिएं। खाना खाने के बाद यह पाचन बिगाड़ सकता है। अगर आपको पीना ही है तो गुनगुना पानी पिएं, यह पाचन को और बेहतर करेगा।
2 खाना खाने के बाद चाय या कॉफी पीना अगर आपको पसंद है, तो अफसोस कि यह आपकी बड़ी गलती है। इससे शरीर आहार में मौजूद आयरन को अवशोषित नहीं कर पाता और न ही प्रोटीन को पचा पाता है।
3 दोपहर का खाना खत्म करने के बाद अगर आप तुरंत अपने काम पर लौट जाते हैं और तेज चलना या अन्य गतिविधि करते हैं, तो यह भी गलती है। खाने के बाद कुछ देर रेस्ट करें उसके बाद ही एक्ट‍िव हों, वह भी धीरे।
4 खाने के बाद कुछ घंटों तक फल, जूस या अन्य खाद्य पदार्थों का प्रयोग न करें। ये आपके पाचन की प्रक्रिया को बाधित कर देता है।
5 खाने के बाद लेटना ठीक नहीं है, ना ही धूम्रपान का सेवन ठीक है। यह तेजी से आपके पाचन तंत्र और शरीर को हानि पहुंचा सकता है।

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