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दुर्ग / शौर्यपथ / भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) दुर्ग विधानसभा में संगठनात्मक शिथिलता और लगातार मिल रही अनुशासनहीनता की शिकायतों के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए संपूर्ण पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष वरुण केवळतानी द्वारा जारी आदेश ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस संगठन अब ढिलाई, निष्क्रियता और निर्देशों की अनदेखी को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
गंभीर कार्यक्रमों में अनुपस्थिति बनी कार्रवाई का मुख्य आधार
आदेश में उल्लेखित है कि जिला कांग्रेस के महत्वपूर्ण एवं गरिमामय कार्यक्रमों में वरिष्ठ नेतृत्व स्वयं उपस्थित था, किंतु NSUI दुर्ग विधानसभा के पदाधिकारियों की अनुपस्थिति लगातार देखी गई। कई बार सूचित किए जाने के बावजूद समिति के एक भी पदाधिकारी की उपस्थिति दर्ज नहीं हुई।
संगठन ने इसे “कर्तव्य के प्रति उदासीनता और अनुशासनहीनता” बताते हुए कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया।
नोटिस का जवाब न देना बना निर्णायक कारण
दिनांक 06 दिसंबर 2025 को स्पष्टीकरण हेतु नोटिस जारी किया गया था, परंतु किसी भी पदाधिकारी द्वारा निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। NSUI जैसे अनुशासन-आधारित संगठन में इसे गंभीर त्रुटि माना गया। यही कारण रहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने सामूहिक रूप से सभी पदाधिकारियों के पद समाप्त करने का फैसला सुना दिया।
राजनीतिक रूप से बड़ा संकेत—युवा संगठन में साफ-सफाई की शुरुआत?
यह फैसला न केवल संगठनात्मक अनुशासन का संदेश देता है, बल्कि आने वाले समय में कांग्रेस द्वारा अपने युवा मोर्चे को नए सिरे से सक्रिय, जिम्मेदार और जमीनी रूप से मजबूत करने की स्पष्ट राजनीतिक रणनीति भी दिखाता है।विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा और लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र कांग्रेस संगठन युवा नेतृत्व में ऊर्जा और जवाबदेही सुनिश्चित करना चाहता है, ताकि जमीनी स्तर पर संगठन मजबूती से खड़ा हो सके।
किसे भेजा गया संदेश?
सामूहिक पदमुक्ति का यह फैसला साफ संकेत देता है कि संगठन में केवल पद धारण करने से नहीं, सक्रियता और समर्पण से पहचान बनेगी। कार्यकर्ताओं को वरिष्ठ नेतृत्व के निर्देशों और कार्यक्रमों को प्राथमिकता देनी होगी। कांग्रेस अब निष्क्रिय इकाइयों और गैर-जिम्मेदार पदाधिकारियों पर निगरानी और कार्रवाई दोनों करेगी।
आगे क्या?
विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि NSUI दुर्ग विधानसभा की नई संरचना जल्द घोषित की जाएगी।नई टीम में सक्रिय, जमीनी, प्रतिबद्ध और संगठनात्मक गतिविधियों में निरंतर भागीदारी करने वाले युवाओं को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
NSUI दुर्ग विधानसभा में की गई यह कड़ी कार्रवाई केवल आंतरिक अनुशासन का मामला नहीं, बल्कि कांग्रेस संगठन की नई नीति का संकेत भी है—“अनुशासनहीनता पर जीरो टॉलरेंस, और सक्रियता ही संगठन में सम्मान का आधार।”
रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में किसानों, दलितों, आदिवासियों की जमीनों के लूटने का षड्यंत्र चल रहा। सरकार जमीनों के इस लूट की सहभागी है। कल खैरागढ़ छुईखदान गया था, वहां पर सिमेंट प्लांट लगाने के नाम पर किसानों की जमीन जबरिया अधिग्रहित की गयी, जनसुनवाई का विरोध कर रहे ग्रामाणों पर लाठियां चलवाई गयी। पूरे प्रदेश में उद्योगों कोयला खदानों आदि के नाम पर किसानों की जमीन जबरिया अधिग्रहित की जा रही, किसान विरोध कर रहे तो उन पर लाठियां चलाई जा रही। हसदेव, अमोरा, तमनार, खैरागढ़, मैनपाट, बीजापुर, बैलाडीला कांकेर में यही हुआ, सरकार ने लोगों की सहमति के बिना उनकी जमीनों को उद्योगपतियों को दे दिया। खैरागढ़, अमोरा, तमनार, मैनपाट में ग्रामीणों पर लाठियां चलवाई गई। यह सरकार उद्योगपतियों की दलाल बन गई है।
दुर्दांत नक्सलियों के प्रकरण वापस लेंगे, निर्दोष आदिवासियों के बारे में कब फैसला होगा?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मंत्रिमंडल के द्वारा समर्पित नक्सलियों के आपराधिक प्रकरण वापस फैसले लेने की और उसकी समीक्षा की फैसला का निर्णय बेहद ही दुर्भाग्यजनक है। सरकार बताये जो झीरम कांड में शामिल थे, जो ताड़मेटला, रानीबोदली, एडसमेटा जैसे नरसंहार में शामिल थे, जो सैकड़ों हजारों नरसंहार में शामिल थे, क्या उनका भी अपराधिक प्रकरण सरकार वापस लेगी? सरकार की अपनी नक्सल नीति है, मुख्यधारा में लाने के लिए, सरकार उनके पुनर्वास के बारे में फैसला करे लेकिन गंभीर आपराधिक घटना में शामिल नक्सली और सामान्य घटना में बंद जिसके खिलाफ चार्जशीट तक नहीं दाखिल कर पाये उनके बारे में सरकार अपना मत स्पष्ट करे। नक्सली के नाम पर जिन आदिवासियों को सरकार ने नक्सली बताकर जबरिया बंद कर रखा है, जिनके बारे में अदालत में चालान तक नहीं पेश किया गया है। सरकार बताये उनको छोड़ने के लिये क्या किया जा रहा है? जो निर्दोष है किसी घटना और हत्या में शामिल नहीं थे, उनके बारे में पहले फैसला लिया जाना चाहिये। पुलिस के द्वारा सिर्फ टारगेट पूरा करने के लिये सैकड़ों आदिवासियों को जेल में बंद किया था। जो निर्दाष है उनके बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है, पहले तो उनके लिये फैसला होना चाहिये।
एसआईआर की समय सीमा तीन माह और बढ़ाया जाए
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आज एसआईआर की अंतिम दिन है। अभी तक सभी नागरिकों का एसआईआर नहीं हो पाया है। प्रदेश के बहुत से नागरिक रोजी-रोटी के लिए बाहर गए हैं, उनका एसआईआर नहीं हुआ है। आज भी लाखों लोगों का फॉर्म बीएलओ तक नहीं पहुंचा है। हमारी मांग है एसआईआर की अवधि 3 माह और बढ़ाई जानी चाहिए। ताकि हर नागरिक का नाम मतदाता सूची में आ सके।
आरक्षक भर्ती परीक्षा में घोटाला हुआ है
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में घोटाला हुआ है इस बात को कांग्रेस पार्टी और अभ्यर्थी लगातार उठाते रहे हैं। अभी जब परिणाम घोषित हुए हैं उसके बाद घोटाले की पुख्ता सबूत सामने आ रहे हैं। एक ही क्रमांक के 33 अभ्यर्थियों के आवेदन सामने आए हैं, वे सभी चयनित किये गये है। एक अभ्यर्थी को लिखित परीक्षा में 39 नंबर मिला है उसका उसका चयन हो गया है। शारीरिक परीक्षा का पूर्णांक 100 नंबर का है यदि उसे शारीरिक परीक्षा में 100 में 100 मिला होगा तो भी उसका कुल अंक 139 ही होगा, जबकि 143 नंबर वाले का चयन नहीं हुआ। लिखित परीक्षा का नंबर सार्वजनिक हो सकता है तो शारीरिक परीक्षा का नंबर क्यों नहीं जारी हुआ? दोनों मिलाकर प्राप्तांक क्यों नहीं जारी किया गया? सरकार भर्ती परीक्षा में घोटाले कर युवाओं के सपने बेच रही है। पुलिस आरक्षक ही नहीं फॉरेस्ट आरक्षक, आरआई परीक्षा सहित अनेकों परीक्षाओं में भाजपा सरकार ने घपले करवाया है।
सोसायटियों का लिमिट फिक्स खरीदी बाधित हो रही
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार ने सभी सोसायटियों के लिए एक दिन की अधिकतम खरीद सीमा तय कर दी है। एनआईसी ऐसा सिस्टम तय किया है लिमिट के बाद कंप्यूटर लॉक हो जाता है। जिसके कारण सोसायटियां चाह कर भी लिमिट से अधिक धान नहीं खरीद सकती। इस लिमिट के कारण दोपहर के बाद सोसायटी में सन्नाटा पसर जाता है। इस लॉक के कारण नियत समय में सभी किसानों का धान कैसे बिक पाएगा? सरकार जानबूझकर यह लिमिट सिस्टम बनाई है ताकि समर्थन मूल्य में कम खरीदी करनी पड़े।
दाम बढ़ने छूट खत्म करने तथा स्मार्ट मीटर के कारण विद्युत के बिल तीन गुना बढ़ गये- शुक्ला
रायपुर/ शौर्यपथ / भाजपा सरकार बिजली बिल के नाम पर जनता को लूट रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार ने बिजली के दाम चार बार बढ़ा दिया। 400 यूनिट हाफ योजना को बंद कर दिया। स्मार्ट मीटर लगा दिया इन सबसे बिजली के दाम बेतहाशा बढ़ गए, जनता परेशान है। सरकार, जनता को राहत देने के बजाय अब बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एफपीपीएस) के रूप में अतिरिक्त चार्ज इस महीने से लगाने जा रही, इससे बिजली के दाम एक बार फिर से बढ़ेंगे। कांग्रेस, सरकार के इस निर्णय का विरोध करती है। सरकार, कोयले का सेस कम होने के कारण बिजली का दाम कम तो नहीं कर रही, ऊपर से एक नया टैक्स लगा रही।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 400 यूनिट तक छूट को आधी करके 200 यूनिट किया, उसमें भी यह शर्त लगा दिया गया कि खपत 400 यूनिट से अधिक होते ही सारी छूट, राहत, रियायत पूरी तरह खत्म। ऊपर से सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगाकर अधिक वसूली कर रहे है। अधिक मुनाफाखोरी के लालच में यह सरकार अनाप-शनाप बिजली बिल वसूलने के लिए नए नए पैंतरे अपना रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हर जगह बिजली उपभोक्ताओं की शिकायत है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनकी खपत वास्तविक खपत से अधिक बताई जा रही है, स्मार्ट मीटर सामान्य मीटर की तुलना में बहुत तेजी से चल रहा है। बिजली उपभोक्ताओं का यह अधिकार है कि अपनी वास्तविक खपत को जान सके। चेक मीटर का प्रावधान पहले से ही था, लेकिन यह सरकार अपनी लूट पर परदेदारी करने के लिए चेक मीटर लगाने और मीटर चेक करवाने उपभोक्ताओं से 1000 और 1500 रुपए शुल्क लेने का प्रावधान कर दिया गया है, यदि मीटर में गड़बड़ी का आरोप उपभोक्ता लगा रहे हैं, तो उसे मुफ्त में चेक किया जाए, किसी भी तरह से अतिरिक्त शुल्क अनुचित है। यह प्रावधान सरकार ने गड़बड़ी छुपाने के लिये किया है। मीटर चेक शुल्क का प्रावधान तत्काल वापस ले सरकार।
रायपुर/ शौर्यपथ / Óमहासमुंद जिले के सेनभाठा, बागबाहरा में धान का टोकन ना मिलने की वजह से एक किसान मनोबोध गाढ़ा के आत्महत्या के प्रयास को सरकार की प्रताडऩा करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि पूरे प्रदेश में धान खरीदी बाधित है, भाजपा सरकार की मंशा किसानों से उनके रकबा के आधार पर तय 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी करने की नहीं है, पिछले 3 दिनों से किसान मनोबोध टोकन के लिए चक्कर लगा रहा था आज हताश और निराशा होकर किसान ने अपना गला ही काट लिया, सरकार के फर्जी दावों की हकीकत सामने हैं। पूरे प्रदेश में लगभग यही स्थिति है, किसानों को रकबा के अनुपात में जीतने धान का टोकन काटा गया है उतनी खरीदी भी नहीं की जा रही है। सरकार और प्रशासन की अक्षमता से किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हैं, बागबाहरा के किसान मनोबोध गाढ़ा की हालत नाज़ुक है। सरकार उसके इलाज का समुचित प्रबंध कराए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि किसान विरोधी भाजपा सरकार ने अपने ही पूर्व निर्धारित लक्ष्य से कम धान खरीदने का षड्यंत्र करके एनआईसी के द्वारा लक्ष्य घटाकर सोसाइटियों को किसानों से कम खरीदी के लिए बाध्य किया जा रहा है। जिन किसानों का टोकन 10 दिन पहले कट गया है उनसे भी खरीदी नहीं की जा रही है, तौलाई के लिए घुमाया जा रहा है। टोकन के लिए किस भटक रहे हैं, भाजपा सरकार की मंशा धान खरीदी करने की नहीं है, किसान समिति के चक्कर लगा लगाकर हताश हो चुके हैं, बागबाहरा की घटना इस सरकार के किसान हत्यारी सरकार होने का प्रमाण है।
मध्यम एवं गरीब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़
रायपुर/ शौर्यपथ / सरकारी स्कूलों के सोशल ऑडिट रिपोर्ट पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार में सरकारी स्कूलों की स्थिति दयनीय होती जा रही है, शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत राज्य के 56895 सरकारी स्कूलों के सोशल ऑडिट सामने आए हैं जिनमें 9540 स्कूलों को डी ग्रेड मिला है इसका मतलब है कि बच्चों को अक्षर ज्ञान तक नहीं हो पाया है। सरकारी स्कूलों के सोशल ऑडिट में 30570 स्कूलों को बी ग्रेड मिला है। मतलब बी ग्रेड में बच्चे सिर्फ सामान्य है जबकि वर्तमान में जो कम्पीटिशन चल रहा है उसके लिए बच्चों को उच्च क्वालिटी की शिक्षा जरूरी है, लेकिन वर्तमान भारतीय जनता पार्टी की सरकार में शिक्षा के नाम पर सिर्फ और सिर्फ खाना पूर्ति की जा रही है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार की ग़लत नीति के कारण आज शिक्षा की गुणवत्ता नीचे गिरते जा रहा है, स्कूलों में युक्ति युक्तकरण के नाम पर लगभग 10500 स्कूल बंद किए गए. कई स्कूलों को मर्ज कर दिया गया।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि जब से भाजपा की सरकार प्रदेश में आई है तब से शिक्षा विभाग भगवान के भरोसे से ही चल रहा है। दो सत्र तो बिना शिक्षा मंत्री के निकल गए थे। सत्र में विद्यालय खुलने के तीन-चार महीना बाद भी स्कूलों में पाठ्य पुस्तक नहीं मिल पाया था और इसी बात को लेकर के एक सहायक शिक्षक ने आवाज उठाई कि हम प्रदेश में रजत जयंती मना रहे हैं लेकिन बच्चों के पास पढ़ने के लिए किताबें नहीं है तो उस गुरु जी को निलंबित कर दिया जाता है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर्मचारियों के साथ हिटलर शाही जैसे बर्ताव कर रहा है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर तो नीचे गिरना ही था। शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में लगातार उलझाए जाने से उनका ध्यान एवं समय अन्य कार्यों में लग जाता है। वर्तमान में ही भाजपा सरकार के द्वारा आदेश जारी किया जाता है कि शिक्षकों को आवारा कुत्तों की जानकारी की ज़िम्मेदारी दी जाती है। शिक्षक मानसिक तनाव से ग्रसित होते जा रहे हैं। इधर सिलेबस आधा भी नहीं हुआ है और दिसंबर महीना में छैमाही परीक्षा होना है और फरवरी में बोर्ड परीक्षा ऐसे समय में हजारों शिक्षक शिक्षिकाओं की गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्य के लिए बी एल ओ के रूप में ड्यूटी लगाने की वजह से स्कूलों में पढ़ाई का बुरा हाल है। शिक्षक जो बच्चों के जीवन रूपी इमारत के शिल्पकार होते हैं उनका लगातार गैर शैक्षणिक कार्यों में उलझाए रखने से शिक्षा के गुणवत्ता में लगातार गिरावट हो रहा है जिससे मध्यवर्गीय एवं गरीब परिवार के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
साय सरकार ने 2 साल में 17 जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया
रायपुर/ शौर्यपथ /
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के 2 साल में छत्तीसगढ़ की जनता को निराश किया है। साय सरकार की उपलब्धि के नाम पर पिछली सरकार की योजनायें बंद करना मात्र है। साय सरकार ने जनता के हित में चलाई जाने वाली योजनओं को दुर्भावनापूर्ण बंद किया। 400 यूनिट बिजली बिल हाफ योजना बंद कर दिया, राजीव मितान योजना, गोधन न्याय योजना, शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक बीमा योजना, बेरोजगारी भत्ता, रीपा, मुख्यमंत्री कर्ज माफी, सिंचाई कर माफी, महिला समूहों की ऋण माफी, सीएम आदिवासी परब सम्मान निधि, सीएम छत्तीसगढ़ी परब सम्मान निधि, कोदो कुटकी रागी खरीदी, नरवा-गरवा-घुरवा बारी, मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय, मुख्यमंत्री महतारी दुलार, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन, धरसा विकास, शहरी गरीबों को पट्टा एवं आवास, छत्तीसगढिय़ा ओलिंपिक, मुख्यमंत्री सुपोषण योजना को बंद किया। यह सरकार दुर्भावना वाली सरकार है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की विष्णुदेव सरकार 2 साल में विफल साबित हो गई। राज्य में भ्रष्टाचार और कुशासन का दौर हावी है। साय सरकार के 2 साल में विष्णु का सुशासन तो दूर विष्णु की सरकार कही नहीं दिख रही। कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो गयी। एसपी कलेक्टर कार्यालय जला दिया गया। हत्याओं का नया रिकॉर्ड बन गया। प्रदेश में मॉब लिचिंग शुरू हो गयी आरंग में दो लोगों की पीट-पीट कर हत्या हो गयी, कवर्धा में एक व्यक्ति को भीड़ के द्वारा जिंदा जला दिया गया, राजधानी में 6 बार गोली बारी हो गयी। गौ तस्करी की घटनाएं शुरू हो गयी। महिलाओं के प्रति अपराधों में बढ़ोतरी हो गयी, पोटाकेबिन में बच्ची की जलकर मौत, अबोध बच्ची मां बनी, नारायणपुर में मासूम बच्चियों से स्कूल में छेडख़ानी हो गयी। बलात्कार, सामूहिक बलात्कार की घटनायें बढ़ गयी। लूट, अपराध, डकैती, चाकूबाजी की घटनायें बढ़ गयी। अपराध और अपराधी बेलगाम हो चुके है। नक्सलवादी घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो गयी। नक्सली घटनायें बढ़ गयी, सरकार ने 2 साल में कोई घोषित नक्सल नीति नहीं बनाया। रोज नक्सली हत्यायें कर रहे सरकार बयान देने तक सीमित है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 18 लाख आवास देने का वादा था, दो साल में हितग्राहियो को मकान नहीं दे पाये। कांग्रेस राज में 7 किलो राशन मिलता था उसमें कटौती हो गयी। सरप्लस बिजली वाले छत्तीसगढ़ में बिजली कटौती शुरू हो गयी। जमीनों की रजिस्ट्री में जनता को लूटा जा रहा है। भूमि के गाईड लाईन के दर में 30 प्रतिशत के छूट को समाप्त कर दिया, गाईडलाईन की दर 800 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया। लेकिन रजिस्ट्री फीस में 4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी को नहीं हटाया गया। भाजपा के दो साल में किसान आत्महत्या दौर चालू हो गया। किसान आत्महत्या कर रहे राजनांदगांव, बस्तर, बिलासपुर, महासमुंद हर जगह से किसानों की आत्महत्या की खबरे आ रहा।
भिलाई / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार की नई जमीन गाइडलाइन से प्रदेशभर में मचे आक्रोश के बीच भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापारियों पर किए गए बल प्रयोग और लाठीचार्ज को “तानाशाही रवैया” करार देते हुए कड़ी निंदा की है।
विधायक ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे व्यापारियों और आम नागरिकों पर लाठियाँ बरसाना लोकतंत्र का दमन है और भाजपा सरकार जनभावनाओं को दबाने का प्रयास कर रही है।
विधायक यादव ने इसकी विरोधस्वरूप 4 दिसंबर को महात्मा गांधी चौक, दुर्ग में सुबह 9 बजे से एकदिवसीय भूख-हड़ताल करने की घोषणा की है। उन्होंने मांग रखी कि राज्य सरकार तुरंत जमीन की नई गाइडलाइन को वापस ले, क्योंकि इसके लागू होते ही भूमि की कीमतों में 5 से 6 गुना तक की वृद्धि देखी जा रही है, जिससे रियल एस्टेट व्यवसाय, गृह निर्माण की योजना बना रहे परिवार और आम जनता सभी पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
प्रदेशभर के रियल एस्टेट कारोबारी और जमीन से जुड़े हितग्राही लगातार जिला स्तर पर विरोध दर्ज करा रहे हैं। प्रदर्शनकारी इसे सरकार का अत्यंत जनविरोधी फैसला बता रहे हैं।
विधायक देवेंद्र यादव ने कहा—
“व्यापारियों और जनता पर लाठीचार्ज सरकार के कुशासन की तस्वीर है। सरकार जनता की आवाज़ कुचलने की कोशिश कर रही है, लेकिन हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।”
नई गाइडलाइन के विरोध में आंदोलन तेज होता जा रहा है और 4 दिसंबर की भूख-हड़ताल इस मुद्दे पर बड़ा राजनीतिक संदेश देने वाली मानी जा रही है।
धान खरीदी केंद्रों में किसानों से हो रही है अवैध वसूली, बारदाना की कमी, टोकन नहीं मिल रहा
रायपुर / शौर्यपथ / धान बेचने वाले किसानों को बढ़ी हुई समर्थन दर 186 रु मिलाकर 3286 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान करने की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि धान खरीदी शुरू हुए 15 दिन हो गया है। लेकिन खरीदी केंद्रों में व्याप्त समस्याओं को सुधारने में सरकार नाकाम रही है। जो धान बेच चुके है उन्हें धान का समर्थन मूल्य 2369 रु एवं 2388 रु की दर से भुगतान किया जा रहा है। जबकि किसानों को वादानुसार 3100 रु प्रति क्विंटल + बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य 186 रु मिलाकर 3286 रु क्विंटल की दर से भुगतान किया जाना था। किसान आज भी पंजीयन नही होने से परेशान है। एग्रीटेक स्टेक पोर्टल में किसानों का डाटा नहीं मिल रहा है। जिसके चलते पंजीयन नहीं हो रहा है। धान खरीदी केंद्रों में नया बारदाना नहीं मिल रहा है। पुराना फटा बारदाना किसानों दिया जा रहा है। किसानों से धान भराई की 7.50 रु क्विंटल दर से अवैध वसूली हो रही है। मोदी की गारंटी के तहत किसी भी ग्राम पंचायत में नगद भुगतान केंद्र शुरू नहीं हुआ है। धान खरीदी पूरी तरह से चरमरा गई है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों से वादा अनुसार 21 किवंटल प्रति एकड़ धान खरीदना नहीं चाहती है इसीलिए धान खरीदी में व्यवधान उत्पन्न करने के लिए नया-नया षड्यंत्र रचा जा रहा है किसानों को परेशान किया जा रहा है। सरकार की नाकामी के चलते पिछले वर्ष की तुलना में चालू धान खरीदी वर्ष में 1,29,000 किसान कम पंजीकृत हुआ है पिछली साल की तुलना में 500000 हेक्टेयर रकबा काट दिया गया है। इस बार किसानों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले कमी हुई है धान का रकबा भी घटा है यह सीधा-सीधा किसानों को नुकसान पहुंचाने रचा गया षड्यंत्र है कांग्रेस पार्टी मांग करती है जिन किसानों का पंजीयन नहीं हुआ है उनका भी धान की सरकार खरीदे। प्रति क्विंटल 3286 रुपए की दर से भुगतान करें।
कांग्रेस करेगी इसके खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन
जमीन गाइडलाइन दरों का बढ़ाना जन विरोधी फैसला - दीपक बैज
रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जमीन गाइडलाइन दर में 10 से 100 प्रतिशत की गयी, बेतहाशा बढ़ोतरी सरकार तानाशाही पूर्ण फैसला है। इस फैसले से न सिर्फ जमीन का कारोबार खत्म होगा। गरीबों, किसानों, मध्यवर्गीय परिवार की जमीन खरीद कर मकान बनाने का सपना टूटा है। किसान खेती जमीन खरीद नहीं पाएगा, न ही जरूरत पर जमीन बेच पायेगा। भवन निर्माण कार्य बंद होगा, जिसका असर सीमेंट, स्टील, रेती, गिट्टी, ईटा, सेनेटरी, हार्डवेयर, बिजली समान, फर्नीचर सेक्टर पर भी मंदी आयेगी। भवन निर्माण कार्य में लगे कुशल अकुशल श्रमिक भी बेरोजगारी संकट से जूझेंगे। सरकार को भी राजस्व की हानि होगी। कांग्रेस सरकार के इस निर्णय के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 30 लाख की जमीन के लिए 22 लाख की स्टांप ड्यूटी कोई सरफिरि या तुनकमिजाज सरकार ही लगा सकती है। रायपुर शहर के आसपास ऐसी भी स्थिति बन गयी है कि अगर कोई 1000 फीट जमीन की खरीदी 6 लाख रु. में करता है तो उसे 4 लाख 40 हजार रु. रजिस्ट्री शुल्क चुकाना होगा, कुछ क्षेत्रों में रजिस्ट्री शुल्क और जमीन की कीमत एक बराबर होगी, कुछ क्षेत्रों में जमीन की कीमत से ज्यादा रजिस्ट्री शुल्क देना पड़ेगा। ऐसे गरीब आदमी मकान कैसे बनायेगा? तिनका तिनका जोड़कर और कर्ज लेकर जमीन खरीदने वालों को जमीन के साथ रजिस्ट्री के लिए भी कर्ज लेना पड़ेगा, फिर मकान बनाने पैसा कहाँ से इंतजाम करेगा?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यह निर्णय किसान विरोधी है इस निर्णय से किसान की जमीन नहीं बिकेगी, मान लो उसने जमीन बेच दिया जरूरत के खर्च के बाद जब वह दूसरी जमीन खरीदना चाहेगा तो उसे ज्यादा स्टांप ड्यूटी पटाना पड़ेगा। किसान न जमीन बेच पायेगा न खरीद पायेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जमीन की गाइड लाइन की दर बढ़ाने के पीछे सरकार का अपना भ्रष्टाचार का पैसा सफेद करना भी है। भाजपा सरकार के मंत्रियों ने तथा सरकार में बैठे सत्ताधीशों ने पिछ्ले दो सालों की भ्रष्टाचार की काली कमाई के पैसे को जमीनों की खरीदी में लगा दिया तथा काले धन की कमाई की सरकारी वैल्यू बढ़ाने गाइड लाइन की दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दिया, ताकि काली कमाई के कच्चे के पैसे से खरीदी गई जमीन की गाइड लाइन दर बढ़ने के बाद मंहगी कीमत में बिक्री हो और उस पर प्रॉपर्टी गेन टेक्स पटा कर भ्रष्टाचार के पैसे को नम्बर एक करवा लिया जाय। जमीन की गाइड लाइन की दर बढ़ाने के पीछे अपनी काली कमाई को सफेद करने का खेल हुआ है। सत्ता में बैठे किस नेता ने दामा खेड़ा के आगे बेमेतरा जिले 300 एकड़ जमीन लिया है, किसने नवा रायपुर के आगे गांव में 275 एकड़ जमीन खरीदा है, यह प्रदेश का बच्चा जानता है। इस पूरी खरीदी की जांच हो जाय तो जमीनों के गाइड लाइन दर बढ़ने की हकीकत सामने आ जाएगी।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
