August 26, 2026
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    राजनीति

    राजनीति (1230)

    मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को भाजपा ने गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से उम्‍मीदवार घोषित किया है. बीजेपी ने ही उत्तर प्रदेश में सबसे पहले 15 जनवरी को अपना सीएम उम्मीदवार घोषित किया था. यूपी में विधानसभा चुनाव सात चरणों में हो रहा है. गोरखपुर में छठे चरण में तीन मार्च को मतदान होना है.

    गोरखपुर /शौर्यपथ/

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को यानी आज गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. आज वो सुबह साढ़े 11 के आसपास अपना परचा भरेंगे. भारतीय जनता पार्टी के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रभारी बच्चा पांडे ने बुधवार को बताया था कि नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान मुख्यमंत्री योगी के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी रहेंगे. उन्होंने बताया था कि योगी बृहस्‍पतिवार को गोरखपुर पहुंचेंगे और शुक्रवार दोपहर, मुख्यमंत्री गोरखपुर क्लब में मतदाता जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करेंगे और नेपाल लॉज में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे. पांडे ने बताया कि मुख्‍यमंत्री शनिवार को मोहद्दीपुर गुरुद्वारा में सिख समुदाय को संबोधित करेंगे.

    जानकारी है कि योगी के परचा भरने से पहले इन चुनावों में पार्टी के स्टार कैंपेनर अमित शाह गोरखपुर के महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करेंगे.

     

     

    यह वही पूजा शुक्ला हैं जिन्होंने साल 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफिले में काले झंडे दिखाए थे और बाद में उन्हें 26 दिन के लिए जेल में भी रहना पड़ा था.

    लखनऊ /शौर्यपथ/

    उत्तरप्रदेश में चुनावी सरगर्मियां तेज हैं. इसी बीच समाजवादी पार्टी की लखनऊ उत्तर से उम्मीदवार पूजा आपको बता दें कि यह वही पूजा शुक्ला हैं जिन्होंने साल 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफिले में काले झंडे दिखाए थे और बाद में उन्हें 26 दिन के लिए जेल में भी रहना पड़ा था. इसके बाद उन्हें इसी कारण से लखनऊ यूनिवर्सिटी ने एडमिशन देने से मना कर दिया. उन्होंने भूख हड़ताल की, जिसके बाद उन्हें एडमिशन मिला. पूजा ने कहा कि उनका आंदोलन साल 2017 में नहीं बल्कि इससे पहले से ही चल रहा है. वह समय समय पर अहम मुद्दों पर आवाज उठाती रही हैं.

    पूजा ने कहा, "मैं साल 2012 से ही अहम मुद्दों पर बात करती रही हूं, बस फर्क इतना है कि उस समय सरकारें मुकदमा नहीं चलाया करती थीं, तब सरकार वाद-विवाद और संवाद पर भरोसा करती थी. साल 2017 में लगातार विश्वविद्यालय में फीस बढ़ रही थी और हम अपने वाइस चांसलर से कह रहे थे कि अगर आप इसी तरह से फीस बढ़ाते रहेंगे तो जो बच्चे गरीब परिवार से आते हैं वो यह लाखों की फीस कैसे चुका पाएंगे. उनका कहना था कि सरकार फंड नहीं दे रही है. तब हमने उन्हें सुझाव दिया कि हम आंदोलन कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने इस में हमारा साथ नहीं दिया."

     

    आज भाजपा के प्रचार वीडियो को जारी करते हुए योगी ने कहा कि 1947 और 2017 के बीच, उत्तर प्रदेश कई सूचकांकों में देश में छठे या सातवें स्थान पर आता था, लेकिन भाजपा सरकार ने अर्थव्यवस्था को दूसरे स्थान पर पहुंचाने में मदद की.

    लखनऊ /शौर्यपथ/

    आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टियां जनता को लुभाने में जुटी हैं. इसी बीच उत्तरप्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया है कि उनकी पार्टी ने पिछले पांच सालों में बहुत काम किया है. आज भाजपा के प्रचार वीडियो को जारी करते हुए उन्होंने कहा कि 1947 और 2017 के बीच, उत्तर प्रदेश कई सूचकांकों में देश में छठे या सातवें स्थान पर आता था, लेकिन भाजपा सरकार ने अर्थव्यवस्था को दूसरे स्थान पर पहुंचाने में मदद की. उन्होंने कहा, "मैं इस बात पर प्रकाश डालना चाहता हूं कि जो दशकों में नहीं किया जा सका वह सिर्फ 5 वर्षों में किया गया है. आज, यूपी भारत में दूसरे स्थान पर है."

    यह कहते हुए कि उनकी सरकार ने अपने सभी प्रमुख उद्देश्यों को प्राप्त कर लिया है और लोगों के प्रति अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाया है, उन्होंने आगे कहा, “पिछले दो साल न केवल यूपी के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए कोविड महामारी के कारण चुनौतीपूर्ण रहे. यह खतरा केवल जीवन के लिए नहीं था, बल्कि आजीविका के लिए भी था, लेकिन मैं देश का नेतृत्व करने और इसकी मदद करने के लिए प्रधान मंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने इस चुनौती से उभरने में मदद की."

    मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा, "मैं भारत के लोगों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के लोगों को बधाई और धन्यवाद देना चाहता हूं कि वे आगे आए और वैक्सीन ली, जो हमें आगे बढ़ने और मजबूत बनाने में सक्षम साबित हुई है."

    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की 70% आबादी का अब टीकाकरण किया जा चुका है. आदित्यनाथ ने कहा, "यूपी वह राज्य भी है जिसने भारत में सबसे अधिक कोविड परीक्षण किए हैं और इस महामारी के साथ भारत की लड़ाई में एक नेता के रूप में उभरा है."

    उन्होंने कहा, "मैं यह दोहराना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश की इस सरकार ने राज्य को आगे ले जाने और लोगों की जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ यूपी के विकास में मदद करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम किया है."

    आदित्यनाथ ने 2017 के चुनाव में भाजपा की जीत के बाद मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था. वे अब सत्ता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण चुनाव का सामना कर रहे हैं. अखिलेश यादव की अगुवाई वाली समाजवादी पार्टी भाजपा के लिए मुख्य चुनौती के रूप में उभरी है.

     

     

    लखनऊ /शौर्यपथ/

    उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने मंगलवार को उम्मीदवारों की नौंवी लिस्ट जारी की है. इसमें 17 उम्मीदवारों के नाम शामिल किए गए हैं. लखनऊ की सभी 9 सीटों पर भी उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया गया है. पार्टी ने अब तक 215 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है.समाजवादी पार्टी के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव और भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी के बेटे मयंक जोशी दोनों को ही टिकट नहीं दिया गया है. वहीं अब भी करीब 50 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा होनी बाकी है. मंत्री स्वाति सिंह का इस बार टिकट काटा गया है. उनकी जगह ईडी के पूर्व अधिकारी राजेश्वर सिंह को सरोजिनी नगर से उम्मीदवार बनाया गया है. वहीं स्वाति सिंह के पति को भी टिकट नहीं दिया गया है. दोनों ही पार्टी से टिकट की मांग कर रहे थे.

    बीजेपी द्वारा जारी नई लिस्ट के अनुसार महोली से शशांक त्रिवेदी, सिधौली (अजा) से मनीष रावत, भगवन्तनगर से आशुतोष शुक्ला, सीतापुर सीट से राकेश राठौर गुरु, मलिहाबाद (अजा) से जया देवी, सरोजनी नगर से राजेश्वर सिंह, बक्शी का तलब से योगेश शुक्ला, लखनऊ पश्चिम से अंजनी श्रीवास्तव, लखनऊ उत्तर से डॉ.नीरज बोरा, लखनऊ पूर्व से आशुतोष टंडन “गोपाल”, लखनऊ मध्य से रजनीश गुप्ता, लखनऊ कैंट से बृजेश पाठक, मोहनलालगंज (अजा) से अमरेश कुमार, ऊंचाहार से अमरपाल मौर्य, गौरीगंज से चंद्रप्रकाश मिश्रा मटियारी, जहानाबाद सीट से राजेंद्र पटेल और चित्रकूट सीट से पार्टी ने चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय को टिकट दिया है.

     

    गोवा /शौर्यपथ/

      इससे पहले ही शिव सेना सांसद संजय राउत सभी विपक्षी दलों से यह अपील कर चुके हैं कि बीजेपी से टिकट नहीं मिलने की सूरत में उत्पल के समर्थन में सभी दल उनका समर्थन करें, ताकि उनकी जीत सुनिश्चित हो सके.


    गोवा  के दिवंगत मुख्यमंत्री, भूतपूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता मनोहर पर्रिकर  के बेटे उत्पल पर्रिकर  का समर्थन करने के लिए शिव सेना  ने पणजी सीट  से अपना उम्मीदवार वापस ले लिया है. बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के बाद उत्पल वहां से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं.

    इससे पहले ही शिव सेना सांसद संजय राउत सभी विपक्षी दलों से यह अपील कर चुके हैं कि बीजेपी से टिकट नहीं मिलने की सूरत में उत्पल के समर्थन में सभी दल उनका समर्थन करें, ताकि उनकी जीत सुनिश्चित हो सके.

    संजय राउत ने महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे को टैग करते हुए एक ट्वीट में कहा, "हम अपनी बात पर अटल हैं. शिवसेना पणजी से अपने उम्मीदवार शैलेंद्र वेलिंगकर को वापस ले रही है. इतना ही नहीं, हमारे कार्यकर्ता उत्पल पर्रिकर का पूरा समर्थन करेंगे. हमारा मानना ​​​​है कि पणजी की लड़ाई सिर्फ चुनाव के लिए नहीं है, बल्कि गोवा की राजनीतिक शुद्धि के बारे में भी है."

    राउत के ट्वीट में उत्पल पर्रिकर के एक ट्वीट का एक उद्धरण भी शामिल किया गया है, जिसमें उत्पल ने अटानासियो बाबुश मोनसेरेट को चुनने के लिए बीजेपी पर निशाना साधते हुए लिखा है, "आप स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर के प्रतिनिधित्व वाले निर्वाचन क्षेत्र में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को टिकट देंगे?"

     

     

    शाह ने एक कार्यक्रम के दौरान जनता को संबोधित करते हुए कहा, 'अखिलेश यादव और जयंत चौधरी मतगणना तक साथ हैं. यदि उनकी (सपा) सरकार बनती है, तो आजम खान (उनकी सरकार में) बैठेंगे और जयंत भाई बाहर हो जाएंगे.

    मुजफ्फरनगर /शौर्यपथ/

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में चुनाव प्रचार कर रहे हैं. इससे एक दिन पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के जयंत चौधरी के साथ यहां भाजपा पर तीखा निशाना साधा था. यादव ने कैराना से हिंदुओं के पलायन के भाजपा के चुनावी मुद्दे और जयंत चौधरी को भाजपा के चुनाव बाद गठबंधन की पेशकश को यह कहते हुए खारिज कर दिया था, "उनका निमंत्रण कौन स्वीकार कर रहा है? कल्पना कीजिए कि उनकी कैसी हालत हो रखी है कि जिसकी वजह से उन्हें साथ आने के लिए न्योता देने को मजबूर होना पड़ रहा है. चौधरी ने भी पहले यह कहते हुए प्रस्ताव को खारिज कर दिया था कि वह "चवन्नी" नहीं हैं कि वह इतनी आसानी से पलट जाएंगे.

    शाह ने एक कार्यक्रम के दौरान जनता को संबोधित करते हुए कहा, 'अखिलेश यादव और जयंत चौधरी मतगणना तक साथ हैं. यदि उनकी (सपा) सरकार बनती है, तो आजम खान (उनकी सरकार में) बैठेंगे और जयंत भाई बाहर हो जाएंगे. उनके उम्मीदवारों की सूची बता सकती है कि चुनाव के बाद क्या होगा.' उन्होंने अखिलेश यादव को भी चुनौती देते हुए कहा, ''अखिलेश बाबू को शर्म भी नहीं आती, कल उन्होंने यहां कहा था कि कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है. अखिलेश बाबू, आज मैं एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अपना आंकड़ा देने आया हूं, अगर आप में हिम्मत है, कल एक संवाददाता सम्मेलन में अपने शासन के आंकड़े घोषित करें.'

     

     

    छल, कपट, जुमला, वादाखिलाफी और गलतबयानी ही भाजपा का राजनैतिक चरित्र है
    रमन सरकार के दौरान किसानों के साथ अन्याय की समीक्षा और उचित समाधान कांग्रेस का संकल्प है

         रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 2006 और 2013 में पुनर्वास योजना के नाम पर रमन सिंह की सरकार ने नई राजधानी के किसानों को लगातार ठगा है। आपसी सहमति से तय किए गए पुनर्वास योजना को यदि ईमानदारी से लागू किया गया होता तो आज किसानों को आंदोलन नहीं करना पड़ता। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय नए रायपुर के किसान लगातार आंदोलनरत रहे, दिल्ली तक पदयात्रा की पर तत्कालीन रमन सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंगा, आज यही भाजपाई बेशर्मी से तथ्यहीन आरोप लगाकर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार किसानों की मांगों को लेकर बेहद गंभीर है, संवेदनशील है। रमन सरकार के दौरान नई राजधानी के किसानों से हुए अन्याय और अत्याचार की समीक्षा करने तथा किसानों की मांग पर चर्चा के लिए तीन वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों की कमेटी गठित किया गया है। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर और नगरीय निकाय मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया नई राजधानी क्षेत्र में 42 गांव के प्रभावित किसानों, किसान नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर उचित निर्णय लेंगे। नवा रायपुर के किसानों की समस्या, रमन सरकार के छल, कपट, जुमला और वादाखिलाफी का ही प्रमाण है।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि नवा रायपुर के आंदोलनरत किसानों की ज्यादातर मांगे पूर्ववर्ती रमन सरकार के दौरान 2006 और 2013 में तय किए गए पुनर्वास योजना के तहत आपसी सहमति के बाद रमन सरकार द्वारा किए गए छल, कपट के खिलाफ़ है। रमन सरकार के कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के चलते 14,000 करोड़ से अधिक की राशि बिना बसाहट के केवल रोड रास्तों में फूंका गया, कमर्शियल कांप्लेक्स जैसे निर्माण में लागत 5 गुना बताई गई, दो-दो मंजिल के बिल्डिंग में 4-4 लिफ्ट लगाते रहे पर किसानों को भुगतान के लिए हमेशा कोताही बरती गई। रमन सरकार ने 2011 से एनआरडीए का ऑडिट नहीं करवाया था जिसके कारण सीएजी की आपत्ति पर कई तरह के भुगतान पर रोक लगी है लेकिन अब कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ऑडिट की प्रक्रिया को आरंभ कर दिया है। रमन सरकार द्वारा नई राजधानी के प्रभावित 42 गांव में से केवल 2 गांव के किसानों को आवास दिया गया था वह भी फ्लैट। पुनर्वास नीति के अनुसार उद्यानिकी, आवासीय और व्यावसायिक भूखंड पात्रता अनुसार दिया जाना था। भाजपा यह बताएं कि किसान अपने मवेशी क्या तीसरे-चौथे फ्लोर में बांधेंगे? राज्य निर्माण के बाद कांग्रेस सरकार के समय के शिलान्यास स्थल चेरिया-पौता की जमीन भाजपा शासन द्वारा निजी संस्थान को दे दी गई। षड्यंत्र पूर्वक अनेकों भू-माफिया भाजपा नेताओं की जमीन को अधिग्रहण से बाहर रखा गया और बिना मुआवजा दिए ही किसानों की जमीन अधिग्रहित कर ली गई। भूपेश बघेल सरकार किसानों, किसान संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर उनकी मांगों के शीघ्र निराकरण के लिए प्रयासरत है।

    रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अवैध रेत उत्खनन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश देने का स्वागत करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद प्रदेश में रेत खदानों पर भर्राशाही चलानों वालों पर लगाम लगेगी। इससे राज्य के राजस्व में हो रही चोरी में भी लगाम लगेगी। रेतमाफ़िया पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सख्ती से भाजपाई बेचैन हो गई है। गैर कानूनी काम करने वालों पर जब-जब मुख्यमंत्री सख्ती करते है तब भाजपा तिलमिला क्यों जाती है? जब ड्रग माफिया पर कार्यवाही हुई थी तब भी भाजपा ने आपत्ति जताया था। जब हुक्का बार पर प्रतिबंध लगाया गया कड़े कानून बनाया गया तब भी भाजपा ने विरोध किया था? अपराधियों और माफियाओं पर अंकुश लगाने उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही से भाजपा परेशान क्यों हो जाती है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनाने के बाद से ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेत के अवैध उत्खन्न को प्रतिबंधित करने का आदेश दिया था तथा प्रदेश की रेत खदानों को छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अधीन किया गया इससे रेत उत्खन्न से राज्य के राजस्व में बढ़ोत्तरी हुयी। दूरस्थ क्षेत्रों में कहीं-कहीं पर चोरी हुये हो रहे अवैध उत्खन्न को रोकने के लिये मुख्यमंत्री आदेश का व्यापक प्रभाव होगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में रेतमाफियाओं द्वारा अवैध रूप से रेत के उत्खनन और परिवहन को लेकर आ रही खबरों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने राज्य के हित में रेत माफियाओं पर सख्ती से लगाम लगाने के निर्देश दिए हैं। तब भाजपा इस पर भी ओछी राजनीति करने से बाज नहीं आ रही।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री ने रेत उत्खनन के मामलें में जवाबदेही तय करके अपने कठोर और जनोन्मुखी शासन की नजीर प्रस्तुत किया है। किसी भी जिले से अवैध रेत उत्खनन की शिकायत मिलने पर कलेक्टर और एसपी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।  अवैध उत्खनन पर कार्रवाई नही होने पर जिले के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने अवैध उत्खनन रोकने कलेक्टर और एसपी को स्वयं मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं तो भाजपा को रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाते हुए इसका स्वागत करना चाहिए लेकिन वे रेतमाफ़िया के खिलाफ सख्ती को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के संरक्षण में प्रदेश में 15 सालों से रेत माफिया, भूमाफिया, कोल माफिया, नशा माफिया जैसे तमाम तरीके के माफिया सक्रिय हो गये थे। छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री बनने के बाद इन माफियाओं पर लगाम कसा गया है। 15 सालों तक मोटी काली कमाई करने वाले माफिया बीच-बीच में फिर सर उठाने की कोशि करते है। उनके दमन के लिये इस प्रकार के कड़े निर्देश और कार्यवाही आवश्यक है।

    रायपुर/ शौर्यपथ / भाजपा की कार्यसमिति की बैठक में भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी और नितिन नवीन के नहीं आने पर कांग्रेस ने तंज कसा। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि निकाय चुनाव में हार की शर्म से पुरंदेश्वरी नहीं आई। बस्तर के चिंतन शिविर में डी पुरंदेश्वरी ने छत्तीसगढ़ के ढाई करोड़ जनता के विश्वास प्राप्त मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के ऊपर भाजपा कार्यकर्ताओं को थूकने का प्रेरित किया था। इसका करारा जवाब छत्तीसगढ़ के 15 निकाय के चुनाव में जनता ने भाजपा को हरा कर दे दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के 3 साल के कार्यकाल के बाद छत्तीसगढ़ में भाजपा मुद्दाविहीन हो चुकी है। मुद्दों के दिवालियापन के दौर से गुजर रही है। डी पुरंदेश्वरी और भाजपा के नेता छत्तीसगढ़ की शांत धरा को अशांत करने के लिए धर्म से धर्म को लड़ा कर, जाति से जाति को लड़ा कर वैमनस्यता फ़ैलाने रणनीति बनाई थी। उस पर मुंह की खानी पड़ी है।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के नेतृत्व में नगरीय निकाय चुनाव लड़ी और चारो खाना चित्त हो गई। 15 निकायों के चुनाव में भाजपा की करारी हार हुई। डी पुरंदेश्वरी जो बड़ी-बड़ी दावा कर रही थी खुद को हंटर वाला बता रही थी उसके हंटर से पूर्व के रमन सरकार के कमीशनखोर मोटी चमड़ी वाले  भाजपा नेताओं पर कोई फर्क नही पड़ा। डी पुरंदेश्वरी इस बात को भूल गई की राज्य निर्माण के वक्त भाजपा के नेताप्रतिपक्ष चुनने आए प्रभारी को एकात्म परिसर में भाजपा नेताओं के गुंडागर्दी से बचने टेबल के नीचे छिपकर अपनी जान बचाना पड़ा था। ऐसे मोटी चमड़ी वाले मठाधीश नेताओं के आगे डी पुरंदेश्वरी का हंटर भी कोई काम का नहीं रहा।

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ भाजपा के नेता हमेशा से छत्तीसगढ़ विरोधी कृत्यों में लगे हुए हैं। मोदी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के साथ जो भेदभाव किया जा रहा है सौतेला व्यवहार की जा रही हैं उस पर मौन हैं और छत्तीसगढ़ की जनता भाजपा के प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी उनके केंद्रीय नेता और छत्तीसगढ़ भाजपा नेताओं के चरित्र को पहचान चुकी है। ऐसे में नगरीय निकाय चुनाव में मिली करारी हार के बाद भाजपा के प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी जो छत्तीसगढ़ के सरकार को थूकने कर बहा देने का दावा कर रही थी वह किस मुंह से छत्तीसगढ़ आएंगी। छत्तीसगढ़ में वैमनस्यता फैलाने वाले छत्तीसगढ़ को अपमानित करने वालो को माफ नहीं करती और छत्तीसगढ़ की जनता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के साथ में खड़ी हुई है।

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