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हैदराबाद /शौर्यपथ/
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले राष्ट्रीय स्तर पर संघीय मोर्चा बनाने की कवायद तेज होती नजर आ रही है. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के हैदराबाद स्थित कैंप कार्यालय में संघीय मोर्चे को आकार देने की कोशिशें चल रही हैं.
मगलवार को राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ केसीआर से मुलाकात करने आए. बैठक के दृश्य क्षेत्रीय दलों के नेताओं के बीच आपसी भरोसे एवं सम्मान कायम करने के प्रयासों और आत्मीयता की कहानी व्यक्त करते हैं, जो राष्ट्रीय पार्टियों खासकर बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने की उम्मीद कर रहे हैं.
केसीआर ने तेजस्वी यादव के पिता और आरजेडी के दिग्गज नेता लालू यादव को फोन कर न सिर्फ उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा बल्कि उनसे एक्टिव पॉलिटिक्स में वापस आने और राष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभाने का आग्रह भी किया. उन्होंने जोर दिया कि लालू का अनुभव और मार्गदर्शन किसी भी नए मोर्चे के लिए अमूल्य होगा.
कहा जा रहा है कि लालू यादव ने केसीआर को धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताकतों का गठबंधन तैयार करने के प्रयासों के लिए उन्हें बधाई दी, जिसे वह "बीजेपी मुक्त भारत" कहते हैं. उन्होंने कथित तौर पर केसीआर को याद दिलाया कि उन्होंने (लालू यादव) अलग तेलंगाना राज्य के लिए अपने समर्थन की घोषणा की थी और इसे हकीकत बनाने के लिए केसीआर के नेतृत्व तथा संघर्ष पर भी बात की.
तेजस्वी यादव बिहार के पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी और राजद के अन्य नेताओं सुनील सिंह और भोला यादव के साथ स्पेशल फ्लाइट से हैदराबाद पहुंचे थे. सूत्रों ने कहा कि नेताओं ने सहमति जताई है कि साथ आने, हाथ मिलाने और बीजेपी को हराने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार करना जरूरी है.
मीटिंग में केसीआर के बेटे और तेलंगाना के आईटी मंत्री केटी रामा राव और केसीआर के भतीजे एवं राज्यसभा सांसद जोगिनपल्ली संतोष भी मौजूद थे.
केसीआर ने रविवार को सीपीआई और सीपीएम के राष्ट्रीय नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की थी. वाम नेता एक पार्टी सम्मेलन के लिए हैदराबाद आए थे.
छत्तीसगढ़ की औसत बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से 5.6 प्रतिशत कम
रोजगार सृजन में केंद्र सरकार से कई कदम आगे छत्तीसगढ़
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ देश में सबसे कम बरोजगार दर वाले राज्यों में है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी द्वारा जारी किए गए बेरोजगारी के आंकड़ों के अनुसार देश में बेरोजगारी दर 7.7 प्रतिशत है। भूपेश सरकार ने अपनी उत्कृष्ठ नीतियों से बेरोजगारी दर को केवल 2.1 प्रतिशत पर समेट रखा है। देश की बेरोजगारी दर दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2021 में बेरोजगारी दर 6.52 प्रतिशत थी, नवम्बर तक यह 7 प्रतिशत हो गयी और सिर्फ 1 महीने में 0.7 प्रतिशत बढ़कर 7.7 प्रतिशत हो गयी है। केवल उद्योगपतियों की तिजोरी भरने वाली केंद्र सरकार ने लाखों लोगों को बेरोजगार कर दिया है। छत्तीसगढ़ में रमन सिंह के समय 2018 में बरोजगारी दर 22 प्रतिशत थी जो वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विस्वसनीय छत्तीसगढ़ मॉडल में राज्य की बेरोजगारी दर 2.1 प्रतिशत पर है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार को छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार से रोजगार सृजन की तालीम लेनी चाहिए। हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का फर्जी ऐलान करने वाली मोदी सरकार देश के सामने बेपर्दा हो चुकी है और रोजगार के मामले में भी छत्तीसगढ़ मॉडल ने बाजी मार ली है। झूठ और आडंबर को ही राजनीति समझने वाली मोदी सरकार जब से सत्ता में आई है,रोजगार के विषय में सोचना छोड़कर केवल लफ्फाजी करने में लगी है। छत्तीसगढ़ में 15 साल में भाजपा द्वारा बर्बाद किये जा चुके आर्थिक ढांचे को दुरुस्त करने के लिए भूपेश सरकार ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया है जिससे रोजगार बढ़ रहा है। प्रदेश का किसान केवल 3 सालों में ही कर्ज से मुक्त होकर आर्थिक मजबूती को पा चुका है साथ ही मनरेगा द्वारा रोजगार उपलब्ध कराने में भी राज्य पूरे देश में अव्वल रहा है। नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी, गोधन न्याय योजना से रोजगार के अवसर बढ़ें। 2018 में प्रदेश में कुपोषण के आंकड़े 37.7 प्रतिशत थे जो राष्ट्रीय औसत 35.8 से लगभग 2 प्रतिशत अधिक था। विगत 3 वर्षो में छत्तीसगढ़ में 60 हजार से अधिक बच्चे कुपोषण से मुक्त हुये है। 6.4 प्रतिशत सुधार के साथ अब छत्तीसगढ़ में कुपोषण के आंकड़े राष्ट्रीय औसत से लगभग 1 प्रतिशत कम है। गौठानों में महिला स्व सहायता समूहों द्वारा गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद और तरह-तरह के उत्पाद बनाकर बाजार में बेचे जा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निकाली जा रही हज़ारों सरकारी भर्तियां, कृषि के क्षेत्र में प्रदेश में लगभग 4 लाख हेक्टयर कृषि रकबा बढ़ा है, 6 लाख 66 हजार पंजीकृत किसान बढ़े है, कृषि के बाद रोजगार उत्तपन्न करने वाले सेक्टर रियलस्टेट में छोटे भूखण्डो की रजिस्ट्री आरंभ करने और गाईडलाइन दरों में 30 प्रतिशत की कमी से मजबूती आयी है, लगभग 80 हजार से अधिक महिलाओं को गोठान समिति के माध्यम से जोड़कर सीधे तौर पर रोजगार उपलब्ध कराया है। गौठानों में रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क और वनांचल में वनोपजो के वैल्यू एडिसन और मार्केटिंग की व्यवस्था से नये रोजगार सृजित हुये है। नयी उद्योग नीति 2019 से 2024 के माध्यम से आउटसोर्सिंग बंद कर स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किये जा रहे है। प्रदेश में हो रहे औद्योगिक निवेश और ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों में हो रहा नकदी प्रवाह शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए-नए अवसर पैदा कर रहा है।शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग द्वारा निःशुल्क ई-पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है जिससे पंजीकृत युवाओं को राज्य शासन द्वारा आमंत्रित निविदाओं में भाग लेकर ठेकेदारी करने का अवसर मिल रहा है।काँग्रेस सरकार की नीतियों के कारण राज्य में 1564 नई औद्योगिक इकाईयाँ स्थापित हुई हैं, जिसमें 18 हजार 882 करोड़ रूपए से अधिक का पूंजी निवेश होने के कारण 30 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध हुआ है। 52 वनोपजों के संग्रहण और उनके वैल्यू एडिशन के कारण आदिवासी क्षेत्रों में भी निरंतर रोजगार पैदा हो रहे हैं और आर्थिक उन्नयन हो रहा है। भूपेश सरकार की नीतियों की मज़बूती को समझने के लिए इतना ही काफी है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की महिलाओं ने छत्तीसगढ़ के पहले रेडीमेड ब्राण्ड क्।छछम्ग् की स्थापना की है और फैक्ट्री का संचालन भी कर रही हैं। खादी और हथकरघा उद्योग में उत्पादन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने सभी शासकीय विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि केवल हथकरघा सहकारी संघ व खादी बोर्ड द्वारा निर्मित सामग्रियों की ही खरीदी की जाए। भूपेश सरकार की अभूतपूर्व और उत्कृष्ट नीतियों के कारण रोजगार सृजन में छत्तीसगढ़ शीर्ष राज्यों में है।
राजनीति /शौर्यपथ/
कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने अपने 'हाउज द जोश' ट्वीट पर सफाई देते हुए कहा कि वह उनका ट्वीट सुरक्षा में चूक के बारे में मजाक नहीं था.
पंजाब दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले में राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है. बीजेपी ने प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में चूक की घटना को "साजिश" करार देते हुए पंजाब की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
कांग्रेस ने इस पर चुटकी ली, जिसमें कांग्रेस के एक नेता का विवादित ट्वीट 'How's the Josh' भी शामिल था. इस ट्वीट पर केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने तीखी प्रतिक्रिया दी.
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने फिल्म "उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक" के एक लोकप्रिय डायलॉग का हवाला देते हुए अपने पोस्ट में लिखा, "मोदीजी, हाउज द जोश?"
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, "किस बात का उत्सव है उनका... किस बात का जोश है... देश के प्रधानमंत्री को मौत की कगार पर ले गए थे."
उन्होंने सवाल किया, ‘‘किस बात का इंतजार कर रही थी कांग्रेस की सरकार पंजाब में? शायद इसीलिए लौटते वक्त प्रधानमंत्री ने चन्नी जी (मुख्यमंत्री) के लिए संदेश दिया कि ‘जिंदा लौट रहा हूं'.''
कोरिया /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में बीजेपी ने कांग्रेस को जोर का झटका दिया है। यहां बैकुंठपुर नगर पालिका में बहुमत के बाद भी कांग्रेस अपना नगर पालिका अध्यक्ष नहीं बना सकी है। इस सीट पर बीजेपी की नविता शिवहरे को जीत मिली है। चुनाव परिणामों में यहां कांग्रेस के 11, बीजेपी के 7 और 2 अन्य उम्मीदवार चुनाव जीत के आए थे। परिणामों के बाद ये लगभग तय था कि कांग्रेस अपना नगर पालिका अध्यक्ष बनाएगी। मगर आखिरी समय में बाजी पलट गई।
23 नवंबर को कोरिया जिले के बैकुंठपुर नगर पालिका के परिणाम घोषित किए गए थे, जिसके बाद अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन शनिवार को हुए। शनिवार को ही परिणाम जारी कर दिए गए, लेकिन जो परिणाम आए उसके बाद कांग्रेसी भी हैरान रह गए।
टाई के बाद बीजेपी के पक्ष में गया फैसला
अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस ने साधना जायसवाल को उम्मीदवार बनाया था। वहीं बीजेपी ने नविता शिवहरे को मैदान में उतारा था। शनिवार को जब परिणाम आए तो दोनों को 10-10 वोट मिले। मुकाबला टाई हो गया। फिर फैसला पर्ची निकालकर किया गया। जिसमें बीजेपी प्रत्याशी नविता शिवहरे को जीत मिली है। नविता वार्ड नंबर 12 से पार्षद चुनी गई हैं।
कांग्रेस की मुर्शरत जहां ने की क्रॉस वोटिंग
बताया जा रहा है कि वार्ड नंबर 11 से मुर्शरत जहां कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीत कर आई थीं। इसीलिए उनके पति आफताब अहमद की मांग थी कि कांग्रेस मुर्शरत जहां को ही नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतारे। मगर कांग्रेस ने साधना जायसवाल को मैदान में उतार दिया। इसी बात से नाराज मुर्शरत जहां ने आखिर समय में बगावत कर दी और क्रॉस वोटिंग की।
नतीजा ये रहा कि कांग्रेस के पक्ष में सिर्फ 10 वोट ही पड़े। यह भी बताया गया है कि आफताब ने चुनाव के कुछ दिन पहले ही कांग्रेस जिला अध्यक्ष नजीर अजहर से भी मुलाकात की थी और मुर्शरत को उम्मीदवार बनाने की मांग की थी। इसके बावजूद कांग्रेस पदाधिकारियों ने अपना फैसला नहीं बदला। कांग्रेस से बगावत करनी वाली पार्षद मुर्शरत जहां और उनके पति आफताब अहमद बीजेपी में शामिल हो गए हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी
इधर, जब शनिवार को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए और परिणाम आए तो कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं नारेबाजी करने लगे। उन्होंने कांग्रेस जिला अध्यक्ष नजीर अजहर के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। फिलहाल इस पर अभी कांग्रेस के किसी सीनियर नेता का बयान सामने नहीं आया है। बैकुंठपुर नगर पालिका में इससे पहले कांग्रेस का ही कब्जा था
चरचा में कांग्रेस की नगर पालिका अध्यक्ष चुनी गईं
कोरिया के बैकुंठपुर नगर पालिका के अलावा चरचा नगर पालिका के अध्यक्ष के लिए मतदान हुआ। यहां कांग्रेस की लालमुनी यादव ने बीजेपी के अरुण कुमार जायसवाल को हरा दिया। कांग्रेस को यहां 10 वोट और बीजेपी को 05 मिले। चुनाव परिणामों में कांग्रेस ने यहां 08 पार्षद, बीजेपी के 05 और 2 निर्दलीय पार्षद चुनाव जीतकर आए थे।
- अपराधियों की शरणस्थली बन गया है मध्यप्रदेश
- कवर्धा में प्रायोजित हिंसा फैलाने के बाद धर्मसंसद में विवादित बयान के जरिये अशांति फैलाने का षड्यंत्र रच रही भाजपा
दुर्ग । शौर्यपथ । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने संत कालीचरण की गिरफ्तारी के मामले में भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया पर तीखा पलटवार किया है। राजेंद्र ने कहा कि मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति करना दुर्भाग्यजनक है। नरोत्तम मिश्रा के बयान से साफ झलक रहा है कि वे कालीचरण को संरक्षण देने का काम कर रहे हैं।
राजेंद्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक अपराधी को मध्यप्रदेश से पकड़ा था जिसका बाद में एनकाउंटर कर दिया गया। उस समय नरोत्तम मिश्रा ने कोई बयान नहीं दिया, क्योंकि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार होने के कारण इस मामले में हुई कार्रवाई से नरोत्तम मिश्रा सहित अन्य भाजपा नेता तिलमिला गए हैं।
राजेंद्र ने सवाल किया कि अपराधी विकास दुबे से लेकर महात्मा गांधी को अपशब्द कहने वाले कालीचरण तक सारे अपराधी मध्यप्रदेश में ही शरण क्यों ले रहे हैं। क्या मध्यप्रदेश अपराधियों की शरणस्थली बन गई है। कहीं ऐसा तो नहीं कि भाजपा के इशारे पर ही कालीचरण ने बापू के खिलाफ बयान दिया है। नरोत्तम मिश्रा सहित भाजपा नेता गोडसे को मानने वाले हैं। इसी कारण वे कालीचरण को प्रश्रय दे रहे हैं।
राजेंद्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार ने युवाओं को रोजगार दिया है। किसानों आदिवासियों, मजदूरों, महिलाओं की आमदनी बढ़ाने का काम सफलता पूर्वक किया है। लेकिन भूपेश सरकार द्वारा कराए जा रहे समग्र विकास से भाजपा को तकलीफ हो रही है। छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों से घटे घटनाक्रमों से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा को छत्तीसगढ़ के विकास और गरीबों, आदिवासियों, किसानों के हित में लिए गए फैसले रास नहीं आ रहे हैं।
राजेंद्र ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा हरेक नागरिक के खाते में 15 लाख, महंगाई कम करने, हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देने जैसे वादों को पूरा करने में विफलता को छुपाने के लिए देश में गलत बयानबाजी कर अशांति का माहौल पैदा कर रहे हैं। कवर्धा में प्रायोजित तरीके से हिंसा फैलाने के बाद अब रायपुर में धर्मसंसद के आयोजन में महात्मा गांधी के खिलाफ की गई घृणित बयानबाजी से राज्य में हिंसा और अशांति फैलाने की साजिश भाजपा द्वारा रची जा रही है। भाजपा के इन हथकंडों को पूरा देश अच्छी तरह समझ रहा है। देश और प्रदेश की समझदार जनता भाजपा के मंसूबे कभी पूरे नहीं होने देगी।
बीजेपी ने कांग्रेस के पूर्व दिग्गज नेता अमरिंदर सिंह के साथ गठबंधन किया है, जिन्होंने पिछले महीने पांच दशक पुराने कांग्रेस से अपने रिश्ते को तोड़ दिया और अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस लॉन्च की है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
पंजाब में विधान सभा चुनावों से पहले सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है. उसके दो विधायकों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. उनमें से एक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद प्रताप सिंह बाजवा के छोटे भाई फतेह जंग सिंह बाजवा हैं. फतेह सिंह बाजवा कादियां से विधायक हैं. अब इस निर्वाचन क्षेत्र में दोनों भाइयों के बीच चुनावी लड़ाई देखने को मिल सकती है. प्रताप बाजवा कथित तौर पर यहां से चुनाव लड़ने के लिए उत्सुक हैं.
हाल ही में एक रैली में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने फतेह बाजवा को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया था. हालांकि, उस घोषणा के तुरंत बाद, प्रताप सिंह बाजवा ने भी स्पष्ट कर दिया था कि उनकी भी उसी सीट पर दिलचस्पी है. सूत्रों का कहना है कि यह अनुमान लगाते हुए कि वह अपने बड़े भाई से चुनावी रेस हार सकते हैं, फतेह जंग बाजवा ने बीजेपी में शामिल होने का विकल्प चुना है.
बीजेपी में शामिल होने वाले दूसरे कांग्रेस विधायक बलविंदर सिंह लड्डी हैं जो हरगोबिंदपुर से विधायक हैं. इनके अलावा अकाली दल के पूर्व विधायक गुरतेज सिंह गुढियाना, यूनाइटेड अकाली दल के पूर्व सांसद राजदेव सिंह खालसा और पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त एडीसी और एडवोकेट मधुमीत भी बीजेपी में शामिल हो गए.
पंजाब में बीजेपी, जो कुछ महीनों पहले तक अकाली दल की सहयोगी पार्टी की भूमिका निभाती रही थी, ने राज्य में अपना दांव बढ़ाया है और अगले साल की शुरुआत में होने वाले चुनावों में प्रसार की योजना बना रही है. पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव से पहले कांग्रेस और अकाली दल के और नेता बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.
बीजेपी ने कांग्रेस के पूर्व दिग्गज नेता अमरिंदर सिंह और सुखदेव सिंह ढींढसा के साथ गठबंधन किया है, अमरिंदर सिंह ने पिछले महीने पांच दशक पुराने कांग्रेस से अपने रिश्ते को तोड़ दिया और अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस लॉन्च की है. तीनों कृषि कानून पारित होने के बाद पिछले साल अकाली दल ने भी बीजेपी से अपने रिश्ते तोड़ लिए थे.
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली है. उन्होंने उत्तराखंड में फ्री हैंड न मिलने और संगठन के लोगों से सहयोग न मिलने पर नाराजगी जाहिर की है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली है. उन्होंने उत्तराखंड में फ्री हैंड न मिलने और संगठन के लोगों से सहयोग न मिलने पर नाराजगी जाहिर की है. उत्तराखंड में विधान सभा चुनाव होने में अब दो से तीन महीने ही रह गए हैं. ऐसे में सीएम का चेहरा बनाने पर अभी तक फैसला नहीं लेने पर भी चिंता जताई है.
ट्विटर पर एक लंबे पोस्ट में रावत ने लिखा, 'है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है. जिस समुद्र में तैरना है, सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं. जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पांव बांध रहे हैं. मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि #हरीश_रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिये, अब विश्राम का समय है!'
अगले ट्वीट में रावत ने लिखा है, "फिर चुपके से मन के एक कोने से आवाज उठ रही है "न दैन्यं न पलायनम्" बड़ी उहापोह की स्थिति में हूं, नया वर्ष शायद रास्ता दिखा दे. मुझे विश्वास है कि #भगवान_केदारनाथ जी इस स्थिति में मेरा मार्गदर्शन करेंगे."
सिर्फ यूपी के नहीं, पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं मोदी ... केवल यूपी की महिलाओं को योजना का लाभ क्यों दे रहे?
मोदी बताएं - हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादे का क्या हुआ?
दुर्ग। शौर्यपथ । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने कहा है कि यूपी चुनाव में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की रणनीति से यूपी में भाजपा नेतृत्व की नींद उड़ गई है। उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी ने मैं लड़की हूं ... लड़ सकती हूं का नारा दिया है और 40 फीसदी महिलाओं को कांग्रेस प्रत्याशी बनाने की घोषणा की है। प्रियंका गांधी की इस घोषणा से भाजपा नेतृत्व के हाथ पैर फूल गए हैं।
राजेंद्र ने कहा कि प्रियंका गांधी की घोषणा के बाद मोदी सरकार ने राज्य की 16 लाख महिलाओं को एक हजार करोड़ रुपए का पैकेज दिया है। औसतन हर महिला को करीब 6 हजार रुपए देने को मोदी का मास्टर स्ट्रोक कहा जा रहा है। बड़ा सवाल ये है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ चुनाव वाले राज्य यूपी की महिलाओं के लिए ही पैकेज क्यों घोषित कर रहे हैं। वे सिर्फ यूपी के पीएम नहीं हैं। प्रधानमत्री को देश के बाकी राज्य की महिलाओं के लिए पैकेज की घोषणा करना चाहिए। योजना का लाभ पूरे देश की महिलाओं को मिलना चाहिए।
राजेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल चुनाव के पहले ही पैकेज और बड़ी-बड़ी घोषणाएं करते हैं। चुनाव जीतने के बाद सभी वादों को भूल जाना भाजपा की फितरत है। मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का -वादा किया था। बीते सात साल में 14 करोड़ लोगों को रोजगार मिलना था, जिसमें से आधे यानी करीब 7 करोड़ महिलाओं को रोजगार दिया जा सकता था। लेकिन, आज तक यह वादा पूरा नहीं किया गया। उलटे मोदी सरकार की नीतियों से लाखों लोगों के रोजगार छिन गए हैं।
इसी तरह बिहार चुनाव के पहले पैकेज की घोषणा की गई लेकिन पैकेज का आज तक अता पता नहीं है। कोरोना काल में 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की गई लेकिन डेढ़ साल बाद भी आम जनता को 20 लाख करोड़ के पैकेज का लाभ नहीं मिला। इस दौरान औद्योगिक घरानों की पूंजी कई गुना बढ़ गई है।
राजनिति /शौर्यपथ/
पूर्व डिप्टी CM सचिन पायलट का राजधानी के एक चैरिटी शो में गाया गाना चर्चा का विषय बन गया है। सचिन पायलट अल्बर्ट हॉल पर रोटरी क्लब के कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने यहां 1970 में आई फिल्म मेरा नाम जोकर का गाना 'जीना यहां, मरना यहां, इसके सिवा जाना कहां' सुनाया।
पायलट के इस गाने को उनके समर्थक खूब शेयर कर रहे हैं। पायलट ने भले चैरिटी शो में यह गाना गाया हो, लेकिन इसकी सियासी हलकों में खूब चर्चा है।
अटकलों पर बोले थे पायलट- 50 साल कहीं नहीं जाने वाला
कांग्रेस संगठन में नई जिम्मेदारी मिलने पर राजस्थान से दूर जाने की अटकलों पर सचिन पायलट ने एक कार्यक्रम में कहा था, मैं 50 साल कहीं नहीं जाने वाला। पायलट राजस्थान से लगातार कनेक्टेड रहने और यहीं सियासत करने की बात कह चुके हैं। इस गाने के बोल भी उसी बयान की तरफ ही इशारा करने वाले हैं।
गौरतलब है कि सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक-दूसरे के विरोधी हैं। पिछले महीने मंत्रिमंडल विस्तार में पायलट समर्थकों को जगह मिलने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि वे अब दिल्ली की राजनीति करेंगे। इन कयासों पर उन्होंने खुलकर कहा था, 'मैं कहीं नहीं जा रहा हूं।'
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
