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नई दिल्ली /शौर्यपथ/
सपा के नेता अखिलेश यादव ने आज आरोप लगाया है कि उनके हेलीकॉप्टर को बिना किसी कारण के दिल्ली में रोक कर रखा गया, हालांकि थोड़ी देर बाद उन्होंने जानकारी दी कि उन्हें उड़ान भरने की इजाजत मिल गई है. बता दें कि अखिलेश यादव को आज जयंत चौधरी के साथ मुजफ्फरनगर में प्रेस वार्ता करनी है, लेकिन उनके चॉपर को दिल्ली में ही रोका हुआ था. इसे लेकर अखिलेश ने ट्वीट भी किया कि हेलीकॉप्टर रोक सकते हो, हौसलों को नहीं. जनता सब समझ रही है.
राष्ट्रीय लोकदल के नेता रोहित अग्रवाल ने भी इस बाबत कू किया था. अखिलेश यादव का हेलीकॉप्टर को रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है और संविधान की हत्या है. भारतीय जनता पार्टी अपनी हार देख रही है, इसलिए ऐसी हरकत कर रही है. हेलीकॉप्टर अभी भी बिना कोई कारण बताए दिल्ली में रुका है और उसे मुजफ्फरनगर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही, जबकि भाजपा के एक शीर्ष नेता ने अभी यहां से उड़ान भरी है. यह हारी हुई भाजपा की हताश साजिश है. जनता सब समझ रही है....
पूर्व मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस के दिन ट्विटर पर यह लेटर शेयर किया. अखिलेश यादव ने लोगों से गणतंत्र दिवस पर "संविधान को बचाने" का संकल्प लेने का आग्रह किया.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सरकार और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को कई मुद्दों को लेकर यूपी की योगी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने मौजूदा समय को 'आधी कमाई और दोगुनी महंगाई' का दौर बताया. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार लोगों के लिए केवल "मुश्किलें और परेशानियां' लाई है.
सपा सुप्रीमो ने जनता को लिखे खत में कहा, "आधी कमाई, दोगुनी महंगाई के इस दौर में गरीब और शोषित वर्ग की नहीं बल्कि सड़क पर आए मजदूर, कुशल एवं अर्द्ध-कुशल श्रमिक व हुनरमंद कारीगर, पढ़े-लिखे बेरोजगार, अर्थव्यवस्था की खस्ताहाल हालत की वजह से नौकरी से निकाले गए लोग, छोटे कारोबारी और किसान सब परेशान है. वास्तव में,जब से यह सरकार आई है, सिर्फ परेशानी और मुश्किल ही लाई है."
पूर्व मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस के दिन ट्विटर पर यह लेटर शेयर किया. अखिलेश यादव ने लोगों से गणतंत्र दिवस पर "संविधान को बचाने" का संकल्प लेने का आग्रह किया.
उन्होंने कहा, "आइए सकारात्मक बदलाव लाने के लिए, हम उस सकारात्मक, प्रगतिशील और व्यावहारिक राजनीति के साथ आगे बढ़ें, जो किसी एक खास वर्ग को नहीं बल्कि आम जनमानस को संग लेकर बढ़ती है.
वहीं सीएम योगी की बात करें तो आज वह बिजनौर के प्रवास पर रहेंगे. सीएम सुबह 11 बजे बिजनौर के काकरान वाटिका और दोपहर 12.30 बजे कान्हा बैंकेट हॉल नजीमाबाद में प्रभावी मतदाताओं के साथ घर-घर जनसंपर्क करेंगे.
लखनऊ /शौर्यपथ/
यूपी चुनावों के मद्देनजर बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में पूरी ताकत झोंक रखी है. बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आज अपने यूपी प्रवास में कई संगठनात्मक बैठक करेंगे और विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कार्यकर्ताओं एवं पार्टी पदाधिकारियों का मार्गदर्शन करेंगे. यही नहीं वह मोदीनगर के सीकरी महामाया मंदिर में दर्शन-पूजा भी करेंगे. इसके बाद वह एबीएस गार्डन हापुड़ रोड मोदीनगर में मतदाताओं के साथ संवाद और घर-घर जाकर जनसंपर्क करेंगे.
वहीं सीएम योगी की बात करें तो आज वह बिजनौर के प्रवास पर रहेंगे. सीएम सुबह 11 बजे बिजनौर के काकरान वाटिका और दोपहर 12.30 बजे कान्हा बैंकेट हॉल नजीमाबाद में प्रभावी मतदाताओं के साथ घर-घर जन
संपर्क करेंगे. वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य आज हापुड़ के प्रवास पर रहेंगे. उपमुख्यमंत्री धौलाना विधानसभा में प्रभावी मतदाताओं के साथ संवाद तथा घर-घर जनसम्पर्क करेंगे. इसके साथ ही विधानसभा पदाधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे.उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव सात चरणों में 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच होंगे और नतीजे 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे.
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार सपा पर निशाना साध रहे हैं. उन्होंने हाल ही में कहा था कि भारतीय जनता पार्टी सुरक्षा (बीजेपी) और विकास के मुद्दे पर समझौता नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपराधियों को अपना प्रत्याशी घोषित कर “विनाश की सूची” जारी की है. उन्होंने कहा, “वह कैराना (Kairana) के जरिये यहां कश्मीर बनाने का सपना देख रहे थे. ऐसे तत्वों को हमने कहा है- कश्मीर अब स्वर्ग बन रहा है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है.”
उत्तरप्रदेश/शौर्यपथ/
आरपीएन सिंह ने ट्वीट भी किया है- यह मेरे लिए नई शुरुआत है. मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी, और माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में राष्ट्र निर्माण में अपने योगदान के लिए तत्पर हूं.
यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है.आरपीएन सिंह ने कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं. वह केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर व ज्योतिरादित्य सिंधिया, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या, और यूपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की उपस्थिति में औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल हुए. बीजेपी ज्वाइन करने के बाद आरपीएन सिंह ने कहा कि 32 सालों तक मैं एक पार्टी में ईमानदारी, लगन और मेहनत से एक पार्टी में रहा, लेकिन जिस पार्टी में इतने सालों तक रहा, अब पार्टी वैसी नहीं रह गई और न ही उस पार्टी की वैसी सोच रह गई है. बहुत समय से तमाम लोग मुझसे कहते थे कि भारतीय जनता पार्टी में आपको जाना चाहिए. बहुत समय तक मैंने सोचा, अंत में यही कह सकता हूं कि देर आए, दुरुस्त आए. अब कई राज्यों में चुनाव चल रहे हैं, मैं यूपी से आता हूं तो बताना चाहता हूं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में जो योजनाएं यूपी में आई हैं, उस पर मुझे गर्व है. पूर्वांचल में जिन योजनाओं के लिए सपनों में सोचा जाता था,उसे हकीकत में डबल इंजन की सरकार ने संभव किया है. कानून-व्यवस्था भी यूपी में बहुत अच्छी हुई है. मैं विश्वास दिलाता हूं कि छोटे से कार्यकर्ता के रूप में यूपी और देश के निर्माण में जो भी काम देंगे उसे पूरी निष्ठा से करूंगा.
बता दें कि इससे पहले आरपीएन सिंह ने ट्वीट किया है- यह मेरे लिए नई शुरुआत है. मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी, और माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में राष्ट्र निर्माण में अपने योगदान के लिए तत्पर हूं.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरपीएन सिंह ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली. भाजपा ज्वाइन करने पर उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए एक नई शुरुआत है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'यह मेरे लिए एक नई शुरुआत है. मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी और गृहमंत्री अमित शाह जी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए तत्पर हूं.'
आज ही उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दिया है, उन्होंने इस्तीफा देते हुए लिखा था, 'आज जब पूरा राष्ट्र गणतंत्र दिवस का उत्सव मना रहा है, मैं अपने राजनीतिक जीवन में नया अध्याय आरंभ कर रहा हूं.' आरपीएन सिंह ने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा था.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आरपीएन सिंह का इस्तीफा कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है. पूर्वी यूपी के कुशीनगर से ताल्लुक रखने वाले आरपीएन सिंह राज्य में कांग्रेस के बड़े नेताओं में से एक थे और सोमवार को जारी की गई पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में उनका नाम था. बताया जा रहा है कि भाजपा उन्हें उनके गढ़ पडरौना विधानसभा सीट से चुनाव लड़वा सकती है, जहां से सपा ने स्वामी प्रसाद मौर्य को उतारा है. स्वामी प्रसाद मौर्य ने हालही योगी कैबिनेट छोड़कर सपा का दामन थामा है.
आरपीएन सिंह पडरौना सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं. वह साल 2009 में कुशीनगर से सांसद चुने गए लेकिन 2014 में हार गए. स्वामी प्रसाद मौर्य ने पिछले दो विधानसभा चुनाव में पडरौना सीट से जीत हासिल की है, पहले मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पार्टी से और दूसरी बार भाजपा के टिकट पर उन्होंने चुनाव लड़ा था. 2009 के लोकसभा चुनाव में आरपीएन सिंह ने स्वामी प्रसाद मौर्य को हराया था.
इससे पहले उन्होंने अपने टि्वटर बायो से कांग्रेस का नाम हटा दिया था. पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह झारखंड कांग्रेस प्रभारी थे. अब उनका टि्वटर बायो 'My motto India, First, Always' है.
योगी ने अखिलेश यादव के समाजवादी होने और उनकी शिक्षा-दीक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं. तमंचावादी कहकर योगी ने अखिलेश को दंगाई और हिंसक ठहराने की कोशिश की है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर नया हमला बोला है और उन्हें 'तमंचावादी' करार दिया है. उन्होंने अखिलेश यादव के समाजवादी होने और उनकी शिक्षा-दीक्षा पर भी सवाल खड़े किए हैं. तमंचावादी कहकर योगी ने अखिलेश को दंगाई और हिंसक ठहराने की कोशिश की है.
मुख्यमंत्री योगी ने ट्वीट किया है, "जिन्हें पाकिस्तान दुश्मन नहीं लगता, जिन्ना दोस्त लगता है. उनकी शिक्षा-दीक्षा और दृष्टि पर क्या ही कहा जाए. वे स्वयं को समाजवादी कहते हैं, लेकिन सत्य यही है कि इनके नस-नस में 'तमंचावाद' दौड़ रहा है."
पंजाब में 20 फरवरी को सभी 117 सीटों पर वोट डाले जाएंगे और 10 मार्च को नतीजे आएंगे. अमरिंदर सिंह की पार्टी ने एक दिन पहले ही उम्मीदवारों का ऐलान किया है.
चंडीगढ़ /शौर्यपथ/
पंजाब में बीजेपी, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस और सुखदेव सिंह ढींढसा की पार्टी के साथ गठबंधन के तहत सीटों के बंटवारे का ऐलान सोमवार को हो गया. समझौते के तहत पंजाब में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर 65 सीटों पर लड़ेगी. अमरिंदर की पार्टी 37 सीटों पर लड़ेगी और 15 सीटों पर ढींढसा की पार्टी मैदान में उतरेगी. पंजाब में 20 फरवरी को सभी 117 सीटों पर वोट डाले जाएंगे और 10 मार्च को नतीजे आएंगे.
अमरिंदर सिंह की पार्टी ने एक दिन पहले ही उम्मीदवारों का ऐलान किया है. ढींढसा की पार्टी शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) है. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक दिन पहले यानी 22 सीटों पर अपनी पार्टी के उम्मीदवारों का ऐलान किया है. इस लिस्ट में भारतीय हॉकी टीम के पूर्व खिलाड़ी अजीत पाल सिंह का नाम भी शामिल है.
कैप्टन खुद पटियाला शहर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. अमरिंदर ने सीटों पर नामों की घोषणा करते हुए कहा था, हमने अच्छे उम्मीदवारों को उनके जीतने की संभावनाओं के आधार पर मैदान में उतारा है. साथ ही विभिन्न समुदायों और धर्मों के प्रतिनिधित्व का भी ध्यान रखा है. पंजाब लोक कांग्रेस को जो 37 सीटें मिली हैं, उसमें 26 सीटें मालवा क्षेत्र से आती हैं, जहां कैप्टन के परिवार का काफी प्रभाव माना जाता है. यह रीजन पहले के पटियाला की शाही रियासत के तहत आता है.
इसी क्षेत्र से कैप्टन अमरिंदर सिंह ने वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ी बढ़त हासिल की थी, इसमें उनके कृषि सुधारों का बड़ा योगदान था. हालांकि कैप्टन के समर्थकों का कहना है कि इस बार पूर्व मुख्यमंत्री कृषि कानूनों की वापसी के जरिये जनता का समर्थन हासिल करेंगे. पंजाब के पूर्व सीएम ने कहा है कि उनकी पार्टी के प्रत्याशियों का मजबूत राजनीतिक जनाधार और विश्वास है. उनकी स्थानीय इलाकों में जबरदस्त पकड़ भी है. हालांकि इस लिस्ट में सिर्फ एक महिला प्रत्याशी फरजाना आलम खान का नाम शामिल है, जो अकाली दल की पूर्व विधायक हैं और पूर्व पुलिस प्रमुख इजहार आलम खान की पत्नी हैं. वो मालवा क्षेत्र की मालेरकोटला सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगी. अमरिंदर सिंह पहले ही साफ कर चुके हैं कि वो पटियाला शहर सीट से चुनाव लड़ेंगे, जो लंबे समय से उनका गढ़ रहा है.
आप प्रमुख, अरविंद केजरीवाल, जो दिल्ली के मुख्यमंत्री भी हैं, ने आज "एक मौका केजरीवाल को" अभियान शुरू करते हुए कहा, "दिल्ली सरकार के अच्छे कामों पर वीडियो ट्विटर, इंस्टाग्राम फेसबुक पर अपलोड करें और लोगों को बताएं कि आपको इससे कैसे फायदा हुआ?
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने नया चुनावी दांव चला है. आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अगले महीने पांच राज्यों में शुरू होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अपना डिजिटल अभियान 'एक मौका केजरीवाल को' शुरू करते हुए दिल्लीवासियों से अपील की है कि वो आप सरकार द्वारा किए गए कार्यों का सोशल मीडिया पर प्रचार करें.
उन्होंने दिल्लीवासियों से कहा, "दिल्ली सरकार के अच्छे कामों पर वीडियो बनाकर ट्विटर, इंस्टाग्राम फेसबुक पर अपलोड करें और लोगों को बताएं कि आपको इससे कैसे फायदा हुआ? इसके साथ ही इन राज्यों में जो आपके परिचित हैं, उन्हें व्हाट्सएप्प के जरिए अपील करें कि एक मौका केजरीवाल को दें." केजरीवाल ने कहा, "50 दिल्लीवासी जिनके वीडियो वायरल होंगे, उन्हें चुनाव के बाद डिनर पर आमंत्रित किया जाएगा."
केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार ने दिल्ली में मुफ्त बिजली और पानी उपलब्ध कराने जैसे कई अच्छे काम किए हैं. उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र के लोग दिल्ली में चल रहे मोहल्ला क्लीनिक को देखने आए थे. अमेरिकी राष्ट्रपति की पत्नी ने यहां के स्कूलों का दौरा किया. दिल्ली को अब 24 घंटे बिजली मिल रही है. यह सब इसलिए संभव हुआ क्योंकि दिल्ली के लोगों ने हमें मौका दिया."
केजरीवाल ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी इस तरह के वीडियो साझा करने और उन्हें विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल करने की अपील की. उन्होंने कहा, "चुनावों के बाद मैं 50 दिल्लीवासियों के साथ डिनर करूंगा जिनके वीडियो वायरल होंगे."
अरविंद केजरीवाल की पार्टी पंजाब (जहां यह दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है), उत्तर प्रदेश, गोवा और उत्तराखंड में अपना विस्तार करना चाहती है. पंजाब में आम आदमी पार्टी सत्तारूढ़ कांग्रेस के खिलाफ मुख्य दावेदारों में से एक है. पार्टी ने धूरी निर्वाचन क्षेत्र से अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार भगवंत मान को मैदान में उतारा है.
Assembly Elections 2022 : ओवैसी ने पत्रकारों से कहा कि उनके गठबंधन को बहुमत मिलने पर राज्य में दो मुख्यमंत्री बनाए जाएंगे जिनमें एक दलित समुदाय से होगा जबकि दूसरा ओबीसी (पिछड़ी जाति) समुदाय से होगा.
लखनऊ /शौर्यपथ/
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और जन अधिकार पार्टी के बाबू सिंह कुशवाहा ने बैकवर्ड एंड माइनॉरिटी कम्युनिटी इंप्लाई फेडरेशन के अध्यक्ष वामन मेश्राम के साथ मिलकर शनिवार को नया गठबंधन 'भागीदारी परिवर्तन मोर्चा' बनाने का ऐलान किया. तीनों नेताओं ने शनिवार को यहां आयोजित एक पत्रकार वार्ता में नये गठबंधन की घोषणा की और दावा किया कि 'भागीदारी परिवर्तन मोर्चा' राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगा. ‘भागीदारी परिवर्तन मोर्चा' का संयोजक बाबू सिंह कुशवाहा को बनाया गया है.
ओवैसी ने पत्रकारों से कहा कि उनके गठबंधन को बहुमत मिलने पर राज्य में दो मुख्यमंत्री बनाए जाएंगे जिनमें एक दलित समुदाय से होगा जबकि दूसरा ओबीसी (पिछड़ी जाति) समुदाय से होगा. उन्होंने कहा कि इसके अलावा तीन उप मुख्यमंत्री बनाए जाएंगे जिनमें एक मुस्लिम समुदाय से होगा.
बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि उनके गठबंधन के दरवाजे बंद नहीं हैं और अभी दूसरे दल भी आ सकते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच जो लड़ाई है वह अब ‘भागीदारी परिवर्तन मोर्चा' के बीच होगी और सपा गठबंधन तीसरे स्थान पर चला जाएगा.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
