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रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उत्तर प्रदेश चुनाव में निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर फिर सवाल उठाए हैं। इस बार उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रचार अभियान का एक वीडियो साझा किया है। इसमें शाह भारी भीड़ से घिरे हुए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछा कि FIR सिर्फ कांग्रेस के ही मुख्यमंत्री पर क्यों हुआ।
केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के स्टार प्रचार अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम उत्तर प्रदेश के कैराना से प्रचार अभियान का आगाज किया। उन्होंने डोर-टू-डोर प्रचार किया। इसी अभियान से जुड़ी रिपोर्ट का वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से लिखा, माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी “5' लोग के साथ डोर-टू-डोर अभियान कर रहे हैं। चुनाव आयोग को उन्हें डोर-टू-डोर अभियान का ब्रांड एम्बेसडर घोषित कर उनके वीडियो को DEMO बना देना चाहिए। वरना निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल जारी रहेंगे। मुख्यमंत्री ने पूछा है कि FIR सिर्फ कांग्रेस के ही मुख्यमंत्री पर क्यों?
ऐसे ही प्रचार में CM के खिलाफ नोएडा में FIR
पिछले सप्ताह 16 जनवरी को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ उत्तर प्रदेश में FIR हुई है। गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने उनके खिलाफ आचार संहिता और महामारी कानून के उल्लंघन का मामला दर्ज कराया है। भूपेश बघेल नोएडा क्षेत्र के गांवों में कांग्रेस की प्रत्याशी पंखुड़ी पाठक का चुनाव प्रचार करने गए थे।
उस दिन मुख्यमंत्री ने अमरोहा के भाजपा प्रत्याशी का मामला उठाया था
उस दिन पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, आखिर बिना मिले चुनाव प्रचार कैसे हाेगा। अगर ऐसा है तो चुनाव आयोग को गली में आकर बताना चाहिए कि इस प्रकार से होगा प्रचार। वे करके बता दें फिर हम लोग वैसे ही करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा था, यदि मुझ पर कार्रवाई की गई तो अमरोहा में क्यों नहीं किया गया। वहां भाजपा प्रत्याशी ने सैकड़ों लोगों के साथ जुलूस निकाला था।
UP Assembly polls 2022 : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक अहम घोषणा की है. वह मैनपुरी की करहल सीट से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक अहम घोषणा की है. अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि वह मैनपुरी की करहल सीट से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर सपा की सरकार बनी तो आईटी (IT) सेक्टर में आने वाले समय में 22 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा. वहीं समाजवादी नेता राम गोपाल यादव ने घोषणा की कि अखिलेश यादव "रिकॉर्ड" वोटों से जीतेंगे.
बता दें कि चुनाव लड़ने को लेकर अखिलेश ने बीते दिनों कहा था कि अगर पार्टी चाहती है, तो मैं चुनाव लड़ूंगा. इसके बाद से ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि वह इस बार विधानसभा चुनाव के लिए बतौर प्रत्याशी अपनी दावेदारी पेश करेंगे. अखिलेश ने जिस सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा की है, उसे सपा का गढ़ माना जाता है.
करहल विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी का काफी दबदबा रहा है. यह सीट सपा की सुरक्षित सीट कही जाती है. यहां 1993 से लगातार सपा यहां जीती है. केवल एक बार 2002-2007 में ये सीट बीजेपी ने जीती थी. करहल सीट मैनपुरी जिले में आती है जो यादव परिवार का गढ़ रहा है. इस आंकड़े को देखते हुए सपा कार्यकर्ता अखिलेश यादव के जीत का दावा कर रहे हैं.
हाल ही में बिहार के सारण जिले में संदिग्ध अवस्था में पांच लोग मृत पाए गए. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि यह मामला नकली शराब का हो सकता है.
पटना /शौर्यपथ/
बिहार में शराबबंदी कानून और जहरीली शराब से होने वाली मौतों को लेकर सियासत गरमाई हुई है. विपक्षी दलों के अलावा बीजेपी के कई नेता भी इस मामले पर सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साध चुके हैं. वहीं अब इस मामले पर लोजपा (राम विलास) अध्यक्ष चिराग पासवान ने बिहार सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा है कि नकली शराब के सेवन से होने वाली मौतों को रोकने के लिए हमने राज्यपाल को बिहार में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करने के लिए लिखा है.
बता दें कि हाल ही में बिहार के सारण जिले में संदिग्ध अवस्था में पांच लोग मृत पाए गए. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि यह मामला नकली शराब का हो सकता है. मृतकों में कुछ के परिवारों ने मौत के लिए शराब को दोषी ठहराया है. इस घटना के बाद से चिराग पासवान लगातार बिहार सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं.
चिराग ने सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह जान-बूझकर पेगासस, जाति जनगणना, जनसंख्या नियंत्रण बिल और विशेष दर्जा जैसे मुद्दे उठाते हैं, जिस पर भाजपा का रुख पहले से ही स्पष्ट है. वह शायद विपक्ष में शामिल होकर पीएम पद के दावेदार बनना चाहते हैं. बता दें कि भाजपा केनेता इन मुद्दों पर अब तक अपना रूख स्पष्ट करने को लेकर कतराते रहते हैं.
गौरतलब है कि हाल के कुछ दिनों में बिहार में कथित तौर जहरीली शराब के सेवन से कई जानें गई हैं. अभी एक सप्ताह से भी कम समय पहले नालंदा में 11 लोगों की मौत हो गई थी. इससे पहले दीपावली के आसपास पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर जिलों में 40 से अधिक लोगों की जान चली गई थी. मृतकों के परिजनों ने आशंका जताई थी कि इनकी मौतें जहरीली शराब पीने की वजह से ही हुई है. वहीं नीतीश सरकार के सहयोगी दल हम पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने शराबबंदी नीति (Liquor Prohibition Policy) में संशोधन की मांग दोहराते रहे हैं. बता दें कि अप्रैल, 2016 में बिहार में शराब की बिक्री एवं सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को यूथ मेनिफेस्टो जारी किया.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को यूथ मेनिफेस्टो जारी किया. दोनों नेताओं ने इसे भर्ती विधान नाम दिया है. उनका कहना है कि इसे राज्य के युवाओं से बातचीत करके तैयार किया है.
यूथ मेनिफेस्टो की घोषणाएं
प्रियंका गांधी ने कहा है कि प्राथमिक विद्यालयों में डेढ़ लाख शिक्षकों की भर्ती की जाएगी. डॉक्टरों के खाली पदों को भरा जाएगा.
20000 आंगनाबाड़ी कार्यकर्ताओं के खाली पड़े पदों को भरा जाएगा. संस्कृत के शिक्षक, उर्दू के शिक्षक, आशा आदि जितने भी पद अभी तक रिक्त हैं, उन्हें भरा जाएगा.
परीक्षार्थियों के लिए बस और रेल यात्रा मुफ्त होगी. जॉब कैलेंडर बनाया जाएगा. पेपर, ज्वाइनिंग की तारीख तय होगी.
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के शुल्क माफ करेंगे. विश्वविद्यालयों में फ्री wifi upgradation होगा.
प्रियंका गांधी ने कहा कि अच्छी शिक्षा जरूरी होती है. शिक्षा का बजट कम हुआ है, उसे बढ़ाएंगे. विश्वविद्यालयों में छात्र संघ के चुनावों को बहाल किया जाएगा. प्लेसमेंट सेल होगा.
छात्रावासों को बेहतर किया जाएगा. रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे. युवाओं के कौशल को निखारने पर फोकस रहेगा,
नशा छुड़वाने के लिए परामर्श कैंप लगेंगे. साथ ही हर साल यूथ फेस्टिवल लगेगा. इसमें युवाओं की भागेदारी बढ़ाने को लेकर जागरूक किया जाएगा
खेलों के लिए अकादमी खोला जाएगा. जोन में कुशलता के आधार पर अकादमी बनेंगे. प्रयास ये है कि प्रचार में भी और भविष्य में नकारात्मक नहीं, बल्कि सकारात्मक बातें करें.
स्टार्टअप के लिए 5,000 करोड़ रुपए का ‘सीड स्टार्टअप फंड', जिसमें 30 साल से कम उम्र के उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाएगी.
भर्ती की प्रक्रिया को दुरुस्त किया जाएगा. आरक्षण संबंधी ‘घोटाले' को रोकने का कड़ा प्रावधान होगा.
लखनऊ /शौर्यपथ/
उत्तरप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपने चुनावी अभियान को धार देने के लिए नया गीत लांच किया. सपा के चुनावी गीत "अखिलेए आए" के बाद आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी का चुनावी गीत जारी किया.बीजेपी के उत्तरप्रदेश ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर पार्टी ने इसकी जानकारी दी. इस थीम सांग के शुरुआती दृश्य में ही अयोध्या का भव्य राम मंदिर दिखाया गया है साथ ही मेट्रो ट्रेन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ भी साथ दिखाई दे रहे हैं. पूरे गाने के दौरान तेज आवाज में नगाड़े भी बजते दिखाई दे रहे हैं.
ट्वीट में इस गीत के बोल लिखे गए हैं, "प्रयागराज से मथुरा, काशी तक
लखनऊ से लेकर झांसी तक
अयोध्या से बिठूर तक
शहर-गांव सब दूर-दूर तक
गाजीपुर से गाजियाबाद से
यूपी भर में शंखनाद से
सुनाई पड़ती है यही हुंकार
यूपी फिर मांगे भाजपा सरकार
#फिर_से_बीजेपी"
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने संकेत दिया है कि वे यूपी विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा है कि वे यूपी विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं. प्रियंका ने कहा, 'मैं यूपी चुनाव में लड़ सकती हूं लेकिन यह नहीं मान सकती कि मैं मुख्यमंत्री उम्मीदवार हूं.' शुक्रवार को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में किए गए कमेंट का जिक्र करते हुए प्रियंका ने कहा, यह केवल जुबानी टिप्पणी के रूप में था. आज सुबह जब प्रियंका से पूछा गया था कि यूपी चुनाव के लिए कांग्रेस का मुख्यमंत्री उम्मीदवार कौन होगा तो उनका जवाब था- आप हर कहीं मेरा चेहरा देख सकते हैं. नहीं देख सकते क्या? .
इस जवाब के बाद यह अटकलें शुरू हो गई थी थी कि अब तक सक्रिय सियासत से दूर प्रियंका अब इसके लिए तैयार हैं.यूपी में पार्टी के चुनाव अभियान का नेतृत्व कर रही प्रियंका से जब यह सवाल दोहराया गया था तो उन्होंने कहा था, 'आप मेरा चेहरा देख सकते हैं, नहीं देख सकते.' उन्होंने इंटरव्यू में कहा, 'मैंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह एक टिप्पणी की थी. ' यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर जोर-शोर से तैयारियों में जुटी कांग्रेसने शुक्रवार को अपना यूथ मेनिफेस्टो (युवा केंद्रित घोषणापत्र) जारी किया था. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी की महासचिव एवं यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने पार्टी के विजन डॉक्यूमेंट में बेरोजगारी सहित युवाओं से संबंधित कई मुद्दों को हल करने का वादा किया. चुनाव बाद किसी पार्टी को समर्थन देने के सवाल पर प्रियंका गांधी ने कहा कि जब ऐसी परिस्थितियां आएंगी तब इस फैसला किया जाएगा. मेनिफेस्टो जारी करने के दौरान पत्रकारों की ओर से पूछ गए सवाल में जवाब में उन्होंने यह बात कही थी.
प्रियंका गांधी ने चुनाव बाद किसी राजनीतिक दल को समर्थन देकर सरकार में शामिल होने के सवाल पर कहा, "जब ऐसी परिस्थितियां आएंगी तब यह तय किया जाएगा. अगर ऐसी परिस्थिति आएगी और हम किसी गठबंधन की सरकार में शामिल होंगे या समर्थन करेंगे तो हम चाहेंगे कि हमने जो एजेंडा महिलाओं और युवाओं के लिए आप सबके सामने बताया वो पूरा कराएंगे. हम चाहेंगे कि वो एजेंडा पूरा हो और शायद वो एक शर्त होगी हमारी.''
बीजेपी ज्वाईन करने के बाद अपर्णा यादव कल देर शाम लखनऊ पहुंचीं. वह मुलायम सिंह से मिलीं और उनका आशीर्वाद लिया.
लखनऊ /शौर्यपथ/
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज है. चुनाव से पहले भाजपा के कई नेता पार्टी छोड़कर सपा का दामन थाम चुके हैं. वहीं सपा के कई नेता बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव भी बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं.
बीजेपी ज्वाईन करने के बाद अपर्णा यादव कल देर शाम लखनऊ पहुंचीं. वह मुलायम सिंह से मिलीं और उनका आशीर्वाद लिया. उन्होंने ट्वीट किया, 'भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेने के पश्चात लखनऊ आने पर पिताजी/नेताजी से आशीर्वाद लिया'
वहीं अपर्णा यादव के बीजेपी में शामिल होने को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था 'मैं उन्हें (अपर्णा को) बधाई देना चाहता हूं. मैं खुश हूं कि समाजवादी पार्टी की विचारधारा फैल रही है. मुझे विश्वास है कि हमारी विचारधारा वहां (बीजेपी में) पहुंचेगी और लोकत्रंत को फैलाएगी.' हालांकि, सपा अध्यक्ष ने ये भी कहा था कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने अपर्णा को समझाने का हरसंभव प्रयास किया.
रायपुर / शौर्यपथ /
यूजर चार्ज को लेकर भाजपा के राजनीति को नौटंकी करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यूजर चार्ज लेने का कानून पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने विधानसभा में बनाया था और भाजपा की मोदी सरकार राज्यों को यूजर चार्ज लेने दबाव बनाती है। नगर निगम में आम जनता से यूजर चार्ज लेने का नीति और नियम बनाने काम पूर्व के रमन भाजपा की सरकार ने किया था। श्रीचंद सुंदरानी जिस सदन में विधायक थे 2017 में वही यूजर चार्ज लेने का प्रस्ताव पास हुआ था। सत्ता जाते ही अब भाजपा के नेता यूजर चार्ज के नाम से घडिय़ाली आंसू बहा कर राजनीतिक नौटंकी कर रहे हैं। जबकि जनता के ऊपर यूजर चार्ज थोपने वाले यही भाजपा की सरकार रही है। भाजपा नेताओं को वास्तविक पर जनता से यूजर चार्ज लेने में आपत्ति है तो उन्हें अपने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर यूजर चार्ज लेने पर रोक लगवाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि एक और केंद्र की मोदी सरकार राज्यों को पत्र लेकर आम जनता से यूजर चार्ज वसूलने का निर्देश दे रही है। जिन नगर निगम में यूजर चार्ज नहीं वसूला जाएगा उन्हें स्वच्छता रैंकिंग से बाहर करने की धमकी दिया जा रहा है। दूसरी ओर भाजपा के नेता यूजर चार्ज का विरोध कर मोदी सरकार के काली करतूतों पर पर्दा करने का कोशिश कर रहे हैं। भाजपा नेताओं में दम है तो मोदी साहब के सामने खड़ा होकर यूजर चार्ज का विरोध करें।
प्रदेश कांग्रेश संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्व के रमन सरकार के दौरान सफाई कार्यों के भी निजीकरण किया गया था। भाजपा के नेताओं को लाभ पहुंचाने के लिए किवार कंपनी को ठेका दिया गया था। जिस किवार कंपनी को ठेका की दिया गया उसने राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी शहरों का हाल बेहाल कर दिया और जब विरोध हुआ तो काम छोड़ कर भाग गई दुर्भाग्य की बात है। रमन भाजपा की सरकार ने उस किवार कंपनी को काम छोडऩे के बाद भी पालने पोसने काम किया और उसी दौरान ही घर-घर से यूजर चार्ज लेने का प्रस्ताव भी पास किया गया था। आज भाजपा के नेता किस मुंह से यूजर चार्ज लेने का विरोध कर रहे हैं। जब यूजर्स चार्ज के लिए स्वयं हो जिम्मेदार है।
पांच दिन तक चलने वाले "दावोस एजेंडा" ऑनलाइन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में हुई गड़बड़ी पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, "इतना झूठ तो टेलीप्रॉम्पटर भी नहीं झेल पाया."
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन के दौरान हुई गड़बड़ी पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया है. राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा, " इतना झूठ तो टेलीप्रॉम्पटर भी नहीं झेल पाया". इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के कई ट्विटर अकाउंट्स से दावोस सम्मेलन के आयोजकों को इसके लिए दोषी ठहराया जा रहा है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया एडवाइज़र शलभ मणि त्रिपाठी ने ट्वीट किया, "तकनीक़ी गड़बड़ी पर उत्साहित होने वालों को क्या यह समझ नहीं आ रहा कि समस्या WEF की तरफ से आई इसलिए उनसे दोबारा शुरू करने की अपील की गई. इसी वजह से क्लॉस श्वाब ने जिस तरह से कहा कि वो दोबारा एक छोटा परिचय देंगे और सेशन को दोबारा शुरू करेंगे.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
