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बिहार में बीजेपी के सहयोग से गठबंधन की सरकार चला रहे नीतीश कुमार यूपी में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए कैंपेनिंग भी कर सकते हैं. बीजेपी को झटका देते हुए जेडीयू ने यूपी में अपने उम्मीदवार अलग से उतारने का ऐलान किया है. आज मंगलवार को लखनऊ में इसकी घोषणा भी हो सकती है.
दिल्ली/लखनऊ /शौर्यपथ/
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान शुरू होने में कुछ हफ्ते बचे हैं. राजनीतिक पार्टियां अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर रही हैं. ऐसे में कई दिलचस्प समीकरण निकलकर आ रहे हैं. चुनावी बुखार जोरों पर है. महाराष्ट्र की पार्टी शिवसेना भी यहां उम्मीदवार उतारने की बात कर रही है. लेकिन एक चौंकाने वाली खबर जनता दल यूनाइटेड (JDU) को लेकर है. दरअसल, जानकारी मिल रही है कि पड़ोसी राज्य बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू भी यूपी चुनाव में अपने उम्मीदवार उतार रही है.
बीजेपी नीत एनडीए के सहयोगी और बिहार में बीजेपी के सहयोग से गठबंधन की सरकार चला रहे नीतीश कुमार यूपी में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए कैंपेनिंग भी कर सकते हैं.
दरअसल, बीजेपी को झटका देते हुए जेडीयू ने यूपी में अपने उम्मीदवार अलग से उतारने का ऐलान किया है. आज मंगलवार को लखनऊ में इसकी घोषणा भी हो सकती है.
महबूबा मुफ्ती ने कहा, "उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं इसलिए बीजेपी औरंगजेब और बाबर को याद कर रही है."
जम्मू /शौर्यपथ/
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का बिगूल फूंक चुका है. इस बीच, सत्ता और विपक्ष के नेताओं के बीच जुबानी जंग और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की चीफ और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बीजेपी पर तीखा वार किया है. उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश में इस पार्टी से छुटकारा पाना 1947 से बड़ी आजादी होगी क्योंकि बीजेपी देश को बांटना चाहती है."
पीडीपी के आदिवासी युवा सम्मेलन को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा, "उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं इसलिए बीजेपी औरंगजेब और बाबर को याद कर रही है. आज, हमें बीजेपी से पीछा छुड़ाने का एक मौका मिला है. यह भारत की 1947 की आजादी से बड़ी आजादी होगी क्योंकि वे (बीजेपी) देश को बांटने पर तुले हैं."
उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वे राज्य के विकास का वादा करते हैं तो उत्तर प्रदेश में विकास दिखाएं.
मुफ्ती ने कहा, "वे (बीजेपी) बाहरी लोगों को नौकरी और जमीन दे रहे हैं और फिर दावा करते हैं कि इससे राज्य में विकास होगा. मैं उन्हें कहती हूं कि उत्तर प्रदेश में विकास दिखाएं. वे यूपी में अस्पताल नहीं दे सकते."
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग ने कर दिया है. यूपी में कुल 403 सीटों के लिए सात चरणों में मतदान होगा. इन चरणों के तहत 10 फरवरी, 14 फरवरी, 20 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी, 3 मार्च और 7 मार्च को वोटिंग होगी. 10 मार्च को नतीजे आएंगे
उत्पल पर्रिकर इस संकेत से परेशान हैं कि बीजेपी की योजना पणजी से पूर्व मंत्री अतानासियो 'बाबुश' मोन्सेरात को चुनाव मैदान में उतारने की है.
पणजी /शौर्यपथ/
गोवा विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत बीजेपी नेता मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर बीजेपी से टिकट नहीं मिलता देख पणजी से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं. इस बीच, शिवसेना सांसद संजय राउत ने आज सभी गैर-बीजेपी दलों से उत्पल पर्रिकर का समर्थन करने की अपील की है. उन्होंने इसे बीजेपी के दिग्गज नेता को "सच्ची श्रद्धांजलि" करार दिया.
कथित तौर पर उत्पल पर्रिकर इस संकेत से परेशान हैं कि बीजेपी की योजना पणजी से पूर्व मंत्री अतानासियो 'बाबुश' मोन्सेरात को चुनाव मैदान में उतारने की है. इस सीट पर 25 सालों तक मनोहर पर्रिकर का कब्जा रहा. मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की बात कही है.
राजनीति /शौर्यपथ/

चुनाव आचार संहिता और महामारी कानून के उल्लंघन पर हुई FIR के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठा दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, निर्वाचन आयोग को अपनी भूमिका निष्पक्ष रखनी चाहिए। यहां मुझ पर FIR कर दी, लेकिन अमरोहा में ऐसे ही प्रचार में लगे भाजपा के मंत्री पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा, वहां प्रचार के लिए मेरे साथ प्रत्याशी, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सहित कुल जमा चार लोग ही थे। उसके अलावा मेरी अपनी सुरक्षा का घेरा, उत्तर प्रदेश का पुलिस महकमा और फिर मीडिया के दर्जनों साथी। उस पर गांव की तंग गलियां और लोगों का कांग्रेस के प्रति उत्साह। इतने पर ही भीड़ दिखने लगी। मुख्यमंत्री ने कहा, राजनाथ जी के बेटे के खिलाफ प्रचार करें तो इतना तो होगा। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, FIR मुझपर ही क्यों। लोग आ रहे हैं, मिल रहे हैं तो कैसे करेंगे।
आखिर बिना मिले चुनाव प्रचार कैसे हाेगा। अगर ऐसा है तो चुनाव आयोग को गली में आकर बताना चाहिए कि इस प्रकार से होगा प्रचार। वे करके बता दें फिर हम लोग वैसे ही करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, यदि मुझ पर कार्रवाई की गई तो अमरोहा में क्यों नहीं किया गया, भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ। भाजपा के मंत्री पांच दिन से डोर-टू-डोर प्रचार कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, निर्वाचन आयोग को अपनी भूमिका निष्पक्ष रखनी चाहिए। शुरुआत में ही निष्पक्षता नहीं दिखाई दे रही है तो आखिरी में क्या उम्मीद करें।
आज भी प्रचार पर रहेंगे CM
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज भी प्रचार अभियान पर हैं। वे गौतम बुद्ध नगर जिले की दादरी और जेवर विधानसभा में बिसरख, दुजाना, देउता और गोपालगढ़ में डोर-टू-डोर प्रचार के लिए निकले हैं। उनके साथ स्थानीय कांग्रेस उम्मीदवार और पदाधिकारी भी हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भरसक भीड़ कम करने की कोशिश की है।
मनोहर सिंह के पास एमबीबीएस औऱ एमडी की डिग्री है. उन्होंने खुलेआम अपने समर्थकों के बीच ऐलान किया कि वो निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे और मौजूदा कांग्रेस विधायक की हार तय करेंगे.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
पंजाब कांग्रेस में बगावत की आग मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के घर तक पहुंच गई है. सीएम चन्नी के भाई डॉ. मनोहर सिंह ने कांग्रेस के फैसले से अलग जाकर खुद विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. इसे पंजाब कांग्रेस के भीतर बगावत का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है. मनोहर सिंह ने रविवार को ऐलान किया कि वो बस्सी पठाना विधानसभा क्षेत्र से बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे. मनोहर ने बस्सी पठाना से विधानसभा टिकट की दावेदारी पेश की थी. लेकिन कांग्रेस ने इस बार वन फैमिली वन टिकट का फार्मूला अपनाया है. इस कारण मनोहर सिंह की दावेदारी पर पानी फिर गया.
बस्सी पठाना पंजाब के सांस्कृतिक क्षेत्र पुआध के तहत आता है और यह चन्नी और उनके परिवार का गढ़ माना जाता है. भाई के इस बगावती तेवर पर चन्नी ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि मुख्यमंत्री ने अपने भाई को बस्सी पठाना विधानसभा सीट से टिकट दिलाने के लिए खूब जद्दोजहद की थी. डॉ. मनोहर सिंह ने पिछले साल अगस्त में मोहाली जिले के खरार सिविल हास्पिटल के सीनियर मेडिकल अफसर के पद से त्यागपत्र दे दिया था.
मनोहर सिंह के पास एमबीबीएस औऱ एमडी की डिग्री है. उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई भी की है औऱ वकालत की भी. डॉ. मनोहर सिंह ने खुलेआम अपने समर्थकों के बीच ऐलान किया कि वो निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे और मौजूदा कांग्रेस विधायक की हार तय करेंगे.इससे कांग्रेस के लिए नई मुश्किलें खड़ी हो गई हैं. विरोधियों का कहना है कि सीएम चन्नी अपने गृह क्षेत्र में ही असंतोष को नहीं थाम पा रहे हैं.
राजनीति /शौर्यपथ/
सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि पूरे देश में भाजपा के खिलाफ माहौल बना हुआ है। भाजपा और उसके नेताओं को आम जनता की समस्याओं से काेई लेना-देना नहीं है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तरप्रदेश भाजपा में भगदड़ मची हुई है। कई मंत्री और विधायक पार्टी छोड़कर जा चुके हैं।
सीएम ने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि भाजपा के जाने के दिन आ गए हैं। दिल्ली और यूपी के दौरे पर रवाना होने से पहले सीएम भूपेश ने मीडिया से बातचीत में कहा कि डूबती जहाज को छोड़कर जैसे सब लोग भागते हैं वैसे ही भाजपा के मंत्री और विधायक भाग रहे हैं। सीएम ने कहा कि अभी दिल्ली जा रहा हूं। रविवार को यूपी से लगे दिल्ली के इलाके में चुनाव प्रचार करना है। जहां प्रियंका गांधी और दूसरे अन्य नेता भी शामिल होंगे।
बचने के लिए कोई कुछ भी कहे यह अनुचित
जीपी सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर सीएम भूपेश ने कहा कि वे उसके बारे में कुछ नहीं कहेंगे। इस मामले की जांच हो रही है। वो अपने बचाव के लिए कुछ भी बयान दे, यह उचित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट तक ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी उसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई है। मामला अपने आप में बेहद संगीन है
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूली शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए रायपुर पुलिस को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि पुलिस ने जिस प्रोफेशनल तरीके और तेजी के साथ फर्जी डायरी कांड का पटाक्षेप मात्र 48 घंटों के भीतर कर दोषियों को गिरफ्तार कर लिया है वह प्रशंसा और बधाई के पात्र है। इस मामले में पुलिस ने जिस कार्य क्षमता का परिचय दिया है वह बताता है कि छत्तीसगढ़ की पुलिस पूरे हिंदुस्तान में नंबर वन पुलिस क्यों कहीं जाती है। साथ ही साथ इस मामले के त्वरित खुलासे के बाद राज्य की पौने तीन करोड़ आबादी का भरोसा भी पुलिस के ऊपर और बढ़ा है। डॉ. प्रेमसाय सिंह ने कहां है कि इस फर्जी डायरी के माध्यम से उन्हें, उनके विभाग और छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय भूपेश बघेल सरकार को बदनाम करने का प्रयास किया गया था जो कि असफल रहा। जैसे ही पूरे घटनाक्रम की जानकारी उन्हें मिली उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को इसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए।
साथ ही साथ स्वयं भी कांग्रेस प्रवक्ता आर. पी. सिंह के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलकर इस पूरे मामले की त्वरित व उच्च स्तरीय जांच कराने का आग्रह किया जिसे मुख्यमंत्री जी ने तत्काल स्वीकार कर लिया। शीघ्र जांच करा कर दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए डॉ. प्रेमसाय सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का हृदय से आभार जताया है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक को उनके कल दिए गए बयान की याद दिलाते हुए यह चुनौती प्रस्तुत की है कि अब वह तथाकथित डायरी सार्वजनिक करें जिसका दावा कल उन्होंने अपने बयान में किया था। अपराधियों के गिरफ्तार हो जाने के बाद अब तो यह स्पष्ट हो चला है कि अगर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने ऐसा कोई दावा किया था तो उनकी भी संलिप्तता अपराधियों के साथ कहीं न कहीं अवश्य रही होगी। अन्यथा एक कूट रचित डायरी की जानकारी आरोपियों के अलावा सिर्फ उन्हें ही क्यों थी? क्यों उन्होंने यह दावा किया कि बहुत जल्द वह उस कथित डायरी को सार्वजनिक करेंगे? क्या धरमलाल कौशिक अभी भी अपनी बात पर कायम रहेंगे और कथित डायरी को सार्वजनिक करने का साहस दिखाएंगे? अगर नहीं तो धरमलाल कौशिक को सार्वजनिक रूप से छत्तीसगढ़ सरकार और प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए तथा जनता के बीच झूठ फैलाने के लिए खेद प्रकट करना चाहिए।
सार्वजनिक जीवन में हमेशा शुचिता की राजनीति को स्थान मिलना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष का दायित्व होता है कि वह जनता से जुड़े हुए जनहित के मामले उठाएं जिससे प्रदेश का भला हो सके। लेकिन भूपेश बघेल जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से राज्य में भारतीय जनता पार्टी मुद्दों के अभाव में जी रही है और यही वजह है कि एक कूटरचित फर्जी डायरी को सामने रखकर घटिया और ओछी राजनीति कर रही थी। पूरे मामले का खुलासा हो जाने के बाद अब डॉ. रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, विष्णु देव साय और विशेषकर धरमलाल कौशिक को अपना रुख प्रदेश के सामने स्पष्ट करना चाहिए।
यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा नेता अखिलेश यादव का जाति जनगणना पर बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा है कि सरकार में आते ही तीन महीने में जाति जनगणना करवाएंगे.
लखनऊ /शौर्यपथ/
यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा नेता अखिलेश यादव का जाति जनगणना पर बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा है कि सरकार में आते ही तीन महीने में जाति जनगणना करवाएंगे. वहीं पूर्व मंत्री दारा सिंह का बीजेपी छोड़कर सपा में शामिल होने पर अखिलेश यादव ने कहा है कि मैं दारा सिंह चौहान का स्वागत करता हूं. उनके साथ भारी संख्या में लोग आए हैं.
बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री पद से हाल ही में इस्तीफा दे चुके दारा सिंह चौहान और भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी ‘अपना दल (सोनेलाल)' के विधायक डॉ. आरके वर्मा रविवार को अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गये. सपा मुख्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने दारा सिंह चौहान तथा प्रतापगढ़ जिले के विधायक आरके वर्मा के अपने-अपने समर्थकों के साथ पार्टी में शामिल होने की घोषणा की.
इस मौके पर चौहान ने कहा कि 2017 में जब भाजपा की सरकार बनी तब ‘सबका साथ-सबका विकास' का नारा दिया गया था, लेकिन कालांतर में साथ तो सबका लिया गया, मगर विकास कुछ चंद लोगों का हुआ. इस प्रदेश में चंद लोगों का विकास हुआ और बाकी लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया. चौहान ने कहा, ‘‘सपा मेरा पुराना घर है और हम उत्तर प्रदेश की सियासत की बदलकर अखिलेश यादव को फिर से उप्र को मुख्यमंत्री बनायेंगे.'' उन्होंने कहा कि वह आने वाले दिनों में सभी पिछड़ों और दलित समाज को लामबंद करेंगे। विरोधी लाख साजिश कर लें, लेकिन यह तूफान रुकने वाला नहीं है, बदलाव होकर रहेगा.
अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली वालों ने पहले ही उनकी गोरखपुर विदाई कर दी है. इन्होंने सिर्फ़ तोड़ने की राजनीति की है. हम लोग पॉज़िटिव और विकास की राजनीति करेंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी झूठे सर्वे में कुछ भी दिखा सकती है लेकिन सच्चाई हम जानते हैं और जमीन पर ये कूटे जा रही है.उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार की कोई उपलब्धि नहीं है. इनके पास बताने के लिए कुछ भी नहीं है. सीएम योगी पर निशाना कसते हुए कहा कि सीएम को किसी से लगाव नहीं है. उन्हें पेड़ पौधे से लगाव नहीं है और न ही जानवरों से लगाव है.
पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण के बीजेपी ज्वाइन करने पर अखिलेश यादव ने कहा, बताइए कैसे-कैसे लोग वर्दी में छुपे बैठे थे. इन लोगों ने लगातार अन्याय किया . इन्हें अब सरकार से इनाम मिल रहा है. ये जहां भी चुनाव लड़ेंगे, वहां से इनकी जमानत ज़ब्त होगी.
उन्होंने कहा कि मैं चुनाव आयोग से शिकायत करूंगा कि जो अधिकारी पांच साल सरकार के साथ काम कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाए. क्योंकि ये लोग बीजेपी के काम कर रहे हैं. अगर चुनाव आयोग ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करेगा तो हम नहीं मानेंगे कि चुनाव आयोग निष्पक्ष है. हम पहले चार अधिकारियों की लिस्ट चुनाव आयोग को दे चुके हैं.
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और बीजेपी को 24 घंटों के अंदर ही दूसरा झटका लगा है. स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद योगी सरकार के एक और मंत्री व ओबीसी नेता दारा सिंह चौहान ने इस्तीफा दे दिया है. पिछले 24 घंटों में यानी कल से छह नेता पार्टी छोड़ चुके हैं.
लखनऊ /शौर्यपथ/
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और बीजेपी को 24 घंटों के अंदर ही दूसरा झटका लगा है. स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद योगी सरकार के एक और मंत्री व ओबीसी नेता दारा सिंह चौहान ने इस्तीफा दे दिया है. पिछले 24 घंटों में यानी कल से छह नेता पार्टी छोड़ चुके हैं. दारा सिंह चौहान के समाजवादी पार्टी से जुड़ने की संभावना जताई जा रही है. राजनीतिक दृष्टि से देश के सबसे अहम राज्य यूपी में विधानसभा चुनाव के ठीक पहले बीजेपी के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है. दो दिनों में दो मंत्री और चार विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं. राज्य में फिर से सत्ता हासिल करने के लिए योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली बीजेपी को इस बार अखिलेश यादव से कठिन चुनौती मिल रही है.
अपने इस्तीफा वाले पत्र में चौहान ने लिखा है, 'मैंने पूरे समर्पण के साथ काम किया लेकिन पिछड़े, वंचित वर्ग, दलितों, किसानों और बेरोजगार युवकों के प्रति सरकार के रवैये और पिछड़ों-दलितों के लिए आरक्षण को लेकर उपेक्षापूर्ण रवैये से आहत होकर मैं इस्तीफा दे रहा हूं.'
गौरतलब है कि इससे पहले, कल योगी आदित्यनाथ सरकार के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी का दामन छोड़ दिया था. मौर्य, उत्तर प्रदेश में ओबीसी का बड़ा चेहरा माने जाते हैं. उनके साथ ही बीजेपी के चार और विधायकों ने पार्टी छोड़ने का फ़ैसला किया, जिनमें बृजेश प्रजापति, रोशन लाल, भगवती सागर, और विनय शाक्य शामिल हैं.अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)के प्रभावी नेता और पांच बार के विधायक स्वामी प्रसाद मौर्य ने मायावती की बीएसपी छोड़ने के बाद 2017 में बीजेपी ज्वॉइन की थी. वह अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी का मुकाबला करने के लिए ओबीसी वोटर्स को आकर्षित करने की बीजेपी की योजना कें केंद्र बिंदु थे.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
