August 26, 2026
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    राजनीति

    राजनीति (1230)

    मोदी सरकार क्या-क्या किसान विरोधी कदम उठाने जा रही है ताकि उसकी भी तैयारी छत्तीसगढ़ के किसान कर सकें

    रायपुर । शौर्य पथ । प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि धरमलाल कौशिक बतायें कि धान खरीदी में बाधा डालने की भाजपा की और क्या-क्या तैयारी है? मोदी सरकार और क्या-क्या किसान विरोधी कदम उठाने जा रही है ताकि उसकी भी तैयारी छत्तीसगढ़ के किसान की जा सकें। ऐसे बयान देकर और किसानों के हित में काम कर रही छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर तथ्यहीन आरोप लगाकर धरमलाल कौशिक किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा की केंद्र सरकार ने हर छत्तीसगढ़ विरोधी, किसान विरोधी, धान विरोधी कदम उठाकर देख तो लिया। 2018-19 में किसानों को 2500 रुपए धान का दाम छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने दिया, इस पर भाजपा की केंद्र सरकार ने रोक लगाई।  

    2019-20 वर्ष में पहले 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने का आदेश देकर बाद में राजनैतिक कारणों से छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना चावल खरीदी से इंकार किया। जब राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ मिला तो जो चावल खरीदी का 60 लाख टन कोटा का भाजपा की केन्द्र सरकार ने घटा दिया। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को परेशान करने के लिए आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए चावल लेने पर यह रोक भाजपा की केंद्र सरकार ने लगायी। भाजपा की केंद्र सरकार ने जब छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना चावल नहीं खरीदा और जब छत्तीसगढ़ सरकार ने चावल से एथेनाल बनाकर किसानों के उत्पाद के उपयोग का एक बेहतर रास्ता निकाला जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और आम लोगों को सस्ता ईंधन मिलेगा तो केंद्र सरकार ने इथेनाल प्लांट की अनुमति देने से इंकार कर रही है।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि 2020-21 में बारदाना सप्लाई में बाधा केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा डाली गई। धरमलाल कौशिक के बयान से स्पष्ट है कि इस साल फिर से बारदाना देने पर रोक लगाने की तैयारी कर ली गई है। 2020-21 में धान उगाने वाले किसानों को खाद मिलने में अड़चन केवल भाजपा की केंद्र सरकार के कारण हुई है। 11.50 लाख खाद की मांग छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने किया था जुलाई-अगस्त में खाद की ज्यादा जरूरत होती है। उसमें से सिर्फ 6.5 लाख ही खाद केंद्र की भाजपा सरकार ने दिया।

    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि धरमलाल कौशिक को बताना चाहिये कि मोदी सरकार क्या-क्या किसान विरोधी कदम उठाने जा रही है ताकि उसकी भी तैयारी छत्तीसगढ़ के किसान कर सकें। किसान विरोधी तीन काले कानूनों और स्वामिनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू नहीं करने की अगली कड़ी में क्या है?

    राजीव भवन रायपुर में संपन्न हुआ पिछड़ा वर्ग कांग्रेस विभाग का प्रादेशिक सम्मेलन
    नवनियुक्त पदाधिकारियों को प्रदान की गई नियुक्तियां
    जो पिछड़ों की बात करेगा वहीं राज्य में राज करेगा- अमरजीत भगत
    गर्व से कहो हम पिछडावर्ग कांग्रेस के कार्यकर्ता है-गिरीश देवांगन
    एकजुटता की ताकत से छत्तीसगढ़ में होगा विकास पिछड़ा वर्ग का- कृष्ण कुमार यादव

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रादेशिक सम्मेलन का वृहद आयोजन राजीव भवन रायपुर में संपन्न हुआ। इस अवसर पर शुभारंभ मुख्य अतिथि खाद्य मंत्री अमरजीत भगत व समापन अवसर पर पिछड़ा वर्ग कांग्रेस विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू शामिल हुए।
    कार्यक्रम का प्रारंभ मुख्याभ्यागत द्वारा महात्मा गांधी के तैल चित्र पर दिप प्रज्वलित माल्यार्पण के साथ हुआ तत्पश्चात पिछड़ा वर्ग कांग्रेस विभाग प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव ने अध्यक्षीय संबोधन से प्रारंभ हुई। छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग की संख्या लगभग 54 प्रतिशत आबादी को ध्यान में रखकर कांग्रेस पार्टी द्वारा किए जा रहे कार्यों की कड़ी में राजीव भवन में पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष व प्रदेश पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाने के इस महत्वपूर्ण आयोजन में कार्यक्रम का शुभारंभ करने के लिए छत्तीसगढ़ के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत मुख्य अतिथि के रुप में पहुंचे थे। विशेष अतिथि के रुप में पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, खाद्य निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, मुख्यमंत्री सलाहकार विनोद वर्मा, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रभारी महामंत्री संगठन चंद्रशेखर शुक्ला सहित छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के सह प्रभारी दिनेश कुमार उपस्थित थे।
    पिछड़ा वर्ग कांग्रेस सम्मेलन को संबोधित करते हुए खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी यह नारा सिर्फ कागजों में या चिल्लाने के लिए नहीं है बल्कि इसे हम सब पिछड़ा वर्ग के साथियों को आत्मसात करना होगा। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि अब वो वक्त आ गया है कि जो पिछडो की बात करेगा वही प्रदेश में राज करेगा। कांग्रेस पार्टी से अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति संकल्पित रूप से जुड़ा हुआ है। प्रश्नचिन्ह तो पिछड़ा वर्ग पर लगता है यही पिछड़ा वर्ग प्रदेश में अपनी आबादी के हिसाब से सरकार बनाने की फैसला करती है।
    खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी मुद्दाविहीन हो चुकी है उसके पास अब कोई कहने के लिए बात नहीं है वह कांग्रेस को थूककर बहा देने की बात करते हैं लेकिन वह भूल जाते हैं कि कांग्रेस की जड़े बगैर जयचंद के नही हिलाई जा सकती। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पद में आते ही 27 प्रतिशत आरक्षण का विधेयक पास कराया किंतु भाजपा की साजिश से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आरक्षण की घोषणा के बाद छत्तीसगढ़ में ओबीसी में तूफान आ जाना था किंतु हम चुप हैं यह चिंता का विषय है।
    सभा को संबोधित करते हुए खनिज निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन ने कहा कि हमें यह गौरव की अनुभूति होनी चाहिए। यह हम पिछड़ा वर्ग कांग्रेस विभाग के कार्यकर्ता है। उन्होंने कहा कि मैं पदाधिकारियों की चार पहिया वाहन में लगे हुए पद प्लेट देखता हूं जिसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी बड़ा व पिछड़ा वर्ग कोष्टक में छोटा लिखा होता है इससे हमें कोष्टक से बाहर लाकर बड़ा लिखना होगा, इसमे शर्म नही गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अंतिम व्यक्तियों के हृदय को छुआ है अपनी विकास की नई गाथाएं स्थापित की है।
    सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रभारी महामंत्री संगठन चंद्रशेखर शुक्ला ने कहा कि आज पिछड़ा वर्ग कांग्रेस का जनसैलाब राजीव भवन में दिखाई दे रहा है इसके लिए सभी पदाधिकारी बधाई के पात्र हैं। प्रभारी महामंत्री संगठन चंद्रशेखर शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यों का प्रचार-प्रसार सभी वर्ग के विकास के लिए सभी साथियों को एकजुट होकर कार्य करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जो पिछड़ों के विकास की बात करती है।
    इससे पूर्व सभा में उपस्थित मुख्यअतिथि खाद्य मंत्री अमरजीत भगत सहित सभी अतिथियों का माल्यार्पण से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू मुख्य अतिथि के रूप में पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
    इस अवसर पर अपने मुख्य अतिथि के आसंदी से गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि हमें जीवन में यह सीख लेनी चाहिए छोटे से बड़ा बना जा सकता है इतिहास उठाकर देखें तो पता चलता है कि छोटे-छोटे काम से व्यक्ति बड़ा बनते हैं। उन्होंने कहा कि कभी अहंकार नहीं करना चाहिए। खड़ा पेड़ तूफान में गिर जाता है लेकिन छोटे पौधे फिर से खड़े हो जाते हैं। उन्होने कहा कि उन्होंने नवयुवक मंडल से अपनी सामूहिक नेतृत्व की यात्रा प्रारंभ की थी और आज इस मुकाम पर हैं। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि सम्मान पाने वाले से बड़ा सम्मान करने वाला होता है। जब हम किसी को फूल की माला पहनाते हैं तो वह हमारे सामने झुक जाता है। झुक कर ही संसार को जीता जा सकता है। पद लेकर इससे लेटर पेड तक सीमित नहीं रखना है बल्कि अपने कार्यों के माध्यम से संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करना है। स्पष्ट वादिता जीवन को अनुशासित करती है। अच्छा काम करने वाला छोटे पद को बड़ा बना लेता है। उन्होंने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं बधाई देते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील करते हुए छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग अधिक से अधिक कांग्रेसी जोड़ने का आह्वान किया।
    इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक प्रभारी दिनेश कुमार ने सभी अतिथियो के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पिछड़ा वर्ग कांग्रेस विभाग के सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में पिछड़ा वर्ग कांग्रेस की सशक्त उपस्थिति के लिए सजग होकर कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो पदाधिकारी ठीक से काम नहीं करेगा उसे स्वयं इस्तीफा देना होगा या हम उसे बदल देंगे। दिनेश कुमार ने कहा कि पिछड़ा वर्ग कांग्रेस विभाग पूरे देश में महत्वपूर्ण विभाग हैं इसे हमें और भी मजबूती प्रदान करने के लिए ईमानदारी से कार्य करना होगा। आयोजित कार्यक्रम मे सभी जिलों से भारी संख्या में पदाधिकारी कार्यकर्ताओं उपस्थित थे।

    भाजपा प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी का थूक कर बहा देने वाला बयान आरएसएस भाजपा के घृणा और नफरत फैलाने वाली सोच की उपज

    रायपुर/ शौर्यपथ / भाजपा प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के छत्तीसगढ़ के जनता द्वारा चुनी हुई सरकार को थूक कर बहा देने वाले बयान की सफाई को खारिज करते हुये प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अपेक्षा थी कि डी. पुरंदेश्वरी अपने इस निम्नस्तरीय बयान पर कम से कम खेद तो व्यक्त करेगी लेकिन डी पुरंदेश्वरी भाजपा प्रभारी ने थूकने वाले बयान के लिये माफी मांगने के बजाय झूठी सफाई देते हुये इसे कांग्रेस की सोच बतलाया है। यह डी पुरंदेश्वरी की हठधर्मिता और जिद को दर्शाता है। असल में पुरंदेश्वरी ने आरएसएस भाजपा की घृणा और नफरत फैलाने वाली सोच को ही बस्तर में आयोजित भाजपा के चिंतन शिविर में छत्तीसगढ़ के सामने रखने काम किया है।
    सर्वहारा वर्ग का विश्वास प्राप्त और तीन चौथाई बहुमत से चुनी हुई मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार को थूक कर बहा देने का दावा कर डी पुरंदेश्वरी ने छत्तीसगढ़ के अस्मिता स्वाभिमान का अपमान किया है। कांग्रेस की सरकार जनहितैषी, किसान हितैषी, युवा हितैषी, छत्तीसगढ़ के कला, संस्कृति, परंपरा, तीज तिहार सामूहिक रूप से मनाने और सहेजने वाली अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के हित अधिकार के लिए काम कर रही है। ऐसी जनहित में काम करने वाली सरकार पर भाजपा कार्यकर्ताओं से थूक कर बहा देने का आव्हान कर रही है।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि डी पुरंदेश्वरी के थूकने वाले बयान की निंदा प्रदेश का हर वर्ग समुदाय के लोग कर चुके हैं। डी पुरंदेश्वरी के इस बयान की पूरे प्रदेश में भाजपा की थू-थू हो रही है। भाजपा प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी का थूकने वाला बयान भाजपा का निम्नस्तरीय सोच है। भाजपा प्रभारी थूकने वाले बयान पर छत्तीसगढ़ भाजपा के नेता ने सफाई दी थी कि पुरंदेश्वरी ने थूकने नहीं फूकने की बात कही है। भाजपा की यही फितरत है पहले आम जनता को जलील करो और जब विरोध शुरू हो जाए तब सफाई दो।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार शपथ ग्रहण से लेकर अब तक रमन भाजपा के 15 साल के काले ग्रहण दोष को दूर करने में लगी है। किसानों की कर्जमाफी, बिजली बिल हाफ, सिंचाई कर माफ, धान की कीमत 2500 रु क्विंटल दे रही है। बस्तर में पूर्व सरकार के द्वारा छीनी गई 4000 एकड़ जमीन को 1700 आदिवासी परिवार को लौटाने का काम की है। जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों को जेल से बाहर निकाली है। तेंदूपत्ता का मानक दर 2500 रु प्रति बोरा से बढ़ाकर 4000 रु प्रति बोरा दे रही है। 52 वनोपज की समर्थन मूल्य में खरीदी हो रही है। छत्तीसगढ़ तीव्र गति से प्रगति की ओर बढ़ रहे हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, राजीव मितान क्लब जैसे अनेक योजना से जनहित के कार्य कर रही है। आर्थिक मजबूती और स्वरोजगार को बढ़ा रही है। 14580 शिक्षकों की भर्ती, बिजली विभाग, पुलिस विभाग सहित अन्य विभागों में भी रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। आंगनबाड़ी और मितानिनो की मानदेय में बढ़ोतरी की है। शासकीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दे रही है। जाति प्रमाण पत्र का सरलीकरण एवं अनुकंपा नियुक्ति में आ रही दिक्कतों को दूर कर शासकीय कर्मचारियों के परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति दे रही है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में भाजपा मुद्दाविहीन हो चुकी है। मुद्दों के दिवालियापन के दौर से गुजर रही है और जन समर्थन खो चुकी है।

     15 साल तक रहे मुख्यमंत्री रमन पर कुछ नहीं किया, ढाई साल में भूपेश सरकार के जन हितैषी सौगातों से भाजपा नेता हो रहे भयभीत  

     

    दुर्ग । शौर्य पथ । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के बयान पर तीखा पलटवार किया है। भाजपा द्वारा 6 माह में 5 मुख्यमंत्री बदलने और कांग्रेस के एक राज्य में ही अटकने संबंधी बयान पर प्रहार करते हुए राजेंद्र ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में नाकाम मुख्यमंत्रियों को बदला गया। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह अब यह बताएं कि साढ़े सात साल के कार्यकाल में हर मामले में नाकाम रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कब बदलेंगे। 

    राजेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में नोटबंदी, जीएसटी से न महंगाई कम हुई न काला धन वापस आया। मोदी न तो वादे के मुताबिक किसानों की आय दोगुना कर पाए न उनका कर्ज माफ कर पाए। दो करोड़ युवाओं को हर साल रोजगार भी नहीं दे पाए। महंगाई चरम पर है। देशवासी त्रस्त हैं। रमन बताएं कि हर मामले में विफल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कब बदल रहे हैं।     

    राजेंद्र ने कहा कि वास्तव में रमन सिंह का बयान बेतुका और हास्यास्पद है। रमन सिंह खुद 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह, गुजरात में नरेंद्र मोदी भी लंबे कार्यकाल तक सीएम रहे। कांग्रेस सरकार के ढाई साल के कार्यकाल के बाद ही मुख्यमंत्री बदलने की बात अब रमन सिंह किस मुंह से कर रहे हैं। राजेंद्र ने कहा कि रमन सिंह को कांग्रेस के आंतरिक मामले पर बयानबाजी करने की बजाय पूरे देश में भाजपा के खिसकते जनाधार की ओर ध्यान देना चाहिये। 

    प्रदेश कांग्रेस महामंत्री ने आगे कहा कि वास्तव में रमन सिंह समेत अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जनहित के कार्यों से घबरा गए हैं। दूसरी ओर भाजपा शासित राज्यों के वर्तमान मुख्यमंत्री अपने राज्य में जनता के हित में काम नहीं कर रहे थे। जनता की लगातार अनदेखी करने के कारण भाजपा को डर था कि इन मुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में वे चुनाव में हार जाएंगे और जनता भाजपा को करारा सबक सिखाएगी।  

    राजेंद्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा ने 15 साल के कार्यकाल में किसानों का कर्जा माफ नहीं किया। किसानों को 3 सौ रुपए प्रति एकड़ की दर से बोनस नहीं दिया। आदिवासियों को गाय नहीं दी। भूमिहीन परिवारों को पट्‌टा नहीं दिया। तूंदपत्ता का बोनस नहीं बढ़ाया। आदिवासी किसानों की जमीन का अधिग्रहण कर उद्योगपतियों को दे दिया। 15 साल तक रमन सरकार ने सिर्फ लोगों का शोषण किया है।  

    दूसरी ओर छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में आम जनता के हित में कई बड़े फैसले किये हैं। किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 9 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से भुगतान, सिंचाई के लिए पानी टैक्स माफ, किसानों का कर्जा माफ, आदिवासियों की जमीन उद्योगपतियों से वापस दिलाने के काम किये हैं। भूमिहीन मजदूरों को 6 हजार रुपए प्रति वर्ष देने की घोषणा भी की है। हाफ बिजली बिल, स्वामी आत्मामंद इंग्लिश मीडियम स्कूल और स्वास्थ्य विभाग का मजबूत ढांचा तैयार करने जैसे कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। 

    इसी तरह देश में बेरोजगारी दर 7.5 प्रतिशत है, जबकि छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर 3.9 प्रतिशत है। भूपेश सरकार ने इंजीनियर, पटवारी, बाबू, शिक्षक, पुलिस भर्ती, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को नौकरी देने के अनेक फैसले किये, जिसके कारण छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर में काफी गिरावट आई है। 15 साल में कुछ न करने वाले रमन सिंह अब भूपेश सरकार के कार्यों से भयभीत होकर ऊलजलूल बयान दे रहे हैं।  

     

    रमन सिंह चुनिंदा आंकड़ों की बाजीगरी कर जनता की आंखों में धूल झोकना बंद करें
    एनसीआरबी की रिपोर्ट में टॉप टेन हैं भाजपा शासित राज्य

    रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि आज मजदूर, किसान, व्यापारी, गांव वाले सब की बात सुनने वाली सरकार तो यह रमन सिंह को रास नहीं आ रहा है। जंगलराज तो छत्तीसगढ़ में भाजपा की रमन सिंह सरकार के 15 साल चला है। रमन सिंह के शासनकाल में कांग्रेस नेताओं की पूरी पीढ़ी की जीरम में हुई हत्याओं को अभी छत्तीसगढ़ के लोग भूले नहीं हैं। झलियामारी, सारकेगुड़ा, पेद्दागेलुर, सोनकू-बिजलू हत्याकांड भी अभी छत्तीसगढ़ के लोगों को याद है। नसबंदी कांड, गर्भाशय कांड, धान घोटाला, चावल घोटाला, नान घोटाला का काला अध्याय रमन सिंह की की देन है।
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एनसीआरबी की रिपोर्ट का अध्ययन किये बिना आदतन झूठे बयान बाजी कर छत्तीसगढ़ को बदनाम कर रहे है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार टॉप टेन में भाजपा शासित राज्य उत्तरप्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, हरियाणा, आसाम और गुजरात है। छत्तीसगढ़ 14 वें नम्बर पर है। उत्तरप्रदेश में 3789 मर्डर, 4210 सामूहिक हत्या, 12913 किडनैपिंग, 2769 रेप, 251 गैंगरेप की घटना हुई है। मध्यप्रदेश में 2101 मर्डर, 1857 सामूहिक हत्या, 7320 किडनैपिंग, 2339 रेप की घटना हुई है। हरियाणा में 1373 रेप, 1143 मर्डर। असम में 1657 रेप, 1132 मर्डर की घटनाएं हुई है।
    प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि एनसीआरबी के आंकड़ों पर रमन सिंह के ट्विट को चुने हुये आंकड़ों के बाजीगरी ठहराया है। रमन सिंह चुनिंदा आंकड़ों की बाजीगरी कर जनता की आंखों में धूल झोकना बंद करें। आज छत्तीसगढ़ में किसान खुशहाल है। मजदूरों के लिये राजीव गांधी मजदूर न्याय योजना का आगाज हो चुका है। राजीव गांधी गोधन न्याय योजना से 100 करोड़ से अधिक की राशि पशुपालकों और अंतिम छोर में खड़े मजदूरों को मिल रही है तो यह रमन सिंह से बर्दाश्त नहीं हो रहा है और आज काम करने वाली भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार पर रमन सिंह झूठे निराधार आरोप लगा रहे है। अफवाहों की राजनीति कर रहे है।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार आम जनता को सुरक्षा देने में एवं कानूनी सहायता प्रदान करने में देश में अव्वल नंबर पर है। पूर्व के रमन सरकार के दौरान तो रेप पीडि़ताओं की एफआईआर तक दर्ज नहीं होती थी। मर्डर के आरोपी को बचाने भाजपा के नेता पुलिस पर दबाव बनाते थे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के ओएसडी ओपी गुप्ता के ऊपर रेप का आरोप लगाने वाली नाबालिग की एफ आई आर 4 साल तक दर्ज नहीं हुआ था।

    रायपुर / शौर्यपथ / कांग्रेस ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का किसान आंदोलन उसके बाकी आंदोलन की भांति फ्लाप हो गया। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि भाजपा ने पांच दिन पांच मुद्दे पर आंदोलन की घोषणा कर कार्यक्रम जारी किया था। जिसके अनुसार 13 और 14 सितंबर को किसानों के मुद्दों पर भाजपा प्रदेश और जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने वाली थी लेकिन भाजपा न 13 सितंबर को प्रदेश व्यापी आंदोलन कर पायी 14 सितंबर को जिलों में भाजपा किसान के मुद्दे पर प्रदर्शन भी सिर्फ खानापूर्ति था। भाजपा की इन आंदोलन की विफलता से एक बार फिर से साबित हो गया कि छत्तीसगढ़ का किसान भाजपा के बहकावे में कहीं आने वाले एक ओर जहां भाजपा की केन्द्र सरकार किसानों के खिलाफ तीन काले कानून बनाई है।
    जिसके विरोध में पिछले 10 माह से किसान सड़कों पर है। मोदी सरकार किसानों की मांग मानने के बजाय किसानों पर लाठियां चलवाती है। छत्तीसगढ़ में किसानों को उनकी उपज कर पूरी कीमत मिल रही है। छत्तीसगढ़ के किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना से प्रति एकड़ 9000 रू. की सहायता मिल रही। राज्य के भूमिहीन किसानों को भी कांग्रेस सरकार 6000 रू. की सहायता दे रही है।
    छत्तीसगढ़ के किसान कर्ज मुक्त होने के साथ-साथ अपने मवेशियों के गोबर की भी कीमत पा रहे है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के किसान भाजपा के किसान आंदोलन की नौटंकी को भली भांति समझ रहे है। छत्तीसगढ़ के किसान भाजपा के पन्द्रह सालों के वायदा खिलाफी को भूले नहीं है कैसे भाजपा ने तीनो चुनावों में बोनस का वायदा कर नहीं दिया और न ही 2100 रू. धान की कीमत देने का वायदा कर नहीं दिया था। विपक्ष में आने के बाद भाजपा किसानों की हितैषी बनने का ढोंग रच रही है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / भिलाई -दुर्ग की भाजपाई राजनीति में गुटबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को आयोजित भिलाई जिला संगठन की बैठक में यह बात फिर से साबित हो गई। प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की खास मौजूदगी में आयोजित इस जिला स्तरीय बैठक में लोकसभा सांसद विजय बघेल और पूरे दुर्ग जिले से भाजपा के एकलौते विधायक विद्यारतन भसीन नजर नहीं आए। इसे भाजपा की स्थानीय गुटबाजी से जोड़कर राजनीतिक गलियारे में चर्चा सुर्खियों पर है।
    भाजपा की स्थानीय गुटबाजी हमेशा से चर्चे में रही है। हाल ही में बस्तर में आयोजित पार्टी के चिंतन शिविर में वरिष्ठ नेताओं की समझाइश के बाद लग रहा था कि अब भिलाई और दुर्ग में चली आ रही गुटबाजी पर विराम लग जाएगा। लेकिन ऐसा होता दिख नही रहा है। शनिवार को हुए भिलाई के सेक्टर - 2 स्थित अयप्पा मंदिर परिसर में आयोजित भिलाई जिला भाजपा की बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय के साथ राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुई। बैठक में पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, पूर्व विधायक सांवला राम डाहरे, भिलाई-चरोदा महापौर श्रीमती चन्द्रकांता मांडले सहित जिला संगठन के सारे पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। लेकिन भिलाई में मौजूद रहने के बावजूद लोकसभा सांसद विजय बघेल, विधायक विद्यारतन भसीन और पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय कहीं नजर नहीं आए और ना ही इन तीनों नेताओं के समर्थकों को बैठक में देखा गया।
    गौरतलब रहे कि भाजपा के भिलाई व दुर्ग जिला संगठन में राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय के समर्थकों का वर्चस्व स्थापित है। संगठन में विजय बघेल, प्रेम प्रकाश पाण्डेय और विद्यारतन भसीन के समर्थकों को स्थान नहीं दिया गया है। संगठन के पदाधिकारियों को कभी भी बघेल, पाण्डेय या फिर भसीन के साथ नहीं देखा जाता। यहां तक कि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में भी संगठन खेमा इन तीनों नेताओं से दूरी बनाकर चलता रहा है। लेकिन बस्तर चिंतन शिविर के बाद लग रहा था कि वरिष्ठ नेताओं की पार्टी हित में गुटबाजी छोडऩे की सलाह का असर दिखेगा पर भिलाई जिला संगठन की बैठक ने इस बात संभावना को गलत साबित कर दिया है।
    निकाय चुनाव में पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव
    भाजपा की गुटबाजी का नकारात्मक प्रभाव आगामी निकाय चुनाव में पडऩे की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है। अभी भिलाई, रिसाली व चरोदा निगम सहित जामुल पालिका में चुनाव होना है। भाजपा में संगठन के माध्यम से भेजे जाने वाले नाम पर पार्षद प्रत्याशी तय होते हैं। संगठन में सुश्री सरोज पाण्डेय के समर्थकों का वर्चस्व है। लिहाजा पार्षद प्रत्याशी के चयन में बघेल, पाण्डेय और भसीन के समर्थकों को प्राथमिकता मिलने पर संदेह है। दुर्ग निगम और कुम्हारी पालिका के चुनाव में ऐसा हो चुका है। जीतने की क्षमता रहने के बावजूद कुछ लोगों को भाजपा से पार्षद का टिकट इसलिए नहीं मिला क्योंकि वे संगठन खेमा के बजाय लोकसभा सांसद विजय बघेल और पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय से जुड़कर राजनीति कर रहे थे। जो हालात बने हुए हैं उससे ऐसा आने वाले निकाय चुनाव में भी देखने को मिल सकता है। पार्टी का टिकट नहीं मिलने से बागी होकर चुनाव मैदान में उतरने से अधिकृत प्रत्याशी को पराजय का सामना करना पड़ सकता है। पिछले निकाय चुनाव में ऐसा हो चुका है।
    यहां पर यह बताना जरुरी है कि भिलाई जिला संगठन के हर गतिविधि में सुश्री सरोज पाण्डेय केन्द्र बिंदु बनती रही है। कल की बैठक में भी यह साफ नजर आया। लेकिन लगभग चार लाख वोट के अंतर से लोकसभा चुनाव जीतने वाले विजय बघेल का बैठक में शामिल नहीं होना कहीं न कहीं भाजपा के आगामी मिशन में नकारात्मक असर डाल सकता है।
    हालांकि इस बात का खुलासा नहीं हो पाया कि बघेल, पाण्डेय और भसीन को बैठक में ससम्मान आमंत्रित किया गया था या नहीं। फिर भी उनकी गैरमौजूदगी में हुई जिला स्तरीय बैठक के बाद गुटबाजी को लेकर चर्चा फिर से सरगर्म हो उठी है।

    रायपुर/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं संचार विभाग के सदस्य आर पी सिंह ने आज एक बयान जारी करके भारतीय जनता पार्टी पर यह आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़िया मान सम्मान और स्वाभिमान पर थूकने वाले भाजपाई अब अपना बदनुमा चेहरा धर्मांतरण की आड़ में छुपा रहे हैं। बस्तर के चिंतन शिविर के बाद छत्तीसगढ़ वासियों के प्रति विशेषकर किसानों और ओबीसी वर्ग के खिलाफ जो घृणा सामने निकल कर आई थी उसका मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने कैबिनेट के साथियों के साथ पुरजोर तरीके से विरोध किया था और प्रदेश की जनता ने भी सर्वत्र उसकी निंदा की थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उस कदम से घबराई हुई भाजपा अब अपना बदरंग चेहरा धर्मांतरण की आड़ में छुपाने का असफल प्रयास कर रही है।
    दरअसल भारतीय जनता पार्टी के पास छत्तीसगढ़ राज्य में सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा ही नहीं मिल रहा है। इसलिए हर राज्य में आजमाई हुई नीति, धर्म आधारित नफरत की आग जानबूझकर इस राज्य में फैलाने का प्रयास भाजपा कर रही है। कुछ समय पहले भाजपा के ही एक नेता ने यह आरोप लगाया था कि रोहिंग्या मुसलमानों को सरगुजा क्षेत्र में बसाया जा रहा है जब प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने इस मामले की जांच शुरू की संबंधित नेता को अपना कथन देने के लिए बुलाया गया तब भाजपा इस मुद्दे से पीछे हट गई क्योंकि आरोप लगाओ और भाग जाओ यह भाजपा की पुरानी फितरत रही है।
    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आर पी सिंह ने पूरी भारतीय जनता पार्टी को चुनौती देते हुए कहा है कि कल की पत्रकार वार्ता में भाजपा ने दावा किया था कि 200 शिकायतें धर्मांतरण को लेकर विभिन्न थानों में की गई हैं साथ ही साथ 20 एफिडेविट के साथ भी शिकायतें की गई है। अगर भाजपा में जरा सा भी नैतिक साहस है तो वे तमाम शिकायतें पत्रकार मित्रों के साथ सार्वजनिक करें और सरकार को सौंप दें। भूपेश बघेल तत्काल एक निश्चित समय सीमा के भीतर ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई करेगी। इन शिकायतों को भाजपा सार्वजनिक करने से आखिर क्यों पीछे हट जाती है? क्यों भाजपा आज तक एक भी प्रमाणिक शिकायत सामने नहीं ला पाई है? मतलब स्पष्ट है नफरत की हिंसा झूठ बोलकर भड़काने का प्रयास किया जा रहा है।
    जहां तक दिल्ली से आदेश की बात है तो हमे दिल्ली से आदेश बहुत स्पष्ट है कि नागपुर के इशारे पर अगर राज्य में कोई भी नफरत का वातावरण बनाकर हिंसा या दंगा कराने की कोशिश कोई करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। यह रमन सिंह का कार्यकाल नहीं है जब सड़क छाप गुंडे थाने में घुसकर किसी के साथ मारपीट भी करते थे और स्वतंत्र घूमते भी रहते थे। छत्तीसगढ़ में कानून का राज्य है और न्याय सभी के लिए है। फिर चाहे वह मुख्यमंत्री के पिता हों, सामान्य व्यक्ति हो या किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता हों। किसी भी संप्रदाय धर्म को निशाना बनाकर नफरत फैलाने की राजनीति इस राज्य में ना ही सरकार बर्दाश्त करेगी और ना ही जनता। यह बात भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को जितनी जल्दी समझ में आ जाए उतना ही बेहतर होगा। प्रभु राम के ननिहाल और माता कौशल्या की नगरी में हिंसा और नफरत के लिए कोई स्थान नहीं है।

    रायपुर/ शौर्यपथ / भाजपा द्वारा मोदी के जन्मदिन और सत्ताधीश के रूप में उनके 20 वर्ष को सेवा और समर्पण के रूप में मनाए जाने को कांग्रेस ने दशक का सबसे बड़ा झूठ बताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में मोदी के कार्यकाल विवादों और असफलता से भरे रहे है। मोदी के कार्यकाल को सेवा जतन के रूप में मनाना भाजपा का जनता से क्रूर मजाक है। जिस मोदी के राज में भारत में लोग कोरोना से इलाज के अभाव में मर गए। जिन मोदी के राज में जनता ऑक्सीजन और दवाइयों के अभाव में मर गयी। जिन मोदी के राज में मजदूर भूखे प्यासे हजारों किमी पैदल चलने को मजबूर हुए।
    जिन मोदी के राज में सैकड़ो लोग अपने घरों को नहीं पहुंच पाए रास्ते में दम तोड़ दिए। जिन मोदी के राज में जनता को अंतिम संस्कार तक नसीब नहीं हुआ, लाशें नदियों में बहा देने को जनता मजबूर हो उन नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस और सत्ता के कार्यकाल को सेवा जतन के रूप में मनाया जाना देश की जनता के जले पर नमक छिड़कने के समान है।
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में मोदी भारत के सबसे असफल और अकर्मण्य प्रधानमंत्री साबित हुए। जीएसटी, नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद करने के बाद कोरोना की महामारी मोदी और उनकी सरकार ने जनता को उसके हालात पर मरने छोड़ दिया था। मोदी सरकार के द्वारा संकट के समय जिम्मेदारी से भागने की नीति के कारण कोरोना महामारी का मुकाबला भारत एक राष्ट्र के रूप में नही कर पाया, देश की अलग-अलग राज्य सरकारें अपने स्तर पर अपने प्रदेश की जनता को कोरोना महामारी से बचाने जूझती रही लेकिन केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री सिर्फ हवाई बातों में लगे रहे। जब देश की जनता को मोदी सरकार से सेवा जतन की उम्मीद थी तब मोदी और उनकी सरकार ने न दवाइयों पर ध्यान दिया, न इलाज पर और न ही लोगो को राहत पहुंचाने की कोई ठोस कार्य योजना बनाया। मोदी राज में लोग ऑक्सीन और अस्पताल में बेड और दवाइयों के लिए भटकते रहे। ऐसे प्रधानमंत्री के कार्यकाल को सेवा जतन से जोड़ना भद्दा मजाक है।
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप मोदी का कार्यकाल देश की जनता कभी याद नही करना चाहती। गोधरा के भीषण नर संहार से लेकर बेस्ट बेकरी और गुजरात के दंगे मोदी की तत्कालीन सरकार के ऊपर लगे वह धब्बे है जिसे कभी धोया नही जा सकता। मोदी ऐसे मुख्यमंत्री रहे है जिनका एक मंत्री अदालत द्वारा तड़ीपार घोषित किया गया, दूसरे एक मंत्री को अदालत ने दंगो और कत्ले आम के आरोप में फांसी तक की सजा सुनाई थी बाद में अपील में भले फैसला बदल गया लेकिन इतना गम्भीर आरोप देश के किसी मुख्यमंत्री के सरकार के मंत्रियों पर नही लगा। मोदी का प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल को भारतीय जनता पार्टी को भारत के दुःह स्वप्न के रूप में मनाना चाहिए।

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